Back
तोके गांव: नक्सल दहशत खत्म, विकास की किरण से बदली तस्वीर
HSHEMANT SANCHETI
Jan 07, 2026 03:20:54
Narayanpur, Chhattisgarh
तोके गाँव, जो कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में जाना जाता था, आज बदलाव की एक नई कहानी लिख रहा है। चार दशकों तक नक्सली दहशत के साए में जीने वाले इस गांव के ग्रामीण अब भयमुक्त वातावरण में खुली हवा में सांस ले रहे हैं। गांव में पुलिस बेस कैंप खुलने के बाद न केवल नक्सलियों का प्रभाव कम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन और सोच में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। एक समय था जब तोके गांव के ग्रामीण नक्सलियों के डर से उनके इशारों पर काम करने को मजबूर थे। सड़क निर्माण और पुलिस कैंप जैसे विकास कार्यों का विरोध भी ग्रामीणों से ही कराया जाता था। नक्सलियों के दबाव में ग्रामीण धरने पर बैठते थे और विकास की हर कोशिश को रोक दिया जाता था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। गांव तक सड़क पहुंचने और पुलिस कैंप स्थापित होने के बाद नक्सली दहशत धीरे-धीरे खत्म हो रही है। इसके साथ ही प्रशासन की पहुंच बढ़ी है और गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। जिन ग्रामीणों ने कभी विकास का विरोध किया था, वही आज विकास कार्यों की मांग करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डर और भय के माहौल से बाहर निकलकर आज़ादी की जिंदगी जीने का अनुभव बेहद सुखद है। उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष साफ झलकता है। ग्रामीण अब खुलकर अपनी समस्याएं सामने रख रहे हैं। नल-जल योजना के तहत गांव में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी तरह गांव में स्कूल तो शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य के लिए योग्य और नियमित शिक्षक भेजे जाएं, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके। पुलिस कैंप खुलने से स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। बीमार होने पर अब ग्रामीणों को तत्काल मदद मिल रही है। बीएसएफ और पुलिस के जवानों द्वारा जरूरतमंदों को दैनिक उपयोग की सामग्री का वितरण किए जाने से जवानों और ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास और सामंजस्य भी बढ़ा है। जवान अब सिर्फ सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि सहयोग और सेवा का भी प्रतीक बनते नजर आ रहे हैं। चार दशकों तक नक्सल प्रभाव में रहने के बाद आज तोके गांव के ग्रामीणों के चेहरों पर आज़ादी की खुशी साफ दिखाई देती है। अबूझमाड़ के दूरस्थ और पहले पहुंचविहीन इलाकों में पुलिस कैंप खुलने से न केवल नक्सल दहशत में कमी आई है, बल्कि विकास की किरण भी इन गांवों तक पहुंचने लगी है। तोके गांव की यह बदलती तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ मिलकर किसी भी क्षेत्र की तकदीर बदल सकते हैं। अबूझमाड़ में यह बदलाव आने वाले समय में अन्य गांवों के लिए भी एक नई उम्मीद बनकर उभर रहा है.
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
0
Report
SKSantosh Kumar
FollowJan 08, 2026 03:13:21Noida, Uttar Pradesh:Agra (UP): Cold Wave & Dense Fog Grips City, Low Visibility Affects Clearer View Of Taj Mahal From The View Point/ Visuals/ Reax
0
Report
SKSudarshan Khillare
FollowJan 08, 2026 03:12:310
Report
0
Report
PPPRAFULLA PAWAR
FollowJan 08, 2026 03:12:030
Report
VKVISHAL KAROLE
FollowJan 08, 2026 03:11:120
Report
AGAyan Ghosal
FollowJan 08, 2026 03:10:440
Report
SBSantosh Bhagat
FollowJan 08, 2026 03:10:070
Report
UMUJJWAL MISHRA
FollowJan 08, 2026 03:08:390
Report
DNDinesh Nagar
FollowJan 08, 2026 03:07:180
Report
HSHEMANT SANCHETI
FollowJan 08, 2026 03:06:360
Report
ALArup Laha
FollowJan 08, 2026 03:05:280
Report
HCHEMANT CHAPUDE
FollowJan 08, 2026 03:04:410
Report
SSShailendra SINGH BAGHEL
FollowJan 08, 2026 03:03:070
Report