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PKPrashant KumarFollow8 Jul 2024, 01:02 pm
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जीरन अस्पताल लैब फर्जीवाड़ा: सिर्फ 8 मिनट में रिपोर्ट, स्टिंग से सच उजागर

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच जिले के जीरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में मरीजों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां लैब कर्मचारियों ने बिना यूरिन सैंपल को छुए और बिना कोई जांच किए ही महज 8 मिनट में फाइनल रिपोर्ट बनाकर मरीज को थमा दी। इस पूरे फर्जीवाड़े का एक सजग परिजन ने मोबाइल से स्टिंग ऑपरेशन कर लिया, जिसके बाद लैब स्टाफ में हड़कंप मच गया। सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के किस्से तो आम हैं, लेकिन जीरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह वीडियो स्वास्थ्य महकमे की पूरी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। पालसोड़ा निवासी अनिल राठौर अपनी पत्नी रीना के इलाज के लिए सोमवार को अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर आयुष चौहान ने मरीज की स्थिति देखकर ब्लड और यूरिन जांच करवाने की सलाह दी। मरीज ने दोपहर ठीक 12:48 बजे लैब में यूरिन सैंपल जमा किया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि ठीक 8 मिनट बाद, यानी 12:56 बजे लैब स्टाफ ने उन्हें फाइनल जांच रिपोर्ट प्रिंट करके सौंप दी। रिपोर्ट इतनी जल्दी मिलने पर अनिल राठौर को शक हुआ। जब उन्होंने लैब के अंदर जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। वहां उनकी पत्नी के सैंपल के साथ-साथ करीब 11 अन्य मरीजों के यूरिन सैंपल भी काउंटर पर वैसे ही रखे हुए थे। किसी भी कर्मचारी ने उन सैंपलों को हाथ तक नहीं लगाया था। मरीज के परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अपनी चोरी पकड़े जाने पर लैबोरेटरी स्टाफ के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। खुद को फंसता देख एक कर्मचारी ने लीपापोती करने के लिए आनन-फानन में यूरिन सैंपलों में टेस्ट स्ट्रिप डालना शुरू कर दिया, ताकि यह दिखाया जा सके कि जांच चल रही है। यूरिन और ब्लड टेस्ट में एक निर्धारित वैज्ञानिक समय लगता है। बिना जांच के इस तरह मनगढ़ंत रिपोर्ट बांटने से मरीजों को गलत दवाइयां मिलने और उनकी जान जाने का गंभीर खतरा बना रहता है। इस मामले की लिखित शिकायत वीडियो सबूतों के साथ आला अधिकारियों को कर दी गई है। अब देखना यह है कि कैमरे में कैद इस बड़े फर्जीवाड़े के बाद लापरवाह कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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शेखपुरा में शांति समिति की बैठक: बकरीद के लिए 65 जगहों पर मजिस्ट्रेट-पुलिस तैनाती

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा समाहरणालय के मंथन सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुआ।डीएम शेखर आनंद की अगुआई में शांति समिति की बैठक आयोजित किया गया।बैठक में विभिन्न समुदाय के प्रतिनिधि के साथ बुद्धिजीवी वर्ग लोगो ने हिस्सा लिया।इस दौरान लोगो शांति सद्भाव के साथ बकरीद पर्व मनाए जाने की अपील किया है।आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में डीएम के अलावा एसपी बलिराम कुमार चौधरी,एडीएम लखींद्र पासवान,एसडीएम प्रियंका कुमारी,एसडीपीओ डॉ राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।इस मौके पर एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने कहा कि बकरीद को लेकर 65 स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल को लगाया गया है।जबकि विभिन्न थाना में भी रिजर्व पुलिस बल तैनात रखने की बात कही।
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ED ने GMADA बकाए के चलते पंजाब-चंडीगढ़ में रियल एस्टेट ग्रुप ठिकानों पर छापे

Noida, Uttar Pradesh:GMADA को 32.67 करोड़ की चपत मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, पंजाब-चंडीगढ़ में रियल एस्टेट ग्रुप ठिकानों पर छापे... ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई M/s Chandigarh Royale City Promoters Pvt. Ltd. (CRCPL), Royale Estate Group और उनसे जुड़े लोगों एवं संस्थाओं के खिलाफ की गई। छापेमारी में ज़ीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर मौजूद रॉयल एस्टेट ग्रुप के मुख्य कार्यालय को भी शामिल किया गया। यह मामला पंजाब पुलिस, एसएएस नगर द्वारा 19 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ था। एफआईआर में CRCPL के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और GMADA (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) के बकाया भुगतान में जानबूझकर चूक करने के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि कंपनी पर GMADA का भारी बकाया था, जबकि परियोजना की धनराशि कथित तौर पर अन्य संबंधित कंपनियों और लोगों के जरिए इधर-उधर भेजी गई। ED को कई संदिग्ध इंटर-कंपनी लेनदेन और फंड की परतें (लेयरिंग) बनाने के संकेत भी मिले हैं। ED ने प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली, सुमित बंसल समेत कई लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए हैं।
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बिजय सिन्हा के विभाग परिवर्तन पर 정치 हंगामा: विपक्ष क्या कह रहा है?

Patna, Bihar:बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा का विभाग बदलने को लेकर दर्द छलक पड़ा। मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित “बिहार लीची संगम बाग से निर्यात तक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि वह पूरी तल्लीनता से पढ़ाई करते हैं, लेकिन परीक्षा देने के समय उनका सब्जेक्ट ही बदल दिया जाता है परीक्षा देने की कोशिश करता हूं। पढ़ाई करता हूं तो पढ़ने वाले लोग ही बेईमान निकलते हैं और जब उन पर कार्रवाई करता हूं तब तक सब्जेक्ट बदल जाता है बाइट— विजय सिन्हा कृषि मंत्री बिहार सरकार RJD के प्रवक्ता ऐजाज अहमद ने कहा की विजय सिन्हा जी के दर्द को समझा जा सकता है। लेकिन विजय सिन्हा जी, अब तक आप अपने उस विद्यालय को नहीं समझ पाए जहाँ के आप विद्यार्थी हैं। आपके विद्यालय की नीति है कि जो आपके विद्यालय में पढ़ता है, उसके लिए समय आने पर सब्जेक्ट बदल दिए जाते हैं। लेकिन जो दूसरे विद्यालय के लोग होते हैं, जो दूसरे विद्यालय के विद्यार्थी होते हैं, उनके लिए आपके विद्यालय में सर्वोच्च स्थान पहले से रखा जाता है क्योंकि आप लोगों की विचार और आपलों की नीति स्पष्ट है कि सत्ता प्राप्ति के लिए चाहे कैसे भी हो अपना विचार ही क्यों न छोड़ना पड़े, अपने विद्यार्थी का सब्जेक्ट ही क्यों न बदलना पड़े, हम बदल देंगे। ऐजाज अहमद प्रवक्ता RJD जेडयू के प्रवक्ता परिमल कुमार ने कहा की मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार हैं और जहाँ तक विजय सिन्हा जी का प्रश्न है उनमें विकास की और जनकल्याण की असीम संभावना है। जिस तरह भू-राजस्व के विभाग में उन्होंने बेहतर काम किया और काफी समस्याओं का निराकरण किया तो अब नए क्षेत्र में, कृषि के क्षेत्र में आप जानते ही हैं कि बिहार कृषि प्रधान राज्य रहा है। मौलिक अर्थव्यवस्था तो उसकी कृषि आधारित एग्रो बेस्ड इकॉनमी है। तो हम आशा करते हैं कि वो बेहतर प्रदर्शन करेंगे और इसी आशा से मुख्यमंत्री ने उन्हें नए विभाग में स्थानांतरित किया होगा। परिमल कुमार जदयू प्रवक्ता कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने का की विजय जी, विजय सिन्हा जी को एक चीज़ समझना चाहिए कि जिस स्कूल में वो हैं, स्कूल ही ग़लत है और वो जो अपनी बातों को बच्चों के सामने रखते हैं, बेहतर होगा कि स्कूल के जो प्रिंसिपल हैं, उनके सामने रखें और ये उनके साथ आज से नहीं हो रहा है। उनको याद करना चाहिए कि जब वो स्पीकर थे, स्पीकर के कुर्सी पर बैठे-बैठे कैसे उनकी बेइज़्ज़ती हुई थी, उन सब चीज़ों को भी उनकी याद रखना चाहिए। विजय सिन्हा जी के पास दो ही ऑप्शंस हैं। या तो अपने प्रिंसिपल से बात करें, वाइस चांसलर से बात करें, नहीं तो स्कूल बदल लें। ऋषि मिश्रा कांग्रेस नेता
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दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को बेदखली शुरू करने की अनुमति दी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली रेस क्लब के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई फिर से शुरू करने की इजाज़त दे दी है। चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और तेजस कारिया की बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें बेदखली की प्रक्रिया को रोक दिया गया था। सरकार ने इस आदेश को डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील को मंजूर करते हुए सिंगल बेंच की ओर से लगाई रोक को हटा दिया। यह विवाद लोककल्याण मार्ग पर मौजूद 53 एकड़ सरकारी जमीन का है। इस जमीन पर दिल्ली रेस क्लब का कब्जा है। केंद्र सरकार का दावा है कि क्लब की लीज 31 दिसंबर 1994 को समाप्त हो गई थी और उसके बाद इसे कभी रीने्यू नहीं किया गया। केंद्र सरकार ने 13 मार्च को दिल्ली रेस क्लब को नोटिस जारी कर कहा था कि क्लब ने सरकारी परिसर पर अवैध कब्जा किया है सरकार का कहना था कि उसे जनहित के लिए जमीन पर शांतिपूर्ण कब्जा वापस चाहिए। इसके बाद 17 अप्रैल को अधिकारियों ने Public Premises (Eviction of Unauthorised Occupants) Act के तहत कार्रवाई शुरू की। ऑथॉरिटी ने क्लब को शो-कॉज नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ बेदखली और गैर कानूनी कब्जे के लिए हर्जाना वसूली का आदेश क्यों न पास किया जाए। हालांकिए, क्लब ने इस शो-कॉज नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के सामने चुनौती दे दी। सिंगल बेंच ने अंतरिम आदेश में एस्टेट ऑफिसर को 30 जुलाई तक आगे कार्रवाई करने से रोक दिया था। इस आदेश को सरकार ने डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी थी。
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गंगा दशहरा पर बदायूं के कछला घाट डूबे तीन युवकों और एक बच्ची की मौत

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के तीन लोगों की बदायूं के कछला में गंगा स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई। ये सभी गंगा दशहरा के अवसर पर स्नान करने गए थे। सभी के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पहली घटना मुरसान कस्बा के मोहल्ला धोबियान निवासी 21 वर्षीय रोहित पुत्र ननकेश के साथ हुई। रोहित कल सोमवार सुबह अपने दो दोस्तों के साथ पैसेंजर ट्रेन से कछला घाट पहुंचा था। गंगा में स्नान के दौरान वह अचानक तेज बहाव में चला गया और डूब गया। उसके दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। रोहित अपने पिता ननकेश का दूसरा पुत्र था। वह अपनी मां देवी के साथ मुरसान में रहता था, जबकि उसके पिता गोरखपुर में ईंट भट्टे पर मजदूरी करने गए हुए थे। कल देर रात रोहित का शव मुरसान पहुंचा, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दूसरी घटना हसायन क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों के सदस्यों के साथ हुई। गंगा दशहरा पर बदायूं के कछला पर स्नान करते समय ओमवीर निवासी कानऊ थाना कोतवाली हसायन का पुत्र नमन कुमार उर्फ नीलेश कुमार और उनके साढू नेत्रपाल सिंह निवासी पिछौंती की 12 वर्षीय पुत्री शिखा अचानक गहरे पानी में डूब गए। नमन कुमार का शव कल घटना के दिन ही मिल गया था, जिसका अंतिम संस्कार कल रात कर दिया गया। शिखा का शव आज कछला में गोताखोरों ने खोज निकाला। शव गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। नमन ने इसी साल नागपुर से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी, जबकि शिखा कक्षा 7 की छात्रा थी। आज भी दोनों मृतकों के घरों पर कोहराम मचा रहा।
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डूंगरपुर में जीवन रक्षा अभियान से सड़क हादसों के आंकड़े घटाने की पहल

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर हेडलाइन- सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ो में कमी के लिए जीवन री रक्षा अभियान का आगाज, अभियान को लेकर हुई कार्यशाला एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डूंगरपुर पुलिस ने एक विशेष पहल की है। यूनिसेफ, राजस्थान और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से जीवन री रक्षा अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान को लेकर आज विजयाराजे सिन्ध्या ऑडिटोरियम में कार्यशाला का आयोजन किया गया | जिसमे सडक सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया | बॉडी- कार्यशाला में एसपी मनीष कुमार, जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर, यूनिसेफ की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत सहित आबकारी विभाग, शिक्षा विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग के प्रतिनिधि व पुलिस मित्र, यूथ सीएलजी, सुरक्षा सखी, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसियेशन, लिकर शॉप मालिक, पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए | कार्यशाला के दौरान सडक सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई वही नाटक के माध्यम से भी लोगो को सडक सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया | कार्यशाला में एसपी मनीष कुमार ने बताया कि पिछले कुछ सालों में जिले के सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े काफी चिंताजनक रहे हैं। साल 2025 में जहाँ हत्या के मामलों में 29 लोगों की जान गई, वहीं सड़क हादसों में यह आंकड़ा 290 तक पहुँच गया। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने एक विस्तृत योजना तैयार की है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है | उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नशा करके वाहन न चलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा | वही इस मौके पर उन्होंने बताया कि इस अभियान में सरकारी विभागों के साथ पेट्रोल पम्प, मैकेनिक, लिकर शॉप मालिको की जिम्मेदारी भी तय की गई है | जिसमे पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट पेट्रोल भरवाने आने वाले बाइक चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई | सरकारी शराब दुकानों के विक्रेताओं से कहा गया है कि वे किसी भी युवा को दुकान के आस-पास शराब का सेवन करने न दें। बाइक रिपेयर करने वाले मैकेनिक्स और बाइक बेचने वाले शोरूम्स को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि वे ग्राहकों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक कर सकें।इस कार्यक्रम के दौरान सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स को उनके कार्यों का विभाजन समझाया गया और सभी ने मिलकर आने वाले समय में डूंगरपुर में सड़क हादसों को कम करने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की शपथ भी ली। बाईट- मनीष कुमार एसपी डूंगरपुर
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पाकुड़ में बकरीद शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च और सुरक्षा व्यवस्था

Pakur, Jharkhand:एरिया - पाकुड रिपोर्टर - सोहन प्रमाणिक फॉर्मेट - VBT एंकर इंट्रो--पाकुड़ जिला और पुलिस प्रशासन ने आने वाले बकरीद पर्व को शांति और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है...पुलिस लाइन में एसपी अनुदीप सिंह ने क्यूआरटी टीम को ब्रीफिंग दी...टीम को बकरीद पर्व के दौरान अपनी ड्यूटी किस प्रकार करनी है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई...जवानों को ब्रीफ करने के बाद, पुलिस अधिकारियों और क्यूआरटी टीम के सदस्यों ने शहर के सिद्धू कान्हू मुर्मू पार्क के पास से फ्लैग मार्च किया...फ्लैग मार्च की अगुवाई डीसी मेघा भारद्वाज और एसपी अनुदीप सिंह ने किया...इस अवसर पर महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी उज्जवल कुमार शाह और पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव भी मौजूद थे... डीडीसी मेघा भारद्वाज और एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि बकरीद पर्व के दौरान विधि व्यवस्था भंग न हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं...डीसी, एसपी ने आगाह किया कि बकरीद पर्व के दौरान कई बार छोटी-मोटी घटनाएं बड़ा रूप ले लेती हैं...उन्होंने टीम को निर्देश दिया कि यदि कोई छोटी घटना सामने आती है, तो वे मूक दर्शक न रहें, बल्कि उसे रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करें...उन्होंने क्यूआरटी टीम की जिम्मेदारी को बहुत बड़ी बताया और उन्हें अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया... उन्होंने टीम के सभी सदस्यों को अपने कर्तव्य और दायित्व का निर्वहन करने में कोई कोताही न बरतने और गाइडलाइन का पालन करने का भी निर्देश दिया...टीम के सदस्यों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया... उल्लेखनीय है कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी थानों में शांति समिति की बैठकें पहले ही संपन्न कर ली गई हैं...इन बैठकों में लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट न करने की अपील की गई है...
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दरभंगा के जेसीबी गड्ढे में दो बच्चियाँ डूबकर मौत

Darbhanga, Bihar:दरभंगा में दर्दनाक हादसा: जेसीबी से बने गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत, खेलने के दौरान पैर फिसलने से हुआ हादसा, दोनों बच्चियाँ अगल-बगल की रहने वाली. सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी पंचायत अंतर्गत गौरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवानी कुमारी (11 वर्ष), पिता राम कलेश पासवान तथा निशा कुमारी (10 वर्ष), पिता दीपू पासवान के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों बच्चियाँ घर के पास खेल रही थीं, तभी पास में जेसीबी से बने पोखरनुमा गड्ढे के समीप उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं। स्थानीय ग्रामीण अजय कुमार के अनुसार, दोनों बच्चियाँ अगल-बगल की रहने वाली थीं और खेल के दौरान यह हादसा हुआ। सिंघवाड़ा सरकारी अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक गड्ढों को जल्द भरवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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