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Ashish RathoreAshish RathoreFollow5 Sept 2024, 05:51 am
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बोरवेल में फंसे मासूम भोमाराम के लिए रेस्क्यू जारी; 550 फीट पर पत्थर बनी बड़ी बाधा

Noida, Uttar Pradesh:बोरवेल में फंसे मासूम भोमाराम को बचाने की जद्दोजहद जारी, 550 फीट पर अटका पत्थर बना बड़ी बाधा जोधपुर। लोहावट के नौसर क्षेत्र की पूनिया की ढाणी में बोरवेल में गिरे मासूम भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय स्तर पर जुटी टीमें बच्चे तक पहुंचने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही हैं। करीब 1050 फीट गहरे बोरवेल में मासूम के लगभग 600 फीट की गहराई पर फंसे होने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू अभियान में करीब 550 फीट पर अटका एक पत्थर सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। पत्थर हटाने पर टिकी रेस्क्यू की उम्मीद रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आया है कि बोरवेल में करीब 550 फीट की गहराई पर एक पत्थर अटका हुआ है। इसके कारण बचाव अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे कैमरे और अन्य उपकरणों को आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है। साथ ही, बच्चे तक भोजन-पानी पहुंचाने के प्रयास भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग मिलकर सबसे पहले पत्थर को हटाने में जुटे हैं, ताकि आगे का रास्ता साफ हो सके और मासूम तक पहुंचने के प्रयास तेज किए जा सकें।
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नवा रायपुर में यश इलेक्ट्रॉनिक प्लांट का भूमिपूजन, 150 करोड़ निवेश से रोजगार के अवसर

Begun, Rajasthan:छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया गया है.. नवा रायपुर के सेक्टर-22 में यश फैंस के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूमिपूजन किया.. इस मौके पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी मौजूद रहे.. करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और उनके कलपुर्जों का निर्माण किया जाएगा.. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस परियोजना से साढ़े तीन हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है.. वहीं, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए करीब साढ़े 9 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिल चुके हैं.. सरकार का दावा है कि उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने के लिए लगातार प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में निवेश बढ़े और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें..
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विस्तारित लखनऊ के लिए 7,603 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी गई

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ का दायरा बढ़ा, सुविधाओं के लिए हजारों करोड़ की जरूरत एंकर - लखनऊ... प्रदेश की राजधानी का तेजी से विस्तार हो रहा है। शहर का दायरा बढ़ा तो नगर निगम की जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं। पहले 310 वर्ग किलोमीटर में फैला लखनऊ नगर निगम का क्षेत्र अब बढ़कर 568 वर्ग किलोमीटर हो गया है। यानी शहर के दायरे में 258 वर्ग किलोमीटर का इजाफा हुआ है। नए क्षेत्रों को भी सड़क, नाली, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अब बड़ी चुनौती है। इसी जरूरत को देखते हुए लखनऊ के विकास के लिए 7,603 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा गया है। गोमती नदी के आसपास बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने की जरूरत भी इस चुनौती को बढ़ा रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या हजारों करोड़ रुपये की इस मांग से विस्तारित लखनऊ की तस्वीर बदलेगी? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट。 वीओ- लखनऊ का दायरा बढ़ा है, तो विकास की जरूरतें भी पहले से ज्यादा हो गई हैं। नगर निगम का क्षेत्रफल 310 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 568 वर्ग किलोमीटर हो चुका है। यानी 258 वर्ग किलोमीटर का अतिरिक्त क्षेत्र अब नगर निगम की जिम्मेदारियों में शामिल है। नए इलाकों में आबादी बढ़ने के साथ सड़क, नाली, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है।नगर निगम के सामने चुनौती सिर्फ नए क्षेत्रों को अपने दायरे में शामिल करने की नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों तक नियमित नागरिक सुविधाएं पहुंचाने की भी है। कहीं सड़क और जल निकासी की जरूरत है, तो कहीं सीवर नेटवर्क, सफाई और प्रकाश व्यवस्था ka विस्तार जरूरी है। ऐसे में शहर के बढ़ते क्षेत्रफल के अनुरूप बजट और संसाधनों की व्यवस्था करना अहम हो गया है。 वीओ- इसी जरूरत को देखते हुए लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने छठे राज्य वित्त आयोग के सामने 7,603 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा है। इस मांग का उद्देश्य विस्तारित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की जरूरत को सामने रखना है。 इसमें सड़क निर्माण, नाली और सीवर व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे अहम हैं। इसके साथ ही गोमती नदी के आसपास बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की जरूरत भी है। हालांकि, 7,603 करोड़ रुपये की राशि फिलहाल वित्तीय सहायता का प्रस्ताव है। इसे मंजूरी मिलने, धनराशि आवंटित होने और संबंधित परियोजनाओं पर काम शुरू होने की स्थिति अलग-अलग होगी। इसलिए अब निगाह इस बात पर है कि प्रस्ताव पर क्या निर्णय होता है और विकास कार्यों के लिए धन कब उपलब्ध हो पाता है。 वीओ- शहर के विस्तार के साथ बुनियादी सुविधाओं का दबाव केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। बारिश के दौरान जलभराव, नालों की क्षमता, सीवर व्यवस्था और कचरे का नियमित निस्तारण भी बड़ी चुनौतियां हैं। गोमती नदी के आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद मरम्मत और व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत और बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि विकास की योजना केवल नए निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि पुराने ढांचे की मरम्मत, जल निकासी, नियमित सफाई और भविष्य में जलभराव से निपटने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए। इसके लिए क्षेत्रवार जरूरतों का आकलन, परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करना और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना अहम होगा。 वीओ- अब सबसे बड़ा सवाल यह है? कि विस्तारित लखनऊ में विकास की शुरुआत कहां से होगी? किन इलाकों में सड़क, नाली और सीवर की सबसे ज्यादा जरूरत है? पेयजल और स्ट्रीट लाइट की कमी वाले क्षेत्रों की पहचान कैसे होगी? कितनी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार है? और कितने कामों के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है? इन सवालों के जवाब से ही स्पष्ट होगा कि 7,603 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को जमीन पर विकास में बदलने की कार्ययोजना कितनी तैयार है। नगर निगम के लिए जरूरी होगा कि वह क्षेत्रवार योजना, बजट की उपलब्धता और काम पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट करे, ताकि शहर के विस्तार का लाभ वहां रहने वाले लोगों तक पहुंच सके。 टीटी - सुषमा खर्कवाल मेयर लखनऊ चश्मा खारवाल ने बताया कि 14 तारीख को वित्त आयोग में मैं 7603 करोड़ की मांग की थी विकास कार्यों के लिए और उम्मीद है कि 7 से 10 दिन में यह राशि आ जाएगी तो फैजुल्लागंज के साथ-साथ लखनऊ के जितने इलाके नगर निगम में आए हैं बढ़े हुए जोन में सबका विकास किया जाएगा। जनवरी-फरवरी तक राजधानी की सूरत बदल जाएगी।
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एक दिन की डीएम बनी श्रद्धा ने सुनी समस्या

VKVikas KumarFollow5m ago
Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर जिले की एक दिन की जिलाधिकारी बनी श्रद्धा पांडेय। बीते 10 (हाई स्कूल) बोर्ड के परिणाम में प्रदेश में 6वां स्थान लाने पर उन्हे प्रोासाहित या मार्गदर्शन व महिलाओं को मोटिवेट करने को लेकर यह कार्यक्रम किया गया। जिसमें उन्हे एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया जिसमे उन्होंने एक फरियादी से उनकी। समस्या भी सुनी। कोई मीडिया से बात करते हुए सिविल सर्विसेज की तैयारी में भविष्य बनाने की भी बात श्रद्धा पांडेय मीडिया से कही। इसके अलावा जिलाधिकारी शिव शरण अप्पा जी एन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने में प्रोत्साहित करने को लेकर इस तरीके के प्रोग्राम आयोजित किए गए इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और वह बेहतर भविष्य की तरफ आगे बढ़ेंगे।
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बालेसर पुलिस ने हथियार तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 1 पिस्टल समेत दो गिरफ्तार

Jodhpur, Rajasthan:आने वाले पंचायतीराज चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त संपन्न कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बालेसर पुलिस और डीएसटी (DST) टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को डीएसटी टीम ने एक पुख्ता सूचना के आधार पर रामनगर से चांचलवा जाने वाले कच्चे रास्ते पर नाकाबंदी की। इस दौरान एक काले रंग की थार गाड़ी (नंबर GJ 09 BK 0515) को रुकवाकर उसकी सघन तलाशी ली गई। पुलिस ने गाड़ी के डैशबोर्ड में छुपा कर रखी गई 1 देशी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मौके से दो आरोपियों, गिरधारीराम और गणपतराम को गिरफ्तार कर हथियार व थार गाड़ी जब्त कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गिरधारी एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पूर्व में हत्या व अन्य संगीन धाराओं में 4 मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बालेसर पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियार तस्करों के विरुद्ध यह एक बेहद प्रभावी कार्रवाई है।
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गोरखपुर में पालतू कुत्ते बफी के श्रद्धांजलि कार्ड और ब्रह्मभोज ने दिल जीता

Gorakhpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से इंसान और बेजुबान के बीच प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो भावुक करने के साथ ही लोगों का ध्यान भी खींच रही है। यहां एक परिवार ने अपने पालतू कुत्ते की मौत के बाद उसे श्रद्धांजलि देने के लिए बाकायदा कार्ड छपवाया। कार्ड पर कुत्ते की तस्वीर के साथ 'विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा गया और ब्रह्मभोज का निमंत्रण भी दिया गया। यह कहानी आजाद नगर निवासी अनिल मिश्रा और उनके पालतू कुत्ते बफी की है, जो परिवार के लिए महज एक जानवर नहीं, बल्कि घर का अभिन्न हिस्सा बन चुका था। बफी के निधन के बाद परिवार ने जिस तरह उसे याद किया, उसकी चर्चा अब इलाके में हो रही है। बफी के लिए श्रद्धांजलि कार्ड के बारे में बताया गया है। आजाद नगर में एक पालतू कुत्ते के निधन के बाद परिवार की ओर से दी गई श्रद्धांजलि चर्चा का विषय बनी हुई है। अनिल मिश्रा के पालतू कुत्ते बफी का परिवार के हर सदस्य से गहरा लगाव था। बफी घर में रहते-रहते परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ रिश्तेदार भी उसे बेहद प्यार करते थे। बफी के निधन के बाद परिवार ने उसकी याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया। इसके लिए बाकायदा श्रद्धांजलि कार्ड छपवाया गया, जिसमें बफी की तस्वीर को सुनहरे रंग की सजावट के बीच जगह दी गई। कार्ड पर लिखा 'विनम्र श्रद्धांजलि'। ब्रह्मभोज का निमंत्रण इस कार्ड की खास बात यह है कि इसमें सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में 'विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा गया है। इसके नीचे 'स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण' का संदेश दिया गया है। कार्ड पर बफी की तस्वीर के साथ कार्यक्रम का निमंत्रण भी छापा गया। ब्रह्मभोज का आयोजन गोरखपुर के आजाद नगर स्थित मकान नंबर 454 बी में किया गया। एक पालतू कुत्ते की याद में इस तरह श्रद्धांजलि कार्ड छपवाना और कार्यक्रम आयोजित करना दिखाता है कि परिवार के लिए बफी कितना खास था। दरअसल, पालतू जानवरों के साथ रहने वाले परिवारों के लिए उनका रिश्ता केवल देखभाल तक सीमित नहीं रहता। समय के साथ वे परिवार के सदस्यों की आदतों, भावनाओं और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। उनके निधन से घर में खालीपन महसूस होना स्वाभाविक है। अनिल मिश्रा और उनके परिवार के लिए भी बफी ऐसा ही साथी था। उसके जाने के बाद परिवार ने उसकी यादों को संजोने और अपने स्नेह को व्यक्त करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया। अनिल मिश्रा ने बफी के साथ बिताए समय, परिवार के लगाव और उसके निधन के बाद श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करके एक जानवर के प्रति इंसानियत के लगाव की मिसाल पेश की है। गोरखपुर की यह कहानी एक बार फिर बताती है कि प्यार और अपनापन केवल इंसानों के बीच ही नहीं, बल्कि इंसान और बेजुबान जानवरों के बीच भी गहरा रिश्ता बना सकता है। बफी अब इस परिवार के बीच मौजूद नहीं है, लेकिन उसकी यादें आज भी परिवार के लिए खास हैं। श्रद्धांजलि कार्ड और ब्रह्मभोज का आयोजन उसी भावनात्मक जुड़ाव की एक मिसाल है, जिसने बफी को परिवार के लिए खास बना दिया था।
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SI भर्ती पेपर लीक: बाप ने बेटे को लीक पढ़वाया, डमी उम्मीदवार से SI

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। परीक्षा में लगातार रिश्तों की दीमक की भी जड़ें लगातार सामने आ रही है। कहीं बाप पर बेटे को परीक्षा से पहले लीक प्रश्नोत्तर पढ़वाकर एसआई बनवाने का आरोप है, तो कहीं जीजा को थानेदार बनाने के लिए 10 लाख रुपए में डमी कैंडिडेट बैठाने का खेल सामने आया है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है। इसमें सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है , क्या मेहनत से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के हक पर पेपर लीक और डमी कैंडेट के जरिए डाका डाला गया?
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हिमाचल में नए जिलों के गठन पर राजनीति तेज, आयोग की रिपोर्ट से फैसला

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश सरकार की ओर से आयोग गठित किए जाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है। नए जिलों के गठन पर फैसला आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। आयोग को छह महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया है। नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश में नए जिलों के गठन की मांग लंबे समय से उठती रही है। अलग-अलग क्षेत्रों के लोग प्रशासनिक सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए यह मांग करते रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने आयोग का गठन किया है, ताकि सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग बनाने का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर करना, लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। यह कदम किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए उठाया गया है। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए नरेश चौहान ने कहा कि जब सरकार ने अभी केवल आयोग का गठन किया है और उसे रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है, तो भाजपा इतनी जल्दी विरोध क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किन क्षेत्रों में नए जिले बनाने की आवश्यकता है और यह प्रक्रिया कितनी व्यावहारिक होगी। ऐसे में रिपोर्ट आने से पहले विरोध करना उचित नहीं है। नरेश चौहान ने भाजपा से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा नए जिलों के गठन के पक्ष में नहीं है, तो उसे अपनी स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, जनता को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं देने जैसे विषय पर राजनीतिक विरोध के बजाय व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा होनी चाहिए.
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लातूर जिला बैंक चुनाव: महायुती में फूट की चर्चा, मंत्री बाबासाहेब पाटील ने स्पष्ट किया

Latur, Maharashtra:लातूर जिल्हा बँकेच्या निवडणुकीत महयूतीच्या भूमिकेवर सहकार मंत्र्यांचं स्पष्टीकरण....सहकार क्षेत्रात पक्षावर निवडणुका नसतात... बाबासाहेब पाटील यांची भूमिका...जिथे पक्षीय निवडणुका, तिथे महायुती एकत्र ... सहकार मंत्र्यांचं स्पष्टीकरण.... लातूर जिल्हा बँकेच्या निवडणुकीत महायुतीत फूट पडलीय का ? या चर्चांना आता सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील यांनी उत्तर दिलंय... सहकार क्षेत्रातील निवडणुका पक्षीय पातळीवर होत नसल्याचं स्पष्ट करत, आतापर्यंत काँग्रेससोबत मिळून बँकेच्या निवडणुका लढवल्याचं त्यांनी सांगितलंय... ज्या ठिकाणी पक्षीय पातळीवर निवडणुका होतील, तिथे महायुती म्हणून आम्ही एकत्र राहू, अशी भूमिका बाबासाहेब पाटील यांनी मांडलीय... विशेष म्हणजे, लातूर जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँकेच्या निवडणुकीत सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील आणि काँग्रेसचे माजी आमदार धीरज देशमुख एकाच गाडीतून आल्याचं पाहायला मिळालं... धीरज देशमुख यांच्या उपस्थितीत बाबासाहेब पाटील यांचे बंधू अविनाश जाधव यांचा उमेदवारी अर्जही दाखल केलाय... दुसरीकडे, कालच राष्ट्रवादी काँग्रेसचे प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे यांनी महायुती म्हणून निवडणुका लढवणार असल्याचं स्पष्ट केलं होतं... त्यामुळे आता सहकार मंत्र्यांच्या या भूमिकेनंतर लातूर जिल्हा बँकेच्या निवडणुकीतील राजकीय समीकरणांबाबतच्या चर्चांना नवं वळण मिळालंय...
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रेवाड़ी के जहरीले पानी को झज्जर ड्रेन-8 में डालने के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन

Jhajjar, Haryana:रेवाड़ी क्षेत्र का जहरीला पानी झज्जर की ड्रेन नंबर 8 में डाले जाने से बादली क्षेत्र के ग्रामीण नाराज: कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के साथ नाराजगी जाहिर करने के लिए डीसी से मिले ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन; जहरीले पानी को लेकर विधायक का कड़ा रुख, सीधा दे डाली शासन और प्रशासन को चेतावनी कहा: खामोशी को कमजोरी ना समझे, नहीं रुका जहरीला पानी तो मौके पर ग्रामीणों के साथ वह स्वयं बैठेंगे मौके पर लेकर लट्ठ; कांग्रेस विधायक बोले, नस्ल और फसल को बचाने के लिए लड़ी जा रही है लड़ाई; मामले में हो चुकी है कई गांवों की पंचायत, ग्रामीण नहीं चाहते झज्जर की ड्रेन में डाला जाए रेवाड़ी जिले का जहरीला पानी; राव इंद्रजीत, नरवीर और लक्ष्मण यादव को दी खुली चुनौती, झज्जर आने वाला पानी इतना साफ और अच्छा है पानी तो अपने क्षेत्र के लिए बचा कर रखें; जिला उपायुक्त और मुख्यमंत्री से की रेवाड़ी से झज्जर आने वाले इस पानी को रोकने की मांग; गुलिया खाप के प्रधान विनोद ने भी जताई गहन नाराजगी, कहा: किसी भी सूरत में बादली क्षेत्र में नहीं आने देंगे यह जहरीला पानी; विधायक वत्स ने सभी दलों के नेताओं से की राजनीति से ऊपर उठकर इस मामले में सहयोग करने की अपील
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आज़ादपुर मंडी में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन, आधुनिक सुविधाओं की शुरुआत

New Delhi, Delhi:मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से आज़ादपुर मंडी में विकास कार्यों की शुरुआत, उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न लोकेशन – आज़ादपुर मंडी दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (DAMB) और मंडियों से जुड़े विकास कार्यों के उद्घाटन एवं शिलान्यास के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मंडियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इन विकास कार्यों का उद्देश्य मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाना, किसानों और व्यापारियों को सहूलियत देना और कृषि व्यापार व्यवस्था को अधिक आधुनिक बनाना है। आज़ादपुर मंडी देश की प्रमुख फल एवं सब्जी मंडियों में शामिल है। ऐसे में यहां होने वाले विकास कार्यों से मंडी की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है
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