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Sumeet KumarSumeet KumarFollow20 Jul 2024, 09:44 am
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वाई के महागणपती मंदिर कृष्णामाई नदी के जलस्तर से बंद

Satara, Maharashtra:सातारा जिल्ह्यातील दक्षिण काशी म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या ऐतिहासिक वाई शहरातील महागणपती मंदिराला कृष्णामाईच्या पुराच्या पाण्याचा वेढा पडला आहे. धोम धरणातून सुमारे ७ हजार क्यूसेक पाण्याचा विसर्ग सुरू असल्याने कृष्णा नदीची पाणीपातळी वाढली असून पुराचे पाणी थेट महागणपतीच्या चरणापर्यंत पोहोचले आहे. ही पुराची परिस्थिती लक्षात घेता मंदिर प्रशासनाने मंदिर बंद ठेवण्याचा निर्णय घेतला आहे. कृष्णामाईच्या पाण्याने महागणपतीला जलाभिषेक घातल्यानंतर पुजाऱ्यांनी विधिवत पूजा करून मंदिराचे दरवाजे बंद केले आहेत. पाणी ओसरल्यानंतर मंदिर पुन्हा भाविकांसाठी खुले करण्यात येईल असे पुजारी पुरुषोत्तम गोखले गुरव आणि मयुरी गुरव यांनी सांगितलेआहे.
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नदी मार्ग से अवैध बালি तस्करी: गोसाबा पुलिस ने 5 नावें पकड़ी, 5 गिरफ्तार

Baruipur, West Bengal:নদীপথে বেআইনি বালি পাচারের খবর পেয়ে বড়গড় অভিযান চালালো গোসাবা থানার পুলিশ। অভিযানে বালি বোঝাই 5টি ধলাই নৌকা বাজেয়াপ্ত করা হয়েছে। গ্রেফতার করা হয়েছে 5 জনকে। গোপন সূত্রে খবর পেয়ে গোসাবা থানার পুলিশ, চাঁদিপুর ফিসারি ঘাট থেকে 5টি নৌকায় বালি বোঝাই করে সোনাখালীর দিকে যাচ্ছে। কোনো বৈধ কাগজপত্র নেই বলে অভিযোগ । খবর পাওয়া মাত্রই চাঁদিপুর ফিসারি ঘাটের কাছে নদীতে অভিযান চালায় পুলিশ। নদীর মাঝে পরপর 5টি বালি বোঝাই নৌকাকে আটক করা হয়। তল্লাশিতে দেখা যায় নৌকাগুলিতে প্রায় 2250 CFT সাদা বালি রয়েছে। পুলিশ বৈধ কাগজ দেখতে চাইলে কেউ দেখাতে পারেনি। জিজ্ঞাসাবাদে অভিযুক্তরা স্বীকার করে, ব্যবসায়িক লাভের জন্য নৌকার মালিকদের হয়ে তারা চাঁদিপুর থেকে সোনাখালীতে বালি নিয়ে যাচ্ছিল। গ্রেফতার হওয়া 5 জন হলেন:* আকবর শেখ, শাহার আলি শেখ, রাহুল আমিন সর্দার, আজিজুল লস্কর এবং নবীর আলি সর্দার। সকলের বাড়ি বাসন্তী থানার রামচন্দ্রখালি দক্ষিণ গ্রামে। এই ঘটনায় গোসাবা থানায় 401/26 নম্বর মামলা রুজু হয়েছে। মামলা দায়ের হয়েছে BNS এর 303(2)/317(2)/61(2) ধারা এবং খনি ও খনিজ আইন 1957-এর 21 ধারায়। পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, এই চক্রের সাথে জড়িত আরও 5 জনের নামও মামলায় হয়েছে। গোটা ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ。
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मेदिनापुर मेडिकल कॉलेज सलाइन कांड: पूर्व सुपर जयंत कुमार राउत ने फिर से जांच की मांग की

Mollar Chak, West Bengal:পুন:তদন্তের দাবি জানিয়ে মুখ্যমন্ত্রীকে চিঠি দিয়ে দেড় বছর আগে ঘটে যাওয়া মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের স্যালাইন কাণ্ডকে ফের খবরের শিরোনামে নিয়ে এলেন তৎকালীন হাসপাতাল সুপার ডা: জয়ন্ত কুমার রাউত। তদন্ত ঠিকঠাক হয়নি, তার কাছ থেকে কিছু না শুনেই তাকে সাসপেন্ড করে দেওয়া হয়েছিল, বিস্ফোরক দাবি প্রাক্তন হাসপাতাল সুপারের। দেড় বছর আগে ২০২৫ সালের ৮ ই জানুয়ারী মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের বেশ কয়েকটি প্রসুতি কে মেয়াদ উত্তীর্ণ স্যালাইন দেওয়ার অভিযোগ ওঠে মেদিনীপুর মেডিকেল কলেজ হাসপাতালের উপর! ঘটনায় ৬ প্রসুতি হঠাৎ করেই অসুস্থ হয়। একদিন পর ১০ তারিখ ১ প্রসুতি মারা যায়। বাকিদের মধ্যে ৩ জনকে গ্রীন করিডর করে ১২ তারিখ নিয়ে যাওয়া হয় এসএসকেএম এ। তাদের মধ্যে আরো একজনের মৃত্যু হয়। অন্যদিকে ১৬ তারিখ মৃত্যু হয় এক সদ্যজাতের। এই ঘটনা নাড়ে দিয়েছিল গোটা রাজ্যকে। স্বাস্থ্য দফতরের এক প্রতিনিধি দলের পাশাপাশি ঘটনার তদন্তভার দেওয়া হয় সিআইডি কে। ঘটনার জন্য ১৬ জানুয়ারী হাসপাতাল সুপার জয়ন্ত রাউত সহ মোট ১৩ জনকে সাসপেন্ড করা হয়। নুতুন সরকার আসার পরে ধাপে ধাপে ১২ জনের সাসপেনশন উঠে যায়। এখনো সাসপেন্ড রয়েছেন একজন৷ আর এই ঘটনা নিয়েই এবার বিস্ফোরক দাবি সেই সময় সাসপেন্ড হওয়া হাসপাতাল সুপার জয়ন্ত রাউত! ঘটনার তদন্ত ঠিকঠাক হয়নি বলে দাবি করে পুন:তদন্তের দাবি নিয়ে মুখ্যমন্ত্রীর কাছে চিঠি লিখেছেন তিনি। তিনি সাসপেন্ড হলেও তাকে এখনো পর্যন্ত কোনো তদন্তকারী দল বা সিআইডি তার বক্তব্য নেয়নি বলেই দাবি করেছেন তিনি। ঘটনার দিনও তিনি ছুটিতে ছিলেন বলে দাবি তার। স্যালাইন স্যাম্পেল তদন্তকারী দলকে দেওয়া হয়নি বলে দাবি তার। প্রকৃত তদন্ত হলে অনেক কিছু বেরিয়ে আসবে বলে দাবি করলেন তিনি।সম্প্রতি সাসপেনশন উঠে যাওয়ার পর জয়ন্ত বর্তমানে তমলুক মেডিকেল কলেজে কর্মরত।
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मझौली में 10 वर्षों से केंद्र बंद, बेटियों को 50 किमी दूर जाना पड़ता है

Sidhi, Madhya Pradesh:एंकर सुबह के चार बजे... चारों तरफ घना अंधेरा... सुनसान सड़क... और हाथों में किताबें व एडमिट कार्ड लिए बस का इंतजार करती बेटियां। ये किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली क्षेत्र की हकीकत है। यहां की छात्राओं को परीक्षा देने के लिए करीब 50 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय सीधी जाना पड़ता है। सुबह 7 बजे परीक्षा होने के कारण उन्हें भोर से पहले घर छोड़ना पड़ता है। सवाल यह है कि जब सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा की बात करती है, तो आखिर मझौली में पिछले 10 वर्षों से परीक्षा केंद्र क्यों बंद है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट। --- वीओ-1 ये तस्वीरें मझौली क्षेत्र की हैं, जहां प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन परीक्षा केंद्र मझौली में नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय सीधी में बनाया गया है। ऐसे में छात्राओं को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए सुबह चार बजे ही घर से निकलना पड़ता है। चुवाही और आसपास के क्षेत्रों में कई छात्राएं अंधेरे में बस का इंतजार करती दिखाई देती हैं। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा से ज्यादा चिंता बेटियों की सुरक्षित यात्रा की रहती है। बाइट 1– छात्राएं वीओ-2 शासकीय महाविद्यालय मझौली में पिछले करीब 10 वर्षों से परीक्षा केंद्र संचालित नहीं हो रहा है। संकुल प्रभारी प्राचार्य प्रभाकर सिंह के अनुसार, नकल प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया था। उनका कहना है कि कुछ अन्य महाविद्यालयों ने न्यायालय से राहत लेकर अपने परीक्षा केंद्र बहाल करा लिए, लेकिन मझौली में ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि परीक्षा केंद्र बहाली के लिए महाविद्यालय स्तर से विश्वविद्यालय को प्रभावी पत्राचार की जानकारी उपलब्ध नहीं है। परिणाम यह है कि आज भी छात्र-छात्राओं को करीब 50 किलोमीटर दूर सीधी जाकर परीक्षा देनी पड़ रही है। बाइट2 – प्रभाकर सिंह, संकुल प्रभारी प्राचार्य वीओ-3 इस मुद्दे पर क्षेत्रीय विधायक कुंवर सिंह टेकाम का कहना है कि वर्ष 2016 में परीक्षा केंद्र निरस्त हुआ था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन कुलपति से इस विषय पर चर्चा की थी, जहां उन्हें बताया गया कि पुराने नकल प्रकरण और न्यायालय के आदेश के कारण केंद्र बहाल नहीं हो सकता। विधायकका कहना है कि परीक्षा केंद्र शुरू कराने के लिए अब उच्च न्यायालय की अनुमति आवश्यक है और विधिक प्रक्रिया पूरी कर इसे बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि यह बयान कई वर्ष पुराना है, लेकिन 2026 तक भी परीक्षा केंद्र बहाल नहीं हो सका है। बाइट3 – कुंवर सिंह टेकाम, विधायक वीओ-4 छात्र अथर्व तिवारी का कहना है कि परीक्षा केंद्र बहाली की मांग पिछले चार वर्षों से लगातार की जा रही है। 5 मार्च 2022 को छात्रों ने सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नकल प्रकरण के कारण परीक्षा केंद्र समाप्त किया गया था, तो उसी महाविद्यालय में अन्य परीक्षाएं कैसे आयोजित कराई जा रही हैं। छात्रों का कहना है कि यह दोहरे मापदंड को दर्शाता है और परीक्षा केंद्र जल्द बहाल किया जाना चाहिए। बाइट –4 अथर्व तिवारी, छात्र बहरहाल एक तरफ सरकार बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का दावा करती है, तो दूसरी तरफ मझौली की छात्राएं आज भी परीक्षा देने के लिए अंधेरे में 50 किलोमीटर का सफर तय करने को मजबूर हैं। सवाल सिर्फ परीक्षा केंद्र का नहीं, बल्कि सुरक्षा, समान अवसर और प्रशासनिक संवेदनशीलता का भी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकालते हैं।
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रीप-ग्रामोत्थान के तहत 30 महिलाओं को पांच दिन के होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण से स्वरोजगार को प्रोत्साहन

Almora, Uttarakhand:Devendra Singh Almora Anchor -अल्मोड़ा में स्थानीय स्वाद के साथ अब आधुनिक व्यंजनों की भी झलक देखने को मिल सकती है। होमस्टे और खाद्य कारोबार से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं जल्द ही पर्यटकों को पारंपरिक भोजन के साथ भारतीय और चीनी व्यंजन, बेकरी उत्पाद, पेस्ट्री, पास्ता और मॉकटेल जैसे विकल्प भी उपलब्ध करा सकेंगी। राज्य सरकार की रीप-ग्रामोत्थान परियोजना के तहत महिलाओं को आधुनिक होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उनके कौशल को बेहतर बनाकर पर्यटन आधारित स्वरोजगार को मजबूत करना, आय बढ़ाना और लखपति दीदी अभियान को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में अल्मोड़ा के जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में जिले के छह विकासखंडों की 30 महिलाओं को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। वीओ-1 ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना यानी रीप-ग्रामोत्थान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में स्याल्दे, भिकियासैंण, हवालबाग, लमगड़ा, धौलादेवी और भैंसियाछाना विकासखंडों की 30 महिलाएं शामिल हुईं। ये महिलाएं पहले से होमस्टे, फूड वैन, ईटरीज और टिफिन सेवा के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ी हैं। प्रशिक्षण की शुरुआत महिलाओं के मौजूदा कारोबार और उनकी जरूरतों को समझने से हुई। इसके बाद उन्हें फूड प्रोडक्शन, भारतीय एवं चीनी व्यंजन, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी, स्टैंडर्ड रेसिपी, मेन्यू प्लानिंग, पोर्शन कंट्रोल, फूड कॉस्टिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, इन्वेंट्री एवं स्टॉक मैनेजमेंट, किचन ऑर्गेनाइजेशन, फूड सेफ्टी एवं हाइजीन, फूड प्रेजेंटेशन एवं प्लेटिंग, सर्विस स्टैंडर्ड, हॉस्पिटैलिटी एटीकेट, कस्टमर हैंडलिंग, ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और बेसिक बिजनेस मैनेजमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने वेज और पनीर मोमोज सहित चीनी व्यंजन, भारतीय व्यंजन, रेड और व्हाइट सॉस पास्ता, पेस्ट्री, बेकरी उत्पाद और मॉकटेल तैयार करना सीखा। साथ ही भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, प्रस्तुति और ग्राहक सेवा के मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बाइट — धीरेन्द्र सिंह मर्तोलिया, सीनियर प्रवक्ता, होटल मैनेजमेंट संस्थान वीओ-2 होटल मैनेजमेंट संस्थान के सीनियर प्रवक्ता धीरेन्द्र सिंह मर्तोलिया के अनुसार प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को केवल नए व्यंजन बनाना सिखाना नहीं, बल्कि पर्यटन से जुड़े खाद्य कारोबार को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर तरीके से संचालित करने के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण में मेन्यू विविधीकरण, लागत प्रबंधन, ग्राहक सेवा, फूड प्रेजेंटेशन और ब्रांडिंग जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया। उनका कहना है कि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपनाने से महिलाओं के कारोबार की आय और मुनाफे में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। प्रशिक्षण में शामिल महिलाएं भी इसे अपने व्यवसाय के लिए उपयोगी मान रही हैं। आल्मोड़ा चिड़ियाघर के सामने ईटरीज संचालित करने वाली मंजू बिष्ट का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने मेन्यू में नए व्यंजन शामिल कर पर्यटकों को अधिक विकल्प उपलब्ध करा सकेंगी। वहीं चितई मंदिर के पास समूह के माध्यम से ईटरीज चलाने वाली मीना ढैला ने बताया कि अब तक वे मुख्य रूप से घरेलू भोजन उपलब्ध कराती थीं, लेकिन अब भारतीय और चीनी व्यंजनों के साथ बेकरी उत्पाद और अन्य आधुनिक खाद्य पदार्थ भी ग्राहकों को उपलब्ध करा सकेंगी। उन्हें उम्मीद है कि इससे उनके कारोबार का दायरा बढ़ेगा और आय में भी बढ़ोतरी होगी। बाइट — मंजू बिष्ट, लाभार्थी बाइट — मीना ढैला, लाभार्थी एफवीओ - रीप-ग्रामोत्थान परियोजना के तहत दिए गये इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को आधुनिक होटल मैनेजमेंट और फूड सर्विस से जोड़ना है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं अपने होमस्टे, फूड वैन, ईटरीज और टिफिन सेवाओं में नए व्यंजन, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक ग्राहक सेवाएं शामिल कर सकेंगी। इससे पर्यटन से जुड़े स्वरोजगार को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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गौरड़ीह में मूर्ति छेड़छाड़: आरोपियों की तलाश तेज, सुरक्षा बढ़ी

JPJai Pal6m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के चौबेপুর थाना क्षेत्र स्थित गौरडीह गांव में शुक्रवार देर रात अराजक तत्वों ने कई प्रतिमाओं से छेड़छाड़ की। असामाजिक तत्वों ने भीमराव आंबेडकर, भगवान बुद्ध और मां काली की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त। घटना की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में स्थानीय निवासियों का दिखा भारी आक्रोश। सूचना पर चौबेपुर थाना पुलिस के साथ-साथ उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चोलापुर और सारनाथ थानों की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे गौरड़ीह गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। स्थानीय निवासी राजकुमार भारती की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। एसीपी सारनाथ विनय कुमार द्विवेदी के अनुसार आरोपियों की पहचान और त्वरित गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ शांति समिति की बैठक की और जल्द से जल्द नई प्रतिमाएं स्थापित कराने का भरोसा दिया। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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सरदारशहर में नया थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह की पैदल गश्त से यातायात सुधार शुरू

Churu, Rajasthan:थानाधिकारी की पैदल गश्त चालान, अतिक्रमण हटाओ अभियान और सख्ती से अब बदलेगी तस्वीर सरदारशहर की बदहाल यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जिस सख्त और ईमानदार पुलिस अधिकारी का लोगों को लंबे समय से इंतजार था, वह इंतजार अब खत्म होता नजर आ रहा है। सरदारशहर के नए थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार शाम को अपने पहले ही बड़े अभियान में यह साफ कर दिया कि अब शहर में यातायात नियमों की अनदेखी, अवैध पार्किंग और सड़क पर फैली अव्यवस्था किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुक्रवार शाम को थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत गांधी चौक से पैदल गश्त करते हुए मुख्य बाजार, घण्टाघर, लेडिज मार्केट और शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहुंचे। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया। जहां-जहां सड़क पर अतिक्रमण मिला, वहां दुकानदारों को तुरंत सामान हटाने के निर्देश दिए गए। कई स्थानों पर पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए रास्ता खाली करवाया, जिससे वर्षों से संकरी हो चुकी बाजार की सड़कों पर लोगों को राहत मिली। सबसे ज्यादा सख्ती अव्यवस्थित पार्किंग के खिलाफ देखने को मिली। नो-पार्किंग और सड़क के बीचों-बीच खड़े वाहनों के चालान काटे गए। जिन वाहनों के चालक मौके पर नहीं मिले, उनके टायरों की हवा निकलवा दी गई। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने तुरंत अपने वाहन हटाए। बाजार में मौजूद लोगों का कहना था कि लंबे समय बाद किसी थानाधिकारी ने स्वयं पैदल उतरकर स्थिति का निरीक्षण किया और मौके पर ही कार्रवाई की। सबसे बड़ी बात यह रही कि थानाधिकारी पुलिस कर्मियों को आदेश देने की बजाय खुद कार्रवाई करते हुए नजर आए। आपको बता दे की सरदारशहर का मुख्य बाजार लंबे समय से जाम, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। गांधी चौक, घण्टाघर और लेडिज मार्केट क्षेत्र में हर दिन घंटों जाम लगता है। व्यापारियों, राहगीरों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ते गए। शुक्रवार की कार्रवाई के बाद शहर में एक नई उम्मीद जगी है। व्यापारियों ने कहा कि यदि बाजार की सड़कें अतिक्रमण मुक्त हों और अव्यवस्थित पार्किंग पर नियमित कार्रवाई हो तो ग्राहकों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी और व्यापार भी बेहतर होगा। आम नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि शहर को ऐसे ही सक्रिय और सख्त प्रशासन की जरूरत थी। पैदल गश्त के दौरान थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने दुकानदारों और वाहन चालकों से बातचीत कर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क पर सामान फैलाकर यातायात बाधित न किया जाए और वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जाएं। पुलिस ने कई लोगों को समझाइश भी दी और भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह अभियान एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा। बाजार में अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर की व्यवस्था बेहतर हो सके। शहर के लोगों का कहना है कि शुक्रवार शाम की यह कार्रवाई केवल एक पैदल गश्त नहीं थी, बल्कि यह सरदारशहर में यातायात व्यवस्था सुधारने की एक मजबूत शुरुआत है। नए थानाधिकारी ने अपने पहले ही अभियान से यह संदेश दे दिया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती होगी और शहर की सड़कों को व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ काम करेगा। अब पूरे शहर की नजर इस बात पर है कि नए थानाधिकारी की यह सख्ती कितनी लगातार जारी रहती है, लेकिन शुक्रवार की कार्रवाई ने इतना जरूर साबित कर दिया कि सरदारशहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है।
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बारिश के मौसम में तेंदुए और उसके दो बच्चों का वीडियो वायरल

બ્રેકિંગ ડાંગ વરસાદી માહોલ વચ્ચે દીપડી અને તેના બે બચ્ચાંનો મનમોહક વીડિયો વાયરલ આહવા નજીક સોનગીર ફાટક પાસેનો વીડિયો સોશિયલ મીડિયામાં ઝડપથી વાયરલ થયું. દીપડી તેના બે બચ્ચાં સાથે કેમેરામાં કેદ થઈ, જેણે કુદરતનું અદ્ભુત દૃશ્ય સર્જ્યું. વીડિયોમાં દીપડી તેના બચ્ચાંને સાવચેતીપૂર્વક અને સુરક્ષિત રીતે માર્ગ પાર કરાવતી જોવા મળી, દીપડી બચ્ચાને સુરક્ષિત રીતે রাস્‍તો પસાર કરવાની તાલીમ આપી રહી હોય તેવા દૃશ્યો, વન્યજીવ નિષ્ણાતોના જણાવ્યા મુજબ વરસાદી ઋતુમાં જંગલી પ્રાણીઓ ખોરાક અને અવરજવર દરમિયાન રસ્તાઓ નજીક જોવા મળતા હોય છે. રસ્તા પર આવવા જોઈએ એવો વન્યજીવોNear નજારે તો તેમની નજીક ન જાય, વાહનની ગતિ ધીમી રાખે એવી વનવિભાગની અપીલ.
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उत्तराखंड के सीएम धामी कनवड़ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत, सुविधाओं का दावा

Noida, Uttar Pradesh:कांवड़ यात्रा के बारे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं, "हर साल की तरह, हम कांवड़ यात्रियों और भगवान शिव के भक्तों का स्वागत करते हैं, जो माँ गंगा से जल लेने आ रहे हैं। हम उन सभी का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन करते हैं। हमने उनके आने-जाने के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए हैं, जैसे घाटों पर सुविधाएँ, ट्रांसपोर्ट और ट्रैफ़िक मैनेजमेंट, सुरक्षा, साफ़-सफ़ाई, लाइटिंग और रूट डायवर्ज़न। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी यात्रा सुखद और सुरक्षित हो। हम उन्हें शुभकामनाएँ देते हैं और प्रार्थना करते हैं कि भगवान भोलेनाथ सभी यात्रियों पर अपनी कृपा बनाए रखें और हर तरह से उनकी भलाई सुनिश्चित करें।"
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नवलगढ़ के सफाईकर्मियों का ठेका व्यवस्था के विरोध, मजदूरी व PF की मांग

Jhunjhunu, Rajasthan:नवलगढ़, झुंझुनूं नवलगढ़ में ठेका सफाईकर्मियों का विरोध प्रदर्शन शुरू वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मियों ने सफाई कार्य का किया बहिष्कार दैनिक मजदूरी 500 रुपये करने और पीएफ कटौती की मांग बाहरी ठेकेदार को ठेका दिए जाने का किया विरोध मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी हड़ताल से नवलगढ़ की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के आसार झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में ठेकाप्रथा के माध्यम से सफाई कार्य कर रहे वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सफाई कार्य का बहिष्कार करते हुए प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ नाराजगी जताई। सफाईकर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से ठेका प्रणाली के तहत शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित मजदूरी मिल रही है और न ही श्रमिकों को मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने दैनिक मजदूरी 500 रुपये किए जाने और कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) काटकर जमा करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार महंगाई बढ़ने के बावजूद मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। सफाईकर्मियों ने नगर पालिका द्वारा बाहरी ठेकेदार को सफाई का ठेका दिए जाने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि स्थानीय श्रमिकों की अनदेखी कर बाहरी ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सफाई कार्य बंद रहने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है और यदि हड़ताल लंबी चली तो आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सफाईकर्मियों ने प्रशासन से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों का समाधान करने और श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
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