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Dausa RTO tops, Jaipur RTO lags; government sets Rs 11,000 crore revenue target

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी जयपुर फीड- 2सी हैडर- दौसा अव्वल, कोटा फिसड्डी! परिवहन विभाग के RTOs की रैंकिंग जयपुर के दोनों RTO लक्ष्य में पिछड़े जयपुर RTO प्रथम तो 12वें नंबर पर जयपुर RTO द्वितीय के भी बुरे हाल, 5वें पर विभाग का 11 हजार करोड़ का है टारगेट एंकर राज्य सरकार ने इस साल परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय टारगेट दिया है। लेकिन टारगेट हासिल करने की दिशा में परिवहन विभाग अभी तक गंभीर नजर नहीं आ रहा है। परिवहन विभाग के आरटीओ लक्ष्य की तुलना में कहीं ज्यादा पीछे हैं। देखिए, आरटीओज की परफॉर्मेंस से जुड़ी यह खास रिपोर्ट- वीओ- 1 जयपुर आरटीओ द्वितीय परिवहन कार्यालय जो पिछले वित्त वर्ष में पूरे प्रदेश में राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के मामले में अव्वल था, इस साल बहुत ज्यादा पिछड़ गया है। परिवहन विभाग ने आरटीओज को सालाना राजस्व लक्ष्य आवंटित कर दिया है। वहीं प्रत्येक माह के अनुसार टारगेट जारी किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल और मई माह के लिए परिवहन विभाग को राज्य सरकार ने 1544.49 करोड़ रुपए का टारगेट दिया था। परिवहन विभाग मई माह तक इसमें से 1278 करोड़ रुपए का राजस्व ही अर्जित कर सका है। यानी विभाग ने अब तक के राजस्व लक्ष्य का 82.75 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया है। आपको बता दें कि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त करना है। पिछले साल के 9600 करोड़ रुपए टारगेट में से परिवहन विभाग ने 8375 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया था। पिछले वित्त वर्ष में विभाग ने टारगेट का करीब 87 फीसदी राजस्व अर्जित किया था। मई तक आरटीओज की रैंकिंग दौसा RTO अव्वल, मई तक 49.99 करोड़ टारगेट, 45.20 करोड़ प्राप्ति अलवर RTO दूसरे पर, 65.16 करोड़ टारगेट, 57.85 करोड़ प्राप्ति बीकानेर RTO तीसरे पर, 107.21 करोड़ में से 94.49 करोड़ प्राप्ति उदयपुर RTO चौथे पर, 122.91 करोड़ लक्ष्य में से 106.29 करोड़ प्राप्ति जयपुर RTO द्वितीय 5वें पर, 106.50 करोड़ टारगेट, 91.96 करोड़ प्राप्ति अजमेर RTO छठे पर, 139.32 करोड़ में से 118.93 करोड़ प्राप्ती सीकर RTO 7वें पर, 117.83 करोड़ में से 98.73 करोड़ प्राप्ति जोधपुर RTO 8वें पर, 148.19 करोड़ में से 123.14 करोड़ प्राप्ति चित्तौड़गढ़ RTO 9वें पर, 91.83 करोड़ टारगेट में से 75.80 करोड़ प्राप्ति भरतपुर RTO 10वें पर, 55.16 करोड़ टारगेट, 43.85 करोड़ प्राप्ति पाली RTO 11वें पर, 77.73 करोड़ टारगेट में से 61.77 करोड़ प्राप्ति जयपुर RTO प्रथम 12वें पर, 250.77 करोड़ टारगेट, 196.37 करोड़ प्राप्ति कोटा RTO 13वें पर, 93.57 करोड़ टारगेट, 71.73 करोड़ प्राप्ति गिफ आउट वीओ- 2 जिलावार परफॉर्मेंस देखें तो नए खुले जिला परिवहन कार्यालयों की स्थिति बहुत खराब है। अभी तक परिवहन विभाग में 58 जिला परिवहन कार्यालय संचालित हो रहे थे। विभाग ने इनकी संख्या बढ़ाकर अब 61 कर दी है। डीग, अनूपगढ़ और खैरथल-तिजारा में गठित नए जिलों के जिला परिवहन कार्यालयों को राजस्व लक्ष्य जारी किया गया है। तीनों ही जिलों को विभाग ने 18-18 करोड़ रुपए का सालाना टारगेट दिया है। लेकिन शुरुआती 2 माह मे तीनों ही कार्यालयों की परफॉर्मेंस बहुत कमजोर रही है। एकमात्र डीग कार्यालय में ही 2 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हो सका है। जबकि अनूपगढ़ और खैरथल-तिजारा में प्राप्त राजस्व अभी तक शून्य रहा है। शुरुआती 2 माह में आबूरोड, किशनगढ़, डूंगरपुर, बूंदी, शाहपुरा आदि कार्यालय भी काफी पीछे रहे हैं। वहीं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने अब राजस्व को लेकर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि विभाग आगामी महीनों में राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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दौसा RTO अव्वल, जयपुर RTO पीछे; राजस्थान में राजस्व लक्ष्य पर असमंजस

Jaipur, Rajasthan:- परिवहन विभाग के RTOs की रैंकिंग में दौसा RTO अव्वल, कोटा RTO फिसड्डी! - परिवहन विभाग के RTOs की रैंकिंग में जयपुर के दोनों RTO लक्ष्य में पिछड़े - जयपुर RTO प्रथम 12वें नंबर पर, जयपुर RTO द्वितीय के भी बुरे हाल, 5वें पर जयपुर。 राज्य सरकार ने इस साल परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय टारगेट दिया है। लेकिन टारगेट हासिल करने की दिशा में परिवहन विभाग अभी तक गंभीर नजर नहीं आ रहा है। परिवहन विभाग के आरटीओ लक्ष्य की तुलना में कहीं ज्यादा पीछे हैं। आपको बता दें कि जयपुर आरटीओ द्वितीय परिवहन कार्यालय जो पिछले वित्त वर्ष में पूरे प्रदेश में राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के मामले में अव्वल था, इस साल बहुत ज्यादा पिछड़ गया है। परिवहन विभाग ने आरटीओज को सालाना राजस्व लक्ष्य आवंटित कर दिया है। वहीं प्रत्येक माह के अनुसार टारगेट जारी किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल और मई माह के लिए परिवहन विभाग को राज्य सरकार ने 1544.49 करोड़ रुपए का टारगेट दिया था। परिवहन विभाग मई माह तक इसमें से 1278 करोड़ रुपए का राजस्व ही अर्जित कर सका है। यानी विभाग ने अब तक के राजस्व लक्ष्य का 82.75 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया है। आपको बता दें कि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त करना है। पिछले साल के 9600 करोड़ रुपए टारगेट में से परिवहन विभाग ने 8375 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया था। पिछले वित्त वर्ष में विभाग ने टारगेट का करीब 87 फीसदी राजस्व अर्जित किया था。 मई तक आरटीओज की रैंकिंग - दौसा RTO अव्वल, मई तक 49.99 करोड़ टारगेट, 45.20 करोड़ प्राप्ति - अलवर RTO दूसरे पर, 65.16 करोड़ टारगेट, 57.85 करोड़ प्राप्ति - बीकानेर RTO तीसरे पर, 107.21 करोड़ में से 94.49 करोड़ प्राप्ति - उदयपुर RTO चौथे पर, 122.91 करोड़ लक्ष्य में से 106.29 करोड़ प्राप्ति - जयपुर RTO द्वितीय 5वें पर, 106.50 करोड़ में से 91.96 करोड़ प्राप्ति - अजमेर RTO छठे पर, 139.32 करोड़ में से 118.93 करोड़ प्राप्ति - सीकर RTO 7वें पर, 117.83 करोड़ में से 98.73 करोड़ प्राप्ति - जोधपुर RTO 8वें पर, 148.19 करोड़ में से 123.14 करोड़ प्राप्ति - चित्तौड़गढ़ RTO 9वें पर, 91.83 करोड़ टारगेट में से 75.80 करोड़ प्राप्ति - भरतपुर RTO 10वें पर, 55.16 करोड़ टारगेट, 43.85 करोड़ प्राप्ति - पाली RTO 11वें पर, 77.73 करोड़ टारगेट में से 61.77 करोड़ प्राप्ति - जयपुर RTO प्रथम 12वें पर, 250.77 करोड़ टारगेट, 196.37 करोड़ प्राप्ति - कोटा RTO 13वें पर, 93.57 करोड़ टारगेट, 71.73 करोड़ प्राप्ति नए खुले जिलों में नहीं खुल पा रहा खाता जिलावार परफॉर्मेंस देखें तो नए खुले जिला परिवहन कार्यालयों की स्थिति बहुत खराब है। आपको बता दें कि अभी तक परिवहन विभाग में 58 जिला परिवहन कार्यालय संचालित हो रहे थे। विभाग ने इनकी संख्या बढ़ाकर अब 61 कर दी है। डीग, अनूपगढ़ और खैरथल-तिजारा में गठित नए जिलों के जिला परिवहन कार्यालयों को राजस्व लक्ष्य जारी किया गया है। तीनों ही जिलों को विभाग ने 18-18 करोड़ रुपए का सालाना टारगेट दिया है। लेकिन शुरुआती 2 माह मे तीनों ही कार्यालयों की परफॉर्मेंस बहुत कमजोर रही है। एकमात्र डीग कार्यालय में ही 2 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हो सका है। जबकि अनूपगढ़ और खैरथल-तिजारा में प्राप्त राजस्व अभी तक शून्य रहा है। शुरुआती 2 माह में आबूरोड, किशनगढ़, डूंगरपुर, बूंदी, शाहपुरा आदि कार्यालय भी काफी पीछे रहे हैं। वहीं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने अब राजस्व को लेकर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि विभाग आगामी महीनों में राजस्व लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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मोदी सरकार के 12 साल पूरे: झारखंड भाजपा नेता ने सभी क्षेत्रों में उपलब्धियां गिनाईं

Ranchi, Jharkhand:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश के करोड़ों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के माध्यम से 25 करोड़ से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ देश के विकास में भी योगदान दे रहे हैं। आदित्य साहू ने कहा कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद और नकदी आधारित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगा। उन्होंने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि झारखंड समेत देशभर में उग्रवाद लगातार कमजोर हुआ है और केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार देश नक्सलमुक्ति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। आयुष्मान भारत योजना से गरीबों को इलाज की सुविधा मिली, उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सड़क, रेलवे और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। भारतमाला परियोजना सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क परियोजनाओं ने झारखंड के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव तक विकास दिखाई दे रहा है और देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आदित्य साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत निरंतर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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ब्रजेश पाठक ने मोदी के नेतृत्व में यूपी चुनाव की तैयारी का संकेत दिया

Delhi, Delhi:उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी मुझे जो काम देगी और उसके बाद जो भी भूमिका देगी वो मैं करने को तैयार हूँ। ये कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का जो ZEE NEWS से खास बातचीत कर रहे थे। ब्रजेश पाठक ने कहा कि आने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वो पार्टी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना करने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी दिल्ली आए हैं। ब्रजेश पाठक ने दि दिल्ली भारतीय बंदा पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ जाकर मंदिर में पूजा किया।
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LNJP अस्पताल विवाद: डॉक्टर के पिछले 20 साल के रिकॉर्ड पर विभागीय जांच की मांग

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में 15 साल की लड़की के साथ रेप और नर्सिंग स्टाफ पर हुई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनैतिक रंग ले चुका है। बुधवार को हरियाणा कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी अस्पताल पहुंचीं और दावा किया कि उनकी जिला टीम ने रेप पीड़ित बेटी के साथ मुलाकात की। लेकिन ऐसा अब तक कुछ दिखाई नहीं दिया। लड़की के बारे में उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है और वह अपनी भूमिका में तनास नहीं दिखी। साथ ही नर्सिंग स्टाफ का समर्थन भी किया गया। उन्होंने आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली के पुराने मामलों की भी जांच की जाए। साथ ही उसके पिछले 20 वर्षों के रिकॉर्ड को खंगाला जाए। डॉक्टर की नियुक्ति में किनके हस्ताक्षर थे और कौन-कौन इस मामले में इनवॉल्वड है, इसकी भी विभागीय जांच होनी चाहिए। रेप पीड़िता से मिली जिला टीम पर बल दिया गया। पर्ल चौधरी ने कहा कि रेप के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केवल वर्तमान मामले की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके पिछले 20 वर्षों के रिकॉर्ड को भी खंगाला जाना चाहिए। आरोपी पहले भी गंभीर आरोपों का सामना कर चुका था और जेल जा चुका था, तो आखिर उसकी दोबारा नियुक्ति किसके आदेश पर हुई? विभागीय जांच हो- पर्ल। नियुक्ति प्रक्रिया में किन अधिकारियों के हस्ताक्षर थे और किस स्तर पर उसे संरक्षण मिला, इसकी भी विभागीय जांच होनी चाहिए। अगर आरोपी डॉक्टर एक habitual offender है तो यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का प्रमाण है। इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाटिया के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं। पर्ल चौधरी ने कहा कि राज्य महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया का इस्तीफा स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इससे पूरा मामला खत्म नहीं हो जाता। आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में नर्सिंग स्टाफ को बलि का बकरा बनाने की कोशिश की गई, जबकि असली जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक तंत्र की है। माफी नहीं मांगना भाटिया का अहंकार। पर्ल चौधरी ने रेणु भाटिया पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विवादित टिप्पणी के बाद भी सार्वजनिक रूप से माफी न मांगना सत्ता और पद के अहंकार को दर्शाता है। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। पीड़ित बच्ची को न्याय मिलना चाहिए। नर्सिंग स्टाफ ने किया प्रदर्शन। इधर, LNJP अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। सुबह करीब 10 बजे स्टाफ धरनास्थल पर एकत्र हुआ और रेणु भाटिया के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि बाद में एसोसिएशन कॉल पर कर्मचारी अपने काम पर लौट गए, लेकिन उनकी मांगें अब भी बरकरार हैं।
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हांसी में तूफान-बारिश के बाद उमस से लोग बेहाल, बिजली संकट जारी

Hansi, Haryana:हांसी में मंगलवार रात आए तेज तूफान और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। आंधी इतनी तेज थी कि शहर और आसपास के कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए, जबकि कई स्थानों पर शेड और टीन की छतें टूटकर गिर गईं। कुछ जगहों पर बिजली के पोल भी धराशायी हो गए, जिससे बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। वही शहर में कई जगहों पर दीवार भी गिर गई है। गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। जींद हांसी रोड पर एक गाड़ी के ऊपर पेड़ गिरा जिसमें मां व बेटे दोनों बाल बाल बच गए हैं। मुकेश व उपेंद्र ने बताया कि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत जरूर मिली थी तथा मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। बुधवार के दिन दोबारा गर्मी और उमस बढ़ने से लोग परेशान नजर आए। शहरवासियों का कहना है कि बारिश के बाद मौसम में नमी बढ़ गई, जिससे उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुई बिजली लाइनों और पोलों की वजह से शहर के कई इलाकों में अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। बिजली न आने के कारण लोगों को गर्मी और उमस के बीच अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें गिरे हुए पेड़ों को हटाने तथा बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में जुटी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी。
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रायगढ़ के पहाड़ी रास्ते पर बाइक स्टंट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच जारी

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ ब्रेकिंग, रायगढ़ में स्टंटबाज युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक ऊँचाई वाले पहाड़ी रास्ते पर बाइक रेस लगाते और स्टंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान कुछ बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिरते भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो गेल इंडिया की गैस पाइपलाइन के लिए बनाए गए मार्ग का है, जो मेडिकल कॉलेज और एकताल मार्ग के पास स्थित है। पहाड़ी क्षेत्र में बने इस रास्ते का उपयोग युवक खतरनाक स्टंट के लिए कर रहे हैं। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई है और संबंधित युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
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यमुना किनारे ओ-ज़ोन खतरा बरकरार, रिहायशी इलाकों से पूरी मुक्ति की मांग तेज

Delhi, Delhi:ओ-ज़ोन का डर बरकरार दिल्ली के यमुना किनारे बसे हजारों परिवारों के सिर पर एक बार फिर ओ-ज़ोन का खतरा मंडरा रहा है। सरकार के नए अपडेट के बाद लोगों को उम्मीद जगी है, लेकिन डर अभी भी खत्म नहीं हुआ है। आखिर क्यों लोग ओ-ज़ोन से पूरी तरह मुक्ति की मांग कर रहे हैं, देखिए हमारी खास रिपोर्ट। यमुना किनारे बसे बुराड़ी, जगतपुर, मिलन विहार, वजीराबाद और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के दिलों में आज भी ओ-ज़ोन का डर साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में आए नए अपडेट के बाद सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि ओ-ज़ोन क्षेत्र में पुराने मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा, जबकि नए निर्माण पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार के इस रुख से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन उनकी चिंता अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक उनके रिहायशी इलाकों को ओ-ज़ोन की श्रेणी से बाहर नहीं किया जाता, तब तक उनके घरों और भविष्य पर खतरा बना रहेगा। जिन इलाकों में पहले डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू हुई थी, वे आज भी ओ-ज़ोन के दायरे में ही हैं। यही वजह है कि लोगों के मन में असमंजस और डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुराने मकानों को राहत दी गई है तो फिर पूरे रिहायशी क्षेत्र को भी ओ-ज़ोन से मुक्त किया जाना चाहिए। इलाक़े के निवासियों का आरोप है कि वर्षों से बसे हुए परिवार आज भी अपने आशियाने को लेकर असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर घर बनाए हैं और अब वे किसी भी तरह की अनिश्चितता नहीं चाहते। फिलहाल सरकार के नए अपडेट ने लोगों को राहत की एक किरण जरूर दिखाई है, लेकिन ओ-ज़ोन का टैग हटे बिना उनका डर खत्म होता नहीं दिख रहा। अब देखना होगा कि सरकार लोगों की मांगों पर कितना ध्यान देती है और क्या यमुना किनारे बसे इन रिहायशी इलाकों को ओ-ज़ोन से स्थायी राहत मिल पाती है या नहीं। ओ-ज़ोन पर सरकार का नया अपडेट आया है, लेकिन लोगों की सबसे बड़ी मांग अब भी वही है—रिहायशी इलाकों को पूरी तरह ओ-ज़ोन मुक्त किया जाए।
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सिरसा की नर्सों ने माफी की मांग पर विरोध किया; प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Sirsa, Haryana:एंकर रीड सिरसा में हरियाणा की नर्सों और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के बीच उपजा विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। नर्सिंग स्टाफ ने इस मामले को अपनी गरिमा और सम्मान से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया है। हालांकि दो घंटे तक चली सांकेतिक हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन नर्सों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। वीओ-1 सिरसा में नर्सिंग स्टाफ द्वारा दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान नर्स राजविंदर सिंह और नर्सिंग स्टाफ के प्रधान राजकुमार भारद्वाजने कहा कि हाल ही में हुए घटनाक्रम से पूरे नर्सिंग समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात अपनी जिम्मेदारियां निभाने वाले नर्सिंग कर्मियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी या व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि पूरे नर्सिंग समुदाय के सम्मान का प्रश्न है। बाइट : नर्स प्रतिनिधि वीओ-2 नर्सिंग कर्मचारियों ने सरकार को भी चेतावनी दी है कि यदि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती है तो वे कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे। नर्सों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो प्रदेशभर में नर्सिंग स्टाफ आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार करेगा। इसके लिए अन्य जिलों की नर्सिंग यूनियनों से भी संपर्क किया जा रहा है। बाइट : नर्स प्रतिनिधि वीओ-3 नर्सों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक रेनू भाटिया सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगतीं, तब तक उनके खिलाफ रोष जारी रहेगा। विरोध के स्वर केवल सिरसा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप भी दिया जा सकता है。 फिलहाल दो घंटे की हड़ताल समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो गई हैं और मरीजों को राहत मिली है। लेकिन नर्सिंग स्टाफ की ओर से दी गई चेतावनी के बाद यह विवाद अब प्रशासन और सरकार के लिए भी गंभीर विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी कि क्या बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या फिर यह विवाद और गहरा होता है। बाइट राजविंदर कौर , नर्स। बाइट राजकुमार भारद्वाज, प्रधान , नर्सिंग स्टाफ ।
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जबलपुर के पीएनबी शाखा में गोल्ड लोन घोटाला: 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर की सदर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बैंक की अधिकृत गोल्ड वैल्यूवर और ज्वेलर्स संचालकों की कथित मिलीभगत से नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर लाखों रुपए का ऋण प्राप्त किया गया। कैंट थाना पुलिस ने दो गोल्ड वैल्यूवर सहित 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपितों ने 13 अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक से नकली आभूषण गिरवी रखवाए और उनके आधार पर 38 लाख 81 हजार ₹100 का गोल्ड लोन प्राप्त किया; बैंक को इन खातों से ब्याज सहित कुल 43 लाख 17,512 रुपए की वसूली करनी थी, लेकिन किसी भी उधार लेने वाले ने भुगतान नहीं किया। जांच में सामने आया कि विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर अलग-अलग वजन के आभूषण गिरवी रखकर लाखों रुपए किए गए। इनमें रजनीश दहिया, नितिन काछी, शहनाज बेगम, सोनू साहू, राहुल ठाकुर, देवेंद्र कुर्मी, प्रीति बाई सहित अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। फिलहाल कैंट पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया गया कि नकली गोल्ड रखकर लोन लिया गया था। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है
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