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राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर मीट-चिकन दुकानों के लाइसेंसिंग नियमों के पालन पर जोर दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। शहर में मीट और चिकन की दुकानों के संचालन को लेकर दायर जनहित Yाचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मांस कारोबार से जुड़ी दुकानों को निर्धारित लाइसेंस और कानून के तहत ही संचालित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों को लाइसेंसिंग व्यवस्था की लगातार पालना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने आसिफ अली की जनहित याचिका को निस्तारित किया। अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने याचिका में बताया कि जोधपुर जिले में मीट और चिकन की दुकानों का सर्वे कराने, बिना लाइसेंस संचालित दुकानों पर कार्रवाई करने और धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पार्कों सहित सार्वजनिक उपयोगिता वाले स्थानों के आसपास ऐसी दुकानों के संचालन को नियंत्रित करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर में मीट कारोबार 1991 के उपनियमों और 2012 में किए गए संशोधनों के तहत नियंत्रित है। अधिकारियों ने अतिरिक्त शपथपत्र पेश कर बताया कि जोधपुर शहर में कुल 351 लाइसेंसधारी हैं। इनमें 189 लाइसेंस मेडती गेट और 78 लाइसेंस सिवांची गेट बूचड़खाने से जुड़े हैं। कुल 267 लाइसेंस का नवीनीकरण हो चुका है, जबकि बाकी नवीनीकरण की प्रक्रिया में हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारियों के रिकॉर्ड से मांस कारोबार को नियंत्रित करने की व्यवस्था स्पष्ट है, इसलिए आगे विस्तृत जांच की जरूरत नहीं है। हालांकि कोर्ट ने निर्देश दिया कि बिना लाइसेंस कोई दुकान संचालित मिलती है तो संबंधित व्यक्ति को लाइसेंस की आवश्यकता से अवगत कराया जाए और पात्र होने पर उसके आवेदन पर कानून के अनुसार विचार किया जाए। मीट दुकानों और संबंधित गतिविधियों पर लागू नियमों व उपनियमों की पालना अनिवार्य रहेगी。
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जोधपुर हाईकोर्ट ने 19 वर्षीया युवती को नारी निकेतन भेजकर काउंसलिंग अनिवार्य कर दी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका پر सुनवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती को काउंसलिंग के लिए जोधपुर स्थित नारी निकेतन भेजने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर एवं जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने नारी निकेतन प्रशासन को युवती की काउंसलिंग करने तथा अगली सुनवाई पर उसे पुनः न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया। युवती के पिता की ओर से दायर याचिका में बताया गया था कि वह 21 जुलाई 2026 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थी। परिवार द्वारा तलाश किए जाने के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर पुलिस थाना उदयमंदिर, जोधपुर पूर्व में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई। सुनवाई के दिन किसी व्यक्ति को नोटिस अथवा सूचना जारी होने से पहले ही युवती निजी प्रतिवादी के साथ स्वयं न्यायालय में उपस्थित हो गई। न्यायालय द्वारा बातचीत किए जाने पर युवती ने बताया कि उसकी आयु 19 वर्ष है और वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने निजी प्रतिवादी के साथ रहने की इच्छा व्यक्त करते हुए बताया कि दोनों शीघ्र विवाह करना चाहते हैं। परिस्थितियों का अवलोकन करते हुए न्यायालय ने उसे नारी निकेतन भेजकर उचित काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया। अतिरिक्त महाधिवक्ता को युवती को सुरक्षित रूप से नारी निकेतन पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है, जब युवती को पुनः न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता समर्पित गुप्ता, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने पैरवी की。
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बारिश ने किसानों को राहत दी, पर शहरी जलजमाव से लोग परेशान

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर-छतरपुर में हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। करीब 10 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण फसलों के सूखने की चिंता में डूबे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। किसानों का कहना है कि बारिश से फसलों को नया जीवन मिला है और खेती को बड़ा लाभ होगा। वहीं दूसरी ओर पहली ही तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। डाकखाना क्षेत्र समेत कई जगहों पर सड़कों और दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि हर बारिश में उनकी दुकानों में पानी घुस जाता है, लेकिन नगर पालिका अब तक स्थायी समाधान नहीं कर सकी है।
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गोरखपुर में आर्थिक तंगी से छात्रा ने नदी में छलांग, युवक ने बचाई जान

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। आर्थिक तंगी और पढ़ाई छूटने के डर से एक 17 वर्षीय छात्रा ने गोर्रा नदी में मौत की छलांग लगा दी। लेकिन किस्मत अच्छी रही कि मौके पर मौजूद एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर छात्रा को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने छात्रा और उसके परिवार की काउंसलिंग की है और छात्रा की आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भरोसा भी दिया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे झंगहा थाना क्षेत्र के गौरी घाट पुल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किशोरी ने अचानक गोर्रा नदी में छलांग लगा दी। पुल पर मौजूद लोगों ने छात्रा को नदी में कूदते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जंगल गौरी गांव निवासी अयूब मौके पर पहुंचे। बिना एक पल गंवाए अयूब गहरे पानी में कूद पड़े और करीब 15 मिनट तक नदी की तेज धारा और गहराई से जूझते हुए छात्रा तक पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने अयूब की बहादुरी की जमकर सराहना की। सूचना मिलते ही झंगहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को थाने ले जाकर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने इस वर्ष 8वीं कक्षा पास की है और 9वीं कक्षा में प्रवेश चल रहा है, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बेहद ही दयनीय व कमजोर होने के कारण परिजन उसका दाखिला नहीं करा पा रहे थे। उसके परिवार में चार बहनें और एक भाई है। पिता पेंट-पॉलिश में मजदूरी का काम करते हैं और आर्थिक तंगी के चलते छात्रा की पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद टूटती जा रही थी। इसी निराशा में उसने आज नदी में आत्महत्या करने के लिए छलांग लगा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के परिजनों को थाने बुलाया। मिशन शक्ति टीम के सदस्य मोहम्मद अरशद खान, साक्षी तिवारी और उपनिरीक्षक रामसजीवन निषाद की मौजूदगी में छात्रा की काउंसलिंग की गई। झंगहा थाना पुलिस ने छात्रा को भरोसा दिलाया कि उसकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। पुलिस ने स्कूल में दाखिला, ड्रेस और किताबों की व्यवस्था में हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। पुलिस के इस भरोसे के बाद छात्रा के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और काउंसलिंग के बाद उसे सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। एक तरफ आर्थिक तंगी ने इस छात्रा को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, तो दूसरी तरफ अयूब की बहादुरी और पुलिस की संवेदनशील पहल ने उसकी जिंदगी को नई उम्मीद दे दी। अब सवाल यह है कि क्या आर्थिक अभाव किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा बनना चाहिए, या फिर समाज और प्रशासन मिलकर हर बच्चे के सपनों को उड़ान देंगे।
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दतिया उपचुनाव INDIA गठबंधन प्रत्याशी घनश्याम सिंह के समर्थन में समाजवादी पार्टी का ज़ोरदार शक्ति

Adil AhmadAdil AhmadFollow5m ago
Jhansi, Uttar Pradesh:दतिया विधानसभा उपचुनाव में INDIA गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के समर्थन में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय सचिव मो. अज़ीम ख़ान ने बड़ी संख्या में समर्थ के साथ व्यापक जनसंपर्क एवं चुनाव प्रचार अभियान चलाया।इस दौरान आसिफ़ नियाज़ी, अधिवक्ता हमीद मकरानी, अधिवक्ता अदनान ख़ान, रिज़वान ख़ान तथा बड़ी संख्या में समाजवादी साथियों एवं समर्थकों ने क्षेत्र में डोर-टू-डोर जनसंपर्क कर गठबंधन के पक्ष में मज़बूत माहौल बनाया और जनता से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।मो. अज़ीम ख़ान ने कहा कि दतिया की जनता बदलाव का संकल्प ले चुकी है और INDIA गठबंधन के प्रति बढ़ता जनसमर्थन स्पष्ट संकेत दे रहा है कि इस उपचुनाव में जनता जनविरोधी राजनीति को करारा जवाब देगी।
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विपक्ष के उठाए मुद्दों पर बाधा, पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम की मांग

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा कहते हैं, "आपने देखा कि सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने बार-बार बीच में टोका। वे बिना वजह खड़े हुए और समय बर्बाद किया। इसके बाद पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। लेकिन असलियत यह है कि आप हमें बोलने ही नहीं देना चाहते। जब भी हमने उन मुद्दों को उठाने की कोशिश की जिन पर हम चर्चा करना चाहते थे, तो उनकी तरफ से लगातार रुकावटें डाली गईं..." AAP सांसद मालविंदर सिंह कांग कहते हैं, "...क्या अब BJP सरकार यह तय करेगी कि विपक्ष को क्या कहना चाहिए? एक तरफ, आपके शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। इन लीक्स को रोकने के लिए कोई सिस्टम बनाने के बजाय, आप सिर्फ़ सज़ा बढ़ाने के लिए एक बिल लाए हैं। हम मानते हैं कि देश में पहले भी फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं और कई अपराधों के लिए सज़ा बढ़ाई जाती रही है। लेकिन, क्या भारत सरकार अभी तक पेपर लीक को असल में रोकने का कोई तरीका नहीं निकाल पाई है? हमारी मुख्य मांग है कि पेपर लीक को रोका जाए। चाहे BJP शासित राज्य हो या केंद्र में NDA सरकार, पिछले बारह सालों से लगातार हो रहे पेपर लीक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए..."
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खाना बनाते समय साड़ी में आग: इंदौर की मां-बेटी झुलसी, मासूम की मौत

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर के देपालपुर समीप कुनगारा से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खाना बनाते समय साड़ी में आग लगने से एक मां और उसकी दो वर्षीय मासूम बेटी गंभीर रूप से झुलस गईं। इंदौर में इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। सबसे भावुक बात यह है कि हादसे से महज एक दिन पहले ही मासूम का दूसरा जन्मदिन पूरे परिवार ने खुशी-खुशी मनाया था। घटना इंदौर के देपालपुर समीप ग्राम कुनगारा की है। जानकारी के अनुसार, काजल चौहान घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग लग गई। काजल मूक-बधिर हैं, इसलिए उन्होंने तुरंत वीडियो कॉल के माध्यम से अपने भाई को घटना की जानकारी दी। उस समय परिवार के सदस्य खेत पर काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही परिजन घर पहुंचे, लेकिन तब तक काजल और उनकी दो वर्षीय बेटी सृष्टि दोनों गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। परिजन मां-बेटी को तत्काल इलाज के लिए इंदौर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान दो वर्षीय मासूम सृष्टि ने दम तोड़ दिया, जबकि मां काजल का इलाज अब भी जारी है। बताया जा रहा है कि 26 जुलाई को ही परिवार ने सृष्टि का दूसरा जन्मदिन बड़े उत्साह के साथ मनाया था। जन्मदिन की खुशियां अगले ही दिन मातम में बदल गईं।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मासूम के शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया गया। पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद शोक का माहौल है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि एक पल में खुशियां कैसे मातम में बदल गईं।
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प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय सचिवों की बैठक में भविष्य के कार्य एजेंडे पर जोर

New Delhi, Delhi:प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय सचिवों की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भविष्य के कार्य एजेंडे की समीक्षा की गई। विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य को तेज़ी से हासिल करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और विभागों के बीच टीमवर्क और साझा उद्देश्य के साथ काम करने का आह्वान किया। सरकार में क्षैतिज (Horizontal) और ऊर्ध्वाधर (Vertical) साइलो खत्म कर बेहतर समन्वय से काम करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता हमेशा शासन के केंद्र में होनी चाहिए और हर नीति व निर्णय आम नागरिक के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाए। इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के साथ-साथ स्वदेशी तकनीकों के विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से सीधे जुड़ी है। नवाचार, विविधीकरण और क्षमता विस्तार के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार (Reforms) कोई फैशन नहीं, बल्कि प्रभावी शासन की निरंतर आवश्यकता हैं। प्रक्रियाओं में सुधार, बेहतर कार्य संस्कृति और संस्थागत दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। बढ़ते तकनीकी उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उभरते साइबर खतरों के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया। युवा नवाचारकों और स्टार्टअप्स की साइबर सुरक्षा क्षेत्र में अधिक भागीदारी बढ़ाने और इसे जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार की बड़ी पहलों पर सक्रिय और प्रभावी संवाद (Proactive Communication) की आवश्यकता बताई ताकि गलत सूचना और अफवाहों का मुकाबला किया जा सके। उद्योगों के साथ साझेदारी में नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम विकसित करने की बात कही, ताकि भविष्य के उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल तैयार हो सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को हमेशा युवा, गतिशील और भविष्य उन्मुख रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप खुद को लगातार ढालना चाहिए। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति, प्राथमिकताओं और क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों के सचिव, विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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