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Amresh PiNewzAmresh PiNewzFollow19 Jun 2024, 10:20 am
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हमीरपुर मॉनसून कहर: संपत्ति नुकसान 71 करोड़ से अधिक

Chanwal, Himachal Pradesh:जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले 24 घण्टे के दौरान हुई बारिश से 7 लाख रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इसी के साथ इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। एडीडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार गत 48 घंटों के दौरान जिले भर से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इस दौरान एक कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है और 2 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं को 1.24 करोड़ रुपये और बिजली की लाइनों का भी लगभग एक लाख रुपये का नुक्सान हुआ है। एडीडीसी ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस सीजन में अभी तक लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 45.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि, जल शक्ति विभाग को 23.42 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 1.13 करोड़, नेशनल हाईवे को 50.22 लाख और शिक्षा विभाग को 17.70 लाख रुपये की क्षति हुई है। बागवानी की फसलों को 43.56 लाख रुपये के नुक्सान की रिपोर्टें भी प्राप्त हुई हैं। एक पंचायत घर के गिरने से लगभग 3.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। 2 किचन शैड गिरने से लगभग 65 हजार रुपये की क्षति हुई है। इस सीजन में एक पक्का मकान और 6 कच्चे मकान ध्वस्त होने से लगभग 14.45 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसी दौरान 28 अन्य कच्चे मकानों और 5 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे लगभग 15.07 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 4 डंगे गिरे हैं, जिनमें लगभग 2.40 लाख रुपये की क्षति हुई है। 32 गौशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 8.85 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। एडीडीसी ने बताया कि राजस्व विभाग सहित सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों नुकसान की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावितों की तुरंत मदद की जा सके।
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हिमाचल इन युवाओं का कृषि रुझान: एवोकाडो खेती से अच्छा मुनाफा

Kullu, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश में अब युवा नौकरी की तरफ न भागकर कृषि और बागवानी की तरफ अपना रुझान दिख रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में सेब, अनार, कीवी, जापानी फल सहित अन्य कई फलों की खेती की जा रही है। तो वहीं विदेशी फलों की खेती की ओर भी अब युवा आगे बढ़ रहे हैं। विदेशी फलों की खेती से युवाओं को आर्थिक रूप से भी अच्छा लाभ हो रहा है और यूट्यूब तथा अन्य नई तकनीक के माध्यम से वह इस खेती को भी अपने-अपने इलाके में सफल करने में कामयाब हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के शास्त्री नगर की बात करें तो यहां पर भी एक युवा आयुष ठाकुर के द्वारा एवोकाडो की खेती की जा रही है। हालांकि पहले एवोकाडो का पौधा शौकिया तौर पर लगाया गया था। लेकिन जब उसमें फल आने शुरू हुई और बाजार में उन्हें अच्छे दाम मिलने लगे। तो अब युवा आयुष के द्वारा एवाकाडो की नर्सरी भी तैयार की जा रही है और प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी उसे बेचा जा रहा है। जिला कुल्लू के शास्त्री नगर में आयुष ठाकुर के द्वारा एवोकाडो के अच्छे फलों के बीज से नर्सरी भी तैयार की जा रही है। ऐसे में आयुष ठाकुर के द्वारा अपने खेतों में 30 से अधिक एवोकाडो के पेड़ भी लगाए गए हैं। जो 4 साल के भीतर फल देना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा नर्सरी पर तैयार किए गए पौधे जिला कुल्लू के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ सोलन और शिमला में भी बेचे जा रहे हैं। आयुष ठाकुर ने बताया कि नर्सरी में तैयार पौधों की कीमत 700 रुपए प्रति पौधा रखी गई है। एवाकेडो फल को बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं और अब हिमाचल का मौसम भी इसके लिए अनुकूल होता जा रहा है। जिसके चलते प्रदेश के विभिन्न इलाकों से एवोकाडो का पौधा लगाने के बारे में भी लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। आयुष ठाकुर ने बताया कि उनके पिताजी ने पहले एवाकाडो का एक पेड़ लगाया था और कुल्लू मनाली घूमने आने वाले विदेशियों ने उन्हें यह पेड़ दिया था। ऐसे में 5 साल के बाद जब इस पेड़ पर फल लगना शुरू हुई तो उन्हें इसकी खेती के बारे में विचार आया। आयुष ठाकुर ने बताया कि एक पेड़ पर शुरुआती दौर में 40 से 60 किलो फल लगते हैं और जब पेड़ 8 साल का हो जाता है। तो यह एक पेड़ पर 100 किलो से भी अधिक फल देता है। स्थानीय सब्जी मंडी में जब उन्होंने इस फल को बेचा तो उन्हें 230 रुपए प्रति किलो दाम मिला। जो सेब, अनार, कीवी और जापानी फल की कीमत से काफी अधिक है। आयुष ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 800 मीटर से लेकर 1600 मीटर की ऊंचाई तक एवोकाडो की खेती की जा सकती है। लेकिन सर्दियों में इसका विशेष ध्यान रखना पड़ता है। सर्दियों में आसमान से कोहरा गिरने के चलते इसके पत्ते जल जाते हैं। क्योंकि पतझड़ में भी इस पेड़ के पत्ते नहीं झड़ते है और यह पूरा साल हरा भरा रहता है। इसके अलावा इस पर बाकी अन्य पेड़ों की तरह अंधाधुन स्प्रे और रसायन युक्त खाद भी नहीं दी जाती है। जिसके चलते यह बाकी फलदार पेड़ों के मुकाबले काफी अच्छा फायदे का सौदा है। जहां पर भी कोहरा कम पड़ता हो या फिर तापमान इसके लिए अनुकूल रहता हो। तो वहां पर लोग एवोकाडो के पौधे को अपने खेतों में तैयार कर सकते हैं। बाइट - आयुष ठाकुर
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बाबा फ़रीद उर्स: 19–23 सितम्बर महोत्सव में दो लाख नकद समेत दो प्रमुख सम्मान

Kot Kapura, Punjab:ਮਹਾਨ ਸੂਫ਼ੀ ਸੰਤ ਬਾਬਾ ਸ਼ੇਖ ਫਰੀਦ ਜੀ ਦੀ ਯਾਦ ਚ ਹੋਰ ਸਾਲਾਂ ਵਜੋਂ ਮਨਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬਾਬਾ ਸ਼ੇਖ ਫ਼ਰੀਦ ਆਗਮਨ ਪੂਰਵ ਜੋ 19 ਸਿਤੰਬਰ ਤੋਂ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਤੱਕ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਧੂਮ ਧाम ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਜਿੱਥੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਧਾਰਮਿਕ ਦੀਵਾਨ ਸਜਾਏ ਜਾਣਗੇ ਨਾਲ ਹੀ ਵੱਖ ਵੱਖ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀਆਂ, ਪੇਂਡੂ ਖੇਡ ਮੇਲੇ, ਖੇਡ ਮੁਕਾਬਲੇ, ਕਵਾਲੀ ਮੁਕਾਬਲੇ ਅਤੇ ਰੰਗਾਂ ਰੰਗ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੇ ਕਲੱਚਰ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰਵਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਨੂੰ ਮੇਲੇ ਦੇ ਆਖਰੀ ਦਿਨ ਇੱਕ ਮਹਾਨ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ ਸਜ਼ਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਨਾਲ ਹੀ ਮੇਲੇ ਦੇ ਆਖਰੀ ਦਿਨ ਗੁਰੂਦੁਆਰਾ ਮਾਈ ਗੋਦੜੀ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਮਹਾਨ ਸ਼ਖਸ਼ੀਅਤਾ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਧਾਰਮਿਕ ਅਤੇ ਵਿੱਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦੋ ਵਕਾਰੀ ਆਵਾਰਡਾ ਨਾਲ ਦੋ ਮਹਾਨ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਚ ਪਹਿਲਾ ਐਵਾਂਰਡ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਅਵਾਰਡ ਉਸ ਸ਼ਖਸ਼ੀਅਤ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸਮਾਜ ਭਲਾਈ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਕੰਮ ਕੀਤੇ ਹੋਣ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਲਾਲਚ ਦੇ ਨਿਭਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਦੂਜਾ ਐਵਾਰਡ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਫਾਊਂਡਰ ਚੇਅਰਮੈਨ ਸਵਰਗੀ ਸ੍ਰ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਯਾਦ ਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਖੇਤਰ ਚ ਵਧੀਆ ਯੋਗਦਾਨ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਦੋਨਾਂ ਐਵਾਂਰਡਾ ਲਈ ਯੋਗ ਵਿਅਕਤੀ ਯਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਤੋਂ ਅਰਜ਼ੀਆਂ ਮੰਗਿਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਜੋ 10 ਸਿਤੰਬਰ ਤੱਕ ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਦਰਜ਼ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਹੋਣਗੀਆਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬਾਅਦ ਚ ਘੋਖ ਕਰਨ ਉਪਰੰਤ ਦੋ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤਾ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਨੂੰ 2-2 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਕਦੀ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਨਮਾਨ ਚਿੰਨ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
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लुधियाणा के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल बोले: सफाई अभियान से शहर स्वच्छ बीमारी मुक्त

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਪੂਰਵੀ ਵਿੱਚ ਵਿਧਾਇਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ ਕੋਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਫਾਈ ਸੇਵਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਸਫਾਈ ਅਭਿਆਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸ਼ਹਿਰ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਮੁਕਤ ਅਤੇ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਹਲਕਾ ਪੂਰੀ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਫਾਈ ਅਭਿਆਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ ਭੋਲਾ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਪਿਛਲੇ ਕੁਝ ਹੜਤਾਲ ਅਤੇ ਬਰਸਾਤਾਂ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਕੂੜੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਅਤੇ ਗੰਦਗੀ ਫੈਲੀ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਇਸ ਗੰਦਗੀ ਨੂੰ ਸਾਫ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਥ ਦੇਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਲੁਧਿਆਣਾ ਨੂੰ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਸ਼ਹਿਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ
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अकोला में खरीप पिकें संकट, कृत्रिम बारिश की तकनीक पर विचार

Akola, Maharashtra:अकोला जिल्ह्यात अपेक्षित पाऊस न झाल्याने खरीप पिके संकटात आली असून दुष्काळसदृश परिस्थिती निर्माण होण्याची शक्यता आहे. या पार्श्वभूमीवर क्लाऊड सीडिंगद्वारे कृत्रिम पाऊस पाडण्याची तांत्रिक शक्यता तपासावी, अशी मागणी वंचित बहुजन आघाडीने केली आहे. वंचितचे जिल्हाधिकारी प्रमोद देंडवे यांच्या नेतृत्वाखाली जिल्हाधिकाऱ्यांना निवेदन देण्यात आले. पर्जन्यमान, ढगांची उपलब्धता, वातावरणातील आर्द्रता यांचा तज्ज्ञांच्या मार्गदर्शनाने आढावा घेऊन शक्यता असल्यास शासनाकडे तातडीने प्रस्ताव पाठवावा, अशी मागणी करण्यात आली. कृत्रिम पाऊस शक्य नसल्यास पावसाअभावी बाधित गावांचे सर्वेक्षण, संभाव्य पीकनुकसानीचे पंचनामे, तसेच पिण्याचे पाणी, चारा आणि पशुधनासाठी पाण्याचे नियोजन करावे, अशी मागणीही निवेदनातून करण्यात आली आहे.
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नेत्रदान से रोशन हो रही जिंदगी: रांची में परिवारों को मिला सम्मान

Ranchi, Jharkhand:आज भले ही कुछ लोग इस दुनिया में नहीं है लेकिन भी उनकी आंखें दूसरों के जरिए दुनिया देख रही है। दरअसल उन्होंने इस दुनिया से विदा लेने से पहले ही अपनी आंखों को दान कर दिया। राजधानी रांची के रिम्स में चल रहे 41 में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के दौरान नेत्रदान करने वाले लोगों के परिवार को सम्मानित किया गया। रांची के रिम्स ऑडिटोरियम में बैठे इन परिवार वालों ने भले ही आज अपनों को खो दिया हो लेकिन उनके हौसलों ने दूसरे की दुनिया को रौशन करने का काम किया है। अपनों के खोने के दर्द के बीच इनके आंखों में आज एक सुकून है कि आज किसी और का घर रौशन हुआ है। केस स्टडी 1.... रांची की रहने वाली जसलीन कौर एक ऐसी बिजनेस वूमेन है जिन्होंने पहले अपने दादा को और फिर अपने पिता को खोया है। नाम आंखें और लड़खड़ाती जुबान के साथ यह अपने पिता और दादाजी को याद कर भावुक हो जा रही है। इन्होंने बताया कि जब उनके दादा इस दुनिया से जा रहे थे तो उन्होंने ही नेत्रदान करने का फैसला किया था जिसे उनके पिता ने निभाया और आज तीसरी पीढ़ी भी नेत्रदान करने में पीछे नहीं है। बाइट.....जसलीन कौर,बिज़नेस विमेन केस स्टडी 2......रांची के ग्रामीण इलाके होचर से आने वाली इस मां के हौसले तो सलाम करने जैसे हैं।दरअसल इन्होंने अपने 6 साल के मासूम बच्चे को बीमारी की वजह से खाया लेकिन आज खुश हैं कि उनके बेटे की नजरें किसी की जिंदगी को रोशन कर रही है। बाइट.....डॉली,कांके होचr निवासी केस स्टडी 3.... व्यावसायिक फैमिली से आने वाली इस यंग महिला ने उन्हें खोया है जिन्होंने सात जन्मों तक का साथ निभाना का वादा किया था।उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली बिजनेस थी चश्मा का है इसीलिए वह खुद भी जागरूक हैं कि अपनी आंखों से किसी की जिंदगी रोशन की जा सकती है। बाइट....मिसेज पॉल नेत्रदान की जानकारी देते हुए रिम्स के निदेशक ने बताया कि नेत्रदान बहुत जरूरी,कई केसेज आते हैं जिनको कॉर्निया की जरूरत होती है।लोगों से अपील है कि दूसरों की जिंदगी को रौशन करें। वही ए डिपार्टमेंट के एचओडी में जानकारी दी की रांची नेत्रदान को महादान मानता है यही वजह से यहां बड़ी संख्या में लोग नेत्रदान कर रहे हैं। पिछले साल रिम्स के पास 150 का टारगेट था और 192 लोगों ने नेत्रदान किया था और इस बार सेंट्रल गवर्नमेंट ने टारगेट को बढ़ाया है हमें 600 का टारगेट दिया गया है उम्मीद है हम पूरे कर लेंगे। अप्रैल से अब तक 100 के आसपास हो गया। वही डिपार्टमेंट के नोडल ऑफिसर ने भी बताया कि वह न सिर्फ लोगों को नेत्रदान करने के लिए जागरुक कर रहे हैं बल्कि उन्होंने खुद भी नेत्रदान कर दिया है बाइट....रिम्स निदेशक बाइट...एचओडी,आई डिपार्टमेंट बाइट....नोडल पदाधिकारी
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आगरा पुलिस ने गूगल मैप से 500 मीटर पहले चेतावनी देकर सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की योजना जारी की

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में चिन्हित क्रिटिकल केयर लोकेशन और ब्लैक स्पॉट का जियो-लोकेशन आधारित डेटा तैयार किया गया है। इस डेटा को डिजिटल मैपिंग सिस्टम से इंटीग्रेट कर वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों से पहले ही अलर्ट किया जाएगा। खास बात ये है कि गूगल मैप पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र से करीब 500 मीटर पहले स्पीड अलर्ट दिया जाएगा, जिससे कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सके। उत्तर प्रदेश एक आगरा पहला ऐसा जिला बन गया है कि जो लोग गूगल मैप के जरिए वाहन चला रहे होंगे, उनको सड़क हादसे से पहले ही अलर्ट कर दिया जाएगा. आगरा में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम तकनीकी पहल की जा रही है। इसके तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का लोकेशन डेटा तैयार किया गया है। आगरा जिले में 208 क्रिटिकल केयर लोकेशन और 33 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। अब इन लोकेशन को डिजिटल मैपिंग और नेविगेशन सिस्टम से जोड़ा गया है। गूगल मैप पर वाहन चालक जैसे ही किसी दुर्घटना संभावित क्षेत्र की ओर बढ़ेगा, संबंधित लोकेशन से करीब 500 मीटर पहले प्री-एम्प्टिव अलर्ट दिया जाएगा। अलर्ट के जरिए चालक को बताया जाएगा कि आगे दुर्घटना संभावित क्षेत्र है और यहां दुर्घटना का जोखिम अधिक है। साथ ही वाहन चालक को स्पीड कम करने और सावधानी से वाहन चलाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य है कि चालक को खतरे वाले क्षेत्र की जानकारी रियल-टाइम नेविगेशन के दौरान पहले ही मिल जाए, जिससे वह समय रहते अपने वाहन की गति नियंत्रित कर सके। दरअसल, सड़क हादसों में तेज रफ्तार और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पर्याप्त सावधानी न बरतना बड़ी वजहों में शामिल है। ऐसे में लोकेशन-बेस्ड वार्निंग सिस्टम के जरिए चालक के व्यवहार में समय रहते बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के इस नए प्रयास से उम्मीद जताई जा रही है कि अब सड़क पर खतरे वाले प्वाइंट की जानकारी सिर्फ साइन बोर्ड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल मैप और नेविगेशन अलर्ट के जरिए चालक तक सीधे पहुंचेगी, और 500 मीटर पहले मिलने वाला प्री-वार्निंग अलर्ट, वाहन की गति नियंत्रित करने में मदद करेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित होगा।
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उत्तराखंड में निकाहनामा लागू, रजिस्टर्ड मौलवी द्वारा निकाह पढ़ाना अनिवार्य UCC पोर्टल पंजीकरण जरूरी

Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड सरकार जल्द निकाह नामा लागू कर सकती है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है। निकाह नामा को लेकर देखिए रिपोर्ट। ग्राफिक्स उत्तराखंड में सरकार जल्द लागू करेगी निकाहनामा वक्फ़ बोर्ड और अल्पसंख्यक विभाग ने तैयार किया खाका उत्तराखंड में होने वाले निकाह अब निकाह नाम के आधार पर करने की तैयारी निकाह नामा के तहत अब रजिस्टर्ड मौलवी ही निकाह पढ़ाएंगे , वही निकाह मान्य होगा UCC पोर्टल पर निकाहनामा वाली शादी ही एक्सेप्ट होगी अंतर धार्मिक निकाह करना आसान नहीं होगा निकाहनामा यानी निकाह पंजीकरण सिस्टम को मजबूत करने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है निकाह नामा में वर वधु की पहचान धर्म और मत विवाह की तारीख मौलवी का रजिस्ट्रेशन नंबर और गांव के विवरण संबंधी जानकारी देना अनिवार्य किया जाना प्रस्तावित है निकाह नामा के अंतर्गत रजिस्टर्ड लाइसेंस प्राप्त मौलवियों द्वारा ही पढ़ाई गई निकाय को वैध माना जाएगा सरकार का फोकस दूल्हा दुल्हन की सुरक्षा सामाजिक संरक्षण और युवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखना है कई बार निकाह के मामलों में निवास प्रमाण पत्र पहचान या विवाह के दस्तावेजों में गड़बड़ी रहती है वीओ निकाहनामा को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा है ऐसी कोई भी चीज़ जो महिलाओं के अधिकार और महिलाओं के हित को दबाने का कार्य करते हैं उन सभी के खिलाफ सरकार कार्य कर रही है। कोई भी महिला चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से आती हो उसे कानून में बराबर का हक है उनके हक को मजबूत करने के लिए जो कुछ करना होगा सरकार उस पर कार्य करेगी। बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड वीओ निकाहनामा को लेकर उत्तराखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास का कहना है कि इसे लेकर नियम कानून बनाए जा रहे हैं ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जो नियम होंगे उसी के तहत विवाह होगा और उसके बाद UCC पोर्टल में पंजीकरण किया जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री का कहना है की महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए यह ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है और इसका पूरा पालन कराया जाएगा। बाइट खजान दास अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री
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छुरिया में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो- बाइक टक्कर, चार की मौत, परिवार में मातम

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव जिले के छुरिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और बाइक के बीच हुई भीषण टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं, जबकि हादसे में स्कॉर्पियो सवार एक व्यक्ति की भी जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला छुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम भोलापुर और शिकारी महका के बीच का है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सामने से आ रही बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों को इलाज के लिए राजनांदगांव जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। हादसे में जान गंवाने वालों में एक महिला भी शामिल है। मृतकों में तीन लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। दुर्घटना में स्कॉर्पियो सवार एक व्यक्ति की भी मौत हुई है। सूचना मिलते ही छुरिया पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के वक्त स्कॉर्पियो की रफ्तार कितनी थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है。
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पारादीप में कार दुर्घटना: सड़क पर पलटने से पति-पत्नी की मौत

Paradeep, Odisha:Anchor -ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ରାସ୍ତା ରୁ ଖସି ଏକ ଜଳାଶୟ ରେ ପଲଟିଗଲା କାର୍। କାର୍ ରେ ଥିବା ସ୍ବାମୀ ସ୍ତ୍ରୀ ଦୁହିଁଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ। ଖବରପାଇ ପାରାଦୀପ ଲକଥାନା ପୋଲିସ ପହଞ୍ଚି କାର୍ ଭିତରୁ ଦୁହିଁଙ୍କୁ ଉଦ୍ଧାର କରି ପାରାଦୀପ ଅଠରବାଙ୍କୀ ମେଡ଼ିକାଲ କୁ ନେଇଥିଲେ ସୁଧା ଡାକ୍ତର ତାଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ଘୋଷଣା କରିଥିବା ଜଣାପଡ଼ିଛି। ତେବେ ମୃତକ ହେଲେ ପାରାଦୀପ ବନ୍ଦର ର ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ଯନ୍ତ୍ରୀ ବିଭୂତି ଭୂଷଣ ଦାସ୍ ଓ ତାଙ୍କ ପତ୍ନୀ ପ୍ରତିମା ଦାସ୍। ଘର ଯାଜପୁର ଜିଲ୍ଲା ବାଲିଚନ୍ଦ୍ର ପୁର ଅଞ୍ଚଳର ବୋଲି ଜଣାପଡିଛି। ଗତ ଅଗଷ୍ଟ ୩୧ତାରିଖରେ ବିଭୂତି ପାରାଦୀପ ବନ୍ଦର ରୁ ଅବସର ନେଇଥିଲେ। ଗਤକାଲି ସେ ବନ୍ଧୁ ଘର ଯାଇ ପାରାଦୀପ ଗଡ ରୁ ବିଳମ୍ବିତ ରାତି ପ୍ରାୟ ରାତି ୩ଟା ସମୟରେ ପାରାଦୀପ କୁ ଫେରୁଥିବା ବେଳେ କାର୍ ଟି ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ରାସ୍ତା କଡରୁ ଏକ ଜଳାଶୟ ଭିତରେ କାର୍ ଟି ଓଲଟି ପଡିଥିଲା। ଫଳରେ କାର୍ ରେ ଥିବା ସ୍ବାମୀ ସ୍ତ୍ରୀ ଦୁହିଁଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଛି।ଘଟଣା ସ୍ଥଳରେ ପୋଲିସ ପହଞ୍ଚି ଶବକୁ ବ୍ୟବଛେଦ କରିବା ପାଇଁ ଶବାଗାରକୁ ପଠାଇବା ସହ ଘଟଣାର ତଦଣ୍ତ ଆରମ୍ଭ କରିଛି। ଏଭଳି ଘଟଣା କୁ ନେଇ ପାରାଦୱୀପ ଗଡ଼ ଅଂଚଳ ରେ ଶୋକାକୁଳ ପରିସ୍ଥିତି ଦେଖୁବାକୁ ମିଳିଛି।
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मूरतगंज के पटाखा गोदाम से पुलिस ने छह बोरे पटाखे बरामद

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:मूरतगंज में पटाखा गोदाम पर पुलिस का एक्शन कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन अब संदीपंघाट थाना क्षेत्र के मूरतगंज कस्बे में पटाखा विस्फोट मामले की आरोपी कहकशा के बताए जा रहे पटाखा गोदाम पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने गोदाम के आगे और पीछे बने दो कमरों को खुलवाया, जहां से करीब छह बोरी पटाखे बरामद हुए हैं। बरामद पटाखों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और इन्हें गड्ढा खोदकर नष्ट कराया जाएगा। तस्वीरें संदीपघाट थाना इलाके के मूरतगंज कस्बे की हैं, जहां पुलिस ने पटाखा गोदाम पर कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि यह गोदाम मनौरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले की आरोपी कहकशा से जुड़ा है। पुलिस ने गोदाम के आगे और पीछे बने दो कमरों को खुलवाया। तलाशी के दौरान कमरों के अंदर करीब छह बोरी पटाखे मिले। पुलिस ने सभी पटाखों को अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों के मुताबिक बरामद पटाखों को सुरक्षित तरीके से गड्ढा खोदकर नष्ट कराया जाएगा। मनौरी में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस अवैध पटाखा भंडारण और कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मूरतगंज में हुई इस कार्रवाई से पटाखा कारोबारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। बतादे की विस्फोट में अब तक 9 बच्चे समेत 14 लोगो की मौत हो चुकी है।
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