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रानीगंज में विवाद के बाद बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, जांच जारी

Forbesganj, Bihar:एंकर - रानीगंज थानां के परिहरि पंचायत के वार्ड संख्या छह में बच्चों के विवाद में एक बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक परिहारी पंचायत के वार्ड छह निवासी गजेंद्र यादव था। घटना को लेकर मृतक की बेटी कंचन ने बताया कि हमारे घर पर पड़ोस के कुछ बच्चे गिट्टी, पत्थर फेक रहे थे। तभी हमारे पिताजी गजेंद्र यादव व भाई राजा यादव आ रहे थे। इस दौरान पड़ोस के कुलानंद यादव व अन्य लोगों ने मेरे पिताजी को गोली मारकर हत्या कर दिया। इधर घटना की सूचना पर सदर एसडीपीओ सुशील कुमार, रानीगंज सर्कल इंस्पेक्टर सतीश कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन में जुट गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेज दिया है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटी है। एसडीपीओ ने बताया की घटना की छानबीन की जा रही है।
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राजनांदगांव में स्वाइन फ्लू मामला: युवक वेंटिलेटर पर, आइसोलेशन वार्ड शुरू किया

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव में स्वाइन फ्लू का एक मामला सामने आया है। करीब 30 साल के युवक की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। संक्रमण को देखते हुए अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। राजनांदगांव में स्वाइन फ्लू के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। करीब 30 साल के एक युवक को दूसरे निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। यहाँ जांच के दौरान उसका स्वाइन फ्लू टेस्ट पॉजिटिव पाया गया, जिसके बाद मरीज को तत्काल अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीआरओ डॉ. पवन जेठानी के मुताबिक मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज और संक्रमण से बचाव के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतते हुए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील की गई है। वहीं सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों को मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज का इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है.
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मुंगेर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, छह प्रखंड बाढ़ग्रस्त, 35 हजार लोग प्रभावित

Munger, Bihar:ड्रोन का वीडियो गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में ,खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग, पशुचारे का संकट. मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में फैल रहा है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में आ गई है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने तथा जहां स्थिति अधिक गंभीर है, वहां सामुदायिक रसोई शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम, स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल मेडिकल टीम से संपर्क करने की अपील की है। गंगा पार के इलाकों में कटाव ने बढ़ाई चिंता: जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार की पंचायतों में कटाव की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। कई स्थानों पर नदी तेजी से किनारों को काट रही है। जाफरनगर पंचायत में हो रहे कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की ओर से अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि जिन परिवारों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 118 नावों की व्यवस्था, 25 नावें प्रभावित क्षेत्रों में संचालित बाढ़ के कारण कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। लोगों के आवागमन के लिए जिला प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है। इनमें 25 नावों का वर्तमान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालन किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार आवश्यकता बढ़ने पर नावों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ जरूरी सामान की आपूर्ति भी की जा रही है। धरहरा से बरियारपुर तक कई पंचायतें प्रभावित गंगा के बढ़ते जलस्तर से धरहरा प्रखंड के गंगा किनारे स्थित शिवकुंड, हेमजापुर और बाहा चौकी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। यहाँ कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जमालपुर प्रखंड के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के भी कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सिंघिया पंचायत के सात वार्ड, परहम पंचायत के छह वार्ड तथा इंदरुख पश्चिमی पंचायत के चार वार्ड बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। सदर प्रखंड के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा पंचायतों में भी बाढ़ का पानी फैल चुका है। वहीं बरियारपुर प्रखंड के रतनपुर, नीरपुर पूर्वी, नीरपुर पश्चिमी, नीरपुर दक्षीणी, बिंदा दियारा, कल्याण टोला, बरियारपुर उत्तरी, बरियारपुर दक्षिणी, हरनिमार और झौवाबहियार इलाके भी प्रभावित हैं। पशुपालकों के सामने चारे का संकट; बाढ़ का सबसे अधिक असर पशुपालकों पर पड़ रहा है। खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैल जाने से हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मवेशियों के लिए चारा जुटाना पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई परिवार अपने सामान के साथ मवेशियों के लिए ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। कई दिनों से घरों में पानी, राहत का इंतजार: बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से उनके घरों में पानी प्रवेश कर चुका है। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें भोजन, पेयजल, पशुचारा और आवागमन के लिए नाव जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत सामग्री का पर्याप्त वितरण कराने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त नाव उपलब्ध कराने की मांग की है。 प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
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कोना भूत बागान में जलजमाव से नाव-भेला पर गुजर-बसर, लोग परेशान

Howrah, West Bengal:হাওড়া পুরসভার পঞ্চাশ নম্বর ওয়ার্ডের কোনা ভুত বাগান এলাকায় চলছে নৌকা ও ভেলা।বৃষ্টির জমা জলে দুর্ভোগ বাসিন্দাদের।কদিনের একটানা প্রবল বৃষ্টিতে জলমগ্ন হয়ে পড়ে হাওড়া পুরসভার অধিকাংশ ওয়ার্ড।বৃষ্টি থামলেও নিচু এলাকায় এখনো জমে রয়েছে জল।তবে সবথেকে খারাপ অবস্থা হাওড়া পুরসভার পঞ্চাশ নম্বর ওয়ার্ডের কোনা ভুত বাগান এলাকায়।এখানে অল্প বৃষ্টিতে জল জমে যায়।ভারী বৃস্টি হলে দুর্ভোগ বাড়ে।আর সেই জল নামতে অনেক সময় লেগে যায়।দীর্ঘদিন জমা জলে কচুরিপোনা গজিয়ে ওঠে।জমা জলে যাতায়াত করতে নৌকো কিংবা ভেলা ভরসা বাসিন্দাদের।স্থানীয়রা জানান সমস্যা দীর্ঘদিনের।কোনো সমাধান হয়নি।ছাত্রছাত্রীরা স্কুলে যায় নৌকায় চেপে।সবাই চাইছেন সমস্যার সমাধান হোক।
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करनाल के नए एसपी कर्ण गोयल का पहला बयान: शांतिप्रिय लोगों के लिए बेहतर पुलिसिंग

Karnal, Haryana:करनाल,सोशल मीडिया को बताया दोधारी तलवार : नव नियुक्त एसपी करनाल, करनाल में नए एसपी कर्ण गोयल ने संभाला चार्ज, बोले- शांतिप्रिय लोगों को उसी अनुरूप पुलिसिंग देना प्राथमिकता; अपराध, नशे और ट्रैफिक पर रहेगी पैनी नजर. करनाल में हत्याकांड और पुलिस एनकाउंटर को लेकर उपजे विवाद के बीच पुलिस प्रशासन में हुए बड़े फेरबदल के बाद अब करनाल को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। नवनियुक्त एसपी कर्ण गोयल ने आज करनाल पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के तमाम डीएसपी और पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति को लेकर चर्चा शुरू की। हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करनाल में 5 अगस्त को हुए बीरू वाल्मीकि हत्याकांड और इसके बाद पुलिस द्वारा किए गए डबल एनकाउंटर को लेकर लगातार विवाद बना हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्कालीन करनाल एसपी नरेंद्र बिजारणिया और आईजी अशोक कुमार का तबादला कर दिया। इसी फेरबदल के बाद कर्ण गोयल को करनाल का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। गुरुग्राम से करनाल पहुंचे कर्ण गोयल चार्ज संभालने के बाद करनाल की मीडिया से बातचीत में एसपी कर्ण गोयल ने कहा कि इससे पहले उनकी पोस्टिंग गुरुग्राम में थी और अब उन्हें करनाल में जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि आज जिले के सभी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, अपराध और पुलिसिंग से जुड़े तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। शांतिप्रिय लोगों को उसी अनुरूप पुलिस सेवा देना प्राथमिकता नवनियुक्त एसपी ने कहा कि करनाल के लोग शांतिप्रिय हैं और उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि लोगों को उसी अनुरूप बेहतर और संवेदनशील पुलिसिंग उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि करनाल पुलिस की सेवा और कार्यप्रणाली के स्तर को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आम आदमी को पुलिस पर भरोसा और मजबूत हो। ट्रैफिक और महिला सुरक्षा पर भी रहेगा विशेष फोकस एसपी कर्ण गोयल ने करनाल शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक की समस्या को लेकर बेहतर तरीके से काम किया जाएगा। इसके साथ ही महिला सुरक्षा पर भी पुलिस का विशेष ध्यान रहेगा और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत करनाल में नशे की बिक्री को लेकर पूछे गए सवाल पर एसपी गोयल ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ पुलिस का रुख बेहद सख्त रहेगा। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों को अटैच करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी और ऐसे लोगों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। सोशल मीडिया को बताया दोधारी तलवार आज के दौर में युवाओं के अपराध की ओर बढ़ने में सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया एक दोधारी तलवार है। इसके माध्यम से अच्छी चीजें भी सामने आती हैं, लेकिन गलत कंटेंट के प्रभाव में आकर कुछ लोग अपराध की दुनिया की तरफ भी आकर्षित हो जाते हैं। उन्होंने साफ कहा कि करनाल पुलिस की सोशल मीडिया पर लगातार नजर रहेगी। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने या अपराध से जुड़ी गतिविधियों के लिए करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 24 घंटे आम लोगों की सेवा में पुलिस एसपी कर्ण गोयल ने आम लोगों की समस्याओं को लेकर भी अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पुलिस 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए उपलब्ध रहेगी। लोगों से मिलने के लिए समय निर्धारित रहेगा और उनका व्यक्तिगत प्रयास रहेगा कि वे अधिक से अधिक लोगों से मिलें और उनकी समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करवाएं। नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें करनाल में नए एसपी की तैनाती ऐसे समय हुई है, जब जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल चर्चा में हैं। ऐसे में कर्ण गोयल के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता का विश्वास मजबूत करने, नशे पर लगाम लगाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की चुनौती भी रहेगी。 बाइट — कर्ण गोयल, नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक, करनाल
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गंगा बाढ़-कटाव पर मुख्यमंत्री चौधरी का राघोपुर दौरा और एरियल सर्वे

Naya Chak, Bihar:एंकर भागलपुर और नवगछिया में गंगा की बाढ़ और राघोपुर में भीषण कटाव से मची तबाही का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ग्रस्त इलाकों का एरियल सर्वे किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से घिरे गांवों, प्रभावित आबादी और गंगा के बढ़ते जलस्तर से बने हालात का आकलन किया। एरियल सर्वे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा के भीषण कटाव से प्रभावित इलाके का स्थल निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कटाव स्थल पर पहुंचकर जमीनी हालात का जायजा लिया और मौके पर युद्धस्तर पर चल रहे कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से अब तक किए गए बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से पुरानी रेल लाइन तटबंध को बचाने के लिए चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। गंगा की तेज धारा के बीच इस तटबंध को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कटावरोधी कार्यों में तेजी बनाए रखने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हम लोग लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं किस किलोमीटर के दायरे में बंद को मजबूत करने का काम किया जाएगा अभी सोन नदी और उसी से भी लाखों क्यूसेक पानी छोड़े गए हैं। गंगा में इतना पानी है गंगा का पानी फिक्स करेंगे। कटाव को दुरुस्त करेंगे 12 किलोमीटर तटबंध को दुरुस्त करेंगे और गंगा में ड्रेजिंग कार्य होगा। बता दें कि 23 अगस्त की रात बांध टूटने के बाद राघोपुर इलाके में हालात लगातार बिगड़ते चले गए थे। गंगा की तेज धारा ने कई इलाकों में भयावह कटाव किया, जिससे हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई। करीब 6 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ और कटाव की चपेट में है, जबकि दर्जनों परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। हालाँकि राहत की बात यह है कि पिछले दो दिनों से कटाव की रफ्तार पर कुछ हद तक लगाम लगी है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एरियल सर्वे और राघोपुर का स्थल निरीक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। अब बाढ़ और कटाव से प्रभावित लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि राहत, पुनर्वास और स्थायी कटावरोधी व्यवस्था को लेकर क्या बड़े फैसले किए जाते हैं।
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NDMC के कनॉट प्लेस इनर सर्कल के ट्रैफिक-फ्री प्रस्ताव पर व्यापारियों का भारी विरोध

New Delhi, Delhi:कनॉट प्लेस इनर सर्कल को गाड़ी-मुक्त करने के NDMC के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों में भारी नाराजगी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि वाहनों की आवाजाही बंद होने से दुकानों, शोरूम और रेस्टोरेंट के कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा और आउटर सर्कल व आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि किसी भी ट्रायल या फैसले से पहले व्यापारियों से बातचीत जरूरी है। उन्होंने NDMC से पहले अवैध रेहड़ी-पटरी, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाने तथा ग्राहकों की आसान पहुंच बनाए रखने की मांग की है। व्यापारियों का दावा है कि प्रस्ताव लागू होने पर कारोबार में 50 फीसदी तक गिरावट आ सकती है और जरूरत पड़ने पर वे सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे।
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प्रेमी से शादी की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा

Danapur, Bihar:प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा नौबतपुर। प्रेमी से शादी करने की जिद में शनिवार सुबह एक युवती नौबतपुर प्रखंड परिसर के समीप स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती के टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घंटों चले हाईवोल्टेज ड्रा‍मे के बाद डायल-112 की पुलिस ने समझा-बुझाकर युवती को सुरक्षित नीचे उतारा और उसे थाना ले गई। युवती ने पुलिस को बताया कि करीब तीन साल पहले एक ही कोचिंग में पढ़ाई के दौरान उसे एक युवक से प्यार हो गया था। दोनों पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में हैं। कुछ दिन पहले युवती ने प्रेमी से शादी की बात कही, लेकिन युवक ने यह कहते हुए शादी से इनकार कर दिया कि दोनों अलग-अलग जाति के हैं। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। युवती के अनुसार, शुक्रवार को उसने डायल-112 पर फोन कर शिकायत की थी। शिकायत के बाद प्रेमी ने कथित तौर पर उसे धमकी दी, जिससे डरकर वह घर चली गई। बीती रात फिर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद शनिवार सुबह युवती प्रखंड परिसर के समीप मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मौके पर जुटी पुलिस और लोगों ने काफी देर तक उसे समझाया। इसके बाद युवती टावर से नीचे उतरी। दोनों पिपलावां थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि युवती को थाना लाया गया है। उसके प्रेमी को भी बुलाया जा रहा है। दोनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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सहारनपुर की गैर-कानूनी मस्जिद गिराने पर ईदगाह इमाम ने PW Act का हवाला दिया

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ, UP | कोर्ट के आदेश को बरकरार रखने के बाद DM ऑफिस कॉम्प्लेक्स (सहारनपुर) में गैर-कानूनी मस्जिद को गिराए जाने पर, लखनऊ ईदगाह इमाम, मौलाना खालिद rशीद फिरंगी महली ने कहा, "... सुप्रीम कोर्ट ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के महत्व को दोहराया है। इसके बावजूद, सहारनपुर की मस्जिद और कई दूसरी मस्जिदों को गिरा दिया गया है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और सरकार से सभी धार्मिक जगहों की सुरक्षा करने की अपील करते हैं... जिस तरह से कई मस्जिदों को गिराया गया है, वह हमारे देश की परंपरा, संस्कृति और कानून के खिलाफ है।"
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जम्मू में पनून कश्मीर का धरना: विस्थापन और सुरक्षा की मांग

Jammu, जम्मू में कश्मीरी पंडित संगठन पनुन कश्मीर ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना और भूख हड़ताल शुरू की। प्रदर्शनकारियों ने कश्मीरी हिंदू जेनोसाइड बिल को मान्यता देने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुई हिंसा, पलायन और विस्थापन को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पनुन कश्मीर ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कश्मीर घाटी में सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी वापसी की मांग भी दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने कश्मीर में कार्यरत प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि घाटी में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। पनुन कश्मीर के सदस्यों ने कहा कि उनकी मांगें कश्मीरी हिंदू समुदाय के अधिकार, सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक वापसी से जुड़ी हैं। गौरतलब है कि 1990 के दशक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा के बढ़ने के दौरान कश्मीरी पंडित समुदाय को लक्षित धमकियों और हिंसा का सामना करना पड़ा, जिसके बाद बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे हैं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और विस्थापन को मान्यता देनी चाहिए और उनकी सुरक्षित, सम्मानजननक एवं गरिमापूर्ण वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मान्यता, पुनर्वास, वापसी और प्रधानमंत्री पैकेज कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा
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कुरुक्षेत्र में सफाई और दमकल कर्मचारियों का मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में सफाई और दमकल कर्मचारियों का हल्लाबोल, मुख्यमंत्री आवास कार्यालय पर प्रदर्शन,पुलिस और कर्मचारी हुए आमने सामने,भारी पुलिस बल तैनात कुरुक्षेत्र:- सफाई कर्मचारियों और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन के लिए पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की。 प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच आमना-सामना भी हुआ। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा。 प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री आवास कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।
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Harsh Encounter Probe Demand: Road Sabha Gives Govt 1-Week Ultimatum in Karnal

Karnal, Haryana:करनाल,हर्ष एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग, रोड महासभा ने सरकार को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम बलकार सिंह बोले- दो मांगें पूरी करने पर सरकार का धन्यवाद, अब तीसरी मांग पूरी करे; एफआईआर को बताया षड्यंत्र करनाल। करनाल में शनिवार को एक बार फिर रोड महासभा की बैठक हुई। बैठक में प्रधान बलकार सिंह ने समाज के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज की दो मांगें मान ली हैं, जिसके लिए रोड समाज सरकार का धन्यवाद करता है। अब समाज की तीसरी मांग हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या फिर किसी पदासीन न्यायाधीश से करवाने की है। इस मांग को लेकर सरकार को एक सप्ताह का समय दिया गया है। विधायक की माफी और अधिकारियों के तबादले की मांग हुई पूरी पत्रकारों से बातचीत में बलकार सिंह ने कहा कि समाज की पहली मांग विधायक जगमोहन आनंद द्वारा माफी मांगने की थी, जिसे सरकार ने पूरा किया। दूसरी मांग अधिकारियों के तबादले की थी, वह भी पूरी हो चुकी है। अब सरकार से अपील है कि हर्ष एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई या पदासीन न्यायाधीश से जांच करवाने की तीसरी मांग भी मानी जाए। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं हुई तो समाज आगामी कदम उठाएगा। रोड समाज पर दर्ज एफआईआर पर भी जताई नाराजगी रोड समाज पर दर्ज एफआईआर को लेकर बलकार सिंह ने कहा कि सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह नहीं मानते कि जिस व्यक्ति ने एफआईआर करवाई है, उसका इतना प्रभाव है कि उसके कहने पर कोई अधिकारी मामला दर्ज कर दे। उन्होंने एफआईआर को किसी षड्यंत्र के तहत करवाया गया बताया। बलकार सिंह ने कहा कि इससे समाज में रोष बढ़ सकता है और इसका नुकसान सरकार को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में फिलहाल किसी व्यक्ति का नाम नहीं डाला गया है। यदि सरकार टकराव की स्थिति में आती है तो नाम भी जोड़े जा सकते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट पर बोले- 99.9 प्रतिशत समाज संतुष्ट अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट को लेकर बलकार सिंह ने कहा कि उन्हें इन पोस्ट से कोई दुख नहीं है। उन्होंने कहा कि संभव है कि कुछ लोगों को उनकी शक्ल, काम या फैसले पसंद नहीं आते हों और उनसे व्यक्तिगत परेशानी हो। उनके अनुसार समाज के 99.9 प्रतिशत लोग संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि गलत पोस्ट और बयानबाजी से किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का नुकसान होता है।
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