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इनर व्हील लिच्छवी क्लब ने इंफिनिटी कंप्यूटर सेंटर को लैपटॉप दान किया
Muzaffarpur, Bihar:आज इनर व्हील लिच्छवी क्लब ने इंफिनिटी कंप्यूटर सेंटर को एक लैपटॉप दान किया। इस सेंटर में लड़कियों को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करवाया जाता है। लैपटॉप की आवश्यकता को देखते हुए यह दान किया गया ताकि लड़कियां बेहतर कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर इंफिनिटी इंस्टिट्यूट की मालिक खुसबू ओझा, क्लब की अध्यक्ष लवली साहू, प्रियंका त्रिपाठी, मीरा श्रीवास्तव और अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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श्योपुर नदी में SDRF रेस्क्यू जारी, मोरडोंगरी नदी में बाढ़ से तलाश जारी
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर वहा व्यक्ति एसडीईआरएफ चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन, श्योपुर शहर के पास ही बहने वाली मोरडोंगरी नदी में वहा व्यक्ति, बारिश के चलते उफान पर है नदी, पिछले दो घंटे से तलाश जारी प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद0
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दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में भक्तों की पूजा-आरती और Janmashtami का उत्साह
Noida, Uttar Pradesh:Delhi: Devotees perform puja and rituals at Iskcon Temple, East of Kailash Janmashtami0
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शाम सात बजे का इनपुट है: ताजा जानकारी जारी
Noida, Uttar Pradesh:ये शाम सात बजे का इनपुट है0
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लखनऊ विभूतिखंड में कार और ऑटो की टक्कर, ऑटो चालक घायल, फरार कार चालक
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ विभूतिखंड थाने के पास कार और ऑटो में जोरदार टक्कर हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल अस्पताल में भर्ती टक्कर के बाद कार ऑटो को करीब 50 मीटर तक घसीटती ले गई हादसे के बाद कार सवार व्यक्ति मौके से फरार दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़ सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की विभूतिखंड पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुटी0
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बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए राहत-योजनाओं को मजबूत करने पर आपदा प्रबंधन की समीक्षा
Noida, Uttar Pradesh:लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आपदा प्रबंधन विभाग के साथ बैठक कर बिहार में विभिन्न नदियों, विशेषकर मां गंगा के बढ़ते जलस्तर की स्थिति की समीक्षा की। बाढ़ से संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सुदृढ़ रखने तथा आमजन की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को लेकर अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए。 जन-जीवन की सुरक्षा एवं प्रभावित लोगों को समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।0
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गाज़ियाबाद के कई हिस्सों में तेज बारिश, साहिबाबाद क्षेत्र का वीडियो वायरल
Noida, Uttar Pradesh:गाज़ियाबाद के कई हिस्सों में तेज़ बारिश हुई। वीडियो साहिबाबाद इलाके से है।0
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अभयार मामले में न्याय की प्रतीक्षा खत्म, कल गिरफ्तारी और फाइल फिर से खोली गई
Kharagpur, West Bengal:অভয়ার বিচারের জন্য প্রত্যেকে অপেক্ষায় আছে। তৎকালীন সরকার কোনভাবে বিচার দেয়নি। এবং সারা বাংলার মানুষ পথে নেমেছিল বিচারের জন্য। মানুষেরই রোশ আজকে সেটা বোঝা যাচ্ছে মানুষ কতটা অপেক্ষায় ছিল। এবং গতকাল গ্রেফতার হয়েছে। আমাদের মুখ্যমন্ত্রী অভয়ার বিচার করবেন, নতুন করে ফাইল খোলা হয়েছে। অভয়ার মা-বাপা বিচার পাবে। একটি মেয়ে যেভাবে নিঃসংশ ভাবে হত্যা করা হয়েছিল আজকে একটা বিচার এটা বাংলা এবং ভারতবর্ষের জন্য উদাহরণ হয়ে যাবে। মানুষের রোশ আছে। আমরা কখনো এই ধরনের জিনিসকে সমর্থন করি না। কিন্তু মানুষের যদি রোশ থাকে এতগুলো দিন চলে গেছে আজ আমাদের সরকার গ্রেপ্তার করেছে, আমরা চাই দোষের শাস্তি হোক।0
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अंधविश्वास के चक्कर में तीन लोगों की मौत: पारिवारिक त्रासदी से स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत
Ramgarh Cantonment, Jharkhand:एक बार फिर झाड़ फूंक के चक्कर में एक हंसते खेलते परिवार को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना हमारे समाज में गहरी जड़ें जमा चुके अंधविश्वास और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता की कमी के उस काले सच को उजागर करती है, जो आज भी अनमोल जिंदगियां लील रहा है। एक साथ तीन लोगों को तेज बुखार आना संभवतः मौसमी संक्रमण, वायरल फीवर या दूषित पानी से होने वाली बीमारी का लक्षण हो सकता था, लेकिन परिवार ने विज्ञान और चिकित्सा के बजाय तांत्रिक और ओझा-गुणी पर भरोसा किया। जिसका परिणाम एक परिवार का भविष्य और चैन हमेशा के लिए छिन गया। मामला रामगढ़ जिले के भदानी नगर ओपी क्षेत्र के पारगड़ा गांव का है जहां अंधविश्वास के चलते दो मासूम भाइयों की जान चली गई, जबकि उनकी मां अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ती रही, अंततः जिंदगी की जंग हार गई। बच्चों को समय पर अस्पताल ले जाकर बचाया जा सकता था, वे तीन दिन तक तंत्र मंत्र और झाड़ फूंक से ठीक करने की कोशिश करते रहे। इस बीच तीनों की तबियत बिगड़ती रही, लेकिन किसी ने अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। दोनों भाइयों की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए तो परिजन उन्हें रामगढ़ सदर अस्पताल ले गए जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उधर मां संगीता की भी धड़कन कमजोर पड़ गई, उन्हें फौरन रांची रिम्स ले जाया गया जहाँ उनकी भी मौत हो गई। पारगड़ा गांव के रहने वाले शंकर बेदिया के घर में बड़े बेटे रामकिसुन (15) और छोटे बेटे साहिल (10) के साथ उनकी पत्नी संगीता देवी को बीच में तीनों को तेज बुखार आ गया। तीनों एक साथ बुखार देखकर परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय घर में तांत्रिक को बुलाकर तीन दिन तक ओझा-नाया करते रहे। घर में अगरबत्ती जलती रही, तांत्रिक मंत्र पढ़ता रहा। इस बीच तीनों की हालत बदतर होती गई, लेकिन किसी ने अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। बच्चों की हालत बिगड़ते ही वे बेहोश हुए और रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाए गए, जैसे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर मां संगीता की भी धड़कन कमजोर पड़ गई, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए रांची रिम्स ले जाना पड़ा जहाँ उनकी भी मौत हो गई। पिता शंकर बेदिया उड़ीसा में हैं और रोजी-रोटी के लिए वहीं रहते हैं, उन्हें यह खबर मिलना भी मुश्किल है कि उनका हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। मामले की जानकारी मिलते ही पटरा तहसील के विकास पदाधिकारी गांव पहुंचे और मुआवजे के हिसाब से सहायता की बात कही। पीएचई विभाग की टीम ने भी गांव का दौरा किया और पानी के नमूने लिए ताकि दूषित पानी या संक्रमण की संभावना जानी जा सके। आगे इस घटना से गांव में मातम पसर गया है और लोग सोच रहे हैं कि अगर समय पर अस्पताल ले जाते, तो इन दोनों भाइयों और माँ की जान बच सकती थी। ऐसे मामलों से यह सोच प्रेरित होती है कि स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता अभियानों को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।0
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बोकारो के गोमिया में हाथियों का एक बार फिर हमला, किसान दहशत में
Bokaro Steel City, Jharkhand:Bokaro,, Mrityunjai Mishra ----- बंगाल की ओर निकला हाथियों का झुंड एक बार फिर वापस बोकारो के गोमिया लौटा है, गांवों में फिर बढ़ा डर! वन विभाग और रेस्क्यू टीम भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है。 बताते चले कि बोकारो के बेरमो के लुगू पहाड़ क्षेत्र से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है。 37 हाथियों का झुंड एक बार फिर गांवों की ओर लौट आया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है。 दरअसल, लुगू पहाड़ में करीब हाथियों का झुंड कुछ समय पहले बंगाल की ओर चला गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब ये हाथी राजरप्पा क्षेत्र होते हुए फिर से वापस लौटकर बोकारो के गोमिया प्रखंड की ओर पहुंच गया हैं。 बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड राजरप्पा के कुसुमडीह के पास से गोमिया क्षेत्र में दाखिल हुआ है。 हाथियों के वापस आने की खबर से आसपास के गांवों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।सबसे बड़ी परेशानी किसानों के लिए है。 हाथियों ने पन्नू गांव और छोटकी पन्नू क्षेत्र में खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाया है। कई खेतों में खड़ी फसल को रौंद दिया गया。 वहीं, हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को रात के समय विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग और रेस्क्यू टीम भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है。 इस पूरी घटना के बीच एक और बड़ी चुनौती हाथियों के प्राकृतिक कॉरिडोर और उनके आवागमन का रास्ता भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में हाथी रास्ता बदलकर दूसरे इलाकों में पहुंच सकते हैं। ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि हाथियों का झुंड गोमिया, बेरमो और लुगू पहाड़ से सटे जंगलों में लगातार आवाजाही कर रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, उन्हें घेरने या भगाने की कोशिश न करें और रात में जंगल अथवा खेतों की तरफ जाने से बचें。0
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मौलाना चांद मियां: नई चर्चा शुरू
Noida, Uttar Pradesh:मौलाना चांद मियां0
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शहडोल मेडिकल कॉलेज: मरीज कांधे पर ढोए गए, बेड-व्हीलचेयर अभाव पराकाष्ठा
Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल - मरीज को कांधे पर ढोने की मजबूरी, मेडिकल कॉलेज में व्हीलचेयर तक नदारद। बिरसा मुंडा शासकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं की बदहाली का शर्मनाक नजारा सामने आया। मरीज के स्वजन उसे गोद में और कांधे पर उठाकर जांच व दवा के लिए भटकते नजर आए। व्हीलचेयर मांगी गई तो स्टाफ ने उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने भी मरीज की मदद नहीं की और मूकदर्शक बने रहे। मरीज को कांधे पर ले जाते स्वजनों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि हम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं। मरीजों का आरोप - बेड, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और दवाओं तक के लिए रोज जद्दोजहद करनी पड़ती है। वार्डों में सफाई व्यवस्था भी बदहाल, गंदगी के बीच मरीज रहने को मजबूर हैं। मामल में डीन डॉ. बीजी रामटेके ने “दिखवाते हैं” कहकर जवाब दिया। लगातार शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं, आखिर कब सुधरेंगी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं?0
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जाफरनगर और मुंगेर में गंगा कटाव से 200 घर खतरे में
Munger, Bihar:जाफरनगर में गंगा का भीषण कटाव, 200 घरों पर मंडरा रहा खतरा ,कटाव स्थल से महज 15 से 20 फीट दूर घनी आबादी, एक हजार से अधिक लोगों पर संकट; कई परिवार घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर कर रहे पलायन。 मुंगेर: जिले में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ गंगा पार दियारा क्षेत्र में कटाव का सिलसिला तेज हो गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जाफरनगर पंचायत के वार्ड संख्या चार और पांच में गंगा का भीषण कटाव हो रहा है। कटाव तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों को घर और जमीन गंगा में समाने की चिंता सताने लगी है।ग्रामीणों के अनुसार, कटाव स्थल से महज 15 से 20 फीट की दूरी पर घनी आबादी है। यहां करीब 200 घर हैं, जिनमें एक हजार से अधिक लोग रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव की यही स्थिति बनी रही तो बड़ी संख्या में घर गंगा की धारा में समा सकते हैं। इससे बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों का आरोप है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटाव के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कटावरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया है। प्रभावित क्षेत्र में आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा महज दो नावों की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित आबादी के लिए दो नाव पर्याप्त नहीं हैं।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कटाव को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कई घर गंगा में समा सकते हैं। इधर कटाव के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घर खाली कर जरूरी सामान के साथ ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने लगे हैं।0
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मुंडन करके दबाव बढ़ाने, नगर पालिका कर्मचारियों ने 13 सितम्बर मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी
Jhanj Kalan, Haryana:नौकरी पक्की होने तक नहीं हटेंगे — सफाई कर्मचारियों ने खोला मोर्चा 13 सितम्बर को प्रदेशभर के नगर पालिका कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव का ऐलान कर्मचारी नेता संजीव ढांडा जिला प्रधान जींद ने कहा कि सरकार गरीब और दलित समुदाय से जुड़े कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में कर्मचारियों को मुंडन करवाने जैसा कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है और उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की चेतावनी दी जा रही है, लेकिन कर्मचारी किसी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अबकी बार पक्का पत्र और पक्की नौकरी का पत्र लेकर ही आंदोलन से उठेंगे।” उन्होंने बताया कि आज पांच कर्मचारियों ने मुंडन करवाया है और यदि कमेटी ने निर्णय लिया तो बड़ी संख्या में कर्मचारी भी मुंडन करवाने के लिए तैयार हैं। सरकार के उस आदेश पर भी कर्मचारी नेता ने सवाल उठाया, जिसमें कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे हैं और किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। संजीव ने कहा कि उनकी हड़ताल 6 सितंबर तक जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 13 सितम्बर को प्रदेशभर के नगर पालिका कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारी नेता ने सरकार से विधानसभा में किए जा रहे दावों को धरातल पर लागू करने की मांग की और कहा कि कर्मचारियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पक्की नौकरी और मांगों को पूरा करने का लिखित पत्र चाहिए。0
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नोएडा में बारिश ने NCR के कई हिस्सों को भिगो दिया; Sector 85 दृश्य
Noida, Uttar Pradesh:Noida: Rain Lashes Parts of The National Capital Region/ Visuals From Sector 850
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श्यामलाल पाल पंकज के लिए बाइट
Noida, Uttar Pradesh:श्यामलाल पाल बाईट पंकज के लिए0
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