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कारगिल विजय दिवस पर मदन दिलावर ने शहीदों को श्रद्धांजलि; मां पन्नाधाय प्रतिमा की घोषणा

Kota, Rajasthan:कारगิล विजय दिवस: मंत्री मदन दिलावर ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, ऊंडवा चौराहे पर लगेगी मां पन्नाधाय की प्रतिमा हर घर तिरंगा अभियान के तहत रामगंजमंडी में रिकॉर्ड बनाने का आह्वान, कार्यकर्ताओं के साथ सुना मन की बात कार्यक्रम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने रामगंजमंडी के शहीद पन्नालाल चौराहे पर आयोजित समारोह में कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद पन्नालाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि दी। इस दौरान पूरा क्षेत्र कारगिल शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा। मंत्री दिलावर ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के जवानों ने अदम्य साहस व शौर्य का परिचय दिया और 26 जुलाई को दुश्मन के कब्जे से सभी चोटियों को मुक्त कराया। इस युद्ध में देश के 527 वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। समारोह में स्थानीय लोगों की मांग पर मंत्री ने ऊंडवा चौराहे पर त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति मां पन्नाधाय की प्रतिमा स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। इसके बाद, नगर पालिका सभागार में मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि आगामी स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान के तहत रामगंजमंडी में घर-घर तिरंगा फहराकर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारियां शुरू करें। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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कानपुर के श्यामनगर में बुर्का-नकाब पहनकर लुटेरों को लोग पकड़ कर पुलिस के हवाले

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर में बुर्का और नकाब पहनकर आए दो संदिग्ध एक घर में घुस गये। महिलाओं के शोर मचाने पर दोनों भागने लगे लेकिन स्थानीय लोगों ने पीछा कर उनको पकड़कर उनके हाथ पैर बाध दिया पुलिस के हवाले कर दिया। मौके से ड्रिल मशीन, कटर और अन्य औजार भी बरामद हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। दरसल चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर के ई-ब्लॉक निवासी राधा दधीचि अपनी बहू शैली दधीचि के साथ घर पर थीं। इसी दौरान बुर्का और नकाब पहने दो युवक घर में घुसे। परिचय पूछने पर दोनों ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि दोनों लूट के इरादे से घर में घुने थे और विरोध करने पर मारपीट की। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे लेकिन स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस को मौके से एक झोला मिला, जिसमें ड्रिल मशीन, कटर और अन्य औजार बरामद हुए हैं।
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कॉर्बेट में नर हाथी की लंबी यात्रा वायरल, वन्यजीव प्रेमी ने किया खुलासा

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट में नर हाथी की लंबी यात्रा का वीडियो वायरल, वन्यजीव प्रेमी दीपक मलकानी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो साझा किया है, जिसमें एक नर हाथी लंबी दूरी तय करता हुआ नजर आ रहा है। दीपक मलकानी के मुताबिक, नर हाथियों का व्यवहार मादा हाथियों और उनके झुंड से काफी अलग होता है; आमतौर पर वयस्क नर हाथी लंबे समय तक एक ही झुंड में नहीं रहते और अलग-अलग क्षेत्रों में विचरन करते हुए एक झुंड से दूसरे झुंड तक पहुंचते रहते हैं, इस दौरान वे लंबी दूरी की यात्रा भी करते हैं। वन्यजीव प्रेमी का कहना है कि हाथियों की यह यात्रा उनके प्राकृतिक जीवन चक्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है; नर हाथी अलग-अलग झुंडों के संपर्क में आते हैं और प्रजनन के लिए मादा हाथियों के साथ संबंध बनाते हैं, इस तरह अलग-अलग झुंडों के बीच उनका आवागमन हाथियों की आबादी में आनुवंशिक विविधता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बताया गया कि हाथी बेहद बुद्धिमान और सामाजिक वन्यजीव हैं, और भोजन, पानी तथा सुरक्षित आवास की तलाश में भी लंबी दूरी तय कर सकते हैं। हालांकि, जंगलों के सिकुड़ने और वन्यजीव गलियारों में बढ़ते मानवीय दबाव के कारण हाथियों की पारंपरिक आवाजाही प्रभावित हो रही है। कॉर्बेट के जंगलों में नजर आया यह नर हाथी एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उनके प्राकृतिक आवास और आवाजाही के रास्तों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, सोशल मीडिया पर साझा किया गया यह वीडियो लोगों के बीच वन्यजीवों के व्यवहार को समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी बन रहा है।
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गोरखपुर में पीएम के खिलाफ वायरल वीडियो: दो युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो वायरल हो गया है। गगहा थाने में वीडियो के आधार पर दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वीडियो की सत्यता और लोगों की भूमिका की जांच जारी है। जी मीडिया इस वायरल वीडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता है। गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। गगहा क्षेत्र निवासी शुभम शाही की शिकायत पर पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने गगहा क्षेत्र के रहने वाले दीपू यादव और संतोष यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। और मामले की जांच की जा रही है। एसपी साऊथ दिनेश पूरी के अनुसार, शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और वायरल वीडियो की सत्यता सहित पूरे मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी。 फिलहल पुलिस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच में जुटी है। मामले की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी。
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आवारा गोवंश से सड़क दुर्घटनाओं में मौत, अमेठी प्रशासन की लचर व्यवस्था पर सवाल

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते आये दिन आवारा गोवंशो की सड़क दुघर्टना में हो रही है मौते, सड़क दुघर्टना में आज अलग अलग स्थानों पर आधा दर्जन गोवंशो की हुई है मौतें, जायस नगर पालिका के कासिमपुर के पास एक साथ बीच सड़क पर दुर्घटना से मृतक पड़ी 3 गोवंश, वहीं मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर बीच सड़क मृतक पड़ा गोवंश, वहीं नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे भी मृतक पड़ी गोवंश, आवारा गोवंशो के संरक्षण को लेकर प्रशासन द्वारा किसी भी गोवंशो के गले मे नही लगाया गया है रेडियम पट्टी, प्रशासन ने नहीं हटवाया मृतक गोवंशो के शव को,
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कारगिल विजय दिवस: झुंझुनूं के वीरों ने दिखाया अदम्य साहस और देशभक्ति

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं कारगिल विजय दिवस पर विशेष झुंझुनूं के रणबांकुरों ने सुनाई शौर्य गाथा बर्फ, गोलियों और मौत के साए में फहराया था तिरंगा सात दिन की कठिन चढ़ाई के बाद भारतीय सेना ने जीती पोस्ट माइनस 10 डिग्री तापमान में भी डटे रहे भारतीय जवान कारगिल के वीरों की गाथा आज भी युवाओं में भर रही देशभक्ति झुंझुनूं के वीर सपूतों के शौर्य पर पूरे देश को गर्व वीओ 01 : जाखौद गांव निवासी हवलदार (सेवानिवृत्त) मंगतू राम शर्मा 18 ग्रेनेडियर्स के बहादुर सैनिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले उनकी तैनाती श्रीनगर के हाजिन क्षेत्र में थी। अचानक आदेश मिला और पूरी यूनिट को द्रास सेक्टर रवाना कर दिया गया।उन्होंने बताया कि टाइगर हिल पर पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था। सैनिकों ने दुश्मन द्वारा लगाए गए रस्सों के सहारे तीन दिनों तक कठिन चढ़ाई कर ऊंचाई हासिल की और फिर निर्णायक हमला किया।उन्होंने बताया कि इस अभियान में परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव भी शामिल थे, जिन्होंने अद्वितीय साहस का परिचय दिया। मंगतू राम शर्मा ने बताया कि टोलोलिंग और टाइगर हिल की लड़ाई में भारतीय सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन जवानों का मनोबल नहीं टूटा। एक शहीद साथी का पार्थिव शरीर लाने के लिए तीन दिन तक लगातार अभियान चलाया गया, जो सेना की अपने साथियों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि कई बार केवल दो बादाम की गिरी खाकर पूरा दिन बिताना पड़ता था। ऑक्सीजन की कमी और लगातार चढ़ाई के कारण सैनिकों के कपड़े ढीले हो जाते थे, लेकिन किसी ने पीछे हटने का नाम नहीं लिया।उन्होंने गर्व से कहा, "जब कंपनी कमांडर ने आराम करने को कहा, तब भी मैंने कहा— मैं अपनी कंपनी के साथ जियूंगा और कंपनी के साथ ही मरूंगा।" उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने हाथों से बेनट ( छुरी )से पाकिस्तान के तीन अफसरों की गर्दन काट दी। और गर्दनें बैग में डाल कर ले आए। वीओ 02 : 27 राजपूत रेजिमेंट के पूर्व सैनिक उदय सिंह शेखावत ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान उनकी यूनिट ग्लेशियर क्षेत्र की ओर जा रही थी, तभी पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों द्वारा भारतीय चौकियों पर कब्जे की सूचना मिली और उन्हें तत्काल कारगिल भेज दिया गया।उन्होंने बताया कि उनकी यूनिट को पाकिस्तान के कब्जे वाली भारतीय चौकी, जिसे घुसपैठियों ने 'बिलाल पोस्ट' नाम दिया था, वापस लेने की जिम्मेदारी मिली।27 जून 1999 को मेजर एन.एस. चीमा के नेतृत्व में सात दिन की कठिन चढ़ाई के बाद भारतीय सैनिकों ने पोस्ट पर हमला किया। ऑपरेशन में दुश्मन के संतरी को मार गिराया गया और बंकरों में ग्रेनेड फेंककर 13 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया गया।कुछ सैनिक जान बचाकर भाग निकले और भारतीय सेना ने पोस्ट पर दोबारा तिरंगा फहरा दिया।उदय सिंह ने बताया कि अगले ही दिन पाकिस्तान ने जवाबी हमला किया, जिसमें भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए और उनके पैर में गोली लगी। घायल होने के बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा।उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान जवानों को माइनस 10 डिग्री तापमान, ऑक्सीजन की कमी और 20–25 किलोग्राम वजन के साथ रात में चढ़ाई करनी पड़ती थी। कई बार रसद नहीं पहुंचने पर सैनिक बर्फ पिघलाकर पानी पीते और भूखे रहकर भी लड़ाई जारी रखते थे।उन्होंने बताया कि जिस चौकी को पाकिस्तान ने 'बिलाल पोस्ट' नाम दिया था, उसे भारतीय सेना ने पुनः कब्जे में लेने के बाद अधिकारी नवदीप सिंह चीमा के सम्मान में 'नवदीप टॉप' नाम दिया। बाइट 02 : उदय सिंह शेखावत, पूर्व सैनिक (टोपी लगाये हुए) फाइनल वीओ : वीर सैनिकों का कहना है कि कारगिल विजय केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनका मानना है कि देश की रक्षा के लिए समर्पित सैनिक हर कठिन परिस्थिति को मुस्कुराकर स्वीकार करता है और यही भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।
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