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प्रतापगढ़ के कुलथाना में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, कलश यात्रा के साथ भक्ति का माहौल

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के संतों की तपोभूमि ग्राम कुलथाना में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत चेतनेश्वर महादेव कुटिया परिसर से निकली भव्य कलश एवं पोथी यात्रा के साथ हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। धार्मिक जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। कलश यात्रा के बाद कथा स्थल श्री चारभुजानाथ मंदिर परिसर स्थित कुमावत धर्मशाला में विधि-विधान के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा वाचक पंडित निरंजन शर्मा गादोला वाले श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। आयोजन श्री गणेश उत्सव मित्र मंडल एवं कुलथाना के समस्त ग्रामीणों के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कथा का आयोजन 31 अगस्त से 6 सितंबर तक होगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संगीतमय कथा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं सहित श्रीमद् भागवत के विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। आयोजन के अंतिम दिन 6 सितंबर को कथा का विराम एवं पूर्णाहुति होगी। इसके बाद शाम 4 बजे से महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
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प्रतापगढ़ में 995 ग्राम अवैध गांजा जब्त, आरोपी गिरफ्तार; ट्रिनेत्र ऑपरेशन की बड़ी सफलता

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 995 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया है। पुलिस ने गांजा परिवहन के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बिना नंबर की मोटरसाइकillus भी जब्त की है। कार्रवाई 30 अगस्त को प्रतापगढ़ थाना पुलिस की टीम ने बांसवाड़ा रोड की तरफ जाने वाले बाईपास पर गश्त के दौरान की। जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जॉगिड़के निर्देशन में थानाधिकारी शंभुसिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को लक्ष्मणलाल उप निरीक्षक पुलिस जाप्ते के साथ बांसवाड़ा रोड की तरफ जाने वाले बाईपास पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सामने कच्चे रास्ते से एक व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। बाइक की टंकी पर एक पोटलीनुमा थैली रखी हुई थी। पुलिस टीम को देखकर बाइक चालक ने मोटरसाइकिल वापस घुमाने का प्रयास किया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। युवक ने अपना नाम फिरोज शेख पिता अब्दुल हम्मीद शेख, उम्र 24 वर्ष, निवासी बसाड़, थाना प्रतापगढ़ बताया। मोटरसाइकिल वापस घुमाने का कारण पूछने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस टीम ने थैली की तलाशी ली तो उसमें गांजे की कुटी हुई हरे रंग की सूखी पत्तियाँ, बीज और डंठल मिले। वजन करने पर गांजा कुल 995 ग्राम पाया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर गांजा परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। पुलिस ने आरोपी फिरोज शेख को गिरफ्तार कर थाना प्रतापगढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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जुलूस के बहाने भड़काऊ भाषण: मुफ्ती मुजीब अजहर के मदरसे सीज, दो मदरसों पर ताला

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग-प्रशासन की सख्ती एक और मदरसे पर भी नोटिस चस्पा करके ताला लगा दिया है। चर्चा है कि प्रशासन जल्द ही दोनों मदरसों के खिलाफ सीज की कार्रवाई कर सकता हैं। दरअसल 25 अगस्त को जुलूस ए मोहम्मद कार्यक्रम के दौरान मुफ्ती मुजीब ने धामी सरकार द्वारा मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही पर सवाल उठाया और विवादित टिप्पणी की थी। यह वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रुख अपनाया था। पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर मुफ्ती मुजीब अजहर को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था लेकिन उसके बाद भी मुफ्ती की मुश्किले आसान होती दिखाई नहीं दे रही है जहां पुलिस उत्तर प्रदेश में मुजीब के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने आराोरी मदरसा फैजुल मुस्तफा के मुख्य द्वार पर भी ताला जड़ दिया। प्रशासनिक टीम ने वहाँ मौजूद एक कर्मी को नोटिस भी थमाया। चर्चा यह भी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस मदरसे को जल्द सीज करने की कार्रवाई भी कर सकता है। इसके साथ ही प्रशासन ने सीर गोटिया स्थित एक मदरसे पर भी ताला लगाने के साथ नोटिस देने की कार्रवाई की है।
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गोवा आधारित AI से राजस्थान साइबर क्राइम पर नियंत्रण तेज, टेक्नोलॉजी से बढ़ी मदद

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान पुलिस स्मार्ट बन रही है, साइबर क्राइम से निपटने के लिए गोवा की तर्ज पर AI तकनीक का सहारा ले रही है ... जांच से लेकर अपराधियों को पकड़ने तथा डेटा विश्लेषण में हाईटेक तरीके से काम कर रही है. गोवा पुलिस की AI-आधारित 1930 साइबर हेल्पलाइन और Smart Force Project अब राजस्थान पुलिस के लिए भी मॉडल बन सकता है...गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पिछले दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर अपनी इन तकनीकी पहलों की जानकारी साझा की है...इसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने भी संबंधित अधिकारियों को गोवा की इन पहलों का अध्ययन कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं..राजस्थान की साइबर पुलिस के लिए यह तरीका कारगर साबित हो रहा है. साइबर ठगी के दौर में पुलिसिंग का तरीका भी अब हाईटेक हो रहा है.. इसी दिशा में गोवा पुलिस ने AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग से जोड़कर नई पहल शुरू की है...गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 22 जुलाई 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर इन तकनीकी प्रयोगों की सफलता की जानकारी दी...पत्र में खास तौर पर क्लाउड बेस्ड 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन और स्मार्ट फोर्स प्रोजेक्ट का जिक्र किया है... सबसे खास प्रयोग है AI- बेस्ड कॉल एजेंट .... गोवा पुलिस ने इसका सफल परीक्षण किया है...ये AI एजेंट साइबर फ्रॉड के पीड़ित से शुरुआती बातचीत कर सकता है...शिकायत से जुड़ी शुरुआती जानकारी दर्ज कर सकता है और कॉल टेकर की मदद कर सकता है...हालांकि अंतिम नियंत्रण पुलिसकर्मी के पास ही रहता है...कॉल टेकर किसी भी वक्त बातचीत को मॉनिटर कर सकता है... जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकता है और पूरी बातचीत खुद संभाल सकता है... इधर राजस्थान की साइबर क्राइम पुलिस ने भी आर्टिफ़िशल इंटेलीजेंस तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम डीआईजी शांतनु कुमार सिंह का कहना है कि राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने भी एआई का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। फिलहाल फर्जी इनवेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करने वालों की पहचान हो पा रही है। एआई की मदद से फेक इन्वेस्टमेंट वेबसाइट की पहचान करते हैं। जब पता चल जाता है कि यह फर्जी है तो पुलिस टेक डाउन की करने की कार्रवाई करती है। बाइट - शांतनु कुमार सिंह, डीआईजी साइबर इधर गोवा की दूसरी बड़ी पहल है स्मार्ट फोर्स प्रोजेक्ट का मकसद पुलिस के फील्ड वर्क और वेरिफिकेशन सिस्टम को डिजिटल बनाना है... इस प्राेजेक्ट की खासियत ये है कि एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों से जुड़ी 30 से ज्यादा पुलिसिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है... इस से पुलिस सेवाओं की डिलीवरी तेज होती है...डेटा बेहतर तरीके से उपलब्ध हो रहा है... प्रोसेसिंग टाइम कम हो रहा है। सबसे अहम... पुलिस को इंटेलीजेंस बेस्ड पुलिसिंग में मदद मिल रही है... राजस्थान में इसका काम प्राथमिक रूप से शुरू हो चुका है। डीआईजी शांतनु कुमार सिंह कहते हैं कि राजस्थान साइबर क्राइम में भी एआई का इन्वेस्टिगेशन में उपयोग शुरू हो चुका है। इसकी मदद से म्यूूल हंटर अकाउंट का पता लगा रहे हैं। वहीं जिन अकाउंट में पैसा लेयर टू लेयर गया है, उनका पता लगा रहा है। इसके साथ ही कोर्ट में चालान पेश करने से पहले यह भी देखा जा रहा है कि इसमें क्या क्या जोड़ा जा सकता है ताकि केस मजबूत बन सके। साइबर क्राइम में हर दिन कुछ न कुछ बदलता रहता है जिससे एआई टेक्नोलॉजी से बहुत मदद मिल रही है। राज्य की साइबर क्राइम पुलिस ने हाल ही में बड़ी बड़ी कार्रवईयां की है, जिनमें न केवल आरोपियों को पकड़ा है बल्कि उनका पैसा भी होल्ड करवाया है। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ मजबूत केस भी बनाए जा रहे हैं。
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कोसी तटबंध के भीतर जलकटाव से लोग सुरक्षित स्थानों के लिए मजबूर

Bihar:स्लग - कोसी के जलस्तर में लगातार हो रही उतार चढ़ाव से तटबंध के अंदर कटनीया शुरू, खौफजदा है तटबंध के अंदर रहने वाले लोग. नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्र में रुक रुक कर हो रही बारिश से कोसी के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव हो रही है, जिससे कोसी तटबंध के अंदर बसे गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है. आज सुबह आठ बजे कोसी बराज से एक लाख 89 हजार 125 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है. कोसी के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही उतार चढ़ाव के कारण कोसी तटबंध के अंदर बसे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है, यह तस्वीर कोसी तटबंध के अंदर बसे सदर प्रखंड के घूरन गांव का है जहां कोसी की धारा बस्ती से सटकर बहने लगी है, लिहाजा लोगों में दहशत का आलम है, आलम यह है की घूरन में कोसी से कटाव भी शुरू हो गया है, जिससे लोग खौफजदा है और अपने घरों को उजाड़ कर दूसरे जगहों पर ले जाने लगे हैं, पानी बढ़ने से लोगों के घर दरवाजे तक कोसी का पानी दस्तक देने लगी है, दूसरी तरफ गांव से सटकर तेज कटाव भी शुरू हो गई है ऐसे में लोग घर उजाड़ कर दूसरे जगह शिफ्ट होने लगे हैं, आलम यह है लोग कटाव के डर से अपना पक्का मकान भी तोड़कर दूसरे जगह ऊँचे स्थानों पर जाने को मजबूर हो चुके हैं. लोगों का कहना है कि कटाव तेजी से हो रहा है जिसके चलते कटाव से पहले ही वो सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष कटाव का सामना लोगों को करना पड़ता है, बाबजूद इसके सरकार या प्रसाशन द्वारा इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जाती है,जिससे लोगों में भारी आक्रोश है, फिलहाल लोगों ने जिला प्रसाशन से इस दिशा में समुचित पहल की मांग की है.
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तेज़ बारिश से बरसाती नाला उफान, बंसीवाला में घरों में पानी घुसा

Dehradun, Uttarakhand:सहसपुर के झाझरा क्षेत्र में उस वक्त अफ़रा तफरी मच गई... जब लगातार हो रही तेज बारिश के चलते अचानक एक बरसाती नाला उफान पर आ गया... रात के अंधेरे में तकरीबन 2 बजे नाले का पानी बंसीवाला गांव में दाखिल होते ही हड़कंप मच गया... देखते ही देखते कई घरों में पानी घुस गया... घबराे हुए लोग अपने बच्चों को गोद में लेकर घरों से बाहर भागे और ऊंचाई वाले इलाके में रोड पर जमा हो गए... हालांकि बारिश कम होने के कुछ देर बाद ही पानी का जलस्तर भी कम हो गया... जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली... दरअसल बंसीवाला गांव एक बरसाती नाले के किनारे पर बसा हुआ है यहां सैकड़ो परिवार रहते हैं... ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के किनारे अब तक सुरक्षा के लिए पक्का पुश्ता तक नहीं बनाया गया... बरसात के दिनों में नाला उफान पर आता है और हर बार ग्रामीणों की सांसे अटक जाती हैं...
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सड़क तालाब बना, घुटनेभर पानी में बच्चे स्कूल जाने को मजबूर

Ansar Nagar, Jharkhand:सड़क बनी तालाब, घुटनेभर पानी में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे  चतरा :  जिले के इटखोरी प्रखंड के पीतीज गांव में सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। पुल से पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क पर घुटनेभर पानी जमा हो गया है। आलम यह है कि सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है और इसी गंदे पानी को पार कर स्कूली बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। पानी में चलने से बच्चों की स्कूल ड्रेस भीग जा रही है। वहीं, सड़क से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों के पहियों से पानी के छींटे पड़ने के कारण स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान हैं। कई बार वाहनों की तेज रफ्तार से गंदा पानी सीधे बच्चों के कपड़ों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी जमा रहने से आवागमन तो प्रभावित है ही, साथ ही बच्चों के गिरने और दुर्घटना होने का भी खतरा बना हुआ है। दरअसल में यह समस्या कुछ ग्रामीनों के द्वारा अपनी जमीन से पुल का पानी नहीं बहने देने की जिद के कारण बनी है। मामले की जानकारी मिलने के बाद इटखोरी अंचल अधिकारी सविता सिंह ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से भी जानकारी ली और जल्द ही जल निकासी की समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया।
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ZEE मीडिया की खबर से मुकुंदपुर में बदहाल सड़क का सुधार, यातायात में राहत

New Delhi, Delhi:दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके से ZEE मीडिया की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. कई वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क, गंदगी और जलजमाव की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों की आवाज ZEE मीडिया ने प्रमुखता से उठाई. खबर प्रसारित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और करीब एक महीने के भीतर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया. तस्वीरें दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके की हैं, जहां मुकुंदपुर डी-ब्लॉक से समता विहार को जोड़ने वाला यह मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार था. सड़क की हालत इतनी खराब थी कि यहां से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था. बारिश के दौरान सड़क पर जलजमाव और गंदगी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई थी. तकनीकी समस्या के चलते सड़क निर्माण का काम अटका हुआ था. लोगों ने कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया. इसके बाद ZEE मीडिया ने स्थानीय लोगों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया. बदहाल सड़क, जलजमाव और गंदगी की तस्वीरें सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया. खबर प्रसारित होने के करीब एक महीने के भीतर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया. सड़क बनने के बाद अब यहां से गुजरने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से उन्हें काफी सुविधा मिली है. लोगों ने इसके लिए ZEE मीडिया का आभार जताया और कहा कि उनकी आवाज को प्रमुखता से उठाने के लिए वह ZEE मीडिया के शुक्रगुजार हैं. सड़क काफी समय से खराब थी. गंदगी और पानी भरने की वजह से काफी परेशानी होती थी. ZEE मीडिया ने हमारी समस्या को उठाया, जिसके बाद सड़क बन गई. हम ZEE मीडिया का धन्यवाद करते हैं. हालांकि, सड़क बनने के बाद भी स्थानीय लोगों की एक मांग अभी बाकी है. लोगों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच ट्रांसफार्मर लगा हुआ है. यदि इस ट्रांसफार्मर को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाए तो सड़क का इस्तेमाल और बेहतर तरीके से हो सकेगा. इससे वाहनों की आवाजाही आसान होगी और इलाके में लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है. फिलहाल सड़क बनने से मुकुंदपुर के लोगों को बड़ी राहत मिली है. स्थानीय लोगों ने ZEE मीडिया का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई है कि अब सड़क के बीच मौजूद ट्रांसफार्मर को भी जल्द हटाया जाएगा, ताकि यह मार्ग पूरी तरह सुगम और जाम मुक्त बन सके.
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मधुपुर में भारी बारिश से जलभराव, बाजार और मार्ग प्रभावित; बाढ़ जैसे हालात

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के मधुपुर में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के चलते मधुपुर बाजार और आसपास के इलाकों में जगह-जगह जलभराव हो गया है। कई दुकानों में बारिश का पानी घुसने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं फुटहड़वा पुल के पास भी बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। V: मधुपुर में लगातार हो रही बारिश के बाद बाजार और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। कई दुकानों में बारिश का पानी घुसने से व्यापार प्रभावित हुआ है और दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। फुटहड़वा पुल के पास भारी जलभराव के चलते स्थिति बाढ़ जैसी नजर आ रही है। वहीं मधुपुर-मझलीबहार मार्ग पर भी पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है。
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तिस्ता नदी की बाढ़ से जलपाईगुड़ी के डम्हনি और मरिचबाड़ी में किसान परेशान

Jalpaiguri, West Bengal:তিস্তার ভাঙনে আতঙ্কে জলপাইগুড়ি জেলার ময়নাগুড়ি ব্লকের দমহনি ও মরিচবাড়ির বাসিন্দারা।বর্ষা এলেই তিস্তা পাড়ের মানুষের মনে জাগে ভাঙনের আতঙ্ক। নদীর জল বাড়লেই রাতের ঘুম উড়ে যায় বাসিন্দাদের। একের পর এক তিস্তার গর্ভে চলে যাচ্ছে কৃষিজমি। ময়নাগুড়ি ব্লকের দমহনি ও মরিচবাড়ি এলাকায় নদীভাঙন রুখতে আপাতত প্লাস্টিকের বস্তায় বালি মাটি ভরে বাঁশের খাঁচা তৈরি করে অস্থায়ী বাঁধ তৈরির কাজ করা হয়েছে। তাতে কিছুটা স্বস্তি মিললেও, স্থায়ী সমাধান না হওয়ায় আতঙ্ক কাটছে না স্থানীয়দের।বর্ষা নামলেই তিস্তার জল বাড়ে। আর জল বাড়লেই বাড়ে নদীভাঙনের আশঙ্কা। ময়নাগুড়ি ব্লকের দমহনি ও মরিচবাড়ি এলাকায় তিস্তার ভাঙন নতুন কোনও ঘটনা নয়। প্রতিবছরই নদীর গ্রাসে হারিয়ে যাচ্ছে বিস্তীর্ণ কৃষিজমি।নদীর জলস্তর বাড়তে শুরু করলেই তিস্তা পাড়ের বাসিন্দাদের মধ্যে তৈরি হয় আতঙ্ক। কখন নদীর পাড় ভেঙে তলিয়ে যাবে চাষের জমি কিংবা বসতবাড়ি, সেই আশঙ্কায় রাত কাটে অনেকের।পরিস্থিতি সামাল দিতে সরকারি উদ্যোগে প্লাস্টিকের বস্তায় মাটি ভরে অস্থায়ীভাবে বাঁধ দেওয়ার কাজ করা হয়েছে। আপাতত ভাঙন কিছুটা নিয়ন্ত্রণে থাকায় স্বস্তি পেয়েছেন স্থানীয়রা। তবে এই অস্থায়ী বাঁধ কতদিন তিস্তার স্রোত সামলাতে পারবে, তা নিয়েই সংশয়।স্থানীয় বাসিন্দার বক্তব্যের পর ভয়েস ওভার:স্থানীয় কৃষকদের অভিযোগ, বছরের পর বছর নদীভাঙনের কারণে তাঁদের চাষের জমি ছোট হয়ে আসছে। অনেকের জমি ইতিমধ্যেই তিস্তার গর্ভে চলে গিয়েছে। ফলে শুধু জমি হারানোর আশঙ্কাই নয়, ভবিষ্যৎ জীবিকা নিয়েও তৈরি হয়েছে অনিশ্চয়তা।বাসিন্দাদের দাবি, প্রতিবছর অস্থায়ীভাবে বাঁধ দিয়ে সমস্যার সমাধান সম্ভব নয়। তিস্তার ভাঙন থেকে কৃষিজমি ও বসতবাড়ি রক্ষা করতে প্রয়োজন স্থায়ী ও শক্তপোক্ত বাঁধ।তিস্তার ভাঙন রুখতে আপাতত প্লাস্টিকের বস্তায় মাটি ভরে তৈরি করা হয়েছে অস্থায়ী বাঁধ। কিন্তু বর্ষার তীব্র স্রোতের সামনে এই বাঁধ কতটা কার্যকর হবে, তা নিয়ে প্রশ্ন থেকেই যাচ্ছে। তাই দ্রুত স্থায়ী বাঁধ নির্মাণের দাবি জানাচ্ছেন দমহনি ও মরিচবাড়ির বাসিন্দারা।তিস্তার ভাঙনে প্রতিবছরই নতুন করে আতঙ্কিত হন নদীপাড়ের মানুষ। অস্থায়ী বাঁধের বদলে কবে মিলবে স্থায়ী সমাধান, এখন সেই অপেক্ষাতেই দমহনি ও মরিচবাড়ির বাসিন্দারা।রিপোর্ট :-প্রদ্যুৎ দাস ক্যামেরা:- ঋষি চক্রবর্তী ( জলপাইগুড়ি )
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डूसू चुनाव 2026: 18 सितंबर वोटिंग, नामांकन 10 सितंबर तक, सुरक्षा राशि और शर्तें लागू

Noida, Uttar Pradesh:DUSU Election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू चुनाव का बिगुल बज गया है। इस बार 18 सितंबर को वोटिंग कराई जाएगी। प्रत्याशी 10 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जिसके लिए 500 रुपये की सिक्योरिटी देनी होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया की तैयारी शुरू हो गई है। डूसू चुनाव इस बार 18 सितंबर को कराए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नामांकन पत्र में प्रत्याशियों के लिए कई शर्तें तय की गई हैं। अध्यक्ष पद समेत डूसू के सभी पदों के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में ही नामांकन दाखिल करना होगा। किसी अन्य प्रारूप में जमा किया गया नामांकन अमान्य माना जाएगा। उम्मीदवारों की उपस्थिति का प्रतिशत या तो यूनिवर्सिटी द्वारा तय न्यूनतम प्रतिशत के बराबर या उससे अधिक होना चाहिए, या फिर 75% होना चाहिए—इनमें से जो भी ज़्यादा हो। चुनाव लड़ने वाले साल में उम्मीदवार का कोई एकेडेमिक बकाया (academic arrears) नहीं होना चाहिए। किसी भी पेंडिंग पेपर को एकेडमिक बकाया माना जाएगा। जो उम्मीदवार पिछले एकेडमिक साल में फेल हो गए थे और/या जिन्हें मौजूदा एकेडमिक साल में फिर से एडमिशन मिला है, वे चुनाव लड़ने के लिए योग्य नहीं होंगे। प्रति उम्मीदवार अधिकतम अनुमत व्यय रु. 5000। DUSU चुनावों के लिए प्रचार का समय सुबह 08:00 बजे से रात 08:00 बजे तक है। कॉलेज/कैंपस में प्रचार करते समय हर उम्मीदवार के साथ 04 (चार) से ज़्यादा असली छात्र नहीं होंगे। चुने गए यूनियन या प्रतिनिधि निकाय में केवल यूनिवर्सिटी के संस्थानों में फुल-टाइम कोर्स में दाखिला लेने वाले रेगुलर छात्र ही शामिल होंगे। चुनाव वाले साल में 16 अगस्त को 17 से 22 साल की उम्र के अंडरग्रेजुएट छात्र चुनाव लड़ सकते हैं। प्रोफेशनल कॉलेजों के मामले में इस उम्र सीमा में उचित छूट दी जा सकती है, क्योंकि वहां कोर्स अक्सर 4 से 5 साल के होते हैं (प्रोफेशनल कॉलेजों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में एक साल की छूट दी जा सकती है)। पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए, चुनाव लड़ने की अधिकतम उम्र सीमा चुनाव वाले साल में 16 अगस्त को 25 साल होगी। हर उम्मीदवार को सिक्योरिटी डिपॉज़िट के साथ एक शपथ-पत्र भी देना होगा, जिसमें यह बताया गया हो कि: (i) उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और यूनिवर्सिटी/कॉलेज ने उसके खिलाफ़ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। (ii) वह पिछले शैक्षणिक वर्ष में फेल नहीं हुआ/हुई है और/या उसे मौजूदा वर्ष में दोबारा दाखिला नहीं दिया गया है।
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