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Amarjeet Kumar YadavAmarjeet Kumar YadavFollow16 Oct 2024, 12:08 pm

आज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ सासाराम के समाहरणालय पर प्रदर्शन दिया

Sasaram, Bihar:

आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सासाराम के समाहरणालय पर स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें केंद्र-बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने किया। उनका आरोप है कि सरकार जबरन विद्युत उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रही है, जबकि कोर्ट निर्देशानुसार उपभोक्ताओं के साथ जबरन व्यवहार नहीं होना चाहिए। पहले से कार्यरत रेगुलर मीटर बेहतर हैं व स्मार्ट मीटर के माध्यम से सरकार आर्थिक दोहन कर रही है जो अंततः सरकार के लिए हानिकारक हो सकता है।

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जनगणना 2027 के लिए डाइट में फील्ड ट्रेनर्स की तीन दिवसीय तैयारी शुरू

Dungarpur, Rajasthan:जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, डाइट में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ डूंगरपुर जिले में आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इसी के तहत जिला प्रशासन व सांख्यिकी विभाग की ओर से डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आज से जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। 20 से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को मकानों की सूची बनाने, आवास गणना करने और तकनीकी रूप से एचएलओ मोबाइल ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। बॉडी- डाइट में शुरू हुए प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर वैभव पाठक ने बताया कि इस बार की जनगणना में तकनीक का विशेष समावेश किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स को समझाया जा रहा है कि किस प्रकार डिजिटल माध्यम से घरों की सूची तैयार करनी है। उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप के जरिए मानव बस्तियों की स्थिति, आवासीय कमी और आवश्यकताओं के वास्तविक आँकड़े जुटाए जाएंगे। परिवारों के पास उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और परिसंपत्तियों की जानकारी भी ऐप में दर्ज की जाएगी। जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद, प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स 1 मई से 15 मई तक तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इस चरण में उन्हें फील्ड में जाकर डेटा एकत्र करने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। जनगणना के इस चरण में प्रगणक घर-घर जाकर परिवार के मुखिया से मुलाकात करेंगे। इस दौरान परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने के लिए 34 प्रमुख सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों के माध्यम से प्राप्त जानकारी से ही जनसंख्या गणना का मुख्य ढांचा तैयार होगा।
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समाधान शिविर में बुजुर्गों को परेशानियों का सामना, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सुनो सरकार हाँसी जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में अव्यवस्थाओं के चलते बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन भले ही आम जनता की समस्याएं सुनने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत में सीनियर सिटीजन को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से विशेषकर बुजुर्गों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गर्मी में पानी और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएँ न होने से काफी दिक्कत हो रही है। समाधान शिविर में काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। बुजुर्गों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि समाधान शिविर अब केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, क्योंकि बार-बार आने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। खाना खास की रजिस्ट्री बन्द होने कारण सभी हाँसी के लोगों को परेशानी हो रही है. वही मॉडल टाउन से सतीश कुमार सीनियर सिटीजन ने बताया कि कन्वेंस डीड के लिए वर्षो से चक्कर काट रहा हुँ. कोई समाधान नही हो रहा है. गर्मी के समय में न पीने के पानी की सुविधा और न ही यहाँ पँखा चल रहा है. शिविर में पहुंचे एडीसी लक्षित शरीन ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं समाधान शिविर में पहुँचे दिव्यांग प्रेम कुमार निवासी शेखपुरा ने बताया कि मेरा रोड एसिडेंट होने से 100 प्रतिशत दिव्यांग हूं. पिछले तीन वर्षों से दिव्यांग पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है, आज फिर तीन महीने का समय दे दिया है. लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई खास राहत नहीं मिल सकी है। लोगों के अनुसार कई बार शिविर में आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन आगामी समाधान शिविरों में बुजुर्गों और अन्य फरियादियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर पाएगा, या फिर यह शिविर यूं ही औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।
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ICU की खिड़की पर विशाल सांप: सागर जिला अस्पताल में सुरक्षा सवाल

Sagar, Madhya Pradesh:सागर जिला अस्पताल के ICU में 'मौत' का पहरा! खिड़की पर लटका रहा विशालकाय साँप, मरीजों की थमी सांसें.... सागर के जिला अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल का ICU वार्ड, जहां मरीज अपनी जिंदगी की आखिरी जंग लड़ रहे होते हैं, वहां कल मौत बनकर एक विशालकाय साँप मंडराता रहा। तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह ICU रूम की खिड़की पर एक लंबा साँप काफी देर तक अपना मूवमेंट करता रहा। वार्ड के अंदर गंभीर हालत में भर्ती मरीज इस मंजर को देखकर दहशत में आ गए। समय तक यह साँप वहां लटकता रहा, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है जब मरीज सांप को देखकर खौफ में थे, तब ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ क्या कर रहा था ICU जैसे संवेदनशील इलाके में सांप का पहुंचना बताता है कि अस्पताल परिसर में झाड़ियों और गंदगी का अंबार है। अगर यह सांप वार्ड के अंदर दाखिल हो जाता या किसी मरीज को काट लेता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? जिला अस्पताल में अक्सर अव्यवस्थाओं की खबरें आती रहती हैं, लेकिन ICU की खिड़की पर सांप का मिलना लापरवाही की पराकाष्ठा है। मरीजों का कहना है कि उन्होंने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कोई उसे पकड़ने या हटाने नहीं आया। प्रशासन की यह अनदेखी किसी की जान पर भारी पड़ सकती थी.
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हापुड़ में स्मार्ट मीटर के विरोध ने लगाया जाम; महिलाओं का गुस्सा फूटा

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ में बिजली के स्मार्ट मीटर जनता के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं. पिलखुवा में सोमवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और वह सड़क पर उतर आईं. यहां महिलाओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए पिलखुवा में जाम लगा दिया और बड़े बिजली घर के सामने जमकर नारेबाजी की. महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके बिजली बिलों में दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी हुई है. जबकि बिजली की खपत वही है, मीटर की रफ्तार और बिलिंग की वजह से वह परेशान हैं. काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद प्रशासन ने आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया. लेकिन अब देखना यही होगा कि बिजली विभाग इन शिकायतों पर क्या एक्शन लेता है या फिर स्मार्ट मीटर का झटका ऐसे ही जनता को करंट देता रहेगा.
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दिल्ली में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य, सभी बिल्डिंगों में जल संचयन लक्ष्य तय

Delhi, Delhi:दिल्ली में पानी की आपूर्ति के लिए सरकार उठा रही है नया कदम अब दिल्ली में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा दिल्ली सचिवालय में जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक अहम बैठक ली जिसमें दिल्ली सरकार और भारत सरकार के कुल मिलाकर 60 से ज्यादा डिपार्टमेंट से अधिकारी मौजूद रहे और सबको निर्देश दे दिए गए हैं कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना मैंडेटरी है और इस पर काम किया जाए चेकिंग की जाए जहां पर नहीं है वहां पर लगवाए जाएं ग्राउंडवाटर रिचार्ज करने के लिए भी सरकारी अहम कदम उठा रही है और बारिश के दौरान जो पानी इकट्ठा होता है उसका इस्तेमाल किया जा सके और पानी की कमी को भी दूर किया जा सके आज हमने दिल्ली में भारत सरकार और दिल्ली सरकार अन्य विभागों के साथ मीटिंग करी मीटिंग में 60 से ज्यादा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे मीटिंग का उद्देश्य था कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने जैसा कहा था कैच द रेन जब भी बारिश होती है साल के 4 महीने तो उसे पानी को रेनवाटर हार्वेस्टिंग द्वारा हम अपने ग्राउंड को रिचार्ज करें इसलिए सारे विभाग को टारगेट दिए गए हैं सबसे पहले सरकारी विभाग अपने बिल्डिंग अपने ग्राउंड अपने रेजिडेंशियल कॉलोनी में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को रिचार्ज करें अगर वह इन्होंने अभी तक नहीं लगाया है तो लगे और लगा हुआ है तो वह ठीक से कम कर रहा है या नहीं उसको बारिश से पहले सारे विभागों को टारगेट दिया है और उन्हीं के साथ हम एक तारीख से यह पूरे मोमेंट को चलाने वाले हैं हर साल दिल्ली में कितने रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगेंगे दिल्ली जल बोर्ड ने उसका टारगेट लेंगे की प्राइवेट कॉलोनी और सरकारी विभाग में तो 100% हो और कितने हजारों हर साल लगाएंगे उसके टारगेट के साथ भी काम करेंगे इसमें अगर हमारे साथ वारा आती है अपने सारे ऑफिस में जल शक्ति केंद्र का एक-एक स्टॉल लगाया है वहां पर कोई भी जाकर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के बारे में जान सकता है दिल्ली जल बोर्ड जो भी cost आएगी उसके बर्डन को शेयर करेगा और दिल्ली जल बोर्ड जो भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगता है उसको 10% रिबेट देता है बिल्डिंग में अगर नहीं लगता है तो उसके 10% सिस्टम को काट दिया जाएगा उसको rebate دینा बंद अगर इसके साथ ही सरकारी विभाग में किसी के पास रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होता है तो उसके कनेक्शन को भी काट सकते हैं हमें नहीं चाहते यह न बताएं यह बहुत आसान है बारिश हमको भगवान हमको बारिश देता है यह पानी नालियों के माध्यम से बह जाता है और पिछले साल इतनी बारिश हुई तो अगर हर व्यक्ति चाहे वह सरकारी है या प्राइवेट है अपने-अपने कार्यों को करेगा इसलिए हमने सारे डिपार्टमेंट को टारगेट दिए हैं बहुत ही जल्द हम इस कार्य को करना प्रारंभ करेंगे और दिल्ली में सभी लोगों को पर्याप्त पानी मिले उसके लिए हमारे कदम जारी रहेंगे रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना मैंडेटरी है जब भी MCD से नक्शा पास होता है उसमें अपने घरों में यह लगाना होता है मगर बाद में उसके लिए कोई चेकिंग नहीं होती हम इसमें सेल्फ डिस्क्लोजर की स्कीम भी लेंगे की हर साल अपनी तरफ से एफिडेविट देता रहेगा बताता रहेगा कि उसका चालू है तो उसको 10% की रिबेट दी जाएगी सभी के यहां पर इसको करना मैंडेटरी है मगर अभी तक इसकी चेकिंग नहीं होती थी अब हम चेकिंग की व्यवस्था को शुरू करेंगे और लोगों से अपील करेंगे अपनी रुम में सोसाइटी में और घर में खास तौर पर जब 500 गज से ऊपर के मकान है उनमें यह जरूरी हो
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पिडावा के चंवली बांध के पास 80 वर्षीय वृद्धा डूबकर मौत

Jhalawar, Rajasthan:पिडावा (झालावाड़) झालावाड़ जिले के पिडावा क्षेत्र के फर्शपुरा गांव के पास चंवली बांध के पानी में डूबने से एक 80 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई है। ग्रामीण सीताराम ने घटना के बारे में बताया कि फर्शपुरा निवासी चंपाबाई चंवली बांध के पास आज सुबह मवेशी चराने के लिए गई थी। वहीं पानी पीते समय वृद्धा का पैर फिसल गया, जिससे वह गहरे पानी में गिरकर डूब गई। आसपास मौजूद लोग ने पानी से वृद्धा को निकालकर पिड़ावा के उप जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन वृद्धा के शव को वापस ले गए।
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अलवर में फायर सेफ्टी वीक की जागरूकता रैली निकली सुरक्षा संदेश के साथ

Alwar, Rajasthan:अलवर में सायरन से मची हलचल, निकली फायर सेफ्टी वीक की जागरूकता रैली अलवर शहर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया, जब अचानक सायरन बजाते हुए कई दमकल वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आए। लोगों को लगा कि कहीं बड़ी आग लग गई है, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। दरअसल, यह कोई आपात स्थिति नहीं थी, बल्कि अग्निशमन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी वीक के तहत निकाली गई जागरूकता रैली थी। करीब 11 बजे बुध विहार से शुरू होकर जेल चौराहा और मुख्य मार्गों से गुजरते हुए यह रैली भवानीतोप सर्किट तक पहुंची। सायरन की आवाज सुनकर आमजन पहले चौंक गए और आगजनी की आशंका जताने लगे, लेकिन बाद में जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। असिस्टेंट फायर ऑफिसर जगदीप कुमार ने बताया कि हर साल 14 अप्रैल को नेशनल फायर डे मनाया जाता है। 1944 में मुंबई बंदरगाह पर हुए भीषण अग्निकांड में 66 दमकलकर्मी शहीद हुए थे, उनकी याद में यह दिन मनाया जाता है। 14 से 20 अप्रैल तक फायर सेफ्टी वीक के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में अलवर शहर में 6 दमकल वाहनों के साथ यह रैली निकाली गई, ताकि लोगों को आग से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा सके। इसके अलावा 14 अप्रैल को रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।
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श्रीनगर में चक्का जाम से जनजीवन ठप, मरीजों के लिए अस्पताल पहुँचना मुश्किल

Badgam, Srinagar,Life across Srinagar came to a grinding halt on Monday as the transporters’ call for a complete “Chakka Jam” severely disrupted public movement, leaving thousands of commuters stranded since early morning. Major roads, bus stands, and key transit points in the city witnessed an unusual rush of passengers waiting for transport, particularly those heading to hospitals, offices, and other essential destinations. With public transport off the roads, many people were forced to walk long distances or search desperately for alternative means. Amid the chaos, several commuters alleged that some auto-rickshaw drivers took advantage of the situation by charging exorbitant fares. Reports from different parts of the city suggest that passengers were asked to pay ₹200 to ₹250 even for short distances of 2 to 3 kilometers—fares many described as unaffordable for common people. “I had to reach the hospital urgently, but no transport was available. The few autos operating were demanding very high fares,” said a commuter in Srinagar, expressing frustration over the situation. The strike, called by Kashmir transporters under the leadership of President Shabir Matta, is being observed in protest against the operation of Smart City buses, which transporters claim is affecting their livelihood. Authorities, however, have yet to issue a detailed response on the day’s disruption or the complaints of overcharging. Meanwhile, the impact of the strike continues to be felt across all districts, with normal life disrupted and commuters bearing the brunt of the standoff. Residents have urged authorities to intervene, ensure availability of transport, and take strict action against those exploiting passengers during the crisis.
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