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Ravikant SahuRavikant SahuFollow5 Jul 2024, 07:56 am
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यमुनानगर में थाना प्रभारी पर मारपीट के आरोप, वायरल वीडियो से हंगामा

Yamuna Nagar, Haryana:हरियाणा पुलिस का नारा है — “सेवा, सुरक्षा और सहयोग”… लेकिन यमुनानगर में इस नारे पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा पर बीच बाजार एक फैक्ट्री मालिक के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें पुलिस अधिकारी युवक को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। मामला रेलवे स्टेशन चौक स्थित एक ढाबे के बाहर का बताया जा रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस कार्रवाई कानून के दायरे में थी या फिर वर्दी के दम पर दबंगई दिखाई गई। देखिए यह रिपोर्ट… यमुनानगर के रेलवे स्टेशन चौक स्थित एक ढाबे के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पुलिस चेकिंग के दौरान शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा सड़क किनारे ख़ड़ी गाड़ी को लेकर बिना पूछे थप्पड़ जड़ने शुरू कर दिए, बताया जा रहा है कि जगाधरी की गंगानगर कॉलोनी निवासी फैक्ट्री मालिक अपने दोस्तों और कर्मचारियों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाने ढाबे पर पहुंचे। ज़ब वह ढाबे से खाना लेकर निकला, इसी दौरान उसका एक कर्मचारी बाइक लेकर मौके पर आया और बाइक पार्किंग में खड़ी कर दी। आरोप है कि शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाइक की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बाइक के कागजात और नंबर प्लेट को लेकर सवाल उठाए। इसी बीच बाइक मालिक वहां पहुंचा और कथित तौर पर पुलिस से कहा कि जो भी चालान बनता है, वह काट दिया जाए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी बात पर थाना प्रभारी भड़क गए और युवक को धक्का देकर थप्पड़ मारने लगे। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी युवक के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप यह भी है कि मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी युवक के साथ मारपीट की। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं फैक्ट्री मालिक के साथियों ने कथित मारपीट के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित 121 “हम ढाबे पर खाना खाने आए थे। पुलिस ने बाइक को घेर लिया। मैंने कहा कि अगर कोई कमी है तो चालान काट दीजिए, लेकिन अचानक मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी गई। मुझे थप्पड़ मारे गए और बेइज्जत किया गया। अब हम इंसाफ चाहते हैं。”
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तीव्र गति की एम्बुलेंस स्पीडब्रेक पर नियंत्रण खोकर तीन कारों को पीछे से टक्कर देती है

NZNaveen ZeeJust now
Rewari, Haryana:तीव्रगति से आ रही सरकारी एम्बुलेंस ने अनियंत्रित होकर मारी तीन गाड़ियों को टक्कर। एम्बुलेंस में सवार एक गर्भवती महिला सहित अन्य दुर्घटनाग्रस्त हुई गाड़ियों में सवार तीन लोग घायल। प्रत्यक्षदर्शियों व घायलों ने कहा एम्बुलेंस की तीव्रगति बनी हादसे का कारण। बड़ा हादसा टला। स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर ने कहा दुर्घटना के पीछे क्या रही वजह जांच का विषय। ये तस्वीरें रेवाड़ी- बेरली सड़क मार्ग स्थित गांव चाँदावास की हैं जहां आज सुबह एक तीव्रगति से आ रही सरकारी एम्बुलेंस ने स्पीडब्रेक पर अनियंत्रित होकर सामने जा रही एक के बाद एक तीन कारों को पीछे से टक्कर मार दी जिससे तीनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं जिनमें सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एम्बुलेंस में गर्भवती महिला सहित पांच से छह लोग थे। घटना स्थल से लगभग 150 मीटर दूर जाकर एम्बुलेंस डिवाइडर पर चढ़कर रुक गई। पुलिस ने बताया हादसा एम्बुलेंस की तीव्रता के कारण हुआ। घायलों को ट्रामा सेंटर भेज दिया गया है। हादसे के बारे में प्रत्यक्षदर्शी एवं घायल लोग। स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर रविंदर कुमार ने कहा यह जांच का विषय है कि आखिर हादसे की वजह क्या रही।
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नोएडा के चौगानपुर में NPCL कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक 3 थाना क्षेत्र के चौगानपुर गांव में एनपीसीएल कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान जमकर लात घुसे भी चले, इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल शुक्रवार को थाना इकोटेक-3 क्षेत्र के चौगानपुर गांव में एनपीसीएल (NPCL) के कर्मचारी अत्यधिक गर्मी के कारण प्राप्त होने वाली फॉल्ट संबंधी सूचनाओं पर मौके पर पहुंचकर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का कार्य करने के लिए गए थे। वहीं, जहां अवैध विद्युत कनेक्शन ,कम किलोवाट के कनेक्शन पर अधिक विद्युत खपत किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई तो, वहां जांच के लिए जाने पर कुछ व्यक्तियों द्वारा विरोध किया गया तथा झूठे आरोप लगाए गए। इसी दौरान एचपीसीएल कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच गाली गलौज और मारपीट हो गई और जमकर लात और उनसे भी चल गए। वहीं पर मौजूद लोगों ने इस मारपीट का वीडियो भी बना लिया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। एक दौरान ईंट पत्थर भी फेंके गए। पुलिस के द्वारा इस मामले पर कहा गया कि इस प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तथ्यों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है。
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कुरुक्षेत्र मुख्यमंत्री आवास बाहर किसान यूनियन का प्रदर्शन, 48 घंटे में कार्रवाई की मांग

Kurukshetra, Haryana:भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारीयो ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास कार्यालय पर प्रदर्शन किया। और जमकर नारेबाजी की। और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया है। पदाधिकारी संजू नम्बदार, संजीव आलमपुर ने कहा कि कल कुरुक्षेत्र के जैन राइस मिल में गेहूं पर पानी डालकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा था और गेहूं को खराब किया जा रहा था। जिसके बाद उन्होंने मौके पर अधिकारी भी बुलाए, लेकिन अधिकारी कर्मचारियों को बचाते हुए नजर आए थे। इसलिए उनको लगता है कि अधिकारी इस पर स्पष्ट कार्यवाही नहीं करेंगे। जिसको लेकर आज यहां प्रदर्शन किया गया है। और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा गया है। और उन अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है। वहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर कार्यवाही नहीं की गई, तो वह मुख्यमंत्री आवास पर दंडवत यात्रा करके पहुंचेंगे।
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दमोह में सोशल मीडिया पर कसी जाएगी नकेल, पुलिस एक्शन मोड में

Damoh, Madhya Pradesh:ईद से पहले सोशल मीडिया पर कसी जाएगी नकेल, दमोह में एक्शन मोड में पुलिस, शांति समिति की बैठक में खिलाई गई कसम... आगे सूझी: आने वाले ईद के त्यौहार को देखते देश में तैयारिया जोरों पर है तो बकरीद को लेकर मुस्लिम धर्मावलंबी अपने इंतजामात में जुटे हैं, वहीं सूबे की सरकार और प्रशासन भी इस बड़े त्यौहार को अमन चैन के साथ मनाए जाने के लिए कोशिश में जुटा है और हर स्तर पर किसी अप्रिय स्थिति से निपटने तैयार है। इस बीच दमोह में भी जिला और पुलिस प्रशासन तैयारी में जुटा है। जिला शांति समिति की बड़ी बैठक में तमाम धर्म मजहब के लोगों को बुलाकर प्रशासन ने अपने इंतजामों से रुबरु कराया तो इस बार कुछ अलग अंदाज में शांति समिति के सदस्यों को सार्वजनिक कसम खिलाई गई है कि किसी भी कीमत पर अमन चैन बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरह पुलिस और सायबर सेल को जो इनपुट मिला है उसके मुताबिक सोशल मीडिया पर नकेल जरूर बताई गई है और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के लिए अलग से टीम भी बनाई गई है। एसपी ने सार्वजनिक रूप से ये बात कही है कि सोशल मीडिया को लेकर रिपोर्ट अच्छी नहीं है लिहाजा टीम बनाई है और माहौल बिगाड़ने वाला कोई भी हो बक्शा नहीं जाएगा।
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दिल्ली-एनसीआर में ट्रक ड्राइवर हड़ताल से सब्जी-फल मंडी में किल्लत शुरू

Delhi, Delhi:दिल्ली एनसीआर में ट्रक ड्राइवर का हड़ताल चल रहा है जो 21 मई से शुरू होकर 23 मई तक चलेगा और आज 22 मई है हड़ताल का दूसरा दिन है वही जब Zee Media की टीम दिल्ली के मशहूर ओखला सब्जी और फल मंडी पहुंची तो पता चला कि ओखला सब्जी मंडी में ट्रक ड्राइवर के हड़ताल के कारण जो सब्जी मंडी के अंदर ट्रैकों की संख्या रोजाना 500 के करीब होती थी अब वह घटकर 50% हो गया है जिससे अब अगले एक-दो दिनों में सब्जी मंडी में सब्जियों और फलों की किल्लत देखने को मिलेगा. वही हम आपको बता दे लगातार दिल्ली एनसीआर में पेट्रोल डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी हो रही है जिसके वजह से महंगाई बढ़ता जा रहा है उसी को लेकर ट्रक ड्राइवर भी हड़ताल कर रहे हैं कि उनकी तनख्वाह बढ़ाई जाए और किराए की बढ़ोतरी की मांग को लेकर यह तीन दिवसीय प्रदर्शन चल रहा है. VO : दिल्ली एनसीआर में ट्रक ड्राइवर की हड़ताल की वजह से अब आम जीवन में भी लोगों के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है दरअसल अचानक से ट्रांसपोर्ट के बंद हो जाने से सब्जी और फल मंडीयों में अब इसका असर देखने को मिल रहा है. ओखला सब्जी मंडी में सब्जी के थोक विक्रेता मोहम्मद ज़ाहिद बताते हैं कि ट्रैकों के हड़ताल होने की वजह से इसका असर मंडी में भी पड़ा है जिसके कारण सब्जियों थोड़ी महंगी हो गई है क्योंकि सब्जी मंडी में 40 परसेंट ट्रक ही अभी आ रहे हैं जिससे जितना माल उतरना चाहिए था उतना नहीं उतर रहा है और अब धीरे-धीरे स्टॉक खत्म हो रहा है इसलिए अब सब्जियाँ महंगी हो जाएगी फिलहाल हरी सब्जियां अभी सस्ती है लेकिन लहसुन और अदरक अभी महंगा हो गया है क्योंकि इसकी ट्रांसपोर्टेशन कम हो गई है वही सब्जी विक्रेता हेमंत बताते हैं कि देखिए जो दिल्ली में ट्रकों का हड़ताल चल रहा है इसके वजह से अब दिक्कत आना शुरू हो गया है जो माल 100% उतरा करता था अब 50% उतर रहा है क्योंकि हड़ताल से पहले रोजانہ 500 के करीब ट्रक ओखला सब्जी मंडी में सुबह पहुंचती थी जो घटकर अब ढाई सौ के करीब हो गया है ऐसे में कई सब्जियों के स्टॉक अब मार्केट में नहीं पहुंच पा रहा जिसके वजह से अब कई सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हो रही है अगर एक-दो दिनों में हड़ताल नहीं टूटा तो बहुत दिक्कत आने वाली है सभी सब्जियों और फलों के दाम में बढ़ोतरी हो जाएगी इसलिए सरकार को ट्रक यूनियन वाले से बात करके हड़ताल खत्म करवानी चाहिए अन्यथा दिल्ली में एक-दो दिनों के अंदर अब सब्जियों को लेकर मारामारी देखने को मिलेगा. बाइट : मोहम्मद जाहिद, शाहनवाज, हेमंत (ओखला मंडी के सब्जी विक्रेता )
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जालौन- कुठौंद हाईवे पर भीषण हादसा, युवक बाइक पर मौत; दो घायल

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मुसमरिया गांव निवासी शानू (20) अपने रिश्तेदार समीर और मेहरून के साथ गुरुवार रात दावत से वापस घर लौट रहा था। तीनों लोग बाइक से मुसमरिया गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जालौन कोतवाली क्षेत्र में जालौन-कुठौंद हाईवे पर चुंगी नंबर चार के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार शानू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि समीर और मेहरून गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक के चाचा शान मोहम्मद ने बताया कि शानू मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गुरुवार की रात वह नवीपुर स्थित रिश्तेदारी में आयोजित दावत में शामिल होने गया था और वापस लौटते समय हादसे का शिकार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मृतक के पिता रियाज, भाई अरबाज समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी युवक की मौत के बाद शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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आगरा में डीसीपी कार्यालय के बाहर विवाहिता ने आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने बचाई जान

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग डीसीपी कार्यालय पर विवाहिता ने किया आत्मदाह का प्रयास, ट्रांस यमुना की महिला ने खुद पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, मौके पर मचा हड़कंप, पुलिसकर्मियों ने बचाई जान, महिला के हाथ से माचिस छीनकर रोका हादसा, रिटायर्ड दरोगा ससुर पर लगाए गंभीर आरोप, मारपीट से परेशान होकर डीसीपी ऑफिस पहुंची थी महिला, वीडियो होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, थाना पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप कार्रवाई के लिए कई बार थाने के चक्कर लगाने की बात कही, आपबीती सुनाते सुनते हुए रो पड़ी पीड़िता, पुलिसकर्मियों ने समझाकर कराया शांत, डीसीपी सिटी अली अब्बास से कराई मुलाकात, डीसीपी ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन。 बाइट पीड़िता
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Chandauli में अलसुबह बड़ी चोरी, एक घर से 25 लाख के गहने लूट

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग :- चंदौली.. - चोरो ने चोरी की वारदात को दिया अजामं - लाखों रुपये गहने पर चोरो ने हाथ किया साफ - नगदी समेत करीब 25 लाख के गहने ले उड़े चोर - अलसुबह हुई बड़ी चोरी की वारदात से पूरे इलाके में सनसनी - अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर 50-60 हजार रुपये नगद और करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात किये चोरी - पीड़ित सुनील पाण्डेय के अनुसार, देर रात चोर घर में घुसे और दरवाजे की कुंडी बंद कर आराम से वारदात को अंजाम दिया - सुबह नींद खुलने पर घर का सामान बिखरा और अलमारी का ताला टूटा देख उड़े होश - चोरी हुए सामान में,सोने के,हार, कंगन,कान के तीन जोड़ी आभूषण,कई कीमती जेवर,महंगी साड़ियां शामिल - घटना के बाद परिवार में मातम, ग्रामीणों ने पुलिस गश्त पर सवाल उठाते हुए रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की - सूचना मिलते ही नवही चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे - मोबाइल फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाना की शुरू - गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल, पुलिस जल्द खुलासे के प्रयास में जुटी - सदर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव की घटना. बाइट : भुक्तभोगी परिवार
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हापुड़ के फ्रीगंज रोड पर कूड़े के ढेर में आग, कार जलकर खाक

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ में नगर कोतवाली क्षेत्र के फ्रीगंज रोड पर शुक्रवार को एक आगजनी की घटना हुई. यहां सड़क किनारे लगे कूड़े के एक ढेर में लगी आग की लपटों से पास में ही खड़ी एक कार इसकी चपेट में आ गई और देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई. जिससे ​मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी. राहत की बात यह रही कि सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद कार में लगी इस भयानक आग पर काबू पा लिया. ​लेकिन जब तक आग बुझाई गई, तब तक लाखों की यह कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चु, गाड़ी का सिर्फ लोहे का ढांचा बचा है। गनीमत यह रही कि इस हादसे के वक्त कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर कूड़े के ढेर में यह आग कैसे लगी.
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जलगांव में डीज़ल की कमी से ट्रांसपोर्ट और मालवाहक वाहन ठप

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव, ब्रेकिंग. बड़ी खबर. डिझेल की तुटवड्यामुळे जळगाव जिल्ह्यातील ट्रान्सपोर्ट व्यवसायावर प्रभाव; मालवाहू वाहनांची चाक थांबली. डिझेल नसल्याने ट्रान्सपोर्ट तसेच मालवाहतूक करणारे जवळपास 400/500 मालवाहू वाहने एकाच जागी थांबून. जळगाव जिल्ह्यातून देशभरात 1000 पेक्षा जास्त वाहनांच्या माध्यमातून ट्रान्सपोर्ट तसेच मालवाहतूक केली जाते. वाहने डिझेल नसल्यामुळे एक हजार पैकी जवळपास माल भरून 400/500 वाहने थांबून असल्याची ट्रान्सपोर्ट संघटनेच्या माहिती. दररोज कोटीचे उलाढाल ट्रान्सपोर्ट व्यवसायामध्ये मालवाहू वाहनांच्या माध्यमातून होत असते. डिझेलच्या तुटवड्यामुळे दररोज होणारी कोटींची उलाढाल ठप्प झाली असून ट्रान्सपोर्ट व्यवसायिकांचे मोठे आर्थिक नुकसान. बाहेरील जिल्ह्यातील माल घेऊन येणारी तसेच माल घेऊन जाणारी काही वाहन रस्त्यातच उभी; डिझेल पेट्रोल त्यांना ड्रम मध्ये भरून देण्यात येते; ब्लॅक मार्केटिंग होते आहे. डिझेलचे दर वाढल्याने त्यानंतर डिझेल उपलब्ध होत नाही; सरकारने अडचण निर्माण केली असे ट्रान्सपोर्ट संघटनेचं म्हणणे. gouvernement/प्रशासनातून वेळेवर विनाअडचण डिझेल उपलब्ध करून देण्याची मागणी ट्रान्सपोर्ट संघटनेचे यांनी केली आहे.
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तरावली चौराहे पर किसानों ने बिजली और खाद की समस्या के चलते चक्का जाम किया

Morena, Madhya Pradesh:अशोकनगर जिले के ईसागढ़ रोड स्थित तरावली चौराहे पर शुक्रवार को अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में स्थानीय किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों के साथ सड़क पर उतर आए। आक्रोशित किसानों ने बिजली कटौती और खाद की भारी किल्लत को लेकर तरावली चौराहे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम से न केवल अशोकनगर एवं ईसागढ़ का मार्ग दूंगा बल्कि आसपास के गांव में जाने वाले मार्गों पर भी किसानों ने जाम लगा दिया। यह प्रदर्शन उस समय किया गया है जब जिले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रभारी मंत्री के आने की तैयारी चल रही है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली और खाद की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले भी संबंधित विभाग के कार्यालय में जाकर लिखित ज्ञापन सौंपा था, जिसमें जल्द ही समस्या का समाधान हो जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासन के इसी अड़ियल रवैये से नाराज होकर किसानों को प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ा। किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में उन्हें रात के समय केवल दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह बिजली भी लगातार न मिलकर टुकड़ों में कट-कट कर दी जा रही है। एक घंटा बिजली देने के बाद कटौती कर दी जाती है, फिर कुछ देर बाद देकर दोबारा काट दी जाती है। इस आँख-मिचौली के कारण ग्रामीण इलाकों में रात काटना दूभर हो गया है और कृषि कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। इसके अलावा आगामी फसलों के लिए खाद की जो व्यवस्था की गई है उससे भी किसान नाराज हैं; उनका कहना है कि समुचित खाद किसानों को नहीं मिल पा रहा। किसानों का कहना है कि चक्काजाम की सूचना प्रशासन को पहले ही दी गई थी, उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग को दिए गए पिछले ज्ञापन में ही इस बात की चेतावनी दे दी गई थी कि यदि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने पर मजबूर होंगे। चक्काजाम कर रहे किसानों ने मौके पर ही वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर ठोस कार्रवाई की मांग की।
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पूर्वी राजस्थान में ब्रजभाषा-हिंदी को शिक्षा-सहायक बनाने की तेज मांग

Dholpur, Rajasthan:पूर्वी राजस्थान में ब्रजभाषा-हिंदी को शिक्षा-सहायक भाषा का दर्जा देने की मांग तेज बसेड़ी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राजस्थानी भाषा को विद्यालयी शिक्षा में चरणबद्ध रूप से शामिल करने के निर्देशों के बाद पूर्वी राजस्थान के नागरिकों ने राज्य सरकार के सामने अपनी अलग मांग रखदी है। उपखण्डाधिकारी बसेड़ी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को भेजे गए ज्ञापन में धौलपुर, भरतपुर, डीग, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर और दौसा जिलों की भाषाई विशिष्टता को आधार बनाकर अलग नीति निर्धारण की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के मातृभाषा आधारित शिक्षा संबंधी निर्देशों का हम सम्मान करते हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों का समर्थन भी करते हैं। लेकिन पूर्वी राजस्थान के भरतपुर संभाग और आसपास के इन 7 जिलों की भाषाई व सांस्कृतिक परिस्थिति राज्य के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों से भिन्न है। यहां सामान्य बोलचाल, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और पारिवारिक संवाद मुख्य रूप से ब्रजभाषा, हिंदी और क्षेत्रीय बोलियों पर आधारित हैं। इसलिए बिना क्षेत्रीय वास्तविकता का अध्ययन किए नीति लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा। *NEP 2020 और संविधान का दिया हवाला* ज्ञापनकर्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कहा कि NEP का मूल उद्देश्य बच्चों को उनकी घर की भाषा या मातृभाषा में शिक्षा देना है ताकि उनकी समझ और shैक्षणिक विकास बेहतर हो सके। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 29(1) और 350A का भी जिक्र किया गया है, जो भाषा-संस्कृति के संरक्षण और मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा पर जोर देते हैं। *बिना सर्वे लागू हुई नीति तो छात्रों पर पड़ेगा असर* ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि अगर क्षेत्र की वास्तविक भाषाई स्थिति का अध्ययन किए बिना ही भाषा नीति लागू कर दी गई तो छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम और स्कूल से जुड़ाव पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पूर्वी राजस्थान की भाषाई पहचान लंबे समय से अलग रही है, इसलिए यहां का स्वतंत्र और तथ्यात्मक मूल्यांकन जरूरी है। *सरकार के सामने रखीं 5 मुख्य मांगें* ज्ञापन के जरिए सरकार से 5 बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया है। पहली मांग 7 जिलों की भाषाई स्थिति जानने के लिए जिला या संभाग स्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाने की है। दूसरी मांग स्कूलों में ब्रजभाषा और हिंदी को शिक्षण-सहायक भाषा के रूप में मान्यता देने की है। तीसरी मांग है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर नीति बनाते समय पूर्वी राजस्थान की विशिष्टता का अलग से परीक्षण हो। चौथी मांग के अनुसार जब तक भाषाई सर्वे पूरा न हो जाए, तब तक यहां की व्यवस्था स्थानीय परिस्थिति के हिसाब से लचीली রাখी जाए। पांचवीं मांग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी है। कहा गया है कि जब तक स्थिति स्पष्ट न हो, तब तक राज्य की परीक्षाओं में प्रश्न केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही पूछे जाएं, स्थानीय बोली से संबंधित प्रश्न न हों। *भाषा विरोध नहीं, छात्र हित में कदम* ज्ञापनकर्ताओं ने साफ किया कि उनका मकसद किसी भाषा का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय की मंशा और NEP 2020 की भावना के अनुसार पूर्वी राजस्थान के विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक, समावेशी और असरदार शिक्षा व्यवस्था बनाना ही उनका उद्देश्य है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार क्षेत्र की भाषाई और सांस्कृतिक विशेषताओं का सम्मान करते हुए संतुलित और न्यायसंगत फैसला लेगी
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