icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

झांसी: आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 4010 बच्चों का दाखिला, 5850 सीटें खाली

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर-झांसी जनपद में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत इस साल बड़ी संख्या में बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 683 निजी स्कूल RTE पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इन स्कूलों में RTE के तहत कुल 9860 सीटें आवंटित थीं। इनमें से 471 निजी स्कूलों में 4010 बच्चों का दाखिला पूरा हो चुका है। ये सभी बच्चे अब निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा हासिल कर रहे हैं। और झांसी शहर के ड्रीम इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में। यहां प्री-प्रैमोरी में RTE के तहत दाखिला पाने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चे बाकी बच्चों के साथ एक ही बेंच पर, एक ही टेबल-कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार की ओर से इन बच्चों को निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और पूरी पढ़ाई मुफ्त दी जा रही है। वी/ओ.1- झांसी के ड्रीम इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रहे राघव और विजय मौर्य की तरह ही सैकड़ों बच्चे आज निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा पा रहे हैं। ये वो बच्चे हैं जिनके माता-पिता की सालाना आय 1 लाख से कम है और जो शायद कभी निजी स्कूल का सपना भी नहीं देख सकते थे। स्कूल की प्रिंसिपल प्रिया शर्मा ने बताया कि आरटीई के तहत हमारे यहां इस साल 22 छात्र अलॉट हुए हैं जिसमें 12 बच्चों ने अभी प्रवेश नहीं लिया है उनसे लगातार हम संपर्क कर रहे हैं। सरकार अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास कर रही है। हम भी उस सहयोग में पूरी तरह से आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। RTE के तहत आए बच्चों के लिए हमारे यहां अलग से कोई व्यवस्था या भेदभाव नहीं है। सभी बच्चे एक क्लास में, एक साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें सभी सुविधाएं, समान रूप से मिल रही हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर बच्चा आगे बढ़े। बाइट- राघव......छात्र बाइट- विजय मौर्य.... छात्र बाइट-- प्रिया शर्मा .....प्रिंसिपल ड्रीम इंडिया इंटरनेशनल स्कूल वी/ओ.2- लेकिन इस सकारात्मक तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है। आंकड़े बताते हैं कि जिले की 9860 सीटों में से सिर्फ 4010 सीटों पर ही दाखिले हो पाए हैं। यानी 5850 सीटें खाली रह गई हैं। और चौंकाने वाली बात ये है कि 683 में से 212 निजी विद्यालयों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। इस वजह से इन स्कूलों की 5850 सीटें खाली रह गईं। वही बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ो के मुताबिक 471 निजी स्कूलों में 4010 बच्चों का दाखिला हुआ है इसके अलावा RTE के तहत शहर के जाने-माने स्कूल शीरवुड में 28 छात्रों का एडमिशन हुआ, ब्लू बेल्स स्कूल में 30 सीट में से 28 छात्रों ने प्रवेश लिया, जय अकादमी स्कूल में 25 छात्रों का प्रवेश हुआ, वही सन इंटरनेशनल स्कूल में भी 25 सीट पर दाखिला हुआ है, लेकिन ड्रीम इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में 22 सीटों में से महज 10 छात्रों ने ही RTE के तहत प्रवेश लिया है। बीएसए विपुल शिवसागर ने बताया कि हमारे जनपद में RTE पोर्टल पर 683 स्कूल दर्ज है, जिसमें 471 स्कूलों में 4010 बच्चों को प्रवेश हुआ है, स्कूलों को 11 महीने की फीस के रूप में 5400 दिए जाते हैं, साथ ही बच्चों की किताबें और ड्रेस के लिए 5000 एक मुश्त रकम दी जाती है बाइट- विपुल शिवसागर..... बेसिक शिक्षा अधिकारी, झांसी पी टी सी.......
0
0
Report
Advertisement

भोपाल: RKMP क्राइम ब्रांच ने 9.57 किलोग्राम गांजे समेत तस्कर गिरफ्तार किया

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल क्राइम ब्रांच में RKMP स्टेशन से एक गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार किया पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9.570 किलोग्राम अवैध गांजा और एक मोबाइल फोन किया जब्त बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 2 लाख 65 हजार रुपये प्लेटफॉर्म नंबर 5 के पास एक युवक ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध हालत में बैठा हुआ था जो मादक पदार्थ की सप्लाई की फिराक में था आरोपी की पहचान 27 वर्षीय आयुष शिवहरे, निवासी झांसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग से खाकी टेप में लिपटे 10 पैकेट गांजा बरामद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
0
0
Report

पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य साथी योजना पर असमंजस, Doctors Forum की मांग स्पष्ट निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने की अटकलों के बीच राज्य की स्वास्थ्य योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। इसी बीच इलाजरत मरीजों की चिकित्सा सेवाएं किसी भी परिस्थिति में बाधित न हों, इस मांग को लेकर West Bengal Doctors Forum ने राज्य के मुख्य सचिव को एक জরুরি पत्र भेजा है। शुक्रवार को नवान्न स्थित मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में संगठन की ओर से कहा गया है कि कई निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के भविष्य को लेकर भ्रम और संशय की स्थिति बन गई है। नई सरकार बनने के बाद यह योजना पहले की तरह जारी रहेगी या इसकी जगह Ayushman Bharat अथवा कोई अन्य स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होगी, इसे लेकर आशंका बढ़ रही है। डॉक्टर फोरम ने विशेष रूप से उन मरीजों को लेकर चिंता जताई है जो गंभीर और नियमित इलाज पर निर्भर हैं। इनमें शामिल हैं— नियमित हेमोडायलिसिस और रक्त संक्रमण संबंधी उपचार लेने वाले मरीज, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी करा रहे कैंसर मरीज, हार्ट अटैक, कार्डियक फेल्योर, एंजियोप्लास्टी सहित आपातकालीन हृदय रोग उपचार के मरीज, ट्रॉमा और अन्य जानलेवा स्थिति वाले मरीज, ‘स्वास्थ्य साथी’ के तहत पहले से भर्ती या आवश्यक प्रक्रिया के लिए निर्धारित मरीज। पत्र में कहा गया है कि प्रशासनिक अनिश्चितता की वजह से किसी भी मरीज का इलाज रोका, टाला या अस्वीकार नहीं किया जा सकता। बीमारी सरकार बदलने का इंतजार नहीं करती और डायलिसिस, कीमोथेरेपी या आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत वाले मरीजों को किसी भी हाल में परेशान नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने मुख्य सचिव से मांग की है कि राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को तत्काल स्पष्ट लिखित निर्देश जारी किए जाएं, जिनमें कहा जाए— ‘स्वास्थ्य साथी’ के तहत इलाजरत किसी भी मरीज को भर्ती या उपचार से वंचित नहीं किया जाएगा; डायलिसिस, कीमोथेरेपी, आपातकालीन सर्जरी और अन्य जीवनरक्षक उपचार बिना रुकावट जारी रहेंगे; जब तक सरकार की ओर से किसी नई नीति की औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक वर्तमान व्यवस्था जारी रखी जाए; प्रशासनिक बदलाव या अफवाहों की वजह से किसी मरीज को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए; मंजूरी, बिलिंग, रिइम्बर्समेंट और इलाज जारी रखने को लेकर अंतरिम व्यवस्था स्पष्ट की जाए। पत्र के अंत में West Bengal Doctors Forum ने कहा है कि इस संवेदनशील स्थिति में मरीजों और आम लोगों के बीच भय और भ्रम की स्थिति रोकने के लिए सरकार की ओर से तत्काल स्पष्ट निर्देश जारी करना बेहद जरूरी है।
0
0
Report
Advertisement

ब्रजघाट गंगा स्नान के दौरान चार श्रद्धालु डूबे; एक की हालत गंभीर

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने की वजह से चार श्रद्धालु गंगा में डूब गए. घाट पर मौजूद गोताखोरों ने जब श्रद्धालुओं को डूबते हुए देखा तो उन्होंने आनन फानन में सूझबूझ से काम लेते हुए चारों श्रद्धालुओं को बचा लिया. तीन श्रद्धालु पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जबकि एक श्रद्धालु की हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह तीर्थ नगरी ब्रजघाट पर जब श्रद्धालु गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक से ब्रजघाट पर अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि गंगा स्नान कर रहे चार श्रद्धालु अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. चीख-पुकार सुनकर स्थानीय गोताखोर तुरंत हरकत में आए और गंगा की लहरों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. ​कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लेकिन चौथे श्रद्धालु की स्थिति बिगड़ने के कारण उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है. प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद, श्रद्धालु अक्सर गहरे पानी की ओर चले जाते हैं जो जानलेवा साबित होता है. फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है. घायलों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है.
0
0
Report

भारत नेपाल सीमा पर CCTV से बढ़ेगी निगरानी: 68 किलोमीटर खुली सीमा पर भी कैमरे लगेंगे

Naugarh, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर से सटे भारत नेपाल सीमा के आने जाने वाले रास्तों की निगहबानी अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से होगी। क्रिटिकल गैप योजना के तहत भारत नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लगाए गए इन कैमरों और ककरहवा बॉर्डर के अंतरराष्ट्रीय गेट के चेक पोस्ट पर स्थाई कमरा और शौचालय के निर्माण का लोकार्पण आज जिलाधिकारी ने किया। इस मौके पर एसएसबी 43वीं बटालियन के कमांडेंट उज्जवल दत्ता भी मौजूद रहे। लोकार्पण के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि भारत नेपाल की खुली सीमा हमेशा से भारत विरोधी गतिविधियों के लिए सुरक्षा एजेंसी के लिए चैलेंजिंग रही है। सीमा पर निगहबानी और अच्छी तरह से हो सके इसके लिए पहले फेज में सीमा के कुछ चिन्हित स्थानों पर 32 की संख्या में उच्च कोटि के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के लगने से सीमा पर हो रही तस्करी व अन्य गैर कानूनन गतिविधियों पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 68 किलोमीटर की खुली सीमा पर जो पगडंडी के रास्ते हैं उन पर भी ग्राम पंचायत के माध्यम से सीसीटीवी लगाने का काम जल्द ही किया जाएगा।
0
0
Report

हेमंत सोरेन सरकार ने भाषाई विवाद के समाधान के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित किया

Ranchi, Jharkhand:भाषायी विवाद पर हेमंत सोरेन सरकार ने पहल करते हुए पांच सदस्य उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित भाषा संबंधी मामलों पर कमेटी अध्ययन करेगी और नियमावली में जनजातीय क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मिलित या विलोपित करने के बिंदु पर राज्य सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट। राज्य सरकार के द्वारा गठित पांच सदस्य कमेटी में मंत्री राधा कृष्ण किशोर मंत्री संजय यादव मंत्री दीपिका पांडे मंत्री योगेंद्र प्रसाद और मंत्री सुदिव्य कुमार को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।दरअसल कैबिनेट की बैठक में मंत्री दीपिका पांडे ने भोजपुरी मगही अंगिका सहित क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की मांग रखी थी। वही जब से यह विवाद शुरू हुआ था तब ही पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर न मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर भाषाओं को शामिल करने का अनुरोध किया था। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले से हमने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था।अब जो भी तकनीकी अड़चन थी उसे देखा जाएगा।अब सरकार ने जब कमेटी बनाई है तो मुझे पूरी उम्मीद है कि यह कमेटी किसी भी वर्ग और भाषा वासियों के साथ भेदभाव नहीं करेगी। और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा
0
0
Report
Advertisement

NCRB आंकड़ों: यूपी में महिला अपराध में 76% उछाल, आगरा में उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया

Agra, Uttar Pradesh:08 मई आगरा NCRB रिपोर्ट कपिल अग्रवाल NCRB के नए आंकड़ों ने यूपी की कानून व्यवस्था में अपना परचम लहराया है,महिला अपराधों में जहां अन्य प्रदेश अपराधियों पर कार्यवाही करने में पीछे रहे तो वही यूपी में ये आंकड़ा 76% से ज्यादा दिखा आगरा में इन आंकड़ों पर आगरा की छात्राओं ने खुलकर सरकार की प्रभारी कार्यवाही की तारीफ की,छात्राओं का कहना था कि पहले जब वो कॉलेज या बाजार जाती थी तो डर लगता था लेकिन पिछले कई सालों से अब उन्हें कही भी आने जाने में डर नहीं लगता,पहले जहां कॉलेज आने जाने और मार्किट आने जाने में डर लगता था अब ऐसा नहीं लगता, कॉलेज के बाहर लड़कों का जमघट रहता था अब वो दिखाई नहीं देता,जब कभी कोई मनचला कोई गंदी हरकत करता है तो पुलिस तुरंत कार्यवाही करती है,सरकार ने महिलाओं के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है जहां कोई भी लड़की अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है सबसे बड़ी बात है कि शिकायत करने वाले की पहचान भी गुप्त रखी जाती है बाइट इकांशी/छात्रा बाइट शिवानी वर्मा/छात्रा बाइट सना कुरैशी हालांकि एक छात्रा काजल सिंह का कहना था कि मुझे ज्यादा अंतर नजर नहीं आता,अब भी बहुत बदलाव और सख्त कार्यवाही की जरूरत है,हालांकि छात्रा पहले और अब में अंतर होने की बात कहती जरूर दिखी बाइट बाइट बाइट बाइट
0
0
Report
Advertisement

हimachal मंत्रिमंडल कैडर घटाने की तैयारी: IAS-IFS पदों में कटौती से आर्थिक बोझ कम करने का दावा

Bilaspur, Chhattisgarh:स्लग- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक संकट के बीच IAS और IFS कैडर घटाने पर विचार करने व अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की संख्या घटाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के कदम का प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया स्वागत कहा जरूरत से ज़्यादा अधिकारियों की एक्सपेंशन से प्रदेश पर पड़ रहा आर्थिक बोझ तो ज़रूरतमंद पोस्टों को भरना सरकार की है प्राथमिकता. रिपोर्ट- विजय भारद्वाज टॉप- बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश. एंकर- हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच IAS और IFS कैडर घटाने पर प्रदेश सरकार विचार कर रही. आर्थिक दबाव से जूझ रहे प्रदेश सरकार प्रशासनिक ढांचे को छोटा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की संख्या घटाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. जिसके तहत सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की स्वीकृत संख्या 153 से घटाकर 147 करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के स्वीकृत पद 114 से घटाकर 83 करने के प्रस्ताव को अंतिम चरण में बताया जा रहा है। वहीं सरकार भविष्य में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के कैडर की भी समीक्षा कर उसे तर्कसंगत बनाने पर विचार कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस निर्णय को प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने साहसिक निर्णय करार देते हुए जरूरत से ज़्यादा अधिकारियों की एक्सपेंशन से प्रदेश पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही है. मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने इसे प्रमोशनल एडमिंस बताया हैं जिससे एक्सपेंशन इतनी बढ़ गई जिसे संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो चला है. वहीं राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस का नारा देते हैं मगर धरातल पर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है. ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा कैडर में कमी करना एक साहसिक कदम है, जिसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी उठाया था मगर उस स्तर तक नहीं ले जा पाए. इसीलिए वर्तमान सरकार ने एक सुधारात्मक कदम उठाया है जिससे प्रदेश के आर्थिक हालात सुधरेंगे और वर्तमान समय में प्रदेश में जिन पोस्टों की ज़्यादा जरूरत है उसे भरा जाएगा ताकि प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर हो सके. बाइट- राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top