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VSVipan SharmaFollow30 Jul 2024, 01:11 pm

हुड़दंगियों, ओवरस्पीड राइडर्स पर बढ़ेगी निगरानी धर्मशाला शहर में इंस्टाल किए जा रहे 6 आईटीएमएस

Dharamshala, Himachal Pradesh:

धर्मशाला में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी बढ़ाने के लिए 6 इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। ये सिस्टम स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाकर जल्द ही शुरू कर दिए जाएंगे। फिलहाल जिले में 2 आईटीएमएस संचालित हैं, 1 धर्मशाला सिविल लाइन में व दूसरा ज्वालामुखी में है। नए 6 आईटीएमएस में से 3 पालमपुर रोड, सिद्धबाड़ी में व शीला चौक से पास्सू रोड पर स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से शहर व शहर से बाहर जाने वाले सड़कों पर ट्रैफिक नियम के उल्लंघनाकर्ताओं पर निगरानी रहेगी।

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प्रयागराज के छात्रों ने शिक्षा बजट कटौतियों और पेपर लीक को चुनावी मुद्दा बताया

Noida, Uttar Pradesh:जी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के चुनावी चाय आपकी राय में प्रयागराज के युवाओं ने सरकार के कार्यों से नाराजगी जाहिर की है। युवाओं का कहना है कि सरकार ने शिक्षा का बजट घटाकर युवाओं के साथ धोखा किया है। छात्रों का कहना है कि आज पेपर लीक राज्य का ही नहीं बल्कि देश में बड़ा मुद्दा बन गया है। इन सबका खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। दूर दराज से छात्र पढ़ाई के लिए प्रयागराज या फिर दूसरे शहरों में रहकर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाएं समय से नहीं हो पाती हैं, जो परीक्षाएं होती हैं उनका पेपर कब लीक हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। इस लिए आगामी चुनाव में छात्रों के बीच यह मुद्दा रहेगा, जो भी दल छात्रों को रोजगार और शिक्षा को आसान बनाने के लिए आगे आएगी, छात्र और बेरोजगार उस दल के साथ जाएगा। प्रयागराज के लल्ला चुंगी चौराहे पर छात्रों से बातचीत
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कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट गैंग: 14 आरोपियों के खिलाफ बड़ी चार्जशीट दाखिल

Noida, Uttar Pradesh:कानपुर 12वीं पास रोहित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह का सरगणाः आहूजा दंपति गैंग के मेम्बर; 1000 पन्नों की चार्जशीट में 40 गवाह बनाए कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ रावतपुर पुलिस ने एक हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। हालांकि पुलिस ने चार्जशीट कब दाखिल की गई यह नहीं बताया लेकिन मामला मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद सामने आया है। चार्जशीट में मुजफ्फर नगर की रेसीपिएंट पारुल तोमर, डोनर आयुष कुमार चौधरी, एसीएमओ रमित रस्तोगी, हैलट अस्पताल व लखनऊ के राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल के कुल 10 डॉक्टरों समेत 40 लोगों को गवाह बनाया गया है। वहीं पुलिस ने मुकदमें में संगठित गिरोह की धाराएं बढ़ाई है। गिरोह का सरगना इंटर पास रोहित तिवारी को बनाया गया है, जबकि डॉ. प्रीति आहूजा उनके पति डॉ. सुरजीत आहूजा समेत अन्य लोग गैंग मेंबर बनाए गए है।
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भगवानपुरा में बच्चों के उफनते पानी के बीच स्कूल पहुंचना खतरे में

Khargone, Madhya Pradesh:भगवानपुरा क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नालों को पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे, ग्रामीण भी उठा रहे जानलेवा जोखिम। बारिश की शुरूवात में ही भगवानपुरा क्षेत्र में कुंदा नदी और नालों में बाढ़ के बावजूद पुल और पुलिया पार कर रहे है ग्रामीण और स्कूली बच्चे। पीपलझोपा के राजमोहली में बच्चों को परिजन हाथ पकड़कर उफनती नदी पार कराते तस्वीर सोशल मीडिया पर हो रही है वायरल। पुल-पुलिया पर पानी होने पर नही निकलने की प्रशासन की अपील का कोई असर नही। प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के इन्तजाम की भी तस्वीर खोल रही है पोल। जान जोखिम में डालकर पानी के बीच में से निकल रहे है बच्चे और ग्रामीणो का विडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल। इसी तरह की तस्वीर तो इसी क्षेत्र के काबरी-सागमली मार्ग पर बैलगाड़ी और बच्चे को पीठ पर बैठाकर पुलिया पार करने का भी वीडियो आया सामने।
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5 महीने से मानदेय अटका: डूंगरपुर की 4,172 आंगनबाड़ी कर्मी आर्थिक संकट में

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों की जिम्मेदारी संभालने वाली 4,172 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले पांच महीने से आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के इन कर्मियों को केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय नहीं मिला है। मानदेय में देरी के कारण उनका घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। इधर विभागीय अधिकारी भुगतान में देरी का मुख्य कारण विभाग की नई ऑनलाइन प्रणाली और 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' पर मैनुअल एंट्री की व्यवस्था को बता रहे है। डूंगरपुर जिले में वर्तमान में 2 हजार 140 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 2 हजार 91 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 2 हजार 81 सहायिकाएं कार्यरत हैं। ये कार्मिक न केवल बच्चों के पोषण और टीकाकरण कार्यक्रमों को संचालित करती हैं, बल्कि पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, सर्वे कार्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है। मानदेय न मिलने से आर्थिक संकट में कार्यकर्ता महिला व बाल विकास विभाग में कार्यरत इन कार्मिकों को पिछले पांच माह से केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय नहीं मिला है, जबकि राज्य सरकार का भी दो माह का भुगतान बकाया है। ऐसे में हजारों परिवारों के सामने روزमर्रा के खर्च चलाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में लगभग 80% महिलाएं ऐसी हैं जो विधवा, तलाकशुदा हैं या बेहद दयनीय स्थिति में जी रही हैं। 5 महीनों से मानदेय न मिलने के कारण कई कार्यकर्ताओं के घरों में रोने जैसी स्थिति बनी हुई है। हर साल मानदेय में इस तरह की देरी होती है, जिससे हमें गंभीर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है। कई बार कलेक्टरैट के बाहर धरना प्रदर्शन के जरिये शासन व प्रशासन तक अपनी मांगे उठा चुके है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। एमएमए स्पर्श पोर्टल पर मैनुअल एंट्री से देरी विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार भुगतान में देरी की बड़ी वजह विभाग की नई ऑनलाइन प्रणाली भी बनी है। पहले भुगतान संबंधी बिल 'राज पोषण पोर्टल' से 'पे मैनेजर' और 'एसएम पोर्टल' पर भेजे جاتے थे। लेकिन, अब 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' पर मैनुअल एंट्री की व्यवस्था लागू की गई है। इस बदलाव के कारण कई परियोजनाओं की मैपिंग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जहां मैपिंग पूरी हो भी गई है, वहां भी तकनीकी समस्याओं के कारण आवश्यक डेटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि, विभाग का दावा है कि तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही भुगतान जारी कर दिया जाएगा। डिजिटलाइजेशन और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के नाम पर पोर्टल बदलना सरकार का अच्छा कदम हो सकता है, लेकिन इसकी ज़मीनी तैयारी न होने का खमियाजा उन गरीब महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है जो खुद दूसरों के बच्चों का कुपोषण दूर करती हैं। जब तक तकनीकी कमियों को दूर कर 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' को पूरी तरह एक्टिव नहीं किया जाता, तब तक इन कर्मियों को राहत मिलना मुश्किल है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए कोई वैकल्पिक या अंतरिम रास्ता निकाले, ताकि इन परिवारों को इस गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से तुरंत निजात मिल सके।
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अमरोहा में झमाझम बारिश ने गर्मी-उमस को किया दूर

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अस्वीकार नहीं किया गया अमरोहा जनपद में बुधवार सुबह से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को आखिरकार बड़ी राहत मिली। बारिश के साथ चल रही ठंडी हवाओं से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। बारिश शुरू होते ही लोगों ने चिलचिलाती धूप और उमस से राहत की सांस ली। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर मौसम का बदला हुआ रंग साफ दिखाई दिया। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए खुशी जताई। मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन पर सकारात्मक असर देखने को मिला और लोगों ने लंबे समय बाद राहत भरे मौसम का आनंद लिया।
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सतलुज पेयजल योजना में मलयावर के सभी गांवों को समान लाभ देने की मांग तेज

Bilaspur, Chhattisgarh:सतलुज नदी से निर्मित पेयजल एवं सिंचाई योजना से पंचायत मलयावर के सभी गांवों को समान रूप से शामिल करने की मांग ग्रामवासियों ने उठाई है. ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के अधीक्षक अभियंता राहुल दुबे को ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाने की मांग की है. वे बताते हैं कि बीते वर्ष 24 जून को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में अपनी चिंताएं बताई थीं. उनका कहना है कि योजना का लाभ सभी पंचायत गाँव टीहरा, भटोली, बेह्या, जलोना गेहु(पालंगरी), परसोला और कुटला सहित सभी गांव को मिलना चाहिए ताकि हर परिवार को पानी और सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके. ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी कई योजनाएं कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह गई थीं, इसलिए किसी गांव की अनदेखी न हो. सनोटी गांव में बने भंडारण टैंक से टीहरा, भटोली, जलोना गेहु, परसोला और बेहड़ा आदि सभी क्षेत्रों में समान रूप से पेयजल और सिंचाई जल का वितरण सुनिश्चित करने का भी आग्रह है. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत के सभी गांवों को योजना से जोड़कर पानी और सिंचाई की सुविधा समान रूप से उपलब्ध करवाई जाए. उन्होंने अधीक्षक अभियंता से कहा है कि जब तक सभी गांव नहीं जुड़ जाते और योजना पूर्ण क्रियान्वित नहीं हो जाती, तब तक इसका उद्घाटन न किया जाए. अगर लाभ सभी क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा तो भविष्य में जल संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. उन्होंने स्थायी और व्यापक समाधान निकालने की मांग की है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जल शक्ति विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और पंचायत के प्रत्येक गांव को योजना का समान लाभ मिल सकेगा.
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उदयपुर में रेस्टोरेंट संचालक पर तलवार हमला; आरोपी गिरफ्तार, CCTV सामने

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर शहर के सवीना थाना क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट संचालक पर तलवार से हमला करने की कोशिश और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। हालाकि सविना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूरी वारदात का सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें आरोपी तलवार से वार करते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी कमलेश हनी दाल बाटी और पंजाबी रेस्टोरेंट पर आया। उसने खाने पेक करने के लिए कहा। जब दुकान संचालक ने उसको पिछला बकाया देने के लिए कहा तो एक बार वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह तलवार लेकर आया और रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की। साथ ही तलवार से हमला करने का प्रयास किया। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद आरोपी अपनी करतुर्त के लिए माफ़ी मांगता दिखाई दिया।
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उत्तराखंड: मदरसों में अब सामान्य विषय भी पढ़ाए जाएंगे, पंजीकरण अनिवार्य

Haridwar, Uttarakhand:उत्तराखंड की धामी सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब राज्य के मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि पहली पारी में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान सहित अन्य सामान्य विषय भी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाए जाएंगे। दूसरी पारी में विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा दी जाएगी, ताकि आधुनिक शिक्षा और धार्मिक अध्ययन दोनों साथ-साथ चल सकें। हरिद्वार जिले की बात करें तो यहां अल्पसंख्यक विभाग में पंजीकृत 272 मदरसे हैं। अब इन सभी मदरसों को शिक्षा विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा और विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी。
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