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जयपुर में Gen Z का उछाल: तीन युवाओं ने पार्षद बनकर राजनीति बदली

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में Gen Z की सियासी एंट्री, 21 साल के फाईज से लेकर 22 साल की सुमन और पलक तक... युवाओं ने लिखी नई सियासी कहानी राजस्थान की सियासत में अब Gen Z की एंट्री सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चुनावी नतीजों में भी दिखाई देने लगी है। नगरीय निकाय चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस ने युवा पीढ़ी को बड़ी संख्या में टिकट देने का ऐलान किया था। दोनों दलों ने 21 से 29 साल की उम्र के युवाओं को चुनाव मैदान में उतारा और अब नतीजों में भी युवा चेहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। राजधानी जयपुर में Gen Z के तीन युवा चेहरे पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और जीतकर पार्षद बन गए। इनमें कांग्रेस के 21 वर्षीय फाईज हसन, 22 वर्षीय सुमन भाटी और भाजपा की 21 वर्षीय पलक यादव शामिल हैं। तीनों की जीत ने जयपुर की स्थानीय राजनीति में नई पीढ़ी के प्रवेश की तस्वीर साफ कर दी है। 21 साल के फाईज ने जीता वार्ड 71 सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 71 के 21 वर्षीय फाईज हसन की हो रही है। कांग्रेस ने फाईज को टिकट दिया था। उन्होंने भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए चुनाव में जीत हासिल की। फाईज की जीत के बाद उनके घर पर जश्न का माहौल है। फाईज का कहना है कि राजनीति में Gen Z को आगे आना चाहिए। युवा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि देश और समाज की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए राजनीति में भागीदारी करें। इसी सोच के साथ फाईज ने चुनाव लड़ने का फैसला किया। वार्ड 72 में 22 साल की सुमन भाटी की जीत Gen Z की दूसरी बड़ी जीत वार्ड 72 में कांग्रेस की 22 वर्षीय सुमन भाटी की रही। सुमन ने भी अपना पहला चुनाव जीतकर नगर निगम में जगह बनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को 2,364 वोटों के अंतर से हराया। जीत के बाद सुमन ने युवाओं के लिए काम करने के साथ वार्ड में लाइब्रेरी और CCTV कैमरे लगाने जैसे मुद्दों पर काम करने की बात कही। भाजपा की 21 साल की पलक यादव भी जीतीं Gen Z की इस नई सियासी तस्वीर में भाजपा का चेहरा भी शामिल है। वार्ड 10 से 21 वर्षीय पलक यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी को 925 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। पलक ने चुनाव जीतने के बाद युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों के लिए काम करने की बात कही। 18 Gen-Z उम्मीदवार मैदान में थे जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने कुल 18 Gen-Z उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। भाजपा के छह और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार 21 से 29 वर्ष की उम्र के थे। अब इनमें से फाईज हसन, सुमन भाटी और पलक यादव की जीत ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में युवा नेतृत्व की भूमिका और मजबूत होने वाली है.. फाईज, सुमन और पलक की जीत सिर्फ तीन वार्डों का चुनाव परिणाम नहीं है। यह उस राजनीतिक बदलाव की तस्वीर है, जहां अब युवा मतदाता के साथ-साथ युवा उम्मीदवार भी सत्ता और सियासत में अपनी जगह बनाने लगे हैं। राजस्थान की स्थानीय राजनीति में Gen Z का यह पहला बड़ा इम्तिहान था और जयपुर के इन तीन युवा चेहरों ने इसमें कामयाबी हासिल कर नई कहानी लिख दी है।
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स्वर्ण महापंचायत में सवर्णों ने सरकार पर हमला; SC-ST एक्ट और यूजीसी नियमों पर सवाल

Aligarh, Uttar Pradesh:स्वर्ण महापंचायत में सरकार पर सवर्णों का हमला: बोले- सत्ता तक पहुंचाया, अब हमारी अनदेखी क्यों अलीगढ़ जुपिटर लॉज में मंगलवार को आयोजित स्वर्ण महापंचायत में सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए गए। राज शेखावत, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय करणी सेना, अर्जुन उपाध्याय एडवोकेट, सचिन राघव, तन्नू जी महाराज समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में सवर्ण समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन अब इसी वर्ग की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग और यूजीसी से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इन व्यवस्थाओं से सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं और युवाओं को परेशानी हो रही है, प्रशासन पर कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई।
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JPSC-JSSC परीक्षा रद्द मामले में हाईकोर्ट के आदेश: नियुक्तियाँ रुकने की रोक अभी برقرار

Ranchi, Jharkhand:JPSC-JSSC परीक्षा रद्द मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट के द्वारा नियुक्तियाँ रद्द करने पर लगाई गई रोक बरकरार सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मांगा चार सप्ताह का समय हाईकोर्ट ने चार सप्ताह का समय देने से किया इनकार कोर्ट ने अधिकतम 48 घंटे का समय देने की बात कही शुक्रवार सुबह 10:30 बजे होगी मामले की अगली सुनवाई सरकार सीलबंद कवर में दाखिल करेगी जांच की स्टेटस रिपोर्ट जांच सार्वजनिक होने से प्रभावित होने की आशंका, सरकार ने कोर्ट में दी जानकारी सरकार की ओर से वरीय महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने रखा पक्ष वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सरकार का पक्ष रखा प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने रखा पक्ष हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष और सुभाशीष रसिक सोरेन ने रखा पक्ष JPSC और JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने रखा पक्ष सुनवाई के दौरान CID की SIT टीम भी रही अदालत में मौजूद
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विकासनगर में सड़क किनारे युवक के शव से हड़कंप, पुलिस CCTV से जांच

Dehradun, Uttarakhand:विकासनगर में सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से इलाके मे हड़कंप मच गया... सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को मौके से हटाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है... मृतक युवक की पहचान मलूकावाला निवासी इसम सिंह के रूप में हुई है... जो विकासनगर में मौजूद महिंद्रा वर्कशॉप में रात को चौकीदारी का काम किया करता था... एटनबाग स्थित चाय बागान में सड़क किनारे मिले इस युवक के शव की पड़ताल करते हुए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरो को खंगालना शुरू कर दिया है... CCTV केमरे में युवक वर्कशॉप से निकलता दिखाई दे रहा है... अंदेशा लगाया जा रहा है की चाय बागान से गुजरते वक्त किसी अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मारी... जिससे युवक की मौत हो गई, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट चुकी है...
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UCC लागू पर NDA राज्यों में राजभर का बयान; ओवैसी-धर्मगुरु विपक्ष, पांडेय-निशाद बैठक

Noida, Uttar Pradesh:Lucknow (Uttar Pradesh): Om Prakash Rajbhar (Up Minister) On Ucc Implementation In 21 NDA-Ruled States / Owaisi And Clerics Opposing UCC / Sanjay Nishad-Mata Prasad Pandey Meeting देश के गृह मंत्री जी हैं, प्रधानमंत्री के मशवीरे पर, राजनाथ सिंह जी के मशवीरे पर, पूरी कैबिनेट के मशवीरे से और वो लोग जो चाहते हैं। अब वो उनका विषय है, हम लोग प्रदेश स्तर पे हैं। हम लोग प्रदेश में जो चीजें हैं उसको देखते हैं। क बार मैंने देखा है कि सीए एनआरसी जब आया तो पूरे विपक्ष के लोग एकजुट हो के विरोध किए और भ्रामक प्रचार किए कि यह कानून मुसलमानों को देश से निकालने के लिए है। जबकि सीए एनआरसी नागरिकता देने का कानून था और 3 साल लागू हुए हो गया। एक भी मुसलमान देश से नहीं निकला। अब उस पर कोई नेता विपक्ष का सीए एनआरसी पर चर्चा नहीं करता। उसके बाद आपने देखा वक्व बोर्ड की संपत्ति पर तमाम विरोध हुआ। ये सपा कांग्रेस के लोग कि किसी गरीब को जमीन दिए हों या उसको बसने के लिए आवास दिए हों या किसी गरीब के मुस्लिम सिख ईसाई जैन फारसी के बच्चों को किसी को पढ़ने के लिए फीस की व्यवस्था कराए हों ये लोग वक्त की संपत्ति को हड़पने का काम किए हैं ये लोग सोच रहे हैं कहीं कलई हमारी ना खुल जाए इस ना तो ये लोग विरोध करते हैं माता प्रसाद पांडे जी बीमार हैं उनको देखने के लिए लोग जा रहे हैं। अब उसका अर्थ लोग अलग अलग निकालें। समाजवादी पार्टी डूबती हुई नैया है। तो मन जाई बैठ के मरे। के जाई ओ मन।आज के तारीख में पश्चिम उसका हालत खराब है, पूर्वांचल में हम इनको ठीक किए हुए हैं। ये चुनउआ कहां जीतेंगे?
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बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि पर राजनीति तेज

Patna, Bihar:बाढ़ प्रभावित लोगों के खाते में CM ने भेजा राशि... राजनीतिक प्रतिक्रिया... "जब 45 लाख लोग प्रभावित हैं, तो 8 लाख लोगों तक ही सहायता राशि पहुँचना ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। इस तरह की जो सरकार के स्तर से सहायता राशि दी जा रही है, कहीं न कहीं उन लोगों के लिए जिनके घरों तक... जिनके घरों के बीच अनाज पहुंचना चाहिए, चारा पहुंचना चाहिए, उनके यहां 7,000 रुपये सहायता राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से पहुंचना चाहिए, वो नहीं पहुंच पा रहे हैं। सरकार को अविलंब इस दिशा में गंभीरता दिखानी चाहिए और जो अन्य लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उनका सर्वेक्षण करा करके, सर्वे करवा करके उन तक भी सहायता राशि पहुंचाने का सरकार इंतजाम करे। देखिए, बिहार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और बिहार को विशेष सहायता राशि दिए जाने की मांग केंद्र और राज्य सरकार से लगातार तेजस्वी जी द्वारा की जा रही है। लेकिन इस दिशा में सरकार के स्तर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। आज केंद्र की एक टीम आने वाली है, उसमें कौन से सर्वे के बाद फैसले लिये जाते हैं, यह देखने वाली बात होगी।
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इलाहाबाद HC: आयुष मलिक की अवैध हिरासत पर सुनवाई, कल पेशी

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, शामली के आयुष मलिक को अवैध हिरासत में रखने का आरोप, आयुष मलिक को अवैध हिरासत से मुक्त कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिका, आयुष मलिक के पिता पर जबरन अवैध हिरासत में रखने का आरोप, याचिका में अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध हिरासत में रखने का आरोप, हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करने का दिया निर्देश, 16 सितंबर यानी कल आयुष मलिक को हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश, हाईकोर्ट में दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया है कि आयुष मलिक 31 वर्ष का है, आयुष मलिक ने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म त्यागकर इस्लाम धर्म अपनाया है, पिता देवराज सिंह मलिक की इच्छा के विरुद्ध जाकर चांदनी कुरैशी से विवाह किया है, 6 जून को शामली में चांदनी कुरैशी व अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर को झूठी कहानी से प्रेरित बताया गया है, याचिका के जरिए आयुष मलिक को अवैध हिरासत से स्वतंत्र कराने की मांग की गई है।
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टावर पर चढ़े प्रेमी युवक को नीचे उतारने में घंटों पुलिस-प्रशासन फंसा रहा

Uska Khurd, Uttar Pradesh:Slag– टावर पर चढ़ा युवक, घंटों हलकान रही पुलिस–Anchor–Sant Kabir Nagar जिला में उस समय पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर एक युवक सैकड़ों फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़े युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। काफी समझाने-बुझाने और परिवार के आने के चार घंटे के बाद युवक को टावर से नीचे उतारा गया। मामला खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मोबाइल टावर का है. स्थानीय लोगों ने जब एक व्यक्ति को टावर पर चढ़ा देखा तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही खलीलाबाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति को नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए। युवक को मोबाइल पर चढ़ा देख भारी भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि टावर पर चढ़े व्यक्ति का नाम प्रभुनाथ है। उसके मुताबिक, कुछ समय पहले उसका एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली थी. युवती उसके पास मुंबई चली गई थी. बाद में किसी तरह दोनों को घर बुलाया गया और मामले में दोनों परिवारों में सुलह-समझौता भी हुआ और युवती अपने घर चली गई थी। सुलह के बाद प्रभुनाथ रोजी-रोटी के सिलसिले में दोबारा मुंबई चला गया। प्रभुनाथ का आरोप है कि उसके घर पर पुराने मामले को लेकर युवती के पक्ष के लोगों द्वारा उसके परिवार को परेशान किया जाता रहा और मारपीट की जाती रही। करीब दो साल बाद जब प्रभुनाथ वापस अपने घर आया तो उसके साथ भी मारपीट और धमकी दिए जाने की बात सामने आई। प्रभुनाथ के मुताबिक, मामले को लेकर वह बेलहर थाना पुलिस के पास भी पहुंचा। उसका आरोप है कि वहां भी उसे और उसके परिवार को परेशान किया गया, और उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है जिससे वह काफी तनाव में आ गया। इसके बाद आज वह अपनी और मोबाइल टावर पर چढ़कर अपनी अपनी मांगें मनवाने की बात कही। टावर पर चढ़े प्रभुनाथ को नीचे उतारने के लिए खलीलाबाद कोतवाली पुलिस के साथ सदर एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार उससे बातचीत करते रहे और सुरक्षित तरीके से नीचे उतरने की अपील करते रहे। क्षेत्राधिकारी ने प्रभुनाथ को आश्वासन दिया कि उसकी जो भी शिकायतें और मांगें हैं, उन्हें सुना जाएगा तथा नियमानुसार समाधान का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने उससे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टावर से नीचे उतरने की अपील की। करीब चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बीच मामला शांत हुआ और प्रभुनाथ को नीचे उतारा गया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर उससे बातचीत की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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सिराथू में DFC रेलवे लाइन पर मिट्टी कटान से खतरा, बारिश ने बढ़ाई आशंका

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशाम्बी जिले में लगातार बारिश के बाद सिराथू इलाके में DFC रेलवे लाइन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। लाइन के किनारे कई जगह मिट्टी का कटान और धंसाव हुआ है। कटान रोकने के लिए बांस-बल्लियों के साथ बोरियों में गिट्टी, बालू और मिट्टी भरकर अस्थायी इंतजाम किए जा रहे हैं। अगर कटान बढ़ा तो DFC लाइन को बड़ा नुकसान हो सकता है। तस्वीरें सिराथू बाईपास की हैं, जहां लगातार बारिश के बाद DFC रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी कटान ने खतरा बढ़ा दिया है। कई किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह मिट्टी धंसने की तस्वीरें सामने आई हैं। कटान रोकने के लिए बांस-बल्लियों का सहारा लिया जा रहा है, वहीं बोरियों में गिट्टी, बालू और मिट्टी भरकर भी किनारों को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। लगातार हो रहे मिट्टी धंसाव से रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अगर समय रहते स्थायी इंतजाम नहीं किए गए और कटान बढ़ा, तो DFC रेलवे लाइन को बड़ा नुकसान हो सकता है।
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