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Rakesh SoniRakesh SoniFollow9 Jul 2024, 09:13 am

डीडीए के खिलाफ गंगा अपार्टमेंट के लोगों ने किया प्रदर्शन, पार्क को बचाने की मुहिम में जुड़े लोग

New Delhi, Delhi:

दिल्ली के वसंत कुंज स्थित गंगा अपार्टमेंट के लोगों ने अपने पार्क को बचाने के लिए DDA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जहां कैंडल मार्च निकालकर अपार्टमेंट के निवासी बुजुर्ग, युवा-बच्चे सभी ने भागीदारी निभाई। वहीं आरोप लगाया कि अपार्टमेंट से सटी हुई सोसाइटी यमुना के लोगों ने पार्क को नष्ट करने के लिए DDA में शिकायत दी है। इसके अलावा शॉपिंग कांप्लेक्स बनाने की बात कही है। दरअसल विवेकानंद पार्क कुछ साल पहले ही तैयार किया गया था और स्थानीय लोगों द्वारा ट्रैक के साथ-साथ झूले व लाइटिंग लगवाई गई थी।

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अंबाला सिटी के कलाल माजरी में अकाउंटेंट की ईंटों से हत्या

Ambala, Haryana:अंबाला सिटी के कलाल माजरी इलाके में अकाउंटेंट की ईंटे मारकर हत्या का मामला सामने आया है। एक मामूली कहासुनी ने हत्या का रूप ले लिया। गली में खड़े एक युवक-युवती को टोकना बुजुर्ग के लिए जानलेवा साबित हुआ। अंबाला के कलाल माजरी इलाके में युवक-युवती को टोकने पर व्यक्ति की ईंटें मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान कलाल माजरी निवासी रामनाथ(55) के रूप में हुई। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई। फुटेज में दिख रहा है कि कुछ युवक आकर पहले तो व्यक्ति के साथ झगड़ा करते हैं। विरोध में व्यक्ति भी हाथ में हथौड़ी लेकर अपना बचाव करता दिख रहा है। युवक सिर में ईंटें मारकर व्यक्ति की हत्या कर देते हैं। अंबाला सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात युवकों पर हत्या की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मृतक रामनाथ सिंह पंडित रविवार दोपहर करीब 4 बजे के बीच अपने घर पर मौजूद थे। पास ही एक शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान उनकी गली के बंद कोने में एक युवक व युवती खड़े थे। जब रामनाथ ने समाज की मर्यादा का हवाला देते हुए उन्हें वहां से हटने को कहा तो दोनों उनसे बहस करने लगे, हालांकि वहां से चले गए。 कुछ ही देर बाद युवक अपने तीन से चार साथियों के संग आकर रामनाथ से फिर बहस करने लगा। शोर सुनने के बाद परिजन भी बाहर आ गए। दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई। युवकों ने ईंटे बरसाईं। कुछ ईंटें रामनाथ के लगने पर वह बेसुध होकर जमीन पर गिर गए थे। रामनाथ के तीन बच्चे हैं। वह कपड़ा बाजार की कुछ दुकानों में अकाउंटेंट का काम करते थे। इस हत्या के बाद परिजन ने रोष जताया। सूचना पाकर थाना सिटी थाना प्रभारी सुरेश कुमार, चौकी नंबर 2 के इंचार्ज कुलदीप सहित जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने आसपास के इलाके के भी सीसीटीवी खंगाले हैं, जिसमें 4 से 5 युवक वारदात के बाद गली से भागते हुए साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया है।
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BBM, Threema और Dust से आतंकियों के इनविजिबल नेटवर्क का खुलासा

Jammu, पंजाब और हरियाणा में हाल ही में पकड़े गए दो पाकिस्तानी आतंकियों समेत पांच लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों से पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा डिजिटल नेटवर्क मिलने के संकेत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकी अब आम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की बजाय हाई सिक्योरिटी और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी बातचीत और गतिविधियों को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने BlackBerry Messenger यानी BBM, Swiss encrypted app Threema, Element और Dust जैसी ऐप्स के जरिए अपने हैंडलर्स से संपर्क किया था। सुरक्षा एजेंसियां अब इन ऐप्स के डेटा और इनके जरिए इस्तेमाल किए गए नेटवर्क को खंगालकर आतंकियों के पूरे मॉड्यूल और पाकिस्तान से जुड़े लिंक को decode करने में जुटी हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक BBM को कनाडा की कंपनी Research In Motion ने विकसित किया था। यह ऐप पहले भी सुरक्षा एजेंसीों के रडार पर रह चुका है क्योंकि इसकी encrypted messaging system को ट्रैक करना आसान नहीं माना जाता था। भारत सरकार के दबाव के बाद कंपनी ने भारत में सर्वर लगाए थे, लेकिन अब BBM Enterprise वर्जन का इस्तेमाल हाई सिक्योरिटी कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है। वहीं Threema नाम की Swiss messaging app एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। इस ऐप की खासियत यह है कि इसमें मोबाइल नंबर या ईमेल ID की जरूरत नहीं होती। यूजर को केवल एक यूनिक कोड दिया जाता है और पूरा communication end-to-end encrypted रहता है। इतना ही नहीं, मैसेज डिलीवर होने के बाद सर्वर से हट जाते हैं और बहुत कम metadata स्टोर होता है, जिससे यूजर्स की पहचान ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्रोतों के मुताबिक आतंकी इस ऐप के जरिए maps, लोकेशन, टास्क और दस्तावेज शेयर कर रहे थे। इसके अलावा Element और Dust जैसी ऐप्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। Element एक encrypted collaboration platform है, जबकि Dust में मैसेज पढ़ने के कुछ समय बाद अपने आप गायब हो जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में Over Ground Workers यानी OGW का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रही है। एजेंसियों का मानना है कि इन encrypted apps के जरिए आतंकियों और उनके handlers के बीच संपर्क बनाए रखा जा रहा था। हाल ही में जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से हाई अलर्ट पर हैं। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए आतंकियों से हुए खुलासों के आधार पर पाकिस्तान समर्थित इस नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और कई डिजिटल लिंक एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक आतंकवाद अब सिर्फ हथियारों और घुसपैठ तक सीमित नहीं है, बल्कि encrypted communication और cyber coordination इसके सबसे बड़े हथियार बनते जा रहे हैं। ऐसे में एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन डिजिटल नेटवर्क्स को समय रहते decode करना है.
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ED ने जैकलीन की सरकारी गवाह बनने पर विरोध किया; 200 करोड़ केस चालू

Noida, Uttar Pradesh:*सुकेश से महंगे गिफ्ट लेना पड़ा भारी! जैकलीन की सरकारी गवाह बनने की अर्जी पर ED का विरोध* सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप झेल रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की याचिका का ED ने विरोध किया है। जैकलीन ने इस केस में सरकारी गवाह बनने के लिए अर्जी दायर की है。 ED ने कहा है कि जैकलीन ने जांच में सहयोग नहीं दिया। जांच के दौरान उनका रवैया संतोषजनक नहीं था। जैकलीन के खिलाफ इस केस में पुख्ता सबूत हैं। यह एजेंसी का अधिकार है कि वह किसी को सरकारी गवाह बनाए या नहीं। ED जैकलीन को सरकारी गवाह नहीं बनाना चाहती。 ED की इस दलील पर कोर्ट ने जैकलीन को जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट 12 मई को आगे सुनवाई करेगा。 *जैकलीन के घरवालों ने भी उठाया फायदा* ED के मुताबिक सुकेश चन्द्रशेखर के आपराधिक अतीत की information होने के बावजूद जैकलीन ने उससे महंगे गिफ्ट और आभूषण लिए। जैकलीन ने जानबूझकर सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक अतीत को नज़रअंदाज़ किया और उसके साथ पैसों का लेनदेन बरकरार रखा。 ED का कहना है कि सिर्फ जैकलीन ही नहीं, बल्कि उनके घरवालों और रिश्तेदारों ने भी आर्थिक तौर पर फायदा उठाया。 ED के मुताबिक, जैकलीन ने उन्हें मिले गिफ्ट्स को लेकर अपने बयान कई बार बदले। जब सबूतों के साथ उनका सामना कराया गया, तब जाकर उन्होंने सच्चाई बताई। लिहाजा, अपराध की आय का जानबूझकर इस्तेमाल करने के चलते जैकलीन मनी लॉन्ड्रिंग की आरोपी हैं。 ED की चार्जशीट के मुताबिक, जैकलीन की कुल 7 करोड़ 12 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई है。 *सुकेश चन्द्रशेखर से जुड़ा ठगी का मामला* सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी की। उसने सरकारी अधिकारी बनकर उनके पति को कानूनी मदद दिलाने का झांसा दिया था。 इस मामले में पहले दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया था। ठगी से कमाए गए पैसों की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED कर रही है。 *केस खत्म करने की अर्जी हुई थी खारिज* ED ने अपनी सप्लेमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन को आरोपी बनाया था। जैकलीन ने केस खत्म करने के लिए हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद अब उन्होंने सरकारी गवाह बनने के लिए अर्जी दायर की है।
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27वें वैवाहिक वर्षगांठ पर महिला सभा की जिलाध्यक्ष सत्यभामा सिंह को मिली शुभकामनाएं

Dipu RawatDipu RawatFollow1m ago
Chhatiram, Uttar Pradesh:महराजगंज। समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष सत्यभामा सिंह एवं उनके पति जितेन्द्र सिंह के 27वें वैवाहिक वर्षगांठ पर शुभकामनाओं का सिलसिला जारी रहा। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों, समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए सुखमय दांपत्य जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सत्यभामा सिंह लगातार सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर महिलाओं की आवाज बुलंद करने का कार्य कर रही हैं। उनके वैवाहिक जीवन के 27 वर्ष पूर्ण होने पर समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। इस खास अवसर पर लोगों ने ईश्वर से दंपति के स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध जीवन की कामना की।
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आरा नगर निगम कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल; 15 मई से अनिश्चितकालीन चेतावनी

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले के आरा नगर निगम में आज स्थाई और एन जी ओ कर्मचारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर निगम के सभी कार्यों का बहिष्कार कर दिया है।अपने 6 सूत्री मांगों को ले निगम कर्मियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर निगम को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मांगी गई तो आगामी 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल में सभी कर्मी चले जाएंगे।स्थाई और एन जी ओ से संबद्ध कर्मचारियों ने नगर निगम के मुख्य द्वार पर बैठकर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।इस दौरान नगर निगम में अफरा तफरी का माहौल रहा।
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ICU से मंदिर तक: बेटी की शादी ने पिता की आखिरी इच्छा पूरी की

Madanpur, Bihar:बीती रात शायद सहरसा और मधेपुरा के लोगों के लिए कभी भुला पाना आसान नहीं होगा। एक तरफ मधेपुरा के श्यामा मेमोरियल अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत के बीच जूझता एक पिता था दूसरी तरफ उसकी बेटी, जिसकी मांग में सिंदूर भरने का इंतजार सिर्फ इसलिए था ताकि उसके पिता अपनी आखिरी इच्छा पूरी होते देख सकें। यह कहानी है सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड के काँप टोल निवासी वकील यादव की…एक ऐसे पिता की, जिसने अपनी पूरी जिंदगी बेटियों के नाम कर दी। तीन साल पहले जब डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें कैंसर है, तब मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी।धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती गई। इलाज चलता रहा। दर्द बढ़ता रहा। लेकिन एक चीज कभी कमजोर नहीं हुई — अपनी बेटियों के लिए उनका प्यार। वकील यादव के कोई बेटा नहीं था। तीन बेटियां ही उनकी दुनिया थीं। गांव के लोग कहते हैं कि उन्होंने कभी बेटियों और बेटों में फर्क नहीं किया। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार होने के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई नहीं रुकने दी। वो अक्सर कहा करते थे —“मेरी बेटियां ही मेरी ताकत हैं… यही मेरा सहारा हैं…”उनकी बड़ी बेटी जुलीश्री भी पिता के संघर्ष को समझती थी। वह शादी से पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। दिन-रात मेहनत की… तैयारी की… और आखिरकार दो महीने पहले BSPTCL में असिस्टेंट ऑपरेटर की सरकारी नौकरी हासिल कर ली। जिस दिन नौकरी का रिजल्ट आया, उस दिन वकील यादव की आंखों में जो खुशी थी, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। बीमारी से टूटा शरीर उस दिन पहली बार खुश दिखाई दिया था। उन्हें लगा — “अब मेरी बेटी सुरक्षित है… अब उसका घर बस जाए तो मैं चैन से मर सकूंगा…” बस यहीं से शुरू हुई उस पिता के आखिरी सपने की कहानी। इसी बीच मधेपुरा के श्यामा मेमोरियल हॉस्पिटल के संस्थापक और प्रमुख सर्जन डॉ. कुंदन सुमन इस परिवार के सबसे बड़े सहारे बनकर सामने आए। डॉ. कुंदन और वकील यादव का रिश्ता सिर्फ डॉक्टर और मरीज का नहीं था। वो रिश्ता भरोसे का था… अपनापन का था… दर्द को महसूस करने का था। कैंसर के इलाज के दौरान वकील यादव अक्सर श्यामा मेमोरियल हॉस्पिटल आते थे। डॉ. कुंदन सुमन सिर्फ दवा नहीं देते थे, बल्कि उन्हें जीने का हौसला भी देते थे। एक दिन ICU में लेटे-लेटे वकील यादव ने डॉ. कुंदन का हाथ पकड़कर धीमी आवाज में कहा — “डॉक्टर साहब… बस एक बार अपनी बेटी की शादी देख लूं… फिर भगवान जब चाहे बुला लें…”यह सुनकर डॉ. कुंदन सुमन भी भावुक हो गए। शायद इसलिए भी क्योंकि वह खुद इस दर्द को जी चुके थे। उन्होंने भी अपनी कैंसर पीड़ित मां की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए संघर्ष भरे हालात में डॉ. आरती कुमारी से शादी की थी। उन्हें पता था कि किसी मरते हुए मां-बाप की आखिरी इच्छा कितनी बड़ी होती है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपना फर्ज मान लिया। काफी कोशिशों के बाद उन्होंने जुलीश्री के लिए एक योग्य लड़का ढूंढा — मिठ्ठू कुमार। पेशे से शिक्षक, शांत स्वभाव और समझदार इंसान। शादी की तारीख 15 मई तय हुई। घर में धीरे-धीरे तैयारी शुरू होने लगी। बीमारी के बीच भी वकील यादव की आंखों में उम्मीद लौट आई थी।लेकिन शायद वक्त को इतनी मोहलत मंजूर नहीं थी。 अचानक उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। उन्हें ICU में भर्ती कराया गया।डॉक्टर समझ चुके थे कि अब जिंदगी की डोर बहुत कमजोर पड़ चुकी है।पूरा परिवार टूट चुका था। तभी डॉ. कुंदन सुमन ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने मिठ्ठू कुमार को बुलाया और सारी स्थिति समझाई। कहा — “एक पिता की आखिरी इच्छा है… अगर संभव हो तो शादी अभी करनी होगी…” यह सुनना आसान था, लेकिन फैसला लेना नहीं। हर युवक का सपना होता है कि उसकी शादी धूमधाम से हो… बैंड-बाजा हो… रिश्तेदार हों… खुशियों का माहौल हो… लेकिन मिठ्ठू कुमार ने इंसानियत को रस्मों से बड़ा समझा। उन्होंने बिना एक पल गंवाए कहा —“अगर एक पिता की आखिरी खुशी मुझसे जुड़ी है, तो मैं तैयार हूं…” बस फिर क्या था… देर रात बाजार खुलवाए गए। जल्दी-जल्दी कपड़े खरीदे गए। ना कोई कार्ड छपा… ना कोई शोर हुआ… ना कोई दिखावा…और फिर उसी रात सिंहेश्वर मंदिर में बेहद सादगी के साथ जुलीश्री और मिठ्ठू कुमार की शादी संपन्न हुई。 वह शादी साधारण जरूर थी…लेकिन वहां मौजूद हर व्यक्ति जानता था कि वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। मांग में सिंदूर भरते वक्त जुलीश्री की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे।उसे पता था कि उसके पिता जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे हैं। शादी खत्म होते ही नवविवाहित जोड़ा सीधे अस्पताल पहुंचा。 मधेपुरा के श्यामा मेमोरियल हॉस्पिटल के ICU में मशीनों के बीच लेटे वकील यादव ने जब अपनी बेटी को दुल्हन के रूप में देखा, तो उनकी बुझती आंखों में चमक लौट आई। कांपते हाथों से उन्होंने बेटी और दामाद को आशीर्वाद दिया। दामाद को सगुन दिया। और शायद उसी पल उन्हें जिंदगी से कोई शिकायत नहीं रही。 अगले दिन… वकील यादव हमेशा के लिए इस दुनिया से चले गए। लोग कहते हैं कि वह सिर्फ अपनी बेटी की शादी देखने के लिए ही जिंदगी से लड़ रहे थे। जैसे ही सपना पूरा हुआ… उन्होंने चैन से आंखें मूंद लीं。 लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जब अंतिम यात्रा निकली, तब डॉ. कुंदन सुमन खुद वहां पहुंचे। उन्होंने वकील यादव को कंधा दिया। नए दामाद मिठ्ठू कुमार ने भी अपने ससुर को कंधा दिया। वह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। किसी ने धीरे से कहा —“आज इंसानियत जिंदा है…” आज इस शादी की चर्चा हर जगह हो रही है। लोग कह रहे हैं — धूमधाम वाली शादियां तो बहुत देखी हैं… लेकिन ऐसी शादी शायद पहली बार देखी, जहां एक बेटी ने अपना फ़र्ज़ निभाया…एक दामाद ने इंसानियत निभाई… और एक डॉक्टर ने रिश्तों का धर्म निभाया। यह सिर्फ एक शादी नहीं थी। यह एक पिता के सपने की विदाई थी।यह एक बेटी की प्रेम की कहानी थी। यह एक दामाद के बड़े दिल की पहचान थी। और यह उस डॉक्टर की कहानी थी, जिसने साबित कर दिया कि डॉक्टर सिर्फ शरीर का इलाज नहीं करते… कई बार टूटते हुए परिवारों को भी संभाल लेते हैं。 सचमुच… ICU से सिंहेश्वर मंदिर तक की यह यात्रा सिर्फ कुछ किलोमीटर की नहीं थी… यह प्रेम, त्याग, संवेदना और इंसानियत की सबसे खूबसूरत यात्रा थी।
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धामी ने OPERATION सिंधु की पहली वर्षगांठ पर देशभक्ति और एकता का आह्वान किया

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून (उत्तराखंड): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक संस्थान, गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 'ऑपरेशन सिंदूर' (शौर्य, सम्मान और वीरता) के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, जिसमें वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता और उन्हें राजनीति का अखाड़ा न बनाने के महत्व पर ज़ोर दे रहे हैं। वे उन लोगों की आलोचना करते हैं जो भारत सरकार का विरोध करते-करते देश और उसकी सेना का ही विरोध करने लगते हैं; उनका कहना है कि जनता जागरूक है और वह इसका उचित जवाब देगी। वे श्रोताओं को आश्वस्त करते हैं कि सरकार सैनिकों का सम्मान करने और मौजूदा वैश्विक संकट—जिसमें मध्य-पूर्व के मुद्दों के कारण पेट्रोलियम की कीमतों में हुई वृद्धि भी शामिल है—से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। COVID-19 महामारी से निपटने के भारत के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए, वे उन सामूहिक प्रयासों और पारंपरिक पद्धतियों की सराहना करते हैं, जिनकी मदद से देश इस संकट से उबर पाया। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचें, विदेश यात्राएँ कम करें और विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल किफायत से करें। वक्ता एकता और देशभक्ति का आह्वान करते हैं, और इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए परिवहन के वैकल्पिक साधनों को अपनाने तथा एक ही परिवार द्वारा कई वाहनों के इस्तेमाल को कम करने का सुझाव देते हैं। अंत में, वे 'ऑपरेशन सिंधु' की सफलता की पहली वर्षगांठ के अवसर पर पूरे राज्य को बधाई देते हैं।
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जालौन में युवक का अपहरण-मारपीट: मोबाइल लूट का आरोप, पीड़ित न्याय की गुहार

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट, अपहरण और लूट की गंभीर घटना सामने आई है। पीड़ित युवक ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित रितिक कुमार पुत्र राजेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम चकजगदेवपुर, कोतवाली उरई ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 5 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे वह अपने भाई सोनू के साथ चुर्खी बाईपास चौराहे पर सब्जी लेने गया था। इसी दौरान गांव अटरिया निवासी गोलू बाल्मीकि अपने 6-7 साथियों के साथ मोटरसाइकिलों से वहां पहुंचा। आरोप है कि गोलू ने पीछे से रितिक को लात मारकर गिरा दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने जबरन उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और चुर्खी बाईपास के आगे मरघट के पास ले गए। वहां गोलू बाल्मीकि, प्रदुम और उनके साथियों ने लोहे की रॉड, हॉकी और ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में रितिक के सिर, कंधे और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान उसके सिर से काफी खून बहने लगा। रितिक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर उसका भाई सोनू और कुछ राहगीर मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार होने लगे। आरोप है कि जाते समय आरोपी पीड़ित का मोबाइल फोन भी छीन ले गए। भागते समय गोलू बाल्मीकि को उसके भाई और राहगीरों की मदद से पकड़ लिया गया था और पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने घायल युवक का मेडिकल परीक्षण भी कराया, लेकिन इसके बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि बाद में पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। पीड़ित का कहना है कि वह पिछले दो दिनों से लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले में अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है。
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योगेंद्र उपाध्याय बोले—बच्चों को गलत संस्कार देने वाली कविताएं हटाएं

Lucknow, Uttar Pradesh:रेन रेन गो अवे जॉनी जॉनी यस पापा जैसी अंग्रेजी कविताएं बच्चों में गलत संस्कार डालते हैं ऐसा मानना है यूपी सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का उन्होंने कहा कि मैं अभिभावकों से आग्रह करता हूं कि अपने बच्चों को ऐसी कविताएं ना पढ़ाएं जिसके जरिए वह झूठ और गलत बातें सीखें मेरी यही सोच थी लेकिन हमारे विपक्ष के बड़े नेता बुद्धिजीवी हैं उसे कुछ और ही समझ बैठे। अगर किसी भी पाठ्यक्रम में यह कविताएं पढ़ाई जा रही हैं तो मैं इसको लेकर केंद्र के मानव संसाधन मंत्री को लिखूंगा कि इन्हें हटाया जाए।
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सुल्तानपुर लोधी के डड्डविंडी बस में सीट विवाद, पुलिस कर्मी ने रिवॉल्वर निकाल दिया

Kapurthala, Punjab:ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੇ ਪਿੰਡ ਡੱਡਵਿੰਡੀ ਨੇੜੇ ਚਲਦੀ ਬੱਸ ‘ਚ ਹੰਗਾਮਾ ਸੀਟ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੰਡਕਟਰ ਨਾਲ ਭਿੜਿਆ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ, ਗੁੱਸੇ ‘ਚ ਕੱਢਿਆ ਰਿਵਾਲਵਰ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ, ਕੰਡਕਟਰ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੇ ਪਿੰਡ ਡੱਡਵਿੰਡੀ ਨੇੜੇ ਇੱਕ ਚਲਦੀ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਬੱਸ ਵਿੱਚ ਉਸ ਵੇਲੇ ਹੜਕੰਪ ਮਚ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਇੱਕ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਅਤੇ ਬੱਸ ਕੰਡਕਟਰ ਵਿਚਕਾਰ ਸੀਟ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਤਿੱਖਾ ਵਿਵਾਦ ਹੋ ਗਿਆ। ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਮਾਹੌਲ ਇੰਨਾ ਭਖ ਗਿਆ ਕਿ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਆਏ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੇ ਆਪਣਾ ਰਿਵਾਲਵਰ ਤੱਕ ਕੱਢ ਲਿਆ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਬੱਸ ਵਿੱਚ ਸਵਾਰ ਯਾਤਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਫੈਲ ਗਈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਬੱਸ ਅੰਦਰ ਸੀਟ ‘ਤੇ ਬਿਠਾਉਣ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਬਹਿਸ ਕੁਝ ਹੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਤਕਰਾਰ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਗਈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਕੁਝ ਯਾਤਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਪੂਰੇ ਘਟਨਾਕ੍ਰਮ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਆਪਣੇ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕੈਦ ਕਰ ਲਈ ਗਈ, ਜੋ ਹੁਣ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੱਸ ਕੰਡਕਟਰ ਵੱਲੋਂ ਪੁਲਿਸ ਕੋਲ ਲਿਖਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਧਰ, ਵੀਡੀਓ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦੇ ਵਿਵਹਾਰ ‘ਤੇ ਸਵਾਲ ਉਠਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਫਿਲਹਾਲ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。
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बैतूल के अस्पताल में इलाज देरी से गुस्साए लोगों ने डॉक्टर पर हमला; मौतें दो

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही में सड़क हादसे के बाद अस्पताल इलाज का केंद्र नहीं बल्कि गुस्से का रणक्षेत्र बन गया। समय पर इलाज न मिलने के आरोप में आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने ड्यूटी डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी और अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। मामला भैंसदेही के झल्लार बोरगांव रोड का है,जहां रविवार शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायल युवक अंकुश वाघमारे को गंभीर हालत में भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर उचित इलाज नहीं मिला। बताया जा रहा है कि ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक भलावी मौके पर मौजूद नहीं थे और सूचना देने के करीब 10 मिनट बाद अस्पताल पहुंचे। इसी देरी को लेकर परिजन और ग्रामीण भड़क उठे। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और गुस्साए लोगों ने डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने किसी तरह डॉक्टर को भीड़ से बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला,नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इतना ही नहीं मृतकों के शव अस्पताल गेट पर रखकर प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अजीत मरावी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया,जिसके बाद करीब 5 घंटे तक चला हंगामा शांत हुआ। मृतक युवक के पिता धनराज वाघमारे और चाचा जगदीश वाघमारे का कहना है कि भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही और बदहाल स्वास्थ्य सुविधाएं कोई नई बात नहीं हैं। पहले भी कई बार इलाज में देरी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। घटना के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज हुरमाड़े ने पूरे मामले की जांच करवाने और डॉक्टर के साथ मारपीट,अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर कार्यवाही की बात कही है。
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उज्जैन में अशोक जाट के जिला बदर विरोध पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

Ujjain, Madhya Pradesh:किसान नेता अशोक जाट के जिला बदर का विरोध: स्विमिंग पूल से कोठी तक पैदल मार्च शहर कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक, नेताओं ने जताया आक्रोश, कोठी पर बड़ा प्रदर्शन उज्जैन। जिला किसान कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक जाट के जिला बदर के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन जारी है। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कोठी कार्यालय पहुंच गए हैं, जहां प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई को गलत बताते हुए जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अशोक जाट पर की गई कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
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