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Rakesh SoniRakesh SoniFollow9 Jul 2024, 09:13 am

डीडीए के खिलाफ गंगा अपार्टमेंट के लोगों ने किया प्रदर्शन, पार्क को बचाने की मुहिम में जुड़े लोग

New Delhi, Delhi:

दिल्ली के वसंत कुंज स्थित गंगा अपार्टमेंट के लोगों ने अपने पार्क को बचाने के लिए DDA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जहां कैंडल मार्च निकालकर अपार्टमेंट के निवासी बुजुर्ग, युवा-बच्चे सभी ने भागीदारी निभाई। वहीं आरोप लगाया कि अपार्टमेंट से सटी हुई सोसाइटी यमुना के लोगों ने पार्क को नष्ट करने के लिए DDA में शिकायत दी है। इसके अलावा शॉपिंग कांप्लेक्स बनाने की बात कही है। दरअसल विवेकानंद पार्क कुछ साल पहले ही तैयार किया गया था और स्थानीय लोगों द्वारा ट्रैक के साथ-साथ झूले व लाइटिंग लगवाई गई थी।

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सोम नदी में युवक डूबा: सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन शव मिला

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा आसपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन आसपुर सोम नदी में युवक के डूबने का मामला, सर्च ऑपरेशन के बाद तीसरे दिन मिला शव डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के सड़ा खुदरड़ा गांव में सोम नदी से भैंसों को निकलते समय डूबे युवक का तीसरे दिन जाकर शव मिला। एसडीआरएफ की ओर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद मिले शव को पुलिस ने आसपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। वही पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मामले के अनुसार सड़ा खुदरड़ा निवासी 40 वर्षीय राइया मीणा की भैंसे जो सोम नदी में विचरण कर रही थी जिसे रविवार दोपहर को अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था कि अचानक पैर फिसलने से सोम नदी में गिर गया था। ग्रामीणों ने कई प्रयास किए पर नहीं मिला। बाद पुलिस ने डुंगरपुर से सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम को सूचना दी। सोमवार को 13 सदस्य की टीम कमांडर हेड कांस्टेबल शिवराज व सिविल डिफेंस टीम के रवि परमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग पाने और अंधेरा होने से आसपुर रुकी और आज सवेरे 7 बजे टीम ने वापस सर्च ऑपरेशन शुरू किया और शव को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को मौके से उठवाकर आसपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। इधर युवक की मौत के बाद उसके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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कॉर्बेट झिरना रेंज में अकेले हाथी शावक का रेस्क्यू, मां से मिलने की कोशिश

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट के झिरना रेंज में वनकर्मियों को गश्त के दौरान एक नन्हा हाथी का बच्चा अकेला मिला, हाथी के बच्चे के आसपास हाथियों का कोई झुंड नजर नहीं आया, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दी गई, वन विभाग की टीम ने पूरे दिन हाथी के बच्चे को उसके मूल झुंड से मिलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, फिलहाल हाथी के बच्चे को वन विभाग के कैंपस में क्वारंटीन में रखा गया है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि झिरना रेंज में वनकर्मी नियमित पेट्रोलिंग कर रहे थे, इसी दौरान झिरना रेस्टहाउस के पास करीब तीन से चार महीने की उम्र का हाथी का बच्चा अकेला दिखाई दिया, बच्चों के आसपास उसकी मां या हाथियों का कोई झुंड मौजूद नहीं था, मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया. डॉ. साकेत बडोला के मुताबिक, वन विभाग की पहली प्राथमिकता हाथी के बच्चे को उसके मूल झुंड और मां से मिलाना थी, इसके लिए टीम ने पूरे दिन निगरानी करते हुए उसे झुंड के संपर्क में लाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी झुंड उसे अपने साथ लेकर नहीं गया, ऐसे में बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। डायरेक्टर के अनुसार हाथी के बच्चे के शरीर पर हल्की चोटें भी दिखाई दी हैं, अब उसका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा और स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया जाएगा। फिलहाल उसे क्वारंटीन में रखकर वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. कॉर्बेट प्रशासन का कहना है कि यदि उसके प्राकृतिक झुंड से दोबारा मिलाने में सफलता नहीं मिलती है, तो नियमानुसार उसे रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट करने का निर्णय लिया जाएगा, वन विभाग की टीम हाथी के स्वास्थ्य के साथ-साथ आसपास के जंगल क्षेत्र में हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि उसकी मां से उसे मिलाया जा सके.
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मंदसौर तीर्थयात्रा बस दुर्घटना: 40 घायल, हालत स्थिर, राहत जारी

Mandsaur, Madhya Pradesh:मंदीश पुरोहित/मंदसौर: नहीं, गलती ठीक की गई: मंदसौर की यात्रा एजेंसी की तीर्थ यात्रियों से भरी एक बार जम्मू कश्मीर में रंगा मोड़ पर उस समय दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गई जबकि बालटाल से श्रीनगर जा रही थी बस के 40 यात्री घायल हुए हैं जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है यात्रियों को उप जिला स्वास्थ्य केंद्र कंगन में प्राथमिक उपचार के बाद जिला स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर रेफर किया गया है अस्पताल के सूत्रों के अनुसार सभी यात्रियों को हेड इंजरी और मल्टी फ्रैक्चर है फिलहाल किसी की मौत की खबर नहीं है सभी यात्रियों की हालत स्थिर बताई जा रही है इस मामले में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जम्मू कश्मीर सरकार से संपर्क किया है वही मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी इस हादसे से अवगत कराया है बताया जा रहा है कि अधिकतर यात्री मंदसौर और आसपास के रहने वाले हैं कुछ यात्री राजस्थान के भी हैं 1. दिनेश, उम्र 48 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 2. रिजवान, उम्र 40 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 3. मुकेश, उम्र 40 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 4. राहुल, उम्र 45 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 5. प्रेम भाई, उम्र 50 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 6. ललिता, उम्र 55 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 7. राजेश कुमार, उम्र 52 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 8. किशोर पंडित, उम्र 52 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 9. विद्या, उम्र 52 वर्ष, निवासी राजस्थान 10. नीलम, उम्र 44 वर्ष, निवासी राजस्थान 11. चंद्रलाल, उम्र 35 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 12. गायत्री, उम्र 56 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 13. सीताबाई, उम्र 58 वर्ष, निवासी राजस्थान 14. कनयाबाई, उम्र 58 वर्ष, निवासी राजस्थान 15. गरुड़, उम्र 48 वर्ष, निवासी राजस्थान 16. ममता जायसवाल, उम्र 50 वर्ष, निवासी राजस्थान 17. सीमाबाई, उम्र 33 वर्ष, निवासी राजस्थान 18. पूनिका राठौड़, उम्र 48 वर्ष, निवासी राजस्थान 19. विश्वास राठौर, उम्र 58 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 20. ईश्वरलाल, उम्र 52 वर्ष, निवासी राजस्थान 21. प्रकाश राज, उम्र 52 वर्ष, निवासी राजस्थान 22. हरिप्रकाश, उम्र 52 वर्ष, निवासी राजस्थान 23. पवन, उम्र 52 वर्ष, निवासी राजस्थान 24. यशोदा, उम्र 52 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 25. संपत भाई, उम्र 46 वर्ष, निवासी राजस्थान 26. संगीता, उम्र 48 वर्ष, निवासी राजस्थान 27. हीराबाई, उम्र 45 वर्ष, निवासी राजस्थान 28. देवेंद्र राठौर, उम्र 48 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 29. मीरा, उम्र 48 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 30. लक्ष्मी, उम्र 58 वर्ष, निवासी राजस्थान 31. शिखा, उम्र 50 वर्ष, निवासी राजस्थान 32. सुपिंदर राठौड़, उम्र 48 वर्ष, निवासी राजस्थान 33. चंदा, उम्र 58 वर्ष, निवासी राजस्थान 34. पार्वती, उम्र 50 वर्ष, निवासी राजस्थान 35. सागरलाल कुमार, उम्र 45 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 36. गोविंद, उम्र 55 वर्ष, निवासी राजस्थान 37. सलकराम, उम्र 55 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 38. इंद्रा, उम्र 57 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश 39. नरेंद्र सिंह पुत्र गुणश्याम सिंह, उम्र 68 वर्ष, निवासी राजस्थान 40. चंद्रकांत, उम्र 48 वर्ष, निवासी मध्यप्रदेश
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जंतर मंतर विरोध में पैलेट गन और ARG का प्रयोग, जांच की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:जंतर मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन में फोर्स ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया था. जंतर मंतर पर 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन में उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए CRPF की RAF ने 55 नॉन इलेक्ट्रिकल शैल, प्लास्टिक पैलेट के अलावा 15 शैल इलेक्ट्रिक शैल दागे थे. इसके अलावा पांच टियर स्मोक ग्रेनाइट, ARG 2 BC और प्लास्टिक पैलेट का इस्तेमाल भी किया गया था. दिल्ली पुलिस के दस्तावेज़ में कहा गया था कि North DCP के आदेश पर यह कार्रवाई की गई थी. दिल्ली पुलिस के दस्तावेज़ में यह लिखा गया था कि घटना के समय RAF के डिप्टी कमांडेंट सतीश सांगवान ड्यूटी पर थे. वे जोन वन में North DCP के साथ ड्यूटी पर थे के अनुसार भीड़ को तितर बितर करने के लिए दंगारोधी उपायों का इस्तेमाल किया गया था. दूसरे उपकरणों के साथ-साथ एंटी-रायट गन (ARG) का भी इस्तेमाल किया गया था. यह गन कम जानलेवा हथियारों की श्रेणी में आती है. इसे ध्यान पूर्वक चलाया जाए तो यह जानलेवा नहीं होती. RAF द्वारा किन परिस्थितियों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई है, जांच में यह पता लगाया जा रहा है. CRPF द्वारा यह जाँच की जा रही है. वीडियो फुटेज जाँची जा रही हैं. मौके पर रहे RAF के टीम इंचार्ज और सहयोगी कर्मियों से पूछताछ होगी. यह भी देखा जाएगा कि पैलेट गन चलाते वक्त भीड़ कितनी थी और क्या उसे तितर-बितर करने के बाकी सभी विकल्प खत्म हो गए थे. जांच रिपोर्ट से यह भी पता चलेगा कि क्या पैलेट गन चलाते समय तय नियमों का पालन किया गया था या नहीं.
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