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छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 30-40 नक्सली ढेर
Pakhanjur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित दक्षिण अबूझमाड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 30-40 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया। जवानों ने घटनास्थल से सभी मृत नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। साथ ही, मौके से अवैध AK-47, SLR समेत कई अन्य हथियार भी जब्त किए गए हैं।
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हेमंत सोरेन की बाइट से सियासत गर्म: क्या संकेत?
Ranchi, Jharkhand:सीएम हेमंत सोरेन की बाइट0
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गाजियाबाद से देहरादून कार में दम घुटने से इंजीनियर की मौत
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद से देहरादून पत्नी को लेने निकले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक कार में एसी चलाकर सो गया था, जिससे दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित श्रेष्ठ विहार निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अखिलेश पुरोहित 27 जून को अपनी पत्नी को लेने के लिए देहरादून के लिए निकले थे। परिवार के मुताबिक, अखिलेश की दो साल पहले शादी हुई थी और उनकी पत्नी इन दिनों मायके में थीं। रास्ते में अखिलेश ने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी कर दी। आशंका है कि वह कार में एसी चलाकर आराम करने लगे, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकले। बाद में जब कार की जांच की गई तो अखिलेश अंदर बेसुध पड़े मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में कार के अंदर दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।0
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योगी की फाइल बाइट: नई जानकारी सामने
Noida, Uttar Pradesh:योगी की फाइल बाइट0
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दतिया उपचुनाव: आयोग का कार्यक्रम घोषित, दलों ने तेज की तैयारी
Datia, Madhya Pradesh:दतिया उपचुनाव का बिगुल बजा: निर्वाचन आयोग ने किया कार्यक्रम घोषित, सियासी दलों ने तेज की तैयारियां दतिया। दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। निर्वाचन आयोग ने रिक्त हुई दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और सभी दल चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली की एमपी/एमएलए अदालत द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई थी। तभी से उपचुनाव की संभावना जताई जा रही थी और जनता को निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार था। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी, 13 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि रहेगी, 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूर्ण कर ली जाएगी। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है। भारतीय जनता पार्टी से प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम प्रमुख संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आ रहा है। वहीं कांग्रेस की ओर से अवधेश नायक, घनश्याम सिंह तथा पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के पुत्र अनुज भारती के नाम चर्चा में हैं। भीम आर्मी पार्टी से दामोदर सिंह यादव संभावित प्रत्याशी माने जा रहे हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अभी अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए नेता सार्वजनिक रूप से उम्मीदवारों के नाम पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने कहा कि भाजपा एक संगठन के रूप में हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। पार्टी निरंतर जनता के बीच काम करती है और संगठनात्मक स्तर पर चुनाव की सभी तैयारियां जारी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी दतिया उपचुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। बाइट – रघुवीर सिंह कुशवाहा, जिला अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी0
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चुरहट जंगल में अज्ञात कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी, मौत के कारण जाँच
Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र के कोष्टा-पवाई जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। तेन्दू के पेड़ के नीचे पड़े कंकाल को सबसे पहले बकरियां चराने गए एक युवक ने देखा, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया।जानकारी के मुताबिक, ग्राम कोष्टा निवासी मुन्ना कोरी जंगल में बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान उसकी नजर तेन्दू के पेड़ के नीचे पड़े कंकाल पर पड़ी। घबराए युवक ने गांव पहुंचकर लोगों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को खबर दी गई। सूचना मिलते ही चुरहट पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई की और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। कंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका है, इसलिए फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतक महिला है या पुरुष। उसकी उम्र और मौत के कारण का खुलासा पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।पुलिस ने घटनास्थलों से मिले कपड़े, जूते और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं तथा अज्ञात मृतक की पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कंकाल किसका है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।अब सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर यह कंकाल किसका है और यह जंगल तक कैसे पहुंचा? इसका जवाब पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा。0
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72 घंटे में जैन मंदिर से मूर्ति चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
Churu, Rajasthan:विधानसभा तारानगर\nजिला चूरू\nस्थानीय संवाददाता नरेश उपाध्याय\nतारानगर चूरू\n\nतारानगर पुलिस ने 1200 साल पुराने जैन मंदिर से मूर्ति चोरी का 72 घंटे में खुलासा किया है। पुलिस ने दिल्ली-मथुरा के 3 आरोपियों को दबोचा है।\nएसपी निश्चय प्रसाद एम ने प्रेस काँफ्रेस कर जानकारी देते हुए बताया कि कस्बे के ऐतिहासिक शीतल नाथ जैन मंदिर से 28 जून की रात को करोड़ों रुपयों की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। डीएसपी रोहित सांखला के सुपर विजन में थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई की टीम जिसमें एएसआई सुमेर सिंह मीणा, हैड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार, कानि राजू नायक, अमित कुमार, विकास पटीर, मनोज कुमार (साइबर) आदि ने मात्र 72 घंटे में अंतरराज्य चोर गैंग का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि आरोपी इसराईल, विनोद शर्मा उर्फ लोली पोप व नित्यानंद बासनी को गिरफ्तार किया है एवं वारदात में इस्तेमाल ली गयी अर्टिगा कार भी डिटेन की गई है।\nमुख्य आरोपी नित्यानंद कैंसर पीड़ित बनकर मंदिरों की रेकी करता था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य से मथुरा-कोसी में दबिश देकर तीनों को पकड़ा। मूर्तियों की बरामदगी के लिए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पीसी रिमांड लिया गया है.\n\nबाइट:- निश्चय प्रसाद एम SP चूरू0
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संविदा नर्सेज ने 12 जून वार्ता के फैसले लागू कराने की मांग तेज की
Karauli, Rajasthan:संविदा नर्सेज ने सरकार से 12 जून को हुई वार्ता में बनी सहमति को तत्काल लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वर्गीय दीपक खारवाल के परिवार को घोषित सहायता अब तक नहीं मिली है और सेवा से हटाए गए संविदा नर्सेज की बहाली के संबंध में भी कोई आदेश जारी नहीं हुआ। इससे प्रदेशभर में नर्सिंग कर्मियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है और चिकित्सा व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। संविदा नर्सेज संगठनों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि 12 जून 2026 को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य कार्यालय में राज्य सरकार और राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी थी। ज्ञापन में बताया गया कि सहमति के अनुसार स्वर्गीय दीपक खारवाल के परिवार को सरकार की ओर से अधिकतम आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी थी। उनकी पत्नी करिश्मा को राजमेस के माध्यम से योग्यता के अनुसार संविदा पर नौकरी देने, परिवार को इंदिरा आवास और पालनहार योजना का लाभ दिलाने तथा प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत जिन नर्सेज की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें आवश्यकता के अनुसार यूटीबी (Urgent Temporary Base) और आरएमआरएस के माध्यम से दोबारा नियुक्ति देने पर सहमति बनी थी। नर्सेज संगठनों का आरोप है कि वार्ता के कई दिन बाद भी इन बिंदुओं पर कोई सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे प्रदेशभर में संविदा नर्सेज में नाराजगी बढ़ रही है और आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, इसलिए सरकार को शीघ्र निर्णय लेकर राहत प्रदान करनी चाहिए, ताकि भविष्य में दीपक खारवाल जैसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रदेश के एसएमएस मेडिकल कॉलेज, आरयूएचएस तथा अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की तुलना में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है। ऐसे में सबसे पहले सेवा से हटाए गए नर्सेज को यूटीबी के माध्यम से नियुक्ति दी जाए। साथ ही आगामी नियमित भर्ती का विज्ञापन मेरिट बोनस के आधार पर जारी किया जाए और भविष्य में नर्सिंग कर्मियों की भर्ती प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कराने की व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए। नर्सेज संगठनों ने जनहित और चिकित्सा सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार से सहमति के सभी बिंदुओं पर तत्काल आदेश जारी करने की मांग की है।0
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हाथनोदा शिविर में 50–60 साल के भूमि विवादों का आपसी सहमति से समाधान
Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर चौमूं के हाथनोदा में ग्रामीण सेवा शिविर बना मिसाल 50–60 साल पुराने भूमि विवादों का हुआ स्थायी समाधान 3–4 पीढ़ियों से लंबित विवाद आपसी सहमति से सुलझे 47 किसान परिवारों की 130 बीघा भूमि का हुआ विभाजन नेपाल और बिहार से भी पहुंचे काश्तकार, मौके पर हुआ निस्तारण विवाद खत्म होने पर किसानों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मनाई खुशी SDM आशीष शर्मा,तहसीलदार डॉ. विजयपाल बिश्नोई का जताया आभार पटवारी दयाशंकर लाम्बा की रही सराहनीय भूमिका एंकर-जयपुर के चौमूं उपखंड में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। हाथनोदा ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में 50 से 60 साल पुराने और तीन-चार पीढ़ियों से लंबित भूमि विवादों का आपसी सहमति से समाधान कर प्रशासन ने एक नई मिसाल पेश की। विवाद खत्म होने के बाद किसानों ने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। खास बात यह रही कि विवाद के निस्तारण के लिए नेपाल और बिहार से भी काश्तकार शिविर में पहुंचे। चौमूं उपखंड के हाथनोदा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों से चले आ रहे भूमि विवादों का मौके पर ही समाधान किया गया। प्रशासन की समझाइश और आपसी सहमति से 50 से 60 साल पुराने पांच भूमि विवादों का निस्तारण हुआ। इन विवादों के समाधान से 47 किसान परिवारों की करीब 130 बीघा भूमि का विभाजन कर स्थायी समाधान किया गया। भूमि विवाद खत्म होने के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। वर्षों से मुकदमेबाजी में उलझे परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाया, मिठाई खिलाई और राज्य सरकार व प्रशासन का आभार जताया। किसानों का कहना है कि पीढ़ियों से चले आ रहे विवादों के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था और पारिवारिक रिश्तों में भी तनाव बना हुआ था। इस शिविर की एक और खास बात यह रही कि भूमि विवाद के समाधान के लिए नेपाल और बिहार से भी काश्तकार पहुंचे। उपखंड अधिकारी आशीष कुमार शर्मा के निर्देशन और तहसीलदार डॉ. विजयपाल बिश्नोई के नेतृत्व में राजस्व टीम ने लगातार समझाइश कर विवादों का सहमति से निस्तारण कराया। प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान कर उन्हें त्वरित राहत देना है। बाइट विजयपाल विश्नोई तहसीलदार बाइट काश्तकार बाइट काश्तकार0
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पुल के नीचे गड्ढे में युवक ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, वीडियो वायरल
Thane, Maharashtra:शहापूर गोठेघर पूलखाली स्विमिंग पूल.. खड्ड्यात अंघोळ करून तरुणाचा अनोखा निषेध... व्हिडिओ व्हायरल... शहापूर तालुक्यात मुंबई-नाशिक महामार्गावर गोठेघर जवळ पुलाखाली पहिल्याच पावसात मोठा खड्डा पडला आहे. पावसाचे पाणी साचल्याने खड्ड्याची खोली कळत नाही. त्यामुळे अनेक दुचाकीस्वार घसरून जखमी झाले आहेत. तरीही प्रशासन या गंभीर समस्येकडे दुर्लक्ष करत असल्याचा आरोप नागरिक करत आहेत. Administrationाला जाग आणण्यासाठी शहापूरचे युवक हंसराज महाले यांनी अनोखं आंदोलन केलं. थेट पाण्याने भरलेल्या खड्ड्यात उतरून त्यांनी अंघोळ करत निषेध नोंदवला. या आंदोलनाचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर प्रचंड वेगाने व्हायरल होतोय. नागरिक मोठ्या प्रमाणात शेअर करत प्रशासनाला धारेवर धरत आहेत. सदरचा खड्डा बुजवणार का, की आणखी एखाद्या मोठ्या अपघाताची वाट पाहणार? असा संतप्त सवाल आता नागरिक उपस्थित करत आहेत. व्हायरल व्हिडिओनंतर प्रशासन जागं होणार का?0
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बीजेपी युवाओं के लिए मिशन रोजगार से चुनावी फायदा पाने की रणनीति
Noida, Uttar Pradesh:मुद्दा- मिशन रोजगार के जरिए बीजेपी सरकार युवाओं को साधने की कोशिश कर रही है, युवा वोटर चुनाव में हार जीत का फैक्टर होता है, ऐसे में बीजेपी किसी भी हाल में इस वोटर वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती0
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2047 तक नौकरशाही की भूमिका: AI से प्रशासन में बदलाव की चर्चा
Jaipur, Rajasthan:एंकर-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को भी पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि वर्ष 2047 तक सरकारी अफसरों और सिविल सेवक की भूमिका क्या होगी। क्या उसकी भूमिका आज जैसी रहेगी या पूरी तरह बदल जाएगी। इसी बड़े मुद्दे को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के समापन सत्र में उठाया। उन्होंने कहा कि AI को अपनाना समय की जरूरत है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी उसका जिम्मेदारी और बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना है। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर 'जयपुर डिक्लेरेशन' जारी किया गया, 17 उत्कृष्ट डिजिटल परियोजनाओं को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया और राजस्थान सरकार ने सम्मेलन से मिले नवाचारों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की घोषणा की। राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नलStateवर्धन राठौड़ ने कहा कि दुनिया जहां केवल AI की चर्चा कर रही है, वहीं भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिम्मेदार और समावेशी AI की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सम्मेलन में सामने आए सभी सुझावों, नवाचारों और श्रेष्ठ मॉडलों का अध्ययन किया जाएगा और उपयोगी मॉडलों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब असली काम शुरू होगा। मुख्य सचिव वी. शर्मा ने कहा कि सम्मेलन के दौरान करीब 200 विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं लगभग 100 डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी समाधानों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडल देखने और सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया कि "ई-गवर्नेंस अब केवल सिस्टम मैनेजमेंट नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रबंधन बन गया है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों के लिए 1.65 लाख ग्राम पंचायतों से आवेदन मिले। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंच चुका है। समापन समारोह में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। इसके साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। अंत में अतिरिक्त सचिव सरिता चौहान ने आभार व्यक्त किया और पुरस्कार विजेताओं के साथ सामूहिक फोटो सेशन आयोजित हुआ। समापन कार्यक्रम में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। यह सम्मेलन राजस्थान में डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI के अनुभव साझा करने का अवसर बना। बहरहाल, दो दिन चली इस कॉन्फ्रेंस में भविष्य के शासन की तस्वीर बार-बार उभरकर सामने आई। चर्चा केवल नई तकनीकों की नहीं, बल्कि इस सवाल की भी रही कि AI के दौर में सरकारें और प्रशासन खुद को कैसे बदलें। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का यह सवाल सबसे ज्यादा गूंजा कि "2047 में ब्यूरोक्रेसी की भूमिका क्या होगी, होगी भी या नहीं...यही संदेश भी बन गया कि आने वाले वर्षों में सुशासन की कसौटी केवल डिजिटल नहीं, बल्कि तकनीक और मानवीय विवेक के बीच संतुलन बनाए रखने पर होगी।0
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AI से सरकारी कामकाज में क्रांतिकारी बदलाव: जयपुर ई-गवर्नेंस समापन
Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल/जयपुर दो दिनों तक डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर मंथन के बाद 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का जयपुर में समापन हो गया। समापन सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के उस सवाल की रही, जिसमें उन्होंने कहा वर्ष 2047 तक सरकारी अफसरों और सिविल सेवक की भूमिका क्या होगी। क्या उसकी भूमिका आज जैसी रहेगी या पूरी तरह बदल जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है, लेकिन असली चुनौती इसे बुद्धिमानी और मानवीय संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल करने की है। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित समापन समारोह में डॉ. सिंह ने कहा कि तकनीक जिस रफ्तार से बदल रही है, उससे शासन की पारंपरिक कार्यप्रणाली भी तेजी से बदल रही है। उन्होंने वीसीआर और एसटीडी बूथ का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी ये जीवन का अहम हिस्सा थे, लेकिन कुछ ही वर्षों में इतिहास बन गए। इसी तरह प्रशासन को भी भविष्य के अनुरूप खुद को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले करीब दो हजार पुराने और अप्रासंगिक नियम खत्म किए हैं। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और नागरिकों का भरोसा बढ़ा है। मुख्य सचिव की खुलकर तारीफ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि जयपुर में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन कराने का सुझाव उन्हीं का था, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ। उन्होंने राजस्थान सरकार और आयोजन टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। "केवल AI नहीं, जिम्मेदार AI चाहिए" राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि दुनिया जहां केवल AI की चर्चा कर रही है, वहीं भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "जिम्मेदार और समावेशी AI" की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सामने आए सभी सुझावों, नवाचारों और श्रेष्ठ मॉडलों का अध्ययन किया जाएगा और उपयोगी मॉडलों को राजस्थान के विभिन्न जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब असली काम शुरू होगा। दो दिन में 200 विशेषज्ञ, 100 डिजिटल समाधान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सम्मेलन के दौरान करीब 200 विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा आधारित प्रशासन और AI पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं लगभग 100 डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी समाधानों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडल देखने और सीखने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया कि "ई-गवर्नेंस अब केवल सिस्टम मैनेजमेंट नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रबंधन बन गया है। गांव तक पहुंचा डिजिटल नवाचार। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वार्मा ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों के लिए 1.65 लाख ग्राम पंचायतों से आवेदन मिले। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंच चुका है। जयपुर डिक्लेरेशन जारी समापन समारोह में जयपुर डिक्लेरेशन जारी किया गया। इसके साथ ही साइटेशन बुकलेट, एक्सीलेंस बुकलेट और कंपेंडियम का विमोचन किया गया। अंत में अतिरिक्त सचिव सरिता चौहान ने आभार व्यक्त किया और पुरस्कार विजेताओं के साथ सामूहिक फोटो सेशन आयोजित हुआ। 17 परियोजनाओं को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार सम्मेलन में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 भी प्रदान किए गए। सात श्रेणियों में 17 परियोजनाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें 10 स्वर्ण, 6 रजत और 1 जूरी पुरस्कार शामिल हैं। स्वर्ण पुरस्कार पाने वाली प्रमुख परियोजनाओं में एग्री स्टैक, ई-जागृति, महाकुंभ-2025 डिजिटल प्रबंधन, ई-संजीवनी में AI आधारित क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, केरल हाईकोर्ट की जिला न्यायालय केस मैनेजमेंट प्रणाली, ICMR-MINDS, ISRO की साइबर सुरक्षा परियोजना, मध्य प्रदेश की ई-नगरपालिका साइबर सिक्योरिटी और बैंक ऑफ बड़ौदा का डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम शामिल रहे। रजत पुरस्कार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और पंचायती राज मंत्रालय की विविध डिजिटल परियोजनाओं को मिले, जबकि सर्वे ऑफ इंडिया को रियल टाइम पोजिशनिंग सर्विस के लिए जूरी अवॉर्ड प्रदान किया गया। स्वर्ण विजेताओं को 10 लाख रुपये तथा रजत विजेताओं को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति-पत्र दिए गए।0
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जटाशंकर धाम में पहली मूसलाधार बारिश से झरने उफान, सावन से पहले भक्तों की भीड़ उमड़ी
Chhatarpur, Madhya Pradesh:बुंदेलखंड के केदारनाथ कहे जाने वाले छतरपुर के जटाशंकर धाम में सीजन की पहली मूसलाधार बारिश से जटाशंकर के प्राकृतिक झरने पूरे वेग से बहने लगे। मंदिर परिसर के कुंड लबालब भर गए। सावन से पहले हुई इस बारिश से माहौल बन गया लबालब भरे झरना देखकर श्रद्धालुओं ने जमकर बम बम बोले के जयकारे लगाये, बारिश से गर्मी से राहत मिली है। अब सावन में और भीड़ बढ़ेगी। बिजावर क्षेत्र में हुई इस बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। बारिश में मंदिर की सीढ़ी और मंदिर परिसर में बाढ़ गई।0
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शहर में अपराध के विरोध में बंद आह्वान, मशाल जुलूस के साथ समर्थन
Jamshedpur, Jharkhand:बिष्टुपुर में विधायक सरयू राय अपने समर्थकों के साथ मशाल जुलूस में शामिल हुए। वहीं भाजपा की ओर से शहर के सभी मंडलों में अलग-अलग स्थानों पर मशाल जुलूस निकालकर लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू के नेतृत्व में सीतारामडेरा से भी मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान सरयू राय और पूर्णिमा साहू ने कहा कि शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और शहर में बेहतर कानून-व्यवस्था की मांग को लेकर 3 जुलाई का बंद बुलाया गया है। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करने और इसे सफल बनाने की अपील की。0
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