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Durgaprasad JounjareDurgaprasad JounjareFollow12 Oct 2024, 03:14 am
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उज्जैन में विज्ञान केंद्र का उद्घाटन, महाकाल: The Master of Time सम्मेलन की शुरुआत

Ujjain, Madhya Pradesh:मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री द्वय की गरिमामय उपस्थिति में आज होगा विज्ञान केंद्र का लोकार्पण समारोह उज्‍जैन में 3 से 5 अप्रैल को अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन महाकाल: द मास्‍टर ऑफ टाईम का आयोजन होगा प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान पर होगा वैश्विक मंथन देश-विदेश के विशेषज्ञ वैज्ञानिक एवं विद्वान होंगे सम्मिलित उज्जैन, अप्रैल। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान और केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में उज्जैन विज्ञान केंद्र का लोकार्पण समारोह शुक्रवार 03 अप्रैल को सेक्‍टर-सी वसंत विहार स्थित तारामंडल में आयो‍जित किया जाएगा। एमपीसीएसटी के डायरेक्टर जनरल डॉ. अनिल कोठारी ने जानकारी दी कि प्रात: 10 से 10:30 बजे के मध्‍य उज्‍जैन साईंस सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके पश्‍चात महाकाल द मास्‍टर ऑफ टाईम प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया जाएगा। इसके साथ ही 03 दिवसीय महाकाल: द मास्‍टर ऑफ टाईम पर आधारित अंतर्राष्‍ट्रीय कांफ्रेंस का उद्‌घाटन भी तारामंडल परिसर में अतिथियों की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर विशिष्‍ट अतिथि अध्यक्ष इसरो/ सचिव, भारत सरकार, अंतरिक्ष विभाग डॉ. वी. नारायणन एवं विचारक एवं लेखक श्री सुरेश सोनी, नेशनल कार्डीनेटर आई.के.एस. नई दिल्‍ली डॉ. गंती एस मूर्ति, राष्‍ट्रीय नीति आयोग के सदस्‍य डॉ. वी.के. सारस्‍वत भी समारोह में सम्मिलित होंगे。 उल्लेखनीय है कि बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की पावन नगरी उज्जैन, जो सहसाद्वियों से समय गणना और खगोल विज्ञान की वैश्विक धुरी रही है, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक और बौद्धिक संगम का केंद्र बनने जा रही है। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल: The Master of Time" का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक खगोल विज्ञान अंतरिक्ष विज्ञान के समन्वय का एक अनूठा मंच प्रदान करेगा, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, शोधार्थी, नीति-निर्माता तथा अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर उज्जैन विज्ञान केंद्र का उद्घाटन भी किया जाएगा। साथ ही दो विशेष कार्यशालाओं यूएवी (अनगैन्ड एरियल व्हीकल) एवं आरसी (रिमोट कंट्रोल) तथा सैटेलाइट मेकिंग (उपग्रह निर्माण) का आयोजन किया जाएगा, जो युवाओं में तकनीकी कौशल, नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करेंगी。 "महाकाल: The Master of Time" अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन पुरातनकाल से ही भारत ज्ञान एवं विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी देश होकर विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित रहा है। विश्व के प्राचीनतम नगर उज्जैन का गौरवशाली इतिहास रहा है। उज्जैन से लगभग 35 किलोमीटर दूर महिदपुर तहसील के अंतर्गत एक छोटा सा ग्राम डोंगला प्राचीन समय से ही खगोल विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि कर्क रेखा ग्राम डोंगला से होकर गुजरती है एवं यह वर्तमान में काल गणना का केंद्र बिंदु है。 इस सम्मेलन का मुख्य विषय "महाकाल: The Master of Time" है। इस सम्मेलन में सह आयोजक के रूप में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्ऩोलॉजी इंदौर, वीर भारत न्यास एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान सहभागिता कर रहे हैं。 इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य उज्जैन-डोंगला को विश्व के मध्यान (मेरिडियन) के रूप में स्थापित करना, विकसित भारत के लिए स्पेस इकोनॉमी का महत्व ,खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी), खमील भौतिकी (एस्ट्रोफिजिक्स) एवं ब्रह्मांड विज्ञान (कॉस्मॉलॉजी) के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक एवं विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत काल गणना एवं खगोल विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करना है。 इस सम्मेलन में कार्यक्रमों के अंतर्गत मुख्य वक्तव्य, पैनल चर्चा, समानांतर सत्र, खुले सत्र, कॉर्पोरेट एवं शोध शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत एक्सपो के अंतर्गत उपयोगी तकनीक एवं अनेक वास्तविक समाधान का प्रदर्शन, डोंगला वेधशाला शमण एवं कार्यशाला तथा प्रतियोगिताएं, अंतरिक्ष विज्ञान स्टार्टअप सम्मेलन, पुस्तक विमोचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे。 सम्मेलन के प्रमुख विषय सम्मेलन में आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर विशेष फोकस रहेगा। प्रमुख विषयों में उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करना, विकसित भारत में स्पेस इकोनॉमी की भूमिका, खगोल विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स एवं कॉस्मोलॉजी में नवीनतम तकनीक, भारतीय काल गणना पद्धति का वैज्ञानिक आधार, कालचक्र और सभ्यता का विकास, स्पेस सेक्टर एवं रक्षा रणनीतियां शामिल है। कार्यक्रम में यह तकनीकी सत्र आयोजित होंगे - 1. काल, इसका मापन एवं उज्जैन का विश्व के मेरिडियन की पुनर्स्‍थापना के लिए महत्व । 2. काल चक्रः सभ्यताओं की समय एवं स्थान आधारित गतिविधियां एवं उत्पत्ति । 3. खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी में आधुनिक प्रगति । बीज वक्तव्य : अन्तरिक्ष विज्ञान आधारित भारत कि रक्षा के लिए रणनीति । 4. विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाः राष्ट्र सेवा में अंतरिक्ष तकनीकियां प्रो. धवन की दृष्टि को आगामी शताब्दी के लिए पुनर्जीवित करना; भारत में निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को विकसित करना एवं युवाओं के लिए अवसर प्रदान करना。 5. भारत में खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में शोध का वर्तमान एवं भविष्य । 6. विषयानुसार भाची आतिविधियों एवं कार्यक्रमों के लिए पैनल चर्चा। तकनीकी सत्रों में देश-विदेश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद अपना उद्‌बोधन देंगे। मुख्य रूप से डॉ. वी. के. सारस्वत (सदस्य, नीति आयोग), प्रो. यासुहाइड होबारा (टोक्यो), डॉ. निलेश देसाई (निदेशक - अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, इसरो, अहमदाबाद), डॉ. प्रकाश चौहान (निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन वेंद्र, इसरो, हैदाबाद), कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास बाराखेडी, अशोका विश्वविद्यालय, सोनीपत के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ चौधरी, भारतीय खगोल विज्ञान संस्थान (IIA), बेंगलुरु के निदेशक अन्नपूर्वी सुब्रमण्यम, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत, गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रनाडे, प्रो. दीपांकर बनर्जी (कुलगुरु भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुवनंतपुरम), प्रो. अनिल भारद्वाज (निदेशक, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद) एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल होंगे। समानांतर सत्रों में कई कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी जैसे प्रथम दिवस महाविद्यालयीन छात्रों के लिए अंतरिक्ष तकनीकी (उपग्रह निर्माण) कार्यशाला, सभी प्रतिभागियों के लिए सूर्य के सनस्पॉट का सुरक्षित अवलोकन/अध्यन, मेगा साइंस एवं मेगा मिशन प्रोजेक्ट्स पर शिक्षक-छात्र संवाद कार्यक्रम एवं टेलीस्कोप द्वारा रात्रि आकाश अवलोकन द्वितीय दिवस विद्यालयीन छात्रों के लिए आरसी प्लेन कार्यशाला एवं डोंगला में ग्रहों एवं डीप स्काई अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें आमजन को काल गणना, अंतरिक्ष एवं ब्रह्मांड विज्ञान में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक विज्ञान की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रदर्शनी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, सीएसआईआर, इसरो, टीआईएफआर, एमपीसीएसटी, आईआईटी इंदौर. डीआरडीओ, ब्रह्मोस एयरोस्पेस एवं अन्य संस्थाएं अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगी। इसके अतिरिक्त भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कालगणना से संबंधित प्रकाशित लेखन सामग्री/पुस्तकों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी。 कार्यशाला में पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को बहुआयामी अनुभव प्राप्त होगा, जिसमें मुख्य वक्तव्य एवं उच्च स्तरीय पैनल चर्चाएं, समानांतर तकनीकी सत्र एवं ओपन सेशन, टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस, डोंगला स्थित वेधशाला का भ्रमण एवं कार्यशाला, पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे。 उज्जैन साइंस सेंटर का होगा उ‌द्घाटन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन, द्वारा उज्जैन तारामण्डल परिसर में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की विज्ञान की "विज्ञान की संस्कृति को बढ़ावा देने की योजना" (SPOCS) के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के सहयोग से साइंस सेंटर (केटेगरी-2) का निर्माण किया गया है। उक्त नवनिर्मित साइंस सेंटर के निर्माण लागत रू. 15.20 करोड़ है जिसमें केन्द्रांश 6.50 करोड़ तथा राज्यांश 8.56 करोड, हैं。 उक्त साइंस सेंटर में विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी एवं जनसामान्य तक विज्ञान के सिद्धांत प्रदर्शन के लिए गैलरी ऑन साइंस फन, आउटडोर साइंस पार्क, अवर साइंस एण्ड टेक्नालॉजी, हेरिटेज विषय पर थेमेटिक गैलरी तथा नवाचार, स्टूडेंट एक्टिविटी हाल, एग्ज़िबिट डेपलेपमेंट लैब जैसी सुविधाएँ विकसित की गई है। तारामण्डल परिसर में नवनिर्मित साइंस सेन्टर के लोकार्पण 03 अप्रैल को किया जाएगा। उज्जैनः काल गणना की प्राचीन धुरी, विक्रम साराभाई के विज़न को मिलेगा विस्तार उज्जैन प्राचीन काल से ही समय मापन की वैश्विक धूरी रहा है। महान खगोलविद आचार्य वराहमिहिर ने उज्जैन को खगोलीय गणनाओं का आधार बनाया था। यहां विकसित 'कालचक्र' की अवधारणा आज भी आधुनिक खगोल विज्ञान को प्रेरित करती है। सम्मेलन का उद्देश्य डॉ. विक्रम साराभाई के उस दूरदर्शी विजन को आगे बढ़ाना है, जिसमें भारत को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में अग्रणी राष्ट्र बनाते हुए समाज कल्याण और राष्ट्रीय विकास सुनिश्चित किया गया है। स्पेस इकोनॉमी और भविष्य की दिशा, उज्जैन बनेगा "टाइम स्केल सेंटर" मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश स्पेस तकनीक की दिशा में निरंतर मतिमान रहा है। "विकसित भारत" के लक्ष्य में स्पेस इकोनॉमी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत चंद्रयान, आदित्य 11 और गगनयान जैसे अभियानों के माध्यम से नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। मध्यप्रदेश भी स्टार्टअप्स और नवाचार के जरिए इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उज्जैन केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्राचीन काल में विश्व की समय गणना की धुरी रहा है। राज्य सरकार उज्जैन को पुनः वैश्विक 'टाइम स्केल सेंटर" के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक साइंस सेंटर और प्रस्तावित साइंस सिटी का विकास भी किया जा रहा है, जिससे युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में इसरों, सीएसआईआर, डीआरडीओ, नीति आयोग एवं देश-विदेश के प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी。 समापन दिवस पर महत्वपूर्ण चर्चा कार्यक्रम का समापन 05 अप्रैल को किया जाएगा। इस दिन सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण बैठक भी की जाएगी। अनुशंसाओं को मूर्त रूप देने के लिए आगामी कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा。
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पटना की दीघा मंडी में अतिक्रमण हटाने के बाद तेज़ बुल्डोजर एक्शन

Patna, Bihar:दीघा मंडी में हर दिन हजारों दुकानें सब्ज़ी और फल की लगती है। 1 अप्रैल से पटना सहित पूरे बिहार में नगर निगम की तरफ से अतिक्रमण मुक्त ड्राइव शुरू हो चुका है जिसके बाद एक बार फिर यहां पर भी बुल्डोजर एक्शन देखने को मिलेगा। दुकानों की अव्यवस्थित तरीके से लगने के कारण यहां आए दिन घंटोंतक लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है, निजी वाहनों के साथ स्कूल की बसे भी 2-2 किलोमीटर तक लाइन में लगी रहती हैं जिसे लोगों को काफी परेशानी होती है। वेंडिग जोन ना होने के कारण और दुकानों की संख्या ज्यादा होने से लोग अपनी दुकान फुटपाथ पे भी लगा देते हैं इसके अलावा जो खरीदारी करने पहुंचते हैं उनकी गाड़ियां सड़क पर लगी रहती हैं जिससे यातायात व्यवस्था में बाधा आती है और जाम लगता है। दुकानदारों का कहना है सरकार की तरफ से हमें कोई स्थायी जगह नहीं मिली है, अगर सरकार हमें वेंडिग जोन दे दे तो हम अपनी दुकान वहीं लगाएंगे। बुल्डोजर जब आता है तो हमें भी दिक्कत होती है, सामान हटाना पड़ता है कई नुकसान भी हुआ है, हमारा पूरा घर इसी दुकान से चलता है ये हमारी रोज़ी रोटी है।
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धनबाद में भुईंफोड़ मंदिर से शोभा यात्रा, राम-हनुमान की जयकारों से गूंज उठा शहर

Dhanbad, Jharkhand:हनुमान जयंती के अवसर पर धनबाद के भुईंफोड़ मंदिर से एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो सरायढ़ेला, गोल बिल्डिंग और स्टीलगेट होते हुए रणधीर वर्मा चौक स्थित हनुमान मंदिर तक पहुंची। इसमें आकर्षक झांकियां, रामभक्तों का उत्साह और विभिन्न अखाड़ों के करतब देखने को मिले। यात्रा का जगह जगह जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में भगवान राम-हनुमान की विशेष झांकी आकर्षण का केंद्र रही। यह भव्य आयोजन एकल अभियान की युवा समिति द्वारा किया गया। रणधीर वर्मा चौक पर हनुमान जी की महाआरती के साथ शोभा यात्रा का समापन हुआ। शोभा यात्रा में शामिल लोग जय श्रीराम, जय हनुमान, भारत माता की जय का नारा लगाते रहे। एकल अभियान की तरफ से भव्य शोभायात्रा निकाला गया। पिछले 9 साल से भव्य शोभायात्रा Hanuman Jayanti के मौके पर एकल समाज कर रही है。
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दानापुर दियारा लिंक पुल के चढ़ाव पर जाम, अधिकारी ने शुरू कराया सुधार कार्य

Danapur, Bihar:खबर दानापुर से है जहां दानापुर दियारा को जोड़ने वाला पीपा पुल के दियारा के तरफ चढ़ाव से हो रही परेशानी की वजह से लगातार जाम लग रहा था इस खबर को जी बिहार पर दिखाए जाने के बाद बड़ा असर हुआ है और अब अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है और काम शुरू कर दिया है चढ़ाव पथ को बनाया जा रहा है और सुगम बनाया जा रहा है ताकि दियरा के लोगों को आने-जाने में कोई परेशानी ना हो और इस तरह की जाम की समस्या ना लगे बता दे कि पिछले एक सप्ताह स े लगातार जाम की समस्या हो रही थी जिसे दियारा के लोगों को इमरजेंसी सेवा में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था वहीं दूध के करोबारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही थी अब खबर का असर हुआ है और काम लगाया गया है इस काम में एक और नजारा दिखा काम के दौरान घरेलू सिलेंडर जो मिलने में काफी परेशानी हो रही है उसे यहां ठेकेदारी अपना बिल्डिंग का काम कर रहा है ऐसे में जिस समस्या से पूरा देश जूझ रहा है उसे समस्या में इजाफा करता हुआ यह पीपापुल ठेकेदार दिख रहा है
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हरियाणा कांग्रेस अनुशासन कमेटी आज क्रॉस वोटिंग मामले पर बड़ा फैसला लेने वाली है

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में शाम को करीब 4 बजे होगी हरियाणा कांग्रेस अनुशासन कमेटी की बैठक कमेटी के चेयरमैन धर्मपाल मालिक की अध्यक्षता में होगी बैठक क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों पर आगे की कार्रवाई तय करेगी कमेटी कांग्रेस के पांच विधायकों पर लगे है राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप कांग्रेस विधायक शैली चौधरी, रेनू बाला जरनैल सिंह कारण बताओं नोटिस का जवाब दे चुके हैं और अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार चुके हैं वहीं कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इसराइल ने नहीं दिया है नोटिस का जवाब आज अनुशासन कमेटी की बैठक में चेयरमैन सदस्यों के साथ मिलकर विधायकों की तरफ से दिए गए जवाब पर चर्चा करेंग और आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करेंगे
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जीरो टॉलरेंस के साथ पेयजल साफ-सफाई: सभी संस्थान तीन महीनों में अनुपालन रिपोर्ट दें

Chandigarh, Chandigarh:*चंडीगढ़ ब्रेकिंग* health विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों को सख्त निर्देश जारी किए राज्यभर में पानी के सभी टैंकों की तुरंत जांच और सफाई करने के आदेश सुरक्षित पेयजल को लेकर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने पर जोर टैंकों की नियमित सफाई नहीं होने पर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की बात सामने आई मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए स्वच्छ पानी सुनिश्चित करना अनिवार्य बताया जमीन के ऊपर और नीचे बने सभी टैंकों की पूरी जांच के निर्देश प्रदुषण, रिसाव और संरचनात्मक नुकसान की पहचान करने को कहा गया सफाई प्रक्रिया में गाद हटाना, सतहों की धुलाई और कीटाणु-मुक्त करना शामिल केवल स्वीकृत तरीकों से ही सफाई करने के निर्देश हर तीन महीने में नियमित जांच और सफाई का सिस्टम लागू करने के आदेश सभी संस्थानों को 5 अप्रैल 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी उपायुक्तों को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से निगरानी के निर्देश 7 दिनों के भीतर निगरानी रिपोर्ट देने के आदेश डॉ. मिश्रा ने कहा: स्वच्छ और सुरक्षित पानी स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी हिस्सा, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
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हरियाणा जीएसटी राजस्व में आगे, 9वें से 6वें स्थान तक पहुंचा

Chandigarh, Chandigarh:राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर केवल 6%, हरियाणा सबसे आगे कुल एसजीएसटी संग्रह 48,289 करोड़ रुपये, पिछले साल से 8,546 करोड़ अधिक देश में एसजीएसटी संग्रह रैंकिंग में हरियाणा 9वें से 6वें स्थान पर पहुंचा करदाता आधार में 12% की वृद्धि, कुल पंजीकृत करदाता 6,30,818 जीएसटी लागू होने के बाद लगातार बढ़ रही करदाताओं की संख्या सितंबर 2025 के जीएसटी दर सुधारों के बाद राज्य में राजस्व में तेज बढ़ोतरी डेटा आधारित कर प्रशासन और मजबूत निगरानी को सफलता का कारण माना गया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जीएसटी सुधारों का स्वागत किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दिया श्रेय राज्यभर में मनाया गया “जीएसटी बचत उत्सव” बजट 2026-27 में उद्योगों और कर विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बड़े सुधारों की घोषणा
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अंता में 57 करोड़ की पेयजल योजना मुसीबत: मटमेला पानी से अब पीना मुश्किल

Baran, Rajasthan:अंता में 57 करोड़ की नागदा बलदेवपुरा पेयजल योजना खा रही हिचकोले , 3 दिनों से मटमेला पानी पीने पर मजबूर क्षेत्रवासी\n\nबारां जिले के अंता में राज्य सरकार द्वारा 44 गांवों सहित कस्बे में शुद्ध पेयजल पहुंचाने को लेकर 57 करोड़ की लागत से शुरू की गई नागदा बलदेवपूरा पेयजल योजना लंबे समय से आमजन के लिए मुसीबत साबित हो रही हे कभी कर्मचारियों का भुगतान नहीं होने के कारण प्लांट बंद रहता हे तो कभी मटमेला युक्त पानी सप्लाई होने के कारण आमजन को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा हे ।\n\nbata दे कि नागदा बलदेवपुरा पेयजल योजना से गत 3 दिनों से नलों में मटमेला पीने का पानी आ रहा हे जिसे पीना तो दूर आमजन नहाने से भी परहेज कर रहे हे । मटमेला पानी क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने की जगह बीमारियां बांटने पर तुला हुआ हे जिसके कारण लोगों मे आक्रोश पनप रहा हे परन्तु अफसोस शासन प्रशासन बेखबर बना हुआ हे ।\n\nbata दे कि 57 करोड़ की लागत से 2017 में शुरू हुई नागदा बलदेवपूरा पेयजल योजना से प्रतिदिन 70 लाख लीटर पीने के पानी की जलापूर्ति की जाती हे जिसमें से अंता कस्बे को प्रतिदिन 29 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती हे परन्तु कई दिनों से यह पेयजल योजना आमजन के लिए मुसीबत बनी हुई हे । ठेकेदार के कर्मचारियों को 11 माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आए दिन कर्मचारियों द्वारा प्लांट बंद कर दिया जाता हे ओर इसका खामियाजा आमजन को भुगताना पड़ रहा हे ।\n\nनागदा बलदेवपुरा पेयजल योजना काली सिंध नदी के किनारे सुनसान जगह पर होने के कारण सुरक्षा को लेकर बनाई गई सामने की दीवार 2022 में आई बाढ़ के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हों गई थी जो आज तक नहीं बनाई गई हे जिसके कारण कोई भी प्लांट में आसानी से प्लांट के अंदर आ जा सकता हे इस ओर आज तक किसी भी अधिकारी ने कोई ध्यान नहीं दिया हे ।इस दीवार को शीघ्र बनाया जाना चाहिए
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ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई: एमडी ड्रग फैक्ट्री केस में वांछित आरोपी गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस थाना अरनोद ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा केने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी को दबोचा। पुलिस के अनुसार 16 जनवरी को मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के कालुखेड़ा थाना क्षेत्र में ग्राम चिकलाना स्थित एमडी ड्रग फैक्ट्री ka खुलासा हुआ था। इस मामले में याकूब खान सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया गया था, जबकि एक आरोपी फरार चल रहा था। फरार आरोपी सोहेल पिता शेर अफजल खान पठान निवासी देवल्दी थाना अरनोद को 2 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर उसके घर पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी की सूचना मध्यप्रदेश पुलिस को भी दे दी गई है। कार्रवाई में थानाधिकारी शिवलाल मीणा, उप निरीक्षक प्रेमलाल, हेड कांस्टेबल प्रभुराम, कांस्टेबल गजेन्द्रसिंह एवं पांचुराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही。
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अरनोद में जुआ-सट्टा पर कार्रवाई: 12 गिरफ्तार, 7,980 रुपए जब्त

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में अरनोद कस्बे के गोतमेश्वर रोड से मोवडी माता मंदिर के बीच तीन स्थानों पर जुआ-सट्टा संचालित होने की सूचना पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 7,980 रुपये जब्त किए गए। आरोपियों के नाम देवीलाल, नागजी मीणा, नागुलाल, सुरजमल, देवीलाल (बड़वासकलां), सुरजमल (साखथली खुर्द), कचरू, लक्ष्मण, नागुलाल (सेमलखेड़ी), भुवान, शंकर और रामलाल हैं। तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच जारी है। थाना अरनोद के थानाधिकारी शिवलाल मीणा, उप निरीक्षक सोहनलाल, सहायक उप निरीक्षक महेशकुमार, हेड कांस्टेबल प्रभुराम, पंकज कुमार, कांस्टेबल हनुमान, हरीओम, गजेन्द्रसिंह, मुकेश कुमार और आरएसी के लादुदान ने प्रमुख भूमिका निभाई।
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