icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

रुद्रप्रयाग में चट्टान टूटने से मंदाकिनी नदी में उफान खतरा, सतर्क रहने की अपील

Noida, Uttar Pradesh:रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के बीच, बंटोली के पास एक चट्टान का हिस्सा टूट गया, जिससे मोरखंडा नदी में भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बह गए। इस घटना से नदी का पानी का लेवल बढ़ गया है और मंदाकिनी नदी का पानी का लेवल भी अचानक बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। DDRF मध्यमहेश्वर से मिली जानकारी के बाद, कुंड में रेणु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच, रुद्रप्रयाग नगर पालिका और तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि और उखीमठ की नगर पंचायतों में लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं, जिसमें नदी किनारे के इलाकों में रहने वालों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और नदी घाटों से दूर रहने की अपील की है। कमजोर और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इमरजेंसी की स्थिति में, लोगों से तुरंत डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर या लोकल प्रशासन से संपर्क करने, अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है。
0
0
Report

गंगोत्री ग्लेशियर की छोटी झीलों से तत्काल खतरा नहीं; निगरानी जारी

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून: गंगोत्री ग्लेशियर इलाके में कुछ छोटी ग्लेशियल झीलें बनने और उनसे जुड़े खतरों के बारे में अलग-अलग मीडिया में खबरें आ रही हैं। इन खबरों को देखते हुए, उत्तराखंड स्टेट डिज़ disaster मैनेजमेंट अथॉरिटी (USDMA) ने वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालयन जियोलॉजी से साइंटिफिक असेसमेंट और मौजूदा हालात पर अपडेट मांगा है। इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इलाके में देखी गई ज़्यादातर छोटी ग्लेशियल झीलें टेम्पररी होती हैं और उनमें पानी की मात्रा बहुत कम होती है। ये झीलें मुख्य रूप से तब बनती हैं जब ग्लेशियर की सतह से पिघला हुआ पानी बर्फ पर छोटे-छोटे गड्ढों में टेम्पररी तौर पर जमा हो जाता है। इनका साइज़ और पानी की मात्रा तापमान, बर्फ और बर्फ के पिघलने, बारिश और सतह की स्थितियों में बदलाव के आधार पर तेज़ी से बदल सकती है। इसलिए, ऐसी झीलें पानी के निकलने, दोबारा जमने या ग्लेशियर की सतह में बदलाव के कारण अपने आप गायब होने से पहले कुछ समय तक दिखाई दे सकती हैं। गंगोत्री ग्लेशियर इलाके में देखी गई झीलें साइज़ में काफी छोटी होती हैं और उनमें पानी की मात्रा बहुत कम होती है। बड़ी ग्लेशियल झीलों के उलट, इनमें आमतौर पर बहुत ज़्यादा पानी जमा करने की क्षमता नहीं होती है। इसलिए, अभी मौजूद साइंटिफिक सबूतों के आधार पर, इन छोटी सुपरग्लेशियल झीलों से बड़े पैमाने पर बाढ़ या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का कोई तुरंत खतरा नहीं देखा गया है। किसी ग्लेशियल झील से होने वाले संभावित खतरे का अंदाज़ा सिर्फ़ उसके होने के आधार पर नहीं लगाया जाता, बल्कि उसके साइज़, पानी की मात्रा, पानी जमा करने की खासियतों, आस-पास या बर्फ/मलबे वाले स्ट्रक्चर के नेचर, पानी निकलने के संभावित रास्तों और इलाके की बड़ी ज्योग्राफिकल स्थितियों की पूरी जांच करके लगाया जाता है। गंगोत्री ग्लेशियर इलाके में समय-समय पर दिखने वाली छोटी सुपरग्लेशियल झीलें ज़्यादातर टेम्पररी होती हैं, साइज़ में छोटी होती हैं और उनमें पानी की मात्रा कम होती है। उनका बनना और गायब होना ग्लेशियर के नेचुरल मौसमी और सतही प्रोसेस का हिस्सा है। अभी के साइंटिफिक अंदाज़े के आधार पर, इन छोटी झीलों से तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं है。 देहराडून का वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ हिमालयन जियोलॉजी, उत्तराखंड स्टेट डिज़ Disaster मैनेजमेंट अथॉरिटी के साथ मिलकर, पहले से ही ग्लेशियल झीलों की सैटेलाइट-बेस्ड और फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि मौसम में बदलाव और बर्फ़ और बर्फ़ पिघलने की बदलती स्थितियों की वजह से हिमालय के ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों में होने वाले बदलावों को ट्रैक किया जा सके。
0
0
Report
Advertisement

लखनऊ LDA ने अवैध निर्माणों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई इलाकों में सील

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊLDA का अवैध निर्माणों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन अलीगंज में आवासीय भू-उपयोग पर बनी 6 अवैध व्यावसायिक इमारतें सील चिनहट और गोमती नगर में 8 अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई अलीगंज की चन्द्रलोक कॉलोनी में एलडीए प्रवर्तन टीम ने की कार्रवाई सील इमारतों में शोरूम, रेस्टोरेंट, निजी बैंक और गोदाम संचालित थे बिग बॉस्केट गोदाम और बॉक्स स्पोर्ट्स सेंटर भी सील किए गए स्थानीय लोगों के विरोध के बीच अलीगंज में हुई कार्रवाई गोसाईंगंज, बिजनौर और दुबग्गा में भी चला एलडीए का बुलडोजर 30 बीघा में की जा रही 13 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त गोसाईंगंज के दाउद नगर में 8 बीघा अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई बिजनौर के हिमांचल नगर में 2 बीघा प्लाटिंग ध्वस्त दुबग्गा क्षेत्र में 20 बीघा में की जा रही 10 प्लाटिंग ध्वस्त एलडीए से ले-आउट स्वीकृत कराए बिना हो रही थी अवैध प्लाटिंग
0
0
Report
Advertisement

खेत की फेंसिंग से झटका: एक मजदूर की मौत, आठ घायल

Sagar, Madhya Pradesh:जानवरों से खेत को बचाने के लिए तार फेंसिंग में लगाई करंट की झटका मशीन मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हुई जब इसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि आठ को भी करंट की वजह से मामूली नुकसान हुआ है।महराजपुर थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव के एक खेत में मजदूर काम कर रहे थे, फसल को जानवरों से बचाने के लिए तार फेंसिंग लगाई गई है और झटका मशीन चलती है ताकि इन तारों के सम्पर्क में आने पर जानवर हल्का करंट का झटका लगे और वो भाग जाएं लेकिन आज इस खेत के मजदूर काम बंद करके खाना खाने बैठे थे तभी एक मजदूर 20 साल का राजू आदिवासी के हाथ इन तारों पर चले गए और राजू को झटका लगने की बजाए तारों ने अपनी ओर खींचा और वो उनसे चिपक गया। राजू को बचाने वहां मौजूद दूसरे मजदूर भी दौड़े और उन्हें भी करंट लगा। राजू चपेट से बाहर आया और उसे देवरी के सरकारी अस्पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं आठ मजदूरों को इलाज देकर घर जाने दिया गया है। फिलहाल महराजपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
0
0
Report

गोगामेड़ी मेले के लिए पहली बार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलेगी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में गोगामेडी मेले के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी. बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के माध्यम से कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी. अलीगढ़ से गोगामेडी के बीच यह ट्रेन चलेगी. श्रद्धालु बिना रिजर्वेशन यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन आज से अगले 3 दिनों तक संचालित होगी. 9 स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव रहेगा. गोगामेडी मेले के अवसर पर राजस्थान से बाहर के श्रद्धालुओं के लिए पहली बार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा. गोगामेड़ी मेले के लिए अंतर रेलवे स्पेशल ट्रेन श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक साबित होगी. मेला अवधि में यात्रियों की अधिकता के मद्देनजर रेलवे ने यह पहल की है. बिना अग्रिम आरक्षण के यात्रा की सुविधा मिलने से श्रद्धालु लाभान्वित होंगे. ट्रेन शेड्यूल: 04749 गोगामेडी-अलीगढ़ बुधवार से 4 सितम्बर तक; रवाना गोगामेडी शाम 7:05; अगला दिन सुबह 4:50 अलीगढ़; 04750 अलीगढ़-गोगामेडी मेला स्पेशल 3 से 5 सितम्बर तक; अलीगढ़ से सुबह 6:30 बजे चलकर शाम 5:30 बजे गोगामेडी पहुँचेगी. मार्ग में तहसील भादरा, सादुलपुर, लोहारू, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, दिल्ली, गाजियाबाद, दादरी व खुर्जा जं. स्टेशनों पर ठहराव होगा.
0
0
Report
Advertisement

राजसी सवारी से पहले कंठाल- सती गेट मार्ग का सौंदर्यीकरण पूरा

Ujjain, Madhya Pradesh:राजसी सवारी से पहले बदलेगा कंठाल से सती गेट तक का पूरा नजारा सवारी मार्ग को नया और आकर्षक रूप देने में जुटा नगर निगम, 5 सितंबर तक फिनिशिंग और सफाई का काम पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन। बाबा महाकाल की 7 सितंबर को निकलने वाली राजसी सवारी से पहले शहर के प्रमुख सवारी मार्ग को सुंदर और व्यवस्थित बनाने का काम तेजी से चल रहा है। नगर निगम की टीमें दिन-रात मौके पर जुटी हुई हैं। कंठाल चौराहे से सती गेट होते हुए छत्री चौक तक करीब 450 मीटर लंबे मार्ग को नया स्वरूप दिया जा रहा है। सड़क का चौड़ीकरण पहले ही पूरा हो चुका है। करीब 15 मीटर चौड़े किए गए इस मार्ग पर अब पेवर ब्लॉक, कोबल स्टोन, फिनिशिंग और सफाई का काम किया जा रहा है, ताकि राजसी सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और सुविधाजनक रास्ता मिल सके। सती गेट को मिलेगा हेरिटेज लुक सती गेट के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए दोनों तरफ करीब 25-25 मीटर हिस्से में कोबल स्टोन लगाए जा रहे हैं। इससे सती गेट का पूरा क्षेत्र पहले से ज्यादा सुंदर नजर आएगा। कंठाल चौराहा भी होगा और व्यवस्थित कंठाल चौराहे पर पेवर ब्लॉक लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड शिफ्ट करने का काम भी किया गया है। इससे चौराहे पर तारों का जाल कम होगा और इसका स्वरूप भी बेहतर दिखाई देगा। 5 सितंबर तक पूरा मार्ग तैयार करने का लक्ष्य नगर निगम ने काम को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त टीमें लगाई हैं। बुधवार रात से गुरुवार तक सती गेट पर कोबल स्टोन और कंठाल चौराहे पर पेवर ब्लॉक का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 4 सितंबर से पूरे मार्ग पर फिनिशिंग और साफ-सफाई का काम तेजी से किया जाएगा। निगम का लक्ष्य है कि 5 सितंबर तक पूरा मार्ग राजसी सवारी के लिए तैयार हो जाए, ताकि 7 सितंबर को बाबा महाकाल की सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा लगातार काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर रहकर काम को समय पर पूरा कराने में जुटी है। राजसी सवारी से पहले कंठाल से सती गेट तक का यह मार्ग अब सिर्फ आसान आवागमन का रास्ता नहीं रहेगा, बल्कि अपने नए और खूबसूरत स्वरूप के कारण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। बाइट -कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी
0
0
Report

रीवा-सीधी सड़क हादसे में सांसद-विधायक अस्पताल पहुंचकर घायलों का इलाज तेज करने के निर्देश

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा-सीधी मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और गुढ़ विधानसभा से विधायक नगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और हादसे की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधि रीवा के संजय गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और डॉक्टरों से घायलों के उपचार की जानकारी ली। सांसद और विधायक ने अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों को घायलों के बेहतर और तत्काल उपचार के निर्देश दिए। जानकारी के मुताबिक, इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 3 घायलों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सकों से लगातार निगरानी रखने और घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
0
0
Report

नैनपुर में लाखों की चोरी: आरोपी गिरफ्तार, नागपुर से सोना-चांदी बरामद

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला - नैनपुर में लाखों की चोरी का खुलासा नैनपुर में सूने मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। नैनपुर थाना पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर नागपुर से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं । कुल चोरी करीब 9 लाख 50 हजार की है जिसमे 7 लाख के जेवर ओर ढाई लाख रुपये केश चोरी किये गए थे । आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दरअसल, नैनपुर के खेरमाई रोड निवासी अनंत कुमार वैष्णव परिवार के साथ विवाह कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गए थे। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया। घर के पीछे के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर दाखिल हुए बदमाशों ने बिस्तर पेटी और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात के साथ करीब 2 लाख 25 हजार रुपये नकद पार कर दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के घर में काम करने वाली महिला के बेटे प्रिंस मर्सकोले ने अपने साथी परम मरकाम और एक बाल अपचारी के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया। आरोपियों ने चोरी की रकम से मोटरसाइकिल और आईफोन खरीदने के साथ बाकी पैसा शराब, घूमने-फिरने और अन्य खर्चों में उड़ाना बताया。 जांच में चोरी के जेवरात नागपुर में बेच जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने फरार आरोपी कन्हैया मरकाम को पकड़कर पूछताछ की और उसके बताए ठिकानों पर नागपुर पहुंची。 पुलिस ने नागपुर से अनिला उइके, शुभम उइके और आकाश कड़वे को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सोना-चांदी बरामद किया गया। बरामद माल में तीन सोने के सिक्के, एक सोने का मंगलसूत्र और छह जोड़ी चांदी की पायल शामिल हैं। कुल बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, एक अन्य आरोपी मोबाइल बंद कर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
0
0
Report
Advertisement

CISF के DG ने NHCC अस्पताल महिपालपुर में विशाल रक्तदान शिविर का नेतृत्व किया

Noida, Uttar Pradesh:सीआईएसएफ (CISF) ने एनएचसीसी (NHCC) अस्पताल, महिपालपुर में किया विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन महानिदेशक (DG) सीआईएसएफ ने स्वयं रक्तदान कर पेश की मिसाल; वरिष्ठ अधिकारियों और लगभग 500 जवानों ने एम्स (AIIMS) के सहयोग से आयोजित शिविर में किया महादान नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026 — केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के मेन हॉस्पिटल स्थित 'ब्लड सेंटर' के संयुक्त तत्वावधान में आज सीआईएसएफ के एनएचसीसी अस्पताल, महिपालपुर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया。 शिविर का विधिवत उद्घाटन सुबह 11:00 बजे सीआईएसएफ के महानिदेशक श्री प्रवीर रंजन ने किया। इस नेक कार्य में आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए, महानिदेशक महोदय ने स्वयं रक्तदान किया और बल के सभी अधिकारियों व जवानों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। उनसे प्रेरणा लेते हुए महानिरीक्षक (IG) श्री नवज्योति गोगोई, IG श्रीमती सोनिया नारंग और IG विनय काजला जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्वेच्छा से अपना रक्तदान किया。 इस अवसर पर ADG विजय प्रकाश, ADG श्रीमती विनीता ठाकुर और सीआईएसएफ की चिकित्सा निदेशक डॉ. शालिनी तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। एम्स की ओर से इस अभियान का समन्वय ब्लड सेंटर की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम कौशिक और मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर सुश्री अंजू ए.एस. ने अपनी समर्पित मेडिकल टीम के साथ किया。 सुरक्षा के साथ-साथ समाज सेवा का भी संकल्प देश की सुरक्षा मोर्चे पर हमेशा मुस्तैद रहने वाले सीआईएसएफ जवानों ने सामाजिक सरोकार की दिशा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस शिविर में लगभग 500 सीआईएसएफ कर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जवानों तक की यह भारी भागीदारी बल की जनसेवा और सामुदायिक कल्याण की उस भावना को दर्शाती है, जो उनकी बुनियादी सुरक्षा ड्यूटी से भी एक कदम आगे है。 दिल्ली में रक्त की भारी जरूरत दिल्ली में रक्त की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए सीआईएसएफ की यह पहल बेहद अहम है। वर्तमान में, दिल्ली को रोजाना करीब 1,400 यूनिट खून की आवश्यकता होती है, जबकि औसतन 960 यूनिट ही उपलब्ध हो पाता है। इस तरह, शहर हर दिन लगभग 440 यूनिट की कमी का सामना कर रहा है। बढ़ती आबादी और उन्नत होती सर्जरी व चिकित्सा प्रक्रियाओं के कारण खून की मांग तेजी से बढ़ रही है। चूंकि मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक दाताओं पर ही मरीजों की जान बचाने और पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने का पूरा दारोमदार है। महानिदेशक का संबोधन और जन-अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CISF महानिदेशक ने बल के अधिकारियों और जवानों की स्वैच्छिक भागीदारी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि एक वर्दीधारी बल के सदस्य होने के नाते, CISF कर्मियों को समाज की सेवा से जुड़ी ऐसी पहलों में हमेशा नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित करने का संकल्प दोहराया और इस आयोजन में एम्स के उत्कृष्ट सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया。 इस मौके पर CISF और AIIMS ने आम जनता से भी एक खास अपील की: "हम नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे आगे आएं, खुद रक्तदान करें, अपने दोस्तों और सहकर्मियों को इसके लिए प्रेरित करें, और एक नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का संकल्प लें ताकि मरीजों की इस गंभीर जरूरत को पूरा किया जा सके।" कार्यक्रम के अंत में, एम्स की टीम के बहुमूल्य सहयोग को सम्मानित करते हुए श्री प्रवीर रंजन ने डॉ. पूनम कौशिक को स्मृति चिह्न भेंट किया। वहीं, एम्स के डॉक्टरों ने CISF के महानिदेशक और ADG को दोनों संस्थानों के बीच साझा सहयोग के प्रतीक के रूप में पौधे भेंट किए。
0
0
Report

गंगा खतरे के निशान पार: गाजीपुर के तीन गाँव टापू, नाव से ही आवागमन

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, 3 गांव टापू बने, डीएम ने जारी किया बड़ा अलर्ट सेवराई तहसील के 3 गांव मुख्य मार्ग से कटे, नाव ही बना सहारा गंगा के तेज बहाव को देखते हुए डीएम अनुपम शुक्ला ने जारी किया अलर्ट जिले में 230 नावों की तैनाती, क्षमता से अधिक सवारी पर सख्त रोक प्रभावित गांवों में खाद्यान्न, मेडिकल और राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी तेज चोसकपुर समेत कई घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात लाउडस्पीकर से लोगों को नदी किनारे न जाने की चेतावनी दी जा रही डीएम की अपील—गंगा के पास न जाएं, एक छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ा हादसा गाजीपुर में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान को पार कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि सेवराई तहसील के तीन गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है और लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने खाद्यान्न, मेडिकल सुविधाओं और राहत सामग्री पहुंचाने की अभियान तेज कर दिया है। वहीं करंडा में दो बच्चियों के डूबने की घटना के बाद सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस बात की पुष्टि डीएम अनुपम शुक्ला ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़कर 63.35 मीटर के पार पहुंच गया है, जिससे गाजीपुर में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि सेवराई तहसील के तीन गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं और वहां केवल नावों के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। प्रशासन ने इन गांवों में खाद्यान्न, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक संसाधन पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है। वहीं जमनिया तहसील में कटान से करीब 30 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। हालांकि सैदपुर और सदर तहसील में अभी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी नहीं घुसा है और आवागमन सामान्य बना हुआ है। करंडा के चोचकपुर घाट पर दो बच्चियों की डूब गई। जिसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले के प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है और पुलिस व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। डीएम ने नाव संचालन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। बड़ी नावों में अधिकतम 15 और छोटी नावों में 5 लोगों से ज्यादा बैठाने पर रोक लगाई गई है ताकि किसी भी हादसे को रोका जा सके। जिले में करीब 230 नावों की व्यवस्था की गई है और सभी नावों पर क्षमता का स्पष्ट अंकन कराया जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top