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छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग मामला: ED ने करोड़ों कैश निकासी का खुलासा

Begun, Rajasthan:रायपुर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग इस्तेमाल किए जाने का खुलासा. अमेरिकी एजेंसी की तरफ से जारी फंड 6.5 करोड रुपए बस्तर और धमतरी में खपाए गए .. मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच में प्रवर्तन निदेशालय ED ने किया खुलासा .. बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीका मार्क नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया.. ईडी ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग मामले में देशभर में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था.. 18 और 19 अप्रैल को कई राज्यों के 6 ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच में खुलासा हुआ कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड से भारत में बड़ी मात्रा में कैश निकाला जा रहा था। यह मामला “द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)” नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा है। यह संगठन ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार के लिए काम करता है। विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कहां हुआ प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी है
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दिल्ली के स्कूलों में हीट वेव लागू, 2 मई तक कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करें

Noida, Uttar Pradesh:बढ़ते तापमान को देखते हुए, दिल्ली के सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे IMD की 'हीट वेव एक्शन' गाइडलाइंस के अनुसार, 2 मई तक शिक्षा निदेशालय को एक 'कम्प्लायंस रिपोर्ट' (पालन रिपोर्ट) जमा करें. हर स्कूल से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे छात्रों के लिए सुरक्षित पीने का पानी, नामित नोडल अधिकारी और सभी ज़रूरी बचाव के उपाय उपलब्ध कराएँ. अभिभावकों से अनुरोध है कि वे बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाकर भेजें, अपनी क्लास के WhatsApp ग्रुप से जुड़े रहें और किसी भी तरह की चिंता होने पर तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित करें. हमारे लिए हर बच्चा अनमोल है और हर छात्र की भलाई हमारे लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है. स्कूल से जुड़ी किसी भी चिंता या समस्या के बारे में आप मुझे सीधे DM के ज़रिए भी बता सकते हैं.
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हाईकोर्ट ने नर्सिंग फर्जीवाड़े मामले में परीक्षा के लिए अनुमति जरूरी

Jabalpur, Madhya Pradesh:नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े मामले पर आज हाईकोर्ट ने सुनवाई हुई , जिसमें 30 हजार से ज्यादा नर्सिंग छात्रों को झटका लगा है। अदालत ने कहा कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के परीक्षाएं नहीं होगी। इसके साथ ही अपात्र कालेजों के छात्रों को पात्र कालेजों में ट्रांसफर किए जाए। बता दे कि 28 अप्रैल से परीक्षाएं आयोजित की गई थी। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की तो पाया कि 800 में से 600 कालेज अपात्र थे। मामले पर अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को तय की गई है। आगामी परीक्षाओं के लिए नर्सिंग काउंसिल हाईकोर्ट को हाईकोर्ट की अनुमति लेनी होगी। प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग फर्जीवाडे मामले में एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस अविनेंद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने आज सुनवाई की। लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका में मध्य प्रदेश में 2020-21 में खुले सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी जिसमें हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हुई सीबीआई जांच में लगभग 800 नर्सिंग कॉलेजों में से करीब 600 कॉलेज अनुपयुक्त या कमियों से भरे पाए गए थे। इन संस्थानों में भवन, लैब, लाइब्रेरी, अनुभवी शिक्षक और 100 बिस्तरों वाले अस्पताल जैसी अनिवार्य सुविधाओं की भारी कमी पायी गई थी। कई कॉलेज केवल कागजों पर चल रहे थे और कई प्रिंसिपल और शिक्षक 15-15 कॉलेजों में एक साथ कार्यरत दर्शाए गए थे। मामले में याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने आवेदन पेश कर आरोप लगाया था कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कागज़ी /अमानक कालेजों में जीएनएम कोर्स संचालित करने वाले जो 117 नर्सिंग कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाये गए थे, एमपी नर्सिंग काउंसिल उनके छात्रों को सूटेबल कॉलेजों में ट्रांसफर करने के स्थान पर उन कॉलेजों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ले रहा है, जो 28 अप्रैल से प्रस्तावित है। हाईकोर्ट ने आज की सुनवाई के बाद एमपीनNRसी की अंडरटेकिंग रिकार्ड पर लेकर आदेश दिए हैं, कि हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर कोई भी परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा, मामले की सुनवाई पुनः 28 अप्रैल को चीफ जस्टिस की अगुआई वाली युगलपीठ में होगी, अब नर्सिंग कॉलेजों की प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए एमपी नर्सिंग काउंसिल को आवेदन पेश कर हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी, इसी आधार नर्सिंग कॉलेजों की परिक्षाओं पर निर्णय होगा ।
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चकराता में देवदार अवैध कटान: चार गिरफ्तार, एक फरार

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड के जंगलों में बेशकीमती लकड़ी के तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। चकराता वन प्रभाग के कोटी कनासर रेंज में देवदार के पेड़ों पर आरा चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग की टीम जब रूटीन गश्त पर थी, तभी उन्हें जंगल में अवैध कटान की भनक लगी। घेराबंदी करते हुए टीम ने मौके से चार वन तस्करों को दबोच लिया, जबकि उनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। विभाग ने मौके से प्रतिबन्धित देवदार के 8 नग स्लीपर और कटान में इस्तेमाल होने वाले आरे बरामद किए हैं। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है。
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बेजूबान बैल डूंगरिया वाला की अंतिम विदाई पर जनसमूह उमड़ा

Seoni, Madhya Pradesh:बेजुबान बैल की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से दी विदाई एंकर कौन कहता है इंसान ही इंसान के लिए रोता है लेकिन इंसान एक मूक जानवर के लिए रोए वो भी सैकड़ों की संख्या में जानवर के मर जाने को लेकर रो दे ऐसा ही एक घटनाक्रम में सिवनी जिले की छपारा तहसील अंतर्गत बिहिरिया गांव से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां “डूंगरिया वाला” नाम से मशहूर एक बैल की मृत्यु के बाद उसकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों ने फूल-मालाएं अर्पित कर नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। यह बैल पट (दौड़) प्रतियोगिताओं में अपनी तेज रफ्तार के लिए जाना जाता था और कई राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर “अखंड हिंद केसरी” और “एमपी किंग” जैसे खिताब जीत चुका था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में लोग उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। एक बेजुबान जानवर के प्रति लोगों का यह प्रेम और सम्मान अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है。 बाइट 1 सुरेश बघेल-पट प्रतियोगिता प्रेमी 2 महसूस कुरैशी-ग्रामीण
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साजा पहाड़ पर युवक ने 132 केवी लाइन पर चढ़कर मचाई हलचल

Muju, Jeonbuk State:साजा पहाड़ क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक 132 केवी हाईटेंशन लाइन पर चढ़ गया। काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। साजा पहाड़ में एक युवक अचानक 132 केवी बिजली लाइन के टॉवर पर चढ़ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। युवक को नीचे उतारने के लिए काफी देर तक समझाइश दी गई। साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली सप्लाई भी बंद कराई गई। काफी मशक्कत के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। फिलहाल युवक के इस कदम के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
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सवाई माधोपुर में मिलावट पर वार: दो दुकानों के नमूने लैब भेजे गए

Sawai Madhopur, Rajasthan:एंकर-सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी के नेतृत्व में सवाई माधोपुर में “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने आज सख्त कार्रवाई की। इसमें फूड सेफ्टी ऑफिसर वेद प्रकाश पूर्विया और नितेश गौतम की टीम शामिल रही। कार्रवाई की शुरुआत टोंक रोड स्थित जनता जोधपुर मिष्ठान भंडार से हुई। दरअसल, एक दिन पहले राजेंद्र जोलिया ने यहाँ से मलाई फ्रूट रोल मिठाई खरीदी थी; मिठाई खाने के बाद उनके बच्चे की तबीयत खराब हो गई। शिकायत मिलने पर सीएमएचओ ने तुरंत टीम को जांच के निर्देश दिए। मौके पर पहुँचकर टीम ने दुकान का निरीक्षण किया और मलाई क्रीम रोल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। साथ ही दुकान संचालक को मिठाई की गुणवत्ता बनाए रखने और गर्मी के मौसम में सही तरीके से भंडारण करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने संपर्क पोर्टल पर मिली एक अन्य शिकायत के आधार पर छाबड़ा एजेंसी पर भी कार्रवाई की। यहां से वाडीलाल वनीला और बटरस्कॉच आइसक्रीम के दो नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
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बौंली में दुर्लभ पीला पलाश: दो पेड़ संरक्षित करने की तैयारी

Sawai Madhopur, Rajasthan:सवाई माधोपुर के बौंली क्षेत्र से एक खास और दिलचस्प खबर सामने आई, जहां सामाजिक वानिकी वन क्षेत्र के गोल वन क्षेत्र में दुर्लभ प्रजाति का पीला पलाश खिलने से प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर केसरिया रंग में खिलने वाला पलाश, बौंली क्षेत्र के गोल वन क्षेत्र में पीले रंग में खिलता हुआ नजर आया है। जो लोगों और वन विभाग के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बौंली वन क्षेत्र में दर्जनों केसरिया पलाश के पेड़ों के बीच दो पीले रंग के दुर्लभ प्रजाति के पेड़ मिले हैं, जिन्हें वन विभाग द्वारा संरक्षित किया जाएगा। पलाश को “फ़्लेम ऑफ द फॉरेस्ट” के नाम से जाना जाता है, लेकिन पीले रंग का पलाश बेहद दुर्लभ माना जाता है, इसका वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा ल्यूटिया है, जो सामान्य पलाश से अलग प्रजाति है। वन विभाग के अनुसार गोल वन क्षेत्र में करीब दो साल पहले पहली बार पीले पलाश का फूल देखा गया था, और इस साल फिर से इसका खिलना बेहद खास माना जा रहा है। पीले पलाश की यह प्रजाति संरक्षित श्रेणी में आती है और बहुत कम स्थानों पर ही देखने को मिलती है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसे वन विभाग द्वारा संरक्षित किया गया है, वनाधिकारियों के मुताबिक पीले पलाश के बीज एकत्र कर नर्सरी में पौधे तैयार किए जाएंगे और दूसरी जगह पर भी इसे लगाया जाएगा। पीला पलाश अधिकतर दक्षिणी क्षेत्र उदयपुर, चित्तौड़गढ़ की तरफ पाया जाता है। यह पहला मौका है जब सवाई माधोपुर जिले में दो पीले पलाश के पेड़ मिले हैं। सामाजिक वानिकी वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान इस दुर्लभ पेड़ को चिन्हित कर उसके फोटो लिए और उच्च अधिकारियों को सूचना दी और क्षेत्र में मिले पीले पलाश के बारे में समूची जानकारी दी, जिसके बाद अब वन विभाग इसके संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रहा है, पलाश के फूल जहां अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, वहीं इनमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, प्राचीन समय में होली के प्राकृतिक रंग भी इन्हीं फूलों से बनाए जाते थे। फिलहाल बौंली वन क्षेत्र में मिला यह पीला पलाश न सिर्फ वन विभाग के लिए बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है और आने वाले समय में इसके संरक्षण की दिशा में बड़े प्रयास किए जाएंगे।
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अण्णा हजारे बोले: दल बदले पर कानून जरूरी, नागरिक सही नेताओं का चुनाव करें

Ahilyanagar, Maharashtra:आम आदमी पक्षाच्या सात खासदारांनी पक्षाला राम राम करत भाजपाची वाट धरली आहे यावर जेष्ठ समाजसेवक अण्णा हजारे यांनी प्रतिक्रिया दिली आहे. पक्ष आणी पार्टी टिकण्यासाठी कायदा होणे गरजेचं आहे त्यामुळे आपल्या मर्जीप्रमाणे कोणीही पक्ष बदलणार नाही. निवडून आल्यानंतर नेते सत्ता आणी पैसा यांच्या लालचेने इकडून तिकडे आणि तिकडून इकडे जातात नागरिकांनी देखील निवडून देताना चारित्र्यशील लोकं निवडून दिलें पाहिजे सध्या जे चाललं आहे ते स्वर्थसाठी चालल आहे. आज समाज आणि देश नेत्यांच्या डोळ्यासमोर राहिला नाही अस अण्णा हजारे यांनी म्हटलं आहे
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तेजस्वी सूर्या-आर. अशोक ने CET में जनेऊ उतरवाने के विरोध पर पुलिस कार्रवाई की मांग

Noida, Uttar Pradesh:BENGALURU (KARNATAKA): KARNATAKA LEGISLATIVE ASSEMBLY LOP & BJP LEADER R. ASHOKA ALONG WITH BJP LEADER TEJASVI SURYA REACHES POLICE COMMISSIONER OFFICE TO DEMAND ACTION IN LIGHT OF INCIDENT WHERE STUDENTS APPEARING FOR CET EXAM WERE SUBJECTED TO ATROCITIES BY HAVING THEIR SACRED THREADS (JANIVARA) FORCIBLY REMOVED / VISUALS/ R. ASHOKA (KARNATAKA LEGISLATIVE ASSEMBLY LOP & BJP LEADER) & TEJASVI SURYA (BJP) S/B बेंगलुरु: कर्नाटक के LoP और BJP नेता आर. अशोक, और BJP MP तेजस्वी सूर्या, CET एग्जाम दे रहे स्टूडेंट्स पर कथित तौर पर जनेऊ उतारने के लिए मजबूर करने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर 경찰 कमिश्नर के ऑफिस पहुंचे। BJP MP तेजस्वी सूर्या ने कहा, "... ऐसी तीन घटनाएं हुई हैं—CET, KPSC एग्जाम के दौरान, और अब बेंगलुरु के मादिवाला में। स्टूडेंट्स को कथित तौर पर हिंदू निशान पहनने के लिए टारगेट किया गया, जिसमें एक को CET में बैठने के लिए अपना जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किया गया। जब उसने विरोध किया, तो उससे कहा गया कि या तो मान जाओ या हॉल छोड़ दो। यह ह्यूमन राइट्स, प्राइवेसी और धार्मिक स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है, उन्होंने एग्जाम अधिकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। बार-बार हो रही घटनाएं एक जानबूझकर किया गया पॉलिटिकल पैटर्न दिखाती हैं, न कि अलग-अलग गलतियां। किसी भी स्टूडेंट को, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, ऐसे एग्जाम से पहले परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।" बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा के LoP और BJP नेता आर. अशोक ने कहा, "...कल कोरमंगला कॉलेज में CET फिजिक्स एग्जाम के दौरान, कई स्टूडेंट्स को अपना जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किया गया। हमने इस घटना की निंदा की, इसे हजारों साल पुरानी हिंदू परंपरा पर हमला बताया। राज्य सरकार जानबूझकर हिंदू प्रतीकों को निशाना बना रही है। हमने तुरंत पुलिस कार्रवाई की मांग की क्योंकि शिकायतों के बावजूद केस दर्ज करने में देरी हुई। जब तक जल्दी गिरफ्तारी नहीं होती, ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। यह सरकार की नाकामी और स्टूडेंट्स के अधिकारों का उल्लंघन था..."
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