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राजस्थान में समान नागरिक संहिता लागू कराने को लेकर भारी राजनीतिक घमासान शुरू

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कानून का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। पर दूसरी ओर सरकार के यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोधी भी शुरू हो गया है; अजमेर के खादिम से लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तक ने इसका विरोध करने की चेतावनी दी है। सैय्यद सरवर चिश्ती की बाइट की आखिरी लाइन लीजिये जिसमें वो कह रहे हैं कि मुसलमानों के दिल में लावा है ये एक दिन फूटेगा; बीजेपी सरकार ने देश को बर्बाद कर दिया है; चिश्ती हर लिबास में है। राजस्थान में यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए सरकार के पहला कदम उठाते ही मौलाना भड़क उठे हैं; मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलानाओं से लेकर अजमेर के खादिम तक इसके विरोध में खड़े हो रहे हैं; भजनलाल सरकार को कड़ी चेतावनी दी जा रही है; अजमेर दरगाह के खादिम सैय्यद सरवर चिश्ती ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को मुस्लिम विरोधी करार दिया है; चिश्ती बोले, इससे मुसलामानों का उत्पीड़न किया जायेगा; उन्होंने यूसीसी के प्रावधानों को ही संदेह के घेरे में खड़ा किया; कहा, एक तरफ सरकार आदिवासियों को पूरा संरक्षण दे रही है, उन के एक से ज्यादा शादियों पर पूरी छूट है तो मुसलमानों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों किया जा रहा है; उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, मुसलमानों के दिल में लावा है ये एक दिन जरूर फूटेगा; तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। सैय्यद सरवर चिश्ती गद्दीनशीन दरगाह अजमेर; मौलाना ओबेदुल्ला खान आज़मी उपाध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड। दूसरी ओर भाजपा मुस्लिम तुष्टीकरण पर हमलावर है; पार्टी के कददावर नेता यूसीसी के समर्थन में दलील दे रहे हैं; यूसीसी के जरिये सरकार राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति, और गोद लेने जैसे मामलों में धर्म से ऊपर उठकर एक समान कानून लागू करने का दावा कर रही है; उसके तहत बहुविवाह पर रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, और पैतृक संपत्ति में पुत्र-पुत्री को समान अधिकार देने जैसे मसलों पर विचार किया जा रहा है; आदिवासी समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है; आदिवासी रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं को सुरक्षित रखा जा रहा है। आने वाले सत्र में यूसीसी का बिल विधानसभा में पेश होगा; इसके बाद किसी भी धर्म का व्यक्ति एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएगा; लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा; पैतृक संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार मिलेंगे; शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य होगा। भाजपा के मंत्री सांसद यूसीसी को लेकर उत्साहित हैं और उन्हें इसमें अपना सियासी फायदा दिखाई दे रहा है; साथ ही कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति पर भी भाजपा निशाने साध रही है। बाइट जोगाराम पटेल संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री; बाइट घनश्याम तिवाड़ी राज्यसभा सांसद। एक तरफ भाजपा में उत्साह है तो कांग्रेस के खेमे में यूसीसी को लेकर खलबली है; प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने यूसीसी पर सरकार को आड़े हाथ लिया है; टीकाराम जूली ने भी सरकार को इस मुददे पर घेरा। भाजपा को यूसीसी में अपना फायदा दिख रहा है; कांग्रेस इसे खिलाफ रणनीति बना रही है; पर मुस्लिम धर्मगुरूओं से मौलानाओं तक को यूसीसी के प्रावधान इतना डरा रहे हैं यह समझ से बाहर है;
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लखनऊ अग्निकांड के बाद सहारनपुर में 6 कोचिंग सेंटर सील

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Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर: लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन एक्शन मोड में है. शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा जांच के दौरान भारी अनियमितताएं मिलने पर छह संस्थानों को सील कर दिया गया. संयुक्त कार्रवाई सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए), अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन टीम द्वारा की गई. टीम ने कोर्ट रोड, गिल कॉलोनी, हकीकत नगर, नवीन नगर, पार्श्वनाथ प्लाजा और घंटाघर क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान फायर सेफ्टी मानकों, फायर एनओसी, भवन मानचित्र और अन्य आवश्यक अभिलेखों की पड़ताल की गई. कई संस्थान बिना मानचित्र स्वीकृति और फायर एनओसी के संचालित पाए गए, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पार्श्वनाथ प्लाजा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट और एबीसी इंस्टीट्यूट, गिल कॉलोनी स्थित आईसीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर लाइब्रेरी और सिल्वर स्मार्ट लाइब्रेरी, महेंद्र एजुकेशनल प्राइवेट लिमिटेड तथा नवीन नगर स्थित रिलायबल इंस्टीट्यूट को सील कर दिया. सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव विजय शुक्ला ने बताया कि लखनऊ में हुए हादसे के बाद शहर में विशेष सर्वे अभियान चलाया जा रहा है. जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं पाया जा रहा है, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि अभी शहर के अन्य क्षेत्रों में भी एसडीए की टीमें सर्वे कर रही हैं और खासतौर पर बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों व अधिक भीड़भाड़ वाले संस्थानों को चिन्हित किया जा रहा है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की सके.
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भिवंडी नाले सफाई घोटाला: करोड़ों खर्च के बावजूद कचरा ढकेलना वायरल

Thane, Maharashtra:भिवंडी नालेसफाई घोटाळा.. नाले सफाईचा करोडो रूपये खर्च पाण्यात.. ॲकर... २ कोटी ४४ लाख रुपये खर्च... तरीही नालेसफाई झालीच नाही! भिवंडीत नाल्यातील कचरा बाहेर काढण्याऐवजी पुढे ढकलणाऱ्या कामगारांचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झाला आहे. कोट्यवर्ध्द्या नालेसफाईचं हे वास्तविक पाहून नागरिक संतापले आहेत." भिवंडी शहरातील नालेसफाई नेहमीच वादग्रस्त राहिली आहे. कोट्यवधी रुपये खर्च करूनही प्रत्येक पावसाळ्यात सखल भागात पाणी साचतं. प्रशासकीय राजवटीनंतर आता नगरसेवक आले, नागरिकांच्या अपेक्षाही वाढल्या. यंदा नालेसफाईसाठी २ कोटी ४४ लाख रुपये मंजूर झाले आणि काम मे महिन्याच्या दुसऱ्या पंधरवड्यात सुरूही झालं. पाऊस लांबल्यामुळे नालेसफाईसाठी वाढीव वेळ मिळाला होता. पण तरीही काम पूर्ण झालेलं नाही. अशातच वंजारपट्टी नाका परिसरातील आमपाडा नाल्यातील एक व्हिडिओ व्हायरल झाला. नाल्यात मोठ्या प्रमाणात गाळ आणि कचरा अडकला आहे. तो बाहेर काढणं गरजेचं असताना, नालेसफाईचे कामगार मात्र तो कचरा जोर लावून फक्त पुढे ढकलताना दिसत आहेत. नागरिकांचा सवाल एकच - कोट्यवधी खर्च करून जर कचरा फक्त पुढे ढकलायचा असेल, तर नालेसफाईचा अर्थच काय? पावसाळा आला की हेच कचरा-गाळ परत फिरून रस्त्यावर आणि घरात येणार, हे नक्की. "कामगार कचरा बाहेर काढत नाहीत, फक्त ढकलतात. पाऊस पडला की परत तेच पाणी घरात. २ कोटी गेले कुठे?" असा संतप्त सवाल भिवंडीकर करत आहेत. भिवंडीतील ही नालेसफाई म्हणजे डोळ्यात धूळफेक आहे का? या व्हिडिओनंतर आता महापालिका प्रशासन चौकशी करणार का, आणि नागरिकांना दिलासा मिळणार का, हे पाहणं महत्त्वाचं ठरणार आहे.
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सोन नदी में शादी के रस्म के दौरान तीन किशोर डूबे, राहत कार्य जारी

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में सोन नदी एक दर्दनाक हादसे की गवाही बन गई। शादी की परंपरागत रस्म के तहत स्नान करने पहुंचे लोगों के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब नहाने के दौरान दो किशोर गहरे पानी में समा गए। दोनों को बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं और देखते ही देखते वे लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई। इसी दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में हालात और बिगड़ गए तथा एक अन्य युवक भी नदी में डूब गया। अब कुल तीन युवकों के नदी में लापता होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस, पीएसी, स्थानीय गोताखोर और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर राहत एवं तलाश अभियान में जुटे हुए हैं। चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर ग्राम पंचायत स्थित सोन नदी में उस समय चीख-पुकार मच गई जब शादी के बाद होने वाली पारंपरिक स्नान की रस्म के दौरान परिवार के लोग नदी में उतरे हुए थे। परिजनों के अनुसार नहाने के दौरान दो किशोर अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और देखते ही देखते नदी में डूब गए। आसपास मौजूद महिलाओं और परिजनों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी。 घटना की जानकारी मिलते ही परिजन, ग्रामीण और आसपास के लोग बड़ी संख्या में नदी तट पर पहुंच गए। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में दोनों किशोरों की तलाश शुरू की गई लेकिन काफी देर तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी के बीच लोग नदी के रास्ते बाहर निकलने लगे और इसी दौरान एक अन्य युवक भी गहरे पानी में समा गया। इसके बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। एडिशनल एसपी, पुलिस फोर्स, पीएसी के जवान और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी में जुट गए। वहीं एनडीआरएफ को भी सूचना भेजी गई है। नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीनों युवकों की तलाश की जा रही है。 सोन नदी किनारे मातम और बेचैनी का माहौल है। परिजनों की निगाहें राहत एवं बचाव दलों पर टिकी हैं, जबकि प्रशासन लापता युवकों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करने का दावा कर रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।
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दुष्कर्म का प्रयास असफल होने पर नाबालिग पर हमला कर फरार हुआ आरोपी, पुलिस की आठ टीमें तलाश में

Biswan, Uttar Pradesh:बिसवां, सीतापुर। कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास असफल होने पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल किए जाने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में बच्ची को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। परिजनों के अनुसार, हरगांव क्षेत्र निवासी नीलू पुत्र साबित देर रात घर पर मौजूद था। आरोप है कि रात में बच्ची लघुशंका के लिए निकली आरोपी ने दबोच कर दुष्कर्म का प्रयास किया विरोध करने पर उसने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों को देख आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें लगाई गई हैं। एएसपी आलोक सिंह के अनुसार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए DHSK की स्वास्थ्य योजना तैयार, समन्वय बैठक सम्पन्न

Aram Pora, Ganderbal, Director Health Services Kashmir (DHSK), Dr. Jehangir Bakshi, chaired a Health Coordination Committee meeting at Swastha Bhawan, Directorate of Health Services Kashmir, Bemina, in preparation for the upcoming Shri Amarnath Ji Yatra 2026. The meeting was attended by representatives of various agencies involved in providing healthcare services during the annual pilgrimage. Welcoming the participants, Dr. Bakshi delivered a detailed overview outlining the comprehensive healthcare action plan formulated by the Directorate for the Yatra. He underscored the importance of effective coordination among all stakeholder departments to ensure an efficient, responsive and robust healthcare delivery system for pilgrims.The meeting focused on key issues requiring inter-agency coordination, including the status of healthcare infrastructure and medical facilities along both the Pahalgam and Baltal routes, deployment of medical teams, availability of medicines and equipment, emergency response mechanisms, referral protocols, coordination with local hospitals and establishment of a real-time information-sharing platform through designated nodal officers. Among those present were Commandant, 92 Base Hospital, Chief Medical Officers of Anantnag and Ganderbal; Medical Superintendents of SMHS,SKIMS,SKIMS MC Bemina, Bone & Joint Hospital,Police Hospital,OIC Yatra DHSK, AEE SHTO DHSK, officers from the SSB, ITBP, NDRF,SDRF and officials from the Directorate of Health Services Kashmir, including Yatra Nodal Officers for Baltal and Pahalgam. Subsequently, Director Health Services Kashmir, Dr. Jehangir Bakshi, chaired a separate yatra on-route review meeting with all concerned Chief Medical Officers (CMOs) of districts associated with the Shri Amarnath Ji Yatra. The meeting was convened to assess the preparedness and readiness of healthcare facilities along the Yatra route via their districts and to review the arrangements being put in place for the smooth conduct of the pilgrimage. The Chief Medical Officers briefed the Director Health Services on the the status of designated transit camps and nominated healthcare institutions. Dr. Bakshi stressed the importance of maintaining round-the-clock readiness at all transit camps and nominated healthcare facilities and directed the concerned officers to address any gaps on priority to ensure uninterrupted and quality healthcare services for the pilgrims during the Yatra.
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गोंडा में राजदीप सिंह ने घर से दूर पेड़ पर लटककर दी जान

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- ख़बर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में धानेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरे तेंदुआ ग्राम पंचायत के गडराही गांव के रहने वाले 40 वर्षीय राजदीप सिंह ने घर से 3 किलोमीटर दूर जाकर आज बुधवार सुबह त्रिभुवन नगर ग्रंट ग्राम पंचायत के छोटकाई डीहा गांव में स्थित बांस की कोठी से लटक करके अपनी जान दे दी है। कल देर शाम ही ढाई साल बाद बेंगलुरु से लौट करके राजदीप अपने घर पहुंचा था और 15 जून को बेंगलुरु में हुए एक्सीडेंट की घटना को लेकर के लगातार परेशान चल रहा था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची धानेपुर थाने की पुलिस द्वारा मृतक राजदीप के शव को कब्जे में लेकर पंचायत नमक कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सभी बिंदुओं पर धानेपुर थाने की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है मौके पर डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीमों को भी धानेपुर थाना अध्यक्ष अरविंद यादव द्वारा बुलाकर के जांच की गई है। उन्हें परिवार के लोगों द्वारा राजदीप की हत्या किए जाने को लेकर के आरोप लगाया गया है परिजनों के आरोप पर भी धानेपुर थाने की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि राजदीप का 15 जून को बेंगलुरु में एक्सीडेंट हुआ था वह 5 दिन तक बेंगलुरु में ही भर्ती था। वहां से डिस्चार्ज होने के बाद 21 जून को अपने घर आने के लिए निकला और 23 जून को बाराबंकी पहुंचने पर वहीं पर अपने साथियों को बैग देकर भागने लगा इसके बाद साथी लोग पकड़ करके गोंडा रेलवे स्टेशन तक लाए थे इसके बाद राजदीप अपने घर गया था.
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हाई कोर्ट ने रायगढ़ के प्रधान पाठकों की पदोन्नतियाँ 120 दिन में निर्णय दिया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायगढ़ जिले के चार प्रधान पाठकों की पदोन्नति और कागजी वरिष्ठता से जुड़े मामले में स्कूल शिक्षा विभाग को 120 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ताओं को विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है।याचिकाकर्ता आशीष रंगारी, घनश्याम सिंह पटेल, भुवनेश्वर पटेल और लक्ष्मीकांत पटेल वर्तमान में रायगढ़ जिले के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2010 में हुई थी और वे स्नातकोत्तर योग्यताधारी प्रधान पाठक हैं। नियमानुसार तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वे पदोन्नति के पात्र हो गए थे, लेकिन आज तक उनके दावों पर विचार नहीं किया गया। याचिका में उन्होंने 26 नवंबर 2013 से कागजी वरिष्ठता का लाभ देते हुए माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक अथवा व्याख्याता पद पर पदोन्नति देने तथा लंबित अभ्यावेदन का निराकरण करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं की सेवाएं 30 जून 2018 की नीति के तहत पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में समाहित की गई थीं। इसलिए एक जुलाई 2018 से पहले की अवधि से संबंधित पदोन्नति अथवा वरिष्ठता का लाभ स्कूल शिक्षा विभाग नहीं दे सकता। इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार संबंधित जनपद या जिला पंचायत के पास है। राज्य सरकार के जवाब के पैरा-7 का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने निवेदन किया कि याचिकाकर्ताओं को नया अभ्यावेदन देने की अनुमति दी जाए और विभाग को उस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए। अदालत ने राज्य सरकार के जवाब में किए गए उल्लेख और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी को वस्तुनिष्ठ ढंग से और कानून के अनुसार 120 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि निर्णय लेते समय राज्य सरकार द्वारा जवाब के पैरा-7 में किए गए उल्लेखों को ध्यान में रखा जाए।
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ख्याला जींस फैक्ट्री में युवक की हत्या: बदला लेने के लिए हमला

Delhi, Delhi:दिल्ली के ख्याला में जींस फैक्ट्री में घुसकर एक युवक की कैंची घोंपकर हत्या. सोते हुए युवकों पर हमला किया गया. तीन-चार युवक फैक्ट्री में घुसे थे और नुकीले हथियार से हमला किया गया. पुलिस मामले की जाँच में जुटी है. पश्चिमी जिला के ख्याला थाना इलाके के प्रधान चौक के पास बनी फैक्ट्री में 26 साल के फिरोज की हत्या हुई; शव अस्पताल ले जाया गया जहां मृत घोषित कर दिया गया. फिरोज जींस फैक्ट्री में काम करता था. घटना सुबह की है जब सभी सो रहे थे; attackers ने फिरोज की छाती और पेट पर वार किए; एक दिन पहले भी उनका झगड़ा हुआ था और बदला लेने के लिए आज सुबह हमला किया गया. आरोपी फरार हो गए; CCTV से आरोपियों की तलाश जारी है.
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