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Prabhanjan Kumar SinghPrabhanjan Kumar SinghFollow13 Sept 2024, 02:07 am
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चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट से तेजस्वी यादव पर बिहार की बदहाली का आरोप लगाया

Patna, Bihar:लोकेशन— पटना *चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट पर कहा* नेता प्रतिपक्स तेजस्वी यादव अपने ही राज्य को चुनाव के कारण राज्य को बदनाम कर रहे है। दूसरे राज्य में जाकर उनको बताना पड़ रहा है कि बिहार सबसे गरीब राज्य है। बिहार को गरीब बनाए रखने वाला कौन था इसका भी जवाब तेजस्वी को देना चाहिए। बताना चाहिए था कि मेरी पार्टी और मेरा परिवार इसके लिए जिम्मेदार है। बिहार को पिछड़ा बनने के लिए RJD के 90 के दशक का शासन काल जिम्मेदार है। जिसके कारण एक बड़ी आबादी बिहार छोड़कर पलायन कर गई थी। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए आप बिहार के बारे में ऐसी सोच रखते हैं और दूसरे राज्य में जाकर यह बताते हैं। सीएम नीतीश के सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जाने पर चिराग ने कहा कि जो भी नई सरकार बनेगी वह नीतीश जी के मान सम्मान में कोई कमी नहीं करेगी।
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पटना के स्कूलों में किताब-कॉपी महंगाई से अभिभावक परेशान

Patna, Bihar:पटना में निजी स्कूलों में नए सेशन की शुरुआत हो गयी है. नए सेशन में निजी स्कूलों की किताब-कॉपि के दामों में भारी बढ़ोतरी ने पैरेंटस की चिंता बढ़ा दी है. इस बार जहां स्कूल फीस में 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है, वहीं किताब-कॉपि की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. NCERT की किताबों की तुलना में निजी प्रकाशनों की किताबें 10 से 15 गुना तक महंगी बिक रही हैं, जिससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है. प्राइवेट स्कूलों में NCERT के साथ-साथ प्राइवेट प्रकाशनों की साइड बुक चलाने का चलन तेजी से बढ़ा है. इन किताबों की कीमतें NCERT की तुलना में कई गुना अधिक होती हैं. इतना ही नहीं स्कूल हर साल किताबों के एडिशन बदल देते हैं, जिससे पुरानी किताबों का इस्तेमाल संभव नहीं हो पाता और हर बार नया सेट खरीदना मजबूरी बन जाता है. यह सिर्फ CBSE पैटर्न के स्कूलों की हकीकत नहीं है बल्कि ICSE पैटर्न से पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की हालत तो इससे भी ज्यादा बदतर है जहाँ स्कूल सीधे हर साल सेशन शुरू होने के समय टेक्स्ट बुक की सूची जारी कर परिजनों की जेब पर डाका डालते हैं. स्कूल बुक बेचने वाले कहते हैं कि स्कूलों के बुक लिस्ट ही वे बच्चों को बेचते हैं पर हर साल बुक लिस्‍ट में शामिल किताबों की कीमत आसमान छूने लगती है और परिजन स्कूलों की फरमान मानने को मजबूर होते हैं. पटना के डॉन बास्को स्कूल ICSE पैटर्न से गाइडेड है लिहाजा इस बुक पॉइंट पर क्लास नर्सरी से 8 तक के बच्चों की किताब स्कूल के बुक लिस्ट के मुताबिक़ बिकती है. आप पहले दुकान के बाहर एक दीवाल पर लगे बुक लिस्ट को देखिये. इस बुक लिस्ट पर कीमत भी लिखी हुई है. डॉन बास्को स्कूल की बुक लिस्ट में ICSE की बुक शामिल नहीं होती. सिर्फ क्लास 8 में मैथ और अंग्रेजी की दो किताब ICSE की होती है. और नर्सरी क्लास हो या 8 के बच्चे उनको किताबों की कीमत 9 से 10 हजार चुकानी पड़ती है. अभिभावक कहते हैं सीधे लूट है. पर पढ़ाना मजबूरी है. नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही दो बच्चों वाले परिवारों के लिए नया सत्र किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. स्कूल फीस में प्रति स्टूडेंट सालाना कम से कम 12,000 से 15,000 रुपए का अतिरिक्त बोझ भी उनके कंधों पर डाल दिया जाता है. इस अतिरिक्त हर साल बदलने वाली महंगी किताब, नई यूनिफॉर्म, गैर जरूरी स्टेशनरी और स्कूल प्रबंधक के मनमाने हिडन चार्ज शामिल हैं, जिन घरों में दो बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां खर्च सीधा दोगुना यानी 30 हजार के पार पहुंच जाता है. पटना के कुछ स्कूलों ने बुक के लिए बुक शॉप को जिम्मा दे रखा है तो कईयों ने अपने स्कूल में काउंटर खोल रखा है. अभिभावकों को उसी जगह से किताब लेना है जहाँ का नाम बुक लिस्ट में दिया गया है . इसी दूकान से स्टेशनरी भी लेने की अनिवार्यता है. पैरेंटस को एक कार्ड थमा दिया जाता है और कहा जाता है कि ख़ास दूकान से जाकर किताब-कापी प्राप्त कर लें. साथ ही स्कूल की ओर से वर्दी और बैग के लिए भी इसी दूकान से लेने की वाध्यता होती है. यह पटना का ज्ञान गंगा बुक शॉप है जहाँ पटना के सभी नामी स्कूलों की बुक से लेकर कॉपी , ड्रेस , बैग बेचा जाता है. आज आपको बुक लिस्ट की वास्तविकता टेस्ट करके बताइंगे कि बुक लिस्ट में स्कूल के द्वारा प्राइवेट प्रकाशकों की किताब क्यों शामिल की जाती है. यह 7वीं क्लास की अंग्रेजी की किताब निजी प्रकाशक की है और इसकी कीमत देखिए 699 है जबकि NCERT की इस किताब की कीमत 65 रुपए है. इसी तरह व्याकरण की किताब निजी प्रकाशक की 595 रुपए की है जबकि NCERT में यह 65 रुपए में उपलब्ध है. 7वीं के बच्चों को रंगोली किताब 52 पेज की इसकी कीमत 250 रुपए है. इससे सातवी क्लास के बच्चों को स्कूल क्या पढ़ाता है वह तो स्कूल जाने पर ऐसे किताब देखते ही अभिभावक समझ जाते हैं कि उनकी जेब पर यह चपत है. इस दुकान में मौजूद अभिभावकों को सुनिए कि वे क्या कह रहे हैं. दरअसल, स्कूल नए सत्र में फीस के साथ ही परिजनों से लूट के लिए षड्यंत्र बनाते हैं जिसमें सबसे बड़ा किताब की सूची है. एक परिजन कहते हैं कि बुक शॉप क्या करे उसे तो स्कूलों को किताबों के जरिए की गयी लूट का हिस्सा पहुंचाना पड़ता है. साजिश तो स्कूल रचता है और सरकार का इस लूट की ओर ध्यान ही नहीं है.
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भोपाल में NCERT नकली किताबों का रैकेट, छापेमारी के बाद भी बिक्री

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल में किताबों वाली लूट: एक किताब 65 रूपये की उसे 350 में बेचा जा रहा है। पालकों की शिकायत के बाद जिस बुक सेलर से NCERT की नकली किताबें जप्त की वंहा प्रशासन के जाते ही फिर से नकली NCERT किताब bánची जाने लगी। ज़ी मीडिया के कैमरे में बुक सेलर बोला NCERT की सरकारी किताब में नहीं मुनाफा, जिसे SDM ने जप्त कर प्रतिबंधित किया, उसे बेचने में मुनाफा खुल्ला बोला। बुक सेलर—'हम इसे बेचेंगे'। भोपाल के MP नगर स्थित एक बड़े दुकान में नकली किताबें बेची जा रहीं थीं। MP नगर SDM के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में किताबें जब्त की गईं। मामले की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली किताबों का रैकेट चल रहा है। MP नगर जोन-1 स्थित एक किताब दुकान पर छापेमारी हुई, जहां NCERT नकली किताबें असली के नाम पर बेची जा रहीं थीं। यह किताबें देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं; अभिभावक इसे पहचान नहीं पाते। इनके साथ निजी प्रकाशक गोल्डन की नकली किताबें भी बेची जा रहीं थीं, इनमें मधुर हिंदी व्याकरण, मैथ ट्रिक्स, मॉय टॉक्स बुक्स, सोशल साइंस क्योरोसिटी वर्कबुक आदि। SDM एलके खरे ने NCERT नकली किताबों को दिखाते हुए कहा कि पालकों को लूटा जा रहा है; निजी स्कूल और प्रकाशक मिलकर नकली किताबें बेच रहे हैं। छापेमारी के शॉट्स SDM टीम के किताब सेलर से जुड़े दिखे। आगे पाठ पीछे सपाट... छापेमार कार्रवाई खत्म होने के बाद भी बुक सेलर वही गोल्डन पब्लिकेशन की नकली किताबें बेचते पकड़े गए। ज़ी मीडिया संवाददाता प्रमोद शर्मा ने दुकानदार से पूछा नकली किताब क्यों बेच रहे हो तो उसने कहा नकली किताब में विस्तृत जानकारी है और इससे मुनाफा है। दुकान पर मौजुद पालक आर.के. मिश्रा ने कहा कि नकली किताबें महँги बेचकर लूट हो रही है। इस दौरान एक युवक भी नकली किताब बेचने के समर्थन में दिखा। दुकान पर नकली किताबें बेचने का मामला सामने आया।
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बेगूसराय के पंचवीर पंचायत जमीन मामले में रिश्वतखोरी, निगरानी ने अफसर गिरफ्तार

Munger, Bihar:प्रशांत कुमार मुंगेर सरकारी आड़गरा जमीन काजी हाउस को बचाने के लिए ग्रामीणों से मांगा था पांच लाख। बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमल आंचल स्थित पंचवीर पंचायत का मामला ।पूर्व मुखिया नंदकिशोर प्रसाद ने प्रमंडलीय आयुक्त के यहां दाखिल किया था अपील। तीन कट्ठा चार धुर जमीन की बाजार कीमत लगभग बताई जा रही पौने दो करोड रुपए। सीओ साहेबपुर कमाल तथा डीसीएलआर बलिया ने सरकारी जमीन को कर दिया था मो. जावेद के नाम दाखिल खारिज मुंगेर : पटना से आई निगरानी की टीम ने प्रमंडलीय आयुक्त मुंगेर प्रमण्डल मुंगेर के पेशकार मुकेश कुमार को 1 लाख 70 हजार रुपए नगद घूस लेते हुए रंगे हाथों उसके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल अंचल अंतर्गत आने वाले पंचवीर पंचायत से जुड़े सरकारी जमीन के मामले में की गई है। इस मामले में बलिया के डीसीएलआर तथा साहेबपुर कमाल के अंचल अधिकारी ने सरकारी आड़गरा (काजीहौस या स्थानीय भाषा में फाटक) की जमीन को मु. जावेद व अन्य के नाम पर दाखिल खारिज किए जाने से जुड़ा हुआ है। इस मामले को पंचवीर पंचायत के पूर्व मुखिया नंदकिशोर प्रसाद ने प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में चुनौती दिया था। बताया जाता है कि पंचवीर बाजार के पश्चिम स्थित अवध तिरहुत रोड में सरकारी अड़़गरा की तीन कट्ठा चार धुर जमीन है। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत लगभग पौने दो करोड रुपए है। वादी का कहना है कि इस जमीन को साहेबपुर कमाल के तत्कालीन सीओ ने फर्जी खतियान के आधार पर मु. जावेद व अन्य के नाम पर दाखिल खारिज कर दिया। ग्रामीण ने सीओ के आदेश को बलिया के भूमि सुधार समाहर्ता न्यायालय में चुनौती दी‌, पर बलिया डीसीएलआर ने भी इस मामले में सरकारी जमीन के दाखिल खारिज को रद्द नहीं कर सीओ के आदेश को आधार बनाकर मु. जावेद के पक्ष में ही आदेश पारित किया। इसके बाद पूर्व मुखिया नंदकिशोर प्रसाद ने प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया। वादी पूर्व मुखिया का कहना है कि इस मामले में जब प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया तो प्रमंडलीय आयुक्त के पेशकार मुकेश कुमार ने सरकारी जमीन को सरकारी करार देने के एवज में पांच लाख रुपए देने अथवा इस जमीन को साहेबपुर कमाल अंचलाधिकारी तथा बलिया डीसीएलआर के आदेश के आधार पर मो. जावेद के पक्ष में ही आदेश पारित करने की बात कही। इसके बाद वादी ने ग्रामीणों से चंदा इकट्ठा कर मुकेश कुमार को तीन लाख रुपए दिया था। वहीं इस बार अपने खुद के 170000 रुपए उसे देने आए थे। इससे पूर्व उन्होंने पटना के निगरानी थाने में केस दर्ज कराया था। जिसके सत्यापन के बाद गुरुवार को निगरानी के डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने रंगे हाथों मुकेश कुमार को 170000 रुपए घूस की राशि के साथ उसके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया तथा उसे अपने साथ लेते हुए पटना चली गई.
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माइंस विभाग ने 10394 करोड़ राजस्व के साथ नया इतिहास बना लिया

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेशन- जयपुर हैडर- - माइंस विभाग ने राजस्व में बनाया रिकॉर्ड - वित्त वर्ष 2025-26 में 10394 करोड़ राजस्व संग्रहित - पिछले वर्ष की तुलना में 1163.73 करोड़ अधिक संग्रहित - मार्च 2026 में 1506 करोड़ राजस्व संग्रहण - ACS अपर्णा अरोड़ा ने खान अफसरों की सराहना की - विपरीत परिस्थितियों के बावजूद 13 फीसदी ग्रोथ महत्वपूर्ण एंकर माइंस विभाग ने राजस्व संग्रहण में नया रिकॉर्ड बनाया है। 13 प्रतिशत विकास दर के साथ 10394 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रहित किया गया है। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्व अर्जन का कीर्तिमान स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं माइंस विभाग के मंत्री भी हैं। वे नियमित समीक्षा के माध्यम से माइनिंग सेक्टर को लगातार नई दिशा दे रहे हैं। एसीएस अपर्णा अरोरा ने आज खान विभाग के राजस्व आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गत वित्तीय वर्ष से 1163.73 करोड़ रुपए अधिक राजस्व जमा हुआ है। 10 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रहण का आंकड़ा पहली बार पार किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने कहा कि विभाग की यह उपलब्धि नियमित मॉनिटरिंग, संभावित राजस्व अर्जन के क्षेत्रों पर फोकस करने, समन्वित प्रयासों और टीम भावना से संभव हो पाई है। उन्होंने विभाग के उच्च स्तर से लेकर फील्ड स्तर तक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए पीठ थपथपाई। खान विभाग ने किसी एक माह मार्च में 1506 करोड़ का राजस्व संग्रहण का नया रिकॉर्ड बनाया है।
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टोंक में SI-प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के लिए 24 केंद्र, 19,248 अभ्यर्थी

Tonk, Rajasthan:टोंक में पुलिस उप निरीक्षक व प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा की तैयारियां तेज, 24 केंद्रों पर 19,248 अभ्यर्थी होंगे शामिल टोंक जिला मुख्यालय पर पुलिस उप निरीक्षक (SI) एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में कुल 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 19,248 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। यह परीक्षा 5 अप्रैल और 6 अप्रैल को दो पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। प्रत्येक पारी में 9,624 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर वीडियो ग्राफर की तैनाती की जाएगी। साथ ही पर्याप्त पुलिस जाप्ता भी तैनात रहेगा। प्रशासन द्वारा 40 परीक्षा ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जबकि 8 पेपर कॉर्डिनेटर और 4 सतर्कता दल भी लगाए गए हैं, जो पूरे परीक्षा संचालन पर नजर रखेंगे।
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विजयगढ़ दुर्ग में किरन सागर बनाम मिरन सागर: ऐतिहासिक मामला जांच के दायरे में

Obra, Uttar Pradesh:विजयगढ़ दुर्ग का ऐतिहासिक वर्णन और किले के भीतर सरोवरों से जुड़ा विवाद अब प्रशासनिक जांच के दायरे में है। इतिहास लेखन के दौरानिक्र कितनी सच्चाई है, इसे लेकर अब जांच_TEAM_ गठित की गई है। विजयगढ़ दुर्ग में रामसागर और किरण सागर जैसे सरोवर मौजूद हैं, पर कुछ लोग इन्हें मिरन सागर बताकर मजार को स्थापित करने का आरोप लगाते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जांच की मांग की, जिसे अब उच्च स्तर से सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। द्वितीय पक्ष के अनुसार मिरन साहिब का ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है और मीरा शाह के नाम से इसकी पहचान बदली गई हो सकती है। इतिहासकारों के अनुसार उपलब्ध अभिलेखों में मिरन साहिब के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। विजयगढ़ दुर्ग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, जहां रामसागर से कांवड़ यात्रा और हिंदू मेले का आयोजन होता है, और सरोवर की पवित्रता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों के अनुसार मजार और उर्स किले की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि खादिम आजाद अली इसे वर्षों पुरानी मजार मानते हैं। स्थानीय पक्ष के अनुसार यह विवाद अनावश्यक है और ठोस दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। इतिहास, आस्था और पहचान के सवालों के बीच विजयगढ़ दुर्ग पर नजरें केंद्रित हैं कि क्या यह किरन सागर है या मिरन सागर, और क्या इतिहास के नाम पर नया अध्याय गढ़ा गया है या महज समझ का फसना है।
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यूपीपीसीएस में 46वीं रैंक हासिल कर बेटी ने बढ़ाया मान

Khanpur, Rajasthan:आगरा:- कठिन परिश्रम, अटूट विश्वास और संघर्ष के दम पर कुमारी पूनम झां ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में 46वीं रैंक हासिल कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। सीता नगर में उनके सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्हें बधाई दी। साधारण परिवार से आने वाली पूनम ने वर्षों की मेहनत, असफलताओं से मिली सीख और परिवार के सहयोग के बल पर यह सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए उन्होंने अध्यापक की नौकरी करते हुए पढ़ाई जारी रखी और पूरी तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं। स्वागत समारोह में लोगों ने उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया। भाई जगन दीप झां ने कहा कि पूनम की सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पूनम ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और धैर्य जरूरी है। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है। इस अवसर पर सोमप्रकाश शर्मा, गौरव शर्मा, राज शर्मा, जेडी शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
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जालौन में घटिया सामग्री से अंबेडकर पार्क निर्माण पर धरना, जांच की मांग

Jalaun, Uttar Pradesh:एंकर जालौन के कोंच नगर पालिका क्षेत्र के नया पटेल नगर नहर कॉलोनी में निर्माणाधीन अंबेडकर पार्क को लेकर गुरुवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पार्क निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मोहल्लेवासी हाथों में ईंटें लेकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की。 मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि अंबेडकर पार्क के निर्माण के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है, इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है और घटिया ईंट, सीमेंट व अन्य सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे पार्क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं。 धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि यदि इसी तरह से निर्माण कार्य जारी रहा तो पार्क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा और सरकारी धन की बर्बादी होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यह पार्क क्षेत्र के बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन शुरुआत से ही इसमें लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले ही एसडीएम से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी से नाराज होकर मोहल्ले के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की। धरना दे रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में ईंटें लेकर प्रतीकात्मक विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। वहीं इस पूरे मामले पर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अवर अभियंता अरुण कुमार को बुलाया गया है और जल्द ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाइट:- मोनिका उमराव-- अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका कोंच बाइट:- गोविंददास--स्थानीय निवासी बाइट:- दयाराम--स्थानीय निवासी
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