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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow3 Nov 2024, 12:52 pm

डालटनगंज से BJP उम्मीदवार आलोक चौरसिया का चुनाव प्रचार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समर्थन की अपील

Palamu, Jharkhand:

पलामू की डालटनगंज विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार आलोक कुमार चौरसिया ने नक्सल प्रभावित चैनपुर के नावा, डाटम, आदर, चोरहट, रामगढ़, और नावाडीह जैसे कई क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील की। Zee Media से बातचीत में आलोक चौरसिया ने बताया कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं जिनमें सड़कों और पुलों की समस्याओं का समाधान शामिल है। उन्होंने वादा किया कि अगर जनता ने उन्हें फिर मौका दिया तो वह क्षेत्र का और अधिक विकास करेंगे।

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चितरी थाना पुलिस ने अवैध जंगले वाले 11 वाहन डिटेन कर हटवाए

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा सागवाडा अखिलेश शर्मा लोकेशन चितरी चितरी थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत अवैध जंगले वाले 11 वाहनों को डिटेन किया और उन पर कटर से जंगल काटकर हटवाया गया. डूंगरपुर जिले के चितरी थाने के CI रतनलाल जटिया ने बताया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत चितरी थाना पुलिस ने वाहनों की मूल संरचना में अवैध रूप से परिवर्तन कर लगाए गए लोहे के जंगलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. इन 11 वाहनों को मौके पर डिटेन किया गया और अवैध जंगलों को काटकर हटवाया गया. इन सभी वाहन के खिलाफ MV Act के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई. विशेष अभियान के तहत 38 वाहनों के नंबर प्लेट/दोषपूर्ण पंजीकरण, 13 वाहनों पर काली फिल्म, 12 वाहनों पर अनाधिकृत चिह्न, 1 वाहन पर प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न आदि मामलों में भी कार्रवाई हुई.
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HC issues notice on CBSE online copy checking glitches

Noida, Uttar Pradesh:सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा की ऑनलाइन कॉपी जांच की व्यवस्था (OSM सिस्टम) मे तकनीकी खामियों की जांच की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने CBSE और केंद्र को नोटिस जारी किया। NSUI अध्यक्ष विनोद झाखड़ के ज़रिए दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां धुंधली थीं, उनके पन्ने गायब थे और कई मामलों में मूल्यांकन सही तरीके से नहीं हुआ। NSUI ने मांग की है कि ऐसे छात्रों को नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाएं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।जिन छात्रों को अपनी कॉपी की जांच पर शक है, उनकी कॉपी दोबारा जांची जाए और असली उत्तर पुस्तिका भी देखी जाए। हालांक, CBSE ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एक राजनीतिक संगठन है। शिक्षा से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। CBSE छात्रों के संपर्क में है।और इससे पहले भी कई मौके पर कॉपी दोबारा जांचने के लिए पोर्टल की समयसीमा को बढ़ाया गया है。
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यदुनंदन नगर बाजार चौक में रंजिश की चाकूबाजी: युवक गिरी गोस्वामी घायल

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा स्थित यदुनंदन नगर बाजार चौक में देर रात आपसी रंजिश के चलते चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें केवल गिरी गोस्वामी नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर ने व्यस्त इलाके में युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस पूरी वारदात का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था और गश्त बढ़ाने की मांग की है, वहीं सिरगिट्टी पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है
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पेंशनर्स ने आंदोलन की चेतावनी के बीच राहत और भुगतान पर कार्रवाई की मांग

Solan, Himachal Pradesh:हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन, सोलन इकाई की मासिक बैठक सोमवार को अध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के महासचिव जगदीश ठाकुर ने हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता और पेंशनर्स की लंबित मांगों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि लंबे समय से पेंशनर्स सरकार और प्रबंधन के रवैये से असंतुष्ट थे, क्योंकि कई घोषणाओं के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पाया था। हालांकि, 7 जून को सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक के बाद पेंशनर्स को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। महासचिव जगदीश ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें 11 करोड़ रुपये पेंशनर्स और 9 करोड़ रुपये कर्मचारियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक माह पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 23 करोड़ रुपये की अलग ग्रांट जारी करने पर भी सहमति बनी है। लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, रात्रि भत्ता और ओवरटाइम से जुड़े लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति पर चल रहा है। जब तक घोषणाओं की लिखित प्रक्रिया पूरी नहीं होती और निर्णय धरातल पर लागू नहीं होते, तब तक 18 जून से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन और मुख्यालय घेराव का कार्यक्रम यथावत रहेगा। बैठक में मुख्य सलाहकार अशोक वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम गोपाल भारद्वाज, कानूनी सलाहकार गोपाल सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर सकारात्मक परिणाम नहीं मिले तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा。
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लखनऊ के मोहर्रम में 72 तोला सोने के अलम की शाही जुलूस वापसी की मांग

Lucknow, Uttar Pradesh:मोहर्रम में शामिल होने वाले 72 तोले में सोने के अलम के लिए रॉयल फैमिली के नवाब पहूचे लखनऊ डीएम के पास मोहर्रम के आगाज़ के साथ ही लखनऊ की अज़ादारी परंपराओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है इस बार नवाबों के वंशज नवाब मसूद अब्दुल्ला ने मांग उठाई है कि 1984 से बैंक लॉकर में सुरक्षित रखे गए 72 तोला सोने के ऐतिहासिक अलम को फिर से शाही जुलूस का हिस्सा बनाया जाए उनका कहना है कि यह अलम नवाबी दौर की विरासत और अज़ादारी की पहचान रहा है नवाबों की नगरी लखनऊ में मोहर्रम की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं एक मोहर्रम को ऐतिहासिक आसिफी इमामबाड़े से निकलने वाला शाही जुलूस अपनी शानो-शौकत और सदियों पुरानी परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है नवाबों के वंशज नवाब मसूद अब्दुल्ला के मुताबिक, नवाब मोहम्मद अली शाह ने वर्ष 1839 में इस शाही जुलूस की शुरुआत की थी तब से हुसैनाबाद ट्रस्ट के जरिए यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है जुलूस में हाथी, घोड़े, शाही बैंड, शहनाई, मोम की जरीह और विभिन्न प्रकार के अलम शामिल होते हैं उन्होंने बताया कि नवाबी दौर में 72 तोला सोने का अलम इस जुलूस की खास पहचान हुआ करता था यह अलम छोटे इमामबाड़े में रखा जाता था और मोहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसकी जियारत करने पहुंचते थे लेकिन वर्ष 1984 में सुरक्षा कारणों से इस अलम को चौक स्थित एक बैंक के लॉकर में रख दिया गया तब से यह ऐतिहासिक अलम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है नवाब मसूद अब्दुल्ला का कहना है कि पहले प्रदेश के गवर्नर इसकी जियारत करते थे, उसके बाद आम लोगों को भी दर्शन का अवसर मिलता था आज अफहाम-ए-जमा सोसाइटी के प्रतिनिधिमंडल रॉयल फैमिली के नवाब मसूद अब्दुल्ला लखनऊ के डीएम वीशाक अय्यर जो हुसैनाबाद ट्रस्ट के अध्यक्ष से मिले और ऐतिहासिक धरोहर को लॉकर से बाहर निकालकर पहले की तरह सजाया जाए और शाही जुलूस तथा अज़ादारी की परंपरा से दोबारा जोड़ा जाए ओर 9 मोहर्रम में रखने की अपील की और उसकी फोटोग्राफी कराए मगर लखनऊ डीएम ने कागजों का हवाला देकर अभी मोहर्रम में समय बचा है इतनी जल्दी मोहर्रम से आलम नहीं निकल पाएगा मना कर दिया इसके बाद नवाब मसूद अब्दुल्ला ने कहा है हम लोग का कोर्ट का रुख इख्तियार करेंगे नवाब मसूद अब्दुल्ला, (नवाबों के वंशज) अब देखना होगा कि प्रशासन और हुसैनाबाद ट्रस्ट इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और क्या इस बार मोहर्रम के शाही जुलूस में 72 तोला सोने का ऐतिहासिक अलम एक बार फिर नजर आएगा।
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चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन

Kota, Rajasthan:चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन कोटा बोरखेड़ा थाना इलाके के चन्द्रेसल मठ में महंत देवानन्द महाराज की हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग को लेकर ब्राह्मण कल्याण परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम को ज्ञापन दिया। ब्राह्मण कल्याण परिषद के अनिल तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा उन्होंने ज्ञापन देकर देवानन्द महाराज के हत्यारे को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की साती पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने को कहा गया। ब्राह्मण कल्याण परिषद के अनिल तिवारी ने बताया कि 5 जून रात्रि को देवानंद महाराज की चाकू भोगकर हत्या की गई थी जिसके हथियारों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है
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चकाई में छह साल के प्रेम के बाद विवाह-संबंधी धोखा, युवक शादीशुदा निकला—हंगामा

Jamui, Bihar:जमुई जिले के चकाई प्रखंड में प्यार, धोखा और हाई-वोल्टेज ड्रामे का एक अनोखा मामला सामने आया है। शादी के दौरान अगुआ (मध्यस्थ) बनकर पहुंचे युवक से एक युवती को प्यार हो गया। छह वर्षों तक चले प्रेम संबंध के बाद युवक के शादीशुदा होने की जानकारी मिलने पर युवती उसके घर पहुंच गई, जहां विवाद इतना बढ़ा कि मामला अस्पताल और पुलिस तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, धनबाद के पुराना बाजार निवासी ममता कुमारी को चिहरा थाना क्षेत्र के गगनपुर गांव निवासी अरुण यादव से प्रेम हो गया था। ममता की मां के मुताबिक, अरुण कई वर्ष पहले उनके रिश्तेदार की शादी में अगुआ बनकर आया था। उसी दौरान उसने उसने मोबाइल नंबर लिया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। पीड़िता का आरोप है कि करीब दो महीने पहले उसे फेसबुक के माध्यम से पता चला कि अरुण पहले से शादीशुदा है। इस बात की सच्चाई जानने के लिए वह रविवार को गगनपुर स्थित उसके घर पहुंची। युवती का आरोप है कि वहां अरुण और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की तथा जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे चकाई रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, अरुण यादव के भाई आनंद यादव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उनका परिवार युवती को नहीं जानता। उन्होंने दावा किया कि युवती अचानक घर में घुस आई और परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट करने लगी। बाद में उसने स्वयं कोई अज्ञात पदार्थ खा लिया। और हम लोगों को फसाने की बात करने लगी। तब हम लोगों के द्वारा इसका विरोध किया गया इसके साथ हम लोगों ने मारपीट नहीं की है। खुद अपने शरीर पर इस तरह करके हम लोगों को फंसा रही है。 घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस संबंध में चिहरा थानाध्यक्ष रिंकू रजक ने बताया कि युवती को पुलिस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता की ओर से आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की जांच में जुटी है।
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पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी भानु प्रताप उर्फ बबलू का पुलिस एनकाउंटर में अंत

Gorakhpur, Uttar Pradesh:मित्रता से मर्डर तक:भानु प्रताप उर्फ बबलू का खूनी सफर खत्म,1 लाख का इनामी जयराम गैंग के शूटर का हुआ अंत। कभी दोस्ती निभाने के लिए हत्या की वारदात में शामिल हुआ एक युवक, देखते ही देखते पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी बन गया। हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित एक लाख के इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू का आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया। रविवार देर रात प्रयागराज एसटीएफ और बदमाश के बीच अयोध्या के दर्शन नगर इलाके में मुठभेड़ हुई। गोली लगने से घायल भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव निवासी भानु प्रताप का आपराधिक सफर वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। बताया जाता है कि एक मित्र की रंजिश में साथ देने के लिए उसने पहली बार हत्या की वारदात में कदम रखा और फिर अपराध की दुनिया में लगातार आगे बढ़ता चला गया। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। देखिए उसके अपराध और एनकाउंटर की पूरी कहानी, इस रिपोर्ट में। गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव में जन्मा भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू कभी एक सामान्य ग्रामीण युवक था। लेकिन वर्ष 2013 में दोस्ती निभाने के नाम पर उसने अपराध की दुनिया में ऐसा कदम रखा, जिससे उसकी पूरी जिंदगी बदल गई। बहादुरपुर गांव निवासी होमगार्ड कमांडेंट विनोद सिंह की हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया। बताया जाता है कि मित्र की रंजिश में साथ देने के लिए भानु प्रताप इस वारदात में शामिल हुआ था। यही घटना उसके अपराधी जीवन की शुरुआत बनी। हत्या के इस मामले के बाद भानु प्रताप पुलिस रिकॉर्ड में चढ़ गया और बेलघाट का हिस्ट्रीशीटर घोषित हुआ। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2015 में बस्ती जिले के लालगंज थाने में हत्या के एक और मुकदमे में उसका नाम दर्ज हुआ। वहीं वर्ष 2016 उसके अपराधी जीवन का सबसे सक्रिय दौर साबित हुआ। सिकरीगंज, बांसगांव और खजनी थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ लूट और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हुए। खजनी थाने में डकैती, हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े गंभीर आरोप लगे। लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की। इसके बाद वह लंबे समय तक फरार रहने लगा और पुलिस की निगरानी सूची में शामिल हो गया। वर्ष 2023 में बांसगांव थाने में उसके खिलाफ लूट, धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। यही दौरान वह पुलिस की गिरफ्त से दूर होता चला गया। पुलिस के मुताबिक भानु प्रताप सिंह पर गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और संगठित अपराध से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे। आजमगढ़ पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये, आंबेडकरनगर पुलिस ने पचास हजार रुपये और गोरखपुर पुलिस ने पंद्रह हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। वर्ष 2025 में आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में हुए चर्चित दूध व्यापारी पातीराम हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। रविवार की देर रात प्रयागराज एसटीएफ को भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिली। अयोध्या के दर्शन नगर इलाके में जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें भानु प्रताप गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। करीब एक दशक तक पूर्वांचल में अपराध का पर्याय बन चुका भानु प्रताप सिंह आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसके अंत के साथ ही उसके लंबे और खूनी आपराधिक सफर का भी पटाक्षेप हो गया।
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बस्ती पुलिस ने नौ महीने पुरानी अवैध शराब तस्करी के आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार किया

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती पुलिस ने करीब नौ महीने पुराने अवैध शराब तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। टोल प्लाजा पर पकड़े गए शराब से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हुए 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, यहाँ तक कि उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की उद्घोषणा भी जारी हो चुकी थी। अब कोतवाली पुलिस ने उसे दबोच कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। ये वही शातिर आरोपी प्रहलाद है, जिसकी तलाश बस्ती पुलिस पिछले कई महीनों से कर रही थी। सितंबर 2025 में बस्ती टोल प्लाजा पर एक ट्रक से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद हुई थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। मामले में थाना कोतवाली में गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। फरारी के चलते पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इतना ही नहीं, न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट और कुर्की उद्घोषणा भी जारी कराई गई थी। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर टोल प्लाजा के पास से आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस गिरफ्तारी को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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पूरनपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में धार्मिक भेदभाव के आरोप

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर-पीलीभीत की तहसील पूरनपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदू छात्राओं के साथ धार्मिक भेदभाव का आरोप लगा है। आरोप है कि यहां हिंदू छात्राओं को स्कूल आने पर उनके माथे से तिलक धोने को मजबूर किया गया और उन्हें भविष्य में तिलक लगाकर आने पर सख्त चेतावनी भी दी गई। यह आरोप स्कूल की प्रधानाचार्या जाहिदा खातून पर लगे हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पुरनपुर में प्रिंसिपल जाहिदा खातून पर हिंदू छात्राओं के प्रतीकों को पहनने से रोकने और मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित करने के आरोप लगाए गए। नगर के रहने वाले राजेंद्र कुमार आर्य ने जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने प्रधानाचार्य जाहिदा खातून पर हिंदू छात्राओं के साथ पक्षपात करने, धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोकने और तिलक धुलवाने का आरोप लगाया। जांच कमेटी में एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, सीओ डॉ. प्रतीक दहिया और जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार शामिल हैं। अभी तक शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया गया है, लेकिन स्कूल की छुट्टी होने के कारण प्रधानाचार्य जाहिदा खातून, अन्य शिक्षकों और छात्राओं के बयान अभी दर्ज नहीं हो पाए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाया गया तो प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मंदिरों में ऑनलाइन दान अब शांति और संतोष की चाह बढ़ा रहा है

Jaipur, Rajasthan:एंकर-मंदिरों में चढ़ावे का तरीका बदला है, लेकिन आस्था नहीं। अब भक्त भगवान के दरबार में प्रसिद्धि या दिखावे की नहीं, बल्कि मन की शांति, परिवार की खुशहाली और आर्थिक उन्नति की कामना लेकर पहुंच रहे हैं। देवस्थान विभाग को पिछले 9 वर्षों में मिले ऑनलाइन दान के आंकड़े बताते हैं कि नई पीढ़ी की श्रद्धा अधिक निजी, व्यावहारिक और डिजिटल हो गई है। आखिर भक्तों की बदलती प्राथमिकताएं क्या कहती हैं, देखिए रिपोर्ट। वीओ-1- मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सोच अब तेजी से बदल रही है। देवस्थान विभाग को वर्ष 2017 से 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से मिले 34.93 लाख रुपए के दान के आंकड़े बताते हैं कि भक्त अब प्रसिद्धि, सामाजिक प्रतिष्ठा या पारंपरिक मान्यताओं से अधिक मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, आर्थिक उन्नति और व्यक्तिगत संतोष को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऑनलाइन दान के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चुने गए विभिन्न मदों का विश्लेषण इस बदलाव की साफ तस्वीर पेश करता है। सबसे अधिक राशि धन-मन संवर्धन, मनोकामना पूर्ति, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली से जुड़े मदों में प्राप्त हुई है। इसके विपरीत प्रसिद्धि प्राप्ति और संतति संबंधी मदों में सबसे कम दान दर्ज हुआ है। विशेषज्ञ इसे बदलते सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परिवेश का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि आज की पीढ़ी के लिए आस्था केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक सहारे का माध्यम भी बन गई है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, आर्थिक चुनौतियों और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच लोग ईश्वर से सफलता के साथ-साथ मन की शांति और स्थिरता की कामना कर रहे हैं। श्रेणी (मद) चढ़ावा धन-मन-धन संवर्धन 5.41 लाख मनोकामना पूर्ति 5.19 लाख स्वास्थ्य 4.31 लाख सफलता 3.34 लाख प्रसिद्धि मद 8,748 संतति मद 12,136 मांगलिक उत्सव 23,860 डिजिटल दान के पीछे सोच और मंशा - आर्थिक मजबूती की चाह यानी तरक्की, समृद्धि व सुख-शांति; अटूट विश्वास यानी सीधे मन्नत मांगने व संकल्प पूरे होने पर भरोसा; अच्छे स्वास्थ्य और परिवार के आरोग्य की जागरूकता; नौकरी-बिजनेस में कामयाबी के लिए जमकर दान; अब मंदिर में नाम की तख्ती लगवाने या दिखावे को महत्व नहीं; बेटे-पोते की चाह जैसी पुरानी मान्यता दूर हो रही; बड़े आयोजनों में दिखावे के बजाय शांत भाव से आस्था जता रहे। वीओ-2- देवस्थान विभाग के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि आर्थिक मजबूती की चाह लोगों की प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान पर है। नौकरी, व्यवसाय, करियर और आय में वृद्धि की कामना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन दान किया। वहीं अच्छे स्वास्थ्य और परिवार के सदस्यों के आरोग्य के लिए भी उल्लेखनीय राशि चढ़ाई गई। दिलचस्प तथ्य यह है कि डिजिटल माध्यम ने आस्था की अभिव्यक्ति का तरीका भी बदल दिया है। पहले मंदिरों में बड़े दान के साथ नाम पट्टिकाएं लगवाना या सार्वजनिक रूप से योगदान दिखाना सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता था। अब बड़ी संख्या में लोग घर बैठे ऑनलाइन दान कर रहे हैं, जहां न तो किसी प्रदर्शन की जरूरत है और न ही सार्वजनिक पहचान की। इससे स्पष्ट है कि श्रद्धालु दिखावे के बजाय निजी और आत्मिक संतोष को अधिक महत्व दे रहे हैं। सामाजिक बदलाव का असर संतति संबंधी मान्यताओं पर भी दिखाई दे रहा है। कभी पुत्र प्राप्ति या वंश वृद्धि जैसी कामनाएं धार्मिक दान का बड़ा कारण होती थीं, लेकिन अब ऐसे मदों में अपेक्षाकृत कम रुचि देखने को मिल रही है। यह समाज में बदलती सोच और नई पीढ़ी के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। धर्म और समाजशास्त्र के जानकार मानते हैं कि दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मिक संतुलन और सामाजिक संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में योगदान देने से लोगों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि श्रद्धालु अब दान को केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि मानसिक संतोष और जीवन में सकारात्मकता लाने के माध्यम के रूप में देखने लगे हैं। बहरहाल, देवस्थान विभाग के ऑनलाइन दान के नौ वर्षों के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि आस्था का स्वरूप बदल रहा है। भगवान के प्रति विश्वास पहले जितना ही मजबूत है, लेकिन अब भक्तों की प्रार्थनाओं में प्रसिद्धि से ज्यादा शांति, दिखावे से ज्यादा संतोष और परंपरा से ज्यादा व्यक्तिगत जुड़ाव दिखाई दे रहा है। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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