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Javed KhanJaved KhanFollow13 Sept 2024, 01:01 am
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Becharhat में CAG रिपोर्ट से पानी संकट, हजारों लोग प्यासे

Bardhaman, West Bengal:পিসএইচই-র নথিতে কাজ 'সম্পূর্ণ', বাস্তবে হাহাকার: বেচারহাটে চরম পানীয় জল সংকট। সুকুমার রায়ের 'অবাক জলপান'-এর গল্পের বাস্তব রূপ যেন ফুটে উঠেছে পূর্ব বর্ধমানের বেচারহাট ক্যানেল পাড়ে। এলাকার প্রায় তিন হাজার বাসিন্দা আজও এক ফোটা স্বাভাবিক পানীয় জলের জন্য হাহাকার করছেন। ​স্থানীয়দের অভিযোগ, ধরe এলাকায় নেই কোনো ওভারহেড ট্যাঙ্ক বা জলের পাম্প। রাস্তা খুঁড়ে সরু পাইপলাইনের মাধ্যমে বাড়ি বাড়ি কোনোমতে সংযোগ দেওয়া হয়েছিল প্রায় এক বছর আগে। কিন্তু পরিশ্রুত পানীয় জল মেলার বদলে ভোগান্তি বেড়েছে বই কমেনি। গত চার মাস ধরে জল সরবরাহ প্রায় বন্ধ ছিল। সম্প্রতি দিন কয়েক ধরে অনিয়মিতভাবে টিপটিপ করে জল মিললেও তার কোনো নির্দিষ্ট সময় নেই; কোনো দিন জল এলে পরদিনই আর দেখা মেলে না। রাজনৈতিক পরিবর্তন বা ভোটের পর নতুন সরকার আসলেও ভাগ্যের কোনো পরিবর্তন হয়নি এলাকার সাধারণ খেটে খাওয়া মানুষের। বাধ্য হয়ে আজও তাঁদের ভরসা করতে হচ্ছে দূর-দূরান্তের টিউবওয়েল বা ক্যানেলের অপরিশোধিত জলের ওপর। অথচ কাগজে-কলমে বাস্তব চিত্রটি সম্পূর্ণ আলাদা। ক্যাগের (CAG) সাম্প্রতিক রিপোর্টে এক চাঞ্চল্যকর গরমিল সামনে এসেছে। ওই রিপোর্ট অনুযায়ী, পিএইচই (PHE)-র বর্ধমান ডিভিশনের অধীনে থাকা এই ধরণের ১৫,০০১টি সংযোগের ক্ষেত্রে ট্যাঙ্ক ও পাম্প বসানোর কাজ নাকি সম্পূর্ণ হয়ে গেছে। সরকারি নথির সেই 'সম্পূর্ণ' কাজের দাবির সাথে বেচারহাটের গ্রাউন্ড রিপোর্টের কোনো মিল নেই. প্রশাসনিক এই উদাসীনতা ও গরমিলের বিরুদ্ধে ক্ষোভ জমছে স্থানীয়দের মন। অবিলম্বে এলাকায় স্থায়ী ওভারহেড ট্যাঙ্ক ও পাম্প বসিয়ে দ্রুত নিয়মিত পানীয় জল সরবরাহের সুব্যবস্থা করার দাবি জানিয়েছেন ভুক্তভোগী সাধারণ মানুষ.
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मालबाज़ार में 32वां विश्व आदिवासी दिवस: बाइक रैली और भाषाई मांगें

Mal Bazar, West Bengal:মালবাজারে ৩২তম বিশ্ব আদিবাসী দিবস উপলক্ষে রবিবার মালবাজারে অনুষ্ঠিত হল আদিবাসী সম্প্রদায়ের মানুষের বাইক র‍্যালি। রবিবার সকাল ১১টা নাগাদ এলেনবাড়ি চা-বাগান থেকে এই র‍্যালির সূচনা হয়। র‍্যালিতে উপস্থিত ছিলেন জলপাইগুড়ির সাংসদ ডা. জয়ন্ত রায় এবং মালের বিধায়ক শুক্রা মুন্ডা। আদিবাসী সম্প্রদায়ের বিভিন্ন সংগঠনের সদস্যরাও র‍্যালিতে অংশগ্রহণ করেন।এলেনবাড়ি থেকে শুরু হয়ে বাইক র‍্যালিটি ওদলাবাড়িতে পৌঁছয়। সেখানে বিরসা মুন্ডার মূর্তিতে মাল্যদান করা হয়। র‍্যালিতে অংশগ্রহণকারী যুবকদের হাতে জলের বোতল ও ঠান্ডা পানীয় তুলে দেন ওদলাবাড়ি বিশ্ব হিন্দু পরিষদের সদস্যরা। এরপর র‍্যালিটি মালবাজারের উদ্দেশ্যে রওনা দেয়। মালবাজারে পৌঁছনোর পর বিশ্ব আদিবাসী দিবসের মূল অনুষ্ঠানের আয়োজন করা হয়।এদিনের কর্মসূচি প্রসঙ্গে মালের বিধায়ক শুক্রা মুন্ডা বলেন, বিশ্বজুড়েই আদিবাসী দিবস পালিত হচ্ছে। আদিবাসীদের বিভিন্ন সংগঠন এই বাইক র‍্যালিতে অংশ নিয়েছে। তিনি জানান, আদিবাসী সংগঠনগুলির পক্ষ থেকে তাঁর কাছে একাধিক দাবি জানানো হয়েছে। এর মধ্যে রয়েছে তরাই-ডুয়ার্সকে অটোনমাস কাউন্সিলের অন্তর্ভুক্ত করা, সাদরি ভাষাকে সরকারি স্বীকৃতি দেওয়া এবং তরাই-ডুয়ার্স এলাকার সরকারি দফতরগুলিতে আদিবাসী ভাষা তথা সাদরি ভাষা বোঝেন—এমন ব্যক্তিদের নিয়োগ করা। এই দাবিগুলি তিনি ঊর্ধ্বতন কর্তৃপক্ষের কাছে তুলে ধরবেন বলে জানান বিধায়ক।পাশাপাশি আদিবাসীদের ‘জল, জঙ্গল ও জমিন’ সুরক্ষিত রাখার দাবিও এদিনের র‍্যালিতে উঠে আসে। নিজেদের অধিকার ও দাবিদাওয়া নিয়ে আদিবাসী সম্প্রদায়ের মানুষ এই কর্মসূচিতে সামিল হয়েছেন বলে জানান শুক্রা মুন্ডা।
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बिहार शिक्षा सुधार पर राजनीती गरम, NDA-परिवर्तन के दावे तेज

Patna, Bihar:जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा नई शिक्षा नीति जरूरी है हमारे जो छात्र हैं वह ग्रामीण प्रवेश के छात्र है। शिक्षा नीति लागू होने से पहले जब शिक्षा बाजार के हवाले गया तो ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक चुनौती है। तकनीकी रूप से संपन्न होंगे तो एक नई उम्मीद भी जागेगी. भाजपा प्रवक्ता ने कहा बिहार की सरकार शिक्षा को लेकर सम्राट सरकार शिक्षा को लेकर नियंत्रण कम कर रही है। सरकार का यह काम स्वागत योग है छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, बेहतर परीक्षा हो, AI तकनीकी की शिक्षा मिले。 परीक्षा सुधार समिति से बिहार में शिक्षा में सुधार आएगी। हाथरस से वीर लगाने से छात्रों की समस्या का समाधान होगा。 रजत के प्रवक्ता ने कहा सम्राट चौधरी जी शिक्षा में परिवर्तन के लिए घोषणा कर रहे हैं लेकिन बिहार में 20 वर्षों से NDA कि सरकार है。 जब 20 वर्षों में शिक्षा को सुधारने के लिए एनडीए सरकार ने काम नहीं किया तो अब क्या करेगा। सम्राट चौधरी जी नया-नया घोषणा कर रहे हैं लेकिन बिहार में शिक्षा और शिक्षा का अस्तर कितना खराब है किसी से छुपा नहीं है。 एजेंडा के तहत बिहार में सरकारी स्कूलों को भगवा कलर किया जा रहा है पटना जैसे शहर में एक ही क्लास रूम में तीन-तीन चार-चार क्लास चल रहे हैं। बिहाइट — एजेंडा के तहत बिहार में सरकारी स्कूलों को भगवा कलर किया जा रहा है पटना जैसे शहर में एक ही क्लास रूम में तीन-तीन चार-चार क्लास चल रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा सम्राट चौधरी जी लाख परीक्षा व्यवस्था को सुधार करने के लिए घोषणा कर ले लेकिन आज भी बिहार में बहालियों में अनियमता है अराजकता करता है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। कितना भी सम्राट चौधरी की घोषणा कर ले लेकिन जब तक बिहार में एनडीए की सरकार रहेगी तब तक पेपर लीक करने वाले की चांदी रहेगी।
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झारखंड आदिवासी महोत्सव: CM सोरेन बोले—युवाओं के अधिकार मंजूर, दंड भी कड़ाई से

Ranchi, Jharkhand:रांची झारखंड आदिवासी महोत्सव के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, आदिवासी दिवस के साथ साथ राज्य में हमारे युवा छात्र छात्राएं अपनी मांग को लेकर धरना और प्रदर्शन में हैं । उनके साथ खुले तौर पर सरकार उनकी बातों को सुन भी रही है। युवा छात्र छात्राओं को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं, इतनी बड़ी व्यवस्था चलती पर हमारी मंशा राज्य के लोगों के प्रति काफी संवेदनशीलता के साथ है। सभी की चिंता राज्य की सरकार करती है, आज जिस विषय को लेकर नौजवान अपने अधिकार को लेकर आंदोलन और प्रदर्शन में बैठे हैं वो हमारे नौजवान ,हमारी सरकार के गतिविधि के कारण ही हिम्मत जुटा पाए हैं कि आंदोलन करें और मांग मांगें। हमने चोरी पकड़ ली है। नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और गड़बड़ी करने वाले को कठोर दंड मिलेगा। हम इसी मिट्टी के जन्मे हैं और दफन भी होगें इसे रणनीतिक चश्मे से देखने और राजनीतक छत्रछाया लेने की भी आवश्यकता नहीं।कुछ को राजनीतिक महत्वाकांक्षा बड़े पैमाने पर पालते हैं और यहां युवा पीढ़ी को दिग्भ्रमित करता है। नौजवानों से कहूंगा न हमारे छत्र छाया की आवश्यकता आपको न किसी अन्य राजनीतिक दलों के छत्र छाया की आवश्यकता है। आपके अधिकार पूरे हुए। देश में युवाओं को कैसे दिग्भ्रमति किया जाए इस पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा और उसमें बड़े बड़े विद्वान और पढ़े लिखे ज्ञानी लगे हैं। जब विद्वान लोग किसी गलत और उल्टे सीधे काम में लगते हैं तो उसका परिणाम गलत होता है ,वो मैं देख रहा हूं। हम सिर्फ आंदोलन की बात नहीं सुनेंगे, घर बैठे युवाओं लोगों की भी बात सुनेंगे और उसके अनुरुप निर्णय लगें। अपने देखा होगा कैसे नौजवानों को डराओ, पायलटगन चलाओ, उससे भी काम नहीं चलता तो देश द्रोही बना दो। बाबा साहेब ने जो संविधान दिया है देश में सबको समान अधिकार देता है। देश आजाद हुए 100 साल कुछ वर्ष में हो जायेगें फिर भी समाज में असमानता है, एकता नहीं, गरीब और गरीब होता चला गया , अमीर और अमीर होता चला गया, ये समानता जितनी बढ़ेगी देश और समाज में और तनाव बढ़ेगा। कुछ समूह पूरी ताकत के साथ लगा हुआ है, लेकिन कोई बात नहीं झारखंड सिर्फ झारखंड़ नहीं ये वीरों की भूमि है, ये वो राज्य जहां ,आजादी के सपने से पहले से हमारे पूर्वज संघर्ष करते थे है। 25 साल का ये राज्य अलग अलग तरीके से अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा, नहीं तो पूरा देश इसे चारागाह की तरह देखने का काम किया। इस राज्य को ताकत आते देख, कई लोगों को ये पच नहीं रहा, कभी चेहरा छुपा पर कभी पर्दे के पीछे से गलत संदेश देने, दिग्भ्रमित करने का काम करते हैं। हर समस्या का समाधान संवाद से होता है, लाठी गोली से नहीं होता, लाठी गोली की आवश्यकता सीएमओ पर देश के दुश्मनों के साथ होती है। अपने घर एम लाठी डंडो के साथ किसी समस्या का समाधान नहीं होता, नुकसान होता है मैं भी बूढ़ा नहीं आपकी भावनाएं, आपकी चिंताएं हमारी भी है। आपके साथ पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होता दिखाने का भी काम होगा।
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बीड़ में बैलजोड़ों की चोरी: किसान ने उपमुख्यमंत्री तक ई‑मेल से मदद की गुहार

Beed, Maharashtra:बीड: सुनेत्रा पवारांच्या दौऱ्यादिवशी शेतकऱ्याची बैलजोडी चोरीला, बंदोबस्तामुळे पोलिसांकडून तक्रार घेण्यास विलंब; शेतकरी पुत्राचा थेट उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेंना मेल..!! ANC- बीडमध्ये शेतकऱ्याच्या बैलजोडी चोरीची तक्रारही पोलिसांनी गांभीर्याने घेतली नसल्याचा धक्कादायक प्रकार समोर आला आहे. 30 जुलैच्या मध्यरात्री पालवण गावातील शेतकऱ्याची बैलजोडी चोरीला गेल्यानंतर मुलाने पोलिस ठाण्यापासून पोलिस अधीक्षक कार्यालयापर्यंत धाव घेतली. मात्र, सुनेत्रा पवार यांच्या बीड दौऱ्याच्या पार्श्वभूमीवर पोलिस बंदोबस्तात व्यस्त असल्याचं कारण देत तक्रार नंतर घेण्याचा सल्ला देण्यात आला. अखेर पोलिसांकडून दाद न मिळाल्याने हतबल झालेल्या शेतकऱ्याच्या मुलाने थेट उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांना ई-मेल करत आपली कैफियत मांडली. VO 1 हातात खुरपे... डोळ्यांत उद्याची चिंता... आणि पोटाची खळगी भरण्यासाठी दिवस-रात्र शेतात राबणारं हे शेतकरी कुटुंब आहे बीडच्या पालवण गावातील.... साडेचार एकरांच्या शेतीवर संसाराचा गाडा हाकणाऱ्या या कुटुंबावर आता मात्र संकटाचा डोंगर कोसळलाय. 30 जुलैच्या मध्यरात्री... घराच्या गोठ्यात बांधलेली बैलजोडी अज्ञात चोरट्यांनी लंपास केली. शेतीसाठी जीवापाड जपलेली बैलजोडीच चोरीला गेल्याने या कुटुंबाचा शेतीचा आधारच हिरावला गेलाय ऐन हंगामात बैल चोरीला गेल्याने पेरणीपासून मशागतीपर्यंतची कामं कशी करायची, हा मोठा प्रश्न या शेतकऱ्यासमोर उभा ठाकलाय. ज्यांच्या जोरावर शेतातली कामं व्हायची, तेच बैल आज गोठ्यात नाहीत... आणि त्यामुळे कष्टकरी कुटुंबाच्या डोळ्यांत आता हतबलतेचे अश्रू आहेत. कष्ट करून उभं केलेलं संसाराचं आणि शेतीचं चाक पुन्हा रुळावर आणण्यासाठी या शेतकरी कुटुंबाला आता पोलिसांकडूनच आशेचा किरण आहे. चोरीला गेलेली बैलजोडी तातडीने शोधून द्यावी आणि या कुटुंबाला न्याय मिळवून द्यावा, अशी आर्त मागणी पीडित शेतकऱ्यांनी केली आहे. बाईट: नानासाहेब दौंड, शेतकरी VO 2 सध्या खरिपाचा हंगाम सुरू आहे... शेतकऱ्यांसाठी हा काळ म्हणजे मेहनतीचा आणि आशेचा.... याच आशेवर या पीडित शेतकरी महिलेने आपल्या साडेचार एकर शेतात कापसाची लागवड केली. मात्र, पिकाची निगा राखण्यासाठी आवश्यक असलेल्या कोळपणी आणि खतपेरणीच्या काळातच तिच्यावर मोठं संकट कोसळलं... शेतातील कामासाठी आधार असलेली बैलजोडीच चोरीला गेली... बैलजोडी गेल्याने शेतीची कामं कशी करायची, हा प्रश्न तिच्यासमोर उभा राहिला. त्यामुळे आज बैलांच्या जागी हातात खुरपं घेऊन ती महिला शेतात कोळपणी करताना दिसत आहे... तिची ही अवस्था पाहून शेतकऱ्यांच्या जगण्याची विदारक परिस्थिती पुन्हा एकदा समोर येतेय.. एकीकडे बैलजोडी चोरीला गेल्याचं दुःख... तर दुसरीकडे आर्थिक संकटाची झळ....! या शेतकरी महिलेला लाडकी बहीण योजनेतून दरमहा पंधराशे रुपये मिळत होते. त्यातूनच कसाबसा संसाराचा गाडा पुढे चालला होता. मात्र, गेल्या चार महिन्यांपासून या पैशांचीही प्रतीक्षा कायम आहे. अशातच डोक्यावर कर्जाचं ओझं, हातात शेतीची कामं आणि जगण्यासाठी आवश्यक असलेली बैलजोडीही चोरीला गेल्याने आता संसाराचा गाडा ओढायचा तरी कसा, हा मोठा प्रश्न या शेतकरी महिलेसमोर उभा आहे. त्यामुळेच सरकारकडे मदतीची अपेक्षा व्यक्त करताना ही लाडकी बहीण थेट भाऊ म्हणून एकनाथ शिंदे यांच्याकडे आर्त हाक देत आहे... बाईट: सुलभा दौंड, शेतकरी महिला.. VO 3 बैल चोरी गेल्यानंतर बापाची घालमेल आणि आईचा हंबरडा पाहून पदवीच्या दुसऱ्या वर्षात शिकणाऱ्या सुमित दौंडने थेट पोलीस ठाणे गाठले. मात्र, तिथे कर्मचारी उपस्थित नसल्याने अर्धा तास प्रतीक्षा करून त्याने पोलीस अधीक्षक कार्यालय गाठले. मात्र, त्याच दिवशी उपमुख्यमंत्री तथा बीडचे पालकमंत्री सुनेत्रा पवार यांच्या दौऱ्यामुळे बंदोबस्त असल्याचे सांगत तक्रार घेण्यास नकार देण्यात आला. अखेर या शेतकरी पुत्राने थेट उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांना ई-मेलद्वारे आपली कैफियत मांडली. शिंदे यांनीही त्याची मागणी रास्त असल्याचे सांगत गृह विभागाकडे पाठपुरावा करण्याची ग्वाही दिली. घटनेला दहा दिवस उलटले, तरीही या कुटुंबाचे बैल अद्याप परतलेले नाहीत. दरम्यान, महाराष्ट्राचे पोलीस महासंचालक बीडमध्ये दाखल होत असताना या शेतकरी पुत्राचा आक्रोश आणि त्याला मिळालेली उपमुख्यमंत्र्यांची साथ सध्या चर्चेचा विषय ठरत आहे. बाईट: सुमित दौंड, शेतकरी पुत्र End VO बैलजोडी ही या कुटुंबासाठी केवळ जनावरांची जोडी नाही, तर त्यांच्या शेतीच्या आणि संसाराच्या गाड्याचा आधार आहे... त्यामुळे चोरीला गेलेली ही बैलजोडी पुन्हा मिळणार का, याकडे आता या शेतकरी कुटुंबासह संपूर्ण गावाचं लक्ष लागलं आहे. पोलिसांनी या प्रकरणाची तातडीने दखल घेऊन चोरट्यांचा शोध घ्यावा आणि शेतकऱ्याची बैलजोडी परत मिळवून द्यावी, अशी मागणी होत आहे. विशेष म्हणजे, तक्रारीसाठी पोलिस ठाण्यापासून थेट उपमुख्यमंत्र्यांपर्यंत धाव घ्यावी लागलेल्या या कुटुंबाला आता तरी न्याय मिळतो का, हे पाहणं महत्त्वाचं ठरणार आहे. महेंद्रकुमार मुधोळकर Zee 24 तास बीड....!!!
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200 किलोमीटर कांवड़ यात्रा: पारुल-प्रवीण ने मां के दर्शन के लिए बागपत से हरिद्वार तक किया पुण्य प्रयाण

Baghpat, Uttar Pradesh:हरिद्वार से गंगा स्नान कराकर अपनी माँ को कांवड़ में बैठा कर हर माह महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के संकल्प के साथ बागपत के बिराल मुजफ्फरनगर से पारुल कुमार (कांवड़िया) और उनके भाई प्रवीण लगभग 200 किलोमीटर दूरी तक पैदल कांवड़ यात्र पर निकल चुके हैं। पारुल ने बताया कि उनकी माँ ओमबती 70 वर्ष हैं, जिन्हें हरिद्वार में गंगा स्नान कराते हुए पूजा-स्थल पर बैठाया गया और घर-परिवार में सुख-शांति के लिए भोले बाबा से मन्नत मांगी गई थी। Haridwar से 200 किलोमीटर की दूरी तय करके वे पलड़ी गांव पहुँचे और उनके साथ पारुल की पत्नी गीता, भाई जितेंद्र और उनके रिश्तेदार भी यात्रा में साथ थे जो बीच रास्ते में उनकी मदद कर रहे थे। उनके संकल्प के अनुसार तीनों धाम में माँ के चरणों की पूजा करने के बाद महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा आकर्षण का केंद्र बनी रही और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
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जयपुर में हर घर तिरंगा यात्रा, अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक रंगा राष्ट्रध्वज

Jaipur, Rajasthan:जयपुर तिरंगे के रंग में रंगा, अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा जयपुर। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत रविवार को जयपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अल्बर्ट हॉल से शुरू होकर बड़ी चौपड़ तक पहुंची इस यात्रा में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सहभागिता की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में आयोजित यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। देशभक्ति के नारों से गूंजा जयपुर तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज नजर आया। ‘भारत माता की जय’ के जयघोष और देशभक्ति के गीतों से पूरा मार्ग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। जयपुर की ऐतिहासिक चारदीवारी भी तिरंगे के रंग में सजी दिखाई दी। कई भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद यात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार सहित मंत्री, विधायक, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दिया कुमारी ने किया हर घर तिरंगा फहराने का आह्वान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान और गौरव व्यक्त करने का आह्वान किया। दिया कुमारी ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति की सामूहिक भावना का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा के जरिए लोगों ने देश के प्रति सम्मान, गौरव और एकजुटता का संदेश दिया।
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मंडला में निवास-शहपुरा राज्यमार्ग पर भीषण जलभराव, यातायात बाधित

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला - निवास, शहपुरा राज्यमार्ग बना तालाब! मण्डला जिले के निवास में लगातार बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गई हैं। हालात ये हैं कि निवास–शहपुरा राज्यमार्ग पर ही इतना पानी भर गया है कि सड़क और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो गया है। शिवमंदिर तालाब मोहल्ले के सामने सड़क पर भारी जलभराव ने राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वीओ - तस्वीरें निवास के शिवमंदिर तालाब मोहल्ले की हैं...जहां बारिश का पानी सड़क पर लबालब भरा हुआ है। जिस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, वही सड़क अब बारिश के पानी में डूबी नजर आ रही है। हालात देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि ये कोई तालाब है या फिर निवास–शहपुरा राज्यमार्ग。 सड़क पर पानी इतना ज्यादा है कि दोपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। जरा सी चूक... और वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो सकता है। सबसे बड़ी चिंता ये है कि जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे या अन्य खतरे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करे और सड़क को सुरक्षित कराया जाए।
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आदिवासी दिवस: रायपुर में रंगीली रैली के साथ अधिकारों की मांग तेज

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर विश्व आदिवासी दिवस पर आज राजधानी रायपुर की सड़कें आदिवासी संस्कृति के रंगों और ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठीं। आदिवासी समाज ने शहरभर में भव्य रैली निकालकर अपनी सभ्यता का शक्ति प्रदर्शन किया।....जय स्तंभ चौक पहुंचकर समाज के लोगों ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान पारंपरिक परिधानों में सजे युवक-युवतियों ने लोकनृत्यों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन किया। उत्सव के बीच समाज का आक्रोश भी सड़कों पर दिखा। हाथों में तख्तियां लिए लोगों ने सरकार पर इस खास दिन की उपेक्षा करने का आरोप लगाया。 समाज ने रखी माँगें समाज प्रमुखों ने कहा 9 अगस्त को 'राष्ट्रीय आदिवासी दिवस' घोषित कर पूर्ण अवकाश दिया जाए। वहीं अधिकारों की सुरक्षा जल, जंगल और जमीन पर संवैधानिक अधिकारों को मजबूती से लागू किया जाए यह दिन उत्सव के साथ अधिकारों की लड़ाई का दिन है। यह दिन केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन का नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों के संघर्ष का प्रतीक है।
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द्वारका में महिला पुलिसकर्मियों के साथ स्कूटी-बाइक रैली, देशभक्ति और महिला सशक्तिकरण का संदेश

New Delhi, Delhi:रिपोर्ट — चरणसिंह सहरावत लोकेशन — द्वारका, स्टोरी :-- स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर द्वारका में नारी शक्ति और देशभक्ति का शानदार नजारा देखने को मिला। दिल्ली पुलिस की महिला पुलिसकर्मियों के साथ सैकड़ों महिलाओं ने स्कूटी और बाइक रैली निकाली। रैली में शामिल महिलाओं के हाथों में तिरंगा नजर आया और पूरे रास्ते देशभक्ति का संदेश दिया गया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। तिरंगा लहराती महिलाओं ने लोगों को देश की एकता, अखंडता और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। रैली का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के साथ समाज में नारी शक्ति के महत्व का संदेश देना रहा। दिल्ली पुलिस की महिला कर्मियों की मौजूदगी ने इस रैली को और खास बना दिया। रैली के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के साथ देश के प्रति जिम्मेदारी और प्रेम का संदेश भी दिया गया।
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