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सरकारी खर्चों पर लगाम: विदेश यात्राओं पर रोक, ई-कार और डिजिटल सिस्टम

Jaipur, Rajasthan:सरकारी महकमों में खर्च पर लगेगी लगाम, सरकारी गाड़ियों से विदेश यात्राओं तक सख्ती, अपनाएंगे ई-व्हीकल और डिजिटल सिस्टम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब राज्य सरकार के संसाधनों पर दिखाई देगा। वित्त विभाग ने सरकारी खर्चों में कटौती, सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग, विदेश यात्राओं पर रोक, बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित करने और ई-ऑफिस सिस्टम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगेगी और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। हालांकि वर्क फ्रो होम का सर्कुलर में जिक्र नहीं किया गया है。 वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से खर्च कम कर मितव्ययता बरतने की अपील की थी। मोदी की इस अपील के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कारकेड में वाहनों की संख्या सीमित कर दी, वहीं इलेक्ट्रॉनिक कार का उपयोग शुरू कर दिया। इधर अब राज्य के वित्त विभाग ने सरकारी खर्चों में अनुशासन लागू करने के लिए सर्कुलर जारी किया है। वित्त विभाग ने साफ कहा है कि सभी विभाग, बोर्ड, निगम, स्वायत्तशासी संस्थाएं और सरकारी उपक्रम अब सीमित संसाधनों में काम करें और फिजूल खर्ची पर रोक लगाएं। मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या पहले ही सीमित की जा चुकी है और अब मंत्रियों, आयोगों और निगमों के पदाधिकारियों को भी केवल अत्यावश्यक वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं。 पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह ई व्हीकल .... सरकार ने यह भी तय किया है कि पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा। पहले चरण में शहरों में काम करने वाले कार्यालयों के लिए खरीदे जाने वाले नए वाहन ई-व्हीकल होंगे。 संविदा वाहनों में भी ई व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में ई व्हीकल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए कहा गया है। सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने के भी निर्देश दिए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी अब साझा वाहन का उपयोग करेंगे。 सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक ... सबसे बड़ा फैसला विदेश यात्राओं को लेकर लिया गया है। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अर्थात अब केवल अत्यंत जरूरी मामलों में ही अनुमति संभव होगी। इसके साथ ही सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों पर भी खर्च कम करने की तैयारी की गई है। सरकार ने निर्देश दिया है कि अधिकतर बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हों। साथ ही समारोह और कार्यक्रम सरकारी भवनों में ही किए जाएं। इसका मकसद होटल, यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च को कम करना बताया जा रहा है। डिजीटल सिस्टम को बढ़ावा ..... सर्कुलर में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि विभिन्न कार्यालयों के बीच ई-ऑफिस और ई-फाइल सिस्टम का अधिकतम उपयोग किया जाए। भौतिक पत्राचार की जगह राज-काज पोर्टल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब फाइलों की आवाजाही डिजिटल होगी ताकि समय और खर्च दोनों की बचत हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं。 सरकार चाहती है कि कर्मचारियों का अधिकतम प्रशिक्षण IGOT कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से कराया जाए。 बिजली बचाने की पहल के निर्देश ... सरकार ने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। वहीं कृषि विभाग को प्राकृतिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, यूरिया के उपयोग को कम करने और एग्री-स्टैक पंजीयन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी भवनों में भी सोलर ऊर्जा संयंत्र लगाने और बिजली बचत सुनिश्चित करने के आदेश जारी हुए हैं। कार्यालय समय के बाद बिजली उपकरण बंद रखने की जिम्मेदारी भी तय की गई है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन आदेशों का पालन सभी सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, बोर्डों, निगमों और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थाओं पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इन निर्देशों की निगरानी संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष करेंगे。 हालांकि सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि अत्यंत आवश्यक मामलों में वित्त विभाग विशेष अनुमति देकर कुछ मामलों में छूट दे सकता है。 इधर अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या सरकारी सिस्टम वास्तव में खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में बदलता है या फिर यह आदेश भी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह जाएंगे।
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भिंड में शराबी युवक ने मोबाइल टावर पर चढ़कर धमकी दी, पुलिस ने एक घंटे में उतरवाया

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर- भिंड में शोले स्टाइल ड्रामा, शराब के नशे में टावर पर चढ़ा युवक, एक घंटे तक तकTHी सांसें। जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए पिता- पुत्र का झगड़ा और मोबाइल टावर पर हाई वोल्टेज ड्रामा, सनसनी खेज तसबीरें सामने आई है, मध्य प्रदेश के भिन्गd जिले के गोहद चौराहा थाना इलाके से जिसमें पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक की सांसें अटका दी, शराब के नशे में धुत्त एक युवक भिण्ड रोड स्थित मोबाइल टावर की सबसे ऊंची चोटी पर जा बैठा वहां से वह चिल्ला रहा था और खुदकुशी की धमकी दे रहा था, और नीचे खड़ी हुई तमाशा बीन भीड़ की सांसें थमी हुई थी,करीब एक घंटे तक मौत और जिंदगी की बीच ड्रामा चलता रहा,एक घण्टे तक जिंदगी इर मोत के बीच ड्रामा चलता रहा, आखिर पुलिस की समझाइस काम आई और युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। शराब का नशा और सिर पर सवार मौत का भूत भिंड जिले के गोहद चौराहा इलाके में शाम 4:00 बजे अचानक चीख- पुकार मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए और सबकी नजरें आसमान की तरफ टिक गई, मोबाइल टावर की चोटी पर एंडोरी थाना इलाके के मनोहर का पूरा गांव कारहने वाला रामदास जाटव चढ़ा हुआ था, जरा भी पैर फिसलता तो सीधे मौत तय थी। युवक ऊपर से बार-बार कूदने की धमकी दे रहा था और नीचे सैकड़ो लोगों को कलेजा हलक में अटका था, जैसे ही मामले की खबर मिली पुलिस टीम मौके पर पहुंची, एक घंटे की मसक्कत के बाद पुलिस की सूझबूझ के बाद युवक को अपनी बातों में उलझाया और आखिरकार उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। लेकिन इस हाई वोल्टेज ड्रामे की वजह सामने आई तो पुलिस भी दंग रह गई, यह कोई सुसाइड मामला नहीं बल्कि बाप और बेटे के बीच जंग थी, रामदास का आरोप है उसके पिता रामस्वरूप ने उसकी मर्जी की बिना पुस्तैनी जमीन बेच दी थी, उसने हक माँगा तो फूटी कौड़ी नहीं मिली। उसने पहले छक कर शराब पी और फिर टावर पर चढ़ गया लेकिन हवालात हवा जरूर मिल सकती है, पुलिस ने साफ कर दिया है परिवारिक विबाद अपनी जगह, लेकिन सरे राह इस तरह का हुडदंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, रामदास के खिलाफ वैद्यनिक कानूनी कार्रवाई की पुलिस तैयारी की है।
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तेज़ तूफान ने पाठखोरी में मचाई भारी तबाही, कई घर ढहे, बिजली व्यवस्था ठप

Nuh, Haryana:तेज़ तूफान ने गांव पाठखोरी में मचाई तबाही, कई घर क्षतिग्रस्त, बिजली व्यवस्था ठप नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में शनिवार दोपहर अचानक आए तेज तूफान और आंधी ने गांव पाठखोरी में भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। गांव में कई मकानों, दीवारों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। तूफान के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सबसे ज्यादा नुकसान गांव पाठखोरी निवासी आजाद पुत्र इल्यास के घर को हुआ। तेज हवाओं की मार से उनका मकान धराशायी हो गया। घर की दीवारें गिरने से अंदर रखा घरेलू सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बेड, कूलर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गए। दीवार गिरने से टीन शेड भी टूटकर बिखर गया, जिससे परिवार को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। गनीमत यह रही कि हादसे के समय आजाद अपने परिवार के साथ किसी शादी समारोह में गए हुए थे। यदि परिवार घर में मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाने में जुट गए। पीड़ित परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा! वहीं शेर अली बास निवासी शहीद पुत्र सफेदा की चारदीवारी भी तूफान की चपेट में आकर धराशायी हो गई। अचानक दीवार गिरने से आसपास के लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि तूफान इतना भयावह था कि कई लोगों ने वर्षों बाद ऐसा मंजर देखा。 तूफान का असर सिर्फ मकानों तक सीमित नहीं रहा। पाठखोरी से रावली को जोड़ने वाली सड़क पर कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । इसके अलावा शेर अली बास (पाठखोरी) जाने वाली बिजली लाइन भी जमीन पर गिर गई। ग्रामीणों के अनुसार करीब 6 से 7 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे पूरे बास की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और बिजली तथा सड़क व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाए। गांव में फैली तबाही ने प्रशासन की आपदा तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ग्रामीण खुद ही एक-दूसरे की मदद में जुटे हुए हैं。
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शाजापुर में अवैध शराब और गुटखा के खिलाफ नशा मुक्ति अभियान: 7-8 दुकानों पर क्रॉस चेकिंग कार्रवाई

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर शहर एवं आसपास के क्षेत्र में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने नशा मुक्ति अभियान के तहत दुकानों पर बेची जा रही अवैध शराब एवं पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन महाविद्यालय के आसपास गुटखा और तंबाकू की हो रही बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई की। एसडीएम मनीषा वास्कले के नेतृत्व में टीम द्वारा 6 से 7 दुकानों एवं ढाबों पर अवैध रूप से बेची जा रही शराब और गुटखा पाउच को बरामद किया। एसडीएम ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देशित किया। पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन महाविद्यालय के ठीक सामने 100 मीटर के दायरे में खुलेआम गुटखा पाउच और सिगरेट का विक्रय किया जा रहा था, इसके अलावा शहरी हाईवे पर स्थित एम जी कान्वेंट स्कूल के सामने भी लायसेंसी शराब दुकान का संचालन हो रहा है। प्रशासन द्वारा इस लायसेंसी शराब दुकान पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लायसेंसी दुकान एम जी कान्वेंट स्कूल के 100 मीटर के दायरे में है और यहां प्रतिदिन शराबियों का बड़ी संख्या में जमावड़ा लगा रहता है। स्कूल यहाँ कई वर्षों से संचालित हो रहा है और शराब दुकान यहां बाद में खोलने की अनुमति दी गई। एसडीएम मनीषा वास्कले ने बताया नशा मुक्ति अभियान के तहत शाजापुर और आसपास के ढाबे और दुकानों पर हो रहे अवैध शराब के विक्रय को रोकने के लिए आज 7 से 8 दुकानों पर कार्रवाई की गई। अवैध शराब जब्त कर पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
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खनन कारोबारियों का डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या के खिलाफ पुतला फूंका, उग्र प्रदर्शन

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर में खनन कारोबारियों और वन विभाग तराई पश्चिमी के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है, शनिवार को बड़ी संख्या में खनन कारोबारी तराई पश्चिमी वन प्रभाग कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया, गुस्साए कारोबारियों ने डीएफओ का पुतला भी फूंका और वन विभाग पर मनमानी, उत्पीड़न और वैध वाहनों को जबरन सीज करने के आरोप लगाए. प्रदर्शन कर रहे कारोबारियों का कहना था कि वन विभाग तराई पश्चिमी द्वारा नदी क्षेत्र में छापेमारी के दौरान उनकी गाड़ियों को उस समय पकड़ लिया गया, जब सभी वाहन वैध टोकन और रॉयल्टी के साथ संचालित हो रहे थे। कारोबारियों ने आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई नियमों के खिलाफ और जानबूझकर परेशान करने वाली है. खनन कारोबारी अनंत जैन ने बताया कि उनकी गाड़ी 22 तारीख को सुबह निर्धारित टोकन के आधार पर नदी क्षेत्र में गई थी और सरकार को विधिवत रॉयल्टी भी जमा की गई थी, इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने वाहन को पकड़ लिया, उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने मौके पर गोलियां चलाईं और पत्थरबाजी भी की, जिससे चालक जान बचाकर मौके से भागने को मजबूर हो गया. कारोबारियों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर टोकन, रवन्ना और अन्य वैध दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद वाहन नहीं छोड़ा गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने फोन पर साफ शब्दों में कहा कि वे वह टोकन सिस्टम को नहीं मानते और किसी भी हालत में वाहन नहीं छोड़ा जाएगा. प्रदर्शन के दौरान कारोबारियों ने डीएफओ पर भ्रष्टाचार और खनन कारोबारियों के उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए, उनका कहना था कि वैध तरीके से कार्य करने वाले कारोबारियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है और राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है. खनन कारोबारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी गाड़ियां नहीं छोड़ी गईं और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे मुख्यमंत्री से शिकायत करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई. वहीं पूरे मामले में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने फोंन पर जानकारी देते हुए कारोबारियों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है,डीएफओ ने कहा कि संबंधित वाहन बंद क्षेत्र से अवैध रूप से खनिज भर रहा था, जिस पर वन विभाग की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की. डीएफओ प्रकाश आर्या ने बताया कि जब विभागीय टीम ने वाहन को रोका, उस समय चालक के पास कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया था,बाद में जब वाहन को वन चौकी लाया गया, तब संबंधित लोग टोकन और अन्य दस्तावेज लेकर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि वाहन पकड़े जाने के बाद टोकन कटवाया गया, जबकि वाहन पहले से ही बंद क्षेत्र में खनिज परिवहन कर रहा था। डीएफओ ने स्पष्ट कहा कि वन विभाग की कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. रामनगर में खनन कारोबारियों और वन विभाग के बीच बढ़ता यह विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर कारोबारी विभागीय कार्रवाई को उत्पीड़न बता रहे हैं, वहीं वन विभाग इसे अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई है.
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दिल्ली HC ने विनेश फोगाट एशियन गेम्स 2026 ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी

Noida, Uttar Pradesh:*'माँ बनने की वजह से खिलाड़ी को खेल से बाहर नहीं किया जा सकता', दिल्ली HC से विनेश फोगाट को मिली ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत* दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट को बड़ी राहत देते हुए उन्हें  एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाज़त दे दी है। ये ट्रायल 30 मई से शुरू होंगे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विनेश फोगाट केवल इसलिए ट्रायल की जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर पाईं क्योंकि वह मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) पर थीं। फोगाट जैसी किसी महिला खिलाड़ी को माँ बनने की वजह से खेल से बाहर नहीं किया जा सकता। *गर्भावस्था के चलते होने वाली दिक्कतों को समझना होगा* चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय  और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद महिला खिलाड़ियों को कई तरह की  शारीरिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है।लेकिन खेल संस्थाएँ अक्सर इन मुश्किलों को नज़रअंदाज़ कर देती है। हम गर्भावस्था की वजह से महिला खिलाड़ियों को होने वाली दिक्कतों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।   *WFI का नोटिस दुर्भावनापूर्ण! कोर्ट ने अपने विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ  (WFI) को भी कड़ी फटकार लगाई। दरअसल WFI ने विनेश को नोटिस भेजकर कहा था कि पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण उनका बाहर होना “देश के लिए शर्म” का विषय था। हाई कोर्ट ने कहा कि एक महिला खिलाड़ी को भेजे गए नोटिस में  इस तरह की भाषा बेहद अपमानजनक है। कोर्ट ने कहा कि Court of Arbitration for Sport (CAS) पहले ही साफ कर चुका है कि विनेश की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद WFI ने ऐसा नोटिस भेजा, जिससे लगता है कि जानबूझकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। WFI का रवैया पुरानी सोच और दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत  लगता है *विनेश फोगाट और WFI का रुख* विनेश फोगाट  को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं दी गई क्योंकि कुश्ती ट्रायल्स के लिए केवल उन खिलाड़ियों को योग्य माना गया था जिन्होंने 2025 और 2026 की कुछ खास प्रतियोगिताओं में मेडल जीते थे।फोगाट ने इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने 2024 ओलंपिक के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी, लेकिन दिसंबर 2025 में फिर से कुश्ती में वापसी की।कुश्ती महासंघ ने उन्हें नोटिस भेजकर अनुशासनहीता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन न करने का आरोप लगाया। फोगाट ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को नकारते हुए पहले दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। सिंगल बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने डिवीजन बेंच का रुख किया था।
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पटना: बिहार के IPL टीम के लिए अनिल अग्रवाल की पहल से खिलाड़ी-कोच उत्साहित

Patna, Bihar:रजनीश पटना उद्योगपति और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार का अपना आईपीएल टीम हो इसकी वकालत की तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसके लिए सकारात्मक पहल की बात कहते हुए हामी भरी। इसको लेकर बिहार के क्रिकेट प्रेमी, खिलाड़ी, कोच सबमें उत्साह है। बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा रहे हैं, इससे उत्साहित वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल ने यहां के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय सुविधा मिले इसको लेकर पहल की है। अनिल अग्रवाल के इस पोस्ट को लेकर पटना के क्रिकेट प्रेमी, खिलाड़ी और कोच बहुत सकारात्मक तौर पर देख रहे है।
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बक्सर के रामरेखा घाट पर धरोहरों का उद्घाटन, आस्था और विकास का नया अध्याय

Noida, Uttar Pradesh:बक्सर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को नई पहचान देने की दिशा में आज रामरेखा घाट स्थित लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स एवं महर्षि विश्वामित्र मंडपम का उद्घाटन किया。 इस अवसर पर श्री वामनेश्वर नाथ मंदिर एवं बाबा श्री रामेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। साथ ही रामरेखा घाट पर संचालित विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण किया。 केंद्रीय कारा, बक्सर में बंदियों द्वारा निर्मित हस्तकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथापूर्व सांसद महाराज स्व० कमल बहादुर सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की。 आस्था, संस्कृति और विकास- यही नए बिहार की पहचान है。
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नूंह में बकरीद के पहले फ्लैग मार्च, सुरक्षा में इजाफा और अफवाहों पर रोक

Nuh, Haryana:Story :- बकरीद पर्व से पहले नूंह जिले में निकाला गया फ्लैग मार्च। बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नूंह जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। इसी कड़ी में पिनंगवा और नूंह शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया。 जिला पुलिस द्वारा मेवात क्षेत्र के अलग-अलग कस्बों और शहरों में फ्लैग मार्च की शुरुआत कर दी गई है। बकरीद पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न दी जाए। पुलिस इस संबंध में लगातार निगरानी बनाए हुए है और लोगों से कानून का पालन करने की अपील कर रही है। पुलिस का कहना है कि फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल कायम करना तथा त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना है। साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी या अफवाह से बचने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है。 जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए सभी नागरिक कानून और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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बूंदी में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर इनाम बढ़ाकर 15 हजार, सूचना देने वालों को भी पुरस्कृत

Jaipur, Rajasthan:बूंदी में सिंगल यूज़ प्लास्टिक बनाने वालों की सटीक सूचना देने पर अब 15 हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने और आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए पुरस्कार राशि 5 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी है। मंडल के अनुसार, सिंगल यूज़ प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, भंडारण, बिक्री, परिवहन और उपयोग पर प्रतिबंध लागू है। वहीं, प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिक्री, परिवहन या भंडारण की सूचना देने पर भी सूचनादाता को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अधिकतम 10 हजार रुपये तक पुरस्कार दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और इसकी सूचना देने की अपील की
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