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Manish KumarManish KumarFollow16 Apr 2025, 11:07 am

Mandi - सरदार पटेल विश्वविद्यालय पधर कैंपस में बीए, एलएलबी कोर्स का इंतजार खत्म

Mandi, Himachal Pradesh:

सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) के पधर कैंपस में जल्द ही छात्रों के लिए एक नया शैक्षणिक अवसर खुलने वाला है, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बीए, एलएलबी (BA, LLB) का नया कोर्स शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. अब केवल इस नए पाठ्यक्रम के औपचारिक उद्घाटन का इंतजार है। यह नया कोर्स मंडी क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा जो कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है। प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि उन्हें अब इस प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए दूर के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही इस नए कोर्स के उद्घाटन की तिथि घोषित कर सकता है।

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हर घर तिरंगा अभियान पर झुझुनूं में 1100 ध्वज वितरण: आह्वान और सम्मान

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के गांधी चौक पर विधायक राजेंद्र भाम्बू ने किया 1100 तिरंगे का वितरण हर घर तिरंगा अभियान के तहत दुकानदारों और आमजन को किया वितरण लायंस क्लब और भामाशाहों के सहयोग से हुआ तिरंगा वितरण कार्यक्रम विधायक ने कहा—तिरंगा देश की आन, मान और शान का प्रतीक भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी ने तिरंगा फहराने का किया आह्वान झुंझुनूं एंकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से झुंझुनूं में तिरंगा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांधी चौक पर विधायक राजेंद्र भाम्बू ने दुकानदारों और आमजन को 1100 राष्ट्रीय ध्वज का वितरित किए। कार्यक्रम में लायंस क्लब, भामाशाहों और समाजसेवियों ने सहयोग किया।विधायक राजेंद्र भाम्बू ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, मान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों की कुर्बानी को याद करते हुए हर घर और प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।भामाशाहों के सहयोग से 1100 तिरंगे वितरित किए गए हैं। उन्होंने लायंस क्लब, भामाशाहों और समाजसेवियों का आभार जताया।भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं, बाइक रैलियों और ध्वज वितरण के जरिए लोगों में राष्ट्रभावना जगाई जा रही है। उन्होंने आमजन से घरों और दुकानों पर सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की। साथ ही तिरंगा उतारने के बाद उसे सम्मानपूर्वक समेटकर सुरक्षित रखने का संदेश भी दिया।गांधी चौक पर हुए कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों और आमजन में तिरंगा वितरण किया गया। इस दौरान लायंस क्लब के पदाधिकारी, भामाशाह, समाजसेवियों और आमजन मौजूद रहे
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खेतड़ी में भव्य तिरंगा यात्रा: देशभक्ति से रंगा शहर

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं खेतड़ी में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा शहर रामकृष्ण मिशन आश्रम में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ शुभारंभ विधायक इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना की तिरंगा यात्रा पोलो ग्राउंड से शुरू हुई यात्रा, महाराजा अजीत सिंह स्मारक पर हुआ समापन खेतड़ी के प्रमुख मार्गों से गुजरी तिरंगा यात्रा, जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में खेतड़ी में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों, युवाओं और आमजन ने उत्साह के साथ भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए लोग भारत माता और वंदे मातरम् के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। तिरंगा यात्रा का शुभारंभ रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद विधायक इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। यात्रा पोलो ग्राउंड से शुरू होकर खेतड़ी कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए महाराजा अजीत सिंह स्मारक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान पूरे मार्ग में देशभक्ति का माहौल नजर आया। तिरंगा हाथों में लेकर चल रहे लोगों ने राष्ट्रभक्ति के नारे लगाए। यात्रा का कस्बे में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर आमजन ने तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। यात्रा में खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के लगभग प्रत्येक गांव से ग्रामीण पहुंचे, जिससे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हर नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। तिरंगा यात्रा के माध्यम से लोगों से स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना के साथ मनाने का आह्वान किया गया। बाइट : इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर ,विधायक खेतड़ी
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उत्तराखंड: 452 मदरसों में केवल 7 को मान्यता मिली

Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड में अल्पसंख्यक बच्चों की शिक्षा को मुख्य धारा से जोड़ने को लेकर सरकार की योजना पर झटका लगा है। नए प्राधिकरण के गठन के बाद एक महीना बीतने के बाद भी एक फ़ीसदी मदरसों ने ही अब तक मान्यता ली है। वीओ उत्तराखंड में 1 जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन हो चुका है। जिसके तहत प्रदेश के सभी 452 मदरसों को अब नए सिरे से मान्यता लेनी होगी। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी अब तक केवल 452 मदरसों में से 7 मदरसों को ही शिक्षा और प्राधिकरण की मान्यता मिल पाई है। अल्पसंख्यक कल्याण से संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में प्राधिकरण को जांच रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें कुछ मदरसों ने मान्यता लेने से इनकार किया है और कुछ मदरसों ने जांच टीम को कोई भी सूचना नहीं दी है। उत्तराखंड के विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉक्टर पराग मधुकर धकाते का कहना है की सरकार का उद्देश्य मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को विज्ञान और गणित जैसी आधुनिक शिक्षा देना है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर सभी अल्पसंख्यक समुदाय के संस्थानों को एक समान प्रशासनिक दायरे में लाना चाहती है। इसीलिए प्राधिकरण का गठन हुआ है बाइट डॉ पराग मधुकर धकाते विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण वहीं इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हम बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की ओर कार्य कर रहे हैं। पहले एक से दो कमरों में मदरसे खोलकर बच्चों को शिक्षा दी जाती थी। जिससे बच्चे स्कूली शिक्षा लेने वाले बच्चों की तरह बेहतर शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाते थे । लेकिन अब जो भी व्यक्ति मदरसा शिक्षण संस्थान चलाना चाहेगा उसे प्राधिकरण और शिक्षा विभाग से मान्यता लेनी ही होगी बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड उत्तराखंड में 452 मदरसों में से अब तक केवल सात मदरसों के द्वारा मान्यता लिए जाने से यह साफ है कि शिक्षा विभाग के मानकों के अनुरूप मदरसे नहीं है । क्योंकि शिक्षा विभाग के तहत पुस्तकालय, प्रशिक्षित अध्यापक, कंप्यूटर लैब , खेलने के लिए मैदान जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। अब ऐसे में यह साफ है कि जो मदरसा इन नियमों का पालन करेगा या इन सुविधाओं से युक्त होगा उन्हें ही मान्यता मिल सकेगी।
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वासिम के सराफा लाइन में मोकाट कुत्ते का हमला, दुकानदार घायल

Washim, Maharashtra:वाशिम के सराफा लाइन परिसर में मोकाट कुत्र्यांनी धुमाकूळ घातला है. दुपारी एक फळ विक्रेत्यावर मोकाट कुत्र्याने अचानक हल्ला करत चावा घेतला. विक्रेत्याने स्वतःचा बचाव करण्याचा प्रयत्न केला, मात्र कुत्र्याने वारंवार त्याच्यावर झडप घेतली. अखेर कुत्रा दूर गेल्यानंतर जखमी फळ विक्रेत्याला तातडीने रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून त्याच्यावर उपचार सुरू आहेत. ही संपूर्ण घटना सीसीटीव्हीत कैद झाली आहे. मोकाट कुत्र्यांच्या वाढत्या संख्येमुळे व्यापारी आणि नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण असून, नगरपालिकाेने तातडीने बंदोबस्त करावा, अशी मागणी होत आहे.
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खैरथल-तिजारा में निकाय आरक्षण के बाद चुनावी तैयारियाँ तेज, वार्ड संख्या स्पष्ट

Bagheri Kalan, Rajasthan:खबर - खैरथल तिजारा जिला विधानसभा किशनगढ़बास चुनाव: राजस्थान के 309 शहरी निकायों में निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी के साथ ही खैरथल तिजारा जिले में नगर निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे अध्यक्ष पद के दावेदारों का इंतजार खत्म हो गया है। खैरथल तिजारा जिले की बात करें तो खैरथल नगर परिषद सभापति का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, वहीं किशनगढ़बास में भी सामान्य वर्ग की सीट रहेगी, मुंडावर में ओबीसी ओपन, टपूकड़ा में सामान्य और भिवाड़ी नगर परिषद में ओबीसी ओपन सीट आरक्षित की गई है। जबकि कोटकासिम में अध्यक्ष पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। अब नजर डालते हैं जिले के निकायों में कुल वार्डों की संख्या पर जिसमें किशनगढ़बास में 25 वार्ड हैं, खैरथल में 45, मुंडावर में 25, टपूकड़ा में 20, तिजारा में 35, कोटकासिम में 20 और भिवाड़ी नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। वही आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही अब इन निकायों में चुनावी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।
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सीकर नगर परिषद सभापति सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित, राजनीति तेज

Sikar, Rajasthan:सीकर नगर परिषद सभापति पद की लॉटरी: सामान्य महिला के लिए आरक्षित जयपुर में निकली आरक्षण लॉटरी, सीकर नगर परिषद के सभापति पद का आरक्षण सामान्य महिला वर्ग के लिए तय हुआ है। इसके साथ ही सीकर नगर परिषद में सभापति पद के लिए महिला दावेदारों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सीकर नगर परिषद के सभापति पद की स्थिति भी स्पष्ट हुई। सामान्य महिला सीट होने के बाद अब राजनीतिक दलों में महिला दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज होंगी। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों में संभावित महिला प्रत्याशियों के नामों पर मंथन शुरू होने की संभावना है। आरक्षण तय होने से सीकर शहर की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनेंगे। अब सभापति पद की दावेदारी कर रहे नेताओं को महिला प्रत्याशी के विकल्प पर रणनीति तैयार करनी होगी। वहीं कई महिला नेताओं और संभावित दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। आगामी दिनों में 65 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी तथा राजनीतिक दलों के सामने सभापति पद के लिए संभावित प्रत्याशियों का चयन अहम चुनौती रहेगा
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पालमपुर: आवारा पशुओं को गो-सदन से वापस सड़क पर नहीं लाने पर कड़ी कार्रवाई

Palampur, Himachal Pradesh:अनूप धीमान पालमपुर पालमपुर नगर निगम में अनूठी घटना ,सड़क से गो-सदन भेजे गए आवारा पशुओं को वापस सड़कों पर ला रहे लोग , नगर निगम की कमिश्नर ने लोगों से ऐसा न करने की अपील की नगर निगम द्वारा शहर में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आवारा पशुओं को पकड़कर गो-सदन भेजा जा रहा है, ताकि सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानियों को कम किया जा सके। नगर निगम कमिश्नर नेत्रा मेती ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ लोग गो-सदन भेजे गए आवारा पशुओं को दोबारा वहां से निकालकर सड़कों पर छोड़ रहे हैं। इससे नगर निगम के प्रयास प्रभावित होने के साथ-साथ शहर में आवारा पशुओं की समस्या भी बढ़ रही है। उन्होंने ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किसी पशु को पालना चाहता है तो उसे अपने घर या परिसर में रखकर उसकी उचित देखभाल करे। गो-सदन भेजे गए पशुओं को दोबारा सड़कों पर लाना या छोड़ना उचित नहीं है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि गो-सदन भेजे गए पशुओं को दोबारा सड़कों पर लाने अथवा नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने आमजन से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि शहर को आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाई जा सके।वहीं उन्होंने कहा की आवारा कुत्तों के मामले में भी ऐसा ही सामने आ रहा है की लोग ऐसे हो कुत्तों को छोड़ देते हैं और जब निगम उन्होंने पकड़ रहा है तो लोग अपना मालिकाना हक जताने की कोशिश करते हैं ऐसे मामलों में भी लोगों को पालतू कुत्तों को अपने घर में रखने की सलाह दी है वहीं नगर निगम की कमिश्नर नेत्रा मेती ने कहा कीड़े को लेकर भी बाज़ार के लोगों से ख़ास अपील की है की दो समय गाड़ी कूड़ा उठा रही है वक़्जूद उसके लोग सड़क पर कूड़ा डम्प कर रहे हैं जो की शहर के शोन्दर्य के लिए अच्छा नहीं है उन्होंने लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की है वहीं चेतावनी बायो दी है कि अगर यह सिलसिला यूँ ही जारी रहा तो अब निगम को सख़्त क़दम भी उठाने पड़ सकते है।
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हनुमानगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी तेज, एनएमपीजी कॉलेज में अंतिम रिहर्सल पूरी

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह को लेकर पुलिस ने गुरुवार को एनएमपीजी कॉलेज परिसर में अंतिम रिहर्सल पूरा किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने परेड, मार्चपास्ट और अन्य व्यवस्थाओं का अभ्यास किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने बताया की रिहर्सल के दौरान समारोह स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और विभिन्न तैयारियों को भी परखा गया। अधिकारियों ने जवानों को ड्यूटी से जुड़ी आवश्यक जानकारी देते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एनएमपीजी कॉलेज में हुए अंतिम रिहर्सल के बाद अब पुलिस और प्रशासन स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
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सोनभद्र की चार सीटों पर बदलते समीकरण: नया मतदाता क्या बदलेगा परिणाम?

Noida, Uttar Pradesh:सोनभद्र की सियासत में चार विधानसभा सीटों का समीकरण, पुराने किले बचाने की चुनौती और नए मतदाताओं पर निगाहें। सोनभद्र सिर्फ अपनी खनिज संपदा और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अलग राजनीतिक मिजाज के लिए भी जाना जाता है। चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से अलग होकर अस्तित्व में आया सोनभद्र अब 37 साल से ज्यादा का सफर तय कर चुका है। इन वर्षों में जिले की तस्वीर बदली, विकास के नए रास्ते खुले और सियासत के समीकरण भी कई बार बदले। कभी जिले में सिर्फ दो विधानसभा सीटें थीं, लेकिन आज सोनभद्र की राजनीति चार विधानसभा क्षेत्रों में बंटी हुई है। ऐसे में चुनावी चौसर पर जातीय समीकरण, पुराने राजनीतिक प्रभाव, नए मतदाता और स्थानीय मुद्दे किस तरह असर डालते हैं, आइए समझते हैं सोनभद्र की पूरी चुनावी तस्वीर।
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