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Santosh TiwariSantosh TiwariFollow3 Jul 2024, 05:22 am
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ढिकवानी जंगल में अतिक्रमण से वनभूमि खाली, खेती की जमीन बन रही है

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:बारां जिले के समरानियां कस्बे के निकट ढिकवानी के जंगल इन दिनों अतिक्रमणकारियों की काली नजरों के निशाने पर हैं। जंगल की बेशकीमती भूमि से हरे पेड़ों को साफ कर उसे खेती योग्य जमीन में बदलने की होड़ मची है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में वन विभाग की मौन स्वीकृति और सिस्टम की मिलीभगत स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। वन भूमि पर अवैध कब्जे की पराकाष्ठा तो तब देखने को मिलती है जब वहां न केवल ट्यूबवेल लग जाते हैं, बल्कि बिजली के कनेक्शन भी जारी कर दिए जाते हैं। नियमानुसार कृषि बिजली कनेक्शन के लिए खेत की नकल अनिवार्य है, लेकिन वन भूमि पर कनेक्शन मिलना बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, कब्जे वाली भूमि पर चारदीवारी और बड़े-बड़े फार्म हाउस बना दिए गए हैं, जिन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह कभी वन विभाग की संरक्षित भूमि रही होगी। सरकार भले ही विदेशों से चीते लाकर वन्यजीवों के संरक्षण का ढिंढोरा पीट रही हो, लेकिन ढिकवानी के धरातल पर हकीकत बिल्कुल उलट है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, कभी यहाँ घना जंगल हुआ करता था, जहाँ खूंखार वन्यजीवों का बसेरा था। आज अतिक्रमण के चलते जंगल का वजूद मिट चुका है, जिससे वन्यजीवों के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। प्राकृतिक आवास छिनने से जंगली जानवर अब आबादी की ओर रुख करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। केवल खानापूर्ति कर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का खेल खेला जा रहा है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय में यहाँ जंगल का नामोनिशान भी नहीं बचेगा।
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मोहाली गुरुद्वारे में निहंगों के स्वागत के दौरान हंगामा, बाबा जसदीप सिंह पर हमला

Noida, Uttar Pradesh:मोहालीउत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले से रिहा होकर पंजाब लौटे निहंगों के स्वागत समारोह के दौरान रविवार को मोहाली के गुरुद्वारे में हंगामा हो गया। समारोह के बीच एक व्यक्ति ने निहंग बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की। इससे गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। जसदीप सिंह वही व्यक्ति है जो देहरादून कूच के समय मौजूद था और लगातार ये मांग कर रहा था कि चारों सिखों को उत्तराखंड सरकार जल्द से जल्द रिहा करे। हालांकि हमले में जसदीप को आरोपी किसी तरह का नुकसान नहीं पहुचा सका। मौके पर मौजूद निहंगों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर दी। उसके कपड़े फाड़ दिए। बाबा जसदीप सिंह रिहा हुए चारों साथियों के साथ गुरुद्वारे में पहुंचे थे पुलिस की बाईट
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मोहनिया NH-19 पर तीन ट्रेलरों की भिड़ंत, चालक कैबिन में फंसा; वाराणसी रेफर

Khajuria Khurd, Bihar:स्थानीय लोगों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला, प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में वाराणसी रेफर वियो - मोहनिया में एनएच-19 स्थित पटना मोड़ के समीप सासाराम से मोहनिया की ओर आ रहे तीन ट्रेलर आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सबसे पीछे चल रहे बालू लदे ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन के भीतर ही फंस गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही एनएचएआई की टीम और स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई। घायल चालक को तुरंत एनएचएआई की एंबुलेंस से मोहनिया अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। घायल की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर (बरैथा गांव) निवासी रवि कुमार के रूप में हुई है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित तिवारी ने बताया कि चालक को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, जिसके कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद सबसे आगे चल रहा ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया। वहीं, हाईवे पर जाम से निपटने के लिए एनएचएआई ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलरों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
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हरिद्वार में वन कर्मियों पर हमला: तीन गिरफ्तार, जाली नोटों का खेल उजागर

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज / हरिद्वार हरिद्वार के श्यामपुर में वन कर्मियों पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, कार्रवाई के दौरान जाली नोटों का बड़ा खेल भी उजागर हुआ。 वन आरक्षियों से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और मोबाइल तोड़ने के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर दबोच लिया。 आरोपियों की कार की तलाशी में ₹500 के 105 जाली नोट, लोहे की रॉड और अन्य संदिग्ध सामान बरामद होने से जांच ने नया मोड़ ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम कश्यप, अनुल और विकास सिंह के रूप में हुई है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है。 श्यामपुर पुलिस अब जाली नोटों के नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है और बरामदगी के आधार पर मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है。 एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
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बस्ती में पिता-पुत्र की मौत, गांव में पसरा मातम

Basti, Uttar Pradesh:कभी-कभी किस्मत ऐसा दर्द देती है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल हो जाता है। बस्ती में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पहले पिता की मौत हुई और कुछ ही देर बाद पिता का शव देखकर सदमे में आए 15 वर्षीय बेटे ने भी दम तोड़ दिया। एक ही घर से एक साथ दो अर्थियां उठीं तो पूरे गांव में मातम پसर गया। बस्ती के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के परसा हज्जाम गांव में रविवार को एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। 50 वर्षीय ज्योति प्रकाश अपने नए मकान की नींव भराई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। शरीर में कमजोरी महसूस हुई और तेज पसीना आने लगा। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजन जब ज्योति प्रकाश का शव लेकर घर पहुंचे तो वहाँ मौजूद उनका 15 वर्षीय बेटा राज अपने पिता का शव देखते ही बेसुध होकर गिर पड़ा। घबराए परिजन उसे भी तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे राज ने भी दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में किशोर की मौत सदमे के कारण हुई है। कुछ ही घंटों के भीतर पिता और पुत्र की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर आंख नम है। ग्राम प्रधान रजवंत यादव ने बताया कि दिवंगत ज्योति प्रकाश का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका नाम सूची में पहले स्थान पर था और जिस मकान के लिए उन्हें आवास मिला था, उसी की नींव भराई का काम करते समय उनकी तबीयत बिगड़ी और उनके मौत हो गई। जिस घर में नए आशियाने का सपना सज रहा था, उसी घर से कुछ घंटों के भीतर पिता और बेटे की अर्थियां उठीं। यह दर्दनाक घटना पूरे इलाके को गमगीन कर गई है और पीछे छोड़ गई है केवल आंसू, सन्नाटा और अधूरे सपने.
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किशनगंज DM नवीन कुमार की त्वरित कार्रवाई: नदी कटाव से किसानों को बचाने के कदम

Kishanganj, Bihar:किशनगंज में पदभार ग्रहण करते ही आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए किशनगंज के नव नियुक्त जिला पदाधिकारी नवीन कुमार एक्शन मोड में दिख रहे हैं। उन्होंने 22 जून को जिले की बागडोर संभालने के बाद से नदी कटाव और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने त्वरित पहल शुरू कर दी है। जिले के कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत दौला पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों द्वारा महानंदा नदी के कटाव को लेकर जिला पदाधिकारी से लिखित शिकायत किये जाने के बाद, डीएम नवीन कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ दौला पंचायत के बसंतपुर फुलबाड़ी गांव पहुंचकर महानंदा नदी के अत्यंत संवेदनशील कटाव वाले क्षेत्रों का विस्तृत संयुक्त निरीक्षण किया। साथ ही जिले के अन्य कटाव प्रभावित इलाकों का भी स्थलीय जायजा लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष बरसात के मौसम में महानंदा नदी अपना विकराल रूप धारण कर लेती है। इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित होते हैं और सैकड़ो एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी की भेंट चढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कटाव की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नदी किनारे बसे परिवार हर साल अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो जाते हैं। किसानों की उपजाऊ जमीन महानंदा नदी में समाने से उनकी आजीविका पर गहरा संकट छा गया है। डीएम नवीन कुमार ने कहा कि उन्होंने जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद से बाढ़ और नदी कटाव से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर नदी कटाव का जायजा लिया जा है। साथ ही निरीक्षण के आधार पर संबंधित विभागों को कटाव निरोधी कार्यों को शीघ्र शुरू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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दिग्विजय सिंह के खिलाफ कांग्रेस में घमासान: समूहों का आरोप-प्रत्यारोप तेज

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कांग्रेस में अंदरूनी घमासान जारी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग के स्टेट कोऑर्डिनेटर मनोज सेन ने दिग्विजय सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर किया पोस्ट पोस्ट में लिखा...ये भाजपा एजेंट का चमकदार चेहरा बता रहा सब कुछ. मैने कॉंग्रेस के वफादार कॉंग्रेससीयों के चेहरे पर ये चमक नही देखी दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनाव एक बार 4लाख पचास हजार वोट से और एक बार 200000 वोट से हारा और उसका भाई लक्ष्मण सिंह सन 2023 में चाचौड़ा विधानसभा से 70 हजार वोटो से हारा और दिग्विजय सिंह का पुत्र जयवर्धन सिंह कुल 4000 वोट के आसपास 2023 चुनाव जीत पाया बो भी तब जब दिग्विजय सिंह ने षडयंत्र कर जयवर्धन के सामने भाजपा से मिलकर भाजपा का कमजोर उम्मीदवार खड़ा करवाया वाया अब यह भाजपा के एजेंट चाहते हैं की पूरी की पूरी कांग्रेस पर इनका कब्जा रहे कृपया सभी लोग इनको पार्टी से बाहर करने की मांग उठाएं हम सबकी आन बान और शान युवाओं की आत्मा सभी कांग्रेसियों का सम्मान अब राहुल गॉंधी जी समझ चुके है उस समय का अपरिपक्व केन्द्रीय कॉंग्रेस नेतृत्व समझ नही पाया ये भूल अब नही होगी ,, दिग्विजय सिंह कॉंग्रेस की राजनिती में ऐसा नाम जिसके नाम का भय इतना की मध्य प्रदेश में 20%वोट कॉंग्रेस का कम हो जाता है इस बात को राहुलजी समझ चुके है 27 जून 2026 मनोज सेन ग्वालियर मध्य प्रदेश के समस्त सच्चे कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेताओं विधायकों आप सभी अच्छे से जानते हो कॉंग्रेस के लिये BJP मध्य प्रदेश में कोई चुनौती नही चुनौती तो कांग्रेस में बैठा हुआ भाजपा का एजेंट दिग्विजय सिंह है आदरणीय दिवंगत नेता अर्जुन सिंह जी के पुत्र अजय सिंह जी सहित विंध्याचल में दिग्विजय सिंह ने बृहामणो को कॉंग्रेस पार्टी में ठिकाने लगाते लगाते कॉंग्रेस को ही ठिकाने लगा दिया 100% दिग्विजय सिंह एक ऐसा नाम जिनका नाम सुनते ही कांग्रेस पार्टी से लोग दूर भागने लगते हैं कांग्रेस को मिलने वाला वोट 25% और काम हो जाता है कृपया कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ध्यान दें मनोज सेन कॉंग्रेस नेता ग्वालियर से स्टेट कोऑर्डिनेटर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग विंध्याचल का सारा की सारा ब्राह्मण कांग्रेस के खिलाफ क्यों कौन इसका जिम्मेदार27 जून 2026 मनोज सेन ग्वालियर से कॉंग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह जी के पुत्र अजय सिंह जी को कमजोर करने वाले दिग्विजय सिंह जिनके कुकर्मों की वजह से कांग्रेस को 2003 में 38 2008 में 71 ,, 2013 में 58 _परड सिमट गई इन चुनाव में पूरणतः कांग्रेस दिग्विजय सिंह और अजय सिंह के हवाले रही वही दिग्विजय सिंह जिसने उनके संभाग में अजय सिंह को ठिकाने लगाते लगाते उस संभाग में कॉंग्रेस को पूर्ण रूप से ठिकाने लगा दिया जब 2018 का चुनाव आया उस चुनाव में संभाग की कमान सिंधिया के हाथों में रही और टिकट वितरण में भी सिंधिया का अस्तित्व थोड़ा बढ़ गया परिणाम सामने आया कांग्रेस की सरकार बनी जो दिग्विजय सिंह को हजम नहीं हुई और उसने एक साल के अंदर कांग्रेस की सरकार गिरवा दी उसके बाद से आप कांग्रेस की हालत आज तक देख रहे हैं इसका पूर्ण रूप से जिम्मेदार दिग्विजय सिंह ही है सिर्फ राहुल गॉंधी जी से न्याय की आखिरी उम्मीद फऱजी सॉंसद अशोक सिंह बताये मनोज सेन उम्र 54 वर्ष ग्वालियर ने कॉंग्रेस पार्टी के लिये 26 वर्ष तक चौबीसो घंटे अपने घर परिवार को देने वाले समय मजबूत आधार की जगह पार्टी अपना सब कुछ नही दिया क्या आज इन दिग्विजय सिंह गैंग ने क्या किया सिर्फ हम जैसे अति सक्रिय कार्यकर्ताओं को पीछे करने के अलावा कुछ नहीं किया अब इन उसकी गैंग को कैसे छोड दिया जाये जो कॉंग्रेस को दीमक की तरह खा रहे हैं नाई, धोबी, तेली, भोई ,कुम्हार ,पशुपालक और जो भी वास्तविक पिछड़े वर्ग के नेताओं को ये मानते है कि वे दिग्विजय सिंह के जूते की धूल के एक कण के बराबर भी नही ऐसे विचारवादी गॉंधीबादी कैसे हो सकते है ये लोग ही भाजपा हैं और यह लोग ही कांग्रेस में बैठे हुए भाजपा के एजेंट हैं महापदम नंद नाम सुना होगा , कपूरी ठाकुर , वीरप्पा मोइली गुलजारी लाल नंदा , स्टालिन इनका भी नाम सुना होगा ये जनसेवा मे समर्पित रहे गोवा में भाजपा सरकार किसने बनवाई कौन था गोवा का प्रभारी कांग्रेस पार्टी से नागफनी का वृक्ष हाय रे मेरा पुत्र मेरा भाँजा मेरा भतीजा और फिर मेरे और मेरे कुनवे के गुलाम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह जब तक कॉंग्रेस सरकार रही 2003 तक सत्ता के केन्द्र रहे बिजली मीटर से लेकर रोडवेज को चाटने से लेकर वर्ग विशेष लोगो की रोडवेज सृजन का कार्य और भी बहुत सारे है जब सरकार गिरी 2003 में उसके बाद लक्ष्मण सिंह को भाजपा में जाने की जरूरत क्यों पड़ी कांग्रेस विचारधारा से उनके विचार नहीं मिले तो फिर 2017 में कांग्रेस में वापसी की जरूरत क्यों पड़ी और यही लक्ष्मण सिंह जब कांग्रेस मजबूती से जीतू पटवारी के निर्देशन में आगे बढ़ रही है तब यह केन्द्रीय नेतृत्व राहुल गांधी जी पर सवाल जिस राहुल गॉंधी का लोहा पूरा देश मान रहा है पूरी कॉंग्रेस मानती है विपक्ष मान रहा है उस राहुल गॉंधी जी के परिवर्तन की मांग लक्ष्मण सिंह कर रहा है और इस पर दिग्विजय सिंह मौन है यह कहें उसका समर्थन है एक झटके में संपूर्ण मध्य प्रदेश के कार्यकर्ताओं सहित जीतू पटवारी जी की 2 साल से की हुई कड़ी मेहनत 50% नीचे कर दी यानी जो कांग्रेस आज 64 सीटों पर है वह वर्तमान में उसकी ताकत 30 सीटों पर पहुंचा दी 18%वोट एक झटके में कम करा दिया ये कॉन्ग्रेस का खलनायक नही तो क्या इस बात को मोदी के अंध भक्तो की तरह कॉन्ग्रेस में बैठी एक वर्ग विशेष की टीम नही समझ सकती ये वर्ग विशेष ही दिग्विजय Singh के प्रति समर्पित भाजपा के ठोस एजेंट है महा खलनायक दिग्विजय सिंह का लक्ष्य मध्य प्रदेश में कॉंग्रेस की जमानत जप्त करवाना राहुल गॉंधी जी कॉंग्रेस मे आतंक दिग्विजय सिंहजाएगी महाखलनायक ((खलनायक ग्वालियर चंबल के हर क्षेत्र के विकास बाधक)) मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलो में कॉंग्रेस दिग्विजय सिंह के समर्थक कॉंग्रेस जिला अध्यक्षों से कांग्रेस को मुक्त कराने की आवश्यकता नहीं तो 2028 में कांग्रेस 20 सीटों पर सिमट जाएगी दिग्विजय सिंह से मुक्ति बढेगी कांग्रेस की शक्ति दिग्विजय सिंह ही है भाजपा एजेंट कॉंग्रेस में मनोज सेन नंदवंशीय कॉंग्रेस नेता ग्वालियर से दिग्विजय सिंह ही है मध्यप्रदेश का खलनायक नवंबर 1993 में जमुना देवी के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी हडपकर मध्य प्रदेश कॉंग्रेस में आदिवासियों का भरोसा कॉंग्रेस से दूर करने के साथ सिर्फ तिकड़मी राजनिति का गुरु घोर जातिबादी नेता ये दिग्विजय सिंह, अपने लाभ के लिये उत्तर प्रदेश में मायावती को वित्तीय पोषित कर कॉंग्रेस को उत्तर प्रदेश में खत्म करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा इसी दिग्विजय सिंह ने की राजनीति को समझने वाले लोग जानते हैं यह दिग्विजय सिंह उस समय का असदुद्दीन ओबीसी रहा है मध्य प्रदेश के अंदर ऐसपुतवोट टून जो संपूर्ण भारत में नहीं था वह सीधे-सीधे भारतीय संविधान के खिलाफ था वह कानून दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश में लाया पूरे देश में कहीं भी ऐसा कानून नहीं था जिस किसी भारतीय के three or more बच्चों होंगे वह मध्यप्रदेश में ना तो सरकारी नौकरी कर पाएगा ना ही कोई चुनाव लड़ पाएगा यह कानून दिग्विजय सिंह लाया जो देश में अलगाव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई और आज पिछले महीने तक यह कानून मध्यप्रदेश में लागू रहा है अभी सुनने में आ रहा है मोहन यादव की सरकार ने दिग्विजय सिंह के बने कानून हटाए है मध्य प्रदेश में रोजगार के अकाल के जनक दिग्विजय सिंह ही रहे हैं जैसा आज भारत की मोदी सरकार युवाओं के रोजगार छीनने का काम कर रही है इस प्रकार का काम दिग्विजय सिंह की सरकार कर चुकी है मध्य प्रदेश के युवाओं साथ हजारो कर्मचारियों को नोकरीयों से निकाला मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से होने वाली भर्ती रिक्त पदों शून्यता ,मध्य प्रदेश रोडवेज का सर्वनाश दिग्विजय सिंह ने किया मध्य प्रदेश में कॉंग्रेस की बुरी हार दिग्विजय सिंह के कुकर्मों का ही नतीजा दिग्विजय सिंह के कुकरमो से गायब हुई कॉंग्रेस आज तक खडी नही हो सकी जबकी कॉंग्रेस ने 2003 मध्य प्रदेश चुनाव होने के बाद में 2004 से लेकर 2014 केंद्र में सरकार चलाई पर दिग्विजय सिंह के कुकर्मों की वजह से मध्य कॉंग्रेस पनप ही नही पाई सच्चे कॉंग्रेसियों परम आदरणीय नेहरू गॉंधी परिवार के साथ कँधे से कँधा मिलाकर जनता की लड़ाई लडो़ पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग साथ साथ अपने सम्मान की भी रक्षा करो साथ-साथ भाजपा के एजेंटों की गैंग से दूरी है जरुरी ये एजेंट कभी कॉंग्रेस विचारधारा की सरकार नही बनने देंगें ये एजेंट दिग्विजय Singh खुद 2. बार बुरी तरह लोकसभा चुनाव हारे 5 lakh मतों से और ईनाम में राज्य सभा मिली और उनकी गैंग के दूसरे अशोक सिंह जो लगातार कॉंग्रेस पार्टी के टिकट पर 4 बार लोकसभा चुनाव हारे राज्य सभा में सॉंसद니 मिली
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अनंतनाग में SANJY-2026 हेतु mock drill से सुरक्षा तैयारी मजबूत

Aram Pora, Ganderbal, As part of the elaborate security preparedness for the forthcoming Shri Amarnath Ji Yatra (SANJY-2026), Anantnag Police conducted a comprehensive mock drill based on a simulated sniper attack scenario at Langabal, Pahalgam, to assess and enhance the operational readiness of security forces. The exercise was designed to evaluate the effectiveness of emergency response protocols, inter-agency coordination, and tactical decision-making in the event of a hostile attack. Upon activation of the simulated threat, security personnel swiftly secured the area, neutralized the situation through coordinated tactical measures, facilitated the safe evacuation of civilians, managed simulated casualties, and carried out area domination and search operations in accordance with established Standard Operating Procedures (SOPs). The mock drill witnessed the active participation of Anantnag Police, CRPF, Health Department, Fire & Emergency Services, SDRF, and other stakeholder agencies, reflecting a high level of coordination and preparedness among all responding teams. Anantnag Police remains steadfast in its commitment to providing a secure and peaceful environment for pilgrims and the general public during SANJY-2026. Such realistic training exercises are conducted regularly to reinforce preparedness and ensure a swift, coordinated, and effective response to any security contingency.
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SANJY-2026 की सुरक्षा तैयारी के तहत अनंतनाग में हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल

Aram Pora, Ganderbal, In continuation of the extensive security preparations for the forthcoming Shri Amarnath Ji Yatra (SANJY-2026), Anantnag Police today conducted a high-intensity mock drill based on a simulated fidayeen attack at Nunwan Base Camp, Pahalgam. The exercise was aimed at testing the preparedness, responsiveness, and coordination of security and emergency response agencies in dealing with a high-risk terrorist contingency. The scenario simulated an attempted fidayeen attack on the base camp, prompting an immediate activation of the emergency response mechanism. Upon receipt of the simulated alert, security forces swiftly secured the base camp, isolated the affected area, neutralized the simulated threat through coordinated tactical action, evacuated pilgrims and civilians to designated safe zones, provided prompt medical assistance to simulated casualties, and carried out systematic search and sanitization operations in accordance with established Standard Operating Procedures (SOPs). The mock exercise witnessed the active participation of Anantnag Police, CRPF, SDRF, Health Department, Fire & Emergency Services, and other stakeholder agencies, demonstrating a high degree of interoperability and coordinated response under simulated emergency conditions. Anantnag Police remains fully committed to ensuring the safety and security of all pilgrims, visitors, and local residents during SANJY-2026. Regular mock drills and scenario-based exercises continue to be conducted to maintain the highest level of operational preparedness and ensure a swift and effective response to any security challenge.
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