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Ashish RathoreAshish RathoreFollow21 Oct 2024, 07:06 am
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शाहगढ़: बकाया बिल के चलते पालिका ने बिजली दफ्तर के बाहर कचरा फेंका

Sagar, Madhya Pradesh:बिजली विभाग ने नगर पालिका से बकाया बिल जमा करने के निर्देश दिए। स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काटा गया तो गुस्साई नगर पालिका ने बिजली विभाग के दफ्तर के सामने कचरा डाल दिया। मामला सागर जिले के शाहगढ़ का है। शाहगढ़ में बिजली विभाग के दफ्तर के मेन गेट के सामने कचरे के बड़े ढेर लगे। सीसीटीवी कैमरे देखने पर पता चला कि कचरा नगर पालिका की गाड़ियों से लाया गया और गेट के सामने डाला गया। बिजली विभाग ने इसकी सूचना तहसीलदार को दी। पीछे बकाया कहा गया—नोटिस के अनुसार 61 हजार रुपए या अधिक का बकाया था। नोटिस के टाइम पीरियड खत्म होने पर दो दिन पहले स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काटा गया, शहर की सड़के अंधेरे में डूब गईं। स्थानीय लोगों ने पालिका के प्रति नाराजगी जाहिर की; पालिका अफसरों ने बिजली विभाग पर गुस्सा निकाला और कचरे का सहारा लिया। कचरे के कारण विद्युत विभाग के दफ्तर में काम हो पाना मुश्किल हो गया; तहसीलदार जांच कर रहे हैं।
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नसीराबाद में आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों को भारी नुकसान

Ajmer, Rajasthan:विधानसभा- नसीराबाद जिला- अजमेर नसीराबाद में आंधी-बारिश का तांडव से सामान्य जनजीवन प्रभावित नसीराबाद से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ग्रामीण इलाकों में अचानक बदले मौसम ने तांडव मचा दिया। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। दोपहर बाद अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते अंधेरा जैसा हो गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने दुकानों के बाहर रखा सामान उड़ा दिया, वहीं सड़क किनारे लगे अस्थायी ढांचे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर टीन-शेड और छोटे स्टॉल तक हवा के तेज झोंके सहन नहीं कर पाए। कई पेड़ मुख्य रास्तों पर गिरने के कारण यातायात बाधित हो गया। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा। ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर फसल बर्बाद हो गई, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। तेज आंधी के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गए हैं।
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जयपुर की गुलाबी विरासत खतरे में, विश्व धरोहर दर्जा बचाने की कवायद तेज

Jaipur, Rajasthan:एंकर- जयपुर की पहचान, उसका गुलाबी रंग… क्या अब खतरे में है......2019 में यूनेस्को से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा? पाने वाला जयपुर आज अपनी ही विरासत को बचाने की चुनौती से जूझ रहा है। तंग गलियां, बिखरते रंग, बढ़ते अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी ये तस्वीर अब जिम्मेदारों की चिंता बढ़ाने लगी है। इसी के चलते मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास खुद उतरे वॉल सिटी की सड़कों पर, और अधिकारियों के साथ किया ग्राउंड निरीक्षण। सवाल बड़ा है क्या समय रहते संभल पाएगा गुलाबी शहर, या फिर खतरे में पड़ जाएगा उसका वर्ल्ड हेरिटेज दर्जा? वीओ-1- जब खतरा पहचान पर हो, तो फाइलें नहीं, मैदान देखना पड़ता है…और यही करते नजर आए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास। परकोटा क्षेत्र की तंग गलियों में उतरे अफसरों का काफिला, लेकिन तस्वीरें उम्मीद से ज्यादा चिंताजनक थीं। परकोटे की हैरिटेज इमारतों, मंदिरों नाटाणियों की हवेली, खजाने वालों का रास्ता, जैमिनी बिल्डिंग, दिगम्बर जैन मंदिर, राजस्थान स्कूल आर्ट, हैरिटेज वॉक वे, मणिहारों का रास्ता सहित विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। जहाँ कभी विरासत सांस लेती थी, वहाँ अब बेतरतीब रंग, लटकते तार और अव्यवस्थित निर्माण हावी हैं। जिस शहर की पहचान एकरूप गुलाबी रंग थी, वहां अब हर दीवार अपनी कहानी अलग रंग में कह रही है। निरीक्षण के दौरान टूटती और जर्जर हवेलियाँ, अवैध निर्माण, हैरिटेज बिल्डिंगों से छेडछाड, फसाड लाइटिंग और ओपन वायरिंग पर सख्ती दिखाई गई। मौजूद अधिकारियों को भी जिम्मेदारी का अहसास कराया गया......समस्या सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि सिस्टम की है। यूनेस्को मानकों के मुताबिक जयपुर की पहचान एक समान गुलाबी रंग और पारंपरिक वास्तुकला से जुड़ी है, लेकिन अब हर गली में अलग-अलग शेड्स नजर आ रहे हैं। कहीं गहरा, कहीं हल्का और कहीं पूरी तरह अलग रंग जिससे शहर की एकरूपता टूट रही है। परकोटा क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माण ने हालात और खराब कर दिए हैं। सड़कों पर फैलती दुकानें, अस्थायी ढांचे, अवैध होर्डिंग्स और अव्यवस्थित पार्किंग न सिर्फ ट्रैफिक बाधित कर रही हैं, बल्कि ऐतिहासिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा रही हैं। कई इमारतों में मनमर्जी से बदलाव किए गए हैं और पारंपरिक डिजाइन को नजरअंदाज किया गया है। सबसे बड़ी चोट विरासत पर हो रही है पुरानी हवेलियां टूट रही हैं, उनकी जगह आधुनिक कॉम्पलेक्स खड़े हो रहे हैं। कई जगह पारंपरिक डिजाइन को नजरअंदाज कर मनमाने बदलाव किए गए। कई जगह तो डिजायन के विपरीत जाकर खिडकियाँ तक निकाल लीं। सिटी को दुरुस्त करने का काम शुरू हुआ। काम पूरा होने से पहले ही बंद हो गया। निगम की मिलीभगत से नए निर्माण हो रहे हैं, इनको रोका नहीं जा रहा है। यूनेस्को की हालिया मॉनिटरिंग में भी यही खतरे सामने आए हैं। जिन मानकों पर जयपुर को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा मिला, वही अब कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। संकेत साफ हैं अगर यही हाल रहा, तो ‘डेंजर लिस्ट’ दूर नहीं....बीते दिन मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने पर्यटन, स्वायत्त शासन विभाग और नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें यूनेस्को मानकों के अनुरूप परकोटा क्षेत्र की देखरेख और विकास के लिए अंतर-विभागीय टीम गठित करने की बात कही थी। ये टीम राजधानी के परकोटा क्षेत्र में संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्यों के लिए एक ठोस एक्शन प्लान को अंतिम रूप देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कार्य यूनेस्को की ओर निर्धारित मानकों के अनुसार ही किए जाएं। बाइट-वी.श्रीनिवास, मुख्य सचिव ये दिए निर्देश अनाधिकृत रूप से लगी हुई केबल को हटाने,हैरिटेज क्षेत्र में खराब पड़ी लाईटों को ठीक करने,फसाड लाईटिंग ठीक करने के निर्देश। स्पेशल एरिया हैरिटेज प्लान बनाने का कार्य जल्द किया जाये। हैरिटेज सैल को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणान्मुख बनाकर कार्य करने के निर्देष दिये。 वीओ-2- गुलाबी रंग की इमारतें, चौड़ी सड़कों का नियोजन, बाजारों की संरचना और सांस्कृतिक विरासत ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई। इसी विशेषता के कारण 2019 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल किया, जिससे जयपुर की अंतरराष्ट्रीय पहचान और पर्यटन संभावनाओं में भी वृद्धि हुई। हाल के वर्षों में यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने वॉल्ड सिटी के संरक्षण को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ऐतिहासिक शहर की दीवारों के आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं। कई स्थानों पर हेरिटेज नियमों का उल्लंघन भी सामने आया है। इसके अलावा संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन में भी ढिलाई देखी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण को सील करने और विरासत को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों को रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन आदेशों के क्रियान्वयन में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दी। यूनेस्को अधिकारियों ने यह भी चिंता जताई है कि कई विकास परियोजनाएं बिना उचित हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट के आगे बढ़ाई जा रही हैं...विश्व धरोहर समिति ने राजस्थान सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार को 1 दिसंबर 2026 तक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें सुधारात्मक कदमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही ‘स्पेशल एरिया हेरिटेज डेवलपमेंट प्लान’ तयार कर उसे लागू करने पर भी जोर दिया गया है। विश्व धरोहर का दर्जा केवल सम्मान नहीं, बल्कि यह इस बात की मान्यता भी है कि यह स्थल पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है। यदि जयपुर से यह दर्जा वापस लिया जाता है तो इससे शहर की प्रतिष्ठा के साथ-साथ पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्ष जयपुर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि संरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन किया गया और अवैध निर्माण पर नियंत्रण किया गया तो शहर अपनी विश्व धरोहर पहचान बरकरार रख सकता है। बाइट-वी.श्रीनिवास, मुख्य सचिव बहरहाल, प्लान बन चुके हैं, टीमें भी तैयार हो रही हैं…लेकिन असली परीक्षा अब अमल की है। क्योंकि अगर कार्रवाई सिर्फ बैठकों तक सीमित रही, तो जयपुर की पहचान धीरे-धीरे मिटती जाएगी। और फिर सवाल सिर्फ रंग का नहीं रहेगा…दर्जे का भी होगा। सरकार ने अब अंतर-विभागीय टीम बनाकर एक्शन प्लान तैयार करने की बात कही है, लेकिन असली चुनौती इसे जमीन पर उतारने की है। क्योंकि अगर हालात नहीं बदले, तो जयपुर की पहचान सिर्फ कागजों तक सिमट सकती है और गुलाबी शहर का वर्ल्ड हेरिटेज टैग भी इतिहास बन सकता हैं。
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2 महीनों के प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार: उज्जैन में कौशल समिति बैठक

Ujjain, Madhya Pradesh:2 माह की ट्रेनिंग के बाद युवाओं को मिलेगा रोजगार, उज्जैन में जिला कौशल समिति की बैठक कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश—UtkarshUjjain.com पर रजिस्ट्रेशन कर युवाओं को उद्योगों से जोड़ें, नई तकनीकों की ट्रेनिंग पर जोर उज्जैन में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रशासनिक संकुल भवन स्थित कलेक्टर कार्यालय सभागृह में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई。 बैठक में बताया गया कि जिले में युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर उद्योगों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए UtkarshUjjain.com पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कर युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। कलेक्टर ने एमपीआईडीसी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और डीआईसी को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए युवाओं को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए。 जानकारी के अनुसार 12वीं पास युवक-युवतियां 2 माह के प्रशिक्षण और मूल्यांकन के बाद सोलर इंडस्ट्री में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, वहीं 10वीं पास अभ्यर्थियों को गारमेंट इंडस्ट्री में अवसर मिलेंगे। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को इंडس्ट्रियल एक्सपोजर और ऑन-जॉब ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि वे सीधे कार्यस्थल के अनुरूप तैयार हो सकें。 इसके साथ ही आईटीआई उज्जैन में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग और वेब 3.0 जैसी आधुनिक तकनीकों के कोर्स पर फोकस करने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य है कि युवाओं का स्किल सेट वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जा सके。 बैठक में यह भी बताया गया कि संभागीय आईटीआई उज्जैन द्वारा हब एंड स्पोक मॉडल के तहत शासकीय पॉलिटेक्निक के छात्रों को 2 से 4 सप्ताह की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें सीएनसी मशीन पर प्रोग्रामिंग सहित व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं。
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रीवा लोकायुक्त ने रिश्वत मांगते हुए लेखापाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया

Satna, Madhya Pradesh:सतना। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रीवा लोकायुक्त पुलिस ने रामपुर बाघेलान क्षेत्र के सज्जनपुर संकुल केंद्र में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक सह प्रभारी लेखापाल महेंद्र पांडेय को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ग्राम बरहा प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक मनोज प्रताप सिंह से क्रमोन्नति से जुड़े कार्य को आगे बढ़ाने के एवज में रुपये मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, शिक्षक मनोज प्रताप सिंह ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि संबंधित लेखापाल उनके क्रमोन्नति संबंधी प्रकरण को निपटाने के लिए 1200 रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत की सत्यता की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे लोकायुक्त की टीम ने सज्जनपुर स्थित विद्यालय में दबिश दी। पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 1200 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी लेखापाल को लोकायुक्त टीम अपने साथ रीवा ले गई है। ट्रैप टीम में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया एवं एस राम मरावी समेत अन्य सदस्य शामिल रहे। लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, वहीं क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है。
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ग्वालियर पुस्तक मेले में एमआरपी बढ़ाकर किताबें फर्जीवाड़ा, दो स्कूल संचालक के खिलाफ मामला

Morena, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में हुए एमआरपी और स्कूल नाम प्रिंट फर्जीवाड़े में एक्शन देखने को मिला है। अभिभावकों की शिकायत पर आदर्श स्टेशनरी और कंगारू किड्स स्कूल के संचालक पर मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन द्वारा अभिभावकों के साथ किये गये इस फर्जीवाड़े में आदर्श स्टेशनरी के संचालक धनराज सेवानी और कंगारू इंटरनेशनल स्कूल के संचालक उदित गायकवाड को नोटिस देकर जबाब तलब किया था। लेकिन सन्तोषजनक जबाब न मिलने और जांच में फर्जीवाड़े होने कि पुष्टि के बाद दोनों के खिलाफ गोला का मंदिर थाना में मामला दर्ज कर आंगे की कार्रवाई की जा रही है।
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नाले सफाई के ठेकेदार की लापरवाही से राहुल की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन

New Delhi, Delhi:साफाईकर्मी राहुल के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने किया प्रदर्शन। आज मंगलवार को जीटीबी अस्पताल के शवगृह पर उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब सोमवार को राहुल का पोस्टमार्टम किया जाना था और शवगृह पर सैकड़ो लोग इकट्ठा हो गए और न्याय की मांग करने लगे. शवगृह पर स्थानीय विधायक वीर सिंह धिंगान, विधायक कुलदीप कुमार, पार्षद वीर सिंह पंवार, पार्षद मोहिनी जीनवाल और पार्षद मोहिनी जीनवाल पहुंची और सभी ने मृतक को न्याय और आर्थिक मदद दिलवाने की बात कहीं. स्थिति को देखते हुए सीमापुरी थाना पुलिस और जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही, करीब 40-45 पुलिसकर्मी दोनों थानों के एसएचओ सहित मौके पर मौजूद थे. पोस्टमार्टम के बाद जब राहुल का शव उसके परिजनों को सौंपा गया तो उसके परिजनों और परिचितों ने जीटीबी अस्पताल के बाहर सड़क पर लाल बत्ती पर शव रखने का प्रयास किया पर पुलिस समझाने पर शव तो हटा दिया लेकिन कुछ समय के लिए वहां प्रदर्शन पर बैठ गए. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था राहुल को मात्र 350 रूपये रोज दिहाड़ी पर नाले की सफाई के काम पर रखा गया था, उसकी मौत की जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. सोमवार की दोपहर राहुल (33) सीमापुरी थाना क्षेत्र के क्यू पॉकेट के नाले की सफाई का काम कर रहा था, अचानक वह नाले मे गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई थी. मृतक के साथ काम कर रहे उसके साथी कैपिटल ने बताया वह किसी अजित नाम के ठेकेदार के पास काम कर रहे थे जो नाले सफाई के ठेके लेता है. कैपिटल ने बताया नाले सफाई का काम करवाते समय ठेकेदार की तरफ से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे जिस वजह से यह हादसा हुआ है. फिलहाल पुलिस मामले मे आगे की जांच कर रही है. वही परिवार से मिलने आम कुंडली विधायक आदमी पार्टी से कुलदीप पहुंचे और उन्होंने परिवार से इस घटना का दुख जताया परिवार को न्याय दिलाने की बात की और प्रशासन सरकार लापरवाही बताते हुये घेरा।
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नंद नगरी हत्याकांड: प्रताड़ना से तंग आकर साले ने चाकू मारकर हत्या कर दी

New Delhi, Delhi:नंद नगरी मर्डर: शराबी जीजा के प्रताड़ना से तंग आकर साले ने चाकू मारकर उसकी मौत के घाट उतार दिया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में हुई इस वारदात ने एक परिवार को हिला दिया। गंभीर रूप से घायल जीजा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी साले को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय नीरज कुमार के रूप में हुई है, जो ताहिरपुर इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। उसके परिवार में पत्नी और तीन मासूम बेटियां हैं। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले ही उसकी पत्नी ने तीसरी बेटी को जन्म दिया था और वह इन दिनों अपने मायके में रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि नीरज शराब पीने का आदी था और नशे में अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। हालात बिगड़ने पर गर्भवती महिला को उसके मायके लाया गया था, ताकि उसे सुरक्षित माहौल मिल सके, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 9 बजे ताहिरपुर इलाके से एक युवक को चाकू मारने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल नीरज को तुरंत जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान नीरज की मौत हो गई, जिसके बाद मामले में हत्या की धारा लगाई गई। जांच में सामने आया कि आरोपी रमेश यादव, जो मृतक का साला है, अपनी बहन के साथ हो रही मारपीट से बेहद परेशान था। परिजनों के अनुसार, नीरज अक्सर मायके पहुंचकर भी अपनी पत्नी को परेशान करता था। घटना वाली रात भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। गुस्से में आकर रमेश ने घर में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और नीरज के पेट में ताबड़तोड़ वार कर दिए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए। तकनीकी जांच और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे ताहिरपुर इलाके से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि घरेलू हिंसा और लगातार बढ़ते पारिवारिक तनाव किस तरह खतरनाक अंजाम तक पहुंच सकते हैं। जहां एक तरफ एक महिला कथित रूप से लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही थी, वहीं दूसरी ओर गुस्से में उठाया गया एक कदम पूरे परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया।
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