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AAkshayFollow18 Jul 2024, 09:41 am
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उत्तर बंगाल के आसुर समुदाय में दुर्गापूजा में बदलाव आया; नई पीढ़ी ने उत्सव में जोड़ा जोश

ABArup BasakJust now
Mal Bazar, West Bengal:*शिक्षার আলোয় বদলাচ্ছে অসুর সমাজ, শারদোৎসবে শামিল নতুন প্রজন্ম...* সময়ের সঙ্গে বদলাচ্ছে সমাজ, বদলাচ্ছে মানুষের ভাবনাচিন্তা। সেই পরিবর্তনের ছোঁয়া এবার দেখা যাচ্ছে উত্তরবঙ্গের অসুর জনজাতির মধ্যেও। একসময় দুর্গাপুজোর দিনগুলিতে নিজেদের ঘরবন্দি করে রাখতেন এই জনজাতির বহু মানুষ। বাড়ির চারপাশ কালো কাপড়ে ঘিরে রাখার রীতিও প্রচলিত ছিল তাঁদের মধ্যে। কিন্তু সময়ের পরিবর্তনের সঙ্গে সঙ্গে সেই প্রথা থেকে বেরিয়ে এসে শারদোৎসবে শামিল হচ্ছেন অসুর সম্প্রদায়ের অনেকেই। দুর্গাপুজোর মণ্ডপে গিয়ে প্রতিমা দর্শন করছেন, বন্ধুদের সঙ্গে আনন্দে মেতে উঠছেন নতুন প্রজন্মের ছেলেমেয়েরা।মালবাজার মহকুমার নাগরাকাটা ব্লকের পাহাড়ঘেরা ভুটান সিমান্তে ক্যারন চা বাগানে বসবাস করেন অসুর জনজাতির শতাধিক পরিবার। বাগানের কারি লাইন, খাপরা লাইন ও মতু লাইনে রয়েছে তাঁদের বসতি। মূলত চা বাগানের শ্রমিক হিসেবেই জীবিকা নির্বাহ করেন এই জনজাতির বহু মানুষ। দীর্ঘদিন ধরে নিজস্ব বিশ্বাস ও ঐতিহ্যকে আঁকড়ে ধরে দুর্গাপুজোর সময় নিজেদের উৎসব থেকে দূরে রাখতেন তাঁরা। তবে বর্তমানে সেই ছবিতে পরিবর্তন এসেছে。 অসুর সম্প্রদায়ের মানুষের বিশ্বাস, হিন্দু পুরাণে বর্ণিত দেবী দুর্গার হাতে নিহত মহিষাসুর তাঁদের পূর্বপুরুষ। সেই বিশ্বাস থেকেই দুর্গাপুজোর সময় শোক পালন করতেন তাঁদের অনেকে। পুজোর দিনগুলিতে বাড়ির বাইরে বের হতেন না। বরং নিজেদের মতো করে পূর্বপুরুষের স্মৃতিকে স্মরণ করতেন। কিন্তু বর্তমানে এই জনজাতির অনেকেই দুর্গাপুজোকে সামাজিক উৎসব হিসেবে দেখচ্ছেন। ধর্মীয় বিশ্বাস ও নিজস্ব ঐতিহ্য বজায় রেখেও উৎসবের আনন্দে শামিল হচ্ছেন তাঁরা। ক্যারন চা বাগানের অসুর সম্প্রদায়ের মানুষেরা বলেন, “একসময় দুর্গাপুজোর সময় বাড়ি থেকে বের হতাম না। কিন্তু এখন পুজোর সময় মণ্ডপে যাই। আমাদের এলাকায় দুর্গাপুজোর আয়োজন হয়।” একই সুর শোনা গেল ক্যারন চা বাগানের ছাত্রছাত্রীদের মধ্যেও। ছাত্রছাত্রীদের দাবি, “বাগানের দুর্গাপুজোয় আমরা ঠাকুর দেখতে যাই। বন্ধুদের সঙ্গে আনন্দ করি।” নতুন প্রজন্মের এই অংশগ্রহণই অসুর সমাজের বদলে যাওয়া সামাজিক মনোভাবের একটি ছবি তুলে ধরছে। ক্যারন চা বাগানের বাসিন্দারা জানান, কারি লাইনে প্রায় ৫০টি অসুর পরিবারের বসবাস। গোটা চা বাগানে তাঁদের পরিবারের সংখ্যা দেড়শোর কাছাকাছি। তাঁর কথায়, আগে পূর্বপুরুষেরা দুর্গাপুজোয় যেতেন না। তবে বর্তমানে অসুর জনজাতির নতুন প্রজন্মের ছেলেমেয়েরা পুজোয় যোগ দিচ্ছেন। কারন বর্তমান সময়ে তারা শিক্ষার আলোয় আলোকিত। তাড়া নিয়মিত স্কুলে গিয়ে পড়াশোনা করছে। সেই সুবাদে তারা দুর্গাপূজোয় আনন্দ করছে, প্রতিমা দেখছে মন্ডপে মন্ডপে। শুধু নাগরাকাটার ক্যারন চা বাগানেই নয়, উত্তরবঙ্গের মেটেলি-সহ আরও কয়েকটি এলাকাতেও অসুর জনজাতির মানুষের বসবাস রয়েছে। তাঁদের জীবনযাত্রা, সংস্কৃতি ও নিজস্ব বিশ্বাসের সঙ্গে জড়িয়ে রয়েছে মহিষাসুরকে পূর্বপুরুষ হিসেবে স্মরণ করার ঐতিহ্য। সেই ঐতিহ্যকে অস্বীকার না করেও সামাজিক পরিসরে নিজেদের অংশগ্রহণ বাড়াচ্ছেন অনেকে। দুর্গাপুজোকে ঘিরে এই পরিবর্তন তাই কেবল প্রতিমা দর্শন বা আনন্দে যোগ দেওয়ার মধ্যে সীমাবদ্ধ নয়। বরং বৃহত্তর সমাজের সঙ্গে মেলামেশা, নতুন প্রজন্মের সামাজিক অভিজ্ঞতা এবং উৎসবকে ঘিরে পারস্পরিক যোগাযোগের ক্ষেত্রেও তৈরি হচ্ছে নতুন সম্ভাবনা। ধর্মীয় বিশ্বাসের পার্থক্য সত্ত্বেও একটি সামাজিক উৎসবে অংশ নেওয়ার মধ্য দিয়ে অসুর জنتার বহু মানুষ নিজেদের মতো করে শারদোৎসবের আনন্দ উপভোগ করছেন। ঐতিহ্য ও বিশ্বাসের নিজস্ব জায়গা অক্ষুণ্ণ রেখেই সময়ের সঙ্গে এগিয়ে চলেছে অসুর সমাজের নতুন প্রজন্ম। ক্যারন চা বাগানের দুর্গাপুজোর মণ্ডপে তাঁদের উপস্থিতি সেই পরিবর্তনেরই এক তাৎপর্যপূর্ণ ছবি তুলে ধরছে। তবে দেখা গেলো এই অসুর সম্প্রদায়ের মানুষেরা ক্যামেরার সামনে আসতে চান না। বাইট ১) চাবাগানে শ্রমিকদের সমস্যা নিয়ে কাজ করা সমাজসেবি অজিত কুমার নায়েক。 ২) চাবাগানে বসবাসকারি যুবক সাধন মাহাত। ৩) ক্যারন চাবাগানে বাসিন্দা আরতি অসুর。 ৪) সুইটা অসুর ক্যারন চাবাগানের বাসিন্দা。 ৫) ভুনিয়া অসুর। ৬) ছাত্র আয়েন অসুর。 ৭)সুস্মিতা অসুর। ৮) পিটুসি অরুপ বসাক।
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बराकपुर दुर्गा पूजा चेकिंग के दौरान अर्जुन सिंह ने महिला उत्पीड़न पर सख्त कदम की घोषणा

Barrackpore, West Bengal:ব্যারাকপুর শিল্পাঞ্চলে দুর্গাপূজা কমিটির চেক প্রদান মঞ্চেই ইপ্টিজারদের দৌরাত্ম নিয়ে ক্ষোভ উগড়ে দিলেন পরিবহন মন্ত্রী অর্জুন সিং, মন্ত্রীর মহালয়ার দিন মহিলাদের ইপ্টিজিং এর উপলদ্ধি ধামাচাপা দিতে দুর্গাবাহিনি এবং গোলাপি মোবাইলে টিমের আশ্বাস পুলিশ কমিশনারের দুর্গা পুজায় মহিলাদের ইপ্টিজিং করলেই কড়া ব্যবস্থা নিতে পুলিশ কে নির্দেশ পরিবহন মন্ত্রী অর্জুন সিং এর।পুজো উদ্যক্তাদের এবং পুলিশ কমিশনার কে ভরা মঞ্চে মহালয়ার দিন মন্ত্রী তার নিজের উপলব্ধির কথা জানালেন。 এছাড়াও ডিজে বাজলেই ব্যবস্থা নিতে অনুরোধ জানালেন প্রশাসন কে অর্জুন সিং।
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आदिवासी छात्राओं पर अत्याचार: आरोपी को कड़ी सजा और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

Bankura, West Bengal:আদিবাসী হোস্টেলে আবাসিকদের উপর অত্যাচারে অভিযুক্তর কঠোর শাস্তি ও নির্বাচন কমিশনারের পদত্যাগের দাবিতে বাঁকুড়ার জেলা শাসকের দফতরে বিক্ষোভ আদিবাসী অধিকার ও বিকাশ মঞ্চের বাঁকুড়ার রানীবাঁধে আদিবাসী হোস্টেলে আবাসিকদের উপর অত্যাচার ও যৌন নির্যাতনের ঘটনায় অভিযুক্তদের কঠোর শাস্তি ও নির্বাচন কমিশনার জ্ঞানেশ কুমারের পদত্যাগের দাবিতে আজ বাঁকুড়ার জেলা শাসকের দফতরে বিক্ষোভ দেখালো আদিবাসী অধিকার ও বিকাশ মঞ্চ। আজ বাঁকুড়ার তামলীবাঁধ থেকে মিছিল করি মঞ্চের কর্মী ও সমর্থকেরা বাঁকুড়ার জেলা শাসকের দফতরে যান। পুরानो এসপি অফিস মোড়ের কাছে পুলিশ মিছিলের পথ আটকালে সেখানে রাস্তায় বসেই বিক্ষোভ দেখাতে থাকেন মঞ্চের কর্মীরা। সম্প্রতি বাঁকুড়ার রানীবাঁধ ব্লকে এক আশ্রমিক স্কুলে আদিবাসী ছাত্রীদের উপর অত্যাচার ও যৌন নির্যাতনের অভিযোগ ওঠে স্কুলেরই এক নৈশ প্রহরীর বিরুদ্ধে। ঘটনার অভিযোগ পেতেই অভিযুক্তকে গ্রেফতার করে পুলিশ। সেই ঘটনায় অভিযুক্তর কঠোর শাস্তির দাবিতে এবার পথে নামলো আদিবাসী অধিকার ও বিকাশ মঞ্চ। এর পাশাপাশি মঞ্চের তরফে জ্ঞানেশ কুমারের পদত্যাগ ও অবিলম্বে ভুয়ো এসটি শংসাপত্র বাতিলের দাবি জানানো হয়। অবিলম্বে দাবি পূরণ না হলে আগামীতে আরো বৃহত্তর আন্দোলনের হুঁশিয়ারি দিয়েছেন বিক্ষোভকারীরা।
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विरार में टैंकर से भिड़ंत: माँ–बेटी समेत एक ही परिवार के चार की मौत

Vasai-Virar, Maharashtra:विरार : विरारच्या जीवदानी देवीच्या दर्शनासाठी दुचाकीवरून जाणाऱ्या एमायलेकीचा अपघातात मृत्यू. एका बाईकवर कुटुंबातील चार जणांचा बेतला जीवावर कविता पाल (वय २९) आणि आरायू पाल (वय ४) अशी मृत्यू झालेल्या मायलेकीची नावे आहेत. आज सकाळी नऊ वाजताच्या सुमारास विरारच्या कोपरी नाका येथे टँकरने धडक दिल्याने त्यांचा मृत्यू झाला. टँकर चालकाला पोलिसांनी ताब्यात घेतले असून, पुढील चौकशी सुरू आहे. वसईच्या गावराई पाडा येथून त्या जीवदानी देवीच्या दर्शनासाठी येत होते. नवरात्रीच्या दुसऱ्या दिवशी एकाच कुटुंबसातील दोघींचा मृत्यू झाल्याने त्यांच्या कुटुंबावर दुःखाचा डोंगर कोसळला आहे.
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CP Singh का दावा: दिल्ली के आंदोलन से अराजकता, राहुल गांधी इटली भागेंगे?

Ranchi, Jharkhand:दिल्ली में चल रहे कांग्रेस के आंदोलन पर झारखंड बीजेपी के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि दिल्ली के आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच होड़ लगी हुई है. कॉकरोच जनता पार्टी को आम आदमी पार्टी और देशद्रोही वामपंथी का सपोर्ट है.यह लोग देश में सिर्फ अराजकता पैदा करना चाहते हैं. यह ज्ञानेश कुमार का नहीं मोदी जी का इस्तीफा चाहते हैं.मोदी जी को जनता के विश्वास से उस कुर्सी पर बिठाया गया है.और यह पप्पू राहुल गांधी चाहते हैं कि गांधी खानदान के नाम पर इन्हें प्रधानमंत्री बना दिया जाए. यह लोकतंत्र है जो भीड़ तंत्र से नहीं चलेगा.इन्हें अपने मर्यादा में रहकर आंदोलन करना चाहिए.अगर जनता के सब्र का बांध टूटेगा तो राहुल गांधी को इटली भागना पड़ जाएगा.
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कान्हा टायगर रिजर्व में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बाघ दीदार, वन्यजीवन संरक्षण कदम

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला – कान्हा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किए बाघ के दीदार, वन्यजीवों की समृद्ध विरासत देख हुए गदगद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के प्रति खास अंदाज देखने को मिला। कल सुपखार रेंज में वाइल्ड बफेलो को छोटे बाड़ों से निकालकर बड़े और प्राकृतिक आवास में छोड़ने के बाद आज मुख्यमंत्री ने कान्हा के मुक्की और किसली जोन में बाघों का दीदार किया। बाघों को करीब से देखकर मुख्यमंत्री बेहद खुश नजर आए और कान्हा के प्राकृतिक सौंदर्य व वन्यजीवों की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि एशिया के प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में शामिल है। यहां बाघ, तेंदुआ, लकड़बग्घा, हाथी सहित कई शानदार वन्यजीव मौजूद हैं। दुनिया में विलुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल बारहसिंगा की मौजूदगी भी कान्हा को बेहद खास बनाती है। सीएम ने कहा कि प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्र में आना उनके लिए खुशी की बात है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में वन्यजीवों की बसाहट बढ़ाने का बड़ा अभियान चल रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में चीतों, घड़ियालों, गिद्धों और वाइल्ड बफेलो जैसे वन्यजीवों के संरक्षण और पुनर्स्थापना की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। बाइट – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
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हिमाचल में बारिश के बाद मौसम साफ, तापमान में गिरावट और फिर बारिश की उम्मीद

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में रविवार को भारी बारिश के बाद आज मौसम साफ हो गया है। राज्य में पश्चिमी विक्षोभ (WD) सक्रिय होने के चलते प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार को हमीरपुर के नेरी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा और शिमला के साथ अन्य कई ज़िलों में भी बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश के चलते प्रदेश के तापमान में 6 से 11 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। चंबा में तो तापमान 14 डिग्री तक गिर गया। वहीं, कुकुमसेरी में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय ठंड और ज़्यादा बढ़ने की भी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 13 से 15 अक्टूबर तक एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश के दौरान लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।
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नूरपुर पुलिस ने हैरोइन तस्करी के आरोप में एक आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज

Nurpur, Himachal Pradesh:मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध नूरपुर पुलिस की कार्रवाई में 13.3 ग्राम हैरोइन (चिट्टा) बरामद किया गया; एक आरोपी के विरुद्ध ND&PS Act के तहत FIR दर्ज किया गया है। मामला पुलिस थाना डमटाल एवं CIA Wing, पुलिस जिला नूरपुर की संयुक्त कार्रवाई से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार राकेश कुमार उर्फ रोड़ा पुत्र जीत राम, निवासी ग्राम तोकी, डाकघर छन्नी, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा, उम्र 39 वर्ष, अपने रिहायशी मकान से हैरोइन/चिट्टा बेचा करता था। तलाशी के दौरान मकान के कमरे में बेडबॉक्स के गद्दे के नीचे एक पारदर्शी पॉलीथिन पाउच बरामद हुआ; उदाहरण के तौर पर पॉलीथिन पाउच खोलने पर हल्के भूरे एवं सफेद रंग के दानेदार पदार्थ पाए गए और ड्रग डिटेक्शन किट से चिट्टा होने के संकेत मिले। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर बरामद मात्रा 13.3 ग्राम पाई गई। बरामद पदार्थ को नियमानुसार कब्जे में लेकर नमूना सील किया गया। आरोपी के विरुद्ध FIR No. 155/2026 धारा 21, 61 एवं 85 ND&PS Act के तहत डमटाल थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया है; जांच HC राजेश कुमार द्वारा की जा रही है। बरामद पदार्थ के स्रोत व उससे जुड़े लिंक की जांच आगे जारी है।
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तरण तारन में ASI इकबाल सिंह हत्या: बाइक से जुड़े अहम सुराग मिले

Tarn Taran Sahib, Punjab:घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर रेलवे फाटक के पास मिली बाइक, कार में सवार होकर फरार हुए थे हमलावर सितंबर में भतीजे की भी हुई थी हत्या, भाई बोला—पूरा परिवार खत्म कर दिया तरन तारन। सीमावर्ती जिला तरन तारन के गांव नौशहरा पन्नूआ में फिरोजपुर में तैनात एएसआई इकबाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिला है। वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर रेलवे फाटक के नजदीक से बरामद हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक छोड़कर पहले से कार में इंतजार कर रहे अपने साथी के साथ फरार हो गए। पुलिस अब आरोपियों तक पहुंचने के लिए विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, गांव नौशहरा पन्नूआ निवासी एएसआई इकबाल सिंह रविवार रात गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने अब तक करीब आधा दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने जांच को लेकर फिलहाल मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। भतीजे के बाद भाई की हत्या से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इकबाल सिंह की हत्या से परिवार में मातम पसरा हुआ है। तरन तारन पुलिस में तैनात उनके भाई जगदीप सिंह घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने उनका पूरा परिवार उजाड़ दिया है। जगदीप सिंह के मुताबिक, सितंबर में बाइक सवार हमलावरों ने उनके भतीजे अजमीत सिंह की भी गांव नौशहरा पन्नूआ में गोली मारकर हत्या कर दी थी। अजमीत सिंह, इकबाल सिंह का भतीजा था। अब भाई की हत्या से परिवार को दूसरा बड़ा झटका लगा है। जगदीप सिंह ने बताया कि इकबाल सिंह ने कभी उनके साथ किसी धमकी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में हत्या के पीछे क्या वजह रही, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। आज होगा पोस्टमार्टम इकबाल सिंह के दोनों बेटे विदेश में रहते हैं, जबकि वह अपनी पत्नी के साथ गांव में रह रहे थे। सोमवार को तरन तारन सिविल अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस जांच में बरामद बाइक और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ अहम कड़ी साबित हो सकती है। बाइट जगदीप सिंह, मृतक के भाई
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