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Prabhanjan Kumar SinghPrabhanjan Kumar SinghFollow13 Sept 2024, 02:07 am
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जयपुर में इबोला संदिग्ध मरीज: अस्पतालों में अलर्ट, एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज मिलने की सूचना के बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। युगांडा से राजस्थान घूमने आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे लक्षण पाए जाने पर उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कर विशेष आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। हालांकि अभी तक इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी चिकित्सा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं। सैंपल पुणे लैब भेजे गए रिपोर्ट का इंतजार आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि महिला में कुछ ऐसे लक्षण मिले हैं जो इबोला वायरस से मेल खाते हैं। इसी कारण उसे आइसोलेशन में रखकर निगरानी की जा रही है। महिला के सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित विशेष प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की पुष्टि हो सकेगी। संपर्क में आए लोगों पर भी नजर स्वास्थ्य विभाग ने महिला के ट्रैवल और कांटेक्ट हिस्ट्री की जांच शुरू कर दी है। उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी मेडिकल निगरानी में रखा जा सके। अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और मेडिकल स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी राजस्थान पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीमों के लगातार संपर्क में है। विशेष रूप से अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग पर जोर दिया गया है। विदेश यात्रा कर लौटने वाले यात्रियों में यदि बुखार, कमजोरी, उल्टी या रक्तस्राव जैसे लक्षण मिलते हैं तो तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यभर के अस्पतालों को अलर्ट स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, आइसोलेशन और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। साथ ही जिला अस्पतालों को भी संभावित मामलों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आरयूएचएस बना डेडिकेटेड सेंटर इबोला जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल को डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है। यहां विशेष आइसोलेशन वार्ड, प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, PPE किट और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। क्या है इबोला वायरस? इबोला वायरस दुनिया की सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में गिना जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के अन्य तरल पदार्थों या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से फैलता है। समय पर पहचान और आइसोलेशन इस बीमारी के नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि महिला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। इबोला कोरोना संक्रमण की तरह तेजी से नहीं फैलता लेकिन कोरोना से ज्यादा गंभीर और घातक वायरस है。 इबोला के प्रमुख लक्षण * अचानक तेज बुखार आना * गंभीर सिरदर्द और शरीर में तेज दर्द * मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द * गले में खराश या दर्द * अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना * भूख कम लगना संक्रमण बढ़ने पर दिखने वाले गंभीर लक्षण * उल्टी और दस्त की शिकायत * पेट में तेज दर्द * त्वचा पर लाल चकत्ते * आंखों का लाल होना * शरीर के अंदर और बाहर रक्तस्राव
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केन्दुझर जिले में तरिणी माता मंदिर के दर्शन के साथ तीन छात्राओं ने आस्था से आत्मिक संतोष पाया

Keonjhar, Odisha:କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ଅଧିଷ୍ଠାତ୍ରୀ ଦେବୀ ଘଟଗାଁ ମା ତାରିଣୀ ପିଠକୁ ପ୍ରତ୍ୟେକ ଦିନ ଜିଲ୍ଲା ଓ ଜିଲ୍ଲା ବାହାରୁ ବିଭିନ୍ନ ମାନସିକ ନେଇ ହଜାର ହଜାର ଭକ୍ତ ମାନଙ୍କର suଅ ଛୁଟିଥାଏ ଘଟଗାଁ କୁ। ତେବେ ଏହି ଆଶି ଓ ବିଶ୍ଵାସ ନେଇ ଆଜି ଜଣେ ମାନସିକ ଧାରୀ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ବର୍ଷାରାଣୀ ମହାନ୍ତ ଓ ଘଟଗାଁ ତାରିଣୀ ଠାକୁରାଣୀ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ର ଯୁକ୍ତ ୩ ର ଛାତ୍ରୀ। ସେ ନିଜର ମାନସିକ ପୂରଣ ପାଇଁ ଆଣ୍ଠେଇ ଆଣ୍ଠେଇ ଆସିଛନ୍ତି ମା ତାରିଣୀ ଙ୍କ ପାଖକୁ। ମା'ଙ୍କୁ ଦର୍ଶନ କରିବା ସହ ନିଜର ମାନସିକ ପୂରଣ ପାଇଁ ମା'ଙ୍କ ନିକଟରେ ଗୁହାରି କରିବେ,ମା ହେଲେ ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷ ଦେବୀ ଯିଏ ଯେଉଁଠି ଥାଇ ମା'ଙ୍କୁ ଡାକେ ତାହା ପୁରାଣ ହୋଇଥାଏ ବୋଲି ବିଶ୍ୱାସ ରହିଛି।
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कोडरमा: जमीन विवाद में राजकुमार यादव हत्या, 5 गिरफ्तार, तलाशी जारी

Koderma, Jharkhand:कोडरमा विधायक डॉक्टर नीरा यादव के वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त किए गए कुदाल, चपड़ा को बरामद कर लिया है। 3 जून की रात जमीन विवाद में राजकुमार यादव पर गिरफ्तार लोगो ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मृतक की पत्नी के आवेदन पर 12 लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार कर आज पुलिस ने जेल भेज दिया है। घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे थे और विधायक डॉ नीरा यादव ने कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान पर विवाद की सूचना दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। आज इस बाबत प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी देते हुए एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि 8 सालों से चल रहे जमीन विवाद में राजकुमार यादव की हत्या की गई है और घटना को लेकर 12 लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पांच लोगों को गिरफ्तार कर ली है, जबकि अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इधर कोडरमा थाना प्रभारी पर लापरवाही के आरोपों का सवाल जवाब देते हुए एसपी ने बताया कि डीएसपी स्तर से जांच की जा रही है और अगर कोई भी पुलिसकर्मी की लापरवाही इस मामले में पाई जाती है, तो उसपर भी कार्रवाई की जाएगी।
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रोगड़ा गाँव एक कुएँ पर लाचार, बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत खटखुरा पंचायत का रोगड़ा गाँव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है. आजादी के दशकों बाद भी इस गाँव की तस्वीर नहीं बदली है. भीषण गर्मी के इस दौर में सैकड़ों ग्रामीण एकमात्र पुराने कुएँ के पानी पर निर्भर हैं. पीने के پانی से लेकर खाना बनाने, नहाने, कपड़े और बर्तन धोने तक की जरूरतें इसी कुएँ से पूरी की जा रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की कई योजनाएँ यहाँ पहुँचीं जरूर, लेकिन उनका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. इस रोगड़ा गाँव में पूर्वजों द्वारा वर्षों पहले खोदा गया एक कुआँ आज भी ग्रामीणों के जीवन का आधार बना हुआ है. गाँव की महिलाएँ, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना इसी कुएँ से पानी भरकर अपने घरों तक ले जाते हैं. गर्मी के मौसम में जब जलसंकट और गहरा जाता है, तब भी ग्रामीणों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता. ग्रामीण तेजू के अनुसार बारिश के दिनों में सड़क का गंदा पानी कुएँ में प्रवेश कर जाता है, जिससे पानी दूषित हो जाता है. इसके बावजूद मजबूरी में लोगों को इसी पानी का उपयोग करना पड़ता है. ग्रामीण बताते हैं कि गाँव में लगे कई चापाकल और सोलर आधारित जलमीनार लंबे समय से खराब पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है. ग्रामीण विश्वनाथ सिंह का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है. श्रीमती देवी ने बताई की काफी दिनों से कुआं का पानी पी रहे हैं. यहां ना तो चापाकल है ना सोलर जलमिनर सभी खराब पड़े हैं. एक ओर सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के दावे कर रही है, वहीं रोगड़ा गाँव की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत को बयां करती है. सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण एकमात्र कुएँ के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर रहेंगे और कब उन्हें मूलभूत सुविधाओं का अधिकार मिल पाएगा.
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झारखंड के तिरिलटांड गांव पानी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा

Giridih, Jharkhand:आजादी के 8 दशक बीत गए, लेकिन पारसनाथ पहाड़ की तलहटी पर बसा छछंदो पंचायत का तिरिलटाँड गांव आज भी विकास की बाट जोह रहा है। अति नक्सल प्रभावित दलानचलकारी टोले में करीब 30 घरों में 300 की आबादी रहती है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह गांव पानी और सड़क की घोर किल्लत से जूझ रहा है. गाँव के लोग झरना की तराई पर बने चुआँ से पानी लाने को मजबूर हैं. घनघोर जंगल के बीच लगभग 50 फीट नीचे उतरकर उबड़-खाबड़ पथरीले रास्ते से महिलाएं सिर पर घड़े रखकर पानी लाती हैं. 1 किलोमीटर पगडंडी चलकर घर पहुंचती हैं. गांव में एकमात्र चापाकल भी करीब 1 साल से खराब पड़ा है. तिरिलटाँड से सटे 1 किलोमीटर दूर डाडी का गंदा पानी पीने को ग्रामीण विवश हैं. नाले में बरसात का पानी और जंगली चूहों के बिलों से पानी प्रदूषित हो रहा है. इसी पानी को छानकर पीने, नहाने और बर्तन धोने में इस्तेमाल किया जा रहा है. गाँव तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर प्रधानमंत्री सड़क योजना का रास्ता आज तक अधूरा है. 4 किलोमीटर सड़क का कालीकरण होना था जो पूरा नहीं हुआ. डेढ़ किलोमीटर मिट्टी-मोरम का पथरीला रास्ता है. रात में प्रसव पीड़ा उठने पर महिलाओं को खटिया पर टांगकर 1 किलोमीटर ले जाना पड़ता है, तब जाकर 20 किलोमीटर दूर डुमरी या गिरिडीह से एंबुलेंस मिलती है. मांझी हडाम कारू मुर्मू कहते हैं, "रिश्ता लेकर लोग आते हैं. सड़क-पानी की बदहाली देखकर लौट जाते हैं. बोलते हैं - आपकी बच्ची का क्या होगा? सड़क ही नहीं है. गांव के मोहन सोरेन की शादी साहिबगंज में तय हुई थी. लड़की वाले गांव देखकर लौट गए. कहा- बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य कुछ नहीं है, विवाह नहीं कर सकते. गाँव में तीन जगह जलमीनार के स्ट्रक्चर खड़े हैं, टंकी लगी है, लेकिन 3 साल से चालू नहीं हुआ. नल-जल योजना का विस्तार हो तो पानी की किल्लत खत्म हो जाएगी. ग्रामीण नरायण महतो का आरोप है कि मिनी पानी टंकी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. न सोलर प्लेट लगा, न मोटर. पाइप कहीं-कहीं बिछा है, लेकिन एक भी नल नहीं लगा. मुखिया रूपानी देवी ने बताया, "मनरेगा से मिट्टी-मोरम सड़क और तालाब दिया था. 14वें वित्त से पुलिया बनी. एक साल पहले जून में छकुडीह से सिदगढा तक पीएम सड़क के लिए जेई राजेंद्र कुमार और लघु सिंचाई के जेई नापी कर गए. उसके बाद कोई नहीं आया. जहां सड़क नहीं है, उसके लिए उपायुक्त को लिखित आवेदन दे चुके हैं. 4 साल पहले डुमरी बीडीओ सोमनाथ बांकिरा ने डाडी का निरीक्षण किया था, लेकिन तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया. गाँव के लोग मधुबन में डोली-मजदूरी कर भरण-पोषण करते हैं. युवा पलायन कर बाहर मजदूरी करने को मजबूर हैं. ग्रामीण चुपा हाँसदा, राजेश हेम्ब्रम, दुर्गा हाँसदा ने मांग की है कि गांव में सड़क, स्वास्थ्य सेवा और कृषि के लिए चेकडैम बनाया जाए ताकि पलायन रुक सके.
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अमरौहा में पुलिस भर्ती परीक्षा: डीएम ने सख्त निर्देश दिए, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

Amroha, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए अमरोहा के कुंदन मॉडल इंटर कॉलेज में कक्ष निरीक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने की। जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा का सफल और शांतिपूर्ण आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन, ओएमआर शीट प्रक्रिया तथा सीसीटीवी निगरानी संबंधी निर्देश विस्तार से दिए। गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने ड्यूटी कर्मियों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने तथा स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनपद में 8, 9 और 10 जून को पुलिस भर्ती परीक्षा 10 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी। कुल 28,224 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक पाली में 4,704 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. प्रवेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी और कक्ष निरीक्षक मौजूद रहे.
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शेखपुरा में विश्व पर्यावरण दिवस पर जल संरक्षण और पौधा रोपण का कार्यक्रम

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा में भी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शेखपुरा के बाईपास स्थित श्यामा सरोवर पार्क में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएम शेखर आनंद, एसपी बलिराम कुमार चौधरी और क्षेत्रीय विधायक रणधीर कुमार सोनी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित पर्यावरण और सुरक्षित पानी पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में बेहतर पेंटिंग और लेखन करने वाले छात्र बच्चों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधा रोपण भी किया गया। डीएम सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी द्वारा भी पौधा रोपण किया कर पौधा और पानी संरक्षण को लेकर शपथ लिया गया। इस मौके पर डीएम शेखर आनंद ने जिलावासियों से पानी की महत्ता और इसे बचाए जाने की अपील किया है। जबकि क्षेत्रीय विधायक ने भी लोगो से पानी बचाए जाने की अपील किया और लोगो को एक पेड़ जरूर लगाए जाने की अपील किया ताकि पर्यावरण सुरक्षित रह सके।
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हजारीबाग: अंचल अधिकारी की मनमानी के विरोध में युवक टावर चढ़ा

Hazaribagh, Jharkhand:अंचल अधिकारी और कर्मचारियों के मनमानी के किससे तो आपने सुने ही होंगे लेकिन अंचल अधिकारी के कारण यदि कोई व्यक्ति मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी बात मनवाने की धमकी देता है तो आप क्या कहेंगे? यह वाक्य हजारीबाग के कटकमदाग आंचल से संबंधित है। आपको बता दें कि बनादाग़ के एयरटेल टावर पर विकास कुमार नाम का एक युवक चढ़ जाता है और यह आरोप लगता है कि कई महीनों से उसका म्यूटेशन बाधित है; कई बार अंचल अधिकारी से फरियाद लगाने पर भी कोई काम नहीं हो पाया तब जाकर उसने टावर पर चढ़कर अपनी बात मनवाने का संकल्प लिया है। प्रत्यक्षदर्शी एवं विकास कुमार के अन्य साथी ने बताया कि अगर विकास को कुछ होता है तो इसके जिम्मेवार अंचल अधिकारी होंगे। अंचल अधिकारी की मनमानी से लोग त्रस्त हैं। इस घटना की सूचना थाने को मिलते ही थाने के द्वारा विकास को टावर से नीचे उतरने की कार्रवाई चल रही है; हालांकि अब तक इस मामले पर अंचल अधिकारी का कोई बयान नहीं आया है।
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