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Betul460551

आमला में तालाब में नहाने के दौरान महिला की गई जान, पुलिस ने शव निकाला

Oct 07, 2024 12:29:26
Amla, Madhya Pradesh

आमला के बोरदेही थाना क्षेत्र के तरोड़ाकला गांव में एक महिला की तालाब में नहाते समय डूबने से जान चली गई। मृतका तालाब में नहाने गई थी लेकिन अधिक गहराई में चले जाने के कारण वह डूब गई। कुछ देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो ग्रामीणों ने पुलिस और SDRF टीम को सूचित किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला की तलाश शुरू की और उसका शव तालाब से निकाल लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और पंचनामा बनाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

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TTTRIPURESH TRIPATHI
Feb 15, 2026 04:36:47
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद के खुखुंदू थाना क्षेत्र के मगहरा चौराहे पर आज एक पिकअप वाहन और बाइक की आमने-सामने टक्कर हुई। जिसमें बाइक पर सवार महिला की जिंदा जल कर दर्दनाक मौत हो गई वहीं घायल पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आज सुबह पांच बजे के करीब गिरजा शंकर मिश्र और उनकी पत्नी रेनू मिश्रा घर जा रहे थे। मगहरा चौराहे पर पहुंचते ही तेज रफ्तार पिकअप वाहन से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के दौरान बाइक पर सवार महिला पिकअप वाहन के नीचे चली गई और जलने की वजह से मौके पर ही महिला की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर फायर विभाग की गाड़ी वहां पहुंची और आग पर काबू पाया गया। घायल पति को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की जलकर मौत हुई है और घटना की जांच की जा रही है।
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SKSATISH KUMAR
Feb 15, 2026 04:36:23
Jaspur, Uttarakhand:स्लग- नगर पालिका द्वारा बनाई गई रोड को भू माफिया द्वारा तोड़ा गया नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 14 डाकबंगला में एक बार फिर भू माफिया की दबंगई देखने को मिली जहां क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका द्वारा बनाई गई लगभग 200 मीटर रोड को क्षेत्र के एक भू माफिया द्वारा जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक आदेश चौहान मौके पर पहुंचे। विधायक ने बताया कि सन 2011 में भी इस रोड को राज्य सरकार द्वारा बनवाया गया था लेकिन इसरार हुसैन द्वारा इसे तोड़ दिया गया था। इसके बाद तत्कालीन उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान द्वारा नोटिस दिया गया था और नोटिस में आकलन कर वसूली की बात कही गई थी। इसके बाद इस रोड को नगर पालिका द्वारा बनाया गया और बार फिर इसरार अहमद द्वारा बीती देर शाम इस रोड को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। विधायक ने कहा जो भी दोषी है उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए और नगर पालिका द्वारा इसका आकलन कर इसरार अहमद से वसूला जाए।
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ADASHISH DWIVEDI
Feb 15, 2026 04:36:06
Hardoi, Uttar Pradesh:“65 साल बाद लौटी अपने मायके वो बिटिया जिसका डकैतों के गिरोह ने डाका डालकर 15 साल की उम्र में अपहरण , 80 साल की उम्र पर अगवा बेटी का मायके से हुआ मिलन Anchor हरदोई जिले में एक ऐसी कहानी सामने आई है जो आज की नहीं अपितु छह दशक पहले से शुरू हुई लेकिन आज उम्र के आखरी पड़ाव पर अपनों के मिलने की उम्मीद की आस पर पूरी हुई उस बेटी की और उस अटूट रिश्ते की जो 65 साल बाद भी अपने मायके की मिट्टी को पहचान लेती है । आपको भले ही यह कहानी रंगमच की नाटकीय लगे लेकिन यह कहानी असली है हां उस कहानी की मुख्य किरदार अब अपने उम्र के आखरी पड़ाव पर है और जो सपना उन्होंने कई सालो से देख रखा था उसे पूरा होने में 65 साल जरूर लग गए। Vo 1 इस कहानी की शुरुआत हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में साल 1961-62 से शुरू होती है। इस थाने के टोलवा आट गांव के रहने वाले बलदेव गांव के बाहर पुरवा में रहते थे, गांव के बाहर तीन चार ही मकान थे उन्ही को गांव के लोग पुरवा कहते थे।उसी पुरवा में वर्ष 1961 -62 में डकैतों के गिरोह ने भीषण डकैती डाली। इस डकैती में डकैतों को बलदेव के पास ऐसा कुछ माल असवाब नहीं मिला तो डकैत बलदेव और उनके बेटे शिवलाल को धारदार हथियार से घायल करके उनकी 15 साल की एक लड़की ‘मिठनी’ को अपने साथ अगवा कर ले गए थे। डकैती की घटना से कुछ दिन पहले मिठनी का विवाह 15 साल की उम्र में सुरसा थाने के पुनुआवर गांव में हुआ था और उसका घटना के अगले महीने गौना होना था। डकैती के दौरान गिरोह के सरदार की नजर मिठनी पर पड़ी डकैतों ने उन्हें परिवार वालो से छीनकर अगवा कर लिया शादी और उसके बाद गौना हो उससे पहले ही मिठनी की जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी। डकैतों का गिरोह मिठनी को कई दिनों तक अपने साथ जंगल मे लेकर घूमता रहा डकैतों ने उसकी कई बार पिटाई भी की और उसके बाद अलीगढ़ में अगवा मिठनी को किसी के पास सौप दिया . डकैतों के कब्जे में किसी लड़कीं की अलीगढ इलाके में होने की खबर उसी इलाके के थाना दादों क्षेत्र के समेघा गांव के सोहनलाल यादव को खबर मिली। सोहनलाल यादव पहलवानी करते थे और उनके कई पहलवान मित्र थे और इलाके में उनका दबदबा था जब उन्हें जानकारी हुई तो उन्होंने अपने साथियों के साथ पकड़ रखने वाली जगह पर धावा बोला और मिठनी को छुड़ा लिया। मिठनी देखने मे सुंदर थी लेकिन अपहरण के बाद अपनी सुध बुध खो बैठी थी तो सोहनलाल यादव ने मिठनी से विवाह कर लिया। उनसे उनके आठ बच्चे पांच बेटियां और तीन बेटे हुए और मिठनी ने सोहनलाल के साथ समेघा में नई जिंदगी बसा ली लेकिन उनके मन से मायके की याद कभी नहीं भूली। Vo-2-- मिठनी अब डकैतों से आजाद होकर सोहनलाल के साथ अपना जीवन गुजार रही थी लेकिन अक्सर वो अपने घर में और अपने बच्चों को डकैतों के अपहरण की कहानी बताती थीं और यह चिंता भी जताती थी।डकैती में कोई उनके घर मे बचा है या नही क्योंकि उन्होंने डकैतों को अपने पिता और भाई को मारते हुए देखा था। घर में वो जो बाते उनके जेहन में थी वो बताकर कहती थी कि वो हरदोई जिले की रहने वाली है और उनके घर के पास सकाहा गांव है जहां बड़ा शिव मंदिर है उसके पास में उनका गांव है और मंदिर में साल में दो बार मेला लगता था जिसमे वो जाती थी।उन्हें अपने पिता और भाइयों शिवलाल और सूबेदार के नाम भी याद थे। मिठनी की सबसे छोटी बेटी सीमा यादव जो नोएडा में रहती थी उससे माँ का लगाव बहुत था। करीब अस्सी वर्ष की माँ मिठनी देवी जब उससे अपने मायके के बारे में बता कर याद करती तो उनकी छोटी बेटी ने ठान लिया कि माँ को जितना पता है उसके हिसाब से वो उस मंदिर और बगल के गांव में ले जाकर अपनी माँ को उनके मायके जरूर पहुंचाएगी” जिसके बाद सीमा शुक्रवार को अपनी अस्सी साल की मां मिठनी को लेकर अलीगढ़ से हरदोई पहुंची। हरदोई पहुंचकर उन्होंने सकाहा के शिव मंदिर जाने का रास्ता पूछा और उसके बाद ऑटो से सकाहा शिव मंदिर पहुँच गयी। मंदिर देखते ही मिठनी को पुरानी बातें याद आ गई कि यह उनके मायके वाला ही शिव मंदिर है। उसके बाद खोजबीन करते हुए मिठनी मंदिर से कुछ दूर अपने गांव के पास पहुंची तो उन्हें जगह की कुछ पहचान हुई तो उनकी पुत्री ने मिठनी के भाई शिवलाल और सूबेदार के नाम पूछे तो गांव के लोगों ने बताया की वो दोनों तो नहीं रहे लेकिन उनके परिवार के लोग गांव में रहते थे। जिसके बाद मिठनी और उनकी पुत्री सीमा शिवलाल के मकान में पहुंचे जहां शिवलाल की बहू से उनका सामना हुआ। शिवलाल के घर में भी डकैती और उसमे बहन के अगवा होने की जानकारी पहले से थी। जब मिठनी ने बताया की वो वही है जिसे 65 साल पहले अगवा किया गया था। तो बहू ने अपनी सास छोटी बिटिया को जानकारी दी जिसके बाद मिठनी की भाभी छोटी बिटिया अपनी ननद को घर के अंदर ले गयी और कुछ ही देर में उनके घर रिश्तेदारों का मजमा लग गया और 65 साल का इंतज़ार आंसुओं में बह निकला। फिलहाल मिठनी की बेटी सीमा को इस बात की ख़ुशी है उम्र के आखरी पड़ाव में उसकी माँ अपने मायके पहुँ गयी और जो रिश्तेदार है उनसे मिल ली और उन्हें देख लिया है। अब मिठनी रविवार को वापस अपने घर लौट जायेगी हालांकि मिठनी के परिवार में उसके दोनों भाइयों की कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी है एक भाभी है जिनको इस कहानी के बारे में उनके पति शिवलाल ने बताया था उनके मुताबिक उनकी भाभी को इस बात से सकून मिल गया की डकैती की घटना में उनके पिता और भाई घायल हुए थे जबकि मिठनी की एक छोटी बहन भी उनसे मिलने पहुंची थी फिलहाल घर के लोग 65 साल बाद मिठ्नी को मायके में पाकर खुश है क्योकि किसी को आस नहीं थी की डकैती से जीवित मिलेगी। 65 साल एक जिंदगी का सफर अपहरण से पुनर्जन्म तक की कहानी का किरदार मिठनी अब 80 साल की हैं लेकिन उनके दिल में बसी मायके की तस्वीर कभी धुंदली नहीं हुई। जिसने उनको 65 साल बाद उसी गांव और अपनों के बीच पहुंचा दिया जहां से उन्हें अगवा किया गया था। बाइट -- मिठनी बाइट -- सीमा बेटी बाइट -- मुन्नी भाभी
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SGSANJEEV GIRI
Feb 15, 2026 04:35:30
Latehar, Jharkhand:लातेहार कहा जाता है कि यदि हौसला बुलंद हो और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती । यह बात लातेहार के कुलगड़ा गांव में किसान रमेश भुईया ने अपने खेतों में पूरी तरह चरितार्थ हो रहा है । किसान रमेश भुईया के बुलंद हौसले और भूमि संरक्षण विभाग के सही मार्गदर्शन से बंजर पड़े जमीन में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू हो गई है । कुलगड़ा गांव निवासी श्रमेश भुइया के घर के पास उनकी जमीन काफी दिनों से बंजर पड़ी हुई थी । संसाधन और मार्गदर्शन के अभाव में रमेश भुईया के घर के पास स्थित जमीन में सिर्फ घास फूस ही उगती थी । लेकिन सही मार्गदर्शन मिला तो आज उनके इस बंजर भूमि में स्ट्रॉबेरी के फल खिल गए हैं संभावना है। अब तक पच्चास हज़ार का फल बेच चुके है और अभी लाखो का फल खेत लगे हुवे है । विभागीय अधिकारी से प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने अपने बंजर पड़े भूमि मे स्ट्रॉबेरी की खेती की है उन्होंने कहा कि फल आ चुके है और ग्राहक खेत में ही आकर फल ख़रीद कर ले जा रहे । लातेहार जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि लातेहार जिले के किसानों को उन्नत कृषि से जोड़ने के लिए विभाग के द्वारा कई प्रकार से मदद की जा रही है । प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को लाभ भी मिल रहा है । लातेहार के कुलगड़ा गांव में बंजर भूमि पर आरंभ की गई स्ट्रॉबेरी की खेती यदि सफल रही तो निश्चित ही यह कृषि क्रांति का रूप होगा और किसानों की आय दोगुना हो जाएगी ।
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BKBRAJESH KUMAR
Feb 15, 2026 04:35:10
Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - बिरसा मुंडा के परपोते द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने का दिया था आशीर्वाद। एंकर - भगवान बिरसा मुंडा के परपोते सुखराम मुंडा रानी टुटी की चुनावी कार्यालय में पहुंचे। लगभग 83 वर्षीय सुखराम मुंडा उलिहातू से खूँटी आकर अचानक भाजपा समर्थित उम्मीदवार रानी टूटी के कार्यालय में आकर उनसे मुलाकात किए। उन्होंने रानी टूटी से बातचीत करने के पश्चात बताया कि जब द्रौपदी मुर्मू राज्यपाल थी तब वह उलिहातु आई थी। उसे समय उन्हें आशीर्वाद मिला था। कि वह राष्ट्रपति बने। उन्होंने कहा हमने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने का आशीर्वाद दिया था और अब रानी टूटी नगर पंचायत के अध्यक्ष बने यह हमारी कामना है मेरा आशीर्वाद है। बाईट - सुखराम मुंडा, भगवान बिरसा मुंडा के परपोते।
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SSSUNIL SINGH
Feb 15, 2026 04:34:46
Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल टॉपलाइन ..संभल में महाशिवरात्रि पर मुलायम -अखिलेश की तस्वीरों से वाली कांवड़ चर्चा में है ..संभल जनपद के कैला देवी गांव इलाके के आधा दर्जन युवक हरिद्वार से मुलायम और अखिलयes यादव की तस्वीरों से सजाई गई इस अनोखी कांवड़ में गंगाजल लेकर संभल पहुंचे है .युवक आज अमरोहा में शिव मंदिर में भगवान भोले शंकर के शिवलिंग पर मुलायम अखिलेश की कांवड़ में लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे ...बताया जा रहा है मुलायम अखिलेश की कांवड़ लाने वाले युवाओं ने भगवान भोले शंकर से 2027 में यूपी में सपा की सरकार बनने की मन्नत मांगी है ...मुलायम और अखिलेश की तस्वीरों से वाली यह अनोखी कांवड़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है ।
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DGDeepak Goyal
Feb 15, 2026 04:34:26
Jaipur, Rajasthan:महाशिवरात्रि पर समूचा शहर शिवमय हो उठा, देवालय महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठे। चौड़ा रास्तास्थित ताड़केश्वर महादेव, क्वींस रोड के झारखंड, झोटवाड़ा रोड के चमत्कारेश्वर मंदिर में भक्तों का मेला लगा। मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारे लगी। विशेष योग-संयोग में श्रद्धालालों ने भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और नवविवाहिताओं ने शिव-पार्वती के जयघट चढ़ाए। शिवाभिषेक का सिलसिला ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुआ। गोनेर रोड रामनगर स्थित पीपलेश्वर महादेव मंदिर, झोटवाड़ा रोड के चमत्कारेश्वर महादेव, बनीपार्क के जंगलेश्वर महादेव, छोटी चौपड़ के रोजगारेश्वर महादेव, कूकस स्थित द्वादश ज्योतिलिंगेश्वर सदाशिव महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर बिल्व पत्र अर्पित किए। गलता गेट स्थित गीता गायत्री द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में शिवाभिषेक किया गया। वैशालीनगर के झारखंड महादेव मंदिर में तड़के पट खुलने के साथ ही जलाभिषेक के लिए लाइनें लगने लगी। आमेर रोड स्थित काला महादेव मंदिर में पंचामृत अभिषेक कर विभिन्न सामग्री अर्पित की गई। दिल्ली रोड स्थित खोले के हनुमान मंदिर परिसर के आनंदेश्वर महादेव का पुष्करराज से लाए जाने वाले कांवड़ जल से जलाभिषेक किया गया।
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RKRishikesh Kumar
Feb 15, 2026 04:34:09
CHANDI, Harnaut, Bihar:आस्था, परंपरा और करोड़ों श्रद्धालुओं की उम्मीदों से जुड़ा एक बड़ा सवाल इस वक्त राजगीर से सामने आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राजगीर में हर तीन साल मे लगने वाला ऐतिहासिक मलमास मेला इस बार 17 मई से 15 जून तक आयोजित होगा। जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है, लेकिन मेले से पहले ही एक गंभीर संकट ने दस्तक दे दी है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार मलमास मेला के दौरान 33 करोड़ देवी-देवता राजगीर के 22 कुंडों और 52 धाराओं में स्नान करते हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर शाही स्नान करते हैं और पुण्य अर्जित करते हैं। लेकिन इस बार स्थिति चिंताजनक है। राजगीर के प्रसिद्ध गंगा, यमुना और व्यास कुंड पूरी तरह से सूख चुके हैं। गर्मी अपने चरम पर भी नहीं पहुंची है और पवित्र कुंडों का जलस्तर खत्म हो जाना प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय पुजारी विकास उपाध्याय का कहना है कि लगातार ट्यूबवेल के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब सदियों पुराने कुंडों पर साफ दिखाई देने लगा है। हर साल गर्मियों में जलस्तर घटता था, लेकिन इस बार तो समय से पहले ही कुंड सूख गए। उनका आरोप है कि पांडु पोखर में ट्यूबवेल निर्माण के बाद से ही गर्म कुंडों के जलस्रोत प्रभावित हुए हैं। एक महीने तक चलने वाले इस भव्य मेले में लाखों श्रद्धालु शाही स्नान की परंपरा निभाते हैं। लेकिन अगर हालात ऐसे ही रहे, तो इस बार श्रद्धालुओं को मायूस होकर लौटना पड़ सकता है। जिला प्रशासन को इस गंभीर समस्या से अवगत करा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते गंगा, यमुना और व्यास कुंड को पुनर्जीवित कर पाएगा؟
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KAKapil Agarwal
Feb 15, 2026 04:33:40
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VPVEDENDRA PRATAP SHARMA
Feb 15, 2026 04:33:26
Azamgarh, Uttar Pradesh:महाशिवरात्रि पर बाबा भवरनाथ मंदिर पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, घंटों कतार में खड़ा होकर करते रहे अपने बारी का इंतजार। जनपद आजमगढ़ नगर की सरहद पर आजमगढ़-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थित शिव का मन्दिर के रूप में भंवरनाथ मंदिर पर शिवरात्रि को लेकर अल्सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन पूजन व जल दूध चढाने के लिए उमड़ पड़ी। इसके अलावा जनपद के अन्य शिवालयों पर सुबह से ही लोग अपनी बारी का इंतज़ार करते रहे। यह मंदिर शहर वासियों एवं आसपास के क्षेत्र में लोगों के लिए आस्था का विशेष केंद्र है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आजमगढ़ जिले में शहर के पश्चिम छोर पर स्थित पौराणिक बाबा भंवरनाथ मंदिर पर भोर से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जहां सुबह से ही भीड़ बढ़ती जा रही थी, लंबी लंबी कतारे लगी रही। लेकिन भंवरनाथ मंदिर में स्थापित बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए लालायित भक्तों के माथे पर कोई शिकन नहीं थी। घंटों इंतजार के पल को जयकारे लगाकर जयघोष करते रहे, जहां जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था। ऐसा लग रहा मानों पूरा शहर आज ही उमड़ पड़ेगा। भक्तों ने बारी-बारी से जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर बाबा को प्रसन्न किया। बाहर आकर दान पुण्य किया और माथे पर त्रिपुंड तिलक भी लगवाया। प्रसिद्ध मंदिर बाबा भंवरनाथ को भव्य रूप से सजाया गया, जहां मंदिर परिसर में पूरा गहमा गहमी का माहौल है। लोगों की मान्यता है कि यहां पर विवाह के दौरान भगवान शिव तथा अन्य देवों का सीधा आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन सफल रहता है।
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DBDEBASHISH BHARATI
Feb 15, 2026 04:33:12
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