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Hemant SanchetiHemant SanchetiFollow29 Jul 2024, 08:12 am

तीन साल बाद बंधवा तालाब आया अपने स्वरूप में, सौंद्रीकरण के नाम पे खाली किया गया था पानी

Narayanpur, Chhattisgarh:

नारायणपुर के हृदयस्थल पर श्रमदान से 1960 में बना ऐतिहासिक बंधवा तालाब 3 साल बाद अपनी पुरानी स्थिति में आ जाने से लोग काफी खुश हैं। दरअसल 3 साल पहले बंधवा तालाब के सौंदर्यकरण के नाम पर पानी खाली कराया गया था व 3 साल तक कार्य नहीं होने से स्थानीय लोगों को निस्तारी से लेकर पशुओं को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा था। जिसको लेकर लोगों में भारी नाराजगी थी। सत्ता परिवर्तन के बाद बंधवा तालाब के सौद्रीकरण का कार्य शुरू हुआ, बारिश के बाद पानी भर जाने से तालाब अपनी पुरानी स्थिति में आया।

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सिंहाड़ गांव में समस्याओं से लोग त्रस्त: पानी- बिजली- सड़क के बुनियादी ढांचे की दयनीय स्थिति

Pratapgarh, Rajasthan:सिंहाड़ गांव में समस्याओं का अंबार, ग्रामीण बोले- जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों ने पंचायत की सुध तक नहीं ली गांवों में विकास और मूलभूत सुविधाओं के दावों के बीच धरियावद उपखंड की ग्राम पंचायत सिंहाड़ के ग्रामीण आज भी पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों में सबसे ज्यादा नाराजगी पंचायत के प्रधान और उपप्रधान को लेकर है। उनका आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने पंचायत के गांवों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए मौके पर आना तक जरूरी नहीं समझा। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद उपखंड के सिंहाड़ गांव में पानी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से हैंडपंप बंद पड़ा है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गांव में पर्याप्त पानी की टंकी की व्यवस्था भी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत आसपास के क्षेत्रों में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की बात कही जा रही है, लेकिन सिंहाड़ में कई जगह अभी तक पाइपलाइन ही नहीं खोदी गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल कनेक्शन भी सभी घरों तक नहीं पहुंचे हैं। बाइट- ग्रामीण (29 सेकेंडसफेद शर्ट में ) बाइट- महिला ग्रामीण (12 सेकेंड) गांव में बिजली व्यवस्था भी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के तार कई स्थानों पर काफी नीचे झूल रहे हैं। एक समय बिजली की लाइन गिरने की घटना भी हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार उस दौरान रात करीब एक बजे बिजली की लाइन बंद करवानी पड़ी थी। लोगों का कहना है कि गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़ा खतरा बना हुआ है और यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बिजली कटौती को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बिजली समय पर नहीं आती और कई बार रातभर कटौती की स्थिति रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित होते हैं। बाइट- ग्रामीण (28 सेकेंड) गांव में बनी सीसी सड़कें भी अब जर्जर हो चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़कें काफी पुरानी हैं और जगह-जगह टूटने लगी हैं। सड़क की स्थिति खराब होने से आवागमन में परेशानी होती है। इसके अलावा गांव में पानी निकासी की समस्या भी बनी हुई है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, नाली, सफाई, पानी और बिजली जैसी समस्याएं किसी बड़ी योजना की मांग नहीं हैं, बल्कि ये गांव की बुनियादी जरूरतें हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान नहीं होना पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े करता है। बाइट- ग्रामीण (32 सेकेंड) ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की प्रधान हकरी देवी मीणा और उपप्रधान रागिनी चौधरी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव और ग्रामीणों के बीच दिखाई देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी समस्याओं की सुध लेने कोई नियमित रूप से नहीं आता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार समस्याओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। जनसुनवाई या बैठक जैसे कार्यक्रमों में समस्या बताने पर आश्वासन तो मिलता है, लेकिन उसके बाद मौके पर आकर समस्या देखने और समाधान करवाने की गंभीर पहल नजर नहीं आती। बाइट- ग्रामीण (29 सेकेंड ) ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बड़े-बड़े दावों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम की जरूरत है। अब देखना یہ है कि ग्रामीणों की शिकायतों और आरोपों के बाद पंचायत प्रशासन तथा संबंधित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर समस्याओं का जायजा लेते हैं या सिंहाड़ के ग्रामीण इसी तरह मौलिक सुविधाओं के लिए इंतजार करते रहते हैं।
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सीकर में द्वितीय चरण के नगर निकाय चुनाव के लिए कल मतदान

Sikar, Rajasthan:सीकर में नगर निकाय चुनाव के द्वितीय चरण के लिए मतदान कल 11 सितंबर को चार नगर निकायों में होगा। सीकर नगर परिषद, रामगढ़ शेखावाटी नगरपालिका, धोद नगरपालिका और लोसल नगरपालिका क्षेत्र में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। कुल 64 वार्डों में 194 मतदान केंद्र हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देकर निर्वाचन सामग्री के साथ केंद्रों के लिए रवाना किया गया है। सीकर नगर परिषद के मतदान दल कल्याण राजकीय महाविद्यालय से, रामगढ़ शेखावाटी के मतदान दल आरएन रुइया पीजी कॉलेज से, धोद के मतदान दल महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय से और लोसल के मतदान दल श्री डेडराज खेतान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए। जिलाधिकारी आशीष मोदी ने कहा कि चारों नगर निकायों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी है; मतदान कर्मी निष्पक्षता और ईमानदारी से दायित्व निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को जिले की 10 नगर निकायों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान हुआ था और 11 सितंबर को होने वाला मतदान भी शांतिपूर्ण रहेगा। मतदाताओं से स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक होकर मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की गई। मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मियों को आवश्यक सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सीकर नगरपालिका क्षेत्र में 65 वार्ड council थे, जिनमें से एक वार्ड निर्विरोध था; अब 64 वार्डों के लिए कल मतदान कराया जाएगा और 194 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।
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खड़े हनुमान मंदिर विवाद: साधु-संत बोले, पांचवां प्रयास नहीं, मंदिर वही बने

Ujjain, Madhya Pradesh:खड़े हनुमान मंदिर विवाद में बोलीं हर्षानंद गिरी- ‘7 फीट के गड्ढे कोई कुत्ते ने पंजों से तो नहीं खोदे, मशीनों का इस्तेमाल हुआ है’ चार प्रयास हो चुके, अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए; मंदिर तोड़कर उसी जगह भव्य मंदिर बनाने की मांग मठों और गद्दियों में बैठे साधु-संत बाहर निकलें, हनुमैन जी के लिए साथ खड़े नहीं हुए तो कल कुछ नहीं बचेगा उज्जैन में हनुमान जी का अयोध्या के रामलला जैसा हाल नहीं देखना चाहते उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब साधु-संतों की मौजूदगी और बयान सामने आने लगे हैं। आज हर्षानंद गिरी भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बटुकों और अन्य साधु-संतों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर को लेकर अपनी बात रखी और साधु-संत समाज से सामने आने की अपील की。 मशीनरी के इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल पर हर्षानंद गिरी ने कहा कि पहले उन्हें भी इस बारे में जानकारी नहीं थी और किसी ऐसी बात पर, जिसकी जानकारी न हो, सही या गलत बोलना उचित नहीं है। लेकिन जब वह हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचीं तो प्रतिमा के दोनों तरफ करीब सात फीट के gड्ढे खुदे हुए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ये गड्ढे कोई कुत्ता अपने आगे के पंजों से तो नहीं खोद सकता। उनके मुताबिक वहां मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है और प्रतिमा को स्थानांतरित करने की कोशिश की गई है。 हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रतिमा को किसी तरह की क्षति न पहुंचे और उसे सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया सके, इसके लिए पूरी कोशिश की है और वह इस कोशिश का सम्मान करती हैं। लेकिन उनका कहना है कि सरकार चार प्रयास कर चुकी है और अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए。 उन्होंने कहा कि जहां हनुमान जी का मंदिर तोड़ा गया है, अब वहीं दोबारा मंदिर का निर्माण किया जाए। मंदिर को और भव्य बनाने की भी मांग उन्होंने रखी। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करने की बात हर्षानंद गिरी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और शहरों से श्रद्धालु खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं। लोग यहां झाड़ा लगवा रहे हैं और ताबीज पहन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जिस तरह की आस्था इस स्थान से जुड़ी है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। खड़े हनुमान मंदिर को लोग ‘छोटा AIIMS’ मानते हैं और यहां हनुमान जी को वैद्य के रूप में देखते हैं—इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों को यहां से किसी तरह का लाभ या चमत्कार महसूस नहीं होता, तो वे किसी की तारीफ क्यों करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की आस्था में कुछ चमत्कार हुए होंगे, इसलिए वे भगवान की तारीफ करते हैं। इसी आस्था और भगवान के स्वरूप का सम्मान किया जाना चाहिए। उज्जैन मंदिरों की नगरी, धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद हो उन्होंने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है। यहां भैरव बाबा और मां हरसिद्धि जैसे धार्मिक स्थलों के प्रति भी लोगों की आस्था है। ऐसे में धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद होना चाहिए और खड़े हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के रामलला temple का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उज्जैन में हनुमान जी के साथ वैसा हाल नहीं देखना चाहतीं। उनका कहना था कि उज्जैन मंदिरों की भूमि है और मंदिरों को इस तरह क्षतिग्रस्त करना ठीक नहीं है。 साधु-संतों से सवाल- मठों और गद्दियों से बाहर निकलकर साथ खड़े हों साधु-संतों की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं को एक करने की बात करते हैं, उन्हें हिंदुओं के किसी धर्मस्थल को हटाए जाने पर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कई महामंडलेश्वर हैं। इनमें से कुछ यहां दर्शन करने आए, लेकिन बाकी लोगों की ओर से कोई बात सामने नहीं आई。 उन्होंने कहा कि शुरुआत में बोलना उचित नहीं था, क्योंकि वे सरकार के साथ हैं और सरकार के खिलाफ नहीं हैं। सरकार के हर काम में उसका साथ देना चाहिए। लेकिन अगर किसी जगह ईश्वर ने खुद यह जता दिया है कि वह वहां से नहीं हटना चाहते, तो धर्म से जुड़े लोगों और साधु-संतों की जिम्मेदारी है कि वे ईश्वर की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके साथ खड़े हों। उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि अगर आज मठों, अखाड़ों और आश्रमों से निकलकर साधु-संत हनुमान जी के साथ खड़े नहीं होंगे, तो आने वाले समय में कुछ नहीं bचेगा। उन्होंने इसे संत समाज के लिए शर्म की बात भी बताया कि हनुमान जी के दर्शन टेंट में करने की स्थिति बन गई है。 फिलहाल मांग यही—मंदिर वहीं बने हर्षानंद गिरी ने साफ कहा कि सरकार के विकास कार्यों का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन खड़े हनुमान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि अब प्रतिमा को हटाने की कोशिश बंद कर उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण किया जाए。
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हरियाणा में 36वें दिन भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, कचरे से बीमारी का खतरा

Hisar, Haryana:हरियाणा में आज 36वें दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। हिसार में कचरे के ढेर लगने से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है और प्रशासन को जेसीबी लगाकर कचरा उठवाना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते अब तक 700 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के डिप्टी कोषाध्यक्ष और राज्य उपप्रधान राजेश बागड़ी ने ज़ी मीडिया को बताया कि 17 मांगों पर सहमति बनने बाद भी सरकार मुकर गई है और बिना आधिकारिक लिखित पत्र के यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। कर्मचारियों ने अब आंदोलन तेज करते हुए 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में 'महा न्याय पंचायत' करने का ऐलान कर दिया है।
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काजीगुंड लिंक रोड खुलवाने के लिए व्यापारियों का विरोध, MLA लारमी ने भरोसा दिलाया

Noida, Uttar Pradesh:काजीगुंड में व्यापारियों ने लिंक रोड बंद होने का विरोध किया, MLA मजीद लारमी ने समर्थन का भरोसा दिया काजीगुंड: गुरुवार को काजीगुंड के अपर बाजार के व्यापारियों ने नेशनल हाईवे को काजीगुंड से जोड़ने वाली लिंक रोड के लगातार बंद रहने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इस पाबंदी से उनके कारोबार और रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ा है। विरोध कर रहे व्यापारियों ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों के तहत यह सड़क बंद की गई थी। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि यात्रा खत्म हो चुके होने के बावजूद सड़क अभी तक नहीं खोली गई है। व्यापारियों के मुताबिक, सड़क के लगातार बंद रहने से ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार में भारी कमी आई है, जिससे इस पर निर्भर कई व्यापारियों को आर्थिक मुश्किलों और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा, "हम समझते हैं कि सुरक्षा कारणों से यात्रा के दौरान सड़क बंद की गई थी, लेकिन अब जब यात्रा खत्म हो चुकी है, तो इसे बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है।" उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द आवाजाही बहाल करने की अपील की। इस बीच, अनंतनाग वेस्ट के विधायक (MLA) अब्दुल मजीद लारमी मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे व्यापारियों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और समस्या को हल करने की कोशिश की जाएगी। लारमी ने व्यापारियों की मांग को सही और जायज बताया। उन्होंने कहा कि अगर संबंधित अधिकारियों के सामने मामला उठाने के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ, तो वह व्यापारियों के साथ खड़े होंगे और उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन से इस अहम लिंक रोड को जल्द से जल्द खोलने की अपील की है। उनका कहना है कि सामान्य कारोबार को फिर से शुरू करने और स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी बचाने के लिए इस रास्ते को बहाल करना बहुत जरूरी है।
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जबलपुर-अमरकंटक हाईवे पर बरगांव के पुल की जर्जर हालत, भारी खतरे की चेतावनी

Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी में भारी बारिश के बाद जर्जर पुलों की हालत ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर ग्राम बरगांव में सिलगी नदी के ऊपर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल अब जर्जर हो गया है... पुल का एक पिलर टूट चुका है, वहीं जगह-जगह दरारें साफ दिखाई दे रही हैं... इसके बावजूद इसी पुल से रोजाना हजारों वाहन गुजर रहे हैं...ग्रामीणों का कहना है की पिलर टूट जाने से अगर कोई भारी वाहन यहां से गुजरा तो पुल टूट सकता है और जबलपुर अमरकंटक को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क में आवाजाही बंद हो सकती है....जानकारी क़े मुताबित लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश के करीब 253 पुल जर्जर श्रेणी में चिन्हित हैं, जिनमें 46 पुलों की स्थिति बेहद खतरनाक बताई गई है... नियमों के मुताबिक 15 जून तक पुलों का सुरक्षा ऑडिट होना था, लेकिन कई जगहों पर सर्वे तक पूरा नहीं हो सका... ऐसे में सवाल अब सवाल है की क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर कब तक इन जर्जर पुलों पर लोगों की जान जोखिम में डालकर आवागमन जारी रहेगा?
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बाढ़ का खतरा बढ़ा: निस्ता तटबंध के रिसाव से 2,000 लोगों को खतरा

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय सूर्यगढ़ा प्रखंड के निस्ता गांव में हरुहर और गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा तटबंध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। निस्ता से मेदनी चौकी रसलपुर तक बने इस तटबंध में निस्ता के पास कई जगहों पर रिसाव शुरू हो गया है। इससे करीब 2 हजार की आबादी पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय बताते हैं कि हरुहर, गंगा और किऊल नदी यहां मोड़ लेती है, जिससे तेज धारा सीधे बांध से टकराती है। जलस्तर और बढ़ने पर पानी बांध के ऊपर से बह सकता है। हालांकि प्रशासन ने रिसाव रोकने के लिए जियो बैग और मिट्टी से बांध को मजबूत किया है।
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सोनभद्र में खनन घोटाले के आरोपी इस्तियाक अहमद खान मुंबई से गिरफ्तार

Obra, Uttar Pradesh:SONBHADRA में खनन पट्टे के दस्तावेज और चेक में कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने पूर्व सपा नेता खनन कारोबारी इस्तियाक अहमद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे सोनभद्र लेकर पहुंची और सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट में पेश किया। पुलिस की ओर से कोर्ट में रिमांड की मांग की गई है, जिस पर आज दोपहर आदेश आने की बात कही जा रही है। मामला रिंकी श्रीवास्तव के खनन पट्टे राधिका इंटरप्राइजेज से जुड़े दस्तावेज और चेक में कथित धोखाधड़ी का है। रिंकी श्रीवास्तव की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 3 सितंबर को इस्तियाक अहमद खान के घर पर छापा मारा था। इस्तियाक अहमद खान ओबरा नगर पंचायत के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने 3 सितंबर को ओबरा स्थित उनके आवास पर रेड की थी। पुलिस के मुताबिक छापेमारी के दौरान इस्तियाक अहमद खान घर पर नहीं मिला और इसके बाद वह ओबरा से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे मुंबई से गिरफ्तार किया और आज कोर्ट में पेश किया। पुलिस की ओर से इस्तियाक अहम खान को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है। मामले में आज दोपहर रिमांड को लेकर कोर्ट का फैसला आने की बात कही जा रही है। इस्तियाक अहम खान की पेशी को देखते हुए सोनभद्र जिला न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता बबलू दीक्षित ने बताया कि अभियुक्त पक्ष का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत से की जा रही है। अधिवक्ता के मुताबिक जब मामला न्यायालय में आया था, उस समय चेक पर किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर होने की बात सामने नहीं आई थी। उनका आरोप है कि अचानक मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, निजी होटल में रखने और सुबह ही कोर्ट में पेश किए जाने की पूरी कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे किसी को लाभ पहुंचाने की नीयत हो सकती है。
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गणेशोत्सव के दौरान CBSE स्कूलों में छुट्टी, परीक्षा नहीं लेने का निर्णय

Mumbai, Maharashtra:गणेशोत्सवादरम्यान परीक्षा नाही - मुलांना आणि पालकांना गणेशोत्सवाचा आनंद घेता यावा यासाठी CBSE शाळांची सुट्टी , मनसेच्या आंदोलनाला यश... मनसेच्या आंदोलनाच्या इशाऱ्यानंतर बोरिवली-चारकोप विधानसभेतील सर्व CBSE शाळांना सुट्टी जाहीर करण्यात आली आहे. गणेशोत्सव काळात परीक्षा न घेता मुलांना आणि पालकांना सणाचा आनंद sाजरा करता यावा, यासाठी चारकोप विधानसभेतील सर्व CBSE शाळांनी सुट्टी जाहीर केली आहे. मनसेच्या आंदोलनाला मोठं यश मिळालं आहे. बाइट: दिनेश साळवी - विभाग अध्यक्ष मनसे बाइट: विश्वास मोरे - विभाग अध्यक्ष बोरीवली
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बस्तर लौटते प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासन ने तेज़ी पकड़ी

Jagdalpur, Chhattisgarh:सलवा जुडूम के दौरान माओवादी हिंसा से बचने के लिए बस्तर छोड़ने वाले परिवारों को पुनः बस्तर में बसाने का काम प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दिया गया है, माओवादी हिंसा के बीच दक्षिण बस्तर के सुकमा दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के हजारों परिवारों ने पलायन किया था, बस्तर से माओवाद की समाप्ति के बाद अब प्रवासित परिवारों को पुनः बस्तर में उनके गांवों में बसाने की पहल की जा रही है, इसको लेकर बस्तर कमिश्न्नर डोमन सिंह ने दक्षिण बस्तर के तीनों जिलों के कलेक्टर की वर्चुअल बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए, एक अनुमान के अनुसार माओवादी हिंसा से बचने के लिए दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों के हजारों आदिवासी परिवारों ने आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में शरण ले ली थी, इन प्रवासित परिवारो ने अपनी जान तो जरूर बचा ली लेकिन लंबे समय तक इन परिवारों को मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ा, बदले माहौल के बीच माओवाद मुक्त बस्तर में अपने गांव वापस लौट रहे परिवारों के पुनर्वास को संवेदनशीलता एवं सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने का काम अब प्रशासन की प्राथमिकता है, कमिश्नर ने तीनों जिलों के संबंधित अधिकारियों को शासन की 31 व्यक्ति मूलक एवं 14 सामुदायिक योजनाओं से पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए है, बता दें कि हाल ही में सुकमा जिले में 100 परिवारों की वापसी हुई थी वहीं तकरीबन 32 हजार लोग अब भी अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे है, जगदलपुर दौरे में पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रवासित परिवारों के पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के कि बात कही, बहरहाल बस्तर कमिश्नर ने वर्चुअल बैठक में उन्होंने संबंधित जिलों की ग्राम पंचायतों में नियमित शिविर आयोजित करने तथा वापस आने वाले परिवारों का सर्वे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।
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गोपालगंज में बस दुर्घटना: दंपति की मौत, स्कूल फीस जमा करने जा रहे थे

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज में सड़क हादसे में एक दम्पत्ति की मौत हो गई दोनो बाइक से अपने बच्चे के स्कूल फीस जमा करने जा रहे थे घटना आज गुरूवार मांझागढ़ थाना क्षेत्र के भरकुइया गांव के समीप की है जहाँ तेज रफ्तार अनियंत्रित बस की चपेट में आने से बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के सरेया विशुनपुरा गांव निवासी इशू मियां के 40 वर्षीय बेटे सेराजुल मियां और उनकी 36 वर्षीय पत्नी शकीला खातून के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सेराजुल मियां अपनी पत्नी शकीला खातून के साथ बाइक से गोपालगंज शहर जा रहे थे। दोनों अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान भरकुइया गांव के पास तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मांझागढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
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