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बिजनौर में वन महोत्सव: 70 लाख पेड़ लगाने का बड़ा लक्ष्य

Moradabad, Uttar Pradesh:स्लग --एक पेड़ माँ के नाम बिजनौर मे 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन विभाग द्वारा वन महोत्सस्व धूमधाम से मनाया गया। आज वन विभाग के बिजनौर DFO जय सिंह कुशवाहा और वन रेंजर महेश गौतम द्वारा स्कूली बच्चो को जागरूक करने के लिए प्रभात फेरी निकाली गयी। वन विभाग द्वारा आयोजित प्रभात फेरी मे कई स्कूली बच्चो ने भाग लिया। प्रभात फेरी को कलक्ट्रेट से हरि झंडी दिखाकर नगर मे निकाला गया। वन विभाग द्वारा आयोजित प्रभात फेरी को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने हरि झंडी दिखाई। बिजनौर जिले मे वन विभाग দ্বারা 25 लाख से अधिक पौधे लगाए गए है।बिजनौर जिले मे 70 लाख के करीब पेड़ लगाने का टारगेट शासन से मिला हुआ है। जिसमे सभी विभाग शामिल।
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3 अगस्त से पहले बाबा महाकाल की सवारी मार्ग निर्माण पूरे कराने के निर्देश

Ujjain, Madhya Pradesh:3 अगस्त से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश, रामघाट मार्ग का काम 20 जुलाई तक खत्म करने और जर्जर भवन हटाने पर जोर उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद में निकलने वाली बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने सोमवार रात विभागीय अधिकारियों के साथ पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत महाकाल मंदिर के शहनाई द्वार से हुई। इसके बाद महाकाल घाटी, गुजरी चौराहा, रामघाट, कहारवाड़ी, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए दोबारा महाकाल मंदिर तक पूरे सवारी मार्ग का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 अगस्त को निकलने वाली बाबा महाकाल की पहली सवारी से पहले सवारी मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण और विकास कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हरसिद्धि की पाल से रामघाट तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को रोजाना काम की निगरानी करने, पर्याप्त संसाधन लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए 20 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सवारी मार्ग पर मौजूद जर्जर और असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर उन्हें जल्द हटाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, बिजली और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण माहौल में निकाली जा सके।
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हरदा में प्लांट विरोध के बीच ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा में प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन हरदा। जिले के टिमरनी विकासखंड के चौकड़ी गांव में प्रस्तावित प्लांट की स्थापना को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्लांट की स्थापना पर आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में प्लांट स्थापित किया गया तो इससे आसपास के लोगों को दुर्गंध, प्रदूषण, यातायात और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने आशंका जताई कि प्लांट से गांव का वातावरण प्रभावित होगा और आम जनजीवन पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव में प्रस्तावित प्लांट की स्थापना पर पुनर्विचार किया जाए और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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सरिस्का में तीन पैंथर एक साथ दिखे, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने जारी की चेतावनी

Alwar, Rajasthan:सरिस्का में एक साथ दिखे तीन पैंथर, शिकार करते दृश्य कैमरे में कैद—प्रशासन ने श्रद्धालुओं को जारी की चेतावनी अलवर। सरिस्का टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित भर्तृहरि धाम मार्ग के पास देर रात एक साथ तीन पैंथर दिखाई देने کا मामला सामने आया है। तीनों पैंथर सड़क किनारे जंगल में शिकार कर रहे थे और बकरी का शिकार कर उसे खाते हुए नजर आए। इस रोमांचक और चिंताजनक दृश्य को भर्तृहरि धाम में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने अपने कैमरों में कैद कर लिया। गौरतलब है कि इससे पहले भी करीब तीन दिन पहले इसी मार्ग के आसपास एक पैंथर दिखाई दिया था, जिसने बकरी का शिकार किया था। लगातार पैंथरों की मौजूदगी से क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भर्तृहरि धाम पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में पदयात्राएं भी यहां आती हैं। ऐसे में आसपास के घने जंगलों में पैंथर, टाइगर और टाइग्रेस का मूवमेंट बना रहता है, जिससे खतरा भी बढ़ जाता है। इस स्थिति को देखते हुए सरिस्का प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु केवल दर्शन करें और मंदिर परिसर व धर्मशालाओं तक ही सीमित रहें। विशेष रूप से रात के समय जंगल और सड़कों पर निकलने से बचें। इसके अलावा, वाहनों की तेज लाइट का इस्तेमाल न करने, वन्यजीवों से छेड़छाड़ न करने और पूरी सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शिकार के दौरान पैंथर, टाइगर या टाइग्रेस कभी भी हमला कर सकते हैं, इसलिए वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है और जंगल के अंदर जाने से बचना चाहिए।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान सुरक्षा निगरानी तेज, सघन पेट्रोलिंग बढ़ी

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:इंडोनेपल बॉर्डर के तराई में स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व बेस कीमती वृक्षों से परिपूर्ण होने के साथ-साथ वन्य जीवों का एक बाहुल्य वन क्षेत्र है। इसकी 90 किलोमीटर से अधिक की सीमा अंतरराष्ट्रीय नेपाल राष्ट्र से लगी हुई है जहां के अराजक तत्व निरंतर खुली सीमा का फायदा उठाने का प्रयत्न करते रहते हैं। ऐसी गतिविधियां विशेष कर मानसून सत्र में जब बारिश एवं बाढ़ का प्रकोप अधिकांशत दुधवा के वन क्षेत्र में रहता है। ऐसे में यह पूरा क्षेत्र और भी अधिक संवेदनशील हो जाता है इसे ध्यान रखते हुए मानसून सत्र में विशेष निगरानी रखने के लिए सचल सुरक्षा दल एवं रणनीतियां अपनाई जाती हैं। सक्षम उच्च स्तर से एवं प्रभागीय स्तर द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों के क्रम में दुधवा टाइगर रिजर्व के सभी रेंजों के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा एवं सचल सुरक्षा दल द्वारा नियमित रूप से सघन पेट्रोलिंग इस समय की जा रही है। विशेष करके इसको और भी बेहतर बनाने के प्रयास के चलते पैदल पेट्रोलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे प्रत्येक गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके।
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Bulandshahr: Video of disco on a gun goes viral, youths seen challenging police

Noida, Uttar Pradesh:बलंदशहर: 'तमंचे पर डिस्को' का वीडियो वायरल, पुलिस को ठेंगा दिखाते दिखे युवक, जांच में जुटी पुलिस बुलंदशहर से कानून-व्यवस्था को चुनौती देता हुआ एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के गांव दुल्हैरा में कुछ युवकों द्वारा हाथ में तमंचा लहराते हुए डांस करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. ​सरेआम लहराया तमंचा, कानून का कोई खौफ नहीं ​वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक डीजे की धुन पर ''तमंचे पर डिस्को'' कर रहे हैं। बिना किसी डर और हिचक के सरेआम अवैध हथियार (तमंचा) हवा में लहराया जा रहा है, जो सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन को चुनौती देता नजर आ रहा है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आते ही स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ​मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। इस पूरे प्रकरण पर एसपी सिटी अभिषेक प्रताप का बयान सामने आया है। ​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया गया है। यह वीडियो दुल्हैरा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें दिख रहे युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.....
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जगन्नाथ पुरी रथयात्रा से पहले भगवान बीमार, 15 दिन कोरेंटीन

Damoh, Madhya Pradesh:स्पेशल पैकेज/ जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा को लेकर भगवान जगन्नाथ हुए बीमार, 15 दिन रहेगे कोरेन्टिन, वैध कर रहे हैं इलाज... क्या भगवान कभी बीमार होते है? क्या आम आदमी की तरह उन्हें भी बुखार आता है? क्या वो भी कोरेंटीन होते है? ये सवाल सुनकर आपको अजीब लग रहा होगा लेकिन ये सवाल एकदम सही है और इनका जवाब भी है कि भगवान बीमार होते है, उन्हें बुखार भी आता है और वो कोरेंटीन भी होते है, इन दिनों भगवान जगन्नाथ बीमार है और कोटेंटीन भी है पर क्यों और कैसे इसे जानने के लिए देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट.. जगत के पालनहार कहे जाने वाले भगवान जगन्नाथ बीते 29 जून से कोरेन्टीन है बीमार है और वैध उनका इलाज कर रहे है, इस कारेंटिन शब्द को आपने कुछ सालों पहले यानी कोरोना आपदा के समय बहुत सुना होगा और देश दुनिया के अधिकांश लोगों ने शायद इसका मतलब भी पहली बार जाना होगा लेकिन भारत में इस शब्द का पालन सदियों से होता चला आ रहा है और खुद भगवान कोरेंटीन हुए वो भी पूरे एक पखवाड़े यानी 15 दिनों के लिए। अब सवाल यही कि आखिर भगवान को इस सब की क्या जरूरत तो बात सही है लेकिन धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान भक्तों के भावों के अधीन रहते है और यही भाव भक्तों को भगवान के करीब ले जाते है और भगवान में रम जाते है। दुनिया भर में जाने जाने वाली जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा आगामी 16 जुलाई को होगी, पुरी के साथ साथ देश भर ने अलग अलग जगहों पर रथयात्राएं आयोजित होंगी और बिल्कुल पुरी की यात्रा का पालन करते हुए एमपी के दमोह में भी मान्यताओं को पूरा किया जा रहा है। और यहां भी भगवान 15 दिनों के लिए अस्वस्थ है और उन्हें इलाज दिया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ के बीमार होने के पीछे की पौराणिक कथाओं में से एक के मुताबिक हर साल रथयात्रा से पहले एक अनोखी घटना होती है जिसे सुनकर हर भक्त भाव विभोर हो जाता है। कहते है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन महाप्रभु जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा का भव्य स्नान कराया जाता है। इस दिन 108 कलशों के पवित्र जल से उनका भव्य अभिषेक होता है। मान्यता है कि इस अभिषेक के बाद भगवान को बुखार आ जाता है। और फिर इंसानों की तरह भगवान 15 दिनों तक आराम करते है इसे अनसर कहा जाता है और इस दौरान भगवान के साथ सब कुछ वैसा ही होता है जैसा आम मरीज के साथ होता है। बाइट/ 1 पंडित गोविंद प्रसाद दुबे ( महंत श्री हनुमान गड़ी मंदिर दमोह) भगवान जगन्नाथ के भक्तों के भावों में कई तरह की भाव भक्ती का उल्लेख मिलता है और इन भावों में एक और कथा भी सामने आती है जिसमे बताया जाता है कि भगवान जगन्नाथ प्रसिद्ध चंदन तलैया में स्नान करने के लिए जाते है और गर्मी की तेज तपन के बीच जब जल से बाहर निकलते है तो वो भी आम इंसानों की तरह लू की चपेट में आ जाते है, लू का शिकार हो जाने के बाद उन्हें भी आराम की सलाह मिलती है और वैध उनका इलाज करते है रोजाना उन्हें औषधि दी जाती है काड़ा पिलाया जाता है । बाइट/ 2 पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग ( मुख्य पुजारी श्री जगदीश स्वामी मंदिर दमोह) भक्त और भगवान एक दूसरे के पूरक माने जाते है और कई ऐसी किंवदंतियां है जिनमें सामने आता है कि भगवान भक्त की तरह ही चलने लगते है, उनकी लीलाओं में भक्त के वश में होना भी सामने आता है और भगवान जगन्नाथ स्वामी की इस पौराणिक कथा में उनके मनुष्य की तरह व्यवहार के भी कई उदाहरण देखने को मिलते है, रथयात्रा से 15 दिन पहले उनका बीमार होना इसी का उदाहरण भी कहा जा सकता है। अब जब भगवान बीमार है तो देश के हर उस स्थान पर जहां जहां रथ दोज के दिन रथयात्रा निकलनी है वहां ये पूरी प्रक्रिया की जा रही है।दमोह में भी बीमारी के समय भगवान को 56 भोग की जगह वो खिलाया जा रहा है जो आम बीमार आदमी के नसीब में होता है। बाइट/ 3 पंडित गोविंद प्रसाद दुबे ( महंत श्री हनुमान गड़ी मंदिर दमोह) मान्यता है कि 15 दिन अनसर जिसे इंग्लिश शब्द कारेंटीन कहा जाता हे में रहने के बाद वो आषाढ़ महीने की परमा को स्वस्थ होते है और फिर दोज के दिन रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते है। एक पखवाड़े तक बीमार होने की वजह से भोजन प्रसादी में साधारणता भी शायद भगवान को अच्छी नहीं लगती और फिर नगर भ्रमण पर निकलने के बाद वो अपने स्थान जिसे निवास भी कह सकते है वापस नहीं आते बल्कि एक एक भक्त को दर्शन देकर इस बात का आभाष करते है कि इन बीते दिनों में कहीं उनकी बीमारी की वजह से भक्त दुखी तो नहीं हुए उन्हें तकलीफ तो नहीं हुई और इसी वजह से कुछ दिन भक्तों के घरों में निवास करते हुए उस सब का भोग पाते हैं जो भक्त अपने भगवान को भाव के साथ खिलाना चाहते है। विद्वान बताते है कि इस रथयात्रा का रथ खींचना भी बेहद महत्वपूर्ण है और इसके खींचने से पापों का नाश होता है। बाइट/ 4 पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग ( मुख्य पुजारी श्री जगदीश स्वामी मंदिर दमोह) बहरहाल हरि अनंत हरि कथा अनन्ता की बात यही चरितार्थ होती होती है और कहीं न कहीं भावों में बसे भगवान भक्तों के भावों के सम्मान को भी बरकारार रखते है और इसी लिए दुनिया में सनातन और सनातनी संस्कृति को अहम भी माना जाता है इसी लिए सदियों से ये देश अपनी धार्मिक मान्यताएं निभाता चला आ रहा है, आज दुनिया आधुनिकता की अंधी दौड़ में शामिल है लेकिन भारत नए युग को नए जमाने के साथ चलने के बाद भी अपनी मान्यताओं अपनी अपने धर्म और संस्कृति से दूर नहीं हुआ और उसका उदाहरण हर साल जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा है जहां देश के कोने कोने से लाखों की संख्या में भक्त महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए लालायित रहते है। दमोह में भी 16 जुलाई को भगवान शहर भ्रमण पर निकलेंगे, उनकी यात्रा के लिए भव्य रथ तैयार किए जा रहे हैं और हर कोई भजन पूजन के जरिए ये कामना कर रहा है कि भगवान पूर्ण स्वस्थ्य होकर भक्तों की दर्शन देने के लिए बाहर आएं। महेंद्र दुबे दमोह
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