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DSDanveer SahuFollow3 Oct 2024, 12:04 pm
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धौलपुर फुटबॉल समर लीग टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ, खिलाड़ियों में उर्जा दिखी

Dholpur, Rajasthan:खिलाड़ियों में दिखा उत्साह, फुटबॉल समर लीग का शुभारंभ धौलपुर, जिला फुटबॉल संघ धौलपुर द्वारा आयोजित फुटबॉल समर लीग टूर्नामेंट का शुभारंभ आज बड़ी फील्ड, धौलपुर में हर्षोल्लास के साथ हुआ। मुख्य अतिथि प्रशांत हुंडावाल(प्रिंस), समाज सेवी एवं पूर्व अध्यक्ष धौलपुर बार एसोसिएशन, जाकिर हुसैन, कोषाध्यक्ष राजस्थान बैडमिंटन संघ ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल भावना का संदेश देते हुए टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि प्रशांत हुंडावाल(प्रिंस )ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव है। खेल के मैदान पर ही अनुशासन, समय की पाबंदी, धैर्य और नेतृत्व क्षमता जैसे जीवन के महत्वपूर्ण गुण पनपते हैं। प्रशांत हुंडावाल(प्रिंस )ने कहा कि जब खिलाड़ी टीम बनाकर खेलता है तो उसमें आपसी समन्वय, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो आगे चलकर जीवन के हर क्षेत्र में काम आती है। प्रशांत हुंडावाल ने कहा कि हार से निराश न हों और जीत पर अहंकार न करें, क्योंकि असली पहचान चरित्र से बनती है। उन्होंने कहा कि धौलपुर की धरती खेल प्रतिभाओं से भरी है, जरूरत है तो सिर्फ सही दिशा और मेहनत की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे सच्ची खेल भावना के साथ मैदान में उतरें, कड़ी मेहनत करें और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस टूर्नामेंट से निकली प्रतिभाएं न केवल जिले बल्कि प्रदेश और देश का नाम भी रोशन करेंगी। विशिष्ट अतिथि अनूप अस्थाना ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। ये न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान, सचिव संदीप राणा, फुटबॉल कोच असलम खान और सभी टीम मालिकों तथा खिलाड़ियों ने अतिथियों का सम्मान किया। क्रीड़ा भारती के जिला मंत्री नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि फुटबॉल समर लीग का उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उभरती प्रतिभाओं को सही मंच देना है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना बनाए रखने का आह्वान किया। टूर्नामेंट को सफल बनाने में क्रीड़ा भारती के कार्यकर्ताओं की पूरी टीम का सहयोग रहा।
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चित्तौड़गढ़ में एएनटीएफ-पुलिस ने होटल से 3.78 किलो डोडा-चूरा जब्त किया

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे स्थित श्री देव दर्शन होटल पर दबिश दी। टीम को सूचना मिली थी कि होटल पर अवैध मादक पदार्थ की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम प्रशिक्षित डॉग के साथ मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान होटल से 3 किलो 780 ग्राम अवैध डोडा-चूरा बरामद किया गया। पुलिस ने होटल पर मौजूद लक्ष्मणराम पुत्र मांगाराम देवासी निवासी बालोतरा को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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डूंगरपुर में मजदूर पर चाकू हमला: पोस्टमार्टम के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे

Dungarpur, Rajasthan:साथी मजदूर की चाकू घोंपकर हत्या का मामला, तीसरे दिन हुआ शव का पोस्टमार्टम, घर में घुसकर हुई वारदात पर बीएपी ने जिले की कानून व्यवस्था पर उठाये सवाल मामले के अनुसार, मृतक सुखराम पुत्र सोना आमालिया, निवासी रेटा जुड़ा, और आरोपी विश्राम पुत्र मोतीलाल आहारी दोनों गुजरात में एक साथ मजदूरी का काम करते थे। करीब डेढ़ महीने पहले गुजरात में ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों अपने गांव लौट आए। गांव आने के बाद भी उनका यह विवाद शांत नहीं हुआ और दोनों के बीच फिर से कहासुनी हुई। इसी रंजिश के चलते आरोपी विश्राम ने 19 जून को तैश में आकर सुखराम पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर घायल हो गया ऑर 20 जून को ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी | लेकिन परिजनो ने आर्थिक सहायता व मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग के चलते पोस्टमार्टम नहीं करवाया | जिसके चलते दो दिन तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया | इधर आज फिर पुलिस प्रशसान ने परिजनों से समझाइश की | वही सरकार से नियमानुसार सहायता दिलाने का भरोसा दिया | जिसके बाद परिजन व ग्रामीण पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए | इधर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौप दिया है | वही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है | इधर मोर्चरी पर मौजूद बीएपी के नेता कांतिलाल रोत ने घर में घुसकर हुई वारदात पर जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए है | साथ ही समय पर मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर आन्दोलन की चेतावनी भी दी है |
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शॉर्ट सर्किट से पोल्ट्री फार्म में लगी आग, हजारों का सामान जलकर राख

SSSumant SinghFollow2m ago
Seorai, Uttar Pradesh:सेवराई (गाजीपुर)। स्थानीय क्षेत्र के मिश्रवलिया गांव स्थित नहर के समीप एक पोल्ट्री फार्म में सोमवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने के कारण हजारों रुपये मूल्य का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार सेवराई गांव निवासी बबलू सिंह पुत्र राजेन्द्र सिंह, का पोल्ट्री फार्म मिश्रवलिया गांव के नहर के पास स्थित है। वर्तमान में पोल्ट्री फार्म बंद होने के कारण उसमें कोई मुर्गी नहीं थी। सोमवार दोपहर करीब दो बजे फार्म में लगे बिजली कनेक्शन में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने फार्म में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया और वहां से धुआं तथा आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की लपटें देखकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पोल्ट्री फार्म मालिक को दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक फार्म में रखा सामान जलकर नष्ट हो चुका था। आगजनी की इस घटना में एक साइकिल, समरसेबल पंप का स्टार्टर, मुर्गियों के खाने-पीने के लिए उपयोग किए जाने वाले लगभग 120 प्लास्टिक के बर्तन, भूसी तथा अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। पीड़ित के अनुसार आग से करीब 20 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आग आसपास के अन्य पोल्ट्री फार्म तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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यमुना बाजार के 300 परिवारों पर बुलडोजर का डर, लोग पलायन के लिए मजबूर

Delhi, Delhi:यमुना बाजार में रह रहे लोगों पर बुलडोजर चलने का डर सता रहा है पिछले कई दिनों से जब उनकी आखिरी याचिका रद्द कर दी गई थी कोर्ट द्वारा और प्रशासन को आगे की कार्रवाई करने की अनुमति दे दी गई तब से ही लोगों में अलग सा डर है कि कब बुलडोजर चला दिया जाए तो इस डर के चलते लोगों ने अपना सामान जो है बांध के रखा हुआ है घर खाली कर दिए हैं लाइट पंखे उतार लिए हैं कि कभी भी उन्हें खाली करना पड़ जाएगा बुलडोजर आ जाएगा तो वह तुरंत यहां से निकल सके इसी बीच यमुना बाजार में लगभग 32 घाट हैं और 300 परिवार रहते हैं तो अलग-अलग घरों में जाकर लोगों से बातचीत की और बातचीत के दौरान लोगों ने अपना दर्द बयां किया उनका कहना है कि हमारे पास कहीं और जगह नहीं है और कभी भी बुलडोजर चल सकता है तो हमने सामान बंद कर रखा हुआ है घर खाली कर दिए हैं ताकि कभी भी यहां से निकालना पड़े तो हम लोग तुरंत जा पाए क्योंकि अगर एक बार कार्रवाई शुरू हो जाएगी तो हम सामान नहीं निकाल पाएंगे बहुत से यहां पर रह रहे लोग अपना सामान लेकर बाहर चले गए हैं किराए के मकान ढूंढ लिए हैं और बहुत से लोग अभी अपना घर खाली करके बैठे हैं और जगह ढूंढ रहे हैं कि सामान लेकर कहां जाएं लोगों से बातचीत की और डिटेल में ग्राउंड रिपोर्ट
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गाज़ीपुर पिटाई केस: विजय मिश्रा का अफजाल अंसारी पर पलटवार, सामंतवादी राजनीति पर निशाना

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर प्रमुख पिटाई कांड पर विजय मिश्रा का अफजाल अंसारी पर पलटवार, बोले- दोनों समाजवादी, फिर सामंतवादी का शोर क्यों? भाजपा नेता व पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने सांसद अफजाल अंसारी पर साधा निशाना बोले- मारने वाला भी समाजवादी, पिटने वाला भी समाजवादी जनता का ध्यान भटकाने के लिए सामंतवाद का मुद्दा उछाला जा रहा है। विजय मिश्रा ने अफजाल अंसारी को बताया शब्दों का मायाजाल रचने वाला नेता कहा- पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल दर्ज की एफआईआर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर कार्रवाई की गई मोदी-योगी सरकार में अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू। विजय मिश्रा का दावा- पुलिस कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट है पीड़ित पक्ष सपा पर हमला, बोले- अपने नेताओं पर कार्रवाई करे, सरकार को ज्ञान न दे गाजीपुर में ब्लॉक प्रमुख हीरा यादव की पिटाई के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी द्वारा सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के बाद अब भाजपा नेता और पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने जोरदार पलटवार किया है। विजय मिश्रा ने कहा कि मारने वाला भी समाजवादी है और पिटने वाला भी समाजवादी है, लेकिन जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को सामंतवाद का रंग दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की और पीड़ित भी कार्रवाई से संतुष्ट है। दरअसल गाजीपुर के चर्चित ब्लॉक प्रमुख हीरा यादव पिटाई प्रकरण पर अब सियासत चरम पर पहुंच गई है। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री विजय मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विजय मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने पूरा मामला देखा है, जहां एक समाजवादी ने दूसरे समाजवादी की पिटाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफजाल अंसारी जानबूझकर समाजवादी शब्द से ध्यान हटाकर सामंतवादी शब्द का प्रयोग कर रहे हैं ताकि जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दे से भटकाया जा सके। कहा- मारने वाला भी समाजवादी है और पीड़ित भी समाजवादी है। ऐसे में समाजवाद की चर्चा से बचने के लिए सामंतवाद का मायाजाल रचा जा रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि पीड़ित ब्लॉक प्रमुख ने प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया। इतना ही नहीं, आरोपियों पर इनाम घोषित कर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया। यह मोदी और योगी की सरकार है, यहां अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। पीड़ित प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट है। विजय मिश्रा ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब दोनों पक्ष समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं तो पार्टी को खुद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन पार्टी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समाजवादी पार्टी ने अपने लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार को ज्ञान देना शुरू कर दिया है।
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कासगंज में वृद्ध का अपमान: जूते चप्पल पहनाकर मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच

Kasganj, Uttar Pradesh:जूते चप्पल की माला पहनाई,फिर वृद्ध का मुंह किया काला,मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल यूपी के कासगंज में एक वृद्ध व्यक्ति को जूते चप्पलों की माला पहनाई फिर उसका मुंह काला कर उसकी जमकर पिटाई की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है अब पुलिस जांच में जुट गई है। दरअसल मामला जनपद कासगंज के थाना सोरों क्षेत्र के नगला पल्टू गांव में एक वृद्ध व्यक्ति के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में कुछ लोग लगभग 70 वर्षीय रामविलास पुत्र बेणीराम का मुंह काला कर उन्हें जूते-चप्पलों की माला पहनाए हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा डंडों से मारपीट किए जाने का भी दृश्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार रामविलास गांव के युवक-युवतियों के बीच मोबाइल फोन के माध्यम से बातचीत और संपर्क स्थापित कराने का कार्य करते थे। इस संबंध में गांव की एक महिला के विरुद्ध भी शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ताओं में गौरव पुत्र रामप्रकाश, जयसिंह पुत्र केदार तथा राजेश पुत्र खूबे सहित अन्य ग्रामीण शामिल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी लोकेश भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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जयपुर की सड़कों पर बार-बार खोदाई, मानसून से पहले जवाबदेही क्यों नहीं तय?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-सड़कें बनती हैं शहर को जोड़ने के लिए…लेकिन जयपुर में वही सड़कें अब बार-बार टूटकर लोगों की परेशानी का रास्ता बन रही हैं। मानसून सिर पर है, बादल तैयार हैं…लेकिन राजधानी की कई सड़कें अभी भी विकास कार्यों की खुदाई से उबर नहीं पाई हैं। एक विभाग सड़क बनाता है…दूसरा विभाग उसी सड़क का सीना चीर देता है… और फिर मरम्मत के नाम पर इंतजार शुरू हो जाता है। कहीं सीवरेज के गड्ढे हैं, कहीं गैस लाइन के कट, कहीं पानी-बिजली और डेटा केबल के लिए खोदी गई सड़कें…सवाल यह है कि क्या जयपुर में विकास का मतलब बार-बार सड़क खोदना ही रह गया है...... वीओ-1-मानसून दस्तक देने वाला है… बादल बरसेंगे तो क्या जयपुर की सड़कें फिर जवाब देंगी....राजधानी में विकास कार्यों के नाम पर चल रही बेतरतीब खुदाई अब लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है.......शहर में सड़कें बनाने से ज्यादा उन्हें खोदने का काम तेजी से होता नजर आ रहा है.....वजह है अलग-अलग विभागों के कामों में तालमेल की कमी। कहीं सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है तो कहीं पानी, बिजली, इंटरनेट और गैस पाइपलाइन के लिए...... लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक बार सड़क बनने के बाद उसे बार-बार क्यों खोदा जा रहा है और खुदाई के बाद सड़क को उसी हालत में वापस लाने की जिम्मेदारी किसकी है...एक विभाग बनाता है… दूसरा फिर खोद देता है.....जयपुर में हालात यह हैं कि कई इलाकों में पहले सड़क बनाई गई, कुछ समय बाद किसी दूसरे काम के लिए उसे फिर काट दिया गया। अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने से जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.....सीवरेज, पानी की पाइपलाइन, बिजली लाइन, डेटा केबल और सीएनजी गैस लाइन के कामों ने कई कॉलोनियों की सड़कों को गड्ढों में बदल दिया है। कई जगह पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी पड़ी है। नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां…सबके काम अलग-अलग हैं, लेकिन सड़क जनता की है। फिर सड़क खराब होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी...क्यों ऐसा सिस्टम बनाया जाता जिसमें सड़क खोदने से पहले सभी विभागों की अनुमति और साझा प्लानिंग हो.... बहरहाल, जयपुर में सड़कें खराब होने की बड़ी वजह बार-बार होने वाली खुदाई और उसके बाद कमजोर मरम्मत है। अगर नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां पहले से साझा प्लान बनाकर काम करें तो न सड़कें बार-बार टूटेंगी और न जनता को परेशानी होगी। लेकिन फिलहाल तस्वीर यह है कि विभाग अपना-अपना काम कर रहे हैं और भुगतना जयपुर की जनता को पड़ रहा है। मानसून आने वाला है....अब देखना यह होगा कि बारिश से पहले जिम्मेदार एजेंसियां जागती हैं या फिर हर साल की तरह इस बार भी गड्ढों में ही व्यवस्था डूबती नजर आएगी।
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बाजना सड़क हादसे में महेंद्र लोधी की मौत, जांच शुरू

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के बाजना थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार महेंद्र लोधी निवासी ग्राम जसराज, थाना सूरखी, जिला सागर, अपने रिश्तेदार की बारात में शामिल होने के लिए ग्राम ढिमारवां से ग्राम छायन जा रहे थे। इसी दौरान भीमकुंड और छायन के बीच उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में महेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ामलहरा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बाजना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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जयपुर की सड़कों को बार-बार क्यों खोदा जा रहा है? विभागीय समन्वय शून्य

Jaipur, Rajasthan:सड़कें बनती हैं शहर को जोड़ने के लिए…लेकिन जयपुर में वही सड़कें अब बार-बार टूटकर लोगों की परेशानी का रास्ता बन रही हैं। मानसून सिर पर है, बादल तैयार हैं…लेकिन राजधानी की कई सड़कें अभी भी विकास कार्यों की खुदाई से उबर नहीं पाई हैं। एक विभाग सड़क बनाता है…दूसरा विभाग उसी सड़क का सीना चीर देता है… और फिर मरम्मत के नाम पर इंतजार शुरू हो जाता है। कहीं सीवरेज के गड्ढे हैं, कहीं गैस लाइन के कट, कहीं पानी-बिजली और डेटा केबल के लिए खोदी गई सड़कें…सवाल यह है कि क्या जयपुर में विकास का मतलब बार-बार सड़क खोदना ही रह गया है...... मानसून दस्तक देने वाला है… बादल बरसेंगे तो क्या जयपुर की सड़कें फिर जवाब देंगी....राजधानी में विकास कार्यों के नाम पर चल रही बेतरतीब खुदाई अब लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है.......शहर में सड़कें बनाने से ज्यादा उन्हें खोदने का काम तेजी से होता नजर आ रहा है.....वजह है अलग-अलग विभागों के कामों में तालमेल की कमी। कहीं सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है तो कहीं पानी, बिजली, इंटरनेट और गैस पाइपलाइन के लिए...... लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक बार सड़क बनने के बाद उसे बार-बार क्यों खोदा जा रहा है और खुदाई के बाद सड़क को उसी हालत में वापस लाने की जिम्मेदारी किसकी है...एक विभाग बनाता है… दूसरा फिर खोद देता है.....जयपुर में हालात यह हैं कि कई इलाकों में पहले सड़क बनाई गई, कुछ समय बाद किसी दूसरे काम के लिए उसे फिर काट दिया गया। अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने से जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.....सीवरेज, पानी की पाइपलाइन, बिजली लाइन, डेटा केबल और सीएनजी गैस लाइन के कामों ने कई कॉलोनियों की सड़कों को गड्ढों में बदल दिया है। कई जगह पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी पड़ी है। नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां…सबके काम अलग-अलग हैं, लेकिन सड़क जनता की है। फिर सड़क खराब होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी...क्यों ऐसा सिस्टम बनाया जाता जिसमें सड़क खोदने से पहले सभी विभागों की अनुमति और साझा प्लानिंग हो.... नगर निगम-जेडीए से सवाल… जब रोड कट पर रोक है तो फिर सड़कें कौन खोद रहा है? खुदाई की अनुमति देने से पहले विभागों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया जाता? एक सड़क को बार-बार खोदने से जनता के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधूरी मरम्मत के लिए कंपनियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? मानसून से पहले सड़कों की हालत सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है? शहर में टोरंट कंपनी की ओर से सीएनजी-पीएनजी गैस लाइन डालने के लिए कई जगह खुदाई की गई। पाइपलाइन डालने का काम तो हुआ है, लेकिन कई जगह सड़क पहले जैसी नहीं हो पाई। कहीं खुले कट दिखाई दे रहे हैं तो कहीं आधा-अधूरा पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी गई। मानसून को देखते हुए जयपुर जिला प्रशासन ने road कट पर रोक लगा रखी है। उद्देश्य है कि बारिश से पहले सड़कें सुरक्षित रहें और जलभराव जैसी स्थिति नहीं बने। लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग नजर आ रही है। कई इलाकों में अब भी सड़कें खुदी पड़ी हैं। कहीं मिट्टी जमा है तो कहीं गड्ढे खुले हैं। बारिश आई तो यही गड्ढे पानी से भरेंगे और वाहन चालकों के लिए खतरा बनेंगे।। वहीं खराब सड़कें ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या को भी बढ़ा सकती हैं। मानसून से पहले जिम्मेदार महकमे तैयारी भी नहीं करते हैं। यही वजह है कि बरसात में व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है और लोग परेशान होते रहते हैं। कई सड़कें ऐसी भी हैं, जिन्हें बने हुए छह माह भी नहीं हुए हैं। ऐसे ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। अब बारिश के बाद यही खुले कट पानी से भरेंगे, यही गड्ढे हादसों का कारण बनेंगे और यही सड़कें जयपुरवासियों की परेशानी बढ़ाएंगी। बहरहाल, जयपुर में सड़कें खराब होने की बड़ी वजह बार-बार होने वाली खुदाई और उसके बाद कमजोर मरम्मत है। अगर नगर निगम, जेडीए, जलदाय विभाग, बिजली कंपनियां और निजी एजेंसियां पहले से साझा प्लान बनाकर काम करें तो न सड़कें बार-बार टूटेंगी और न जनता को परेशानी होगी। लेकिन फिलहाल तस्वीर यह है कि विभाग अपना-अपना काम कर रहे हैं और भुगतना जयपुर की जनता को पड़ रहा है। मानसून आने वाला है....अब देखना यह होगा कि बारिश से पहले जिम्मेदार एजेंसियां जागती हैं या फिर हर साल की तरह इस बार भी गड्ढों में ही व्यवस्था डूबती नजर आएगी。
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टिकठी में धातु की वस्तु से विस्फोट, युवक घायल

Karhi, Chhattisgarh:लोकेशन - पेंड्रा एंकर - मरवाही थाना क्षेत्र अंतर्गत दूरस्थ ग्राम टिकठी में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के एक 19 वर्षीय युवक द्वारा अज्ञात धातु की वस्तु को तोड़ने का प्रयास करते समय अचानक हुए जोरदार विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और परिजन युवक को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम टिकठी निवासी कृष्ण कुमार चंद्रा (19 वर्ष), पिता राजेन्द्र चंद्रा, आज गांव की गली से गुजर रहा था। इसी दौरान उसे सड़क किनारे एक संदिग्ध धातु की वस्तु दिखाई दी। बताया जा रहा है कि यह वस्तु लगभग 3 इंच लंबी और 1 इंच गोलाई वाली थी। युवक ने उत्सुकतावश उस वस्तु को उठाकर अपने घर की बाड़ी में ले आया। वह यह जानना चाहता था कि वस्तु के अंदर क्या है, इसलिए उसने कुदाली की मदद से उसे तोड़ने का प्रयास शुरू किया। जैसे ही कृष्ण कुमार ने वस्तु पर जोर लगाया, अचानक उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। विस्फोट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से काफी खून बहने लगा। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने घायल युवक का प्राथमिक उपचार किया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद गाँव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर वह धातु की वस्तु क्या थी और उसमें विस्फोटक सामग्री कैसे मौजूद थी। पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रारंभिक तौर पर मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात, संदिग्ध या विस्फोटक जैसी दिखने वाली वस्तु को हाथ न लगाएं और इसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। डॉक्टरों की मानें तो युवक का इलाज जारी है।
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परिसीमन के खिलाफ आदिवासी महाजुटान: 2 अगस्त को बड़ी रैली

Ranchi, Jharkhand:परिसीमन के खिलाफ विभिन्न आदिवासी संगठन हो रहे हैं गोलबंद 2 अगस्त को परिसीमन के खिलाफ आदिवासी संगठनों का होगा महाजुटान राज्य भर के आदिवासी संगठनो के कार्यकर्ता लेंगे हिस्सा परिसीमन में आदिवासी हितों का रखना होगा ख्याल आदिवासी संगठनों में इस बात की चिन्ता कि परिसीमन के ST सीटें घट जाएगी अनुसूचित जनजाति समाज अब परिसीमन के खिलाफ गोलबंद हो रहे है। परिसीमन के खिलाफ 2 अगस्त को आदिवासी महाजूटन होगा । कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के नेतृत्व में यह महासमागम होने जा रह है। बंधु तिर्की ने बताया कि 2029 तक परिसीमन होना है । उन्होंने आशंका जताई है कि 2026 की तरह परिसीमन होता है तो आदिवासियों की सीट घटेगी । झारखंड को आदिवासी राज्य माना जाता है और यह 5वीं सूची में आता है । झारखंड में हाल में बाहर के लोग आ गए है और डेमोग्राफी बदल गई है। आदिवासियों की जनसंख्या घटी नहीं है केवल बाहर के लोगों की संख्या बढ़ गई है। अगर आबादी को अनुपात मानकर अगर परिसीमन होता है तो आदिवासी सीट घटेगी। गृह मंत्री ने कहा था कि कहीं भी आदिवासी सीट नहीं घटेगी। झारखंड में अगर 50% सीट बढ़ेगी तो संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। लेकिन अगर घटेगी तो आदिवासी घटेगी और प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा। इसके लिए ही आदिवासी एकता महाजुटान रैली मोराबादी में आयोजित होगा ।
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