छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट में 2 जवान शहीद एवं 2 घायल
Antagarh, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में कोकामेटा थाना अंतर्गत कूडलेड़ गांव समीप 19 अक्टूबर को IED ब्लास्ट में ITBP 53 बटालियन के दो जवान शहीद हो गये एवं जिला पुलिस बल के दो जवान घायल हुए । घायलो को रायपुर रेफर किया गया है। नक्सलियो के विरुद्ध कार्रवाई पर निकले जवानों पर वापसी के दौरान नक्सलियो द्वारा यह कायराना घटना को अंजाम दिया गया। शहीद हुए जवान के. राजेश (कडप्पा, आंध्र-प्रदेश) एवं अमर पावर (सतारा, महाराष्ट्र) बाताया जा रहा है।
छत्तीसगढ के पखांजूर में भालू के हमले से दो ग्रामीण घायल।
Pakhanjur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के परलकोट क्षेत्र में भालू के हमले से दो ग्रामीण घायल हुआ। परतापुर के ग्राम बेरकोट के जंगल में गाय चढ़ाने गए दो ग्रामीणों पर जंगली भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, हमले में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया ग्रामीणों को इलाज के लिए पखांजूर सिविल अस्पताल लाया गया , जहा उनका उपचार किया जा रहा है। दोनो ग्रामीण धनसिंह और मंगियाराम खतरे से बाहर बताया जा रहा है।पखांजूर में कांकेर सांसद भोजराज नाग ने भ्रष्ट अधिकारियों पर किया तीखा वार
Pakhanjur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के पखांजूर में आयोजित जिले स्तरीय प्रधानमंत्री आवास योजना मेले में कांकेर सांसद भोजराज नाग ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने अपने खास अंदाज में चेतावनी दी कि अगर कोई अधिकारी योजना में लापरवाही बरतेगा, तो उसे 'निम्बु काटकर भूत उतारने' की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस कार्यक्रम में विधायक विक्रम देव उसेंडी और कई अधिकारी भी मौजूद थे, और सैकड़ों ग्रामीणों ने योजना की जानकारी ली।
रायपुर के माना कैम्प दुर्गा पूजा में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब
Raipur, Chhattisgarh:रायपुर के माना कैम्प में दुर्गा पूजा इस समय छत्तीसगढ़ में मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां का मंदिर और सजावट हर वर्ष कोलकाता के खास कलाकारों द्वारा अलग-अलग थीम पर तैयार किया जाता है। इस वर्ष का थीम इंडोनेशिया के प्राचीन विष्णु मंदिर पर आधारित है जिसे 15 कलाकारों ने 45 दिनों में करीब 25 लाख की लागत में तैयार किया है। यहां दुर्गा पूजा माना कैम्प के बंग समुदाय द्वारा 1964 से मनाई जा रही है।
बस्तर दशहरा का पारंपरिक फूल रथ परिक्रमा का शुभारंभ
Bastar, Chhattisgarh:विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व का मुख्य आकर्षण दो मंजिला फूल रथ परिक्रमा का शुभारंभ हो गया है। यह विशाल लकड़ी का रथ शहर में परिक्रमा करता है, जिसमें माईं दंतेश्वरी की छत्र विराजमान होती है। बस्तर पुलिस द्वारा सलामी देकर यह यात्रा प्रारंभ की जाती है। इस अद्भुत परंपरा की शुरुआत 1410 ईस्वी में महाराजा पुरषोत्तम देव द्वारा की गई थी, और इस दौरान हजारों लोग बस्तर पहुंचते हैं।
