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Umang WaliaUmang WaliaFollow5 Sept 2024, 11:29 am
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दिव्या-मानस हत्या केस: स्त्रीधन और अलिमनी पर सच की तलाश

Noida, Uttar Pradesh:झूठ प्रचारित किया जा रहा है कि दिव्या ने हत्यारे मानस से डेढ़ करोड़ की Alimony मांगी थी…Alimony और स्त्रीधन में अंतर होता है…स्त्रीधन वो होता है जो महिला को उसकी शादी से पहले, शादी के समय या शादी के बाद प्राप्त होता है..जिसपर महिला का अपना अधिकार होता है.. Alimony कानूनी तौर पर पति पत्नी के अलग हो जाने के बाद Divorce Decree के बाद Permanent Alimony धारा 25 के तहत मांगी जा सकती है.. दिव्या का केस कोर्ट में दाखिल हुए एक साल का भी समय नहीं हुआ है…तलाक के केस में मुकदमे को 8 चरणों से होकर गुजरना पड़ता है.. 1- नोटिस और जवाब 2- मध्यस्थता 3- काउंसलिंग/सुलह का प्रयास 4- दोनों पक्षों की बातों को सुनना 5- समझौते का अवसर 6- समझौता न होने पर आगे प्रोसीडिंग 7- फाइनल डिवोस 8 - परमानेंट एलिमनी/भरण पोषण/ गुजारा भत्ता दिव्या का केस लेवल 2 या 3 यानी मध्यस्तता और काउंसलिंग तक तक ही पहुंचा था..काउंसलिंग में भी 6 राउंड होते हैं..दिव्या के केस में केवल एक राउंड हुआ था..जब पति पत्नी आमने सामने बैठते हैं...और कोर्ट ये देखता है कि जोड़ा साथ रह सकता है या नहीं…तो Permanent Alimony या जिसे इलीमनी कहा जा रहा है वो केवल एक दुष्प्रचार है… अब आते हैं स्त्रीधन पर..स्त्रीधन शादी में दुल्हन को मिला उपहार या उसे मिले जेवरात होते हैं…स्त्रीधन ऐसे ही नहीं मिल जाता है..कोर्ट में उसके फोटो सबूत लगाने पड़ते हैं..साबित करना पड़ता है कि आमुक वस्तु स्त्री की है..शादी की फोटो में जो स्त्रीधन दिखाई देता है जज उसे ही कंसीडर करते हैं…या फिर अगर कोई बिल मौजूद हो तो उसे कंसीडर किया जाता है. दिव्या ने बिल लगाए थे..फोटो लगाए थे..मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि कितनी राशि के स्त्रीधन की मांग की गई है..अगर डेढ़ करोड़ के स्त्रीधन की डिमांड की गई है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि दिव्या की शादी में कितना स्त्रीधन उसके मां बाप ने दिया होगा.. स्त्री से वैवाहिक संबंध विच्छेद की स्थिति में कोई पुरुष स्त्रीधन का भोग नहीं कर सकता…अगर पत्नी आर्थिक तौर पर सक्षम है तो इस स्थिति में पत्नी को Alimony यानी गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार नहीं है…कोई मांगता भी है तो मिलता नहीं है..दुनिया जानती है कि दिव्या..हत्यारे मानस से ज्यादा ऊंचे ओहदे पर थी..आर्थिक तौर पर उससे ज्यादा मजबूत थी..तो एलिमनी शब्द का इस्तेमाल केवल कीचड़ उछालने के लिए किया जा रहा है… ————————————— घर में माहौल ऐसा नहीं है कि वीडियो बना पाऊं..इसलिए समय मिलने पर अपनी बात लिखकर आपसे संवाद करती हूं..अब आती हूं असली बात पर 1- अब असली बात ये नहीं है कि हत्यारा मानस सनकी, साइको, डुअल पर्सनालिटी, घरेलू हिंसा प्रेमी था..असली बात ये है कि जिस व्यक्ति के घर पर एक बांस की मजबूत लाठी भी नहीं थी…उसके घर पर दो पिस्टल..और एक देसी तमंचा कहां से आया ? 2- कौन उसे इस हत्याकांड के लिए मोटीवेट कर रहा था ? 3- वो बाजार से पकाने के लिए एक बार में सारी जरूरी सब्जियां नहीं ला सकता था…उसे रेयर पिस्टल कैसे मिले? कौन से हथियार किसकी हत्या में इस्तेमाल हुए ? 4- किसने उसे इस जघन्य अपराध के लिए तैयार किया ? 5- कौन था हत्यारे मानस का कोच ? 6- व्यक्ति इतना ट्रिगर तभी होता है जब उसे कोई रोज भड़काए ? डिवोस केस तो लंबे समय से चल रहा था..अंतिम स्टेटस में हत्यारे ने चीट शब्द लिखा..अगर मानस को मालूम था कि दिव्या उसे चीट कर रही है.. तो तलाक के केस में उसे अपनी पत्नी को चरित्रहीन साबित करके अपरहैंड मिल जाता…क्या ‘चीट’ शब्द पुलिस को भटकाने के लिए लिखा गया ? 7- क्या हत्यारे मानस की मानसिक स्थिति का किसी ने इस्तेमाल किया है? 8- क्या किसी की नजर मानस के घर में मौजूद कथित ‘डेढ़ करोड़’ के स्त्रीधन पर थी ? 9- मानस साइको था..घरेलू हिंसा का आदी था..लेकिन समाज में सभ्यता दर्शाता था..वो चींटी नहीं मार सकता था.. 10- हत्यारा घर में पिस्टल और तमंचे नहीं उगाया होगा कहीं से तो लाया होगा..? 11- अगर बैंक के सामान्य बाबू की पहुंच पिस्टल गिरोह तक है तो फिर लखनऊ को सतर्क रहने की जरूरत है 12- मानस ने तीन में से किसी को दूर से शूट नहीं किया सबको सटाकर सिर में गोली मारी..क्या ये प्लान था…या फिर दिव्या को मानस ने मारा मानस और शीबा को किसी और ने मार दिया ? 14- ये ओपन शट केस नहीं है…बहुत ज्यादा मिस्टीरियस केस है ? 15- बैंक और घर की दूरी 10-15 मिनट की थी..दिव्या की हत्या के बाद 35-45 मिनट मानस कहां था ? 16- क्या मानस के फोन में स्टेटस किसी और ने अपडेट किया..क्योंकि मानस हिंग्लिश में लिखता था..स्टेटस अपडेट इंग्लिश में था ? 17- क्या हत्याकांड और घर के रास्ते के बीच हत्यारा मानस कहीं और भी रुका था ? 18 - अगर रुका था तो किसके पास..क्या अपने कोच के पास ? 19- क्या मानस के घर के भीतर कोई तीसरा भी मौजूद था जिसने मानस और उसकी बहन को मारा ? 20- क्या मानस के घर के भीतर घुसने और निकलने का कोई और रास्ता भी था ? 21- पुलिस को इन पहलुओं पर जांच करनी चाहिए…अगर इन सब सवालों के जवाब नहीं मिलते हैं.. 22- पिस्टल कहां से आईं नहीं मालूम चलता है तो केस किसी और एजेंसी को दिया जाना चाहिए.. 23- सच्चाई का बाहर आना बहुत जरूरी है..ये ओपन एंड शट केस नहीं है, मेरी बहन और उस मानसिक बीमार लड़की शीाबा को न्याय मिलना चाहिए 24- लखनऊ में तीन हथियारों के साथ बैंक कर्मचारी मर्डर प्लान कर रहा है..असलहे ला रहे है 25- ऐसी पुलिसिंग से बेहतर माफिया काल था..कम से कम लोगों को मालूम तो होता था किससे सावधान रहना है..
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जयपुर में संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर मेधावी छात्रों का सम्मान

Jaipur, Rajasthan:जयपुर आदर्श विद्या मंदिर अंबाबाड़ी में श्रीहनुमान भक्त मंडल, जयपुर की ओर से सामाजिक समरसता गतिविधि के तहत संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न, दुपट्टा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी झोटवाड़ा ने की। मुख्य वक्ता गेंदा लाल जी भाई साहब ने संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और भारतीय संस्कार एवं संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को नकारात्मक प्रभावों से दूर रहकर जिम्मेदार और सदनागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि गजानंद खंडेलवाल ने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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छत्रपति संभाजीनगर में 18 वर्षीय युवक की आत्महत्या: माता-पिता के लिए संकेत और उपाय

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजीनगर मध्ये 18 वर्षे तरुणाच्या आत्महत्या प्रकरणात त्याच्या आई-वडिलांनी ही नाहक जीव गमावला, मात्र काही लक्षणांवर लक्ष दिलं असतं मुलाशी बोलणं झालं असतं तर कदाचित ही वेळ आलीच नसती.. त्यामुळे मुलांमध्ये काही बदल दिसल्यास तात्काळ सतर्क होण्याची गरज आहे. छत्रपती संभाजीनगर मध्ये कौटुंबिक कलाहातून एका तरुणानं आपलं जीवन संपवलं, दुर्दैवानं त्याला वाचवायला गेलेले आई-वडीलांचा सुद्धा त्यात नाहक मृत्यू झाला, मात्र या घटनेने पुन्हा एकदा कुटुंबातील वाद, तरुणांचा पालकाशी नसलेला संवाद आणि त्यातून होणाऱ्या घटनाआयरणीवर आल्या आहेत, नक्की मुलाच्या मनात काय चाललंय कसं ओळखावं एखादा मुलगा आत्महत्येचा विचार करतोय तर काय लक्षण असतात या सगळ्यांचाच विचार आता पालकांनी करणे गरजेचे आहे.. मुलं नक्की कुठल्या मानसिकतेतून आत्महत्या करतात यावर ही लक्ष देणे गरजेचे आहे... तरुणांना वाटत असते की ते ज्या मानसिक किंवा भावनिक वेदनेतून जात आहेत, ती इतकी प्रचंड आहे की ती सहन करणे अशक्य आहे बऱ्याचदा त्यांना जीवन संपवायचे नसून, फक्त त्यांच्या मनातील त्रास, भीती किंवा वेदना थांबवायच्या असतात. भविष्यात परिस्थिती कधीच सुधारणार नाही आणि आपण या संकटातून कधीच बाहेर पडू शकणार नाही, असा तीव्र गैरसमज निर्माण होतो. आपल्या भावना कोणालाच समजणार नाहीत किंवा कोणीही मदत करू शकणार नाही, अशी एकाकीपणाची भावना तीव्र होते. माझ्या असण्याने कुटुंबाला, आई वडिलांना किंवा मित्रांना त्रास होत आहे, मी गेल्यास त्यांचे आयुष्य सोपे होईल, असा विचार मनात घर करतो. शिक्षण, नोकरी, प्रेम किंवा नातेसंबंधांमधील अपयशामुळे "माझं काहीच होऊ शकत नाही" अशी भावना निर्माण होते. अशा वेळी मेंदूची विचार करण्याची क्षमता सीमित होते. समस्येवर इतर काही मार्ग किंवा उपाय असू शकतात, हे त्यांना दिसणे बंद होते. केवळ 'आत्महत्या' हाच एकमेव पर्याय उरला आहे, असे त्यांना वाटू लागते. डॉ संदीप शिसोदे, मानसोपचार तज्ञ आत्महत्यांचा विचार मनात असणाऱ्या तरुणां मध्ये काही लक्षण स्पष्टपणे दिसून येतात पाहूयात कुठली ती लक्षण.. मुले अचानक अतिशय गप्प राहणे, सतत दुःखी दिसणे किंवा प्रत्येक गोष्टीतून उत्साह निघून जाणे बारीक-सारिक गोष्टींवरून खूप राग येणे, हिंसक होणे किंवा टोकाची अस्वस्थता दाखवणे. "मी सगळ्यांवर ओझे आहे", "माझ्यामुळेच घरात अडचणी आहेत" असा विचार करणे. मला आता जगायचं नाहीये, "सगळं संपवून टाकावसं वाटतंय", "मी नसलो तर सगळे खूश राहतील" अशा प्रकारची वाक्ये बोलणे. मृत्यू किंवा आत्महत्येविषयी वारंवार विचारणे किंवा बोलण मित्र-मैत्रिणी, नातेवाईक किंवा पालकांपासून दूर राहणे आणि स्वतःला खोलीत बंद करून घेणे. आपल्या अत्यंत आवडत्या वस्तू खेळणी, पुस्तके, गॅजेट्स इतरांना भेट म्हणून देणे. अभ्यासातील गुण अचानक घसरणे किंवा आवडत्या खेळांमध्ये अजिबात रस न दाखवणे. स्वतःला दुखापत करून घेणे किंवा स्वतःच्या जीवाशी खेळणारे धाडस करणे. खूप जास्त झोपणे किंवा अजिबात झोप न येणे (अनिद्रा). भूक पूर्णपणे मरणे किंवा अचानक खूप जास्त खाणे. कपडे, स्वच्छता किंवा दिसण्याकडे अजिबात लक्ष न देणे. ही लक्षणे दिसल्यास धोकादायक परिस्थिती आहे असे समजावे यावर मानसोपचार तज्ज्ञांनी काही उपाय ही सुचवले आहेत.. पालकांनी काय करावे? मुलावर रागवण्याऐवजी किंवा त्याला उपदेश देण्याऐवजी त्याचे म्हणणे शांतपणे आणि प्रेमाने ऐकून घ्या. तू असा कसा विचार करू शकतोस?" असे म्हणून त्याला दोष देऊ नका. लक्षणे दिसल्यास अजिबात वेळ न घालवता मानसोपचारतज्ज्ञ किंवा समुपदेशकाची मदत घ्या. राष्ट्रीय गुन्हे नोंदणी विभागाच्या अहवालानुसार, भारतातील एकूण आत्महत्यांपैकी 40% पेक्षा जास्त प्रमाण हे 30 वर्षांपेक्षा कमी वयाच्या तरुणांचे आहे. म्हणजे तरुणांच्या मनात आत्मह्या विचार सारखे घोंगावत असतात आणि याकडे पालकांनी लक्ष देण्याची गरज आहे. छत्रपती संभाजीनगरच्या घटनेत अवघ कुटुंब संपलंय मात्र काही गोष्टींकडे लक्ष दिल्यास असली संकट टाळता येणे ही शक्य आहे..
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सीवान के खोदाई बारी में गहरे गड्ढे में डूबे तीन किशोर

Siwan, Bihar:सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खोदाई बारी गांव में दर्दनाक हादसा हो गया। शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल के समीप जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढे में जमा पानी में नहाने के दौरान तीन किशोर डूब गए। हादसे में तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान खोदाई बारी गांव निवासी फहीमुद्दीन अंसारी के 12 वर्षीय बेटे इमरान अंसारी, मोनू हुसैन के 11 वर्षीय बेटे तौफीक अहमद और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छाप गांव निवासी इंसाद अंसारी के 12 वर्षीय बेटे आदिल अंसारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम करीब आठ से दस बच्चे स्कूल के पास बने गड्ढे में नहा रहे थे। इसी दौरान तीन किशोर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख वहां मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और पानी में उतरकर तीनों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में सीवान सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन किशोरों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे और शवों को अस्पताल से अपने साथ घर ले गए। रविवार को जनाजे की नमाज के बाद तीनों किशोरों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। बताया गया कि आदिल अंसारी शनिवार की सुबह ही अपने नाना के घर खोदाई बारी आया था। कुछ ही घंटों बाद हुए इस हादसे में उसकी भी जान चली गई। एक ही हादसे में तीन मासूम जिंदगियों के खत्म होने से पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं, स्कूल के समीप खुले और गहरे गड्ढे में जमा पानी को लेकर अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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योगी सरकार ने रसोइयों को मानदेय, इलाज और भत्ता बढ़ाने का बड़ा तोहफा दिया

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर रसोइयों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा! मानदेय में 50% बढ़ोतरी, 5 लाख तक कैशलेस इलाज और बीमा सुविधा का ऐलान गाजीपुर की 6,536 रसोइयों को मिलेगा सीधा लाभ, जिले में 500-600 रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती- डीएम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता-डीएम रसोइयों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मानदेय 2,000 से बढ़कर 3,000 रुपये प्रतिमाह हुआ 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी 2 लाख रुपये का बीमा कवर भी मिलेगा, साथ ही साड़ी/वस्त्र भत्ता 500 से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में लगभग 500 से 600 रसोइयों के पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थी रसोइयों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़े हुए मानदेय और नई सुविधाओं से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा जीवन स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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पनियरा में संदिग्ध परिस्थितियों में धान के खेत में मिला युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी

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Rajaura Kala, Uttar Pradesh:पनियरा,महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के पट्टे चौराहा के पास रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब धान के खेत में एक 32 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव के पास एक बाइक भी बरामद हुई। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पनियरा पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई और पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान पीपीगंज थाना क्षेत्र के नगर पंचायत के वार्ड नंबर 17 निवासी अजय पुत्र कैलाश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अजय की शादी करीब पांच वर्ष पहले महराजगंज के रसूलपुर पकड़ी में हुई थी। उसकी करीब तीन वर्षीय बेटी भी है। पिछले करीब तीन वर्षों से पत्नी से विवाद चलने के कारण वह अपने मायके में रह रही थी। परिजनों के अनुसार अजय निजी वाहन चलाता था और गोरखपुर में किराये के कमरे में रहता था। घटना से करीब दो दिन पहले ही वह अपने घर आया था। रविवार सुबह घटना की जानकारी एक वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों को हुई, जिसके बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और मौके पर रिश्तेदारों तथा ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।। घटनास्थल से कुछ दूरी पर देशी शराब की दुकान होने की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने रात में कुछ लोगों के बीच मारपीट देखे जाने की बात कही है, हालांकि अंधेरा होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। ग्रामीण ने सुबह खेत में शव और उसके पास बाइक देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इस संबंध में थाना ध्यक्ष पनियरा संजय कुमार सिंह ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। अजय के परिवार में उसके माता-पिता, बड़े भाई राजकुमार की पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। राजकुमार बाहर रहकर काम करते हैं। परिवार के घर के पीछे एक नया मकान भी बन रहा था। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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माथाभंगा में फैक्ट्री दूषित पानी से जल संकट, सड़क जाम

Cooch Behar, West Bengal:মাথাভাঙ্গা - মাথাভাঙ্গা জোড় পাটকি এলাকায় পূর্ব নেন্দার পাড় এলাকায় ওই এলাকায় একটি কারখানা থেকে দূষিত জল ডোবায় পড়ছে। যার ফলে দূষিত হচ্ছে জল। এর প্রতিবাদে রবিবার বেলা ১ টা নাগাদ মাথাভাঙ্গা সিতাই রাজ্য সড়কে পথ অবরোধ করেন এলাকাবাসীরা। এর ফলে ওই সড়কে যান চলাচল ব্যাহত হয় । ১ ঘণ্টা পর পুলিশ গিয়ে অবরোধ তুলে দেন।এলাকাবাসীদের অভিযোগ দীর্ঘ দিন থেকে সেখানে একটি কারখানায় দূষিত ও নোংরা জল পাশের একটি ডোবায় পড়ে । তার ফলে দূষিত হচ্ছে জল। এরকম জলে দিয়ে এলাকাবাসিরা ব্যবহার করেন পশুদের স্নান করান। যার ফলে পশুদের বিভিন্ন রোগ দেখা দেয়।এরফলে সেখানে মাছ মরে যাচ্ছে। তাই দ্রুত ব্যবস্থা গ্রহণের আর্জি জানান এলাকাবাসীরা।
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श्रीरामपुर में जिला परिषद सदस्य प्रियंका दे के घर पर हिंसक हमला, घर-तोड़फोड़ दहशत

Chinsurah, West Bengal:হুগলি জেলা পরিষদ সদস্যার বাড়িতে দুষ্কৃতি তাণ্ডব। বাড়ি গাড়ি ভাঙচুর। শ্রীরামপুর বিবির বেড় এলাকায় বাড়ি জেলা পরিষদ সদস্যা প্রিয়াঙ্কা দে'র। বেশ কিছু দুষ্কৃতি আজ বেলায় তার বাড়িতে হঠাৎ চড়াও হয়।বেধরক ভাঙচুর শুরু করে। কয়েকটি চার চাকা গাড়ি বাইক থান ইট দিয়ে ভাঙে।বাড়ির কাঁচ ভাঙে।রীতিমত তাণ্ডব চালিয়ে চলে যায়। খবর পেয়ে শ্রীরামপুর থানার পুলিশ কেন্দ্রীয় বাহিনী ঘটনাস্থলে পৌঁছায়।অভিযুক্তদের খোঁজে তল্লাসী শুরু করে।দুদিন আগে প্রিয়াঙ্কা’র অভিযোগের ভিত্তিতে রাজ্যধরপুর গ্রাম পঞ্চায়েতের তৃণমূলের এক মহিলা সদস্যা গ্রেপ্তার হয়।অভিযোগ ছিল ফেসবুকে ফেক প্রোফাইল বানিয়ে শ্রীরামপুরের বিধায়ক তথা মন্ত্রী ভাস্কর ভট্টাচার্যের সঙ্গে নাম জুড়ে প্রিয়াঙ্কার স্বামীর সন্দীপ দের বদনাম করার।প্রিয়াঙ্কা ও তার স্বামী শ্রীরামপুর বিধায়ক এর প্রশংসা করেছিলেন।প্রিয়াঙ্কা তৃনমূল সদস্যা তার অভিযোগের ভিত্তিতে তার দলেরই পঞ্চায়েত সদস্য গ্রেপ্তার হয়েছিল।জেলা পরিষদ সদস্যার বাড়িতে ভাঙচুর তাণ্ডব চালানোর ঘটনার পিছনে কারা রয়েছে তা খতিয়ে দেখছে পুলিশ。
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सतना जेल में सावन दशमी पर सवा लाख शिवलिंग निर्माण, भक्तिमय वातावरण

Satna, Madhya Pradesh:सतना के केंद्रीय जेल में आज सावन माह दशमी तिथि पर बंदियों ने बनाए पार्थिव शिवलिंग जिसका आज पूजन केंद्रीय जेल में कराया गया। करीब सवा लाख शिवलिंग की पूजा अर्चना एवं जलाभिषेक किया गया। इस कार्यक्रम में बंदियों में बेहद उत्साह नजर आया। मध्य प्रदेश की स्थापना केंद्रीय जेल में आज अपने गुनाहों की सजा काट रहे बंदियों के बीच भक्तिमय माहौल देखने को मिला जहाँ पर आज बंदियों ने सवा लाख मिट्टी के शिवलिंग का निर्माण किया। जिसके बाद शिवलिंग की पूजा अर्चना कर दूध, गंगाजल, बेलपत्र फल फूल अर्पण कर जलाभिषेक किया गया। जेल की इन तस्वीरों को देखकर आप खुद ही चौक जायेंगे कि किस तरह बंदियों में शिव पूजा को लेकर बेहद उत्साह देखने को मिला। करीब 17 सौ पुरुष एवं महिला बंदियों ने इस कार्य में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। और प्रतीकात्मक रूप से शिवलिंग का निर्माण कर भक्ति भाव में दिखाई दिए। शिव की भक्ति इस कदर की मानो सभी बंदी झूम उठे और नृत्य भी किया। आज पूरा केंद्रीय जेल भगवान शिव की भक्ति से गूंज उठा। मानो की जैसे काशी विश्वनाथ शिव भगवान के दरबार में होने जैसा प्रतीत हो रहा था। बंदیوں की माने तो जेल में ऐसे कार्य होने से उन्हें मानसिक स्थिरता और अच्छे विचार मन में पैदा होते हैं। इसके पूर्व जेल में बंदियों के बीच श्री मद भागवत कथा का आयोजन होने से वह बेहत उत्साहित थे। वही शिव पूजा में भी सभी बंदियों ने नाचे गाने के साथ शिवलिंग की बारात भी निकाली गई। इस बारे में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने बताया कि श्रावण मास की दशमी तिथि के उपलक्ष्य में आज केंद्रीय जेल सतना में करीब सवा लाख शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम किया गया था। जिसके उपलक्ष्य में बंदियों के द्वारा बहुत ही उत्साह पूर्वक शिवलिंग जाकर निर्माण किया जाकर उनका जलाभिषेक के साथ पूजन अर्चन किया गया। निश्चित रूप से इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं। जिससे बंदियों की मानसिक स्थिति भी ठीक रही है। और उनके अंदर उत्साह रहता है। ताकि उनके विचारों में परिवर्तन हो इस उद्देश्य से इस प्रकार के जो है समय समय पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। इससे आज बंदियों के मन में बेहद उत्साह था। बंदी बहुत नाच गा रहे थे। उनके लिए ऐसा माहौल हो गया था जैसे उन्हें लग ही नहीं रहा था की वह जेल के अंदर मानो जैसे वह अपने घर परिवार के बीच के यह उत्सव मना रहे हैं।
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12 सितम्बर को मधुबनी में राष्ट्रीय लोक अदालत से विवादों के समाधान पर जोर

Madhubani, Bihar:एंकर मधुबनी कोर्ट परिसर में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत,विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही है तैयारी। लोक अदालत में आपसी सुलह और समझौते के आधार पर अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन करने की तैयारी की जा रही है। मधुबनी के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार महथा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीजेएम ने कहा अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रमोद कुमार महथा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर लोक अदालत में सुनवाई योग्य मामलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों को विभागों के मामलों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजने और लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना और समय एवं धन की बचत करते हुए विवादों का समाधान कराना है। बेनीपट्टी और झंझारपुर व्यवहार न्यायालय में भी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। सीजेएम ने सभी थानाध्यक्षों को सुलहनीय मामलों से संबंधित नोटिस समय पर पक्षकारों तक पहुंचाने और आवश्यक रिपोर्ट न्यायालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा लोक अदालत के जरिये ट्रैफिक चालान ,बैंक ,बिजली,टेलीफोन,फैमिली मैटर,आपराधिक मामलों सहित कई अन्य मामलों को लोक अदालत के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है।इसमें ना तो किसी की हार होती है ना जीत ,सुलह कर मामला समाप्त हो जाता है। संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पक्षकारों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।बैठक में डालसा सचिव सचिन कुमार जज ऋचा भारद्वाज,सुधा रानी ,ऐश्वर्य दीप,अंकित आनंद ,ऋचा भारद्वाज सहित कई अधिकारी थे। बाइट प्रमोद कुमार महथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मधुबनी
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