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RTI एक्टिविस्ट के आरोप से त्रिवेणीगंज नगर परिषद में हंगामा, चेयरमैन पर फर्जीवाड़े का आरोप
SJSubhash Jha
Jan 05, 2026 14:35:58
Supaul, Bihar
RTI एक्टिविस्ट ने त्रिवेणीगंज नगर परिषद के चेयरमैन पर लगाया फर्जीवारा करने का संगीन आरोप. किया जांच की मांग. त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन संगीता कुमاری यादव पर सुपौल के एक RTI एक्टिवस्ट ने फर्जीवारा करने का संगीन आरोप लगाया है, जिसके बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है, RTI एक्टिविस्ट अनिल सिंह ने तमाम आरोपों के पक्ष में कागजात उपलब्ध कराते हुए मिडिया को सुपौल में आयोजित PC में सारी जानकारी साझा किया है. जिसमें आरोप लगाया गया है की नेपाल की रहने वाली संगीता कुमारी ने अपनी पहचान जन्मतिथि और अन्य दस्तावेज बदले और फिर पहले सरकारी शिक्षिका बनी, उसके बाद सीधे नगर परिषद की चेयरमैन बन गई है, दरअसल इस सनसनीखेज मामले का खुलासा भ्रष्टाचार मुक्त जागरूकता अभियान के संयोजक सह आरटीआई कार्यकर्ता सह जन सुराज नेता अनिल कुमार सिंह ने किया है, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि संगीता कुमारी यादव नेपाल के सप्तरी जिला अंतर्गत इनरवा गांव की निवासी हैं, जिनके पिता का नाम सुरैत यादव और जन्म तिथि 2 अक्टूबर 1984 (नेपाल) है. कहा कि संगीता कुमारी यादव की शादी सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज लतौना निवासी पूर्व मुखिया विजेंद्र यादव से हुई, आरोप है कि शादी के बाद संगीता कुमारी यादव ने नेपाल की पहचान को धीरे-धीरे पीछे छोड़ दिया और भारत में नई-नई पहचान गढ़ती चली गई। आरोप यह भी लगाया गया है कि संगीता कुमारी यादव मधुबनी की संगीता बनकर करीब सात साल तक सरकारी नौकरी की है, कहा कि संगीता कुमारी यादव ने मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड निवासी महेंद्र यादव की पुत्री संगीता कुमारी के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का गलत इस्तेमाल किया जिसमें मैट्रिक और इंटर का प्रमाणपत्र दिया है. उसमे उनका जन्मतिथि 3 जनवरी 1992 है. अनिल सिंह ने आरोप लगाया है कि इन्हीं गलत दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के सहारे संगीता कुमारी यादव वर्ष 2014 में त्रिवेणीगंज प्रखंड के महेशुआ पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय पहलवाना में पंचायत शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली. बताया गया कि करीब 7 साल 4 महीने तक सरकारी वेतन भी पाया और किसी को भनक तक नहीं लगी। वर्ष 2022 में जब संगीता कुमारी यादव को नगर परिषद चुनाव लड़ना था तो शिक्षक पद से त्यागपत्र दे दिया गया। आरोप है कि संगीता ने अपने पति विजेंद्र यादव को ही पिता दर्शाकर त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। अनिल सिंह ने कहा कि इसी पहचान की एक महिला आज भी मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड में शिक्षिका के पद पर कार्यरत बताई जा रही है। कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के दौरान त्रिवेणीगंज विधानसभा की मतदाता सूची से संगीता कुमारी यादव का नाम डिलीट कर दिया गया। आरोप है कि संगीता कुमारी यादव जो विधानसभा चुनाव में वोट तक नहीं डाल सकीं वो त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन बनी हुई है, RTI एक्टिविस्ट ने पुरे आरोपों की जांच कर समुचित कार्रवाई की मांग की है. खैर यह तो आरोप है, मामले की जांच के बाद ही मामला स्पष्ट हो पायेगा. इधर इन तमाम आरोपों को लेकर त्रिवेणीगंज नगर परिषद की चेयरमैन संगीता कुमारी यादव ने आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है.
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