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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow11 Jul 2024, 12:25 pm
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गोलें का मंदिर में छोटू राजावत हत्याकांड: दो गिरफ्तारी, इनाम घोषित

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर छोटू राजावत हत्याकांड मामले में गोले का मंदिर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी रानू सिकरवार और उसके साथी राजवीर चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वीओ- पुलिस के अनुसार बंटू ढाबा के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी रानू सिकरवार के पास से घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि 22 सितंबर की रात तानसेन ओवर ब्रिज के पास आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने मिलकर छोटू राजावत की हत्या कर दी थी। यह पूरा मामला गोले का मंदिर थाना क्षेत्र का है। पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे हत्याकांड से जुड़े अन्य फरार आरोपियों के बारे में भी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। बाइट- रोबिन जैन- CSP ग्वालियर
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जैसलमेर में हाईटेक इमरजेंसी अलर्ट ट्रायल, 5–10 सेकंड में मोबाइल पर चेतावनी

Jaisalmer, Rajasthan:जिले जैसलमेर विधानसभा जैसलमेर खबर की लोकेशन जैसलमेर जैसलमेर में हाईटेक इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का ट्रायल, 5 से 10 सेकंड में मोबाइल पर पहुंचेगा आपात अलर्ट जैसलमेर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सीमावर्ती जिले जैसलमेर में बुधवार को एक बार फिर सायरन की आवाज सुनाई दी। हालांकि यह किसी खतरे का अलर्ट नहीं था, बल्कि शहर में लगाए गए इमरजेंसी सायरन सिस्टम के ऑपरेशनल ट्रायल का हिस्सा था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात, मिसाइल या ड्रोन हमले के खतरे के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा जैसी आपात स्थितियों में आमजन तक कम से कम समय में सूचना पहुंचाने के लिए अलर्ट सिस्टम को हाईटेक किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर परिषद कार्यालय में लगाए गए इलेक्ट्रिक सायरनों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही शहर के कुल 11 अलग-अलग स्थानों पर सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी आधारित सायरन ट्रिगरिंग सिस्टम के प्रोटोटाइप का भी परीक्षण किया गया। सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) और संचार मंत्रालय के साइंटिस्ट-बी धनंजय प्रकाश ने बताया कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक आधारित सायरन ट्रिगरिंग सिस्टम का परीक्षण किया जा रहा है। इस प्रणाली के जरिए मिसाइल, ड्रोन अटैक या किसी अन्य आपात स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में मौजूद लोगों तक महज 5 से 10 सेकंड में अलर्ट पहुंचाया जा सकेगा। धनंजय प्रकाश के अनुसार यह तकनीक सेंट्रलाइज्ड ट्रिगरिंग सिस्टम पर आधारित है। पारंपरिक जीएसएम आधारित alर्ट सिस्टम में बड़े क्षेत्र और बड़ी संख्या में लोगों तक एक साथ तेजी से सूचना पहुंचाने की कुछ सीमाएं हैं। वहीं सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक को बड़ी संख्या में मोबाइल यूजर्स तक बेहद कम समय में चेतावनी पहुंचाने के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम में प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल फोन पर सीधे पॉप-अप अलर्ट दिखाई देगा और लाउड अलर्ट साउंड बजेगी। साथ ही ''''रीड अलाउड'''' फीचर के जरिए चेतावनी को ऑडियो के रूप में भी सुनाया जा सकेगा। खास बात यह है कि मोबाइल साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड में होने के बावजूद नेटवर्क स्तर से सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट पहुंचाया जा सकता है। हालांकि मोबाइल फ्लाइट मोड में होने पर नेटवर्क से डिस्कनेक्ट रहने के कारण अलर्ट नहीं पहुंच पाएगा। ऐसी स्थिति में क्षेत्र में लगाए गए भौतिक सायरन लोगों को चेतावनी देने का माध्यम बने रहेंगे। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक को मौजूदा सायरन नेटवर्क से जोड़ने के बाद किसी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से अलर्ट जारी होते ही संबंधित क्षेत्र के सायरन सक्रिय किए जा सकेंगे। साथ ही उसी क्षेत्र में मौजूद मोबाइल फोन पर भी तत्काल चेतावनी पहुंचाई जा सकेगी। इससे अलर्ट व्यवस्था केवल सायरन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मोबाइल नेटवर्क के जरिए सीधे लोगों तक सूचना पहुंचाने की क्षमता भी विकसित होगी। धनंजय प्रकाश ने बताया कि सी-डॉट की ओर से विकसित इस तकनीक को आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से देशभर में लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्तमान में अत्याधुनिक आपातकालीन अलर्ट प्रणाली का प्रोटोटाइप परीक्षण जारी है। जैसलमेर जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में इसे मौजूदा सायरन सिस्टम से जोड़ने का उद्देश्य आपात स्थिति में सूचना की गति और कवरेज को बेहतर करना है। प्राकृतिक आपदा, नागरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आपात हालात में लक्षित क्षेत्र तक तेजी से चेतावनी पहुंचाने में यह प्रणाली उपयोगी साबित हो सकती है। बाइट— धनंजय प्रकाश, साइंटिस्ट-बी, सी-डॉट एवं संचार मंत्रालय
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झामुमो का दावा: एसआईआर बंदी, सीआईसी पर देशद्रोह मुकदमे की मांग

Ranchi, Jharkhand:झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एसआईआर के विरोध में लोकभवन पर विरोध प्रदर्शन किया। एसआईआर की खामियों को लेकर एसआईआर पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार, बीजेपी के साथ साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधते हुए एसआईआर को बंद करने और सीआईसी पर देश द्रोह का मुकदमा कर बर्खास्त करते हुए कार्रवाई की मांग किया। झामुमो ने कहा चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष प्रहरी के तौर पर होना चाहिए पर देश की सत्ताधारी पार्टी को लाभ पहुंचाने वाला है। साथ ही कहा एसआईआर को लेकर आम लोग भी आक्रोशित हैं और आम आदमी लाइन में खड़ा है। ये आम लोगों को परेशान करने वाला काम है।
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करौली पुलिस टी-20 लीग: 512 टीमें, युवाओं के साथ पुलिस की साझेदारी

Karauli, Rajasthan:करौली जिले में पुलिस और युवाओं के बीच आपसी सहभागिता और मैत्री भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से कॉग्निवेरा टी-20 करौली पुलिस लीग का आयोजन किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन कर इसकी जानकारी दी। दिसम्बर और जनवरी माह में प्रस्तावित इस क्रिकेट प्रतियोगिता में जिले के थाना क्षेत्रों के बीट स्तर के Y-CLG सदस्य, पुलिस कैडेट्स, CLG सदस्य, स्थानीय पत्रकारों और युवाओं की संयुक्त टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को नशे, साइबर अपराध, छेड़छाड़ और बाल अपराध जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। साथ ही युवाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़कर पुलिस-जन सहभागिता बढ़ाने और पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रतियोगिता में लगभग 512 टीमें शामिल होंगी। प्रत्येक टीम में 14 खिलाड़ी होंगे और प्लेइंग इलेवन में कम से कम एक पुलिसकर्मी का खेलना अनिवार्य रहेगा। टीम का कप्तान Y-CLG सदस्य और उपकप्तान पुलिसकर्मी होगा। प्रतियोगिता दो चरणों में होगी। पहले चरण में थाना स्तर पर टेनिस बॉल से मुकाबले होंगे, जबकि जिला स्तर के दूसरे चरण में सफेद लेदर बॉल से मैच खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में विजेता और उपविजेता टीम को चल-वैजयन्ति ट्रॉफी दी जाएगी। इसके अलावा मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द सीरीज, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, गेंदबाज और क्षेत्ररक्षक को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
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बारां में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश: 11 चोरी की बाइक जब्त

Baran, Rajasthan:बारां कोतवाली पुलिस का बड़ा खुलासा, बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार कबाड़ी के गोदाम से 11 चोरी की बाइक बरामद बारां। जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने टीमों का गठन किया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बारां शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बाइक चोरी कर बेहद कम कीमत पर कबाड़ियों को बेच देते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मांगरोल रोड स्थित कबाड़ी शकील के गोदाम पर दबिश दी। गोदाम से पुलिस ने 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस ने कबाड़ी शकील को भी डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी एवं वृत्ताधिकारी रोहिताश देवांदा के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी हीरालाल पुनिया के नेतृत्व में की गई। पुलिस का कहना है कि बरामद की गई सभी मोटरसाइकिलों के चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर मालिकों की तलाश की जा रही है। साथ ही फरार आरोपियों से और भी चोरी की वारदातें खुलने की संभावना है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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जयपुर आरटीओ में रोस्टर आदेश की पालना नहीं, पारदर्शिता पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:रोस्टर आदेश, हवा-हवाई, सालों से एक ही सीट पर जमे हुए हैं परिवहन विभाग के बाबू-निरीक्षक! - परिवहन विभाग के कार्यालयों में रोस्टर आदेश की पालना नहीं, जबकि RTO कार्यालयों में पारदर्शिता के लिए निकाला गया था रोस्टर आदेश - ताकि एक ही सीट पर लम्बे समय नहीं रहें कार्मिक, क्या इस बार 1 अक्टूबर को होगी आदेश की पालना?, दूसरी तरफ जयपुर RTO द्वितीय ने 2 दिन पहले बदले 3 निरीक्षक जयपुर। परिवहन विभाग के कार्यालयों में भ्रष्टाचार में कमी लाने और पारदर्शिता से कामकाज को बढ़ावा देने की दिशा में रोस्टर करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। करीब 6 वर्ष पहले परिवहन मुख्यालय ने इसके आदेश निकाले थे। लेकिन परिवहन विभाग के कार्यालयों में इन आदेशों की पालना नहीं हो रही है। परिवहन विभाग के कार्यालयों में आमजन के लिए कामकाज को सुगम बनाने और पारदर्शिता लाने के लिए रोस्टर व्यवस्था लागू की गई थी। वर्ष 2020 में तत्कालीन परिवहन आयुक्त रवि जैन ने रोस्टर करने का आदेश निकाला था। इसमें कहा गया था कि परिवहन विभाग के कार्यालयों में प्रत्येक कार्मिक को सभी तरह के कार्यों में प्रशिक्षित करने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रोस्टर किया जाए। इसके तहत परिवहन विभाग के सभी निरीक्षकों का रोस्टर साल में 2 बार किया जाएगा। निरीक्षकों का रोस्टर 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को होगा। जबकि विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों का रोस्टर साल में एक बार 1 अप्रैल को किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कार्मिक की सीट बदलने की व्यवस्था दी गई थी। लेकिन पिछले करीब 2 साल से परिवहन विभाग में रोस्टर आदेशों की पालना नहीं हो रही है। नियमानुसार अब 1 अक्टूबर को परिवहन विभाग के सभी आरटीओ कार्यालयों में निरीक्षकों का रोस्टर किया जाना चाहिए। लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो ज्यादातर कार्यालयों में गुरुवार को निरीक्षकों के रोस्टर की कोई तैयारी नहीं की गई है। वहीं जयपुर आरटीओ द्वितीय धर्मेन्द्र कुमार ने 1 अक्टूबर से 2 दिन पहले ही 3 निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया है। इसमें मुख्यालय के रोस्टर आदेशों का हवाला नहीं दिया गया है। क्या था आदेश, पालना क्यों नहीं ? - 28 सितंबर 2020 को निकाले गए रोस्टर करने के आदेश - 1 अप्रैल 2026 को ज्यादातर RTO कार्यालयों में नहीं हुई पालना - जयपुर RTO प्रथम, जयपुर RTO द्वितीय में नहीं किए गए रोस्टर आदेश - न मंत्रालयिक कर्मचारियों की सीट बदली गई - न ही परिवहन निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में किया गया बदलाव - जयपुर के बाहर के अन्य RTO अधिकारियों ने भी रोस्टर के नाम पर की खानापूर्ति - रोस्टर की पालना नहीं होने से कई कार्यालयों में सालों से कार्मिक एक सीट पर जमे हुए - अब जयपुर RTO प्रथम में अगले कुछ दिन में रोस्टर करने की है संभावना - वहीं जयपुर RTO द्वितीय ने 2 दिन पहले ही 3 निरीक्षकों को बदलाव - निरीक्षक अनिल बसवाल, मुकुन्द राठौड़ और बिजेन्द्र जांगिड़ बदले - हालांकि बदलाव के आदेशों में रोस्टर आदेश की पालना का हवाला नहीं आईटी-लेखा कार्मिकों को दे दिए वाहन ट्रांसफर के कामकाज तत्क्षणीन परिवहन आयुक्त रवि जैन ने तब आदेशों में यह भी कहा था कि विभाग में कार्यरत लेखा विभाग के कार्मिकों और आईटी विभाग के कार्मिकों को उनके निर्धारित दायित्व के विपरीत कार्य आवंटित नहीं किया जाए। लेकिन परिवहन विभाग के कई आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में इसकी भी अवहेलना हो रही है। दरअसल कई कार्यालयों में आईटी शाखा के सूचना सहायकों और सहायक प्रोग्रामरों को मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए आवंटित कार्य दिए हुए हैं। इनमें वाहनों के ट्रांसफर, वाहनों के पंजीयन, टैक्स जमा करने से जुड़े कार्य सूचना सहायकों को दिए हुए हैं। इन कार्यों में वित्तीय अनियमितता होने की स्थिति में आईटी शाखा के कार्मिकों को विभाग नियमानुसार दोषी भी नहीं ठहरा सकता है। 7 डिजिट घोटाले में जयपुर आरटीओ प्रथम में दोषी माने गए आईटी शाखा के कार्मिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। कुलमिलाकर परिवहन विभाग के कार्यालयों में रोस्टर आदेशों की अवहेलना होने से पारदर्शिता और सुगम कार्यशैली पर सवाल लगातार बने हुए हैं।
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सुगम परिवहन योजना: छह महीने में 1500 बस शुरू, PPP मॉडल से पूरी होगी

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप का बयान एक अच्छी पहल सुगम परिवहन सेवा शुरू की गई है 3 मॉडल पर बस सेवा शुरू की गई है 2029 -30 तक पूरा मॉडल ppp मोड पर तैयार किया जाएगा रियल टाइम निगरानी सीसीटीवी कैमरे सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था की गई है जहाँ इन्फ़्रास्टचर नहीं है उधर जल्द से जल्द तैयार किया जा रहा है बस स्टैंड बनाए जाएँगे इस योजना में बस सरकार नहीं ख़रीदेगी विसंगतिया दूर करने का काम सरकार करेगी 15 साल बस की लाइफ रखी गई है जिसे पूरा किया जाएगा कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम कर रही है कि खटारा बस चलाई जा रही है कांग्रेस के राज्यो में ख़ुद उनको देखना चाहिए उनके राज्यों में बस सेवा का क्या हाल है हम प्राइवेट बस संचालकों को ट्रेनिंग करवाएँगे सरकार यदि आपके स्पोर्ट में खड़ी होगी तो कई विसंगतियां दूर होगी अगले 6 महीने में 1500 बस शुरू की जाएगी जिसे धीरे धीरे बढ़ाया जाएगा ट्रेन जैसी ऑनलाइन सेवा बस सेवा में भी दिया जाएगा कांग्रेस का एक ग़लत निर्णय के कारण आम जानता 25 सालों से सफ़र कर रहा था जिसका निराकरण हमारी सरकार कर रही है पुरानी बसेस चलती रहेगी कांग्रेस छोटे बस ऑपरेटरस का अपमान कर रही है भोपाल परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप का बयान एक अच्छी पहल सुगम परिवहन सेवा शुरू की गई है 3 मॉडल पर बस सेवा शुरू की गई है 2029 -30 तक पूरा मॉडल ppp मोड पर तैयार किया जाएगा रियल टाइम निगरानी सीसीटीवी कैमरे सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था की गई है जहाँ इन्फ़्रास्टचर नहीं है उधर जल्द से जल्द तैयार किया जा रहा है बस स्टैंड बनाए जाएँगे इस योजना में बस सरकार नहीं ख़रीदेगी विसंगतिया दूर करने का काम सरकार करेगी 15 साल बस की लाइफ रखी गई है जिसे पूरा किया जाएगा कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम कर रही है कि खटारा बस चलाई जा रही है कांग्रेस के राज्यो में ख़ुद उनको देखना चाहिए उनके राज्यों में बस सेवा का क्या हाल है हम प्राइवेट बस संचालकों को ट्रेनिंग करवाएँगे सरकार यदि आपके स्पोर्ट में खड़ी होगी तो कई विसंगतियां दूर होगी अगले 6 महीने में 1500 बस शुरू की जाएगी जिसे धीरे धीरे बढ़ाया जाएगा ट्रेन जैसी ऑनलाइन सेवा बस सेवा में भी दिया जाएगा कांग्रेस का एक ग़लत निर्णय के कारण आम जानता 25 सालों से सफ़र कर रहा था जिसका निराकरण हमारी सरकार कर रही है पुरानी बसेस चलती रहेगी कांग्रेस छोटे बस ऑपरेटरस का अपमान कर रही है
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पूर्वांचल चाय की दुकानों पर जनता की राजनीति: रोजगार और राम मंदिर

Noida, Uttar Pradesh:चुनावी चाय आप की राय लोकेशन, बस्ती कहते हैं कि अगर पूर्वांचल की राजनीति को समझना है, तो किसी बड़े मंच या चुनावी रैली में जाने की जरूरत नहीं बस किसी चाय की दुकान पर बैठ जाइए। यहां चाय की चुस्कियों के बीच ऐसी राजनीतिक बहस छिड़ती है, जो नेताओं की रणनीति से लेकर जनता के मिजाज तक सब कुछ बयां कर देती है। पूर्वांचल को नेताओं की नर्सरी कहा जाता है और माना जाता है कि यहां का जनमत पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने का दम रखता है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ज़ी न्यूज़ की टीम भी पहुंची एक चाय की दुकान पर जहां लोगों से जाना कि आखिर इस बार जनता के मन में क्या चल रहा है। विकास, जातीय समीकरण, महंगाई, रोजगार और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। चाय की भाप के साथ उठती राजनीतिक चर्चा और हर मेज पर चुनावी गणित। पूर्वांचल की पहचान सिर्फ संस्कृति और सभ्यता से नहीं, बल्कि उसकी राजनीतिक समझ से भी होती है। यही वजह है कि इसे नेताओं की नर्सरी कहा जाता है। यहां चाय की दुकानें सिर्फ चाय पीने की जगह नहीं, बल्कि राजनीति की खुली पाठशाला भी हैं। आगामी चुनाव को लेकर जब ज़ी न्यूज़ की टीम लोगों के बीच पहुंची तो किसी ने विकास को सबसे बड़ा मुद्दा बताया, तो किसी ने रोजगार और महंगाई पर सरकारों को घेरा। कई लोगों ने कहा कि जातीय समीकरण आज भी चुनाव में प्रभाव रखते हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि अब जनता काम के आधार पर वोट देना चाहती है। राम मंदिर का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। कुछ लोगों ने इसे आस्था और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ा, तो कुछ ने कहा कि अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। चाय पर चली इस चर्चा में हर व्यक्ति ने अपनी सोच और अपने अनुभव के आधार पर खुलकर अपनी बात रखी। पूर्वांचल की राजनीति हमेशा पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। यही कारण है कि राजनीतिक दल भी यहां के जनमत को सबसे गंभीरता से लेते हैं। चाय की दुकान पर हुई यह चर्चा साफ संकेत देती है कि जनता हर मुद्दे पर सोच रही है, सवाल पूछ रही है और अपने वोट की ताकत को समझ भी रही है। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बस्ती जिले की सभी 5 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। हर्रैया विधानसभा से अजय कुमार सिंह को 97,014 वोट, सपा से राजकिशोर सिंह को 66,908 मिले थे, कप्तानगंज विधानसभा से बीजेपी के चंद्र प्रकाश शुक्ल को 70,527 वोट, बसपा के राम प्रसाद चौधरी 63,700 वोट मिल था, रुधौली विधानसभा से बीजेपी के संजय प्रताप जायसवाल 90,228 वोट, बसपा के राजेंद्र प्रसाद चौधरी को 68,423 वोट मिले थे, बस्ती सुदर से बीजेपी के दयाराम चौधरी को 92,697 वोट, सपा के महेंद्र नाथ यादव 50,103 वोट मिले थे, महादेवा (SC) सीट से बीजेपी के रवि कुमार सोनकर चुनाव जीते थे, 2022 के विधानसभा में सपा ने सबको चौंका दिया, सपा और उसके गठबंधन ने 5 में से 4 सीट पर जीत दर्ज की, हर्रैया विधानसभा से बीजेपी के अजय सिंह ने चुनाव जीता।
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शामली में बीकॉम छात्रा के साथ छेड़छाड़ VIDEO वायरल, आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की मांग

Shamli, Uttar Pradesh:शामली मिला हुआ संदर्भ: बीकॉम की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ और गाली-गलौज का वीडियो वायरल हुआ। वायरल होने पर पीड़ित छात्रा ने दर्जनों छात्राओं के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस में आरोपी की शिकायत की और कानूनी कार्रवाई की मांग की। घटनाक्रम मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित हंगरी पॉइंट के पास हुआ, जहां एक युवक ने छात्रा के साथ धक्का मुक्की की और गाली-गलौज की। पीड़ित छात्रा ने कोतवाली जाकर शिकायत दर्ज करवाई और अदालतिक कार्रवाई की मांग की। छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, और कहा कि भाजपा सरकार में छात्राएं सुरक्षित नहीं है। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच शुरू करने की बात कही।
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रबी फसलों के MSP में बड़ा इज़ाफा; कुसुम MSP में सबसे अधिक वृद्धि

Noida, Uttar Pradesh:केंद्र सरकार ने रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी, मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए CCEA का फैसला। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) के MSP में — ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि, नया MSP ₹7,215। सरसों-राई के MSP में ₹413 की बढ़ोतरी — नया MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल। मसूर के MSP में ₹390 की वृद्धि — नया MSP ₹7,390 प्रति क्विंटल। चना ₹83 बढ़ा — नया MSP ₹5,958 प्रति क्विंटल। जौ ₹136 बढ़ा — नया MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल। गेहूं के MSP में ₹25 की बढ़ोतरी — नया MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल। सरकार के मुताबिक सभी रबी फसलों के MSP को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना रखने की नीति के अनुरूप बढ़ाया गया है। लागत पर सबसे ज्यादा अनुमानित मार्जिन गेहूं में 106%, सरसों में 96%, मसूर में 92%, चने में 59%, जौ में 58% और कुसुम में 50% है। सरकार के मुताबिक MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य देना और दलहन-तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देना है। गेहूं की सरकारी खरीद 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढ़कर 3715 LMT हुई, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2254 LMT थी। छह रबी फसलों की कुल खरीद 2014-15 से 2025-26 में 3921 LMT हुई, जबकि 2004-05 से 2013-14 में 2302 LMT थी। छह रबी फसलों के किसानों को MSP के तहत भुगतान भी बढ़ा—₹8.36 लाख करोड़, जबकि 2004-05 से 2013-14 में यह ₹2.65 लाख करोड़ था।
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ग्वालियर में कांग्रेस का प्रदर्शन: इस्तीफे की मांग तेज

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में कांग्रेस का हल्लाबोल देखने के लिए मिला, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन देखने के लिए मिला। जिला न्यायालय गेट से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट की ओर कूच हुआ, जिसमें शहर और ग्रामीण कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। जिला निर्वाचन कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन देखने मिला, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, जमकर नारेबाजी की, इस दौरान बेरिकेड्स पर चढ़ने और उन्हें तोड़ने का भी प्रयास कांग्रेसियो ने किया। वहीं प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल पहले से ही तैनात था। ऐसे में जब बेरिकेड्स तोड़ने का प्रयास हुआ तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान ज्ञानेश कुमार का मुखोटा लगाकर एक कांग्रेसियो पहुंचा, जिसे उन्होंने बताया कि यह भाजपा कार्यालय के पीछे छुपे थे, जिन्हें आज कांग्रेसियो ने पकड़ा। इसके बाद सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने ज्ञानेश कुमार के पोस्टर को जलाया, उस पर जूते चप्पल भी मारे, निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए कहा कि जब तक उनका इस्तीफा नहीं होता है, तब तक कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा।
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