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अनूपपुर में आयोजित हुआ नेशनल लोक अदालत, जिला न्यायालय और तहसील अदालतों में भी हुआ आयोजन

Sept 14, 2024 18:28:26
Anuppur, Madhya Pradesh

आज जिला न्यायालय अनूपपुर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका संचालन माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार किया गया। यह आयोजन अनूपपुर जिला न्यायालय के साथ-साथ तहसील सिविल न्यायालय कोतमा और राजेंद्र ग्राम में भी आयोजित किया गया। लोक अदालत में विभिन्न कानूनी मामलों का निस्तारण किया गया।

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DSDurag singh Rajpurohit
Jan 27, 2026 13:03:47
Barmer, Rajasthan:आदरनीय, यह डिजिटल/वेबसाइट के उपयोग के लिए भी हैं, अच्छी क्वालिटी के फोटो संलग्न हैं। बाड़मेर में OMR शीट घोटाला और पेपर लीक के खिलाफ़ भड़के युवा बाड़मेर में युवाओं का हालिया प्रदर्शन किसी एक परीक्षा या एक भर्ती तक सीमित असंतोष नहीं है, बल्कि यह उस गहरे अविश्वास की अभिव्यक्ति है जो बीते एक दशक में राजस्थान की भर्ती प्रणाली को लेकर लगातार मजबूत होता गया है। OMR शीट में कथित हेरफेर, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं ने युवाओं को इस बिंदु पर ला खड़ा किया है, जहां वे अब सुधार नहीं बल्कि संस्थागत पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर, महावीर पार्क के पीछे आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि OMR शीट बदलने जैसे आरोप केवल तकनीकी चूक नहीं हो सकते। परीक्षा के बाद यदि उत्तर पत्रक की शुचिता पर सवाल उठते हैं, तो पूरी चयन प्रक्रिया स्वतः संदिग्ध हो जाती है। शोधकर्ताओं और परीक्षा सुधारों पर काम करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, OMR आधारित परीक्षाओं में सबसे बड़ी चुनौती पोस्ट-एग्जाम इंटीग्रिटी होती है, यानि परीक्षा समाप्त होने के बाद डेटा की सुरक्षा। यदि इस चरण में पारदर्शिता नहीं हो, तो परिणामों पर भरोसा करना असंभव हो जाता है। इस प्रदर्शन में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु के विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोدारा समेत कई नेता जनप्रतिनिधि शामिल हुए। पेपर लीक: एक पैटर्न, कोई अपवाद नहीं प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने यह भी रेखांकित किया कि पेपर लीक अब “अपवाद” नहीं रहा, बल्कि एक दोहराया जाने वाला पैटर्न बन चुका है। पिछले वर्षों में सामने आए मामलों से यह स्पष्ट हुआ है कि लीक अक्सर परीक्षा से ठीक पहले या कुछ घंटे पहले होते हैं इसमें संगठित गिरोहों की भूमिका सामने आती है लाभ सीमित लोगों को मिलता है, जबकि नुकसान लाखों अभ्यर्थियों को इसका सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव यह है कि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों में हताशा और व्यवस्था के प्रति अविश्वास गहराता है। संस्थाओं पर अविश्वास: RPSC और चयन बोर्ड कटघरे में युवाओं की प्रमुख मांग है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को मौजूदा स्वरूप में भंग किया जाए। उनका तर्क है कि बार-बार घोटालों के बावजूद जवाबदेही तय नहीं होती जाँचें लंबी खिंचती हैं, लेकिन ठोस सजा नहीं दिखती संस्थागत सुधार की बजाय अस्थायी समाधान अपनाए जाते हैं लोक प्रशासन पर किए गए अध्ययनों में भी यह माना गया है कि जब किसी चयन संस्था की विश्वसनीयता गिरती है, तो केवल नियम बदलना पर्याप्त नहीं होता, संस्था की संरचना, तकनीकी प्रणाली और निगरानी तंत्र तीनों में बदलाव जरूरी होता है। CBI जांच की मांग: क्यों राज्य जांच पर भरोसा नहीं प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग रखी। इसके पीछे तर्क है कि राज्य स्तर की जांच एजेंसियां अक्सर प्रशासनिक दबाव में होती हैं कई मामलों में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती दोषियों तक पहुंचने से पहले मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है इसीलिए युवाओं ने 2014 से 2025 तक की सभी भर्तियों की समग्र और स्वतंत्र जांच की मांग रखी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गड़बड़ियां व्यक्तिगत स्तर पर हुईं या पूरे सिस्टम में समाई हुई हैं。 समस्या कहां है युवाओं के अनुसार भर्ती परीक्षाओं पर हुए विभिन्न शैक्षणिक अध्ययनों के आधार पर तीन प्रमुख कमजोरियां सामने आती हैं: 1. डिजिटल और फिजिकल सिक्योरिटी गैप _ प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर OMR स्कैनिंग तक कई स्तरों पर जोखिम 2. जवाबदेही का अभाव: निर्णय लेने वालों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय न होना 3. राजनीतिक और आर्थिक दबाव: भर्ती प्रक्रियाओं का बाहरी प्रभावों से मुक्त न होना यह आंदोलन क्या संकेत देता है बाड़मेर का यह प्रदर्शन केवल नाराजगी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यह उस पीढ़ी की आवाज़ है जो कह रही है कि अगर भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी, तो सामाजिक न्याय और समान अवसर की अवधारणा ही खोखली हो जाएगी। अब सवाल यह नहीं है कि घोटाले हुए या नहीं, सवाल यह है कि क्या व्यवस्था खुद को सुधारने के लिए तैयार है, या युवाओं का यह अविश्वास और गहराएगा? one टू वन राजेंद्र कड़वासरा, युवा नेता और एक बुजुर्ग शिक्षाविद् के साथ
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MIMohammad Imran
Jan 27, 2026 13:03:22
Jaipur, Rajasthan:जेडीए के ज़ोन बढ़े, निगरानी कमजोर: जयपुर में अवैध कॉलोनियों की बढ़ती समस्या लेख | जयपुर | 17 जनवरी 2026 जयपुर शहर को सुनियोजित विकास की ओर ले जाने के उद्देश्य से जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने हाल के वर्षों में ज़ोन की संख्या 35 से बढ़ाकर 70 कर दी। उम्मीद थी कि ज़ोन बढ़ने से निगरानी मजबूत होगी और अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है। वर्तमान में JDA की प्रवर्तन शाखा केवल 27 ज़ोन संभाल रही है, जबकि डेवलपमेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर (DEO) के अधीन महज़ 8 ज़ोन हैं। स्थिति यह हैकि कई अधिकारियों को एक साथ 3-3 ज़ोन का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया गया है। नतीजतन, प्रत्येक ज़ोन में औसतन 40 से 50 शिकायतें लंबित पड़ी हैं, जिन पर समय पर कार्रवाई नहीं हो पा रही। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आता है कि मास्टर प्लान लागू होने से पहले ही शहर के नए और पुराने दोनों इलाकों में अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। कॉलोनाइज़र बिना स्वीकृति के भूखंड काट रहे हैं, सड़कें और बुनियादी ढांचा विकसित कर रहे हैं, लेकिन प्रवर्तन तंत्र की कमजोर पकड़ के चलते ये गतिविधियां निर्बाध जारी हैं। JDA सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग की सहायता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई मामलों में पुलिस बल की मांग पहले ही कर दी जाती है, लेकिन समय पर फोर्स उपलब्ध नहीं होने से सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाइयां टल जाती हैं। इसका सीधा लाभ अवैध निर्माण करने वालों को मिल रहा है। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ज़ोन संरचना के साथ-साथ प्रवर्तन स्टाफ की संख्या और संसाधन नहीं बढ़ाए गए, तो ज़ोन बढ़ाने का निर्णय केवल कागज़ी सुधार बनकर रह जाएगा। अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल से न केवल शहर की यातायात, सीवरेज और जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ेगा, बल्कि भविष्य में इन्हें नियमित करने का बोझ भी आम नागरिकों पर ही आएगा। आज स्थिति यह है कि सवाल उठ रहे हैं— क्या ज़ोन बढ़ाने का उद्देश्य वास्तव में निगरानी बढ़ाना था, या यह केवल प्रशासनिक आंकड़ों तक सीमित रह गया? और सबसे अहम, लंबित शिकायतों और अवैध निर्माण की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? जयपुर जैसे तेजी से फैलते शहर में यदि समय रहते प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो सुनियोजित विकास की अवधारणा केवल दस्तावेजों तक सिमटकर रह जाएगी।
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KSKULWANT SINGH
Jan 27, 2026 13:03:01
Yamuna Nagar, Haryana:ढाई साल पुराने लूटकांड का खुलासा, नेपाली गैंग के दो आरोपी गिरफ्तार नौकर बनकर घर में घुसे, नशीला पदार्थ खिलाकर 10 लाख की लूट, SIT की बड़ी कार्रवाई एंकर: यमुनानगर में ढाई साल पुराने लूट के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जून 2023 में हुई इस वारदात में एक नेपाली गैंग ने घर में नौकर बनकर रहकर वारदात को अंजाम दिया था। लंबे समय तक मामला अनट्रेस रहने के बाद अब डेटा एनालिसिस और पैटर्न क्राइम के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है。 वीओ:13 जून 2023 की रात यमुनानगर के एक घर में लूट की वारदात हुई थी। पुलिस ने उस समय काफी प्रयास किए, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के कारण मामला अनट्रेस घोषित कर दिया गया था। इसके बाद जिले में हुए इसी तरह के मामलों का अध्ययन किया गया और पैटर्न एनालिसिस के जरिए जांच आगे बढ़ाई गई。 एसपी यमुनानगर के निर्देशन और एएसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित की गई। जांच में सामने आया कि एक युवक नेपाल से आकर घर में नौकर बनकर करीब ढाई महीने तक रहा। इस दौरान उसने परिवार का विश्वास जीता और पूरी रेकी की। फिर एक रात परिवार को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर अपने चार साथियों को बुलाया और लूट को अंजाम दिया。 आरोपियों ने मालिक और मालकिन से मारपीट कर करीब 10 लाख रुपये नकद, ज्वैलरी और पहने हुए गहने लूट लिए थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने पुणे से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पीड़ित के सामने पेश करने पर उनकी पुख्ता पहचान हुई, जिसके बाद दोनों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में पेश कर आरोपियों का 6 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है。 पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अलग-अलग जगह अलग नामों से काम करता था, जैसे भरत, हरिबोल, हरीश और हेमू सरकार。 बाइट :  केवल सिंह ,एसएचओ स्पेशल सेल. “यह नेपाली गैंग कैलाली और अच्छाम जिले से संबंधित है। ये लोग कुछ समय तक घर में रहकर भरोसा जीतते हैं, फिर नशीला पदार्थ देकर गैंग के साथ मिलकर लूट करते हैं। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, बाकी की तलाश जारी है。” Last वीओ : पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों की भी जांच की जा रही है。
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AMANIL MOHANIA
Jan 27, 2026 13:01:23
Nalhar, Haryana:नूंह जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज बारिश दर्ज की गई। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर बाद हुई झमाझम बरसात ने पूरे इलाके का मौसम सुहावना बना दिया। बारिश के साथ ठंड में भी इजाफा हो गया है, जिसके चलते लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। हालांकि ठंड बढ़ने से आमजन को थोड़ी असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी गई। उनका कहना है कि इस समय की बारिश फसलों के लिए बेहद लाभदायक होती है। खासकर गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी की फसलों के लिए यह पानी अमृत समान माना जाता है। इलाके के लोगों का मानना है कि इस मौसम में होने वाली बारिश में प्राकृतिक कैल्शियम जैसे तत्व होते हैं, जो जमीन की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होते हैं। यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि न हो तो यह “सोने वाली बरसात” साबित होती है। मेवाती भाषा में भी ऐसी लाभदायक वर्षा को ‘सोने वाली बरसात’ कहा जाता है, जो पूरे साल के लिए खुशहाली का संदेश लेकर आती है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर हुई यह वर्षा फसलों की बढ़वार के लिए महत्वपूर्ण है। इससे सिंचाई पर खर्च कम होगा और उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। हालांकि ठंड में बढ़ोतरी से कुछ दिनों तक जनजीवन प्रभावित रह सकता है, लेकिन यह ठंड भी फसलों के लिए जरूरी मानी जाती है। कुल मिलाकर, नूंह जिले में हुई यह बारिश किसानों, व्यापारियों और आम जनता के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। यदि मौसम यही संतुलित बना रहता है और ओलावृष्टि जैसी कोई विपरीत स्थिति नहीं बनती, तो यह वर्षा जिले की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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ADAnup Das
Jan 27, 2026 12:56:51
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস *সরস্বতী বিসর্জনে বিশৃঙ্খলা ঘটনার চার যুবক গ্রেপ্তার আদালতে পেশ কোতোয়ালী থানার পুলিশের আজ।* সরস্বতী পুজোর বিসর্জন পর্বেই অশান্তির ছায়া কৃষ্ণনগর শহরে হয়েছিল। গত রবিবার রাতে সরস্বতী প্রতিমা বিসর্জনকে কেন্দ্র করে কার্যত রণক্ষেত্রের চেহারা নিয়েছিল কৃষ্ণনগর শহরের রাজপথ,একাধিক বারোয়ারির মধ্যে শুরু হয় তীব্র গন্ডগোল, যা মুহূর্তের মধ্যেই ইটবৃষ্টিতে রূপ নিয়েছিল, দুটি বারোয়ারির মধ্যে সংঘর্ষ এতটাই ভয়াবহ আকার ধারণ করেছিল যে এলাকায় আতঙ্ক ছড়িয়ে পড়ে। সে খবর আমরা দেখিয়েছিলাম,পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে তৎপর হয়েছিল কৃষ্ণনগর কোতোয়ালী থানার পুলিশ। ঘটনার তদন্তে নেমে চার যুবককে গ্রেপ্তার করে পুলিশ। আজ ধৃত চারজনকে কৃষ্ণনগর জেলা আদালতে পেশ করা হয়েছে। আইনশৃঙ্খলা ভাঙার এমন ঘটনার বিরুদ্ধে কঠোর পদক্ষেপ নেওয়া হবে বলে পুলিশ সূত্রে জানানো হয়েছে। উৎসবেরআড়ালে বিশৃঙ্খলা ও হিংসা বরদাস্ত করা হবে না—এমনই কড়া বার্তা প্রশাসনের। বাইট পুলিশ আধিকারিক শিল্পী পাল।
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RKRupesh Kumar
Jan 27, 2026 12:56:37
Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल के हमलापुर स्थित सीनियर आदिवासी शासकीय बालक छात्रावास के अधीक्षक राजू इवने को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया गया है। अधीक्षक पर छात्रों को सामग्री के लिए मिलने वाली 6-6 हजार रुपये की राशि नियम विरुद्ध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे थे। दर्जनों छात्रों ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से की थी। छात्रों ने आवेदन में बताया कि अधीक्षक राजू इवने मनमाने तरीके से उनसे पैसे वसूलते थे और प्रवेश के समय प्रत्येक छात्र को गड्ढे,तकिए,चादर के लिए मिलने वाली करीब 6 हजार रुपये लिए गए। छात्रों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है,कई बार अधपका खाना परोसा जाता है। वहीं शौचालय कई दिनों तक साफ नहीं किए जाते और बिजली की व्यवस्था भी बदहाल है। छात्रों ने अधीक्षक पर दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं। शिकायत पत्र पर कुल 21 छात्रों के हस्ताक्षर हैं,जो पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर अधीक्षक राजू इवने को निलंबित कर दिया गया है। मामले में आगे की विभागीय जांच जारी है।
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BPBHUPESH PRATAP
Jan 27, 2026 12:56:21
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के जेवर कस्बे में सगाई समारोह के दौरान विवाद हिंसक हो गया। कार्यक्रम के दौरान मारपीट, गाड़ियों के शीशे टूटने और लूटपाट के आरोप लगाकर पीड़ित पक्ष ने थाना जेवर में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामलों में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मोहल्ला सल्लियान कस्बा जेवर निवासी कुँवरपाल के बेटे की सगाई 26 जनवरी को थी। गली में वाहनों को खड़ा करने को लेकर नितिन उर्फ दरिया पुत्र लोकेश और शिवकुमार उर्फ शिवा द्वारा वाहन हटाने के लिए कहा गया, पर विवाद हो गया। पीड़ितों ने कहा कि नितिन और शिवकुमार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, गाली-गलौच करते हुए हमला कर दिए। आरोप है कि लाठी-डंडों से मारपीट की गयी, महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और बीच-बचाव करने आये लोगों को भी नहीं बख्शा गया। आरोपियों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए, नकदी व मोबाइल छीन लिए और स्थल में अफरा-तफरी मचाई। पीड़ितों का कहना है कि हमला में कई लोग घायल हुए और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और नितिन उर्फ दरिया तथा शिवकुमार उर्फ शिवा को गिरफ्तार किया गया है; अन्य आरोपियों की भूमिका की जाँच की जा रही है; आगे की विधिक कार्रवाई जांच के बाद होगी।
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STSumit Tharan
Jan 27, 2026 12:56:03
Jhajjar, Haryana:झज्जर जिले के बेरी–कलानौर मार्ग पर कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। टैक्सी में सवार होकर मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को कार सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने पहले हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाई और फिर लूट की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार भिवानी निवासी एक परिवार टैक्सी में सवार होकर गुरुग्राम स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान बेरी–कलानौर मार्ग पर कार में सवार अज्ञात युवकों ने टैक्सी को रुकवाया। हथियारों के बल पर बदमाशों ने हवाई फायरिंग की, जिससे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद बदमाशों ने नकदी व अन्य सामान लुट लिया। घटना की सूचना मिलते ही झज्जर पुलिस मौके पर पहुंची। टैक्सी चालक पवन की शिकायत पर अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। लूट में शामिल बदमाशों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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ASAmit Singh
Jan 27, 2026 12:55:38
Siwan, Bihar:सीवान में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक hड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है। विरोध मार्च दाहा नदी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से बबूनिया मोड़ तक निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए जमकर नारे लगाए। वहीं सरकार से तुरंत फाइव-डे वर्किंग वीक लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, जबकि बाकी शनिवारों पर भी पूरे दिन काम करना पड़ता है। यह मांग 2015 से लंबित है। 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान नहीं निकलने के बाद UFBU ने हड़ताल का ऐलान किया था। जब तक सरकार सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। सीवान में इस हड़ताल और प्रदर्शन के कारण आज लगभग 200 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
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MKMANTUN KUMAR ROY
Jan 27, 2026 12:55:08
Bihar:50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित। सप्ताह में 5 दिनों की कार्य अवधि की मांग को लेकर बैंक कर्मी गए हड़ताल पर, बैंकों में लगा ताला। एंकर: सप्ताह में 5 दिनों की कार्य अवधि की मांग को लेकर यूनियन फॉर्म ऑफ़ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले भर के सरकारी बैंक के कर्मी स्ट्राइक पर चले गए हैं। जिस कारण भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताला लटका हुआ है। इधर बैंकों में ताला लगाने के बाद यूनियन फॉर्म ऑफ़ बैंक यूनियन के बैनर तले भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा के सामने विभिन्न बैंकों के कर्मी जूट कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर बैंक यूनियन से जुड़े लोगों ने कहा कि लंबे समय से बैंक कर्मी कर्ज भुज कितने दबे हैं जिस कारण सप्ताह में 5 दिन ही कार्य अवधि की मांग कर रहे हैं। पूर्व की वार्ताओं में सरकार ने 5 दिन कार्य अवधि करने की बात भी कही थी लेकिन अब तक सरकार बैंक कर्मियों की मांग को नहीं मान रही जिसे बैंक कर्मी परेशान हैं। बैंक कर्मियों ने बताया कि कर्मियों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य अवधि करने के साथ ही बैंक कर्मी प्रत्येक दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे। इस कार्य की गति और बढ़ेगी। अधिक कार्य बोझ रहने के कारण कभी-कभी मानवीय भूल की भी संभावना बनी रहती है पांच दिवसीय कार्य जब भी होने से इस पर लगाम लगेगी। समस्तीपुर जिले में भारतीय स्टेट बैंक समेत विभिन्न बैंकों की करीब 600 से अधिक शाखाएं हैं। आज सभी प्रकार के लेनदेन बंद रहा जिस कारण करीब 50 करोड़ से अधिक रुपए का कामकाज प्रभावित हुआ है। बैंक कर्मियों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो आज एक दिन का सांकेतिक हड़ताल है लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।
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