icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
821115
Amarjeet Kumar YadavAmarjeet Kumar YadavFollow20 Jun 2024, 12:43 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बरेली में बारिश से दो मकान ढहे, बड़ा हादसा टला

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में लगातार हो रही बारिश अब आफत बनती जा रही है। बारिश ने पिछले 16 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार सुबह तड़के तेज बारिश के बीच शहर में दो जर्जर मकान भरभराकर गिर गए। पहला हादसा सौदागरान स्थित दरगाह आला हजरत के पास हुआ। यहां करीब 50 साल पुराना दो मंजिला मकान अचानक ढह गया। हादसे के बाद सड़क पर मलबा फैल गया और दरगाह जाने वाला रास्ता बंद हो गया। दरगाह आला हजरत के पास गिरा मकान करीब 50 गज जमीन में बना था। मकान के नीचे सुरमे की दुकान थी, जबकि ऊपर लोग रहते थे। मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। इसी वजह से कुछ समय पहले इसे खाली करा दिया गया था। दुकान भी बंद थी। हादसा सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे का बताया जा रहा है। उस वक्त बरेली में तेज बारिश हो रही थी। अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। मकान खाली होने की वजह से अंदर कोई मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
0
0
Report

गर्भाशय ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, लापरवाही पर DM से शिकायत

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में महिला के गर्भाशाय का ऑपरेशन कराने के बाद उसकी हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। पीड़ित पति धर्मराज सिंह सेंगर ने डीएम राजेश कुमार पांडेय को शिकायती पत्र देकर संबंधित डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही और गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बता दे कि, माह जून 2026 में शिकायतकर्ता की पत्नी ज्योति सिंह को गर्भाशय बाहर निकलने की समस्या हुई थी। आरोप है कि कुंज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. रूपाली राय सचान ने पहले दवा दी और बाद में ऑपरेशन कराने की सलाह दी। 27 जुलाई को महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के बाद टांकों में संक्रमण होने का आरोप है। पति का कहना है कि हालत बिगड़ने पर महिला को उरई और झांसी के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर कई बार ऑपरेशन किए गए। बाद में गैंगरीन की स्थिति बताकर लखनऊ रेफर किया गया। वर्तमान में ज्योति सिंह पीजीआई लखनऊ में वेंटिलेटर पर भर्ती बताई गई हैं। शिकायतकर्ता ने डॉक्टरों पर लापरवाही और संक्रमण की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में इलाज पर करीब दस लाख रुपये खर्च होने का भी उल्लेख है।
0
0
Report
Advertisement

गोबर से ऊर्जा और आय बढ़ाने के लिए यूपी में समझौता

Noida, Uttar Pradesh:गोबर से ऊर्जा और आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल लखनऊ स्थित इंदिरा भवन कार्यालय पर गोसेवा आयोग और ‘पार्टनर्स इन प्रॉस्पेरिटी’ के बीच तकनीकी सहयोग का समझौता (एमओयू) हुआ है। इसका उद्देश्य गौशालाओं में उपलब्ध गोबर का वैज्ञानिक एवं आर्थिक उपयोग करते हुए स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद, प्राकृतिक खेती और आय के नए स्रोत विकसित करना है। इस पहल के तहत ग्राम स्तर तक 1,000 तकनीकी विशेषज्ञों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा,जो बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, संचालन,रखरखाव,तकनीकी प्रशिक्षण एवं फील्ड मॉनिटरिंग में सहयोग करेंगे। उत्तर प्रदेश में दीनबंधु बायोगैस इकाइयों का निर्माण किया जायेगा।यह पहल गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गोबर को ऊर्जा एवं आय के प्रभावी साधन में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गौसेवा से ग्राम समृद्धि और आत्मनिर्भरता की ओर एक सार्थक पहल।
0
0
Report
Advertisement

Noida, Uttar Pradesh:
0
0
Report

UNESCO Tentative List में शेखावाटी की विरासत शामिल, राजस्थान को गर्व

Jaipur, Rajasthan:शेखावाटी की विरासत को UNESCO की ओर ऐतिहासिक उड़ान UNESCO Tentative List में शामिल होना राजस्थान के लिए गौरव का क्षण — शेखावाटी फाउंडेशन ने उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी का किया अभिनंदन जयपुर। शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों, अद्भुत भित्तिचित्रों, प्राचीन स्थापत्य, कला एवं संस्कृति को UNESCO की Tentative List में शामिल किया जाना केवल शेखावाटी ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान के लिए गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गोयल के नेतृत्व में फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर स्थित City Palace में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री श्रीमती दिया कुमारी से आत्मीय मुलाकात कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक हरि शर्मा ने बताया कि शेखावाटी की सदियों पुरानी हवेलियां केवल भवन नहीं हैं, बल्कि वे राजस्थान की समृद्ध कला, लोक-संस्कृति, इतिहास, व्यापारिक विरासत और हमारी गौरवशाली पहचान की जीवंत दस्तावेज हैं। इन हवेलियों की दीवारों पर उकेरे गए भित्तिचित्र विश्वभर के कला एवं इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि UNESCO की Tentative List में शेखावाटी का पहुंचना एक शुरुआत है, मंजिल नहीं। अब अगला लक्ष्य शेखावाटी की इस अमूल्य विरासत को UNESCO World Heritage List में शामिल करवाना होना चाहिए। शेखावाटी फाउंडेशन इस दिशा में सरकार, स्थानीय प्रशासन, विशेषज्ञों, हवेली मालिकों एवं आमजन के साथ मिलकर हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। “Tentative List से World Heritage तक—अब रुकना नहीं है” राष्ट्रीय संयोजक हरि शर्मा ने कहा कि शेखावाटी की विरासत को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए संरक्षण, दस्तावेजीकरण, हवेलियों का पुनरुद्धार, अतिक्रमण से सुरक्षा, भित्तिचित्रों का संरक्षण तथा पर्यटन सुविधाओं का विकास समान रूप से आवश्यक है। शेखावाटी फाउंडेशन ने जताया आभार फाउंडेशन परिवार की ओर से कहा गया कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। शेखावाटी की हवेलियां राजस्थान की कला और संस्कृति की ऐसी अनमोल धरोहर हैं, जिनका संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार से आग्रह किया कि शेखावाटी की हवेलियों एवं भित्तिचित्रों के संरक्षण के लिए विशेष Heritage Conservation Mission, विशेषज्ञ समिति, संरक्षण निधि तथा व्यापक Heritage Tourism Plan तैयार किया जाए, ताकि UNESCO की अगली प्रक्रिया को मजबूती मिल सके। प्रतिनिधिमंडल में रहे पदाधिकारि‌ं इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गोयल, राष्ट्रीय संयोजक हरि शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामाकांत जौहरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जाकिर भाटी एवं राष्ट्रीय सचिव जयसिंह भगासरा सहित शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। शेखावाटी की हवेलियां हमारी पहचान हैं। भित्तिचित्र हमारी संस्कृति की आवाज हैं। और UNESCO World Heritage हमारा अगला लक्ष्य है। “शेखावाटी की विरासत—अब विश्व धरोहर की ओर।” “हमारी विरासत, हमारा गौरव—विश्व पटल पर शेखावाटी।
0
0
Report
Advertisement

सरगुजा की छात्राओं का पैदल मार्च: कलेक्टर के समक्ष बिजली-शिक्षा व्यवस्था की शिकायत

Kusu, Chhattisgarh:एंकर -एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के सैकड़ो की संख्या में छात्राएं अपनी समस्या को लेकर नेशनल हाईवे 43 सड़क पर 10 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची। जहां कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। कलेक्टर ने तत्काल आदिवासी विभाग के अधिकारियों को जांच कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल सरगुजा जिले के बतौली एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने 1 महीने से अधिक समय से बिजली नहीं, टीचर की उपलब्धता के साथ साफ सफाई को लेकर 250 छात्राएं कलेक्टर से शिकायत करने स्कूल से जिला मुख्यालय के लिए 35 किलोमीटर पैदल रवाना हुई। लेकिन टीचर और अधिकारियों को पता चलने पर 10 किलोमीटर दूर पर ही छात्राओं को रोक लिया गया और बस में बैठाकर छात्राओं को कलेक्टर से मिलवाने लाया गया। इधर छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि स्कूल में फिजिक्स और केमिस्ट्री टीचर की कमी है। बिजली कई महीनो से गुल हो गई है। खाने के दौरान साफ-सफाई पर भी ध्यान प्रबंधन द्वारा नहीं दिया जा रहा है। इन सभी समस्याओं को लेकर सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला को तत्काल जांच कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है, साथ ही ऐसे सभी विद्यालयों की जांच कर आने वाले सोमवार तक जांच रिपोर्ट सपने को कहा हैं। वही इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जिले के विद्यालयों में इस तरह किया व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए। जो भी दोषी हो उन पर जांच कर कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि इस तरीके से बच्चों को सड़क पर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने आना ना पड़े। गौरतलब हैं सरगुजा जिले में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय हो या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय हमेशा से इस तरह की समस्याएं देखने को मिला है। बावजूद इसके आदिवासी विभाग के अधिकारियों के दwara व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं करने की वजह से हर बार की तरह इस बार भी कलेक्टर से मिलने के लिए सैकड़ो की संख्या में छात्राएं पहुँची है, तो अब देखना होगा कि आने वाले समय में किस तरीके से इन विद्यालयों में व्यवस्थाएं अधिकारियों द्वारा दुरुस्त की जाती है।
0
0
Report

गढ़ीमलहरा पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, फर्जी सिम-खाते बनाने वाले गिरफ्तार

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के गढ़ीमलहरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी में मदद करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने POS मशीन के जरिए लोगों के दस्तावेज जुटाकर फर्जी सिम और बैंक खाते खुलवाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि सिस्टम एनालिसिस के दौरान गढ़ीमलहरा में संदिग्ध गतिविधियां सामने आई थीं। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ कुशवाहा निवासी गढ़ीमलहरा अपनी POS मशीन का दुरुपयोग करता था। वह ग्राहकों के आधार कार्ड और पहचान पत्रों की जानकारी जुटाकर उनके नाम पर फर्जी सिम और बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हें साइबर ठगों को सप्लाई करता था। दशरथ की निशानदेही पर पुलिस ने उसके सहयोगी आकाश कुशवाहा निवासी पनवाड़ी, जिला महोबा (UP) को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट डिवाइस और LAPU सिम कार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि इन फर्जी सिम और खातों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

दिल्ली सत्य निकेतन हादसे में कटनी के अक्षत यादव की मौत, परिवार शोक में

Katni, Madhya Pradesh:दिल्ली हादसा दिल्ली-सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली में पढ़ाई कर रहे कटनी के 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव की मौत, परिजनों में छाया मातम कटनी के दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में कटनी जिले का एक होनहार छात्र भी काल के कपाल में समा गया। मृतक छात्र की पहचान कटनी की दुबे कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय अक्षत यादव के रूप में हुई है, जो दिल्ली में रहकर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम (B.Com) की पढ़ाई कर रहा था। घटना की खबर मिलते ही कटनी स्थित उनके निवास स्थान पर शोक की लहर दौड़ गई और स्वजन रोते-बिलखते तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं कि रविवार को हुए इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है इमारत के मलबे में दबने से हुई मौत उनके पड़ोसिय विनय चतुर्वेदी व संदीप त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को सत्य निकेतन स्थित 40 साल पुरानी इमारत ढहने के दौरान अक्षत भी हादसे की चपेट में आ गया था। मलबे में दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मलबे से निकाले गए शवों की शिनाख्त के दौरान अक्षत की पहचान की पुष्टि हुई दुबे कॉलोनी में छाया मातम अक्षत यादव की असामयिक मौत की खबर मिलते ही दुबे कॉलोनी स्थित उसके निवास पर लोगों की स्वजन और पड़ोसी जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी परिवार वाले दिल्ली रवाना हो चुके है अक्षत का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालो को सौंप दिया है कल सुबह तक कटनी पहुंचेगे दिल्ली में उच्च शिक्षा प्राप्त कर बेहतर भविष्य के सपने बुन रहे अक्षत की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। स्वजन शव को गृह नगर कटनी लाने के लिए दिल्ली पहुँच गए हैं。
0
0
Report

देवास के अर्पित जाज کا दिल्ली के हॉस्टल हादसे में निधन

Dewas, Madhya Pradesh:देवास का एक होनहार बेटा… अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर दिल्ली गया था… लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। देवास निवासी और बैचलर ऑफ कॉमर्स द्वितीय वर्ष के छात्र अर्पित जाज उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने रविवार दोपहर दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा दी। अर्पित कुछ दिन पहले रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए अपने घर देवास आया था। परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मनाने के बाद वह शनिवार को ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। रविवार सुबह करीब 7 बजे अर्पित दिल्ली पहुंचा था। वहां पहुंचने के बाद उसने अपने हॉस्टल में समय बिताया और दोपहर में खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद… अचानक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि जिस इमारत में अर्पित रह रहा था, वहां पिछले कुछ दिनों से मरम्मत का काम चल रहा था। अर्पित दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके स्थित हॉस्टल डेज की बिल्डिंग नंबर 11 के कमरा नंबर 302 में मौजूद था, जब यह दर्दनाक हादसा हुआ। लड़कों के इस पांच मंजिला हॉस्टल के अचानक ढह जाने से कई लोग मलबे के नीचे दब गए… और उन्हीं में देवास का अर्पित भी शामिल था। घटना के बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सोमवार सुबह अर्पित का शव मलबे से बरामद किया गया। उनके पिता ने शव की पहचान की। जैसे ही यह दर्दनाक खबर देवास पहुंची, अर्पित के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। देवास के जय बजरंग नगर, मकान नंबर 60 में रहने वाले अर्पित के घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार के सदस्य भारी मन और नम आंखों के साथ अपने बेटे के पार्थिव शरीर के देवास पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। जिस घर में कुछ दिन पहले रक्षाबंधन की खुशियां थीं… जहां परिवार के साथ हंसी और मुस्कुराहट के पल बिताए गए थे… आज उसी घर में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस गली में कभी अर्पित की मुस्कान और उसके सपनों की बातें गूंजती थीं… आज वहां सन्नाटा है… हर आंख नम है… हर दिल इस दर्दनाक हादसे से व्यथित है。 एक बेटा, जो पढ़ाई पूरी कर अपने परिवार के सपनों को साकार करने निकला था… वह रक्षाबंधन मनाकर हंसते-खेलते अपने घर से दिल्ली लौटा था… लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी。 दिल्ली में हुए इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक परिवार से उनका बेटा छीन लिया, बल्कि पूरे देवास शहर को गमगीन कर दिया है。
0
0
Report

राजस्थान में भारी वाहनों के लिए अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक बनेंगे

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी सबसे ज्यादा हादसे होते हैं भारी वाहनों से, अब हैवी ड्राइविंग लाइसेंस लेना होगा कठिन, 10 कार्यालयों में बनेंगे ट्रायल ट्रैक! - राजस्थान में अब तक एक भी परिवहन कार्यालय में भारी वाहनों का ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक नहीं, अब राज्य के 10 परिवहन कार्यालयों में बनेंगे ट्रायल ट्रैक - सड़क हादसों में कमी लाने के लिए कवायद, लाइट व्हीकल लाइसेंस के 13 RTO-DTO में ट्रैक संचालित जयपुर। राजस्थान में ज्यादातर हादसों के लिए भारी वाहन जिम्मेदार हाेते हैं। लेकिन आश्चर्यजनक पहलू यह है कि भारी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की ट्रायल ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर नहीं होती। राज्य में एक भी परिवहन कार्यालय में ऐसा ट्रैक नहीं है। लेकिन अब पहली बार परिवहन विभाग भारी वाहनों के लाइसेंस की ट्रायल के लिए ट्रैक बनवाने जा रहा है। राज्य में भारी वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस अब आसानी से नहीं मिल सकेगा। भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। अब मैन्युअली परिवहन विभाग के निरीक्षक हैवी लाइसेंस नहीं बना सकेंगे। आपको बता दें कि अभी तक राज्य में किसी भी आरटीओ या डीटीओ कार्यालय में भारी वाहनों के लिए ट्रायल ट्रैक नहीं बना हुआ है। भारी वाहनों के लाइसेंस की ट्रायल मैन्युअल ली जाती है। जिसे परिवहन विभाग के निरीक्षक देखते हैं। निरीक्षक अपने स्वविवेक से परीक्षण कर आवेदक की ट्रायल में पास-फेल का फैसला करते हैं। इससे यह आरोप लगते रहे हैं कि भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में पारदर्शिता नहीं रहती। हालांकि प्रदेश के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में लाइट मोटर व्हीकल के लाइसेंस ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर टेस्ट देने के बाद ही जारी किए जाते हैं। हालांकि अब परिवहन विभाग भारी वाहनों के licença की प्रक्रिया में भी बदलाव करने जा रहा है। भारी वाहनों के लाइसेंस के लिए 10 परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग की प्रक्रिया में दोष क्या ? - अभी छोटे वाहनों के लाइसेंस के लिए तो ट्रायल देनी पड़ती है - कम्प्यूटराइज ट्रैक पर ट्रायल में पास होने पर ही बनता है डीएल - लेकिन भारी वाहन चलाने वालाें के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं - भारी वाहन का लाइसेंस परिवहन निरीक्षक द्वारा जारी कर दिया जाता - जबकि ज्यादातर हादसों में भारी वाहन होते हैं जिम्मेदार - इसलिए भारी वाहनों के लाइसेंस की प्रक्रिया को कठिन बनाना जरूरी - इसी दिशा में अब परिवहन विभाग बनाएगा ऑटोमेटेड ट्रायल ट्रैक - राज्य के 10 कार्यालयों में हैवी लाइसेंस के लिए बनेंगे ट्रायल ट्रैक अब क्या बदलाव होगा ? - 10 परिवहन कार्यालयों में प्रशिक्षण और टेस्ट के लिए ट्रैक बनेंगे - व्यावसायिक हैवी वाहनों के चालकों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी - ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स मय ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाए जाएंगे - यहां भारी वाहनों के लाइसेंस आवेदकों की ट्रायल ली जा सकेगी - प्रत्येक कार्यालय में ट्रैक निर्माण पर 2.5 करोड़ खर्च होंगे - रोड सेफ्टी फंड से 10 कार्यालयों के लिए 25 करोड़ राशि स्वीकृत लाइट मोटर व्हीकल ट्रैक के लिए 8.10 करोड़ स्वीकृत राेड सेफ्टी फंड से आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में पहले से बने हुए ट्र Trial ट्रैक के मरम्मत कार्य भी कराए जाएंगे। दरअसल राज्य के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर हल्के मोटर यानों के लाइसेंस बन रहे हैं। इन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक के आधारभूत ढांचे की मरम्मत से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा इन कार्यालयों में वातानुकूलित सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इसके लिए रोड सेफ्टी फंड से 8 करोड़ 10 लाख रुपए के फंड की मंजूरी दी गई है। कुलमिलाकर राज्य में सड़क हादसे रोकने की दिशा में परिवहन विभाग अब सभी तरह के लाइसेंस की प्रक्रिया को ऑटोमेटेड करने जा रहा है, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना कठिन होगा और बेहतर चालक ही भारी वाहनों का लाइसेंस ले सकेंगे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top