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VAVeena AroraFollow25 Jun 2024, 12:25 pm
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मनेन्द्रगढ़ में आवारा मवेशियों से सड़क यातायात पर भारी दबाव, सुरक्षा चिंता बढ़ी

Muju, Jeonbuk State:एमसीबी जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में इन दिनों आवारा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) हो या शहर की मुख्य सड़कें, लगभग हर जगह मवेशियों के झुंड सड़क पर बैठे या विचरण करते नजर आते हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्र और व्यस्त चौक-चौराहों पर दिनभर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में मवेशी आसानी से दिखाई नहीं देते। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा आवारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया जा रहा है कि शहर के एकमात्र गौठान परिसर में पौधरोपण कर दिए जाने के कारण वहां मवेशियों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रह गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में मवेशी खुले में घूम रहे हैं और सड़कों पर डेरा जमाए हुए हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि आवारा मवेशियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए, ताकि शहर में यातायात सुचारु हो सके और संभावित सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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धमोखर बफर में बाघिन से रेडियो कॉलर हटाकर जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया

Umaria, Madhya Pradesh:उमरिया जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर अंतर्गत बीट बरबसपुर में शनिवार को एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन का रेस्क्यू कर उसके गले में लगे रेडियो कॉलर को हटाकर उसे प्राकृतिक आवास जंगल में में सुरक्षित छोड़ा गया, बता दें बघिन को मई 2025 में ग्रामीण इलाकों में मूवमेंट होने के कारण रेस्क्यू कर बहेरहा इंक्लोज़र में रखा गया उपचार और निगराणी से स्वस्थ होने के कारण रेडियो कॉलर के साथ दोबारा जंगल में छोड़ दिया गया लेकिन बीते माह से बाघिन का रेडियो कॉलर ख़राब हो गया जिससे प्रबंधन बाघिन के मूवमेंट को मॉनिटर नहीं कर पा रहा था लिहाजा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बाघिन के गले से रेडियो कॉलर हटाकर उसे उसके होम रेंज में ही सुरक्षित छोड़ा गया है बाघिन के इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 100 से अधिक वन कर्मी और विभागीय हाथियों ने सहयोग किया है।
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मथुरा जंक्शन पर आरपीएफ महिला टीम ने महिला यात्री और नवजात को सुरक्षित बचाया

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा जंक्शन पर RPF महिला स्टाफ की सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। ट्रेन संख्या 14725 से अलवर से यात्रा कर मथुरा पहुँची महिला यात्री को प्लेटफॉर्म पर अचानक प्रसव पीड़ा हुई, जहाँ उसने एक स्वस्थ कन्या शिशु को जन्म दिया। आरपीएफ टीम और रेलवे मेडिकल स्टाफ की समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित अस्पताल भेज दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलवर निवासी श्रीमती धनकुंवर अपने पति श्री पवन के साथ ट्रेन संख्या 14725 से मथुरा जंक्शन पहुँची थीं। प्लेटफॉर्म पर उतरते ही महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा हुई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तत्काल सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सहायक सुरक्षा आयुक्त महोदय एवं प्रभारी निरीक्षक (IPF) को सूचित किया और डॉक्टर व एम्बुलेंस की मांग की। आरपीएफ महिला स्टाफ—सहायक उप निरीक्षक शीतला, महिला आरक्षी पिंकी देवी एवं महिला आरक्षी अनुपम गौतम तत्काल मौके पर पहुँचीं। उन्होंने परिस्थितियों को संभालते हुए सुरक्षा कवच बनाया और महिला यात्री की आवश्यक मदद की। इस दौरान महिला ने प्लेटफॉर्म संख्या 06 पर ही एक कन्या शिशु को जन्म दिया। डॉक्टरों की टीम के पहुँचने से पूर्व ही आरपीएफ महिला स्टाफ ने मानवतापूर्ण तत्परता दिखाते हुए मौके पर सहायता दी। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने इसकी प्रशंसा की।
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शाहपुरा अस्पताल में प्रसव सखी हेल्प डेस्क शुरू: गर्भवती महिलाओं के लिए नई पहल

Jaipur, Rajasthan:शाहपुरा, जयपुर ग्रामीण - गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी सौगात, शाहपुरा अस्पताल में 'प्रसव सखी' हेल्प डेस्क शुरू, गर्भवतियों का नया सहारा बनी 'प्रसव सखी', मां और नवजात की देखभाल में अब 'प्रसव सखी' बनेगी हमसफर, प्रसव से घर वापसी तक साथ निभाएगी 'प्रसव सखी', सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान ब्लड व्यवस्था में करेगी मदद, आपात स्थिति में रेफर में भी निभाएगी अहम भूमिका, गर्भवती महिलाओं को मिलेगा हर सुविधा का सहारा, अस्पताल प्रभारी डॉ. विनोद योगी समेत चिकित्सक व स्टाफ रहा मौजूद। शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) - गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जयपुर ग्रामीण के शाहपुरा स्थित राजकीय उपजिला अस्पताल में राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग की पहल पर 'प्रसव सखी हेल्प डेस्क' की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती होने से लेकर सुरक्षित प्रसव, डिस्चार्ज और घर पहुंचने तक हर चरण में सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उपजिला अस्पताल प्रभारी डॉ. विनोद योगी ने बताया कि हेल्प डेस्क पर दो महिलाओं की नियुक्ति की गई है, जिनका ड्रेस कोड गुलाबी रंग का रखा गया है। ये 'प्रसव सखी' गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, जांच, उपचार, भर्ती और डिस्चार्ज की प्रक्रिया में सहायता करेंगे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद दवा वितरण, नवजात के टीकाकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भी प्रसव सखी सहयोग करेगी। यदि किसी गर्भवती महिला का सिजेरियन ऑपरेशन आवश्यक होता है तो ब्लड की व्यवस्था कराने में भी प्रसव सखी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीज को बिना विलंब उच्च चिकित्सा केंद्र पर रेफर कराने की प्रक्रिया में भी सहयोग करेगी। इस पहल से अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर सहायता, बेहतर समन्वय और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि 'प्रसव सखी हेल्प डेस्क' मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होगी। इस दौरान अस्पताल प्रभारी डॉ. विनोद योगी समेत कई चिकित्सक और अस्पताल स्टॉफ मौजूद रहा।
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रतलाम में 68 करोड़ के शासकीय स्कूल का लोकार्पण, मंत्री विजय शाह के बयान

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम जिले के बीरमावल में आज शिक्षा के क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली। यहां करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए अत्याधुनिक शासकीय सांदीपनी स्कूल का लोकार्पण प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री एवं रतलाम प्रभारी मंत्री विजय शाह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर गुरु पूर्णिमा का आयोजन भी हुआ, जहां विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं and अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनी भी लगाई। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह अपने बयानों को लेकर फिर चर्चा में आ गए। मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप बड़े भाग्यशाली हैं कि भाजपा के शासन में पैदा हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके समय भाजपा की सरकार नहीं थी, इसलिए शिक्षा जैसी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें टिन के टपरे में पढ़ाई करनी पड़ी। यहीं नहीं, मंत्री ने शिक्षकों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके समय के गुरुजी स्कूल के बाद भी अपने घर पर बिना किसी शुल्क के पढ़ाते थे, जबकि आज ट्यूशन पढ़ाते है। उन्होंने कहा कि अगर उनके समय भी ट्यूशन की व्यवस्था होती, तो शायद वे आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। मंत्री के इन बयानों को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बाइट - विजय शाह ( प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग मंत्री व रतलाम प्रभारी मंत्री
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नीट पेपर लीक पर इस्तीफे के बाद राहुल गांधी के समर्थकों ने राजनांदगांव में जश्न

Rajnandgaon, Chhattisgarh:दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से चल रहे राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनांदगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। कांग्रेसियों ने इसे राहुल गांधी के संघर्ष की जीत बताते हुए पटाखे फोड़े और तिरंगा लहराकर खुशी जताई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही राजनांदगांव शहर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कांग्रेसियों ने पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और तिरंगा झंडा लहराते हुए राहुल गांधी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में राहुल गांधी लगातार संसद से लेकर सड़क तक छात्रों की आवाज उठाते रहे, जिसका परिणाम आज देश के सामने है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के खिलाफ पार्टी शुरू से संघर्ष कर रही थी। उनका आरोप था कि सरकार लंबे समय तक इस मामले को गंभीरता से लेने से बचती रही, लेकिन छात्रों के आंदोलन और विपक्ष के लगातार दबाव के कारण आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। कांग्रेस ने इसे छात्रों की जीत और लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता बताते हुए कहा कि आगे भी युवाओं के हितों की लड़ाई जारी रहेगी।
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धनबाद में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए डे-केयर और स्पेशलिस्ट डाक्टर की मांग तेज

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले में 290 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हैं. गंभीर बीमारी बच्चों के लिए हर महीने ब्लड और जरूरी दवा चाहिए. लेकिन जिले में थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण पीड़ित मरीजों को परेशानी के साथ-साथ जीवन पर संकट बन जा रहा है. पीड़ित बच्चों के अभिभावक सिविल सर्जन कार्यालय पहुँच CS डॉ आलोक विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपे. अभिभावकों ने अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, थैलेसीमिया मरीजों के लिए डे-केयर सेंटर की स्थापना, आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता, निजी ब्लड बैंकों से समय पर रक्त नहीं मिलने तथा थैलेसीमिया उपचार के लिए एक विशेष सेल गठित करने जैसी प्रमुख मांगें रखी हैं. सिविल सर्जन ने बेहतर इलाज की व्यवस्था जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. पीड़ित मरीज ने कहा कि बेहतर इलाज की जरूरत उन लोगों को है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग IDÉ लेकर गंभीर नहीं है. हर महीने ब्लड के साथ-साथ दवा चाहिए, लेकिन अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं रहती है. डे केयर, स्पेशलिस्ट डॉक्टर अस्पताल में नहीं हैं. वही थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए कार्य कर रही NGO सदस्य ने कहा कि सिविल सर्जन कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया है. स्वास्थ्य विभाग थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए गंभीर नहीं है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन और उनके बेहतर उपचार का अधिकार है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से संवेदनशीलता के साथ शीघ्र पीड़ित मरीजों के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर, अलग वार्ड, जरूरी दवा उपलब्ध कराए. सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए कोई डे केयर नहीं है. नए भवन में इसकी व्यवस्था की जाएगी. मरीजों को ब्लड की कमी न हो इसे लेकर निजी ब्लड डोनेशन शिविर लगाने वाले को निर्देश है कि 25% ब्लड सदर अस्पताल या SNMMCH ब्लड बैंक को देंगे. जरूरी दवा की कोई कमी नहीं है. असर्फी अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर है. स्वास्थ्य विभाग MOUs कर SNMMCH में डॉक्टर की व्यवस्था करने का कोशिश कर रहा है.
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बेमेतरा में NEET पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का विजय मार्च, इस्तीफे की मांग

Bemetara, Chhattisgarh:NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बेमेतरा में कांग्रेस ने विजय मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में भारत माता चौक से सिग्नल चौक तक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए. रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही. जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के आंदोलन और विपक्ष के दबाव की जीत है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. विजय मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर सिग्नल चौक पहुंचा, जहां सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
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