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Amarjeet Kumar YadavAmarjeet Kumar YadavFollow16 Oct 2024, 12:08 pm

आज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ सासाराम के समाहरणालय पर प्रदर्शन दिया

Sasaram, Bihar:

आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सासाराम के समाहरणालय पर स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें केंद्र-बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने किया। उनका आरोप है कि सरकार जबरन विद्युत उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रही है, जबकि कोर्ट निर्देशानुसार उपभोक्ताओं के साथ जबरन व्यवहार नहीं होना चाहिए। पहले से कार्यरत रेगुलर मीटर बेहतर हैं व स्मार्ट मीटर के माध्यम से सरकार आर्थिक दोहन कर रही है जो अंततः सरकार के लिए हानिकारक हो सकता है।

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फर्रुखाबाद के वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, परिवार में कोहराम

ASARUN SINGHJust now
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद अरुण सिंह खेतों में जानवर चराने गए वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत, परिवार में मचा कोहराम फर्रुखाबाद : अमृतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खुशाली में शुक्रवार को खेतों में जानवर चराने गए एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बेचेलाल 60 वर्ष पुत्र मूंगालाल सुबह करीब 11 बजे अपने जानवरों को लेकर खेतों की ओर चराने गए थे। इसी दौरान सोता नाले के पास उनका पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गए। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि सूचना मिली थी कि जानवर खेत में खड़े हैं, लेकिन पिता दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक उनकी तलाश की। खोजबीन के दौरान सोता नाले में उनका शव दिखाई दिया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि परिवार में नौ बच्चे हैं। पति की अचानक मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। थाना प्रभारी ने बताया कि पानी मे डूबने से मौत की सूचना पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जालौन में यमुना नदी में धड़ल्ले से किया जा रहा मछलियों का अवैध शिकार,

AdityaAdityaFollowJust now
Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में यमुना नदी में धड़ल्ले से किया जा रहा मछलियों का अवैध शिकार, कालपी तहसील के जीतामऊ गांव में शिकारी प्रजनन काल के दौरान अवैध रूप से मछलियों का कर रहे शिकार, प्रजनन काल के दौरान प्रतिबंधित होने के बावजूद शिकारी कर रहे मछलियों का शिकार, पुलिस और मत्स्य विभाग की मिलीभगत से मछलियों के अवैध शिकार का आरोप, मछलियों की अवैध शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, स्थानीय ग्रामीणों ने मत्स्य विभाग और स्थानीय पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, जिलाधिकारी के रोक के आदेश बावजूद भी मछलियों का शिकार करने से बाज नहीं आ रहे शिकारी, ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकारी के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की मांग, जालौन के कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम जीतामऊ घाट का मामला। बाइट:- अरुण कुमार--ग्रामीण
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एक पेड़ माता के नाम: जालौन में जनआंदोलन बन रहा पौधरोपण अभियान

Jalaun, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास मंत्री संजय गंगवार ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान वे जालौन पहुंचे और उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ जनआंदोलन का रूप देने के लिए जिले से छह प्रचार-प्रसार वाहन रवाना किए गए हैं, जो गांव-गांव और शहरों में लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। मंत्री ने कहा कि इस अभियान में आम नागरिकों से लेकर व्यापारी, छात्र, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के कर्मचारी सक्रिय भाग लेंगे। प्रभारी मंत्री ने बताया कि यह अभियान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाकर जनपद और प्रदेश को हराभरा बनाना है। प्रशासन का प्रयास है कि हर परिवार अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करे। जिला प्रशासन के अनुसार जनपद जालौन को 98 लाख 12 हजार 400 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। लगभग तैयारियों की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य आसानी से पार कर लिया जाएगा और जिले में एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापारी संगठनों, सभी 27 विभागों, स्कूलों के विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा NDA परिवार के कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा गया है। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठन लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। प्रशासन ने परिवहन विभाग के माध्यम से ट्रक चालकों से भी भागीदारी की अपील की है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपने-अपने घरों और आसपास पौधे लगाने का आग्रह किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। योजना के तहत अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को दवा के साथ-साथ "एक पेड़ मां के नाम" लगाने का संदेश दिया जाएगा, ताकि पौधरोपण का दायरा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए लोगों को पौधों की जिम्मेदारी लेने और उन्हें जीवित रखने के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान स्थायी और सफल बन सके। बाइट— संजय गंगवार—गन्ना विकास मंत्री
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मानसून की पहली बारिश ने चकराता के चैंमा छानी में विकास कार्यों की पोल खोल दी

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड में मानसून सत्र शुरू होते ही जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों में विकास कार्यों की पोल भी खुलने लगी है। ताजा मामला चकराता के खारसी गांव के चैमा बैरावा मोटर मार्ग से है, जहां लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ग्रामीणों के आशियानों पर भारी पड़ती दिख रही है। महज दो दिनों की बरसात ने करोड़ो की लागत से बन रहे मोटर मार्ग के दावों को बहा दिया है, और अब ग्रामीणों के पुश्तैनी मकानों पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है। ये तस्वीरें चकराता के खारसी गांव के चैंमा छानी की हैं। पहाड़ों का सीना चीरकर विकास की राह तो तैयार की जा रही थी, लेकिन इस विकास के पीछे छिपी लापरवाही ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। चैंमा छानी में इस मोटर मार्ग का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है, कि दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने ठेकेदार के काम की गुणवत्ता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब ठेकेदार द्वारा रोड की कटिंग की जा रही थी, तब उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को चेताया था। ग्रामीणों ने साफ कहा था कि इस कटिंग से उनके पुश्तैनी मकानों की नींव कमजोर हो रही है, जो बरसात में कभी भी ढह सकते हैं। उस वक्त तो अधिकारियों और ठेकेदार ने ग्रामीणों को शांत करने के लिए पक्की सुरक्षा दीवार लगाने का बड़ा आश्वासन दे दिया,लेकिन धरातल पर जो हुआ, वो आपके सामने है। पक्के कंक्रीट की दीवार की जगह ठेकेदार ने औपचारिकता निभाते हुए महज कुछ कमजोर तार-जाल भरवा दिए। नतीजा यह हुआ कि पहली ही बारिश में पहाड़ी दरकने लगी है और अब ये पुश्तैनी मकान हवा में लटके नजर आ रहे हैं। फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। आलम यह है कि यदि शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग ने जल्द ही यहां किसी स्थाई सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराया, तो ये पुश्तैनी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं। अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोया विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या समय रहते जागता है।
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सलूम्बर में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी, सड़कें-नालियाँ साफ

Udaipur, Rajasthan:सलूम्बर में हाईवे और सार्वजनिक मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद के निर्देश पर प्रशासन ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए सड़क, नालियों और हाईवे किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए हैं। प्रशासन का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। सलूम्बर जिला प्रशासन ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए हाईवे और प्रमुख मार्गों से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम ने कई स्थानों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। सबसे पहले नवनिर्मित जिला अस्पताल के पास किए गए अतिक्रमण हटाए गए। यहां अवैध केबिन और बाउंड्रीवाल को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सलूम्बर-ईटाली खेड़ा रोड यानी एसएच-53 पर किलोमीटर 6.700 पर करीब 30 वर्ष पुरानी अवैध बाउंड्रीवाल को भी हटाया गया। प्रशासन के अनुसार इस अतिक्रमण के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। वहीं पुलिया के पास संचालित एक केबिन चालक को भी हटने के निर्देश दिए गए। दूदर से बाईपास मार्ग पर एसएच-53 के किलोमीटर 85.500 से 86.500 के बीच नाली में मिट्टी भरकर किए गए अतिक्रमण को हटाकर नाली और सड़क को मूल स्थिति में बहाल किया गया, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। इसके अलावा हाड़ीरानी कॉलेज संपर्क मार्ग से पंचायत समिति तक की सड़क पर हुए अतिक्रमण हटाकर सड़क की मूल चौड़ाई बहाल की गई। वहीं लवकुश स्कूल से गणेशघाटी मार्ग पर सड़क किनारे लगे अवरोध और बाधक पेड़ों को हटाकर रास्ता सुगम बनाया गया। हाईवे किनारे केबिन संचालकों को भी नोटिस जारी कर भविष्य में अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई है। : प्रशासन का कहना है कि आमजन की सुविधा, सुरक्षित यातायात और सार्वजनिक मार्गों को बाधा मुक्त रखने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
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उदयपुर के मीरा नगर में फर्निशिंग शोरूम में चोरी, कैमरे पलटाकर बदमाश फरार

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के मीरा नगर इलाके में स्थित फर्निशिंग शोरूम में देर रात बदमाशों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाश शोरूम के पीछे से एल्यूमिनियम शीट काटकर अंदर प्रवेश किया। जहा से वे महंगा फर्निशिंग सामान चोरी कर फरार हो गए। चोरी की वारदात को अंजाम देने आए बदमाशो ने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों को मोड़ दिया। जिससे उनकी हरकत कैमरों में कैद ना हो सके। सूचना पर सुखेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका मुवायना कर मामला दर्ज किया। बदमाश शो रूम से फर्निशिंग का सामान, लैपटॉप, नगदी, सहित अन्य कीमती सामान चुरा फरार हो गए। घटना के बाद व्यापारियों ने पुलिस से रात्रिकालीन गस्त व्यवस्था को पुख्ता करने की मांग की।
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शाजापुर में मोबाइल टॉवर से केबल चोरी: सेवाएं प्रभावित, पुलिस सीसीटीवी से आरोपियों की तलाश

Shajapur, Madhya Pradesh:शाजापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक मोबाइल टॉवर से दो बार केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना हॉट मैदान स्थित रोड पर नोबल हॉस्पिटल के सामने हुई। कंपनी के प्रतिनिधि ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फरियादी आशीष राठौर (पिता भेरूलाल राठौर), निवासी आदित्य नगर, शाजापुर ने शुक्रवार दोपहर को कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि एलटस कंपनी का टॉवर (साइट आईडी 462486) टंकी चौराहा स्थित भगत सिंह मार्ग पर स्थापित है। इस टॉवर से 6 जुलाई की रात और फिर 9 जुलाई की रात अज्ञात बदमाशों ने नई केबल चोरी कर ली। आवेदान के अनुसार, इन लगातार चोरियों से कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ है और टॉवर की सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है। फरियादी ने पुलिस से मामले की जांच कर जल्द से जल्द केबल चोरों को पकड़ने और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। क्षेत्र में लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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बेतूल की सड़कों पर डामर महंगा, ठेकेदार गिर रहे हाथ से

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल नगर पालिका परिषद में सड़कों की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति में कमी को माना जा रहा है, जिसके चलते डामर के दाम लगभग दोगुने तक पहुँच गए हैं। डामर के बढ़े हुए दाम और सप्लाई संकट के कारण ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि बैतूल नगर पालिका परिषद में कई जगह सड़क निर्माण और मरम्मत के काम या तो धीमे पड़ गए हैं या पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। सड़कें नहीं बनने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, तो कई जगह पूरी सड़क ही उखड़ चुकी है। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से जर्जर सड़कों के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। नागरिकों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। वहीं नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष महेश राठौर ने बताया कि परिषद में कुछ सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और कई सड़कों के टेंडर भी लगाए गए हैं। लेकिन डामर के बढ़े हुए दामों के कारण ठेकेदार सड़क निर्माण का ठेका लेने से पीछे हट रहे हैं। नगर पालिका सीएमओ की मानें तो शहर में करीब 10 ऐसी सड़कें हैं जिन्हें तत्काल निर्माण की जरूरत है, लेकिन पिछले एक साल से इन पर काम शुरू नहीं हो पाया है। अब परिषद कुछ सड़कों पर डामरीकरण के बजाय सीसी सड़क बनाने पर विचार कर रही है, हालांकि यह विकल्प काफी महंगा साबित हो सकता है। फिलहाल नगर पालिका एक बार फिर इन सड़कों के लिए नए टेंडर जारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन सड़कों का ठेका पहले ही हो चुका है, उनके ठेकेदारों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं ताकि काम जल्द शुरू हो सके। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि जब तक डामर के दाम कम नहीं होते, तब तक बैतूल की सड़कों की तस्वीर बदलना मुश्किल नजर आ रहा है।
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गोवा ड्यूटी में शहीद कुलदीप दिवाच को सूरजगढ़ में अंतिम सलाम

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं नौसेना जवान कुलदीप दिवाच पंचतत्व में विलीन गोवा में ड्यूटी के दौरान हादसे में हुआ था जवान का निधन सूरजगढ़ से घरडू की ढाणी तक निकली तिरंगा यात्रा लोगों ने नम आँखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ नौसेना जवान का अंतिम संस्कार झुंझुनूं झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के घरडू की ढाणी गांव ने शुक्रवार को अपने वीर सपूत, भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। देश सेवा के दौरान हादसे का शिकार हुए जवान की पार्थिव देह जैसे ही तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंची, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। हजारों लोगों ने तिरंगा यात्रा में शामिल होकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के बीच अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। देश सेवा के दौरान हादसे का शिकार हुए भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच की पार्थिव देह शुक्रवार को उनके पैतृक क्षेत्र सूरजगढ़ पहुंची। पार्थिव देह के पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शॉक की लहर दौड़ गई। सूरजगढ़ से उनके पैतृक गांव घरडू की ढाणी तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, युवा, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते लोगों ने तिरंगा हाथों में लेकर पुष्पवर्षा की और भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा वीर जवान अमर रहे के गगनभेदी नारों से वातावरण देशभक्ति से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह उनके घर पहुंची, मां, पत्नी और अन्य परिजन बिलख पड़े। 18 माह की मासूम बेटी हर्षिता अपने पिता को अंतिम बार निहारती रही। गांव में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।गांव में अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने जवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। सैन्य सम्मान के साथ कुलदीप दिवाच को पंचतत्व में विलीन किया गया।इस दौरान पूर्व सांसद संतोष अहलावत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी。
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झुंझुनूं की आंगनबाड़ी कर्मियों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, ओबीसी सर्वे बहिष्कार का चेतावनी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन ओबीसी सर्वे का किया बहिष्कार, नारेबाजी मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं कराने की उठाई मांग अतिरिक्त कार्य का अलग से पारिश्रमिक देने की मांग मांगें नहीं मानी तो ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्य बहिष्कार की चेतावनी जयपुर में बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंची कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने ओबीसी सर्वे कराने के आदेश का विरोध करते हुए स्पष्ट कहा कि वे आईसीडीएस के अलावा अन्य विभागों का कार्य नहीं करेंगे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो वे ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य का बहिष्कार करेंगी तथा जयपुर में आंदोलन करेंगे। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि कार्यकर्ताओं पर पहले से ही शालापूर्व शिक्षा, पोषण ट्रैकर, ऑनलाइन खाद्य वितरण, बच्चों की वृद्धि निगरानी, मातृ वंदना योजना, आभा आईडी, अपार आईडी, टीकाकरण, होम विजिट, फेस कैप्चर सहित अनेक ऑनलाइन और ऑफलाइन जिम्मेदारियां हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल फोन से भी सभी कार्य सुचारु रूप से नहीं हो पाते, जबकि निर्धारित समय से कहीं अधिक देर तक काम करना पड़ता है। संघ ने आरोप लगाया कि अब ओबीसी सर्वे का अतिरिक्त कार्य भी सौंप दिया गया है, जबकि वर्ष 2022 में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि आंगनबाड़ी कार्मिकों से गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं कराया जाए। इसी आधार पर कार्यकर्ताओं ने ओबीसी सर्वे का बहिष्कार करने की घोषणा की। कार्यकर्ता स्नेहलता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर सहित ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगी तथा प्रदेश स्तर पर जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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नारायणपुर में आदिवासी गायता-सिरहा-गुनिया सम्मेलन, संस्कृति संरक्षण पर जोर

Narayanpur, Jharkhand:आदिम जाति कल्याण विभाग के तत्वावधान में नारायणपुर जिले में गायता, सिरहा और गुनिया सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में पारंपरिक गायता, सिरहा और गुनिया शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन स्थल पर गायता, सिरहा और गुनिया ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार वन मंत्री का स्वागत किया। उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाजों ने आदिवासी संस्कृति की विशिष्ट पहचान को भी प्रदर्शित किया। अपने संबोधन में वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गायता, सिरहा और गुनिया आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। वे वर्षों से समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भी इन पारंपरिक नेतृत्वकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वन मंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है। यदि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ी रहेगी, तभी समाज की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सकेगी। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपराओं का सम्मान करने और बुजुर्गों से पारंपरिक ज्ञान सीखने का आह्वान किया। सम्मेलन में पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और समाज में गायता, सिरहा तथा गुनिया की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने आदिवासी परंपराओं के संरक्षण और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कार्यक्रम में आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में गायता, सिरहा और गुनिया उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तथा सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ।
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