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ग्वालियर कृषि कार्यक्रम में बिजली गुल, 24 घंटे में अधिकारीयों से जवाब तलब

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में 6 जुलाई को आयोजित कृषि विभाग के बड़े सरकारी कार्यक्रम में बिजली गुल होने और माइक सिस्टम बंद होने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा गया है। वीओ-ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित उन्नत कृषि संभागीय कार्यशाला के दौरान अचानक बिजली चली गई थी। इसके बाद साउंड सिस्टम भी बंद हो गया, जिससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य अतिथि मौजूद थे। मामलें को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी विंग के चार अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें कार्यपालन यंत्री मौसम जैन, सहायक यंत्री प्रदीप कुमार कटारा, उपयंत्री सारस चंदेरिया और सहायक विद्युत निरीक्षक निशांत श्रीवास्तव शामिल हैं। अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि कार्यक्रम से पहले बिजली व्यवस्था, लाइटिंग और साउंड सिस्टम की जांच की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की थी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। ऐसे में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजन में हुई तकनीकी अव्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अब जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सेफ क्लिक 2.0: दतिया पुलिस ने 35 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा संदेश पहुंचाकर पहला स्थान पाया

Datia, Madhya Pradesh:दतिया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 8 जुलाई तक चलाए गए 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान में दतिया पुलिस ने पूरे प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने दतिया पुलिस को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। दतिया जिले की ओर से यह सम्मान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह चावला ने प्राप्त किया। अभियान के दौरान दतिया पुलिस ने जिले के स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियां, कार्यशालाएं, साइबर सुरक्षा संवाद, क्विज प्रतियोगिताएं तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इसके साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए गए। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत दतिया पुलिस करीब 35 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने में सफल रही। उन्होंने कहा कि इस अभियान के कारण आमजन में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल फ्रॉड तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के लिए पहले की तुलना में अधिक सतर्क हुए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है और दतिया पुलिस आगे भी ऐसे अभियान निरंतर चलाती रहेगी। दतिया पुलिस की इस उल्लेखनीय उपलब्धि को प्रदेश स्तर पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह सम्मान साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी जन-जागरूकता और आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने में दतिया पुलिस की सक्रिय एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। बाइट – मयूर खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक, दतिया。
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पाकुड़ की चार नाबालिग लड़कियां मुंबई से रेस्क्यू, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश

Pakur, Jharkhand:पाकुड़-महाराष्ट्र पुलिस ने पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र की चार नाबालिग लड़कियों को मुंबई से रेस्क्यू किया है... गुरुवार को इन लड़कियों को पाकुड़ स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया...जानकारी के अनुसार, इन लड़कियों को तीन माह पूर्व एक दलाल काम दिलाने के बहाने पंजाब के अंबाला शहर ले गया था...वहां उन्होंने लगभग 10 दिन तक काम किया...अंबाला में कुछ दिन काम करने के बाद, घर की याद आने पर चारों लड़कियां वहां से भाग निकलीं...अंबाला से घर आने के बजाय, वे गलती से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गईं और मुंबई पहुंच गईं...मुंबई पहुंचने पर स्थानीय पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू किया...लड़कियों से पूछताछ के आधार पर उनकी पहचान हुई और लगभग तीन महीने तक सत्यापन प्रक्रिया चली...इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें पाकुड़ पहुंचाया...बाल कल्याण समिति के सदस्य सलमा जहां, विनोद प्रमाणिक और रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि लड़कियों को CWC को सौंप दिया गया है...समिति द्वारा उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके अभिभावकों को इसकी सूचना दे दी गई है...अभिभावकों के आने के बाद लड़कियों को उन्हें सौंप दिया जाएगा...नाबालिग लड़कियों ने बताया कि गांव के एक दलाल ने उन्हें बहला-फुसलाकर पहले बस से दुमका पहुंचाया...वहां से जसीडीह स्टेशन और फिर ट्रेन से अंबाला ले जाया गया...अंबाला में तय कार्यस्थल पर काम करने के बाद वे घर आने के लिए भागी थीं...मुंबई स्टेशन पर पुलिस ने उनसे पूछताछ के आधार पर उनसे संपर्क किया और फिर उन्हें पाकुड़ लाया गया और CWC को सौंप दिया गया...
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पटना दारोगा छापेमारी पर चर्चाओं में आलोचना: भ्रष्टाचार पर सख्त सत्ताधारी बयान

Patna, Bihar:पटना दरोगा पर छापेमारी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया.... उत्पाद विभाग के दारोगा के यहाँ छापेमारी हुई, लेकिन अफ़सोस की बात है कि कुछ भी बरामद नहीं हुआ। आख़िर कारण क्या है? कहीं न कहीं किसी न किसी की मिलीभगत है जो सूचना पूर्व ही दे दी गई। बिहार में भ्रष्टाचार को सदाचार और शिष्टाचार का रूप दे दिया गया है। बिहार में भ्रष्टाचारियों को किस तरह से संरक्षित किया जा रहा है, बिहार में किस तरह से भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और किस तरह से भ्रष्टाचार करने वालों को बचाने का खेला... खेला जा रहा है, यह स्पष्ट रूप से दिखा। जब उत्पाद विभाग के दारोगा गोंड के यहाँ छापेमारी हुई, जिन पर आय से अधिक संपत्ति का 201.97% अधिक मामला सामने आया है। लेकिन वहाँ कुछ भी बरामद नहीं होना यह स्पष्ट करता है कि कहीं न कहीं मिलीभगत के कारण उनके जो आय से अधिक संपत्ति के मामले थे, उस मामले में किसी ने सूचना पहले ही निर्गत कर दी, जिसके कारण कुछ भी बरामद नहीं हुआ। यह भ्रष्टाचारियों को सत्ता के माध्यम से संरक्षण दिए जाने का स्पष्ट रूप से प्रमाण है। बिहार में एनडीए की सरकार है, और एनडीए का सिद्धांत है, क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से कोई समझौता नहीं हो सकता है। चाहे वो कोई लोग हो, नेता हो, अफसर हो, भ्रष्टाचार करेगा तो जेल जाना पड़ेगा। कांग्रेस ने कहा की बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है और लगातार कारवाइयाँ तो सरकार कर रही है, लेकिन जो प्रशासनिक अधिकारी हैं, उनमें भय नहीं है और साथ ही साथ वह लूट-खसोट का धंधा कर रहे हैं क्योंकि उनको भी मालूम है कि सरकार में ऐसे लोग स्थापित हैं जिनको परसेंटेज दे देने पे उनको बरी बायल्ज्त बरी कर दी जाएगी और कहीं उन पे अगर दोषारोपण हो भी जा रहा है तो कहीं ना कहीं मलाईदार जगह अन्यत्र पोस्टिंग हो जाएगी। तो ऐसे लोगों पे कहीं ना कहीं यह पूरा सिस्टम दोषी है और सरकार को चाहिए कि इन पे ऐसी कठोरतम कार्रवाई हो और इनके सेवा को रद्द किया जाए ताकि कभी कोई लोक सेवक, कोई भी अधिकारी, कोई भी प्रशासनिक व्यक्ति ऐसी घूसखोरी में शामिल ना हो। भाजपा ने कहा की बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। जो भी व्यक्ति अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करेगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों ना हो। आर्थिक अपराध इकाई की यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुशासन में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। भाजपा का स्पष्ट मत है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निष्पक्ष जांच हो, दोषी पाए जाने वाले को कड़ी सजा मिले और ईमानदार अधिकारियों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। यही कानून का राज है और पारदर्शी शासन की पहचान है।
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रांची में विशाल छात्र मैराथन: पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन तेज, पुरस्कार घोषित

Ranchi, Jharkhand:प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रांची महानगर कांग्रेस के द्वारा छात्रों की गूंज मुहिम के तहत रांची में आयोजित हो रही विशाल छात्र मैराथन को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन कार्यक्रम के संयोजक डॉ कुमार राजा ने कहा पेपर लीक छात्रों की समस्या को लेकर हमारा आंदोलन चल रहा है 12 जुलाई को रांची में बिसाल छात्र मैराथन करने जा रहे है 15 हज़ार पहला प्राइज है दूसरे स्थान पर आने वाले छात्र को 10000 और तीसरे स्थान पर 5000 का पुरस्कार दिया जाएगा यह आयोजन छात्रों की आवाज बनेगी कन्हौया कुमार भी इसमें शामिल होंगे 6.30 बापू वाटिका मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक मैराथन दौड़ का आयोजन होगा समापन बापू वाटिका मोराबादी में होगा कांग्रेस के सभी मंत्री भी छात्रों की हौसला अफजाई के लिए इसमें शामिल होंगे यह दौड़ छात्रों के समर्थन में किया जा रहा है
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करनाल जसविंदर हत्या: मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तक धरना जारी

Karnal, Haryana:करनाल जसविंदर हत्याकांड में उबल पड़ा गुस्सा ,पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तक लघु सचिवालय पर धरने का ऐलान । इंसाफ की मांग को लेकर सचिवालय पहुंचा गांव करनाल के निसिंग थाना क्षेत्र के गांव कुचपूरा में 5 जुलाई की रात हुए जसविंदर हत्याकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज मृतक के परिजन और ग्रामीण गुरुवार को बड़ी संख्या में करनाल लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक मुख्य आरोपी समेत सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका धरना लगातार जारी रहेगा। परिजनों का आरोप— पुलिस केवल खानापूर्ति कर रही है : मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मामले में केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली है, जबकि मुख्य आरोपी, उसकी मां, बहन और अन्य नामजद लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। एक फोन कॉल के बाद शुरू हुई खूनी वारदात : मृतक जसविंदर के छोटे भाई अमृत ने बताया कि घटना वाली शाम उनकी बहन मंजू का फोन आया था। उसने बताया कि ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया है और उसे वहां से ले जाने को कहा। अमृत के अनुसार, जब उन्होंने अपने जीजा मनीष से बात की तो उसने पैसे की मांग करते हुए कहा कि "पैसे दो, नहीं तो अपनी बहन को ले जाओ।" इसके बाद गांव के सरपंच से सलाह लेकर तीनों भाई कुचपूरा पहुंचे। आरोप है कि गांव के बाहर मनीष ने उनकी गाड़ी रुकवाई, जहां उसने अपने छोटे भाई सागर के साथ मिलकर जसविंदर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। परिजनों का कहना है कि वारदात के समय मनीष के पिता रिशिपाल, मां और बहन भी मौके पर मौजूद थे और सभी ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। दहेज प्रताड़ना के आरोप भी आए सामने : मृतक के मौसेरे भाई ने आरोप लगाया कि मंजू को शादी के बाद से लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उसके साथ अक्सर मारपीट होती थी और परिवार लंबे समय से इस विवाद से परेशान था। परिजनों का कहना है कि आखिरकार यही पारिवारिक विवाद जसविंदर की हत्या का कारण बना। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद बरकरार नाराजगी : घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्म किया और 6 जुलाई को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 7 जुलाई को पुलिस ने आरोपी सागर और उसके पिता रिशिपाल को गिरफ्तार कर अदालत से एक दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड समाप्त होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लेकर जांच की। इस दौरान आरोपी सागर का सिर भी मुंडवाया गया और उसे सार्वजनिक रूप से घुमाया गया। लेकिन इन कार्रवाइयों के बावजूद परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। बहन की आंखों में आंसू, प्रशासन से लगाई इंसाफ की गुहार : मृतक जसविंदर की बहन मंजू ने रोते हुए प्रशासन से न्याय की अपील की। उन्होंने कहा कि जसविंदर केवल उनका भाई नहीं था, बल्कि पूरे परिवार का सहारा था। उन्होंने प्रशासन से सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की ताकि उनके भाई को न्याय मिल सके। बाइट: मृतक का छोटा भाई अमृत व कपिल बाइट: बहन मंजू
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मैनपुरी-करहल इटावा-मैनपुरी मार्ग पर झाड़ियों से बाधित हुई दृश्यता,हादसों का बढ़ा खतरा ।

Ajay KumarAjay KumarFollow10m ago
Gopalpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल इटावा-मैनपुरी मार्ग पर झाड़ियों से बढ़ा खतरा,भाकियू टिकैत गुट ने की कार्रवाई की मांग । भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारी अनुज यादव ने PWD से की झाड़ियां हटवाने की मांग,बोले-समय रहते कार्रवाई जरूरी । इटावा-मैनपुरी मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है,दृश्यता प्रभावित होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। करहल क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पुल के पास सड़क के दोनों ओर झाड़ियां अत्यधिक बढ़ गई हैं,मोड़ों और कट के पास घनी झाड़ियों की वजह से दृश्यता प्रभावित होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला प्रमुख महासचिव अनुज यादव ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द हटवाया जाए,ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
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पलवल पुलिस के डोमिनेशन अभियान में 62 आरोपी गिरफ्तार

Palwal, Haryana:पलवल। जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पलवल पुलिस द्वारा विशेष ऑपरेशन डोमिनेशन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अवैध शराब तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, फरार अपराधियों और अन्य संगीन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 37 मामलों में कुल 62 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (आईपीएस) के दिशा-निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में जिले की 43 पुलिस टीमों के 157 जवानों ने भाग लिया। करीब 50 स्थानों पर नाकेबंदी कर वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच की गई। होटल, धर्मशाला, सराय, ढाबों, ठहरने के स्थानों तथा बैंक एटीएम के आसपास भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान महिला policeकर्मियों ने भी रात्रि गश्त और नाकेबंदी में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस ने करीब 1,000 वाहनों की जांच की। वहीं ऑपरेशन लगाम के तहत यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले 82 वाहन चालकों के चालान भी किए गए। अभियान के दौरान एंटी नारकोटिक्स सेल ने अवैध हथियार रखने के आरोप में अमित उर्फ टोला निवासी गांव बासवा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद किया। जुआ और सट्टा के खिलाफ चलाए गए अभियान में 5 मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15,720 रुपये की सट्टा व जुए की राशि बरामद की गई। अवैध शराब तस्करों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 23 मामलों में 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 164.5 बोतल देसी शराब, 59 बोतल अंग्रेजी शराब तथा 15 लीटर लाहन (कच्ची शराब) बरामद की गई। फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में थाना मुंडकटी और चांदहट पुलिस ने गंभीर मामलों में वांछित दो उद्घोषित अपराधियों (PO) को गिरफ्तार किया। इसके अलावा थाना और क्राइम ब्रांच की टीमों ने पुराने लंबित मामलों में फरार चल रहे 27 आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस प्रकार विशेष अभियान के दौरान कुल 37 मामलों में 62 आरोपियों की गिरफ्तारी कर पलवल पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य जिले में ऐसा शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है, जहां आमजन बिना किसी भय के अपने परिवार और व्यवसाय के साथ सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन डोमिनेशन" का मुख्य लक्ष्य नशा तस्करी, अवैध शराब, जुआ और अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों का पूरी तरह सफाया करना है। उन्होंने कहा कि पलवल पुलिस की टीमें लगातार संदिग्ध स्थानों, सुनसान इलाकों, खाली प्लॉटों और खंडहरों में कॉम्बिंग अभियान और छापेमारी कर रही हैं। साथ ही लोगों से अपील की कि यदि कहीं नशा तस्करी, अवैध शराब, जुआ या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत डायल-112, पुलिस कंट्रोल रूम पलवल 01275-298065 अथवा मानस राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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जयपुर: VLTD SOP जारी न रहने पर ट्रांसपोर्टरों ने 13 जुलाई से हड़ताल ऐलान

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- ओएफसी हैडर- - ट्रांसपोर्टर्स 13 जुलाई से जाएंगे हड़ताल पर - विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने किया ऐलान - VLTD की स्पष्ट SOP जारी करने की मांग - ई-डिटेक्शन चालानों को निरस्त करने की मांग - राज्य के कई जिलों के संगठन आए समर्थन में - बुधवार को शहीद स्मारक पर दिया था धरना एंकर पुराने वाहनों के परमिट जारी नहीं करने और ई-डिटेक्शन चालानों के विरोध में जयपुर की विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने हड़ताल का आह्वान किया है। दरअसल 14 जून से ट्रांसपोर्टर्स के ऑल इंडिया परमिट जारी नहीं हो पा रहे हैं। पुराने वाहनों में वीएलटीडी डिवाइस नहीं लगाई जा सकी हैं। इस कारण पुराने ट्रकों के परमिट भी नहीं मिल पा रहे हैं। इस परेशानी को देखते हुए विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने चक्काजाम हड़ताल की चेतावनी दी है। हड़ताल में विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के साथ ही राज्य के कई अन्य जिलों के ट्रांसपोर्ट संगठन भी शामिल होंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने के लिए एसओपी जारी नहीं की जा रही है। इस कारण ट्रकों को परमिट नहीं मिल पा रहे हैं। बिना परमिट वाहन चलाने पर 10 हजार रुपए का चालान काटता है। ट्रक चालकों ने ई-डिटेक्शन के चालानों को भी निरस्त करने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर ट्रक ऑपरेटर्स 13 जुलाई से चक्काजाम हड़ताल करेंगे। बाइट- जगदीश चौधरी, अध्यक्ष, विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन बाइट- सुरेश पूनिया, ट्रांसपोर्ट संगठन पदाधिकारी Gfx In ट्रांसपोर्टर्स की ये हैं प्रमुख मांगें - पुराने ट्रकों में VLTD फिटमेंट की SOP तुरंत जारी की जाए - जब तक विभाग परमिट देने की व्यवस्था सुचारू नहीं करता... - तब तक ई-डिटेक्शन के बिना परमिट चालानों को रोका जाए - मशीनी और दोषपूर्ण ई-चालान व्यवस्था पर तुरंत रोक लगाई जाए - अब तक जारी हो चुके बिना परमिट के चालान कैंसिल किए जाएं Gfx Out
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शराब के नशे में मजदूर ने विद्युत टॉवर चढ़ा; पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा

Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर से बड़ी खबर शराब के नशे में विद्युत टॉवर पर चढ़ा मजदूर, व्यक्ति को विद्युत प्रवाहित टावर पर चढ़ता देख राहगीरों के मचा हड़कंप, राहगीरों ने विद्युत विभाग को सूचित कर बिजली सप्लाई करवाई बंद, निजी कंपनी के मुनीम से परेशान होकर टॉवर पर चढ़ा मजदूर, टावर पर लगी हाइटेंशन तारों पर जाकर लटका मजदूर, वही सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची मौक़े पर, मजदूर कमलेश (45) पुत्र मनु वर्मन मध्यप्रदेश के कुंडनपुर पटेल दमुई का निवासी, जैसलमेर की गुलशन कम्पनी में प्लास्टर करने का करता है कार्य, पुलिस ने समझाईस के बाद मजदूर को सुरक्षित उतारा नीचे, शहर के जोधपुर रोड़ स्थित थीम पार्क के पास का है मामला।
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