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AMAnil MohaniaFollow4 Oct 2024, 09:43 am
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किश्तवाड़ में गौ तस्करों पर बड़ा शिकंजा, 192 गौवंश रेस्क्यू

Jammu, किश्तवाड़ में गौ तस्करों पर बड़ा शिकंजा, पुलिस की स्पेशल ड्राइव में 192 गौवंश रेस्क्यू सिंथन टॉप रूट से तस्करी की कोशिश नाकाम, पुलिस ने लगाए स्पेशल नाके जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बढ़ते गौ तस्करी के मामलों को लेकर पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिले के छात्रु इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा स्पेशल नाके लगाकर गौ तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, छात्रु थाना प्रभारी ऋषि कुमार के नेतृत्व में पिछले 72 घंटों के दौरान एक दर्जन से ज्यादा गौ तस्करी के मामले दर्ज किए गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान अब तक 192 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से रेस्क्यू किया गया है। बताया जा रहा है कि पहले गौ तस्कर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए क Kashmir तक गौवंशों की तस्करी करते थे, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद तस्करों ने अब किश्तवाड़ के छात्रु से सिंथन टॉप मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। गौ तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्रु पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और अलग-अलग स्थानों पर स्पेशल नाके स्थापित किए। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से विशेष टीमें भी गठित की हैं, ताकि तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से इलाके के स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है, वहीं गौ तस्करों में डर और हड़कंप देखा जा रहा है!
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ISI के प्लान के तहत भारत में टार्गेट किलिंग: भट्टी गैंग संदिग्ध

Mumbai, Maharashtra:क्या पाकिस्तान के Unknown gunman की तर्ज पर ISI का प्लान कर रही है भारत में भी टारगेट किलिंग करना जिसमें उनके हथियार बना है शहज़ाद भट्टी बुधवार को महाराष्ट्र ATS ने करीब 57 ऐसे लोगो से पूछताछ करी है जो सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये पाकिस्तान के गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी के संपर्क में थे, हालाँकि इनका सीधे तौर पर शहज़ाद भट्टी से कोई संबध नहीं हैl ATS ने इन सभी को पूछताछ करके छोड़ दिया हैl ATS के सूत्रों के मुताबिक बिना किसी contact के शहज़ाद भट्टी का गैंग india में 18-35 साल के लड़को को सोशल मीडिया पर मैसेज कर रहा है इस उम्मीद में ताकि उनके जाल में कोई लड़का फँस जायेl ATS के सूत्रों के मुताबिक पिछले दो - तीन सालो में जैसे Unknown Gunman ने पाकिस्तान में कई बड़े बड़े आतंकवादी मार गिराए है, अब पाकिस्तान की ISI भी उसी तर्ज पर शहज़ाद भट्टी गैंग का सहारा लेकर भारत में ऐसे कारनामे अंजाम देने वाले युवाओ की फ़ौज खड़ी करना चाहती है, इसीलिए शहज़ाद भट्टी को भारत में नेटवर्क बनाने का काम सौंपा गया हैl ATS के सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में आए कई लोग कथित तौर पर इन सिंडिकेट्स के डिजिटल इकोसिस्टम के अंदर ऑनलाइन पार्टनर के रूप में काम कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना ​​है कि भट्टी और उसका नेटवर्क ऐसे ऑनलाइन इकोसिस्टम का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से अलग-अलग उम्र के लोगों—जिनमें बेरोज़गार युवा, नौकरीपेशा लोग और मध्यम आयु वर्ग के लोग शामिल हैं—को निशाना बनाने के लिए कर रहा है। इन लोगों को पैसे, सुरक्षा, जल्दी आर्थिक लाभ और विदेशों से संपर्क कराने का लालच दिया जाता है। कि गैंग कल्चर, हिंसा, आलीशान जीवनशैली और एक खास "गैंगस्टर जीवनशैली" को महिमामंडित करने वाले ऑनलाइन कंटेंट का इस्तेमाल, संगठित आपराधिक गतिविधियों के लिए नए गुर्गों को प्रभावित करने और उन्हें तैयार करने के लिए किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर एक "फ्रीलांस" मॉड्यूल पर काम करता था, जिसमें ऑपरेटिव अलग-अलग गुटों में रहकर काम करते थे और अक्सर उनका आपस में कोई सीधा संपर्क नहीं होता था; इस वजह से एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क की संरचना का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी इस समय कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फ़ोन, डिजिटल स्टोरेज यूनिट और दस्तावेज़ों की जाँच कर रही है। जाँचकर्ता बातचीत के रिकॉर्ड, एन्क्रिप्टेड चैट, सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियों और पैसों के लेन-देन के सुरागों की जाँच कर रहे हैं, ताकि इस कथित नेटवर्क के फैलाव का पता लगाया जा सके और पाकिस्तान, दुबई और दूसरे विदेशी ठिकानों से काम कर रहे संभावित हैंडलरों की पहचान की जा सके। जांचकर्ताओं के अनुसार, जांच में यह खुलासा हुआ कि भट्टी कथित तौर पर एक 'रिमोट कोऑर्डिनेटर' के तौर पर काम कर रहा था, जो डोगर गैंग के हैंडलर्स, स्थानीय मददगारों और भारत में मौजूद डिजिटल ऑपरेटिव्स के ज़रिए अपना काम करता था। जांच में आगे यह भी पता चला कि डोगर गैंग ने कथित तौर पर इस जासूसी नेटवर्क में ज़मीनी स्तर पर एक अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें इस मामले में शामिल आरोपियों की भर्ती, उनके बीच तालमेल बिठाना और उन्हें हैंडल करना शामिल था।
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ISI की धमक: भारत में टार्गेट किलिंग की साजिश, शहज़ाद भट्टी गैंग नेटवर्क सामने

Mumbai, Maharashtra:Exclusive Investigation क्या पाकिस्तान के Unknown gunman की तर्ज पर ISI का प्लान कर रही है भारत में भी टारगेट किलिंग करना जिसमे उनक हथियार बना है शहज़ाद भट्टी बुधवार को महाराष्ट्र ATS ने करीब 57 ऐसे लोगो से पूछताछ करी है जो सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये पाकिस्तान के गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी के संपर्क में थे, हालाँकि इनका सीधे तौर पर शहज़ाद भट्टी से कोई संबध नहीं हैl इसीलिए ATS ने इन सभी को पूछताछ करके छोड़ दिया हैl ATS के सूत्रों के मुताबिक बिना किसी contact के शहज़ाद भट्टी का गैंग india में 18-35 साल के लड़को को सोशल मीडिया पर मैसेज कर रहा है इस उम्मीद में ताकि उनके जाल में कोई लड़का फँस जायेl ATS के सूत्रों के मुताबिक पिछले दो - तीन सालो में जैसे Unknown Gunman ने पाकिस्तान में कई बड़े बड़े आतंकवादी मार गिराए है, अब पाकिस्तान की ISI भी उसी तर्ज पर शहज़ाद भट्टी गैंग का सहारा लेकर भारत में ऐसे कारनामे अंजाम देने वाले युवाओ की फ़ौज खड़ी करना चाहती है, इसीलिए शहज़ाद भट्टी को भारत में नेटवर्क बनाने का काम सौंपा गया हैl ATS के सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में आए कई लोग कथित तौर पर इन सिंडिकेट्स के डिजिटल इकोसिस्टम के अंदर ऑनलाइन पार्टनर के रूप में काम कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना ​​है कि भट्टी और उसका नेटवर्क ऐसे ऑनलाइन इकोसिस्टम का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से अलग-अलग उम्र के लोगों—जिनमें बेरोज़गार युवा, नौकरीपेशा लोग और मध्यम आयु वर्ग के लोग शामिल हैं—को निशाना बनाने के लिए कर रहा है। इन लोगों को पैसे, सुरक्षा, जल्दी आर्थिक लाभ और विदेशों से संपर्क कराने का लालच दिया जाता है। कि गैंग कल्चर, हिंसा, आलीशान जीवनशैली और एक खास "गैंगस्टर जीवनशैली" को महिमामंडित करने वाले ऑनलाइन कंटेंट का इस्तेमाल, संगठित आपराधिक गतिविधियों के लिए नए गुर्गों को प्रभावित करने और उन्हें तैयार करने के लिए किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर एक "फ्रीलांस" मॉड्यूल पर काम करता था, जिसमें ऑपरेटिव अलग-अलग गुटों में रहकर काम करते थे और अक्सर उनका आपस में कोई सीधा संपर्क नहीं होता था; इस वजह से एजेंसीज के लिए इस नेटवर्क की संरचना का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी इस समय कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फ़ोन, डिजिटल स्टोरेज यूनिट और दस्तावेज़ों की जाँच कर रही है। जाँचकर्ता बातचीत के रिकॉर्ड, एन्क्रिप्टेड चैट, सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियों और पैसों के लेन-देन के सुरागों की जाँच कर रहे हैं, ताकि इस कथित नेटवर्क के फैलाव का पता लगाया जा सके और पाकिस्तान, दुबई और दूसरे विदेशी ठिकानों से काम कर रहे संभावित हैंडलरों की पहचान की जा सके। जांचकर्ताओं के अनुसार, जांच में यह खुलासा हुआ कि भट्टी कथित तौर पर एक 'रिमोट कोऑर्डिनेटर' के तौर पर काम कर रहा था, जो डोगर गैंग के हैंडलर्स, स्थानीय मददगारों और भारत में मौजूद डिजिटल ऑपरेटिव्स के ज़रिए अपना काम करता था। जांच में आगे यह भी पता चला कि डोगर गैंग ने कथित तौर पर इस जासूसी नेटवर्क में ज़मीनी स्तर पर एक अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें इस मामले में शामिल आरोपियों की भर्ती, उनके बीच तालमेल बिठाना और उन्हें हैंडल करना शामिल था।
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CBI interrogation: Clues tied to digital footprints emerge in NEET paper leak case

Delhi, Delhi:NEET पेपर लीक मामले में CBI की अभी तक की इंट्रोगेशन में पैटर्न की कड़ियाँ आई सामने...मिले डिजिटल फुटप्रिंट... नासिक के शुभम खेमर ने हरियाणा के गुरुग्राम के यस यादव से होता हुआ राजस्थान के सीकर के पहुंचा था लीक पेपर... सीकर से सोशल मीडिया के ज़रिए भेजा गया अन्य राज्यों में.. मांगीलाल और दिनेश भाई है, दिनेश बीजेपी युवा मोर्चा का नेता है। दिनेश ने पैसे लेकर यश से गैस पेपर लिया और सीकर में नगद पैसो में 10 स्टूडेंट को बेचा। विकास दिनेश का बेटा है और सीकर में NEET की पढ़ाई कर रहा है, इसके दोस्तो को गैस पेपर बेचा गया। इन सभी को एसओजी ने हिरासत में किया था, पूछताछ के बाद इन सभी पांचों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है साथ ही और भी संदिग्धों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है। ये है CBI पेपर लीक करने से लेकर बेचने की लाइन ऑफ इन्वेस्टीगेशन... फिलहाल CBI ने इनके पास से जब्त डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर CFSL के पास आगे की जांच के लिए भेज दिया है। CFSL के ज़रिए CBI सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डिलीट की गई चैट और मैसेज को रिट्रीव करवाना चाहती है। सीबीआई सोशल मीडिया वाट्सएप्प और टेलीग्राम एप्प में सेव किए गए मोबाइल नंबर के ज़रिए उस सिम के मालिक का पता लगाने की कोशिश में है। CBI की साइबर यूनिट चैट या मैसेज भेजने के वक़्त की उस समय की लोकेशन IP एड्रेस के ज़रिए पता करने में जुटी है। सीबीआई गिरफ्तार किए गए 5 लोगों की कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों के कॉमन कॉन्टैक्ट की एक लिस्ट बना रही है ताकि उनसब लोगों की चैट हिस्ट्री और डिलीट डेटा को रिट्रीव किया जा सके... फिलहाल सीबीआई को नीट पेपर लीक मामले में किसी बड़े संगठित गैंग की भूमिका को लेकर कोई सीधा सबूत नहीं मिला है, हालांकि जांच अभी शुरुआती दौर में है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए पांचो आरोपियों की बैंक डिटेल लेने के लिए संबधित बैंको को लेटर लिख अकाउंट की जानकारी मांगी है। *पेपर लीक करने के लीकेज पॉइंट में शामिल शक्स की पहचान करने के लिए NTA अधिकारियों से CBI ने जुटाई जानकारी* CBI ने बुधवार को घंटो NTA दफ्तर में जाकर पेपर को तैयार करने, उसको छापने, पेपर को सुरक्षित रखने और एग्जाम से पहले पेपर को अलग अलग राज्यों में भेजने में शामिल लोगों की भूमिका के बारे में पूरी जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक CBI को 50 से ज्यादा ऐसे लोगों की जानकारी मिल गई है जिनके जिम्मे NEET पेपर को सुरक्षित और महफूज़ तरीके से पूरी प्रक्रिया को पूरा कराना था। सूत्रों के मुताबिक CBI ने उन तमाम लोगों की भी फाइनेंशिल डिटेल्स बैंको से मांगी है। इस सभी लोगों की CDR के ज़रिए आरोपियों से या दूसरे संदिग्धों की संपर्क करने के सबूत जुटाने में लगी है। CBI की टीमें एक दर्जन से ज्यादा ऐसे छात्रों से भी पूछताछ कर रही है। जिन्होंने NEET पेपर दिया था और जिनके पास लीक पेपर पहुंचा था। ताकि उनके ज़रिये पेपर लीक करने के बाद उसको PDF फॉर्म में पासवर्ड से प्रोटेक्ट करने वाले अलग अलग ग्रुप की जानकारी जुटाई जा सके
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DM के निर्देश पर लखीसराय में मनसिंघा पैइन की उड़ाही, जलजमाव से राहत

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर नया बाजार स्थित एसपी आवास से कवैया थाना तक मनसिंघा पैइन की उड़ाही की गई। नगर परिषद की देखरेख में जेसीबी मशीन के माध्यम से मनसिंघा पैइन की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। अभियान का उद्देश्य बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाना है। सदर अस्पताल परिसर व रिहायशी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने नगर परिषद को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके तहत मानसिंघा पैइन की सफाई भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि पैइन से गाद और कचरा हटाने का कार्य लगातार जारी रहेगा, ताकि बारिश के मौसम में शहरवासियों को परेशानी न हो।
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तंगौर में बाढ़ मॉक ड्रिल से नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ी

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- प्रदेश सरकार व राजस्व विभाग के आदेशों पर बाढ़ आपदा से आमजन को बचाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जिला के गांव तंगोर में भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया। सफल मॉक ड्रिल का आयोजन करते हुए बुजुर्ग व्यक्ति, गर्भवती महिला, बच्चों व खेत में बने डेरे से सांप के काटने वाले व्यक्ति को सुरक्षित निकाला गया। गांव तंगौर में सुबह 9 बजे ही बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, फायर, होम गार्ड, रोडवेज, निकाय, बीडीपीओ, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, डीआईपीआरओ, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, रेडक्रॉस, पब्लिक हेल्थ, राजस्व सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने अपने कर्तव्य और ड्यूटियों को बखूबी निभाया आपदा से सुरक्षित निकल गए नागरिकों को सुरक्षित स्थान गांव कलसाना के स्कूल में पहुंचाया गया। जहां पर उन्हें चिकित्सा सुविधा, फूड पैकेट सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई। पूरे व्यवस्था की देखरेख एसडीएम शाहाबाद शंभू राठी ने की। एसडीएम शंभू राठी ने कहा कि प्रदेश में कई जिलों में बाढ़ को लेकर मॉक ड्रिल की गई है। और लोगों को बाढ़ को लेकर जागरूक भी किया गया है। और साथ ही यह भी बताया गया है कि अगर बाढ़ आती है तो उस समय आमजन को कैसे अपनी जान बचानी चाहिए और लोगों की कैसे सहायता करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन का यह बहुत अच्छा कदम है जो की लोगों को बाढ़ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर हर वर्ष बाढ़ आती है और काफी घर उस बाढ़ से प्रभावित होते हैं इसलिए वह प्रशासन से मांग करते हैं इसका कोई स्थाई समाधान जरूर निकाले।
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सीवान सदर अस्पताल में नवजात की मौत के बाद डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, हंगामा

Siwan, Bihar:सीवान सदर अस्पताल में एक नवजात बच्चे की मौत के बाद जमकर हंगामा देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर बवाल काटा और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। बताया जा रहा है कि तरवारा थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी मिथिलेश कुमार अपनी बहन को प्रसव पीड़ा होने पर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि समय पर सही इलाज नहीं मिलने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजन लगातार दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन पूरे मामले को शांत कराने में जुटा रहा।
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Tangmarg में Census Awareness Van लॉन्च, 2026–27 के लिए तैयारी तेज

Gulmarg, Tehsildar Tangmarg Syed Eyad Qadri today flagged off a special Census Awareness and Enumeration Van from Tangmarg town to cover various areas of the subdivision. The initiative has been launched as part of the preparations for the nationwide Census 2026–27, which is scheduled to commence across Jammu & Kashmir during May–June 2026 and 2027. The exercise will include both digital and door-to-door enumeration, marking the first-ever digital census process in the region. Speaking on the occasion, Tehsildar Tangmarg Syed Eyad Qadri said that the awareness and enumeration drive aims to educate the public about the importance of the census process and ensure maximum public participation. He emphasized that accurate census data plays a vital role in policy planning, developmental projects, welfare schemes, and resource allocation by the government. He further stated that the administration is making all necessary preparations for the smooth and transparent conduct of the census operation in Tangmarg subdivision. Awareness campaigns, training sessions for field staff, and digital preparedness programs are being organized to familiarize enumerators and officials with the new digital census system. The specially designated Census Van will travel through different villages and localities of Tangmarg subdivision to spread awareness among residents regarding the upcoming enumeration process, documentation requirements, and the importance of providing accurate information during the survey. Officials said that field staff and enumerators are being trained extensively to ensure efficient data collection through digital devices and door-to-door interaction. The administration has appealed to the public to cooperate fully with census officials and support the successful completion of this important national exercise. Several officials and staff members from the Revenue Department and local administration were present during the flag-off ceremony. The event reflects the administration’s commitment towards ensuring a smooth, transparent, and people-friendly Census 2026–27 process in the Tangmarg area.
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आरा बक्सर एमएलसी चुनाव: सोनू राय 359 मतों से जीत

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर बक्सर एमएलसी चुनाव को लेकर आज सुबह से ही आरा में मतगणना हो रहा था। महागठबंधन उम्मीदवार पूर्व एमएलसी लाल दास राय के पुत्र सोनू राय ने एक बड़ी बढ़त बनाते हुए 359 मतों से जीत दर्ज की है। हालांकी औपचारिक घोषणा जिला प्रशासन ने अभी तक नहीं किया है। सोनू राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एनडीए उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को करारी शिकस्त दी है। आरा बक्सर एमएलसी चुनाव में कुल 6 प्रत्याशियों ने भाग लिया था, जिसमें महागठबंधन उम्मीदवार सोनू राय ने अपनी बड़ी जीत दर्ज की है और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल का शाख खत्म हो गया था उसे पुनः जीवित करने का काम किया है। जीत के बाद मतगणना कक्ष के बाहर कार्यकर्ताओं में भारी खुशी की लहर देखी गई है। वहीं एनडीए कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गया है। हालांकि इस चुनाव में जदयू से बागी उम्मीदवार मनोज उपाध्याय ने कहा कि जनता के जनादेश की जीत हुई है—एक कार्यकर्ता की जीत हुई है, धन बल और बाहुबल की बड़ी हार हुई है। मनोज उपाध्याय फैक्टर भी एनडीए उम्मीदवार की हार की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। जीत के बाद कार्यकर्ताओं में खुशी लहर है। बाइट- सोनू राय(महागठबंधन उम्मीदवार आरा बक्सर एम एल सी चुनाव) बाइट-मनोज उपाध्याय(निर्दलीय बागी उम्मीदवार आरा बक्सर एम एल सी चुनाव)
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soybean prices surge to 7440 per quintal, farmers hopeful for gains

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल। किसानों का पीला सोना कहे जाने वाली सोयाबीन इन दिनों मंडियों में बढ़े हुए दामों की वजह से चर्चाओं में है। सोयाबीन एक माह पहले 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही थी, उसमें अचानक उछाल देखने को मिला है, आज बैतूल की कृषि उपज मंडी बडोरा में सोयाबीन की उच्चतम बोली 7440 लगाई गई। यानी 1 महीने में सोयाबीन के 2500 प्रति क्विंटल तक दम बढ़े हैं, जिससे जिन किसानों के पास में सोयाबीन रखा हुआ है, उनको बड़ा लाभ मिल रहा है। हालांकि सोयाबीन की आवक में गिरावट जरूर देखी गई है। बडोरा मंडी में मौजूदा समय में 1000 बोरे सोयाबीन की आवक हो रही है, वहीं जानकारों की माने तो आवक कम होने और मांग अधिक होने के कारण कीमतों को मजबूती मिल रही है। तेल मिलों द्वारा की जा रही लगातार खरीदारी से सोयाबीन के दाम आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वही खरीफ सीजन भी आने वाला है ऐसे में सोयाबीन के दामों में और अधिक उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार ने सोयाबीन का 5328 रुपए समर्थन मूल्य घोषित किया है, लेकिन मौजूदा समय में मंडी में सोयाबीन की दाम अच्छे खासे किसानों को मिल रहे हैं। वहीं मंडी में सोयाबीन के दाम बढ़ने का असर तेल मिलो में दिखाई देगा और खाद्य तेल सोयाबीन के दाम भी बढ़ सकते हैं। मंडी में बाजपुर से सोयाबीन लेकर आए किसान गोंदू ने बताया कि एक माह पहले जब उन्होंने मंडी में सोयाबीन के दाम पता किए थे तो 5200 के आसपास में सोयाबीन के दाम बताए जा रहे थे, लेकिन अभी दाम 2000 से अधिक बढ़ चुके हैं, उनकी सोयाबीन 7300 रुपए प्रति क्विंटल आज मंडी में बिकी है। बडोरा कृषि ऊपज मंडी के सहायक उप निरीक्षक प्रदीप उईके की माने तो सोयाबीन के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंडी में आज सबसे ऊंची बोली 7440 रुपए प्रति क्विंटल सोयाबीन की लगी है, but सोयाबीन की आवक जरूर कम हुई है, मौजूदा समय में सोयाबीन मंडी में 1000 बोरे के आसपास आ रहा है।
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जल जीवन मिशन का सच: ठाड़पखना में टंकी अधूरी, ग्राम जल संकट गहरा

Korba, Chhattisgarh:एंकर- कोरबा जिले में केंद्र और छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है। पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत सगुना के आश्रित ग्राम ठाड़पखना में योजना की हकीकत सवाल खड़े कर रही है। यहां दो साल पहले बनाई गई पानी टंकी आज भी सिर्फ लोहे का ढांचा बनकर खड़ी है। ना टंकी लगी, ना बोर कराया गया. नतीजा ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. गांव में जल जीवन मिशन के तहत क्रेडा विभाग द्वारा दो वर्ष पहले पानी टंकी निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन आज तक काम अधूरा पड़ा है। मौके पर सिर्फ लोहे का ढांचा खड़ा दिखाई देता है, जिसमें न तो पानी टंकी लगाई गई है और न ही बोरिंग कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह पर यह ढांचा बनाया गया है वह एक ग्रामीण की निजी भूमि है। ऐसे में आंधी-तूफान के दौरान इसके गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भीषण गर्मी के बीच गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए कुएं और एकमात्र बोरवेल का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि गर्मी बढ़ने के साथ बोरवेल का पानी भी सूखने लगता है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है。 बाइट - ग्रामीण
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नीम के पेड़ को काटने पर विवाद; महिला घायल, वीडियो वायरल

Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले के विजयपुर गांव में खेत में डाले नीम के पेड़ को काटने को लेकर दो पक्षों में कहा सुनी को लेकर हुआ विवाद मारपीट में हुआ तब्दील, दूसरे पक्ष के लोगों ने पति पत्नी पर कुल्हाड़ी और लाठी डंडों से किया हमला, पीड़ित महिला ने चंदेरा थाना पुलिस पर लगाया आरोपियों पर मामूली धाराओं में मामला दर्ज करने का आरोप, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, चंदेरा थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव की घटना। दरअसल यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिले के चंदेरा थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव का है, जहां तेज आंधी और तूफान के बाद उनके खेत में एक नीम का पेड़ टूटकर गिर गया था, जब वह पेड़ काटने अपने खेत पर पहुंचे तो उनके पड़ोसियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और पेड़ काटने को मना कर दिया, जिससे नाराज दूसरे पक्ष के लोगों ने महिला पर हमला कर दिया, महिला पर हमला होता देख मौके पर मौजूद पति ने बीच बचाव करने प्रयास किया तो आरोपियों ने उस पर भी लाठी डंडों से हमला कर दिया, मारपीट में महिला के सिर में गंभीर चोट आई और हाथ पैर में भी चोटें लगीं, जिसकी शिकायत पीड़ित महिला ने चंदेरा थाने में दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, इस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की लगाई गुहार। पुक्खन अहिरवार (पीड़ित महिला)
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