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Santosh TiwariSantosh TiwariFollow30 Jul 2024, 05:24 pm
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कोरबा के झरने में रमेश आघरिया का शव मिला, मौत का राज पोस्टमॉर्टम से खुलेगा

Korba, Chhattisgarh:कोरबा ब्रेकिंग- लेमरू के चिरईझुनझुना गांव में झरने के नीचे युवक का मिला शव, शव मिलने से मची सनसनी, मृतक की पहचान हुई रमेश आघरिया के रूप में, एक हफ्ते पहले बुआ के घर आया था मृतक, अचानक हुआ था लापता, नाला किनारे कपड़े दिखे तो परिजनों ने शुरू की तलाश, तब जाकर झरने में मिला शव, 30 फीट नीचे फंसे शव को बाहर निकालना बना बड़ी चुनौती, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर किया रेस्क्यू, रस्सी के सहारे झरने से शव को निकाला गया बाहर, वाहन नहीं पहुंचा तो खाट बनी सहारा, पैदल जंगल से बाहर लाया गया शव, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए कोरबा जिला अस्पताल भेजा शव को, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज..
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फरीदाबाद: 37 दिन बाद हड़ताल खत्म, एत्मादपुर में कूड़े का अंबार चिंता बढ़ाता

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद: 37 दिन की हड़ताल खत्म, फिर भी एत्मादपुर में कूड़े का अंबार फरीदाबाद में नगर निगम कर्मचारियों की 37 दिन लंबी हड़ताल खत्म होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शहर की सफाई व्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगी। लेकिन एत्मादपुर से सामने आई तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। आगरा नहर के किनारे जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को वहां से गुजरने में भी परेशानी हो रही है। सड़क और आसपास जमा गंदगी के कारण बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों को डर है कि लंबे समय तक कूड़ा जमा रहने से मच्छर और कीड़े बढ़ सकते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से इस इलाके में नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। इसी वजह से कूड़े का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि हड़ताल खत्म होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन जमीनी हालात अभी भी चिंताजनक नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 37 दिन की हड़ताल खत्म हो चुकी है, तो इसके बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा? स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से जल्द से जल्द कूड़ा उठवाने, नियमित सफाई कराने और आगरा नहर के किनारे कूड़ा डालने पर रोक लगाने की मांग की है।
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सोनीपत में पिट बुल ने छह महीने के बच्चे को नोचा, घायल महिला भी

Sonipat, Haryana:सोनीपत में पालतू पिट बुल ने मासूम को नोचा, 6 महीने के बच्चे पर हमला. सिक्का कॉलोनी में पिट बुल कुत्ते का ऐसा हमला कि गोद में मौजूद छह महीने का मासूम बुरी तरह घायल हो गया. परिवार के मुताबिक, बच्ची अपने छह महीने के भतीजे को गोद में लेकर गली में घूम रही थी. इसी दौरान पड़ोसी के घर से निकला पालतू कुत्ता अचानक दोनों पर टूट पड़ा. कुत्ते ने गोद में मौजूद मासूम को चेहरे, पेट और शरीर के कई हिस्सों पर काट लिया. बच्चे को बचाने की कोशिश में उसकी बुआ भी घायल हो गई. हमले के बाद परिवार दोनों को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंचा. मासूम की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया. लेकिन दिल्ली के इलाज का खर्च ज्यादा होने के कारण परिवार बच्चे को वापस लेकर आया और फिर उसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां मासूम का इलाज जारी है. वहीं उसकी बुआ का इलाज निजी अस्पताल में कराया जा रहा है. परिवार की दादी का आरोप है कि शुरुआत में कुत्ते के मालिक ने इलाज के लिए आर्थिक मदद की, लेकिन बाद में आगे के खर्च से पीछे हट गए. अब परिवार की मांग है कि मासूम के इलाज में अब तक हुआ खर्च और आगे का इलाज भी कराया जाए. और इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है… रिहायशी इलाकों में पालतू कुत्तों को लेकर बरती जा रही लापरवाही आखिर कितनी भारी पड़ सकती है? एक तरफ छह महीने का मासूम पीजीआई में इलाज करा रहा है… और दूसरी तरफ परिवार इलाज के बढ़ते खर्च से परेशान है. सिक्का कॉलोनी की इस घटना ने पालतू कुत्तों की सुरक्षा, नियंत्रण और जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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रतलाम में गणेश उत्सव के दौरान सुरक्षा चौकसी तेज, पुलिस अलर्ट मोड में

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में त्योहारों को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गणेश उत्सव के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस लगातार गणेश पंडालों का निरीक्षण कर रही है। पुलिस अधिकारी पंडाल आयोजकों को प्रतिमाओं की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश दे रहे हैं。 पुलिस यह भी जांच रही है कि देर रात पंडालों में आयोजकों की ओर से वॉलेंटियर मौजूद हैं या नहीं। साथ ही, सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी चेक की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की घटना होने पर निगरानी और कार्रवाई में मदद मिल सके。 इसके अलावा शहर में बनाई गई अस्थायी पुलिस चौकियों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। देर रात एसपी अमित कुमार ने शहर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से जायजा लिया। एसपी ने पुलिसकर्मियों को त्योहारों के दौरान लगातार अलर्ट रहने और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं。
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ओड़िशा के मलकानगिरी में पुलिस-वन विभाग ने 55 जीवित कछुए बचाए; 4 गिरफ्तार

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर के सीमावर्ती राज्य ओडिशा के मलकानगिरी जिले में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 55 जीवित (भारतीय फ्लैप-शेल) कछुओं का रेस्क्यू किया, साथ ही पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया, वन्यजीवों के अवैध परिवहन की सूचना मिलने पर मलकानगिरी के मोटू थाना क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एमपीवी-53 गांव के पास नहर रोड में छापा मारा, दो मोटरसाइकikilों को रोककर तलाशी ली गई, जिनमें 55 जीवित भारतीय फ्लैप-शेल कछुए अवैध रूप से ले जाए जा रहे थे, मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है。
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अन्नपूर्णा योजना के 3000 रुपये मिलने से महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान

Jalpaiguri, West Bengal:একবার-দু’বার নয়, চার-চারবার! অন্নপূর্ণা যোজনার ৩০০০ টাকা পেয়ে খুশিতে আত্মহারা জলপাইগুড়ির মহিলারা। পুজোর মরশুমে অ্যাকাউন্টে ঢুকল অন্নপূর্ণা যোজনার টাকা। আর টাকা ঢুকতেই চোখে-মুখে ফুটে উঠল আনন্দের ছাপ। কারও মুখে চওড়া হাসি, কেউ আবার বলছেন, পুজোর আগে এই টাকা হাতে পাওয়ায় অনেকটাই সাংসারিক কাজে সুবিধা হবে। জলপাইগুড়ির একাধিক মহিলার দাবি, একবার-দু’বার নয়, ইতিমধ্যেই Four-চারবার তাঁদের অ্যাকাউন্টে অন্নপূর্ণা যোজনার ৩০০০ টাকা করে এসেছে। পুজোর মুখে এই আর্থিক সহায়তা পেয়ে স্বাভাবিকভাবেই খুশি তাঁরা। ব্যাংক এবং গ্রাহক পরিষেবা কেন্দ্রগুলিতেও টাকা তোলার জন্য মহিলাদের ভিড় চোখে পড়ছে। পুজোর কেনাকাটা থেকে সংসারের প্রয়োজন—এই টাকা কীভাবে কাজে লাগাবেন, তা নিয়েও শুরু হয়েছে পরিকল্পনা। অন্নপূর্ণা যোজনার টাকা পেয়ে মহিলাদের মুখে এখন একটাই কথা—পুজোর আগে অ্যাকাউন্টে টাকা, তাই মুখে হাসি।
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चक्रधर समारोह की चौथी शाम: कथक, ओडिसी और भरतनाट्यम की रंगीन प्रस्तुतियाँ

Darogapara, Chhattisgarh:41वें चक्रधर समारोह की चौथी शाम शास्त्रीय और लोकनृत्यों की विविध प्रस्तुतियों से सजी रही। सुप्रसिद्ध कथक कलाकार मधुमिता रॉय मिश्रा ने कथक की भाव, लय और ताल की विविधता से दर्शकों को परिचित कराया। वहीं ओडिसी नर्त्यांगना जान्हवी बेहरा ने भावपूर्ण प्रस्तुति से मन मोहा, जबकि भरतनाट्यम कलाकार शिवरanjनी हरि ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम से जुड़े प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर ‘बादल’ के कलाकारों ने गौर सिंग और धुरवा मंडई लोकनृत्य प्रस्तुत कर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाई। लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों ने समारोह के मंच को बस्तर की संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी भी शामिल हुए। उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठकर कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों का सम्मान किया। बस्तर के कलाकारों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी ओर से ₹51 हजार की अतिरिक्त सम्मान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। कार्यक्रम के अंत में कलार्पणा एन्सेम्बल ने भाव, लय और ताल के सुंदर मेल के साथ भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ चौथे दिन की सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ।
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स्कूल भवन की जर्जर स्थिति: बिलासपुर के काथला में बच्चों की पढ़ाई खतरे में

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिला का राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला भवन की हालत जर्जर, असुरक्षित घोषित हो जाने के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के एक कमरे में पढ़ने को मजबूर पांचवीं कक्षा तक के छात्र तो पढ़ाई पर पड़ रहा खासा असर। शिक्षा विभाग बिलासपुर के उप निदेशक ने कहा कि ज्वाइंट इंस्पेक्शन किया गया था, जिसमें पीडब्ल्यूडी के एसडीओ, बीओ स्वारघाट, जेई एसएसए, प्राथमिक पाठशाला के सीएसटी व एसएमसी प्रधान सदस्य थे और पाया गया कि पाठशाला के कमरे असुरक्षित हैं; पीडब्ल्यूडी की तरफ से सर्वे रिपोर्ट बनाई जाएगी और रिपोर्ट आने के आधार पर उचित कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। प्राथमिक पाठशाला को असुरक्षित घोषित करने के बाद छात्रों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया गया है जिससे उस स्कूल में भी कमरों की कमी देखने को मिली है, जिसे देखते हुए उनका पूरा प्रयास है कि सर्वे रिपोर्ट आने के तुरंत बाद जर्जर कमरों की हालत को सुधारने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया जाये ताकि छात्रों को हो रही परेशानी का समाधान हो सके।
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यूपी में नौकरियों का महाअभियान: अगले छह महीनों में 1 लाख सरकारी पद

Noida, Uttar Pradesh:कल से यूपी में शुरू होगा नौकरी देने का महाअभियान, सीएम योगी लखनऊ में बांटेंगे नियुक्ति पत्र 19 सितंबर को 4 विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को सीएम योगी देंगे नियुक्ति पत्र अगले 6 महीने में 1 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य गोरखपुर में 16 सितंबर को सीएम योगी ने किया था ऐलान, 19 सितंबर से शुरू होगी 1 लाख नौकरियों की प्रक्रिया यूपी में 9 साल में साढ़े 9 लाख सरकारी नौकरियां देने का सरकार का आंकड़ा युवाओं को रोजगार देने की दिशा में यूपी सरकार का बड़ा अभियान 16 सितंबर को शुरू हुए है 15012 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन पुलिस व राजस्व विभाग में भी जल्द शुरू होगी भर्तियां
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जमीन विवाद में युवक की मौत: अस्पताल के बाहर धरना से तनाव बढ़ा

Alwar, Rajasthan:Alwar. Malakheda थाना क्षेत्र के Achlepurि गांव में पारिवारिक जमीन विवाद के बीच 38 वर्षीय कमल सिंह पुत्र किशन सिंह की कुएं में छलांग लगाने से मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मालाखेड़ा अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए कहा है कि जब तक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव नहीं उठाएंगे। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के जमा होने के कारण पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी के अनुसार Achlepurि निवासी कमल सिंह का अपने परिवार के जनमेजा, लालजी, नेतराम, मनीष और लोटन देवी सहित अन्य लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। खेत की बाड़ेबंदी, तारबंदी और बुवाई को लेकर भी दोनों पक्षों में झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी थीं। परिजनों के मुताबिक गुरुवार दोपहर बाद जमीन विवाद को लेकर तनाव के बीच कमल सिंह ने कुएं में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद कमल सिंह को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को मालाखेड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्होंने शव लेने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि कमल सिंह पर जमीन छोड़ने और उसे बेचने का दबाव बनाया जा रहा था तथा वह लंबे समय से जमीन विवाद के चलते परेशान था। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहले ही विवाद और कथित धमकियों को लेकर प्रभावी कार्रवाई की होती तो कमल सिंह की जान बच सकती थी। धरने पर बैठे परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मृतक के एक भाई के पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण पुलिस पर दबाव रहा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के अनुसार कमल सिंह और उसके भाई धनपाल सहित परिवार के अन्य लोगों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिवार के चाचा लालजी मीना को लेकर भी जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि खेत में बुवाई और अन्य कृषि कार्य करने से उन्हें रोका जाता था तथा लगातार धमकियां दी जा रही थीं। पहले भी दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद में कुछ लोगों के घायल होने और उनका अलवर में उपचार कराने की बात परिजनों ने कही है। कमल सिंह की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक मृतक के चार बेटियां और दो बच्चे हैं। परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही वे शव उठाएंगे और अंतिम संस्कार करेंगे.
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MP बोर्ड टीईटी अब ऑफलाइन, CETET पास वालों को नहीं देनी होगी TET

Noida, Uttar Pradesh:भोपाल टीईटी को लेकर इस वक्त की बड़ी खबर TET को लेकर गाइडलाइन जारी शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी कर बताया किसे परीक्षा देना है और किसे नहीं शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं है उन शिक्षकों को देनी होगी TET परीक्षा अब माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा ऑफलाईन Mode में आयोजित की जायेगी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्राथमिक स्तर (सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, सहायक अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 प्राथमिक शिक्षक विज्ञान/प्रयोगशाला शिक्षक) माध्यमिक स्तर (उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2) के शिक्षक रहेंगे शामिल केन्द्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण शिक्षकों को नहीं देनी होगी TET Ashaasagi विद्यालय के प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं में पढाने वाले शिक्षक भी TET पात्रता परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से ही भरे जायेगे आवेदन पत्र भरने की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर 2026 रहेगी शिक्षक जिस जिले में कार्यरत है, उसे उसी जिला मुख्यालय का परीक्षा केन्द्र आवंटित किया जायेगा पांढुर्ना एवं मऊगंज के शिक्षक पूर्व जिलों में यथा छिंदवाडा एवं रीवा जिले के केन्द्र पर ही सम्मिलित हो सकेंगें किसी जिले में परीक्षार्थियों की संख्या अत्यंत कम होने की स्थिति में समीपवर्ती जिले या संभागीय स्तर पर परीक्षा केन्द्र आवंटन का अधिकार एमपी बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा एमपी बोर्ड आयोजित करवाएगा टीईटी परीक्षा करीब डेढ़ लाख शिक्षक TET के दायरे में आ रहे हैं अब तक भरे गए हैं करीब 19 हजार फॉर्म शिक्षक संगठन लगातार कर रहे थे गाइडलाइन जारी करने की मांग
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DUSU चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन पर बड़ा सवाल: क्या होगी कार्रवाई?

New Delhi, Delhi:स्लग :- DUSU चुनाव में आचार संहिता की धज्जियां! दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में आज मतदान हो रहा है, लेकिन मतदान के बीच चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप सामने आ रहे हैं। सड़कों पर चुनाव प्रचार से जुड़ी प्रतिबंधित सामग्री नजर आने और छात्रों से मतदान की अपील किए जाने के वीडियो सामने आए हैं। सवाल उठ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट से अनुमोदित लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस और अदालत के निर्देशों के बावजूद चुनाव नियमों का पालन आखिर कैसे हो रहा है? दिल्ली विश्वविद्यालय में DUSU चुनाव को लेकर मतदान जारी है। लेकिन मतदान के दिन भी चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस के मुताबिक उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान printed posters और printed pamphlets के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। कैंपेनिंग के लिए handmade posters का इस्तेमाल भी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकता है। इसके अलावा मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में canvassing पर भी रोक है। इसके बावजूद सड़कों पर चुनाव सामग्री दिखाई देने और छात्रों से अपने पक्ष में मतदान की अपील किए जाने के आरोप हैं। ऐसे में सवाल है कि चुनाव आचार संहिता की निगरानी करने वाली चुनाव समिति इन गतिविधियों पर कितना प्रभावी नियंत्रण कर पा रही है? खास बात ये है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 17 सितंबर को DUSU चुनाव के दौरान हिंसा और चुनावी नियमों के उल्लंघन के मुद्दे पर दिल्ली विश्वविद्यालय और पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। पिछले वर्षों में भी DUSU चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस और anti-defacement नियमों के उल्लंघन को लेकर अदालत में मामले पहुंचे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों में चुनाव समिति को चुनाव प्रक्रिया के दौरान लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस और अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी का उल्लेख है। अब मतदान के दिन सामने आए इन आरोपों के बाद बड़ा सवाल यही है—क्या चुनाव आचार संहिता सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है, या नियम तोड़ने वालों पर वास्तविक कार्रवाई भी होगी? DUSU चुनाव में निष्पक्ष और नियमबद्ध मतदान की जिम्मेदारी चुनाव प्रशासन की है। अब देखना होगा कि सामने आए उल्लंघन के आरोपों पर विश्वविद्यालय चुनाव समिति क्या कार्रवाई करती है।
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सदर अस्पताल के सफाई कर्मी धरने पर, तीन महीनों का वेतन बकाया

Deoghar, Jharkhand:देवघर सदर अस्पताल में सफाई का काम करने वाले कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला था, जिसमें से हाल में एक महीने का भुगतान किया गया है, जबकि अभी भी तीन महीने का वेतन बकाया है। बकाया राशि की मांग करने पर कर्मियों को काम से हटाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है सफाई कर्मियों के मुताबिक, सदर अस्पताल में सफाई का काम सामंता कंपनी के माध्यम से कराया जाता है। उनका कहना है कि कई महीनों से काम करने के बावजूद समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया गया। अब एक महीने का वेतन मिलने के बाद जब कर्मियों ने बाकी बकाया राशि की मांग की तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी गई।धरने पर बैठे कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि काम पर रखने से पहले कंपनी से जुड़े लोगों को पैसे देने पड़े थे। कर्मियों ने पूरे मामले की जांच कराने और बकाया वेतन का भुगतान जल्द कराने की मांग की है।वहीं, सफाई कर्मियों के धरने के कारण अस्पताल परिसर में कामकाज पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। कर्मियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
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