icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

दिल्ली के होटल में युवती की हत्या; आरोपी अस्पताल में भर्ती

New Delhi, Delhi:दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में होटल के अंदर युवती की हत्या जानकारी के मुताबिक राजस्थान के रहने वाला एक युवक और बिहार की रहने वाली युवती ने बुधवार की शाम को होटल में चेक इन किया, बीती रात युवक के साथ घटना हो चुकी है और वह कमरे से बाहर निकल गया। स्टाफ ने उसे संभाला और जैसे ही कमरे में गए उन्हें लड़की खून से लथपथ नज़र आई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। युवक फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। पुलिस को आशंका है कि युवक ने युवती की चाकू मारकर हत्या की फिर कुछ जहरीला पदार्थ पीकर खुदकुशी की कोशिश की। मामले की जांच जारी। लड़की का नाम शिवानी है, बिहार की रहने वाली है। लड़के का नाम प्रकाश है。
0
0
Report
Advertisement

छत्तीसगढ़ HC: अलग रहने से वैवाहिक दायित्व नहीं टूटते, तलाक की अपील मंजूर

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। पति-पत्नी के रिश्ते और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई पति अपनी बुजुर्ग और बीमार मां को छोड़कर अलग घर में रहने से इनकार करता है, तो महज इस वजह से उसके इस फैसले को पत्नी के प्रति क्रूरता नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के बाद भी माता-पिता के प्रति व्यक्ति के नैतिक और कानूनी दायित्व खत्म नहीं होते। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की बेंच ने पति की अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के आदेश को खारिज कर दिया और वैवाहिक संबंध को भंग करने का आदेश दिया।मामला पति-पत्नी के बीच अलग घर में रहने को लेकर विवाद से जुड़ा था। पत्नी की ओर से अलग रहने की मांग की गई थी, जबकि पति अपनी काफी बुजुर्ग और बीमार मां को अकेला छोड़कर अलग रहने के लिए तैयार नहीं था।मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने माना कि स्वतंत्र घर में रहने की इच्छा अपने आप में गलत नहीं है। परिस्थितियों के अनुसार पति या पत्नी के पास अलग आवास की मांग करने के उचित कारण हो सकते हैं। लेकिन अदालत के सामने यह देखना भी जरूरी है कि कहीं यह मांग दूसरे जीवनसाथी को उसके माता-पिता से अलग करने के अनुचित दबाव में तो नहीं बदल रही है।कोर्ट ने इस मामले में पति की स्थिति को अस्वाभाविक या अनुचित नहीं माना। अदालत ने विशेष रूप से उसकी मां की अधिक उम्र और बीमारी को ध्यान में रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि विवाह होने मात्र से किसी व्यक्ति के अपने माता-पिता के प्रति पहले से चले आ रहे कर्तव्य समाप्त नहीं होते।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आने के बाद किसी एक जीवनसाथी को यह असीमित अधिकार नहीं मिल जाता कि वह दूसरे को उसके पारिवारिक दायित्व छोड़ने के लिए मजबूर करे।इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पति की तलाक की अपील मंजूर कर ली और निचली अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें तलाक की याचिका खारिज की गई थी।छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के इस फैसले ने वैवाहिक अधिकारों के साथ-साथ बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी को लेकर भी एक महत्वपूर्ण कानूनी संदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि शादी के बाद नया परिवार बनता है, लेकिन माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियां खत्म नहीं हो जातीं। खासकर जब माता-पिता बुजुर्ग, बीमार या असहाय हों, तो उनकी देखभाल को नजरअंदाज करना उचित नहीं माना जा सकता।
0
0
Report
Advertisement

गोंडा के तरबगंज में जंगली जानवर पकड़ने के लिए ड्रोन-पिंजरे, भेड़ें गायब

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत चिवरहा गांव में जंगली जानवर के हमले में छह भेड़ों की मौत और पांच भेड़ों के गायब होने के 5 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक जंगली जानवरों का कोई पता नहीं चला है ना ही उसके पगचिन्ह से वन विभाग अभी तक पहचान कर पाया है। ऐसे में अब जंगली जानवर को पकड़ने के लिए गांव के किनारे 3 पिंजरा लगाया गया है इन पिंजरों की निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा कैमरा भी लगाया गया है साथ ही साथ वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। दूसरी तरफ गांव के किनारे गन्ने और अन्य बड़ी फसलों में जंगली जानवर की तलाश के लिए अलग-अलग दो ड्रोन कैमरा के माध्यम से लगातार तलाश की जा रही है। आज गुरुवार सुबह 10:00 बजे से एक बार फिर यहां पर जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरे से उसकी तलाश तेज कर दी गई है लगातार ड्रोन कैमरे से तलाश की जा रही है। वन विभाग द्वारा गांव के किनारे और गांव के अंदर एक चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया जिसमें लिखा गया है इस क्षेत्र में जंगली जानवर भेड़िया या तेंदुआ होने की संभावना है। गांव के लोग पूरी तरीके से सुरक्षित रहें सावधानीपूर्वक लोग निकले अपने बच्चों और जानवरों को खुले में ना छोड़े। کوئی بھی جنگلی جانور दिखाई دینے पर तत्काल वन विभाग کو सूचना दें रात्रि में टॉर्च का उपयोग करें दिन में अगर गन्ने की फसल के तरफ जा रहे हैं तो अकेले ना जाए लाठी डंडा लेकर के जाएं। वहीं दूसरी तरफ गायब पांच भेड़ों के अभी तक न मिलने के चलते भेड़ पालक राजाराम काफी परेशान है वह अपने गायब भेड़ों के बरामदगी की मांग कर रहे हैं। जंगली जानवर को पकड़ने में इस गांव के लोग भी वन विभाग का सहयोग कर रहे हैं।
0
0
Report

रेवाड़ी की डॉ. आशा ने एल्ब्रुस और किलिमंजारो पर इतिहास रचा

Rewari, Haryana:6 दिनों में यूरोप और अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी फतह... रेवाड़ी की 48 वर्षीय डॉ. आशा ने रचा इतिहास... माउंट एल्ब्रुस के बाद किलिमंजारो पर लहराया तिरंगा... सरकारी नर्सिंग ऑफिसर डॉ. आशा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया देश का मान.... शिखर से दिया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश... 2017 में किया था माउंट एवरेस्ट फतह.... डॉ. आशा ने 21 अगस्त की सुबह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक कदम रखा। शिखर पर पहुंचकर उन्होंने न केवल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया, बल्कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “महिला सशक्तिकरण” के बैनर व लोगो प्रदर्शित कर दुनिया भर में भारतीय महिलाओं की क्षमता और सम्मान का संदेश प्रसारित किया। एल्ब्रुस फतह के तुरंत बाद वे तंजानिया के लिए रवाना हुईं और बिना रुके अपने दूसरे अभियान की शुरुआत की। 29 अगस्त की सुबह तड़के उन्होंने किलिमंजारो की मुख्य चोटी 'उहुरू पीक' पर विजय प्राप्त की। शून्य से नीचे के तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच एक के बाद एक दो महाद्वीपों के शिखरों को पार करना उनकी असाधारण शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है।
0
0
Report
Advertisement

भोजपुर में बाढ़ का कहर: पीपरपाती गंगा में समाहित होने को तैयार

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले में बाढ़ की विभीषिका एक बार फिर से पिछले साल का इतिहास दोहराने जा रहा है। भोजपुर जिले का जवैनिया गांव जो पूरी तरह से बाढ़ की विभीषिका में पिकल साल गंगा में विलीन हो गया और वहां के लोग अब तक उस त्रासदी को झेलते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अब एक बार फिर से भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड का पीपरपाती गांव इतिहास दोहराते हुए गंगा के रौद्र रूप में एक बार फिर से समाहित होने के कगार पर पहुंच गई है। पीपरपाती गांव में गंगा के बढ़ते हुए जलस्तर के कारण लगातार कटाव हो रहा है। जिसमें पीपरपाती गांव के कई घर गंगा में समाहित हो गए हैं। इस गांव के लोग सरकारी स्कूलों में शरण लिए हुए हैं, क्योंकि उनके घर कब गंगा में समाहित हो जाएं यह खुद नहीं जानते हैं। हालांकि सुरक्षा की दृष्टिकोण से लोगों ने अपना आसरा बदल दिया है और सरकारी स्कूलों में अपने घर के सारे सामानों के साथ शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। इस गांव के लोग स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों से खासा नाराज दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि इन्हें अभी तक कोई भी मदद नहीं मिला है। हालांकि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसके कारण पीपरपाती गांव के लोगों में भय का माहौल है। उनकी स्थिति को देखकर भोजपुर जिले के जवैनिया गांव की याद आ जाती है, क्योंकि वहां के लोग भी इसी तरह से अपने गांव को गंगा में समाहित होते हुए देखते रह गए थे। और उनका गांव पूरी तरह से गंगा में विलीन हो चुका है ।हालांकि बाढ़ की विभीषिका को झेल रहे यह लोग अपने-अपने घरों को याद करते हुए नाम आंखों से मदद की मांग करते हुए दिखाई दे रहे हैं।इस गांव का आलम ये है कि लोग घर छोड़ दूसरे जगह शरण लेने को मजबूर हैं।हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा सामुदायिक रसोई,चिकित्सा व्यवस्था सहित तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर है मगर बाढ़ के रौद्र रूप ने सबको डरा सा दिया है।
0
0
Report

गोमती नदी जलस्तर बढ़ने से नैमिषारण्य का चक्रतीर्थ डूब गया

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में हो रही लगातार बारिश के कारण तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से पवित्र चक्रतीर्थ पूरी तरह पानी में डूब गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और चक्रतीर्थ की ओर न जाने की अपील की जा रही है। चक्रतीर्थ के डूबने से दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। श्रद्धालु स्नान और दर्शन के बिना लौटने को मजबूर हैं। स्थानीय नाविकों को नदी में नाव ले जाने से मना किया गया है। प्रशासन का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो आसपास के निचले इलाकों में भी पानी घुस सकता है। राजस्व विभाग की टीम जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। यह मामला नैमिषारण्य थाना क्षेत्र का है। पिछले दो दिनों से पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से गोमती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नैमिषारण्य का मुख्य स्नान घाट चक्रतीर्क जलमग्न हो गया है। सीढ़ियां और परिक्रमा मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। कई दुकानों के सामने भी पानी आ गया है। हालात को देखते हुए पुरोहितों और दुकानदारों ने अपना सामान सुरक्षित जगह पर हटा लिया है। नैमिषारण्य थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। थाना प्रभारी ने बताया कि श्रद्धालुओं को चक्रतीर्थ में स्नान करने से रोका जा रहा है। गोमती नदी के किनारे बैरिकेडिंग की गई है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे गहरे पानी में न जाएं और बच्चों को नदी के किनारे न ले जाएं।
0
0
Report
Advertisement

नीमकाथाना के टाइल मिस्त्री कृष्ण कुमावत ने KBC में 50 लाख जीते

Sikar, Rajasthan:नीमकाथाना के इमलोहा के टाइल मिस्त्री कृष्ण कुमावत ने मेहनत और पढ़ाई के दम पर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल की। दिनभर मजदूरी और रात में पढ़ाई करने वाले कृष्ण ने हॉट सीट पर 50 लाख रुपए जीते। ऐन 31 अगस्त व 1 सितंबर के एपिसोड में कृष्ण ने सवालों के सटीक जवाब देकर बढ़त बनाई। एक करोड़ रुपए के सवाल तक पहुंचे कृष्ण, लेकिन जोखिम नहीं लिया और गेम क्विट किया। शो में कृष्ण ने अपने संघर्ष भरे जीवन और सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई जारी रखने की कहानी सुनाई। 50 लाख रुपए जीतने पर इमलोहा समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल। सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के श्यामपुरा गांव के टाइल मिस्त्री कृष्ण कुमावत ने मेहनत और पढ़ाई के दम पर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल की। दिनभर मजदूरी और रात में पढ़ाई करने वाले कृष्ण ने हॉट सीट पर 50 लाख रुपए जीते। गांव में उनकी इस जीत का जश्न अनोखे अंदाज में मनाया गया। दिनभर टाइल लगाने का काम और रात में किताबों से ज्ञान बढ़ाने की मेहनत आखिरकार रंग लाई। पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत श्यामपुरा निवासी टाइल मिस्त्री कृष्ण कुमावत ने कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में 50 लाख रुपए जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। सोमवार देर शाम प्रसारित हॉट सीट विजेता कार्यक्रम में कृष्ण ने 50 लाख रुपए जीतने के बाद खेल छोड़ने का फैसला किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। कृष्ण की सफलता का गवाह पूरा गांव बना। ग्राम पंचायत परिसर में बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाकर कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर पूरा कार्यक्रम देखा। जैसे ही कृष्ण ने 50 लाख रुपए जीते, ग्रामीणों ने तालियों के साथ खुशी जताई। कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों ने कृष्ण कुमावत का सम्मान भी किया। कृष्ण कुमावत साधारण परिवार से हैं और टाइल लगाने का काम करते हैं। इस काम में उनका छोटा भाई भी सहयोग करता है। कृष्ण के दो बच्चे हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद कृष्ण ने पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा। दिनभर काम करने के बाद रात में पढ़ाई कर अपना सामान्य ज्ञान बढ़ाते रहे। उन्होंने बताया कि इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी नींद तक का त्याग किया। सफलता के बाद कृष्ण ने युवाओं व विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य और सपने तय किए बिना मेहनत करना बेकार है। सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत जरूरी है। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया से दूरी रखने और इंटरनेट का उपयोग केवल सीखने व ज्ञान बढ़ाने के लिए करने की सलाह दी। ग्राम पंचायत सरपंच मनीषा देवी ने कृष्ण की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि गांव के एक व्यक्ति ने देश के इतने बड़े मंच पर 50 लाख रुपए जीतकर श्यामपुरा का नाम रोशन किया है। कृष्ण कुमावत की सफलता गांव के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
0
0
Report

नोएडा सेक्टर-63 में करोड़ की सेंधमारी, FIR होने में साल, पुलिस जांच चुनौती

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा थाना सेक्टर 63 क्षेत्र में ‘सेंधमारी’ का बड़ा खेल! सेक्टर-63 की कंपनी में चोरों ने लगाया करीब 1 करोड़ का चूना खिड़की-दरवाजे तोड़कर ऑफिस में दाखिल हुए शातिर चोर महंगे हस्तशिल्प, सजावटी सामान और कपड़ों पर किया हाथ साफ फायर हाइड्रेंट सिस्टम के उपकरण भी नहीं छोड़े करीब 6 लाख के बिजली के तार भी समेट ले गए चोरी के साथ कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान भी पहुंचाया घटना की सूचना देने के बाद भी स्थानीय पुलिस पर FIR दर्ज नहीं होने का आरोप पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कोर्ट के आदेश के बाद करीब एक साल में दर्ज हुई FIR अब सेक्टर-63 पुलिस के सामने चोरी की गुत्थी सुलझाने की चुनौती
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top