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DIVYA RaniDIVYA RaniFollow29 Jul 2024, 11:15 am
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आदर्श नवीन नगर की लाखों की चोरी: एक माह बाद भी खुलासा नहीं

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर के आदर्श नवीन नगर में करीब एक माह पहले हुई लाखों रुपए की चोरी का अब तक खुलासा नहीं होने से पीड़ित परिवार और लोगों में नाराजगी है। मंगलवार को बड़ी संख्या में परिवारजन और मदाना गांव के ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी को ज्ञापन सौंपकर चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग की। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। ज्ञापन में बताया गया कि आदर्श नवीन नगर निवासी लखन कुम्भकार के घर में 28 अगस्त 2026 की रात चोरी हुई थी। घटना के अगले दिन 29 अगस्त को कोतवाली थाना शाजापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ज्ञापन के अनुसार घर से करीब 20 लाख रुपए की चोरी हुई है। घटना को लगभग एक माह होने को है, लेकिन पुलिस को अब तक चोरी के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। चोरी की घटना के बाद से लखन कुम्भकार का परिवार परेशान है। इतनी बड़ी वारदात के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनमें असुरक्षा की भावना है। मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होने से परिवारजन और समाजजनों में आक्रोश बढ़ रहा है। ज्ञापन में पुलिस प्रशासन को सात दिन में चोरी का सुराग लगाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करती है तो 29 सितंबर 2026 को ग्राम मदाना के ग्रामीण, लखन कुम्भकार के परिवारजन, समाजजन और शाजापुर नगरवासी कोतवाली थाने का घेराव करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात ज्ञापन में कही गई है। एसपी को ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्होंने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई कर चोरी का खुलासा करने की मांग की।
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शीतलपानी में रेत भरे खेत में ट्रैक्टर पलटा; बड़ा हादसा टला

Kawardha, Chhattisgarh:शीतलपानी में रेत से भरा ट्रैक्टर खेत में पलटा, बड़ा हादसा टला कवर्धा के झलमला थाना क्षेत्र के शीतलपानी गांव में अवैध रेत परिवहन का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश करने पर चालक तेज रफ्तार में वाहन लेकर भागने लगा, जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पानी भरे गहरे खेत में जा घुसा। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों ने चालक पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को खेत से बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रीवा के सूरा गांव में लाठी-डंडों से युवक की हत्या, तीन आरोपी फरार

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के सूरा गांव में देर रात एक युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक राहुल कोल नाम का युवक दुकान से गुटखा लेकर अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। परिजनों का आरोप है कि गाली-गलौज के बाद राहुल पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन और स्थानीय लोग उसे इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों ने रमेश कोल, भूरा कोल और छोटू कोल पर हमले का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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सोनभद्र में ऑपरेशन शुद्धि: चोपन-एसओजी ने गांजा तस्करी गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार किए

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन शुद्धि के तहत चोपन पुलिस और एसओजी टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस और एसओजी टीम ने डाला क्षेत्र और बघनाला पुल के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध ब्रेजा वाहन के आने की जानकारी मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया, जिसमें चालक समेत तीन लोग सवार थे। पूछताछ के बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन की आगे और पिछली सीट के बीच खाली स्थान और डिग्गी में रखे चार बोरों से कुल 93 पैकेट बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, इन पैकेटों में एक क्विंटल 340 ग्राम अवैध गांजा रखा हुआ था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल ब्रेजा वाहन, तीन मोबाइल फोन और 1210 रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने कुल बरामدगी की अनुमानित कीमत करीब 62 लाख रुपये बताई है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जनपद के लैलूंगा थाना क्षेत्र निवासी मुकुंद दाव, रोहित सिदार और मिर्जापुर जनपद के हलिया थाना क्षेत्र निवासी आशीष मौर्य के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में चोपन थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। तस्करी में प्रयुक्त वाहन को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल: जंगल-जागरूकता को साहित्य के जरिए पेश करेगा वन्यजीव संरक्षण

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट में पहली बार साहित्य के जरिए वन्यजीव संरक्षण का संदेश, वाइल्डलाइफ वीक में सजेगा कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में इस बार वाइल्डलाइफ वीक कुछ अलग अंदाज में मनाया जाएगा, जंगल, वन्यजीव और संरक्षण की कहानियां इस बार किताबों, साहित्य, फोटोग्राफी और संवाद के जरिए लोगों तक पहुंचेंगी, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पहल पर पहली बार कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से लेखक, इतिहासकार, पर्यावरणविद, वन्यजीव फोटोग्राफर और संरक्षण विशेषज्ञ जुटेंगे. हर साल 1 से 7 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले वाइल्डलाइफ वीक को लेकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने इस बार एक अनूठी पहल की है,कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से आयोजित होने वाला कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल वन्यजीव संरक्षण को साहित्य और संवाद से जोड़ने की कोशिश है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के मुताबिक फेस्टिवल की प्रमुख थीम नेचर एंड वाइल्डलाइफ, नेचुरल हेरिटेज, कॉर्बेट और उत्तराखंड रखी गई हैं,इन विषयों पर देश के जाने-माने लेखक और विशेषज्ञ चर्चा करेंगे. फेस्टिवल में जंगल और वन्यजीवों को सिर्फ देखने या घूमने के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके इतिहास, संस्कृति, संरक्षण और भविष्य के संदर्भ में समझने की कोशिश होगी, आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से कॉर्बेट की पहचान को साहित्य और ज्ञान की दुनिया से जोड़ने के साथ-साथ क्वालिटी और सस्टेनेबल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा. इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के चर्चित लेखक और वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल होंगे, इनमें लेखक एवं नेचर राइटर स्टीफन ऑल्टर, लेखिका नेहा सिन्हा, लेखक एवं पत्रकार निर्मल घोष, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर धृतिमान मुखर्जी, संरक्षणवादी संजय गुब्बी, लेखक एवं संरक्षणवादी पर्ना सिंह बिंद्रा, इकोलॉजिस्ट और रीवाइल्डिंग विशेषज्ञ विजय धस्माना, इतिहासकार एवं लेखक जहानवी प्रसाद, वाइल্ডलाइफ कंजर्वेशनिस्ट और लेखक रजा काजमी, फिल्ममेकर विक्रमजीत सिंह बाल, तथा वाइल्डलाइफ और नेचर फोटोग्राफर अनूप साह जैसे नाम शामिल हैं. वहीं उत्तराखंड के पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े चर्चित नाम भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, इनमें पद्मश्री कल्याण सिंह रावत मैती भी शामिल हैं,कल्याण सिंह रावत को वर्ष 2020 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था और वे मैती आंदोलन के लिए जाने जाते हैं. इसके अलावा पर्यावरण पत्रकार सुशील बहुगुणा, पत्रकार एवं पर्यावरण रिपोर्टर गार्गी रावत, लोकगायिका एवं शिक्षाविद डॉ. मधुरी बर्थवाल समेत कई विशेषज्ञ और रचनाकार अपनी बात रखेंगे. कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल में सिर्फ मंचीय चर्चाएं ही नहीं होंगी, बल्कि बुक बाजार, नेचर वॉक, वाइल्डलाइफ और नेचर राइटिंग से जुड़े सत्र, फोटोग्राफी और फिल्म मेकिंग मास्टरक्लास, सांस्कृतिक संध्या और उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन में 30 से ज्यादा स्पीकर और लेखक हिस्सा लेंगे. कॉर्बेट का नाम अब तक जंगल, बाघ और सफारी से जुड़ा रहा है, लेकिन इस बार यही कॉर्बेट साहित्य के जरिए अपनी कहानी दुनिया तक पहुंचाएगा, जंगल की जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण, हिमालयी विरासत और उत्तराखंड की संस्कृति पर होने वाला यह संवाद कॉर्बेट को एक नए रूप में सामने लाने की कोशिश है, अब देखना होगा कि जंगल और साहित्य का यह संगम देश-दुनिया के पर्यटकों को कॉर्बेट की ओर कितना आकर्षित करता है. कुल मिलाकर, वाइल्डलाइफ वीक के दौरान आयोजित होने वाला कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल वन्यजीव संरक्षण की बात को जंगल की सीमाओं से बाहर निकालकर साहित्य, संस्कृति और समाज तक पहुंचाने की एक नई पहल के रूप में सामने आ रहा है. Byte.-डॉ. साकेत बडोला, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
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पटना LNJP अस्पताल: दलाल-डाक्टर गठजोड़ से निजी एक्सरे केंद्रों तक मरीजों की धकेला गया

Patna, Bihar:पहले आप पटना के LNJP अस्पताल के इस वीडियो को देखिये. ZEE MEDIA ने लोक नायक जय प्रकाश नारायण सुपर स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल में जांच को लेकर हो रहे दलाल और अस्पताल के कर्मचारी के बीच का गठजोड़ का खेल इस विडियो से आप समझ जायेंगे. विडिओ में अस्पताल के कर्मचारी ने मरीज को एक निजी जांच केंद्र का पर्चा देते हुए वही जांच कराने को कहा लेकिन मरीज दूसरी जांच केंद्र से रिपोर्ट आ गया. यह वीडियो इस बात के सबूत हैं कि अस्पताल में X रे कराने हो या ब्लड की जाँच आपको दलाल का सहारा लेना पड़ेगा. दलाल का पता खुद LNJP अस्पताल का कर्मचारी देगा क्योंकि उसका कमीशन यहाँ फिक्स है. पटना में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए भले ही जांच की सुविधा का दावा किया जाता रहा है लेकिन हकीकत इससे बिलकुल उलट है. यहाँ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए अल्ट्रा साउंड मशीन, सीटी स्कैन, एक्स-रे की मशीनें सरकार ने लगा रखी है लेकिन इन अस्पतालों में जब आप जांच के लिए जायेंगे तो कहीं मशीन खराब है तो कहीं डाक्टर नहीं है तो कहीं मरीजों की लम्बी कतार, तो कहीं जांच के लिए मशीनों की कमी नजर आयेगी. आज आपको पटना के दो सरकारी अस्पताल गार्डिनर रोड और LNJP सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल की रीयल्टी बताने जा रहे हैं जहाँ मरीजों की लम्बी कतार और OPD में बैठने वाले डाक्टर कुछ पैसे के लिए मरीजों को निजी जांच केंद्र भेज देते हैं और मरीज जांच के नाम पर सरकारी अस्पताल से निजी जांच केंद्र तक दौड़ लगाता रहता है. आप इस भीड़ को देखिये यह लोकनायक जय प्रकाश नारायण हड्डी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है जहाँ एक्स-रे के बाहर मरीजों की भीड़ लगी है. इस अस्पताल में औसतन पाँच से साढ़े पाँच सौ मरीज OPD में पहुँच रहे हैं. इनमें करीब 450 मरीजों को इलाज से पहले एक्स-रे कराने की सलाह दी जाती है. लेकिन OPD मरीजों के लिए अस्पताल में मात्र एक एक्स-रे मशीन है. इसकी क्षमता प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों का एक्स-रे करने की है. ऐसे में अधिकांश मरीजों को एक्स-रे के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है. इसी से दलाल सक्रिय हो जाते हैं. एक्स-रे के लिए प्रतीक्षा कर रहे इस शख्स को देखिये... निजी एक्सरे केंद्र से एक्स-रे कराने के लिए कहा गया और परिवार महज 150 मीटर दूर निजी केंद्र पहुँच गया. ZEE MEDIA की टीम भी इस बीमार के साथ निजी एक्सरे केंद्र पहुँचती है जहाँ अस्पताल के पर्चे पर कई मरीज एक्सरे करा रहे होते हैं. निजी एक्सरे केंद्र पर मरीजों से 300 रुपये लिए जा रहे हैं जिसमें कमीशन भी शामिल है जो डाक्टरों तक पहुँचती है. निजी केंद्र संचालक कहता है कि महज 300 में ही एक्सरे दे रहा है. 85 प्रतिशत LNJP अस्पताल आने वाले मरीजों को एक्सरे के लिए इंतजार करना पड़ता है जबकि 15 प्रतिशत ही उसी दिन एक्सरे हो पाता है. अब आपको पटना के न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल का हाल दिखाते हैं. इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, पर दो सालों से यहाँ एक भी मरीज की जाँच नहीं हो पाई है. यहाँ के OPD में हर दिन पाँच सौ से ज्यादा मरीज पहुँचते हैं. इनमें करीब दो सौ मरीजों को अल्ट्रासाउंड जरूरत होती है. डायबिटीज के मरीज भी होते हैं. डायबिटीज का सबसे अधिक असर किडनी पर पड़ता है, जिसके लिए समय-समय पर अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है. लेकिन यहाँ अल्ट्रासाउंड की जाँच उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेन्टरों का सहारा लेना पड़ता है. यहाँ डाक्टर कहते हैं कि मशीन है, कमरा है, AC लगा है लेकिन यहाँ डाक्टर नहीं आते. पहले यहाँ अल्ट्रासाउंड होता था लेकिन अब बंद है और बार बार सरकार को यह लिखा गया है. अब अस्पताल में आने वाले मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. यह अल्ट्रासाउंड का कमरा गार्डिनर रोड अस्पताल का है. इस कमरे में अल्ट्रासाउंड की लाखों की मशीन धूल-गर्द के साथ जंग लगने से खराब हो रही है क्योंकि यहाँ 2022 में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गयी थी. इस अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति भी है लेकिन डाक्टर यहाँ नहीं आते लिहाजा चार सालों में यह मशीन सिर्फ एक साल ही संचालित हो पाई. मरीज बार-बार अल्ट्रासाउंड के बारे में जानकारी लेने नहीं आये, इसके लिए पिछले छह माह से अल्ट्रासाउंड कक्ष संख्या 6 के बाहर नोटिस लगा दिया गया कि चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण अल्ट्रा साउंड नहीं होगा. अंत में अस्पताल आने वाले मरीज इस बात से नाराज भी होते हैं कि डाक्टर अच्छे हैं पर जांच में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है.
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तृणमूल के घासफूल चुनाव चिह्न पर रोक से राजू हल्दार का कारोबार प्रभावित

GGJ7m ago
Howrah, West Bengal:*তৃণমূলের ঘাসফুল প্রতীক ফ্রিজ, চিন্তায় হাওড়ার পতাকা ব্যবসায়ী* হাওড়ার উনসানী দক্ষিণ পাড়ার বাসিন্দা ব্যবসায়ী রাজু হালদার। পেশায় পতাকা তৈরির কারিগর।ভোট এলেই বিভিন্ন রাজনৈতিক দলের পতাকা তৈরী করেন।পালাবদলের আগে তৃণমূল কংগ্রেসের পতাকার অর্ডার বেশি থাকতো।সামনের দুটি উপ নির্বাচন ও পুরভোটের কথা মাথায় রেখে আগেভাগে পতাকা তৈরি করে স্টক করে ফেলেন।তৃণমূলের প্রায় দেড় লাখ বিভিন্ন সাইজের পতাকা রেডি।কিন্তু পরিস্থিতি গেলো বদলে।মমতা পন্থী তৃণমূল ও ঋতব্রত তৃণমূল।ঘাসফুল প্রতীক কার হাতে থাকবে তানিয়ে শুরু হয় টানাপোড়েন।শেষমেশ আপাতত প্রতীক ফ্রিজ করে দেয় নির্বাচন।রাজু হালদারের কারখানায় তৈরি হওয়া তৃণমূলের দেড় লাখ পতাকা এখন কার্যত বস্তাবন্দি。 রাজু হালদার জানান সারা বছর বিভিন্ন রাজনৈতিক দলের পতাকার পাশাপাশি জাতীয় ও ধর্মীয় পতাকাও তৈরি করেন তাঁরা। তাঁদের তৈরি পতাকা বাংলা ছাড়াও বিভিন্ন রাজ্যে যায়।কিন্তু এখন যা পরিস্থিতি তাতে প্রচুর আর্থিক ক্ষতি হবে।কারন এখন তৃণমূলের পতাকা আর বিক্রি হবেনা।কমিশনের পরবর্তী সিদ্ধান্ত কি হয় তারওপর দাঁড়িয়ে রয়েছে মজুত রাখা বস্তাবন্দি পতাকার ভবিষ্যৎ。
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घड़साना में किसान-प्रशासन की पहली बैठक, चार सूत्रीय मांगों पर बातचीत

GGJ7m ago
Sri Ganganagar, Rajasthan:एंकर श्रीगंगानगर जिले क नई मंडी घड़साना में सिंचाई पानी सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की वार्ता शुरू हुई। घड़साना व्यापार मंडल भवन में आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर अमित यादव एसपी हरि शंकर सहित प्रशासनिक अधिकारी और किसान प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन को लेकर समाधान पर चर्चा की जा रही है। इससे पहले किसानों के समर्थन में घड़साना बाजार बंद रहा। किसान पिछले 13 दिनों से तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर डटे हुए हैं। किसानों ने चार सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग की है। वहीं, मांगें पूरी नहीं होने पर 24 सितंबर को चक्का जाम की चेतावनी दी गई है। अब सभी की नजरें प्रशासन और किसानों के बीच चल रही वार्ता के नतीजे पर टिकी हैं।
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शाहजहांपुर में पूजा सामग्री पर देवी-देवताओं की तस्वीर हटाने को लेकर आंदोलन की चेतावनी

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर एक सामाजिक संगठन ने पूजा सामग्री के पैकेटों पर छपने वाली देवी-देवताओं की तस्वीरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इन रैपर्स से भगवान के चित्रों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। संगठन की स्पष्ट चेतावनी है कि यदि प्रशासन और संबंधित कंपनियों ने इस पर रोक नहीं लगाई, तो वे सड़कों पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। दुकानों पर बिकने वाले अगरबत्ती, धूपबत्ती, रोली, कलावा आदि के पैकेट, जिन پر देवी-देवताओं के चित्र छपे हों। शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा। संगठन का तर्क है कि अगरबत्ती, कपूर, रोली और अन्य पूजन सामग्रियों के पैकेट पर अक्सर देवी-देवताओं के चित्र छापे जाते हैं। लोग सामग्री का उपयोग करने के बाद इन पैकेट्स और रैपर्स को कूड़ेदान, सड़कों या नालियों में फेंक देते हैं। कचरे के ढेरों में भगवान की तस्वीरों का इस तरह जाना न केवल अशोभनीय है, बल्कि इससे करोड़ों सनातनियों और आम नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचती है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि श्रद्धा औ आस्था का स्थान मंदिरों और घरों के पूजा स्थल में है, कूड़ेदानों में नहीं। व्यापारिक लाभ के लिए धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं की तस्वीरों का इस तरह व्यावसायिक इस्तेमाल पूरी तरह बंद होना चाहिए। व्यापारिक प्रचार और आस्था के बीच की यह रेखा बेहद नाजुक है। शाहजहांपुर के सामाजिक संगठन ने अब इस मुद्दे को लेकर सीधा मोर्चा खोल दिया है। मांग सीधी और साफ है—पूजा सामग्री का निर्माण और बिक्री जारी रहे, लेकिन पैकेٹों पर भगवान की तस्वीरों का छपना बंद हो, ताकि आस्था का अपमान रुक सके। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या संज्ञान लेता है और इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं。
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