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Amarjeet Kumar YadavAmarjeet Kumar YadavFollow16 Oct 2024, 12:08 pm

आज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ सासाराम के समाहरणालय पर प्रदर्शन दिया

Sasaram, Bihar:

आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सासाराम के समाहरणालय पर स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें केंद्र-बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने किया। उनका आरोप है कि सरकार जबरन विद्युत उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रही है, जबकि कोर्ट निर्देशानुसार उपभोक्ताओं के साथ जबरन व्यवहार नहीं होना चाहिए। पहले से कार्यरत रेगुलर मीटर बेहतर हैं व स्मार्ट मीटर के माध्यम से सरकार आर्थिक दोहन कर रही है जो अंततः सरकार के लिए हानिकारक हो सकता है।

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जयपुर में डीएलसी दरों में 5–40% बढ़ोतरी की सिफारिश, कुछ कॉलोनियों में 49%

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है। एक बार फिर डीएलसी दरों में इजाफा हो गया हैं। इसकी शुरुआत जयपुर से हो चुकी है, जहां जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक में अलग-अलग इलाकों की नई दरों पर मंथन हुआ। अधिकांश क्षेत्रों में 5 से 40 फीसदी तक और कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 फीसदी तक डीएलसी बढ़ाने के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। नई दरें लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री से लेकर सरकारी मुआवजे तक पर सीधा असर पड़ेगा। वीओ-1-चार माह बाद फिर से जमीनों की डीएलसी दरों में इजाफा होने जा रहा है । जयपुर कलेक्ट्रेट में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों की मौजूदा बाजार कीमतों की समीक्षा करते हुए विभिन्न सब रजिस्ट्रारों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए संशोधित डीएलसी दरों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। बैठक में अधिकांश क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई। प्रस्तावों के मुताबिक जयपुर के अलग-अलग इलाकों में डीएलसी दरों में 5 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। वहीं कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 प्रतिशत तक डीएलसी दर बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। बैठक में शहरी क्षेत्रों की उन जमीनों पर विशेष फोकस किया गया, जहां वर्तमान बाजार मूल्य और सरकारी डीएलसी दरों में बड़ा अंतर है। ऐसे क्षेत्रों में अधिकतम 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधन करते हुए अधिकांश स्थानों पर 35 प्रतिशत तक डीएलसी दर बढ़ाने की सिफारिश की गई है। कलक्टर संदेश नायक ने बताया की कुछ क्षेत्र की डीएलसी दरों में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया हैं तो ऐसे प्रस्तावों को अंतिम निर्णय के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया हैं....इसी तरह किसी क्षेत्र की मौजूदा डीएलसी दरों में कमी करने का प्रस्ताव के मामलों में भी जिला स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया हैं......इन प्रस्तावों को भी आवश्यक परीक्षण और स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया हैं...... वीओ-2-प्रस्तावित संशोधन डीDLसी लागू होने के बाद यहां जमीनों की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी होगी। डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दर वह सरकारी बाजार मूल्य होता है, जिसके आधार पर जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री की जाती है। किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री डीएलसी दर से कम मूल्य पर नहीं हो सकती। आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के साथ-साथ सड़क की चौड़ाई के अनुसार भी डीएलसी दरें अलग-अलग निर्धारित की जाती हैं। डीएलसी दरों का महत्व केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है। सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे के निर्धारण में भी डीएलसी दर महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर संपत्ति की खरीद-बिक्री, स्टांप शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क और भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर भी देखने को मिलेगा। अब डीएलसी कमेटी की सिफारिशों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संशोधित दरें लागू की जाएंगी, जिससे प्रदेशभर में जमीनों के सरकारी मूल्य में व्यापक बदलाव होने की संभावना है। गौरतलब हैं की 1 अप्रैल 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। दिसंबर 2024 में सरकार ने फिर 5 से 15 फीसदी तक दरें बढ़ाईं। अप्रैल 2026 में सरकार ने एक बार फिर 10 फीसदी की बढ़ोतरी की। बता दें कि अप्रैल में जयपुर के अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी सरकार ने 10 फीसदी डीएलसी की दरों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मई में फाइनेंस सेक्रेटरी ने सभी कलेक्टर्स को जून के तीसरे सप्ताह तक डीएलसी की बैठक करने के निर्देश दिए थे। बहरहाल, सरकार का तर्क है कि डीएलसी दरों को बाजार भाव के करीब लाना जरूरी है... लेकिन सवाल ये भी है कि जब डीएलसी बढ़ेगी तो जमीन खरीदना महंगा होगा, रजिस्ट्री पर ज्यादा स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी और कई मामलों में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा भी बढ़ सकता है। यानी एक फैसला... जो सरकारी खजाने की आय बढ़ाएगा, लेकिन आम खरीदार की जेब पर भी सीधा असर डालेगा। अब निगाहें राज्य स्तरीय डीएलसी कमेटी की अंतिम मंजूरी पर हैं।
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नीट पेपर लीक के विरोध में SFI ने NTA दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया

New Delhi, Delhi:जब से देश में नीट का पेपर लीक हुआ है तब से सभी छात्र संगठन एक-एक करके NTA के दफ्तर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में आज दिल्ली के ओखला फेस 3 में स्थित NTA के दफ्तर पर SFI छात्र संगठन के द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफा की मांग की और NTA को बैन करने की भी मांग की है। देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ लगातार छात्र संगठन देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं जब से नीट की परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं तब से। आज भी सोमवार शाम 4:00 बजे NTA दफ्तर पर SFI टीम पहुंची और उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान और RAF के जवान दफ्तर के बाहर तैनात दिखाई दिए जहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोका गया। वही प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र सोहन यादव बताते हैं कि नीट का पेपर लीक होने की वजह से देश में कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी इसका जिम्मेदार कौन है इसका जिम्मेदार NTA और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान है अभी तक शिक्षा मंत्री के द्वारा एक बार भी छात्रों से माफी नहीं मांगी गई है आज हम लोग NTA के डीजी से मिलने के लिए आए हैं ताकि उन तक हमारी बात पहुंच सके लेकिन हम लोगों को मिलने नहीं दिया गया है पुलिस के द्वारा हमें बाहर ही रोक दिया गया है। बाइट : सोहन राहुल और आरिफ प्रदर्शन करने वाले छात्र की
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दिल्ली के सभी स्कूलों में बाल सुरक्षा समितियों का गठन, जागरूकता अभियान तेज

New Delhi, Delhi:जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों का गठन, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जुलाई को 'बाल संरक्षण माह' के रूप में मनाया जा रहा है, जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों का गठन किया जाएगा आंगनवाड़ी, पालना केंद्रों और बाल देखभाल संस्थानों (CCI) में पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाया जाएगा स्कूलों में पॉक्सो कानून, साइबर सुरक्षा, बुलिंग और नशे से बचाव पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे सभी स्कूलों में सुरक्षा चेकलिस्ट लागू की जा रही है। शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और मुख्य प्रशिक्षकों को पॉक्सो कानून का प्रशिक्षण दिया जाएगा बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, लैंगिक संवेदनशीलता और व्यक्तिगत सीमाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा छात्रों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। प्रत्येक जिले में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त डीसीपी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा स्कूलों के निरीक्षण के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और अभिभावकों के प्रतिनिधियों के संयुक्त दल बनाए जाएंगे सभी स्कूलों में पॉक्सो मामलों के लिए मानक कार्यप्रणाली (SOP) लागू की जाएगी पीटीएम, वीडियो, मोबाइल वैन और प्रचार सामग्री के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रयास केवल जुलाई तक नहीं, बल्कि स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनाए जाएंगे उपराज्यपाल ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और संवेदनशील माहौल देने में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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टाइगर रिजर्व में वनकर्मी पर बाघ हमला, हालत गंभीर नहीं पर इलाज जारी

Sagar, Madhya Pradesh:टाइगर रिजर्व में पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मी पर बाघ के हमले से हड़कंप मच गया। घटना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मुहली पश्चिम वन क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां ड्यूटी के दौरान वनकर्मी बाबूलाल रैकवार पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले के बाद बाबूलाल ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए अपनी जान बचाई और मौके से निकलने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अधिकारी और अन्य वन अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। घायल वनकर्मी को सरकारी वाहन से रहली के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर निकली थी। इसी दौरान घने जंगल में अचानक बाघ का सामना हो गया और उसने वनकर्मी बाबूलाल रैकवार पर हमला कर दिया। हालांकि उनकी सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और उनकी जान बच गई। घटना के बाद पूरे टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं तथा यह पता लगाया जा रहा है कि बाघ ने किन परिस्थितियों में हमला किया। वहीं घायल वनकर्मी का बीएमसी में उपचार जारी है। जंगल में गश्त करने वाले वन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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दिल्ली स्पेशल सेल ने शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ा आतंक मॉड्यूल पकड़ा, छह गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: POLICE SPECIAL CELL BUSTED A TERROR MODULE LINKED TO THE SHAHZAD BHATTI NETWORK, ARRESTED SIX ACCUSED FROM DELHI AND PUNJAB/ VISUALS/PRAVEEN TRIPATHI (DCP SPECIAL CELL) S/B दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के DCP प्रवीण त्रिपाठी कहते हैं, "शहज़ाद भट्टी का नेटवर्क पिछले छह से नौ महीनों से हमारी नज़र में था और हम लगातार ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल डेटा के ज़रिये उस पर नज़र रखे हुए थे। हाल ही में पकड़े गए मॉड्यूल में से पहले मॉड्यूल में दो लोग शामिल थे—दानिश और उसका दोस्त सलमान। दोनों मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली के रहने वाले थे। वे शहज़ाद भट्टी के साथी हुनैन राणा के संपर्क में थे। उन्हें दिल्ली में किसी अहम जगह या पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। उनके हैंडलर ने उन्हें पेट्रोल बम दिए थे और फ़ोन पर उन्हें गाइड कर रहा था। हमें उनके फ़ोन से उनकी रेकी (जासूसी) गतिविधियों से जुड़े वीडियो और फ़ोटो भी मिले। दूसरा मॉड्यूल असल में हथियारों की तस्करी का था। वे शहज़ाद भट्टी के एक और साथी हसन गुज़ार के संपर्क में थे, जो लंबे समय से हथियारों की तस्करी, खासकर बॉर्डर पार से हथियार लाने के काम में शामिल रहा है। अमृतसर में रहने वाले मलकीयत को हथियार मिलते थे, जो पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए भेजे जाते थे। फिर वह तैयब, अली फ़ज़ल और ज़ुबैर जैसे खरीदारों से जुड़ता था, जो हथियार खरीदते थे और उन्हें दिल्ली लाते थे। वे दिल्ली, NCR और उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में और खरीदार ढूंढ रहे थे। तो, यह मुख्य रूप से हथियारों की तस्करी का मॉड्यूल था; हालाँकि, इस गैर-कानूनी काम से होने वाली कमाई पाकिस्तान भेजी जा रही थी और हो सकता है कि इसका इस्तेमाल दिल्ली, NCR या देश में कहीं भी आतंकवादी या आपराधिक गतिविधियों को फ़ंड देने के लिए किया जाता…
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दिल्ली हाई कोर्ट के सामने Google का दावा: बिना अनुमति रिकॉर्डिंग से वीडियो रोकना मुश्किल

Noida, Uttar Pradesh:गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि उसके लिए यह पता लगा पाना नामुमकिन है कि किसी ने ऑनलाइन अदालत की कार्यवाही का वीडियो बिना इजाजत रिकॉर्ड करने के बाद उसे यूट्यूब पर अपलोड किया है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को यह निर्देश देना कि वे ऐसी रिकॉर्डिंग दोबारा अपलोड होने से रोकें, कानूनी और तकनीकी रूप से संभव नहीं है। गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा है कि वीडियो की रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर नहीं होती, बल्कि बाहर की जाती है। इसलिए वह यह तय नहीं कर सकता कि किसी वीडियो में अदालत की कार्यवाही दिखाई गई है या नहीं, रिकॉर्डिंग की अनुमति ली गई थी या नहीं, या वह वीडियो किसी कानून का उल्लंघन करता है या नहीं。 गूगल ने कहा है कि भारत में अलग-अलग अदालतों के नियम भी अलग-अलग हैं। ऐसी स्थिति में वह पहले से अपने प्लेटफॉर्म की निगरानी करके बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए वीडियो को दोबारा अपलोड होने से नहीं रोक सकता。 गूगल ने कहा है कि यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां हर घंटे लाखों वीडियो अपलोड होते हैं। ऐसे में उसके लिए यह पता लगाना नामुमकिन है कि कौन-सा वीडियो अदालत की बिना अनुमति की गई रिकॉर्डिंग है और कौन-सा कानून का उल्लंघन करता है。 गूगल का कहना है कि कानून के अनुसार उसकी जिम्मेदारी केवल उन वीडियो को हटाने की है, जिन्हें कोर्ट किसी खास URL (लिंक) के साथ कानून का उल्लंघन करने वाला घोषित करे। भारतीय कानून सोशल मीडिया कंपनियों से यह उम्मीद नहीं करता कि वे खुद फैसला करें कि किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा अपलोड किया गया कंटेंट सही है या गलत। यह फैसला केवल सक्षम अदालत ही कर सकती है। गूगल ने यह हलफनामा वकील वैभव सिंह की याचिका के जवाब में दाखिल किया है। वैभव सिंह ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिन्होंने अरविंद केजरीवाल के जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस शर्मा से खुद को सुनवाई से अलग करने की मांग की थी। सुनवाई के तुरंत बाद अदालत की कार्यवाही के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। वैभव सिंह ने अपनी याचिका में यह भी मांग की कि कोर्ट सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दे कि वे अदालत की बिना अनुमति रिकॉर्ड की गई कार्यवाही के वीडियो दोबारा ऑनलाइन आने से रोकें.
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मण्डला भाजपा कार्यालय में मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण, विचारधारा को आगे बढ़ाने पर जोर

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आज संस्थापक नेताओं में से एक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते समेत भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुखर्जी एक भारत, अखंड भारत और एक देश, एक विधान, एक संविधान के प्रबल समर्थक थे। सांसद ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सपना आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है और भाजपा उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इटावा में भाजपा नेता का दावा: 2027 में बहुमत से जीत, योगी तीसरी बार मुख्यमंत्री

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह पहुंचे इस दौरान उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर कहा कि हम एक बार फिर से जीत दोहराने पूरे बहुमत के साथ जा रहे है और योगी जी को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने जा रहे है। राममंदिर मुद्दे को लेकर कहा कि हमारी सरकार और एसआईटी वहां तक पहुंच गई है जहां पर चोरों ने काम किया है चोरों के साथ किस किस नेता को बात होती रही है यह भी आप लोगों को एक दो दिन में पता चल जाएगा कौन दिशा निर्देश दे रहा था एसआईटी को काम कर लेने दो, इस मामले में कोई भी दोषी हो वो बचेगा नहीं जांच पूरी हो जाने के बाद बुलडोजर भी चलेगा जिसने अपराध किया है वो सही सजा जरूर भुगतेगा उत्तर प्रदेश में अपराध करने वाले अपराधी को ठंड जरूर मिलेगा। यह हमारे देश और आस्था का विषय है जिसने भी चोरी की है उसको सजा जरूर मिलेगी।
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प्रयागराज में योगी ने प्रेरणा स्थल पर तीन प्रतिमाओं का अनावरण किया

Prayagraj, Uttar Pradesh:संगम नगरी प्रयागराज पहुंचे सीएम योगी, प्रेरणा स्थल पर स्थापित तीन महान विभूतियों की प्रतिमा का अनावरण किया, सीएम योगी ने कहा आज विकास के साथ विरासत को भी संजोने की जरूरत है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज पहुंचे। यहां पर यमुना तट पर कालीघाट पर प्रेरणा स्थल पहुंचे। यहां तीन महान विभूतियों पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी बाजपेई, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राम मंदिर आंदोलन के अगुवा विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का सीएम योगी ने अनावरण किया। इस दौरान सीएम योगी ने मंच से ही नगर निगम द्वारा स्थापित प्रेरणा स्थल की सराहना की, सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और विरासत को साथ लेकर चलने वाली सोच को प्रयागराज नगर निगम ने साकार करने का काम किया है। कार्यकम में शामिल विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कि आज हर्ष का दिन है। देश की तीन महान विभूतियों की प्रतिमा का अनावरण हुआ है। तीनों का योगदान देश भूल नहीं सकता है। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सपना जो साकार हुआ है, उस आंदोलन की रणनीति संगम नगरी में अशोक सिंहल की अगुवाई में बनती थी। प्रेरणा स्थल पर स्थापित प्रतिमा से हमारी आने वाली पीढ़ी को यह जानने का अवसर मिलेगा। और देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
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पति हत्या की खौफनाक साजिश: 52 वर्षीय महिला ने पड़ोसी के साथ मिलकर रचा

Pratapgarh, Rajasthan:देशभर में पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के रिश्तों से जुड़े कई सनसनीखेज हत्याकांड सामने आए हैं। अब ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के सालमगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां 52 वर्षीय महिला ने अपने से 19 साल छोटे 33 वर्षीय पड़ोसी दुकानदार के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। हत्या के लिए मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाया गया, 5 लाख रुपए का सौदा तय हुआ और वारदात को अंजाम देने के बाद शव को कट्टे में भरकर कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। देखیں यह खबर... प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में सालमगढ़ थानाधिकारी दीपक कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार 26 जून को सूचना मिली कि दलोट गांव स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास एक कुएं में कट्टे में बंद एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद मृतक की बेटी ने शव की पहचान अपने पिता शंकरलाल निवासी भचूंडला के रूप में की। इसके बाद शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दलोट की मोर्चरी में रखवाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने किसी प्रकार की रंजिश या किसी व्यक्ति पर संदेह नहीं जताया, जिससे पुलिस के सामने यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया। टीमों ने थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मृतक के परिजनों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों से लगातार पूछताछ की गई। इसके साथ ही पुलिस ने घर के सभी सदस्यों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, जिससे पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच में सामने आया कि 24 जून को मृतक के घर पर उसकी पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी दुकानदार मोहम्मद वाहिद कुरैशी द्वारा बुलाए गए तीन युवक पहुंचे थे। इन युवकों ने शंकरलाल के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को काले कट्टे में भरकर घर से दूर स्थित कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल को भी करीब तीन किलोमीटर दूर दूसरे थाना क्षेत्र में ले जाकर खड़ा कर दिया गया, ताकि मामला कहीं और का प्रतीत हो। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी दुकानदार मोहम्मद वाहिद कुरैशी इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार थे। दोनों पिछले एक-दो माह से शंकरलाल की हत्या की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच 5 लाख रुपए का सौदा हुआ था। इसके अलावा वाहिद को आधा बीघा जमीन देने की भी बात तय हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद वाहिद को मृतक की कुछ जमीन बेचकर रुपए दिलाने, मृतक की जमीन पर जीवनभर बिना किराए दुकान चलाने तथा घर के ऊपर एक कमरा बनाकर रहने की भी योजना बनाई गई थी, जिस पर तुलसीबाई सहमत हो गई थी। इसी साजिश को अंजाम देने के लिए वाहिद ने मध्यप्रदेश से तीन युवकों को बुलाया और 24 जून को शंकरलाल की हत्या करवा दी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी तुलसीबाई (52) निवासी भचूंडला तथा मोहम्मद वाहिद कुरैशी (33) निवासी पिपलोदा, जिला रतलाम (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में शामिल मध्यप्रदेश से बुलाए गए अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुंछ में भालू हमले, महिला गंभीर घायल, ग्रामीणों ने विभाग कार्रवाई की मांग

Chikri Ban, पुंछ में भालू हमले, महिला गंभीर घायल, ग्रामीणों ने विभाग कार्रवाई की मांग पुंछ जिले के तहसील मंडी के लोरन गांव में एक भालू के हमले में 42 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है जानकारी के अनुसार घायल महिला की पहचान जरीना अख्तर, पत्नी अब्दुल कबीर, निवासी दरगम लोरन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के पास काम कर रही थीं, तभी अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल पुंछ रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर वन्यजीव विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में भालू के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। उनका आरोप है कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद विभाग प्रभावी कदम उठाने में विफल रहा है।
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