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मुखर्जी बलिदान दिवस पर बीजेपी ने विचारधारा मजबूत करने का आह्वान किया

Jaipur, Rajasthan:बीजेपी सांसद बोले- कांग्रेस 1936 में ही भारत विभाजन मानने को तैयार हो गई थी, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल-असम को बचाया जयपुर vishnu राजस्थान में बीजेपी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को इस बार सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा। प्रदेशभर में कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं से संवाद और राष्ट्रवाद के संदेश के जरिए पार्टी ने वैचारिक जमीन मजबूत करने का संदेश दिया। इस मौके पर वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। तिवाड़ी ने कहा कांग्रेस 1936 में ही भारत विभाजन मानने को तैयार हो गई थी, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल-असम को पाकिस्तान में जाने से बचाया। राजस्थान बीजेपी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस 23 जून को इस बार महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहने दिया। प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों से लेकर मंडल स्तर तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम और गोष्ठी आयोजित की गई। केंद्रीय मंत्री, प्रदेश नेतृत्व, विधायक और संगठन पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर राष्ट्रवाद और जनसंघ की वैचारिक विरासत पर संवाद किया। जयपुर शहर बीजेपी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने मुखर्जी के जीवन, उनके संघर्ष और राष्ट्रवाद की विचारधारा को बीजेपी की राजनीतिक यात्रा का आधार बताया। विचार गोष्ठी में बोलते हुए सांसद तिवाड़ी ने कहा कि आजादी के पहले 1936 में चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य ने भारत का विभाजन का नक्शा बना दिया , जबकि विभाजन 1947 में हुआ था। कांग्रेस 1936 में भारत का विभाजन मानने के लिए तैयार हो गई थी। उस नक्शे में आज का पश्चिम बंगाल और आसाम पाकिस्तान में दिए जा रहे थे और वो नक्शा आज भी उपलब्ध है। महात्मा गांधी ने इस नक्शे का विरोध किया था। भारत विभाजन के समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल और असम को मुस्लिम बहुल मान लिया था। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध किया। आज पश्चिम बंगाल डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की देन है। मुखर्जी नहीं होते तो पश्चिम बंगाल और आसाम पाकिस्तान में होता है तिवाड़ी ने कहा कि लोग भूल करते हैं कि पहली सरकार कांग्रेस और नेहरू की न हीं बल्कि राष्ट्रीय सरकार थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री बनें। मुखर्जी ने दो ढाई साल मंत्री रहने के बाद नेहरू से विवाद के कारण इस्तीफा दे दिया था। तिवाड़ी ने कहा कि 1949 नेहरू-लियाकत समझौता हु, उसका बड़ा नुकसान हुआ। मुखर्जी के साथ ही डॉ भीमराव अंबेडकर ने भी इस्तीफा दिया था जो इसका प्रमाण है कि दोनों महापुरुष भविष्य दृष्टा थे। बाइट - घनश्याम तिवाड़ी, राज्य सभा सांसद राजनीतिक नजरिए से देखें तो बीजेपी ऐसे आयोजनों को सिर्फ स्मृति दिवस के रूप में नहीं बल्कि संगठन को सक्रिय करने के अभियान में बदल रही है। पंचायत और निकाय चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में पार्टी बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं کو वैचारिक रूप से जोड़ने की कोशिश कर रही है। बीजेपी का मानना है कि चुनाव केवल संगठन नहीं बल्कि विचारों की लड़ाई भी होते हैं और इसी कारण राष्ट्रवाद को फिर केंद्र में लाया जा रहा है। घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेस पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को उचित सम्मान नहीं दिया। तिवाड़ी ने दावा किया कि मुखर्जी की मृत्यु को लेकर कांग्रेस ने भ्रम फैलाया, जबकि उनके अनुसार जम्मू जेल में यह एक षड्यंत्र था और उनकी माता द्वारा न्यायिक जांच की मांग भी अनसुनी कर दी गई। बाइट - घनश्याम तिवाड़ी, बीजेपी सांसद राजस्थान में भी बीजेपी की रणनीति साफ दिखाई दे रही है। एक तरफ संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं... दूसरी तरफ बूथ सशक्तिकरण अभियान..और अब वैचारिक कार्यक्रमों की श्रृंखला...यानी भाजपा चुनावी मशीनरी के साथ-साथ अपने कैडर की वैचारिक प्रतिबद्धता को भी लगातार मजबूत करने में जुटी है। ऐसे आयोजनों का सीधा संदेश कार्यकर्ताओं तक जाता है कि पार्टी केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं बल्कि अपनी विचारधारा को भी लगातार विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
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भरत तिवारी इनकाउंटर: विस्थापितों के बीच आक्रोश और मदद की मांग

Mumbai, Maharashtra:रजनीश आरा बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी का इनकाउंटर बिलौटी टांड में किया गया, यहां दूर दराज से लोग पहुंच रहे हैं और यहां की मिट्टी को नमन कर रहे हैं, सर पर इस मिट्टी को लगा रहे हैं, मौके का जायजा लिया गया. बिलौटी टांड में जमुनिया बाढ़ विस्थापितों को बसाया जा रहा है. इन विस्थापितों के लिए आवाज उठा रहे थे भरत तिवारी. स्थानीय महिलाओं ने बताया कि दिन में दस बजे के करीब उनके सामने में पुलिस ने गोली मार दी. स्थानीय निवासी से बातचीत की गई. स्थानीय महिलाओं ने बताया कि उन्हें काफी समस्या का सामना यहां करना पड़ रहा है और उनकी ही आवाज उठा रहे थे भरत तिवारी. भरत तिवारी के घर पर संवेदना जताने देश भर से लोग पहुंच रहे हैं, भरत तिवारी की माँ कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है, उनके भाभी सुमन देवी से बातचीत की गई.
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शाहाबाद में युवक की संदिग्ध मौत: परिजनों ने हत्या का आरोप, मामला दर्ज

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:शाहबाद थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई मौत पुलिस जांच में जुटी खाudha सहरोल सरपंच धनराज मेहता और इसके भाई के खिलाफ शाहाबाद थाने में हत्या का मामला दर्ज बारां के शाहबाद थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत होने पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। शाहबाद पुलिस ने बताया कि केसरीलाल निवासी मामोनी नेशनल हाइवे 27 पर घायल अवस्था में मिला था उसकी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि 20 जून को सरपंच धनराज मेहता का भाई केशरी लाल को साथ लेकर गया था और आरोपी सरपंच धनराज मेहता के ढाबे पर सरपंच और इसके भाई चंद्र प्रकाश ने बेरहमी से मारपीट हाथ पैर तोड़ दिए वहीं सिर पर गंभीर चोट थी। इसके बाद यह लोग उपचार के लिए केलवाड़ा फिर बारां फिर गंभीर हालत में कोटा ले गए जहां पर केशरी लाल के परिजन पहुंचे मृतक ने परिजनों को बताया की खांडा सहरोल सरपंच धनराज और इसके भाई चंद्र प्रकाश मेहता ने बेरहमी से मारपीट की गई जहां केशरी लाल की उपचार के दौरान मौत हो गई कोटा में मेडिकल कॉलेज में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंपा गया वहीं परिजनों ने शाहाबाद थाने में हत्या का मामला थाने में दर्ज पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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समस्तीपुर में चचेरे भाई-बहन के प्रेम पर पंचायत ने पिटाई, सिर मुंडवाकर गांव से निकाला

Samastipur, Bihar:रिश्तों को शर्मसार करने वाली मोहब्बत पर पंचायत फरमान। चचेरे भाई-बहन बने हमसफर, साथ जीने-मरने की जिद पर अड़े तो पंचायत ने नाबालिग प्रेमी युगल की पहले की पिटाई, फिर सिर मुंडवाकर गांव से निकाला। प्यार की एक ऐसी कहानी, जिसने रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर दिया। दरअसल समस्तीपुर में चचेरे भाई-बहन के प्रेम संबंध का मामला सामने आया है। दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं और परिवार के विरोध के बावजूद साथ रहने की जिद पर अड़े हैं। आरोप है कि पंचायत के फैसले के बाद दोनों की बेरहमी से पिटाई की गई, सिर मुंडवाया गया, चेहरे पर कालिख पोती गई और गांव से निकाल दिया गया। पूरी घटना समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र का है, जहां चचेरे भाई-बहन के प्रेम संबंध ने पूरे इलाके को शर्मसार कर दिया। दोनों एक ही आंगन में रहते थे और बचपन से साथ रहने के दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। लड़के कमलेश और लड़की आंचल, दोनों के नाम बदले गए हैं। परिजनों के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले दोनों को घर के एक कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों घर छोड़कर रांची चले गए और वहीं शादी कर ली। दोनों की उम्र करीब 16 से 17 साल बताई जा रही है। जब परिवार और गांव वालों को इसकी जानकारी मिली तो उन्हें फोन कर वापस गांव बुलाया गया। 22 तारीख की रात दोनों गांव पहुंचे, जहां परिजनों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने अलग होने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे। मामले को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें दोनों परिवारों के साथ गांव के लोग भी शामिल हुए। पंचायत में दोनों से अलग-अलग उनकी राय पूछी गई। आंचल से पूछा गया कि वह माता-पिता के साथ रहना चाहती है या कमलेश के साथ। इस पर उसने कमलेश के साथ रहने की इच्छा जताई। पंचायत में भी दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की बात दोहराई। आरोप है कि इससे नाराज परिजनों और गांव के लोगों ने दोनों की जमकर पिटाई की। उनके बाल काट दिए गए, सिर मुंडवा दिया गया और सिर पर कालिख व चूना लगा दिया गया। इसके बाद दोनों को धक्के मारकर गांव से बाहर निकाल दिया गया। जख्मी अवस्था में दोनों सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। हालांकि, अस्पताल में भीड़ जुटने लगी तो दोनों वहां से फरार हो गया। पीड़ित लड़की ने बताया कि पंचायत के बाद मेरे माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर मेरी बेरहमी से पिटाई की। हम दोनों साथ रहना चाहते हैं और अब साथ ही जिएंगे, साथ ही मरेंगे। लड़का बताता है कि पहले हम दोनों की पिटाई की गई है बाल मुड़वा कर गांव से हम दोनों को भगा दिया गया है। घटना के संबंध में पूसा थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गांव भेजी गई थी, लेकिन वहां किसी ने कुछ नहीं बताया। बाद में सदर अस्पताल में भी पुलिस ने प्रेमी युगल की तलाश की। लेकिन वहां से भी दोनों नहीं मिले। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों का बयान मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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तमिलनाडु सरकार के दीपोत्सव पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका; मद्रास HC के आदेश के खिलाफ अपील, सुनवाई 22-07-2026 तक स्थगित

Noida, Uttar Pradesh:MADURAI (TAMIL NADU): NIRANJAN S KUMAR (ADVOCATE & PETITIONER, HINDU MUNNANI) ON TAMIL NADU GOVERNMENT SUPREME COURT APPEAL AGAINST MADRAS HIGH COURT ORDER ALLOWING KARTHIGAI LAMP LIGHTING AT DEEPATHOON THIRUPARANKUNDRAM HILLS मदुरै, तमिलनाडु - हिंदू मुन्नानी के वकील और याचिकाकर्ता निरंजन एस. कुमार कहते हैं, "...TVK के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने 11 जून, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक स्वतंत्र SLP (विशेष अनुमति याचिका) दायर की है, जिसमें माननीय डिवीज़न बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है... डिवीज़न बेंच ने सरकार से पूछा कि आदेश का पालन करने में क्या कठिनाई है और क्या मामला इतना गंभीर है, लेकिन जवाब नकारात्मक था... राज्य ने सख्ती से कहा कि वे आदेश का पालन नहीं करेंगे और DMK सरकार के पुराने मानक पर ही कायम रहेंगे, इसलिए मामले की सुनवाई 22-7-2026 तक के लिए टाल दी गई और पहले दिए गए अंतरिम आदेश को 22-7-2026 तक बढ़ा दिया गया है..."
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फिरोजाबाद में 2 अवैध कोचिंग सेंटर सीज, सुरक्षा मानकों की उल्लंघन उजागर

Firozabad, Uttar Pradesh:ANC - लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रदेश भर का प्रशासन अलर्ट मोड पर है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोताही बरतने के मूड में सरकार नहीं दिख रही है। इसी कड़ी में फ़िरोज़ाबाद जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। सिटी मजिस्ट्रेट और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में चल रहे 2 अवैध कोचिंग सेंटरों को सीज कर दिया है। VO- लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए फिरोजाबाद का जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में आज शहर के कई कोचिंग सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। जांच के दौरान तीन बड़े कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीनों सेंटरों को सीज कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इन कोचिंग सेंटरों में सैकड़ों बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन वहां आग से बचाव (Fire Safety) का कोई उपाय नहीं था। इमरजेंसी के वक्त बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं था। ये सेंटर पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर, बिना मानक के बेसमेंट और संकरी गलियों में चलाए जा रहे थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में ऐसी 6 टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार हर ब्लॉक और तहसील में जांच करेंगी। यह अभियान रुकने वाला नहीं है, बल्कि निरंतर जारी रहेगा।
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खनिज विभाग ने अवैध रेत परिवहन रोका, माफिया के खिलाफ थाने में मामला दर्ज

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:खनिज विभाग की टीम ने रेत से भरी अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी। रेत माफिया की दबंगई को रोककर ट्रॉली को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। खनिज विभाग की टीम रेत के अवैध परिवहन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ने गई थी, जहां माफिया ने दबंगई दिखाई और ट्रैक्टर ले जाने से रोका। बड़ी मशक्कत के बाद खनिज विभाग ने पुलिस की मदद से संबंधित थाने में खड़ा कराकर माफिया पर शासकीय कार्य में बाधा और चोरी का प्रकरण दर्ज कराया। खनिज विभाग के अधिकारी चैनसिंह डमोर ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर ले जा रहे ट्रैक्टर को रोककर रॉयल्टी पूछी, लेकिन उनके पास रॉयल्टी नहीं मिली। मौके पर पंचनामा बनाकर अवैध परिवहन और एक चोरी का प्रकरण बनाया गया। ट्रैक्टर मालिक सुनील विश्वकर्मा ने ट्रैक्टर छुपाने की कोशिश की, बाद में खनिज विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया, और सुनील विश्वकर्मा ने टीम के साथ कार्य बाधा डालने और धमकी दी थी—प्रकरण का उल्लेख किया गया। टीम ने टिमरनी पुलिस की सहायता से अवैध परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने में लाकर खड़ा कराया और संबंधित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया।
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लखनऊ मेट्रो फेज-1बी: 384 करोड़ में पांच एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे

Noida, Uttar Pradesh:प्रेस विज्ञप्ति * *लखनऊ मेट्रो ईस्ट वेस्ट कोरिडोर- पांच एलीवेटेड स्टेशनो के निर्माण के लिए हुआ कंपनी का चयन ₹384 करोड रुपये की लागत से रंजीत बिल्डकॉन बनाएगी पांच मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट वसंतकुंज से ठाकुरगंज सेक्शन का 2 वर्षों में पूरा होगा निर्माण* उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो के विस्तार में एक और महत्वपूर्ण ब है। चारबाग से वसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (लखनऊ मेट्रो फेज-1बी) के तहत एलिवेटेड सेक्शन के लिए लगभग 384 करोड़ रुपये (लगभग 453 करोड़ रुपये GST सहित) का प्रमुख सिविल निर्माण टेंडर आबंटित किया गया है। यह टेंडर मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को ठाकурगंज मेट्रो स्टेशन से वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन के बीच एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर और पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के डिजाइन एवं निर्माण के लिए दिया गया है। यह टेंडर यूपीएमआरसी द्वारा पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए दिया गया है। विस्तृत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को सफल बिडर चुना गया और इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह परियोजना लखनऊ में शहरी परिवहन को मजबूत करेगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, सड़क जाम कम करेगी और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। इस टेंडर के तहत मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड लगभग 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो वायाडक्ट का डिजाइन और निर्माण करेगी, जिसमें स्टेशन के हिस्से भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्य लाइन को डिपो के प्रवेश और निकास से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा। इसमें निम्न पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं: * ठाकुरगंज मेट्रो स्टेशन * बालागंज मेट्रो स्टेशन * सरफराजगंज मेट्रो स्टेशन * मूसाबाग मेट्रो स्टेशन * वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन इस कार्य में सहायक संरचनाएँ, प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB), वास्तु कार्य, जल आपूर्ति प्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था, ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर, बाहरी विकास कार्य, अग्निशमन प्रणाली तथा विद्युत एवं यांत्रिक (E&M) कार्य भी शामिल हैं। संपूर्ण कार्य कार्य शुरू होने की तिथि से 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा। लखनऊ मेट्रो फेज-1बी, यूपीएमआरसी की उस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत शहर में सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ मास रैपिड ट्रांजिट सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा और यात्रियों को सड़क परिवहन की तुलना में तेज और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगा। यह नया मेट्रो सेक्शन आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक क्षेत्रों और परिवहन केंद्रों को जोड़ेगा, जिससे नागरिकों की दैनिक यात्रा अधिक आसान होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। MD, यूपीएमआरसी श्री सुशील कुमार ने कहा, “इस टेंडर का दिया जाना लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह कॉरिडोर नागरिकों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। यूपीएमआरसी समय पर, गुणवत्ता के साथ और विश्वस्तरीय मानकों पर परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।” वसंतकुंज मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के भूमिगत सेक्शन के निर्माण हेतु भी शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा। उल्लिखित है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 5 एलिवेटेड तथा 7 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं。 जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि.
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स्वामी कैलाशानंद गिरि: लखनऊ आग पर योगी की कार्रवाई, राम मंदिर चोरी मोदी की नजर

Greater Noida, Uttar Pradesh:महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ग्रेटर नोएडा के दादरी में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ में हुए अग्निकांड पर दुख व्यक्त किया और अयोध्या राम मंदिर में चोरी के मामले पर भी बयान दिया। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ अग्निकांड को लेकर बात की है। मुख्यमंत्री इस घटना से बहुत दुखी हैं और उन्होंने इस मामले में बड़ी कार्रवाई तथा जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में लगभग 15 लोगों की जान गई है, जिनमें बच्चे और छात्र भी शामिल हैं। स्वामी जी को विश्वास है कि सीएम योगी आदित्यनाथ कठोर कार्रवाई करेंगे और उसे अंजाम तक पहुंचाएंगे。 अयोध्या राम मंदिर में चोरी के मामले पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि कई जांच कमेटियां लगी हुई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य राम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे स्थलों का विकास रहा है, ऐसे में कोई गड़बड़ी नहीं हुई होगी。 स्वामी जी ने आगे कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो प्रधानमंत्री उस पर मौन नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि राम मंदिर को भव्य बनाना प्रधानमंत्री का लक्ष्य भी है। इस मामले की जांच एसआईटी टीम कर रही है और केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री की इस पर पूरी दृष्टि है。 उन्होंने राम जन्मभूमि निर्माण समिति के चेयरमैन दीपेंद्र मिश्र का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनकी कार्यशैली से परिचित हैं। स्वामी जी ने बताया कि उनकी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है, जिन्होंने राम मंदिर में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या कोताही न बरतने का आश्वासन दिया है। संत समाज की भी यही मांग है。 महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि दादरी में अपने शिष्य भूपेंद्र बंसल के शोरूम के शोरूम के उद्घाटन के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
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फर्रुखाबाद: नेहा नर्सिंग होम सील, बेड-लापरवाही और एक्सपायर इंजेक्शन सामने

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई… मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताओं के चलते शहर के चर्चित नेहा नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल में छापेमारी की, जहाँ कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय द्वारा गठित टीम, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सीओ सिटी अभय वर्मा के नेतृत्व में बाबू जी गली स्थित नेहा नर्सिंग होम पहुंची। जांच के दौरान अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। जांच में सामने आया कि अस्पताल का पंजीकरण 100 बेड का है, लेकिन मौके पर केवल 67 बेड ही उपलब्ध मिले। इतना ही नहीं, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। 15 जून के बाद से बायोमेडिकल वेस्ट की लॉगबुक तक नहीं भरी गई थी पूछताछ में अस्पताल संचालक ने बताया कि अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट नगर पालिका की गाड़ी में डाल दिया जाता था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। वहीं ऑपरेशन थियेटर में तीन महीने से अधिक समय पहले एक्सपायर हो चुके इथामसिलेट इंजेक्शन भी रखे मिले। इसके अलावा अस्पताल में फायर सेफ्टी मानकों का भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। लगातार मिली इन गंभीर खामियों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से नेहा नर्सिंग होम को सील कर दिया। फर्रुखाबाद में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर अब प्रशासन सख्त नजर बनाए हुए है। सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली ऐसी लापरवाहियां कब तक चलती रहेंगी? फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
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