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कैथबनिया-कैथल वैश्य को ओबीसी सूची में शामिल कराने के लिए बिहार में राज्य सम्मेलन

Bihar:कैथबनिया और कैथल वैश्य जाति को केंद्र सरकार की OBC सूची में शामिल करने के लिए आज राघोपुर के सिमराही बाजार में विशाल राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार और मंत्री शीला मंडल कार्यक्रम में शामिल हुए. अखिल सिंदुरिया बनिया, कथबनिया एवं कैथबनिया वैश्य महासभा के तत्वावधान में सिमराही बाजार स्थित एक निजी होटल सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और बिहार के विभिन्न जिलों से इस समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार सरकार की मंत्री शीला कुमारी मंडल तथा सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत, पूर्व मंत्री देवेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर महासभा की ओर से बिहार विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री एवं सांसद के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कथबनिया एवं कैथल वैश्य जाति को केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में सिंदुरिया बनिया जाति के साथ शामिल कराने हेतु राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुशंसा पत्र भेजने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि सिंदुरिया बनिया, कथबनिया एवं कैथल वैश्य वस्तुतः एक ही जाति के विभिन्न उपनाम हैं तथा इनके बीच पारंपरिक वैवाहिक एवं सामाजिक संबंध मौजूद हैं। बिहार सरकार द्वारा तीनों समुदायों को अत्यंत पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन केंद्रीय ओबीसी सूची में केवल सिंदुरिया बनिया का नाम शामिल है। इसके कारण कथबनिया एवं कैथल वैश्य समुदाय के छात्र-छात्राएं और युवा केंद्र सरकार की आरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से समाज को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की भी मांग उठाई, अपने सम्बोधन में डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि समाज संगठित होता है तो उनकी सम्मान भी बढ़ती है। सामाजित समरसता ही राष्ट्र निर्माण करती है। कहा कि लोकतंत्र में सभी समाज की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बड़ा हथियार बनाये जो समाज शिक्षा और बल देगा आगे आने वाले समय में समाज राज्य और देश को प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने राज्य और केंद्र के द्वारा संचालित योजनाओं से लोगों को अवगत कराया। कहा कि हमलोग आपसभी के मांगो को लेकर दिल्ली पहुचकर केंद्र सरकार के पास रखेंगे। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से निश्चित तौर पर इसे केंद्र सरकार की OBC सूची में शामिल करने के लिए काम किया जाएगा। सम्मेलन की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार दास ने की। कार्यक्रम के संरक्षक बिरेंद्र दास तथा संयोजक अभिनंदन दास ने किया.
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कैथल पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसकर चार गिरफ्तार

Kaithal, Haryana:मध्य प्रदेश से हरियाणा पंजाब तक फैले नशे के नेटवर्क पर कैथल पुलिस का सख्त प्रहार. नशे की बड़ी खेप सहित चार तस्कर गिरफ्तार कैथल पुलिस ने नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी नारकोटिक्स सेल और सीआईए-1 की टीमों ने अलग-अलग तीन मामलों में चार तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 2 किलो 722 ग्राम अफीम, 65 किलो 730 ग्राम डोडा पोस्त और 20 किलो 780 ग्राम गांजा (फूल-पत्ती) बरामद किया गया। पहला मामला (अफीम): एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम, एसआई प्रदीप कुमार और एसआई बलराज सिंह के नेतृत्व में बस अड्डा टीक क्षेत्र में गश्त कर रही थी। गुप्त सूचना मिली कि नाथूलाल नामक व्यक्ति अफीम की सप्लाई करता है। सूचना पर टीम ने कुरुक्षेत्र रोड पर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद पैदल आ रहे नाथूलाल को पकड़ लिया गया। उसके कंधे पर लटके काले पिट्ठू बैग से 2 किलो 722 ग्राम अफीम बरामद हुई। आरोपी नाथूलाल निवासी सेधरा करनाली, जिला मंदसौर (मध्य प्रदेश) है। थाना सदर में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरा मामला (डोडा पोस्त): एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम, एएसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी पर गांव मोहना के पास नाकाबंदी कर रही थी। सूचना मिली कि पंजाब का एक व्यक्ति इनोवा कार में बड़ी मात्रा में डोडा पोस्त लेकर जा रहा है। टीम ने कार को रोका और चालक परविन्द्र सिंह (निवासी गांव दुधाला, जिला नवांशहर, पंजाब) को गिरफ्तार किया। कार की तलाशी में 65 किलो 730 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। थाना पूंडरी में मामला दर्ज कर आरोपी और नशा तस्करी में इस्तेमाल वाहन को जप्त कर लिया गया। तीसरा मामला (गांजा): सीआईए-1 की टीम, सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह और एएसआई रघुबीर सिंह के नेतृत्व में गांव ग्योंग क्षेत्र में गश्त कर रही थी। सूचना मिली कि बलदेव सिंह उर्फ कालू और उसके भांजे रवि महिंद्रा सुपरो में गांजा लेकर आ रहे हैं। टीम ने कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर हांसी-बुटाना नहर पुल के पास नाकाबंदी की। रात करीब 9 बजे संदिग्ध वाहन को देखकर रोका गया। आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में वाहन से 20 किलो 780 ग्राम गांजा (फूल-पत्ती) बरामद हुई। दोनों आरोपी बलदेव सिंह उर्फ कालू और रवि (निवासी गांव बारवां, जिला कुरुक्षेत्र) को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना सदर में मामला दर्ज कर वाहन भी जब्त कर लिया गया। पुलिस का संदेश डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि नशा तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को नशे की चपेट से बचाने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को नशा तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों की कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नशा मुक्त हरियाणा की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि... बाइट: सुशील प्रकाश डीएसपी crime
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जल मंत्री ने ZRO अधिकारियों के साथ बैठक कर नागरिक प्रशासन पर जोर दिया

Delhi, Delhi:जल एवं PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने ज़ोनल रेवेन्यू अधिकारियों (ZROs) के साथ समीक्षा बैठक की “सरकार की मौजूदगी हर मोहल्ले और हर नागरिक तक महसूस होनी चाहिए। दिल्ली सरकार पारदर्शी, सुलभ, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध।": Parvesh Verma पारदर्शी, ईमानदार और जनकेंद्रित कार्यशैली अपनाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझने के निर्देश दिए साथ में अधिकारियों से सरकार और जनता के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाने को कहा और जन शिकायतों के समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश
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LNJP अस्पताल में 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता मामला: महिला आयोग ने कड़ी कार्रवाई की मांग

Kurukshetra, Haryana:15 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामला: LNJP अस्पताल में पीड़ित लड़की से मिली महिला आयोग अध्यक्ष रेणु भाटिया, अस्पताल प्रशासन पर उठाए सवाल, पीएमओ व नर्सों पर कार्रवाई की मांग ,PMO को सस्पेंड करने की सिफारिस, अस्पताल प्रशासन को जमकर लगाई फटकार कुरुक्षेत्र:-- जिला कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में आज महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया पीड़ित लड़की से मिलने के लिए पहुंची। सरकारी अस्पताल में 15 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है तथा समाज का विश्वास जीतने वाले चिकित्सा पेशे पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वही रेनू भाटिया ने अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार भी लगाई है। महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें 29 मई को ही घटना की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची पहली बार 27 अप्रैल को पेट दर्द की शिकायत लेकर अपनी दादी के साथ अस्पताल पहुंची थी। बाद में चिकित्सक द्वारा उसे बार-बार बुलाने और कथित रूप से अनुचित व्यवहार करने की शिकायत सामने आई। बच्ची के बयान के अनुसार उसके साथ गंभीर आपत्तिजनक हरकतें की गईं, जिससे वह मानसिक आघात में है। महिला आयोग अध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी नाबालिग या महिला मरीज की जांच के दौरान महिला स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान कोई महिला नर्स मौजूद नहीं थी तो यह अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अस्पताल की पीएमओ और ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ की भूमिका की भी जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीत होता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने की बात कही। महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित बच्ची अभी भी मानसिक सदमे में है और उसकी नियमित काउंसलिंग आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्ची को कुछ दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए ताकि वह इस आघात से उबर सके। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी को किसी प्रकार की विशेष सुविधा या वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलना चाहिए। कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों में महिला मरीजों की जांच संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने की मांग की।
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कर्नाटक में वीआईपी की एंट्री: सामाजिक न्याय का बड़ा विस्तार

Noida, Uttar Pradesh:कर्नाटक में वीआईपी की एंट्री, सामाजिक न्याय की लड़ाई को मिलेगा नया विस्तार : मुकेश सहनी 'मुख्यमंत्री बनना लक्ष्य नहीं, समाज में बदलाव लाना मेरा सपना' : मुकेश सहनी निषाद, कोली और वंचित समाज की हिस्सेदारी के लिए पूरे देश में संघर्ष जारी : मुकेश सहनी बी.के. मोहन कुमार के नेतृत्व में कर्नाटक में मजबूत विकल्प बनेगी वीआईपी : मुकेश सहनी पटना/बेंगलुरु, 07 जून। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने शनिवार को कर्नाटक में अपने राजनीतिक विस्तार की औपचारिक शुरुआत करते हुए राज्य में संगठन निर्माण और सामाजिक न्याय के आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए वीआईपी के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि देश के वंचित, पिछड़े, निषाद, कोली और मेहनतकश समाज को उनका सम्मान और अधिकार दिलाना है। इस मौके पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का भव्य स्वागत किया गया। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि वह एक अत्यंत साधारण मछुआरा परिवार से आते हैं और गरीबी तथा संघर्ष को बेहद करीब से देखा है। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि मजदूरी से लेकर सफल उद्यमी बनने तक का सफर समाज और संतों के आशीर्वाद से संभव हुआ। लेकिन जब उन्होंने अपने समाज की बदहाल स्थिति देखी तो उन्होंने आरामदायक जीवन छोड़कर सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि निषाद समाज देशभर में कई नामों से जाना जाता है, लेकिन विभिन्न राज्यों में उनकी सामाजिक श्रेणियां अलग-अलग हैं। कहीं एससी, कहीं एसटी और कहीं ओबीसी के रूप में उन्हें वर्गीकृत किया गया है। यह सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और वीआईपी इसी विसंगति को दूर करने के लिए संघर्ष कर रही है। अपने संबोधन में सहनी ने कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि यदि वह समझौता कर लेते तो आज बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने समाज के हितों को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि "झोपड़ी में रहकर बादशाह बनना बेहतर है, किसी के महल में गुलामी करने से।" उन्होंने कर्नाटक वीआईपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.के. मोहन कुमार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले समय में उन्हें अनेक राजनीतिक प्रलोभन मिलेंगे, लेकिन यदि समाज के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे तो जनता उन्हें बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि बी.के. मोहन कुमार के नेतृत्व में वीआईपी कर्नाटक में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी। मुकेश सहनी ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए मतदान के अधिकार ने गरीब और अमीर को समान ताकत दी है। इसी लोकतांत्रिक शक्ति के आधार पर वीआईपी सामाजिक न्याय, भागीदारी और अधिकार की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने दोहराया कि "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" का सिद्धांत ही देश में वास्तविक सामाजिक न्याय स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद वह कर्नाटक का व्यापक दौरा करेंगे और यहां संकल्प यात्रा निकालकर समाज के बीच संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोगों को साथ लेकर सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन मजबूत करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में मुकेश सहनी ने संत समाज के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि कर्नाटक में पहली बार इतने बड़े स्तर पर संतों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है और इसी आशीर्वाद के बल पर वीआईपी राज्य में नई राजनीतिक चेतना का निर्माण करेगी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष बी.के. मोहन कुमार के अलावा जी, पद्म श्री मधमा, सुधा श्री सहित कई गुरुजन, स्वामी , संत गण और बिहार से आए वीआईपी पार्टी के दिल्ली के रिटायर्ड कमिश्नर बी.के. सिंह , राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, मनीष आनंद , बैजनाथ सहनी , परमदेव चौधरी , देव ज्योति , बिहार प्रदेश अध्यक्ष बालगोविंद बिंद , नीलाभ कुमार , कुणाल कुमार , लालबाबू सहनी , दिनेश सहनी , अनिल सहनी ,चंदन सहनी , सनी सिंह , रोशन सहनी , रंजीत चौधरी , लालबाबू निषाद सहित कई नेतागण उपस्थित रहे।
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