आगर मालवा मंडी में नई सोयाबीन फसल की आवक शुरू, पहली बोली 5177 रुपए प्रति क्विंटल
Agar, Madhya Pradesh:आगर मालवा जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में आज गुरुवार से सोयाबीन की नई फसल की आवक शुरू हो गई है। मालवा क्षेत्र में खरीफ सीजन में सोयाबीन का जमकर उत्पादन होता है। आज मंडी में ग्राम सुनेरा के किसान कुशल 5 क्विंटल सोयाबीन लेकर पहुंचे। यहां पर नीलामी हुई जिसमें व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर बोली लगाई। व्यापारी संतोष गोयल ने सबसे ऊंची बोली लगाते हुए 5177 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन खरीदी। इस बार अच्छी बारिश होने से क्षेत्र में सोयाबीन की बंपर फसल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च: विभाग ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी
Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी ओवरलोड रोकने के नाम पर 21 करोड़ की फिजूलखर्ची, जी मीडिया की खबर के बाद रिपोर्ट तलब! - परिवहन विभाग में PWM मशीनों की खरीद मामला, मुख्यालय ने सभी जिलों से PWM मशीनों के उपयोग और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी - किसी भी जिले में उपयोग नहीं की जा रही मशीनें, ओवरलोड मापना था उद्देश्य, मशीनें हुई कबाड़ जयपुर। राज्य में ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की योजना अधर में ही अटक गई है। परिवहन उड़नदस्तों के कामकाज को आसान बनाने के लिए उन्हें पोर्टेबल वेइंग मशीनें मुहैया कराई गई थी। लेकिन तकनीकी रूप से अक्षम मशीनें कभी भी उपयोग में ही नहीं आ सकी। इस पूरे मामले का जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को खुलासा किया था। अब परिवहन विभाग ने प्रदेशभर से इन मशीनों के उपयोग को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दरअसल जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को 'वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च, रिजल्ट जीरो!' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रसारित की थी। खबर में बताया था कि विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों का मौके पर वजन मापने और उन पर सख्त कार्रवाई करने के उद्देश्य से विभाग ने वर्ष 2022-22 में 21 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर 179 मशीनें खरीदी थी। पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर विभाग का दावा था कि इन मशीनों को परिवहन विभाग के प्रत्येक उड़नदस्ते को दिया जाएगा। इन मशीनों को उड़नदस्ते के परिवहन निरीक्षक अपनी साथ ही रखेंगे। किसी भी ओवरलोड वाहन को इस मशीन पर चढ़ाने पर उसका वजन किया जा सकेगा। इससे जो वाहन ओवरलोड होंगे, उनके आसानी से चालान किए जा सकेंगे। प्रत्येक वाहन को धर्मकांटे तक ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। लेकिन ये सब दावे कागजी साबित हुए। परिवहन विभाग ने 21 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर इन मशीनों की खरीद तो कर ली, लेकिन ये मशीनें सही मायनों में कभी उपयोग ही नहीं आ सकी। पोर्टेबल वेइंग मशीन घोटाले की गणित - वित्त विभाग ने 179 मशीन खरीद के लिए 27 करोड़ का फंड स्वीकृत किया - परिवहन विभाग ने मार्च 2022 में कम्पनी को 21.26 करोड़ का भुगतान किया - वर्ष 2022 में उड़नदस्तों को फील्ड में मशीनें मुहैया कराई गई - लेकिन मशीनें POS मशीनों से इंटिग्रेट नहीं की गई, न वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया - कम्पनी को 3 वर्ष की वारंटी, मेंटिनेंस और तकनीकी सहायता देनी थी - लेकिन इन शर्तों की पालना में भी कम्पनी पूरी तरह फेल रही वेइंग मशीनों को लेकर जांच शुरू जी मीडिया द्वारा 11 अगस्त को खुलासा किए जाने के बाद परिवहन मुख्यालय ने एक बार फिर पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब परिवहन मुख्यालय ने प्रत्येक RTO-DTO को पत्र भेजकर मशीनों के वास्तविक उपयोग और मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है。 अब मुख्यालय ने मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट - प्रत्येक RTO-DTO को आवंटित मशीन व उपलब्ध मशीनों की संख्या - उड़नदस्तों ने कितनी बार मशीन का उपयोग किया, इसकी संख्या - मशीन से बनाए ओवरलोड के चालान व जुर्माना राशि का विवरण - मशीनों के उपयोग का माहवार रिकॉर्ड, लॉगबुक-रजिस्टर की जानकारी मांगी - उपयोग नहीं ली जा रही मशीनों की संख्या, उपयोग नहीं करने के कारण - मशीनों में पाई गई तकनीकी खराबी, वारंटी, शिकायत की स्थिति - मशीन उपयोग के लिए कार्यालय स्तर पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी वजन सही नहीं मापा, इसलिए नहीं बने चालान परिवहन विभाग को जिन कुछ आरटीओ-डीटीओ से तथ्यात्मक जवाब मिले हैं, उनमें कहा गया है कि मशीन द्वारा ओवरलोड वाहनों का वजन सही नहीं बताया गया। मशीन में बताए गए वजन और धर्मकांटे पर किए गए वजन में काफी अंतर पाया गया। इससे ओवरलोड वाहनों के बहुत कम चालान किए गए। इस कारण उड़नदस्तों ने ज्यादातर मशीनों का उपयोग करना ही बंद कर दिया। इस कारण प्रदेशभर में लगभग सभी मशीनें अब स्टोर रूम में कबाड़ बनकर शोभा बढ़ा रही हैं।फलोदी जिले के सरपंच प्रत्याशीयों ने नामांकन दाखिल
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी सरपंच प्रत्याशीयो ने किये नामांकन फलोदी जिलेभर के सरपंच प्रत्याशीयों ने अपने ग्राम पंचायत कार्यालय में नामांकन किये दाखिल。 ग्राम पंचायत कार्यालय के आगे रहा मेले से माहौल। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल रहा तैनात。21 करोड़ की फिज़ूलखर्ची: PWM वेइंग मशीनें बेकार, रिपोर्ट मांगी गई
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - 21 करोड़ की फिजूलखर्ची, रिपोर्ट तलब! - परिवहन विभाग में PWM मशीनों की खरीद मामला - मुख्यालय ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट - PWM मशीनों के उपयोग और मौजूदा स्थिति - किसी भी जिले में उपयोग नहीं की जा रही मशीनें - ओवरलोड मापना था उद्देश्य, मशीनें हुई कबाड़ एंकर राज्य में ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की योजना अधर में ही अटक गई है। परिवहन उड़नदस्तों के कामकाज को आसान बनाने के लिए उन्हें पोर्टेबल वेइंग मशीनें मुहैया कराई गई थी। लेकिन तकनीकी रूप से अक्षम मशीनें कभी भी उपयोग में ही नहीं आ सकी। इस पूरे मामले का जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को खुलासा किया था। अब परिवहन विभाग ने प्रदेशभर से इन मशीनों के उपयोग को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। वीओ- 1 जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को 'वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च, रिजल्ट जीरो!' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रसारित की थी। खबर में बताया था कि विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों का मौके पर वजन मापने और उन पर सख्त कार्रवाई करने के उद्देश्य से विभाग ने वर्ष 2022-22 में 21 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर 179 मशीनें खरीदी थी। पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर विभाग का दावा था कि इन मशीनों को परिवहन विभाग के प्रत्येक उड़नदस्ते को दिया जाएगा। इन मशीनों को उड़नदस्ते के परिवहन निरीक्षक अपने साथ ही रखेंगे। किसी भी ओवरलोड वाहन को इस मशीन पर चढ़ाने पर उसका वजन किया जा सकेगा। इससे जो वाहन ओवरलोड होंगे, उनके आसानी से चालान किए जा सकेंगे। प्रत्येक वाहन को धर्मकांटे तक ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। लेकिन ये सब दावे कागजी साबित हुए। परिवहन विभाग ने 21 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर इन मशीनों की खरीद तो कर ली, लेकिन ये मशीनें सही मायनों में कभी उपयोग ही नहीं आ सकी। Gfx In पोर्टेबल वेइंग मशीन घोटाले की गणित - वित्त विभाग ने 179 मशीन खरीद के लिए 27 करोड़ का फंड स्वीकृत किया - परिवहन विभाग ने मार्च 2022 में कम्पनी को 21.26 करोड़ का भुगतान किया - वर्ष 2022 में उड़नदस्तों को फील्ड में मशीनें मुहैया कराई गई - लेकिन मशीनें POS मशीनों से इंटिग्रेट नहीं की गई, न वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया - कम्पनी को 3 वर्ष की वारंटी, मेंटिनेंस और तकनीकी सहायता देनी थी - लेकिन इन शर्तों की पालना में भी कम्पनी पूरी तरह फेल रही Gfx Out वीओ- 2 जी मीडिया द्वारा 11 अगस्त को खुलासा किए जाने के बाद परिवहन मुख्यालय ने एक बार फिर पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब परिवहन मुख्यालय ने प्रत्येक RTO-DTO को पत्र भेजकर मशीनों के वास्तविक उपयोग और मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है। Gfx In अब मुख्यालय ने मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट - प्रत्येक RTO-DTO को आवंटित मशीन व उपलब्ध मशीनों की संख्या - उड़नदस्तों ने कितनी बार मशीन का उपयोग किया, इसकी संख्या - मशीन से बनाए ओवरलोड के चालान व जुर्माना राशि का विवरण - मशीनों के उपयोग का माहवार रिकॉर्ड, लॉगबुक-रजिस्टर की जानकारी मांगी - उपयोग नहीं ली जा रही मशीनों की संख्या, उपयोग नहीं करने के कारण - मशीनों में पाई गई तकनीकी खराबी, वारंटी, शिकायत की स्थिति - मशीन उपयोग के लिए कार्यालय स्तर पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी Gfx Out क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरीभजनलाल सरकार के 34 महीने: किसानों की सौगातों की गहलोत से तुलना
Jaipur, Rajasthan:भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के पांच साल और अपने चौंतीस महीने के कार्यकाल के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है खेती किसानी से लेकर सिंचाईं तक के क्षेत्र में सरकार ने अपने कामकाज का पूरा ब्यौरा सामने रखा है, जिसमें चौंतीस महीने के कार्यकाल को पांच साल पर भारी करार दिया गया है वीओ गहलोत के पांच साल पर भजनलाल सरकार के चौंतीस महीने भारी पड़ रहे हैं भजनलाल सरकार ने किसानों को दी गई सौगातों का रिपोर्ट कार्ड जारी कर पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर हमला बोला है सरकार का दावा है कि गहलोत सरकार के मुकाबले उसने नहरी तंत्र की मजबूती, किसानों को दी जा रही सब Subsidy, फॉर्म पौंड निर्माण, खेतों पर तारबंदी, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों की स्थापना, फव्वारा संयंत्रों की सब Subsidy, शेडनेट हाउस, सोलर पंप सेट्स, पशु चिकित्सालयों के क्रमोन्नयन के साथ स्वामित्व कार्ड के वितरण में गहलोत सरकार से कहीं ज्यादा बेहतर काम करके दिखाया है ग्राफिक्स खेती,किसानी,नहरी तंत्र,पशुपालन भाजपा सरकार की अब तक की उपलब्धि गहलोत सरकार ने पांच साल में किया गुणांक नहरी तंत्र से सृजित सिंचाई सुविधा 1 लाख 42 हजार हैक्टर 52 हजार 182 हैक्टर पौने तीन गुना ज्यादा पाइपलाइन से सब्सिडी से लाभान्वित किसान 98 हजार 753 91हजार 582 - फॉर्म पौंड 35 हजार 893 29 हजार 430 सवा गुना फॉर्म पौंड 369 करोड़ रूपये 202 करोड़ पौने दो गुना खेतों पर तारबंदी 445 लाख मीटर 113 लाख मीटर चार गुना तारंबदी पर किसानों को सब्सिडी 511 करोड़ रूपये 113 करोड़ रूपये साढ़े चार गुना ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों की स्थापना 3 लाख 10 हजार हैक्टर 1 लाख 83 हजार हैक्टर पौने दो गुना ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों पर सब्सिडी 1 हजार 304 करोड़ रूपये 842 करोड़ रूपये डेढ़ गुना फव्वारा संयंत्रों पर सब्सिडी 393 करोड़ रूपये 238 करोड़ रूपये डेढ़ गुना शेडनेट हाउस 10 लाख 91 हजार वर्ग मीटर 8 लाख 60 हजार वर्ग मीटर सवा गुना शेडनेट हाउस पर दी गई सब्सिडी 45 करोड़ रूपये 15.78 करोड़ रूपये पौने तीन गुना सोलर पंप सेट की स्थापना 67 हजार 408 63 हजार 140 - बहु उद्धेशीय पशु चिकित्सालय क्रमोन्नयन 55 13 सवा चार गुना पशु चिकित्सालय ka प्रथम श्रैणी में क्रमोन्नयन 117 36 सवा तीन गुना स्वामित्व कार्ड वितरण 16 लाख 77 हजार 1 लाख 75 हजार साढे नौ गुना बाइट भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री वीओ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आंकड़ों के दम पर कांग्रेस को जनसभाओं से लेकर विधानसभा तक में ललकारते रहे हैं पर कांग्रेस इस मुददे पर हमेशा बहस से बचती रही है ऐसे में एक बार फिर भजनलाल सरकार ने किसानों को दी गई सौगातों का जिक्र कर कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर दिया है कांग्रेस से इस मामले में जवाब देते नहीं बन रहा बाबूलाल धायल जी मीडिया जयपुरलखीमपुर खीरी मितौली में मतदान केंद्र पर समाजवादी-बीजेपी में भारी टकराव
Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के मितौली में मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जमकर नोकझोक हुई । मामले में मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग कर मामला शांत कराया। लखीमपुर खीरी MLC चुनाव में 12 बजे तक शिक्षक 33.9 % जबकि स्नातक 18.7% मतदान हुआ है जैसे जैसे समय बीत रहा है वैसे मतदाताओं को संख्या बढ़ रही है।वाराणसी में बूथ पर सपा-भाजपा समर्थकों के बीच भारी नोकझोंक; आशुतोष सिंह लौटे
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में एमएलसी चुनाव के दौरान सपा स्नातक प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा से भिड़ गए भाजपा कार्यकर्ता जताया भारी विरोध वाराणसी के सदर तहसील बूथ पर वोट देने आए एमएलसी प्रत्याशी पर नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप। मतदान स्थल पर ही सपा नेता व भाजपा कार्यकर्ताओं की हुई नोकझोंक। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा प्रत्याशी पर नियमों के खिलाफ वोट प्रभावित करने का लगाया आरोप। बूथ पर ही पुलिस कर्मियों से हुई धक्का मुक्की व झड़प। बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद आशुतोष सिंह को लौटना पड़ा वापस。नरसिंहपुर कलेक्टर ने तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर अस्पताल भवन निर्माण की योजना समझाई
Narsinghpur, Madhya Pradesh:जन विश्वास अभियान के तहत नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह औचक निरीक्षण के लिए तेंदूखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की मौजूदा व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। यहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई भव्य हॉस्पिटल बिल्डिंग बनाई जानी है, जिसको लेकर कलेक्टर ने स्थल निरीक्षण किया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है जिससे कलेक्टर बोले नए बॉन्ड वाले चार डॉक्टर आए हैं, जैसे जॉइन करेंगे संख्या बढ़ जाएगी। और हम जिले से भी प्लान कर रहे हैं कि आसपास के ऐसे पीएचसी आदि हैं जहां डॉक्टर ज्यादा हैं, तो वहां से अटैचमेंट या पोस्टिंग कराये जायेंगे। कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि तेंदूखेड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जल्द ही नए आधुनिक भवन के साथ-साथ पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल सकेगी।अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी पर विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया
Ranchi, Jharkhand:केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी हस्तक्षेप के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और विश्व में देश का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। SIR के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आंदोलन के नाम पर भीड़तंत्र के जरिए लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र से चलता है, भीड़तंत्र से नहीं। दबाव बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि केवल संविधान की किताब लेकर घूमने से लोकतंत्र की रक्षा नहीं होती, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि देश की जनता लोकतंत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की देश को अस्थिर करने की मंशा कभी सफल नहीं होगी。मदन राठौड़ गांधी-वाड्रा परिवार पर फिर निशाना, क्या राजनीति बदलेगी?
Jaipur, Rajasthan:जयपुर से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चाओं में हैं। हाल ही में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान ने जमकर सुर्खियां बटोरी थीं। एक बार फिर मदन राठौड़ का बयान चर्चाओं में है, लेकिन इस बार राठौड़ के निशाने पर गांधी-वाड्रा परिवार है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान इन दिनों प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। मदन राठौड़ ने इस बार गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। पीएम की ओर से कांग्रेस पार्टी के ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने वाले बयान को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि पीएम ने जो बात कही, वो अनुभव के आधार पर कही। बार-बार प्रयास करने के बाद भी विपक्ष अपने नेता को लॉन्च करने में सफल नहीं हो पा रहा है। मदन राठौड़ ने कहा, उनको राजनीतिक शिक्षा की आवश्यकता है। राठौड़ के निशाने पर गांधी-वाड्रा परिवार। प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान को लेकर बोले मदन राठौड़। राठौड़ ने कहा- मुझे कहना नहीं चाहिए, फिर आप कहोगे कि विवादित बयान हो गया। रेहान का नाम आप ढूंढोगे तो उनका नाम रेहान राजीव गांधी लिया जा रहा है। कहाँ से कहां नाम लगा रहे हो, क्योंकि उसी परिवार से राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं। ऐसा क्यों, पापा कहां गए? नाम कहां से कहां लगा रहे हैं, क्योंकि उसी परिवार से राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं। ऐसा कहें या कुछ और। हमारे यहां परंपरा है, मां-बाप के नाम की। गांधी परिवार को लेकर मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को विचार करना चाहिए कि एक परिवारवाद के नाम पर कितنے दिन राजनीति करोगे। गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना साधते हुए मदन राठौड़ ने कहा, मुझे कहना नहीं चाहिए, फिर कहोगे कि विवादित बयान हो गया। प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान का जिक्र करते हुए कहा कि रेहान का जो नाम दिया जा रहा है, वो नाम आप ढूंढोगे तो रेहान राजीव गांधी लिया जा रहा है। राठौड़ ने पत्रकारों से कहा, अब आप बताओ, वाड्रा-राजीव नाम क्यों? पापा कहां गए? नाम कहां से कहां लगा रहे हैं, क्योंकि उसी परिवार से राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं। नाम साथ नहीं रहेगा तो राजनीति में जनता स्थान नहीं देगी। मदन राठौड़ ने कहा, अब इसको विवादित कहो या कुछ और, लेकिन हमारे यहां परंपरा है, मां का नाम होता है, पापा का नाम होता है, दादा का होता है। सब कुछ कहने के बाद मदन राठौड़ ने कहा, मैं इस विषय में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। मदन राठौड़ के बयान के बाद गांधी सरनेम को लेकर प्रदेश में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है।तोते के पिंजरे की तरह जेल में बंद आजम खान को दिखाकर अखिलेश यादव मुसलमानों को कर रहे ब्लैकमेल-मौलाना बरेलवी
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली: आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव की रामपुर यात्रा, फिर जेल में बंद आज़म खान से मिलने के बाद प्रेस को दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मौलाना ने कहा कि अखिलेश यादव को ग़लत फहमी हो गई है, कि आजम खान का जलवा आज भी कायम है। हां बहुत सालों पहले आज़म खान का जलवा हुआ करता था, मगर अब जलवा नहीं है, और न ही भविष्य के दिनों में जलवा रहने वाला है। इस का उदाहरण खुद रामपुर में देखा जा सकता है । लोकसभा के चुनाव में आज़म खान की मुखालफत के बावजूद मौलाना मोहेब्बुला नकवी जीते, खुद उनका क्षेत्र शहर विधानसभा, और उनके बेटे का क्षेत्र स्वार विधानसभा में वो लोग जीतने में कामयाब हो गए जो आज़म खान के घोर विरोधी है। इसलिए अखिलेश यादव की बातों को सही नहीं कहा जा सकता , वो भ्रमित है।
मौलाना बरेलवी ने कहा कि तोते के पिंजरे की तरह जेल में बंद आज़म खान को दिखाकर अखिलेश यादव मुसलमानों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। ये ब्लैकमेल करना 2027 के चुनाव में अखिलेश यादव को भारी पड़ेगा।
(जी न्यूज रिपोर्टर राहुल मिश्रा की रिपोर्ट)
