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Anil Patre Zee MpcgAnil Patre Zee MpcgFollow7 Aug 2024, 07:43 am
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मैनपुरी-करहल में भागवत कथा का छठा दिन,गोवर्धन पूजा की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु।

Ajay KumarAjay KumarFollow2m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल के किशनी रोड स्थित बंबा की पुलिया के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन लीला का वर्णन किया गया। कथा वाचिका रश्मी शास्त्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कराई और अपनी कनिष्ठा उंगली पर पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा का संदेश प्रकृति,गौ-सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया और "जय श्रीकृष्ण"के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। कथा के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया,बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार पर कड़ी फटकार, जोधपुर जल प्रदूषण मामले में निर्देश

Jodhpur, Rajasthan: नोट इसमें सुप्रीम कोर्ट के वीडियो लगावे。 जोधपुर। जोजरी नदी में प्रदूषण और इससे प्रभावित करीब 20 लाख लोगों के जीवन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को आदेशों की समयबद्ध और प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही अगली सुनवाई पर 04 अगस्त को मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विक्रमनाथ व जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में जल स्रोतों में औद्योगिक प्रदूषण से जुड़ी सामने आ रही घटनाएं बेहद गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय हैं। कोर्ट के समक्ष रखी गई मीडिया रिपोर्ट्स में जोजरी नदी के पास तनावड़ा क्षेत्र में एक तालाब का पानी गुलाबी होने और मानव एवं पशुओं के उपयोग के लिए अनुपयुक्त होने का उल्लेख किया गया। कोर्ट ने माना कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो इसका असर भूजल, कृषि भूमि, वन्यजीव और जनस्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। हाई लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट में जोधपुर के मेलबा, धवा, झंवर और लूणी तहसील के आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों पर प्रदूषण के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार धावा और डोली क्षेत्र चिंकारा, काला हिरण, लोमड़ी और नीलगाय सहित कई वन्यजीव प्रजातियों का महत्वपूर्ण आवास हैं। स्थानीय लोगों ने कमेटी को बताया कि जोजरी नदी में प्रदूषित पानी के प्रवाह के कारण वन्यजीवों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। कमेटी ने जोधपुर जिले के मेलबा और मोडाथली क्षेत्र की कुछ भूमि को वन विभाग को हस्तांतरित कर वन एवं घासभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को इन जमीनों के हस्तांतरण के लिए आवश्यक अधिसूचनाएं और आदेश शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सांगारिया स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में जमा औद्योगिक अपशिष्टयुक्त पानी को लेकर भी सख्ती दिखाई। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को तकनीकी कार्ययोजना तैयार कर जमा पानी का सुरक्षित उपचार और निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया कमेटी की प्रत्यक्ष निगरानी में होगी और उपचार से पहले तथा बाद में वैज्ञानिक जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि जहरीले तत्व समाप्त हो चुके हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया की आड़ में बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू नहीं किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से राज्य में सामने आए पर्यावरण प्रदूषण के मामलों पर विस्तृत हलफनामा भी मांगा है। इसमें वास्तविक स्थिति, संबंधित अधिकारियों की भूमिका, अब तक की कार्रवाई, जिम्मेदारी तय किए जाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों की जानकारी देनी होगी। साथ ही कमेटी की दूसरी स्टेटस रिपोर्ट और एसआईटी की पहली रिपोर्ट पर की गई टिप्पणियों का भी जवाब देना होगा। कोर्ट ने बिना उपचारित औद्योगिक अपशिष्ट के अवैध बहाव को गंभीर अपराध मानते हुए राज्य सरकार से यह भी पूछा कि अब तक की अभियोजन कार्रवाई में भारतीय न्याय संहिता की धारा 272, 326(ए), 326(सी) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानून के तहत गंभीर धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं। कोर्ट ने राज्य सरकार को लंबित और प्रस्तावित सभी अभियोजन मामलों में इन अपराधों को लागू करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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राजस्थान हाईकोर्ट: विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली, भर्ती की त्वरित कार्रवाई की मांग

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर।  प्रदेश में हाल ही में विभिन्न जिलों में प्रसव के दौरान एवं प्रसवोत्तर अवधि में हुई प्रसुताओं की मौतों ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों के भारी रिक्त पदों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। निरामया ट्रस्ट द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी एवं जस्टिस संजीत पुरोहित ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों के विस्तृत संकलन का अवलोकन किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि प्रस्तुत आंकड़े सही हैं तो इतनी बड़ी संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पद निश्चित रूप से प्रदेश की आम जनता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार इन आंकड़ों का सत्यापन करे तथा यह स्पष्ट करे कि आखिर इतने वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त क्यों पड़े हैं। निरामया ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता वर्षा बिस्सा ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों के सैकड़ों पद रिक्त हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, शिशु रोग, रेडियोलॉजी, अस्थि रोग, नेत्र रोग, ईएनटी सहित अनेक महत्वपूर्ण विशेषज्ञताओं में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इन रिक्तियों के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों में गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तथा उन्हें मजबूरन उच्च संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है। ट्रस्ट  की ओर से अधिवक्ता वर्षा बिस्सा ने न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि हाल ही में प्रदेश में प्रसुताओं की लगातार हुई मौतों ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। यदि जिला एवं उप जिला स्तर पर पर्याप्त संख्या में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, शिशु रोग विशेषज्ञ तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हों तो अनेक गंभीर प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं को समय रहते उपचार मिल सकता है तथा अनावश्यक रेफरल एवं उपचार में विलंब से होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। निरामया ट्रस्ट ने अपनी जनहित याचिका में न्यायालय से आग्रह किया है कि प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप जिला अस्पतालों एवं जिला अस्पतालों में वर्षों से रिक्त पड़े जूनियर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों पर शीघ्र प्रत्यक्ष भर्ती प्रारम्भ करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि प्रदेश की ग्रामीण एवं अर्धशहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया जा सके। मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई 2026 को होगी。
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आरएसएमएमएल की 424वीं बोर्ड बैठक: क्रियान्वयन तेज करने के निर्देश

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान स्टेट मिन्‌स एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) की निदेशक मंडल की 424वीं बैठक सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कंपनी की विभिन्न खनन परियोजनाओं की प्रगति, निवेश प्रस्तावों, प्रशासनिक मामलों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से खनन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और बोर्ड के निर्णयों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, इसलिए खनिज संसाधनों का अधिकतम और वैज्ञानिक उपयोग कर परियोजनाओं को गति देना जरूरी है ताकि राज्य के आर्थिक विकास और राजस्व बढ़े। उन्होंने कहा कि कार्यवाही लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो और सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक में निदेशक मंडल ने पिछली (423वीं) बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की तथा पूर्व निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए लंबित बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया। बोर्ड के निर्णयों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सभी संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। बैठक में कंपनी के निवेश प्रस्तावों और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हुई। भविष्य में नई खनन परियोजनाओं, संचालन क्षमता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा, वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया, आरएसएमएमएल के प्रबंध निदेशक पी. रमेश सहित निदेशक मंडल के सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजस्थान PSC भर्ती: कृषि विषय 40% कटऑफ आड़े, अदालत में चुनौती

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित लेक्चरर स्कूल शिक्षा (कृषि) भर्ती परीक्षा में प्रत्येक प्रश्नपत्र में अलग-अलग 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य करने की शर्त को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता रविंद्र सिंह ने अधिवक्ता बी.एल. स्वामी के माध्यम से रिट याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ता ने एमएससी एग्रीकल्चर प्रथम श्रेणी में 73 प्रतिशत अंकों के साथ तथा बीएड प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। आरपीएससी ने लेक्चरर स्कूल शिक्षा (कृषि) के 500 पदों पर भर्ती के लिए 28 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया था। भर्ती परीक्षा में सामान्य ज्ञान और कृषि विषय के दो प्रश्नपत्र रखे गए हैं। विज्ञापन में दोनों प्रश्नपत्रों में अलग-अलग न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2018 की भर्ती में ऐसी शर्त नहीं थी। वहीं वर्ष 2022 और 2023 की भर्तियों में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए थे। याचिकाकर्ता का कहना है कि सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र का स्तर यूपीएससी और आरएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप रखा गया है, जबकि कृषि विषय के अभ्यर्थियों का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में कृषि विषय पढ़ाना है। अधिवक्ता बीएल स्वामी ने कोर्ट को बताया कि दोनों प्रश्नपत्रों में अलग-अलग 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य करना संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार के विपरीत है। इससे कृषि विषय में मेधावी अभ्यर्थी केवल सामान्य ज्ञान में निर्धारित कटऑफ हासिल नहीं कर पाने के कारण चयन से बाहर हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में पद खाली रहने की आशंका भी है। याचिका में इस शर्त को असंगत, अनुचित और राज्य की रोजगार नीति के विपरीत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई है। परीक्षा का परिणाम अभी जारी होना बाकी है।
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डूमरगड़ी डैम के खुले रिज़ोर्ट के खिलाफ ग्रामीणों ने एसडीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत डूमरगड़ी डैम स्थित पर्यटन स्थल में खुले रिजोर्ट के विरुद्ध आज सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीओ कार्यालय पहुंचे। जिसमें डूमरगड़ी के सभी सात मुहल्ले के महिला पुरुष और बच्चे को लेकर पहुंचे थे। जहाँ उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि समाज के लिए रिजोर्ट अहितकर होता जा रहा है। इससे हमारे बच्चे बच्चियां बिगड़ जाएंगी। वहीं ग्रामीण इसपर कार्यवाही की मांग की है। सोमारी देवी बताया कि रिजोर्ट में आजकल खुलेआम लड़के-लड़कियां नंग-धड़ंग कार्य करते हैं। इससे अपने गांव घर के बच्चे बच्चियों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे वैसे दृश्य को देखते हैं। इसलिए रिजोर्ट बंद हो जाना चाहिए । क्योंकि रिजोर्ट में इस प्रकार लोग कार्य कर रहे हैं। जिसका बुरा असर गांव के बच्चे बच्चियों में पड़ रहा है। अपने लोक-लाज संस्कृति पर असर आने लगा है। इसलिए रिजोर्ट बंद हो जान चाहिए। हम पार्क का विरोध नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब अपने इज्जत आबरु पर आने लगे तो वैसा हमारे क्षेत्र में नहीं चलेगा। महिला ने बतायी कि आज सुबह ग्राम सभा किया गया और फिर वही पर सभी लोग मिलकर योजना बनाये कि आज ही जाना है। इसके पहले भी जानकारी दी गयी थी । लेकिन ये कारनामा बंद धन नहीं हुआ । इसलिए हमलोग आज आये हैं. महिला ने बताया कि गांव के सातों मुहल्ले के 200 से अधिक लोग आते हैं। जिसमें पुरुषों के साथ हम महिलाएं भी आएं। ताकि एसडीओ हमारे दिल को समझ सकें। बाइट - सोमारी देवी, ग्रामीण महिला , डुमरगड़ी‌ । बाइट - प्रीति कच्छप, ग्रामीण महिला , डुमरगड़ी‌ । बाइट - एतवारी ग्रामीण महिला , डुमरगड़ी‌ ।
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खेलते-खेलते गड्ढे में गिरी 8 वर्षीय मासूम, मौत से परिजनों में कोहराम

Munger, Bihar:खेलते-खेलते गड्ढे में गिरा 8 वर्षीय मासूम, डूबने से मौत, परिजनों में मचा कोहराम। बघेल कोल टोली गांव की घटना, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा; प्रशासन ने मुआवजे का दिया आश्वासन। मुंगेर :  हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र के रमनकाबाद पश्चिमी पंचायत अंतर्गत बघेल कोल गांव के समीप गुरुवार को खेल के दौरान गड्ढे में डूबने से एक 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. बघेल कोल टोली गांव निवासी विजय टुडू का आठ वर्षीय पुत्र संजय टुडू गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाते हुए इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद संजय को गड्ढे से बाहर निकालकर अनुमंडलीय अस्पताल, हवेली खड़गपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।   इधर, सूचना मिलने पर हवेली खड़गपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेज दिया ।वहीं अंचल अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के परिजनों को आपदा राहत मद से मिलने वाली सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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पंचायत प्रमुखों की वित्तीय शक्ति समाप्त; सचिवों को जिम्मेदारी देंगे; विधानसभा में शनिवार बिल

ADAnup Das13m ago
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস *নাকাসিপাড়া ব্লকের বেথুয়াডহুরি ১ নম্বর পঞ্চায়েতের প্রধান মৌমিতা বিশ্বাস সাহা। সমর্থন করলেন পঞ্চায়েত প্রধানদের হাতে আর কোনও আর্থিক ক্ষমতা থাকবে না, এবার থেকে পঞ্চায়েতের সচিবদের হাতে তুলে দেওয়া হবে এই দায়িত্ব। তাতে কোনো আপত্তি নেই,বিষয় টা ভালো হবে জানালেন প্রধান.* পঞ্চায়েতে দুর্নীতিতে জিরো টলারেন্স রাজ্য সরকারের। কড়া আইন আনতে চলেছে রাজ্য সরকার। পঞ্চায়েত প্রধানদের হাতে আর কোনও আর্থিক ক্ষমতা থাকবে না। বদলে পঞ্চায়েতের সচিবদের হাতে তুলে দেওয়া হবে এই দায়িত্ব। আগামী শনিবার বিধানসভায় এই বিল আনতে চলেছে, সেই নিয়ে জানালেন。
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मुख्य सचिव ने आकांक्षी ब्लॉक और जिला कार्यक्रमों की प्रगति तेज करने के निर्देश

Jaipur, Rajasthan:मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) और आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टरों को विकास सूचकांकों में सुधार के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य की समग्र रैंकिंग बेहतर करने के लिए कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों से विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों (इंडिकेटर्स) पर जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक और जिला कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, आधारभूत सुविधाओं और वित्तीय समावेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास को गति देना है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने और नियमित समीक्षा के जरिए प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इन कार्यक्रमों की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए जिला स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग और कमजोर क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाई जाए, ताकि विकास सूचकांकों में सुधार के साथ राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग भी बेहतर हो सके।
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नाबालिग से ऑटो चलवाने वाले वीडियो पर उज्जैन पुलिस एक्शन: ऑटो जब्त

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन नाबालिग से ऑटो चलवाने वाले वीडियो पर पुलिस का एक्शन, ऑटो जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई उज्जैन: सोशल मीडिया पर एक नाबालिग बच्चे द्वारा व्यस्त सड़क पर ऑटो रिक्शा चलाने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद उज्जैन यातायात पुलिस एक्शन में आ गई है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो शहर के इंद्रानगर क्षेत्र का है, जिसमें एक व्यक्ति गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अपने नाबालिग बच्चे से ऑटो रिक्शा चलवाता हुआ नजर आ रहा था। व्यस्त सड़क पर नाबालिग द्वारा इस तरह वाहन चलाना न केवल यातायात नियमों का खुला उल्लंघन था, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों और खुद बच्चे की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बना हुआ था। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक ने इस पर तुरंत कड़ा रुख अपनाया और यातायात पुलिस को आरोपी वाहन चालक पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी के निर्देशों का पालन करते हुए यातायात थाने के सूबेदार इन्द्रपाल सिंह राजपूत और उनकी टीम ने तुरंत इलाके में सर्चिंग अभियान चलाकर उक्त ऑटो रिक्शा की तलाश शुरू कर दी। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने संदेही ऑटो रिक्शा को ढूंढकर जब्त कर लिया और उसे यातायात थाने में खड़ा करवा दिया है। फिलहाल पुलिस द्वारा वाहन चालक और मालिक के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई के बाद उज्जैन यातायात पुलिस ने शहर के सभी ऑटो चालकों, व्यावसायिक वाहन मालिकों और आम नागरिकों को सख्त हिदायत दी है। सूबेदार इन्द्रपाल सिंह राजपूत ने अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थिति में नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए न दे। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनी रूप से गंभीर अपराध है और भविष्य में भी यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो संबंधितों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी बाइट:-सूबेदार इन्द्रपाल सिंह राजपूत
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उदयपुर पुलिस ने 50 पॉवर बाइक समेत चार थानों की दबिश, स्टंट पर कार्रवाई

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर उदयपुर स े बड़ी खबर, बाइक स्टंटबाजों के खिलाफ उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार थानों की पुलिस ने की कर्रवाई, 50 पॉवर बाइक की जब्त, स्टंट करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालो के खिलाफ कार्रवाई, झाड़ोल, फलासिया, ओगणा और बाघपुरा थाना पुलिस ने की कार्रवाई झाड़ोल डीएसपी विवेक सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, बीते कुछ समय से पुलिस लगातार इस तरह की कार्रवाई को दे रही अंजाम, पुलिस ने अभियान चला लगातार कार्रवाई जारी रखने की दी चेतावनी, युवक सार्वजनिक जगह और मुख्य रोड पर स्टंट कर रहे थे फिर की कार्रवाई
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दमोह पुलिस ने ट्रैक्टर चोर गिरोह को दबोचा: 25 लाख का माल कब्जे में

Damoh, Madhya Pradesh:सागर का ट्रेक्टर चोर गिरोह दमोह पुलिस की गिरफ्त में, दो चोरियों का खुलासा और के राज खुलने की उम्मीद.. दरअसल ट्रेक्टर ट्राली चोरी होने के बाद एसपी ने एक अलग टीम बनाई और करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरो को खंगाला और इन फुटेज मुखबिर तंत्र और सायबर सेल के जरिए पुलिस गिरोह तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए दो चोरों से पुलिस ने चोरी गया ट्रेक्टर ट्राली तो जब्त किया ही साथ ही पूंछताछ के एक और ट्रेक्टर इनके द्वारा बताया गया किसे जब्त किया गया है इसके अलावा चोरी में उपयोग की गई पिकअप गाड़ी में जब्त हुई और इस तरह से करीब 25 लाख का माल जब्त हुआ है। दोनों चोर सागर जिले के रहने वाले है। इनमें से एक का बड़ा आपराधिक रेकॉर्ड है वहीं गिरोह बड़ा होने की आशंका भी है। पुलिस ने इन चोरों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया हे। एसपी के मुताबिक इस गिरोह से और भी चोरियों के राज खुलने की उम्मीद है।
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8 महीने की बच्ची का अपहरण 24 घंटे में रेलवे CCTV से सुलझा, बरामद

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन से 8 महीने की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला महज 24 घंटे में सुलझ गया। पश्चिम मध्य रेलवे के सीसीटीवी नेटवर्क और जीआरपी-आरपीएफ की सतर्कता ने ऐसा सुरक्षा घेरा बनाया कि आरोपी महिला बच नहीं सकी। कई रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आखिरकार इटारसी रेलवे स्टेशन से मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया। दरअसल 20 जुलाई 2026 को बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर एक महिला अपनी 8 महीने की बच्ची के साथ सो रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात महिला मासूम को उठाकर फरार हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी बीना ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सबसे बड़ा सुराग बना रेलवे स्टेशन का सीसीटीवी नेटवर्क। फुटेज में आरोपी महिला बच्ची को लेकर गाड़ी संख्या 22589 हडपसर–अमृत भारत एक्सप्रेस में सवार होती दिखाई दी। इसके बाद सूचना तत्काल रानी कमलापति स्टेशन भेजी गई, जहां कैमरों में महिला एस-2 कोच से उतरकर सामान्य कोच में चढ़ती नजर आई। नर्मदापुरम स्टेशन के सीसीटीवी से उसकी आगे की लोकेशन ट्रैक की गई। अगले दिन आरोपी महिला गाड़ी संख्या 12616 जीटी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में सफर करती दिखाई दी। सूचना मिलते ही इटारसी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल ने घेराबंदी कर महिला को बच्ची सहित पकड़ लिया। इसके बाद 8 महीने की मासूम को सकुशल उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया
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