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Devendra RangireDevendra RangireFollow9 May 2025, 12:15 pm

Balaghat - मंत्री प्रहलाद पटेल का बालाघाट दौरा: पूजा और भ्रमण का खास कार्यक्रम

Balaghat, Madhya Pradesh:

 प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल शनिवार को जिले के प्रवास पर रहेंगे। मंत्री श्री पटेल के दौरा कार्यक्रम अनुसार वह शुक्रवार शाम 6:30 बजे डुमना एयरपोर्ट जबलपुर से कार द्वारा लखनादौन, सिवनी व लालबर्रा होते हुए रात्रि करीब 10 बजे बालाघाट पहुचेंगे। शनिवार 10 मई को पंचायत मंत्री श्री पटेल सुबह 8 बजे देव नदी के उद्गम स्थल चौरिया के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां वह पूजन व भ्रमण कर दोपहर 12 बजे सोन नदी के उद्गम स्थल छिंदीटोला के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर करीब 1:30 बजे सोन नदी में पूजन व भ्रमण कर मंत्री श्री पटेल तन्नौर नदी के उद्गम स्थल किनारदा के लिए प्रस्थान करेंगे। करीब 3:15 बजे किनारदा पहुंच कर तन्नौर नदी के उद्गम स्थल पर पूजन करेंगे।

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पानीपत टेक्सटाइल क्लस्टर की नई नीति में अहम भूमिका तय

Panipat, Haryana:एशिया के सबसे बड़े रीसायकल हब पानीपत पर केंद्र की नजर, टेक्सटाइल मंत्रालय की टीम ने किया दौरा पीटीसी एशिया के सबसे बड़े रीसायक्ल टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान रखने वाले पानीपत में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम ने विभिन्न टेक्सटाइल इकाइयों का दौरा किया। यह दौरा मंत्रालय के लिए ‘आई-ओपनिंग’ साबित हुआ और भविष्य में बनने वाली नई टेक्सटाइल पॉलिसी में पानीपत की अहम भूमिका तय मानी जा रही है। ग्राउंड लेवल इनपुट्स से बनेगी पॉलिसी टेक्सटाइल मंत्रालय के निदेशक (सस्टेनेबिलिटी) गोपाल ने बताया कि पानीपत क्लस्टर का दौरा लंबे समय से प्रस्तावित था। टीम ने रीसायक्लिंग यूनिट्स, वीवर सर्विस सेंटर सहित कई इकाइयों का निरीक्षण किया, जहां से महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां मिलीं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बजट में घोषित योजनाओं को लागू करने के लिए ग्राउंड लेवल पर समस्याओं को समझ रहा है, ताकि नई पॉलिसी में इनका समुचित समाधान शामिल किया जा सके। गोपाल ने कहा कि गाजियाबाद स्थित NITRA लैब इस क्षेत्र को सेवाएं देती है। यदि इससे संबंधित कोई समस्या है, तो उद्योग जगत मंत्रालय को अपना प्रतिनिधित्व दे सकता है, जिस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पानीपत एक्सपोर्टर संगठन के प्रधान ललित गोयल ने बताया कि टीम ने अटल केंद्र, स्पिनिंग मिल, वीवर सर्विस सेंटर, CETP और हेरिटेज ओवरसीज जैसी इकाइयों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अटल केंद्र में कपड़ों की कतरनों से रुई और धागा बनाने की प्रक्रिया को सराहा गया। इंडस्ट्री की ओर से मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गईं: सभी CETP प्लांट्स को ZLD में बदलने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग नेशनल जूट बोर्ड (NJB) के माध्यम से रियायती दरों पर जूट यार्न उपलब्ध करवाना ललित गोयल ने बताया कि अतिरिक्त सचिव ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हरियाणा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनोद धमीजा ने कहा कि यह दौरा टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बेहद लाभकारी रहेगा और इससे उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा। पानीपत का यह दौरा केंद्र सरकार की आगामी टेक्सटाइल नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनता दिख रहा है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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Muzaffarpur में नाबालिग से दुष्कर्म; एक गिरफ्तार, दूसरा तलाश जारी

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:Muzaffarpur में कथैया थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ दो युवकों द्वारा दुष्कर्म की घटना का विवरण सामने आया है. घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इलाज चल रहा है. दुष्कर्म करने वाले दोनों आरोपी उसी गांव के रहने वाले बताए जाते हैं. एफएसएल की टीम मौके पर बुलायी गई थी. बयानी के मुताबिक घटना वही गांव के एक सुनसान चबर में घटित हुई है. पुलिस अब दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है.izə कथैया थाना क्षेत्र के एक गांव की घटना है.
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खंडवा में दिव्यांग साले की हत्या: जीजा को आजीवन कारावास

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा न्यायालय ने सिहाड़ा गांव में दिव्यांग साले की चाकू मारकर हत्या करने वाले जीजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। जीजा ने पिछले साल सितंबर माह में आपसी विवाद के चलते अपने साले की हत्या कर दी थी। खंडवा में साले की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी जीजा महेन्द्र उर्फ गणेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाईं है। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। घटना 20 सितंबर 2025 की है, जब पुराने विवाद के चलते आरोपी महेन्द्र उर्फ गणेश ने अपने दिव्यांग साले मनीष चांगरे पर चाकू से गर्दन, सीने और शरीर पर कई वार किए थे। गंभीर घायल मनीष को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। मामले में थाना मोघटरोड़ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर त्वरित जांच पूरी करते हुए चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई। लोक अभियोजन अधिकारी के अनुसार, यह जघन्य हत्या का मामला था। अभियोजन ने ठोस साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया है। यह फैसला अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है।
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चिचोली में 60 लाख के सड़क चौड़ीकरण पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच शुरू

Betul, Madhya Pradesh:बैरतूल जिले की नगर परिषद चिचोली में हाल ही में काया कल्प योजना के तहत 60 लाख रुपए की लागत से किए गए सड़क चौड़ीकरण कार्य में भ्रष्टाचार सहित बिना अनुमति पीडबल्यूडी सड़क पर निर्माण करने के गंभीर आरोप लगे थे और नगरीय प्रशासन विभाग से मामले की शिकायत भी हुई थी। शिकायत के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने 7 दिनों में मामले की जांच करने के आदेश भी जारी किए हैं। हालांकि नगर परिषद सीएमओ सभी आरोप को सिरे से नकार रहे है। बता दें कि वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा आर्य ने नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल से शिकायत कर आरोप लगाया है कि चिचोली नगर परिषद में जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक लोक निर्माण विभाग की सड़क पर बिना विभागीय अनुमति के सड़क चौड़ीकरण कार्य कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि नगर परिषद चिचोली द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण किया गया, जबकि इस सड़क के लिए लोक निर्माण विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट दस्तावेजों के तकनीकी स्वीकृति दी गई और टेंडर प्रक्रिया भी नियमों के विपरीत पूरी की गई। इस मामले में दुकानदारों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की पुरानी नाली को भी बिना अनुमति तोड़ा गया, जबकि विभाग ने स्वयं स्वीकार किया है कि संबंधित सड़क उसी के अधीन है। नगर परिषद ने भ्रष्टाचार करने और लोगों को चिह्नित कर परेशान करने के नाली तोड़ कर सड़क पूरी बनाए बिना छोड़ दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सड़क हस्तांतरित ही नहीं हुई तो नगर परिषद ने किस आधार पर निर्माण कार्य कराया और विभाग ने इसे रोका क्यों नहीं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कायाकल्प योजना के तहत नई सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि पुरानी सड़कों का सुधार किया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले में नगर परिषद सीएमओ का कहना है कि सड़क नियम से बनी है। शहरी क्षेत्र में होने की वजह से सड़क नगर परिषद के अधीन है। सड़क निर्माण में कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। अब देखना यह होगा कि नगरी प्रशासन के आदेश पर होने वाली जांच में क्या निकल कर सामने आता है और क्या कार्यवाही होती है。
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सोनभद्र के यूपी बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, इतिहास रचा सभी टॉपर्स लड़कियां

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम ने इस बार एक स्पष्ट संदेश दिया है—बेटियां अब हर मोर्चे पर आगे हैं। जिले के टॉपर्स की सूची में छात्राओं का दबदबा साफ नजर आया, जहां इंटरमीडिएट में चोपन की आकृति सिंह ने पहला स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि गुरुद्वारा इंटरमीडिएट कॉलेज का नाम रोशन किया, वहीं हाईस्कूल में भी बेटियों ने बाजी मारते हुए सफलता का परचम लहराया। कुल मिलाकर इस बार का रिजल्ट जिले के लिए बेटियों की उपलब्धियों का प्रतीक बनकर उभरा है। यूपी बोर्ड के घोषित परिणाम में सोनभद्र की मेधावी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। इंटरमीडिएट वर्ग में चोपन निवासी आकृति सिंह ने 90.60 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गुरुद्वारा इंटरमीडिएट कॉलेज, चोपन की छात्रा आकृति सिंह की इस उपलब्धि से जहां परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं विद्यालय का नाम भी गौरवान्वित हुआ है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। इंटरमीडिएट में ही आदित्य बिरला इंटर कॉलेज, रेनूकूट के हरिओम तिवारी ने 90.20 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि उसी विद्यालय के कुषाण कनौजिया और कलावती देवी शिक्षण संस्थान, पगिया खैराही की संध्या कुमारी ने 89.50 प्रतिशत अंक के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं हाईस्कूल वर्ग में भी बेटियों का जलवा देखने को मिला, जहां सोनाँचल इंटर कॉलेज, घोरावल की छात्रा सिंद्धू ने 95.17 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। एस वी एम इंटर कॉलेज, खड़िया योगीचौरा की अनुप्रिया कुशवाहा ने 94.67 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया, जबकि खुशी ने 94.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई। इसके अलावा अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं ने भी 94 प्रतिशत और 93.50 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर इस बार सोनभद्र के यूपी बोर्ड परिणाम में बेटियों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला है, जहां उन्होंने न सिर्फ परचम लहराया बल्कि यह साबित कर दिया कि अब हर क्षेत्र में बेटियाँ ही सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। इस सफलता को लेकर इंटरमीडिएट में जनपद में प्रथम स्थान हासिल करने वाली आकृति सिंह ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई में पूरा ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने हमेशा एक शिक्षक की तरह मार्गदर्शन किया और उन्होंने कहीं भी कोचिंग क्लास ज्वाइन नहीं की, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करती रहीं। आकृति ने बताया कि उनके परिजनों का पूरा सहयोग मिला और उनके भाई का एक नंबर से जनपद में प्रथम स्थान चूक जाना उनके लिए प्रेरणा बना, जिसे पूरा करने का संकल्प उन्होंने लिया। लगातार भाई के मार्गदर्शन और माता-पिता के सहयोग से ही यह सफलता संभव हो सकी। आगे की योजना को लेकर आकृति सिंह ने कहा कि वह एनडीए की तैयारी करेंगी। साथ ही उन्होंने बेटियों के लिए संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे हैं, बस उन्हें यह सोच छोड़नी होगी कि वे किसी भी रूप में बेटों से कम हैं, और परिवारों को भी चाहिए कि वे अपनी बेटियों को आगे बढ़ने में पूरा सहयोग दें। वहीं आकृति सिंह के पिता अजय सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समय अब बदल चुका है और बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है। हर अभिभावक को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और उनकी एक छोटी सी मोटर वाइंडिंग की दुकान है, लेकिन बेटी की पढ़ाई और परवरिश को लेकर उनकी सोच हमेशा बड़ी रही, जिसका परिणाम आज इस सफलता के रूप में सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कामयाबी में बेटी की मां का भी बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने उसे घरेलू कार्यों में उलझाने के बजाय पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया, जिसका नतीजा आज इस उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
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रामदेव जी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा: हजारों भक्तों का उमड़ पड़ा सैलाब

Tonk, Rajasthan:लांबा हरि सिंह थाना अंतर्गत झाडली गांव में बैरवा समाज तत्वाधान में भगवान श्री बाबा रामदेव जी महाराज परिवार और शिव पंचायत परिवार मूर्तियों का हवन कुंड में आहुतियां देने के साथ जयकारों के साथ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नौ हवन कुंडों में 38 यजमानों ने हजारों आहुतियां दी गई। इस मौके पर पहुंचे जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने भी हवन कुंड में आहुतियां दी। उन्होंने विश्व कल्याण की कामना के साथ प्रत्येक हिंदू धर्म के मानव को सनातन धर्म की पालना करने के साथ प्रतिदिन मंदिर पहुंच धार्मिक कार्यक्रमों मैं भाग लेना चाहिए। बैरवा समाज के लोगों ने मंत्री का स्वागत किया मंत्री ने मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। पंडितों ने भगवान रामदेव जी सुगना बाई डालाबाई भांजा पूंजा हरजी भाटी उसके पास ही शिव पंचायत परिवार मूर्तियों की मंत्रोच्चारण के साथ कलश पूजन कर ध्वज चढ़ा हवन कुंड में आहुतियां देने के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। महा आरती कर भोग लगा विशाल भंडारे में आसपास गांवों से आए हजारों लोगों को पंगत प्रसादी वितरण की गई。
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केशीघाट पर नाविकों की हड़ताल, शुल्क बढ़ोतरी ने पर्यटन की उम्मीद गिराई

Mathura, Uttar Pradesh:वृंदावन हादसा: 16 मौतों के बाद केशीघाट पर पसरा सन्नाटा, निगम की फीस और कड़े नियमों के चलते नाविकों की 'हड़ताल' मथुरा--यमुना नदी में हुए भीषण स्टीमर हादसे को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन केशीघाट की रौनक अभी तक नहीं लौटी है। 10 अप्रैल को हुए उस हादसे में 16 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसके बाद से ही प्रशासन और नाविकों के बीच खींचतान जारी है। वर्तमान में स्थिति यह है कि सुरक्षा के नाम पर नदी किनारे बल्लियां तो गाड़ दी गई हैं, लेकिन पर्यटकों को सैर कराने वाली नावें किनारे पर ही जंजीरों से बंधी खड़ी हैं। सुरक्षा के घेरे में यमुना, चेतावनी बोर्ड चस्पा हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम ने केशीघाट और पांटून पुल के आसपास सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने का दावा किया है। नदी के किनारों पर लकड़ी के खंभे गाड़कर बैरिकेडिंग की गई है ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बच सकें। साथ ही जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं जिन पर स्पष्ट लिखा है— "आगे गहरा पानी है, कृपया अंदर न जाएं." इसके अलावा नाविकों के लिए 17 बिंदुओं वाली एक नई गाइडलाइन भी जारी की गई है। सन्नाटे की वजह: पर्यटकों की कमी या नाविकों का विरोध? कभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले केशीघाट पर आज सन्नाटा पसरा है। जहां पहले 450 से 500 स्टीमर और नावें चला करती थीं, वहां अब एक भी नाव पानी में नहीं उतर रही है। पर्यटक केवल घाट पर घूमकर या किनारे खड़ी नावों में फोटो खिंचवाकर वापस लौट रहे हैं। इस गतिरोध की मुख्य वजह नगर निगम द्वारा तय की गई भारी-भरकम रजिस्ट्रेशन फीस है। नाविकों का आरोप है कि प्रशासन उनके हितों की अनदेखी कर रहा है। नाविकों का दर्द: "10 रुपये से सीधे 5000 का बोझ कैसे सहें?" स्थानीय नाविकों ने नगर निगम के नए 'बायलॉज' पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। नाविक घनश्याम के मुताबिक: * ऐतिहासिक शुल्क: पहले 6 महीने का लाइसेंस शुल्क मात्र 10 रुपये था, जिसे 2018-19 में बढ़ाकर 25 रुपये किया गया था। * वर्तमान मांग: अब नगर निगम छोटे स्टीमर के लिए 5,000 रुपये और बड़े स्टीमर के लिए 10,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस मांग रहा है। छोटी चप्पू वाली नावों के लिए भी 1,000 रुपये शुल्क तय किया गया है। नाविकों का कहना है कि 2018 के बाद से निगम ने लाइसेंस प्रक्रिया बंद कर दी थी और अब अचानक इतनी ज्यादा फीस वसूलना उनके रोजगार को खत्म करने जैसा है। भविष्य पर सवाल नगर निगम ने सुरक्षा की दृष्टि से लाइफ जैकेट तो बांटी हैं, लेकिन नाविकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक फीस कम नहीं होती और गाइडलाइन व्यवहारिक नहीं बनाई जाती, तब तक वे नावों का संचालन नहीं करेंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन और नगर निगम की सख्ती के बीच केशीघाट का पर्यटन और नाविकों की आजीविका दोनों ही मझधार में फंसे नजर आ रहे हैं।
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