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सावन में कांवरियों के लिए विशेष तैयारी, भव्य पंडाल और मेडिकल सुविधाएं
Delhi, Delhi:सावन के महीने की शुरुआत होते ही कांवरियों का कावड़ लाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसको लेकर सरकार कई तरह की तैयारियां कर रही है। मजलिस पार्क और मुकुंदपुर के बीच सड़क किनारे कांवरियों के लिए भव्य पंडाल लगाया जा रहा है जहां वे विश्राम कर सकेंगे। वहीं भंडारे का आयोजन और एक भव्य शिव दरबार भी बनाया जाएगा जहां कांवरिया पूजा-पाठ कर सकेंगे। कांवरियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार और आयोजक समिति की तरफ से मेडिकल के पुख्ता इंतजाम भी किए जाएंगे।
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बंडा जहरीली शराब कांड का खुलासा: करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष मुख्य सरगना
Sagar, Madhya Pradesh:बड़ी खबर.. बंडा जहरीली शराब कांड का एसपी ने किया खुलासा, करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष है मुख्य सरगना.. अवैध शराब बनाकर लायसेंसी दुकान से बेचते थे शराब.. एमपी के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। सागर एस पी अनुराग सुजानिया ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है और बताया है कि जिस शराब से लोगों की मौत हुई वो शराब किसी फैक्ट्री की नहीं बल्कि यहीं बंडा इलाके में बनाई गई थी और इस माफिया गिरोह का मुख्य सरगना करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह और चंदू राजा तीतरवारा है। ये पूरा एक गिरोह है जो कि इसी इलाके की एक लाइसेंसी शराब दुकान बरेठी से शराब की बिक्री किया करता था। एसपी ने बताया कि ये लायसेंसी मनीष लोधी उर्फ यशवंत है। जिसकी दुकान से शराब बेची गई। एसपी के मुताबिक जब चंद्र भान उर्फ चंदू राजा को हिरासत में लेकर पूंछताछ की गई तो उसने बताया कि जन्माष्टमी के पहले ही इस शराब का निर्माण किया गया था और चंदू के कुछ रिश्तेदार इसमें शामिल थे वहीं शराब बनाने का सारा सामान और पेकिंग मटेरियल मनीष लोधी ने ही उपलब्ध कराया था। बीती 6 तारीख को जब इन लोगों को मालूम चला कि उनकी बनाई शराब से लोग मरने लगे है तो उन्होंने शराब बनाने का सामान कुछ जला दिया जबकि कुछ मक्के के खेत में छिपाया था जिसे पुलिस ने जब्त किया है। गिरोह साधारण नहीं है बल्कि एक बड़ा तस्कर रवि लखेरा मनीष के संपर्क में था जो कि बड़ा सरगना है और सिर्फ एमपी में रवि के ऊपर 21 आपराधिक मामले दर्ज है और सागर जिले के ही बहेरिया पुलिस थाने में एक ट्रक शराब पकड़े जाने के मामले में फरार है।रवि पहले भी अवैध शराब निर्माण करने वाली फैक्ट्री चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। इन तस्करों ने ये जहरीली शराब चंदू राजा के मक्का के खेत में बनाई जबकि सप्लाई करने के लिए रवि लखेरा और मनीष लोधी का इस्तेमाल किया गया और लायसेंसी दुकान इसमें बड़ा सहारा बनी जहां से आसानी से इन लोगों ने जहरीली शराब को बेचा। एसपी सुजानिया के मुताबिक पुलिस ने प्रारम्भिक तौर पर 30 आरोपी बनाये थे जिसमें से 16 हिरासत में है एक आरोपी की मौत हो गई है जबकि 2 आरोपी खुद जहरीली शराब के सेवन से इलाजरत है। अभी पुलिस ने तीन और आरोपियों को बढ़ाया है । फिलहाल मुख्य आरोपियों में से रवि लखेरा और मनीष लोधी फरार चल रहे है जिन पर डीआईजी सागर ने 20 20 हजार का इनाम घोषित किया है।0
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धनबाद में अतिक्रमण हटे, जाम से राहत मिलने की उम्मीद तेज
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद शहर में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने बुधवार को संयुक्त रूप से अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया। अभियान रणधीर वर्मा चौक से शुरू होकर कोर्ट परिसर रोड होते हुए डीआरएम चौक तक चला। इस दौरान सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से लगाई गई दर्जनों दुकानों, ठेलों और अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। अभियान के दौरान प्रशासन ने दुकानदारों और ठेला संचालकों को दोबारा सड़क या फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं करने की सख्त हिदायत दी। साथ ही वैकल्पिक स्थान पर दुकान और ठेला लगाने को कहा गया। धनबाद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने रणधीर वर्मा चौक से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। टीम कोर्ट परिसर रोड होते हुए डीआरएम चौक तक पहुंची। इस दौरान सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों पर कार्रवाई की गई। दर्जनों दुकानों और ठेलों को हटाया गया। एसडीएम लोकेश बारंगे ने बताया कि शहर में लगातार जाम की समस्या बनी हुई है। खासकर कोर्ट परिसर के आसपास सड़क किनारे और अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल पर भी दुकान और ठेले लगाए जा रहे थे। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के साथ ही दुकानदारों को चेतावनी दी कि भविष्य में सड़क या फुटपाथ पर दोबारा कब्जा न करें। उन्हें वैकल्पिक स्थान पर दुकान या ठेला लगाने की हिदायत दी गई। अभियान के दौरान नगर निगम अधिकारी अनिल कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर जय प्रकाश कुमार समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाबल मौजूद रहे।0
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नितिन नवीन उत्तराखण्ड दौरे पर, पंतनगर एयरपोर्ट पर स्वागत
Bahara Boj, Uttarakhand:भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे। पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अंग वस्त्र और बाबा नीम करौली महाराज का चित्र भेंट किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारीयों ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान सांसद अनिल बलूनी जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या पूर्व विधायक राजेश शुक्ला जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।0
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जातिसूचक टिप्पणी पर FIR 36 दिन बाद भी दर्ज नहीं, आंबेडकर प्रतिमा के पास धरना
Jalaun, Uttar Pradesh:जातिसूचक टिप्पणी के मामले में 36 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं होने अम्बेडकर प्रतिमा के नीचे धरना, कार्रवाई की मांग तेज जालौन के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोपालपुरा में कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उरई स्थित आंबेडकर चौराहा पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मामले में कार्रवाई में देरी और शिकायत के उचित निस्तारण नहीं करने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक जालौन को FIR दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र दिया गया था। आरोप है कि राममोहन पुत्र बाबूराम ने दुकान पर मौजूद लोगों और एक नाबालिग बच्ची के सामने डॉ. आंबेडकर का नाम लेते हुए एक विशेष जाति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना का वीडियो भी उसके पास सुरक्षित है। एसपी ने उसी दिन थाना माधौगढ़ को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन 36 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने 4 सितंबर को स्वयं और गवाह मान सिंह को धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया। साथ ही IGRS शिकायत के निस्तारण पर सवाल उठाए गए। धरना दे रहे प्रतिनिधिमंडल ने 6 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें SC/ST Act और BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही, जातिगत उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।0
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हेमा मालिनी बोलीं: हनुमान अंश सफलता भगवान हनुमान का आशीर्वाद
Mathura, Uttar Pradesh:फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता पर बोलीं सांसद हेमा मालिनी – यह सब हनुमान जी की ही कृपा है मथुरा/नई दिल्ली: मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने महान संत नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' की अभूतपूर्व सफलता और लोकप्रियता पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। नीम करौली बाबा के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि वह अक्सर बाबा नीम करौली के धाम और मंदिर दर्शन के लिए जाती रहती हैं। उन्होंने फिल्म की सफलता को पूरी तरह से भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद बताया। "फिल्म का सुपरहिट होना हनुमान जी का आशीर्वाद" संवाददाताओं से बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा: "नीम करौली बाबा का यहाँ मंदिर है, मैं हमेशा यहाँ पे जाती रहती हूँ। और आज इतनी ख़ुशी होती है कि उनके ऊपर एक फ़िल्म बना के वो एकदम सुपरहिट हो गया है। सो, यह हनुमान जी का एक कृपा है मैं बताऊँगी।" युवा निर्माता के योगदान की सराहना फिल्म की निर्माता की प्रशंसा करते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि इस फिल्म को बनाने वाली लड़की बिल्कुल साधारण पृष्ठभूमि से आती है, जिसे फिल्म निर्माण का कोई पूर्व अनुभव भी नहीं था। इसके बावजूद उसकी भक्ति और लगन से यह फिल्म भव्य रूप ले सकी。 उन्होंने आगे कहा: "नहीं तो वो लड़की जिसने भी इसको प्रोड्यू किया... she is a normal simple girl, she doesn't even know what is filmmaking. But because of her contribution, सो इतना अच्छा, बढ़िया हो गया है and then... सब लोग देखने के लिए उत्सुक रहते हैं, मुझे भी देखना है फ़िल्म।" दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह उल्लेखनीय है कि नीम करौली बाबा (जिन्हे भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं) के जीवन और चमत्कारों पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। देश भर में दर्शक इस आध्यात्मिक फिल्म को देखने के लिए उत्सुक हैं। खुद हेमा मालिनी ने भी यह इच्छा जताई कि वे भी जल्द ही इस फिल्म को देखेंगी。 हेमा मालिनी सांसद0
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सवर्ण आर्मी का धरना: जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
Uska Khurd, Uttar Pradesh:संतकबीरनगर : आरक्षण को लेकर सवर्ण आर्मी का प्रदर्शन एंकर- सन्तकबीरनगर में स्वर्ण आर्मी ने जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, एस सी एस टी एक्ट को समाप्त करने और यूजीसी रेगुलेशन एक्ट को वापस लेने सहित अन्य मांगो को लेकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए इन कानूनों के चलते सवर्ण समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है तो वहीं जातिगत आरक्षण के चलते सवर्ण समाज के प्रतिभा शाली छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार उनकी मांगो पर विचार नही करती तो आगामी चुनाव में सवर्ण समाज बीजेपी को वोट नही करेगा।0
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बलिया के ADO कार्यालय में छात्रों का हंगामा, वीडियो वायरल
Ballia, Uttar Pradesh:बलिया जनपद के बेरुआरबारी ADO पंचायत के कार्यालय में छात्र नेताओं द्वारा तोड़फोड़ और गाली गलौज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बेरुआरबारी में तैनात सहायक विकास अधिकारी उमेश कुमार सिंह के कार्यालय में 10 से 15 लोग घुस गए और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कार्यालय के दस्तावेज और उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि छात्र नेता सुखपुरा अस्पताल की सफाई के मामले को लेकर एडीओ पंचायत के कार्यालय में पहुंचे थे। वहीं इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो पंचायत द्वारा बेरुआरबारी पुलिस चौकी में एक नामजद सहित 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर भी दी गई है।0
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अमरौहा के काली माता मंदिर में बुर्काधारी मुस्लिम महिला की पूजा से फैली चर्चा
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा के श्री वासुदेव तीर्थ मंदिर परिसर में स्थित काली माता के मंदिर में बुर्के में काली मां के मंदिर पहुंची मुस्लिम महिला, श्रद्धा से की मां काली की पूजा-अर्चना, वीडियो सामने आने पर चर्चा अमरोहा में बुर्काधारी मुस्लिम महिला के काली मां के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करने का मामला चर्चा में है। अमरोहा जिले के एक गांव की रहने वाली महिला की मंदिर में पूजा करते हुए वीडियो सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि महिला किसी समस्या से परेशान थी। किसी व्यक्ति ने उसे माता काली की पूजा-अर्चना करने की सलाह दी। इसके बाद महिला श्रद्धा भाव के साथ अमरोहा शहर स्थित काली मां के मंदिर पहुंची और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिला के मंदिर पहुंचने और पूजा करने का वीडियो सामने आने के बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो को अमरोहा की आपसी धार्मिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब से जोड़कर भी देखा जा रहा है।0
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कटिहार में मंत्री रत्नेश सदा ने बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल वितरित कर राहत दिखायी
Katihar, Bihar:बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मंत्री रत्नेश सदा, तिरपाल बांटकर जाना हाल बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बाढ़ प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा मनिहारी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद मंत्री आजमपुर गोला, सिंगल टोला, सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया आजमपुर गोला में मंत्री रत्नेश सदा ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच अपने हाथों से तिरपाल का वितरण किया। इस दौरान कटिहार डीएम आशुतोष द्विवेदी भी उनके साथ मौजूद रहे और प्रभावित परिवारों को तिरपाल उपलब्ध कराया। मंत्री ने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दौरे के दौरान मंत्री ने क्षेत्र में संचालित कई कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बाढ़ प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत शिविरों एवं कम्युनिटी किचन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और जरूरतमंदों तक राहत समय पर पहुंचनी चाहिए। मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि बाढ़ की इस कठिन घड़ी में सरकार पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। किसी भी बाढ़ पीड़ित को राहत और जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, तिरपाल सहित आवश्यक राहत सामग्री प्रभावित परिवारों तक लगातार पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर सरकार और जिला प्रशासन की लगातार नजर है। जहां जैसी जरूरत होगी, वहां उसी के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा मंत्री ने कटिहार डीएम आशुतोष द्विवेदी की सक्रियता और तत्परता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि डीएम स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। कम्युनिटी किचन, राहत शिविर और प्रभावित परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। डीएम आशुतोष द्विवेदी के जमीनी स्तर पर लगातार निरीक्षण और अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश देने से राहत कार्यों में तेजी आई है। मंत्री ने जिला प्रशासन की टीम को इसी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने का निर्देश दिया। बाइट -- रत्नेश सदा, मंत्री, बिहार सरकार -- विजुअल - - रिपोर्ट -- रंजन कुमार, कटिहार0
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जयपुर वार्ड 87 में प्रतिभा शर्मा का रोड शो प्रचार समाप्ति के पास
Jaipur, Rajasthan:जयपुर चुनाव प्रचार समाप्ति की ओर प्रत्याशियों ने आखरी वक्त तक झोंकी ताक़त वार्ड 87 में भाजपा प्रत्याशी प्रतिभा शर्मा का रोड शो रामनगर सोडाला स्वेज फ़ार्म में चल रहा रोड शो भजनलाल सरकार के विकास के काम पर प्रतिभा शर्मा ने मांगे वोट कहा,भाजपा इस वार्ड में करेगी बड़ी जीत दर्ज0
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पाकुड़ में भाजपा का प्रदर्शन, परीक्षा गड़बड़ियों पर सीबीआई जाँच की मांग तेज
Pakur, Jharkhand:पाकुड़ जिला मुख्यालय में भाजपा ने प्रदर्शन किया...यह प्रदर्शन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के समर्थन में था...JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं में हुई व्यापक गड़बड़ी के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सीबीआई से जाँच कराने की मांग को लेकर भाजपा द्वारा राज्य व्यापी आंदोलन के तहत समाहरणालय का घेराव किया...इसका नेतृत्व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने किया...इस मौके पर लिट्टीपाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता दिनेश विलियम्स मरांडी, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, जिला प्रभारी निवास मंडल, मीरा प्रवीण सिंह, दुर्गा मरांडी, मिस्फिका हसन मौजूद थे...कार्यकर्ताओं का जुलूस जिला मुख्यालय के लड्डू बाबा आम बागान से शुरू हुआ...यह जुलूस समाहरणालय पहुंचा, जहां मुख्य द्वार के पास कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की...प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे...समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव और थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात थे...इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है...उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी कर रही है और यहां की नौकरियां बेच रही है...उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की बात कही...कहा कि जब हजारों छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तो सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया और मामले दर्ज किये...उन्होंने परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई जांच की मांग की...बाबूलाल मरांडी राज्य सरकार पर गिट्टी, बालू और खनिज पदार्थों को बेचने का आरोप लगाया...उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है...बाबूलाल मरांडी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार भाजपा की मांग को पूरा नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में वे कलेक्ट्रेट में घुसकर आंदोलन करेंगे...उन्होंने कहा कि इसके लिए यदि लाठी खानी पड़े या जेल जाना पड़े तो भी उन्हें मंजूर है...प्रदर्शन के अंत में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा...इस मौके पर लिट्टीपाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक दिनेश विलियम्स मरांडी, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, जिला प्रभारी निवास मंडल, मीरा प्रवीण सिंह, दुर्गा मरांडी, मिस्फिका हसन समेत अन्य वक्ताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया...0
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रांची RSS धमाके में NIA ने संदीप कुमार के फ्लैटों में सर्च शुरू किया
Patna, Bihar:झारखंड की राजधानी रांची स्थित RSS कार्यालय में हुए धमाके के मामले में NIA की टीम संदीप कुमार के फ्लैटों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। टीम ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और तलाशी शुरू की है। फिलहाल सर्च अभियान जारी है और कार्रवाई पूरी नहीं हुई है।0
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श्रीनगर के कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने सुरक्षित आवास 30 सितंबर तक भूख हड़ताल की चेतावनी
Chaka, आतंकी धमकियों के बीच सुरक्षित आवास मिलने में देरी को लेकर श्रीनगर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने मौन विरोध प्रदर्शन किया और 1 अक्टूबर से भूख हड़ताल की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने बुधवार को श्रीनगर में मौन विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षित सरकारी ट्रांजिट आवास के तुरंत आवंटन की मांग की। कर्मचारियों ने, जिनमें से कई सालों से किराए के मकानों में रह रहे हैं, कहा कि पिछले एक महीने से आतंकी समूहों से मिल रही लगातार धमकियों और सरकार के झूठे आश्वासनों व समय-सीमाओं ने उन्हें विरोध के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने प्रशासन को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए 30 सितंबर की सख्त समय-सीमा दी है, अन्यथा वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। पंडित कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉलोनी में इकट्ठा होकर कहा कि घाटी भर में उनके लगभग 3,500 साथी अभी भी निजी किराए के मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन किराए के मकानों में उचित सुरक्षा नहीं है, जिससे वे असुरक्षित हो जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई ट्रांजिट आवास बनकर तैयार हैं, लेकिन हमें उनका कब्ज़ा नहीं दिया जा रहा है। केवल झूठे आश्वासन और समय-सीमाएं दी गई हैं। कश्मीरी पंडित कर्मचारी आशीष राजदान ने कहा, "हमारी मुख्य मांग वही है जिसे हम सालों से सरकार के सामने उठा रहे हैं। हम 2010 से यहां हैं, 16 साल हो गए हैं और हमें अभी तक सुरक्षित आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। हमें एक के बाद एक समय-सीमा दी गई है: पहले अप्रैल, फिर मई, जून, जुलाई, अगस्त और अब प्रशासन ने हमें सितंबर के अंत की समय-सीमा दी है। मुझे समझ नहीं आता कि जब कुछ इमारतें पहले ही बनकर तैयार हैं, तो हमें उनका कब्ज़ा क्यों नहीं दिया जा सकता। 39 इमारतों में से 26 रहने के लिए तैयार हैं। हमें तुरंत इन इमारतों में क्यों नहीं भेजा जा सकता? बाकी इमारतों का निर्माण साथ-साथ जारी रह सकता है। 30 सितंबर हमारी समय-सीमा है। अगर तब तक हमारी मांग पूरी नहीं हुई, तो हम भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। हर बार जब हमारे खिलाफ धमकी भरा पत्र जारी किया जाता है, तो बहुत तनाव होता है। आज, हम मीडिया से बात करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं." कश्मीरी पंडित कर्मचारी बरखा ने कहा, "हम यहां इसलिए जमा हुए हैं क्योंकि हम सालों से ट्रांजिट कैंपों में रहने की जगह का इंतज़ार कर रहे हैं। सरकार हमें भरोसा दिलाती रही है कि हमें रहने की जगह दी जाएगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अब, धमकी भरे नए पत्रों के आने से हमारी चिंताएं बढ़ गई हैं। हमारी मांग बहुत सरल है: जो इमारतें पहले से तैयार हैं, उन्हें खोला जाए और हमें तुरंत वहां शिफ्ट किया जाए। इससे सरकार के लिए हमें उचित सुरक्षा देना भी आसान हो जाएगा। यह हमारे लिए बहुत बड़े मानसिक तनाव का कारण बन गया है।" समूह ने साफ कर दिया कि अगर 30 सितंबर तक सुरक्षित आवास नहीं दिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन आतंकी धमकियों की नई लहर के बीच हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) द्वारा जारी पत्रों में PM पैकेज के तहत काम करने वाले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने या मौत का सामना करने की चेतावनी दी गई है। आरोप है कि फोन नंबर, घर के पते और वाहन पंजीकरण नंबर जैसी निजी जानकारी ऑनलाइन लीक कर दी गई और सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाई गई। इन धमकियों ने कश्मीर घाटी में काम कर रहे लगभग 6,000-7,000 PM पैकेज कर्मचारियों के बीच डर पैदा कर दिया है। समूदाय के कार्यकर्ताओं ने पुनर्वास पैकेज के आवास वाले हिस्से में लंबे समय से चली आ रही कमियों को उजागर किया है। हालांकि श्रीनगर में ज़ेवान, अनंतनाग में मट्टन और वीरिनैग जैसी जगहों और घाटी में अन्य स्थानों पर हजारों ट्रांजिट क्वार्टर बनाए गए हैं, लेकिन असल आवंटन और उनमें रहने की प्रक्रिया धीमी रही है। किराये के मकानों में रहने वाले कर्मचारियों ने बार-बार ट्रांजिट कॉलोनियों और निजी आवासों, दोनों के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है, साथ ही तैयार हो चुके घरों का कब्ज़ा तय समय सीमा के भीतर देने की भी मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि तैयारी के सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर बना हुआ है। अब 30 सितंबर की समय सीमा तय होने के साथ, श्रीनगर में हो रहा यह मौन विरोध प्रदर्शन अधिकारियों पर दबाव बढ़ाने का एक स्पष्ट संकेत है, ताकि वे सुरक्षा के कड़े माहौल के बीच आवास से जुड़े लंबे समय से लंबित वादों को पूरा करें। बीजेपी और नेशनल कांफ्रेंस ने भी इनकी माँग को जायज़ ठहराते कहा की सरकार को इन्हें सुरक्षित एकॉम्यूडेशन देने में जल्दी करनी चाहिए। बीजेपी ने कहा कि एक तरफ़ हम कश्मीरी पंडितों को वापिस लेन की कोशिश में है दूसरी तरफ़ उन्हें धमकी मिल रही है ऐसे में यह उनकी माँग जायज़ है। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि केंद्र सरकार और एमएचए को इसके बारे में घम्बीरता से सोचना चाहिए।0
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SC ने बेटे को मां से माफी मांगने की सलाह दी; आशीर्वाद विवाद हल
Noida, Uttar Pradesh:'मां के पैर छूकर माफी मांगो, आर्शीवाद लो..’ संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट की बेटे को नसीहत मां-बेटे के बीच संपत्ति विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एक भावनात्मक क्षण देखने को मिला। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने बेटे को मां के महत्व की याद दिलाते हुए उसे अपनी मां के पास जाकर माफी मांगने और उनका आशीर्वाद लेने को कहा। जस्टिस शर्मा ने बेटे की अर्जी खारिज करते हुए कहा, “आपको अपनी मां के पास जाना चाहिए। उनके पैर छूकर माफी मांगनी चाहिए। उनका आशीर्वाद लेना चाहिए *SC के सामने मामला क्या था* यह विवाद उस संपत्ति से जुड़ा था, जिसके मां और पिता एकमात्र मालिक थे। माता-पिता ने अपने बेटे और बहू को स्नेहवश संपत्ति की पहली मंजिल पर रहने की इजाजत दी थी। बेटे और बहू को वहां रहने के लिए कोई किराया नहीं देना पड़ता था। कानूनी रूप से यह व्यवस्था लाइसेंस के आधार पर थी, यानी बेटे और उसकी पत्नी को केवल माता-पिता की इजाजत से वहां रहने दिया गया था। उन्हें इस आधार पर संपत्ति का मालिकाना हक नहीं मिला था। माता-पिता का आरोप था कि कुछ समय बाद बेटे और उसकी पत्नी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया और दोनों माता-पिता पर संपत्ति उनके नाम करने के लिए दबाव बनाने लगे। यही नहीं, बेटे और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति पर मालिकाना हक का दावा भी कर दिया। नाराज माता-पिता ने अखबार में पब्लिक नोटिस प्रकाशित कर बेटे और बहू से सभी संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। उन्होंने बेटे के against FIR दर्ज कराई और बेटे व बहू को नोटिस भेजकर उन्हें दी गई संपत्ति में रहने की अनुमति भी समाप्त कर दी। *निचली अदालत ने माता-पिता के पक्ष में दिया फैसला* निचली अदालत ने माता-पिता के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने माना कि माता-पिता संपत्ति के एकमात्र मालिक हैं। बेटे और बहू को केवल लाइसेंसी के रूप में वहां रहने की अनुमति दी गई थी। उन्हें संपत्ति पर कोई मालिकाना अधिकार नहीं मिला था। इसलिए लाइसेंस समाप्त किए जाने के बाद बेटे और बहू को पहली मंजिल का कब्जा खाली करना होगा। *दिल्ली हाई कोर्ट ने भी फैसला बरकरार रखा* ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ बेटे ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। 17 अप्रैल को हाई कोर्ट ने माता-पिता के पक्ष में दिए गए आदेश को कायम रखा। इसके बाद बेटे ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। *सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज की* मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच के सामने हुई। सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने बेटे को सलाह दी कि उसे केस लड़ने के बजाय अपनी मां के पास जाकर उनके पैर छूकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बेटे से अपनी सारी गलतियों के लिए मां से माफी मांगने और उनका आशीर्वाद लेने को कहा। जस्टिस शर्मा ने कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों से भी कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि यह लड़का गलत कर रहा है? उन्होंने कहा कि कोर्ट उसे इसलिए सलाह दे रही है कि वह अपनी मां के पास जाए, उनके पैर छूकर माफी मांगे और उनसे आशीर्वाद ले!'0
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BRICS समिट से पहले दिल्ली में NSG सुरक्षा कवच, 100 गाड़ियों का काफिला
New Delhi, Delhi:BRICS समिट से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की सुरक्षा के लिए NSG ने शुरू किया ऑपेरशन कवच.. NSG के साथ दिल्ली पुलिस और दूसरी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मैदान में उतरेंगी। दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS सम्मेलन के दौरान करीब 100 गाड़ियों का सुरक्षा काफिला नजर आएगा। वहीं NSG कमांडो संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभालेंगे। राजधानी दिल्ली में दुनिया के बड़े देशों के शीर्ष नेताओं के आने के मध्यनज़र...नेताओं की सुरक्षा के लिए जमीन से आसमान तक मल्टी-लेयर सिक्योरिटी का एक कवच बनाया गया है। दिल्ली में होने वाले सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने अपना पूरा प्लान तैयार कर लिया है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। BRICS SECURITY PLAN 'ऑपेरशन कवच' 100 से ज्यादा गाड़ियों का सुरक्षा काफिला NSG कमांडो की होगी तैनाती 11 बड़े होटल बनाए गए हाई सिक्योरिटी जोन दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसीं रखेंगी नज़र.. राष्ट्राध्यक्षों के लिए अलग सुरक्षा घेरा NSG ने 'ऑपरेशन BRICS कवच' के तहत सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए सम्मेलन से पहले NSG ने बाकायदा मॉक ड्रिल भी की थी। NSG की कई टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी। सूत्रों के मुताबिक करीब 100 NSG कमांडो सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे。 इनमें SWAT यूनिट भी शामिल रहेगी。 NSG कमांडो SWAT कमांडो होटल के बाहर सुरक्षा बैरिकेडिंग पुलिस पेट्रोलिंग ब्रिक्स में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि दिल्ली के अलग-अलग हाई-प्रोफाइल होटलों में ठहरेंगे। इसी वजह से करीब 11 बड़े होटलों को हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया है। इन होटलों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के साथ दूसरी सुरक्षा एजेंसियां आपस मे कॉर्डिनेट करेंगी। होटल के आसपास आने-जाने वालों की निगरानी से लेकर वाहनों की चेकिंग तक सुरक्षा के कई स्तर बनाए जा रहे हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए सुरक्षा का अलग प्रोटोकॉल होगा। NSG, दिल्ली पुलिस, SPG से जुड़ी टीमें और दूसरी एजेंसियां आपस में समन्वय करेंगी। राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही के दौरान रूट सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट और एंटी-सबोटाज चेकिंग पर विशेष फोकस रहेगा। ब्रिक्स के दौरान विदेशी मेहमानों की आवाजाही भी अपने आप में बड़ा ऑपरेशन होगी। जिसमें लगभग 100 गाड़ियों का काफिला सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगा। हर मूवमेंट से पहले रूट की सुरक्षा जांच होगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। यानी BRICS समिट के दौरान दिल्ली में सिर्फ कार्यक्रम स्थल ही नहीं, बल्कि होटल से लेकर पूरे रूट तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी। BRICS समिट सिर्फ कूटनीति का बड़ा मंच नहीं होगा... बल्कि दिल्ली में एक बेहद बड़ा सिक्योरिटी ऑपरेशन भी होगा। जिसमें NSG, SPG, SWAT कमांडो समेत दिल्ली पुलिस के 7000 से ज्यादा जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के हज़ारो जवान भी तैनात किए जाएंगे। एंटी ड्रोन और एंटी एयरक्राफ्ट गन को तैनात किया जाएगा इसके साथ ही संधिग्ध गाड़ियों और लोगों की पहचान करने के लिए पूरे नई दिल्ली में AI बेस्ड सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जाएगी।0
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